सुरेंद्र राजभर मुंबई- सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।
शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।
क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?
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मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।
वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।
BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..
बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?
सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।
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मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..
मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।
Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।
वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई- बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”
रिएक्टिव अस्फाल्ट का कैसे होगा इस्तेमाल?
रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।
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मुंबई में सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”
पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..
सड़कों के गड्ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।
इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।
मुंबई में गड्ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्ढों की शिकायतों में 67 गड्ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।
अनंत भागवतकर अपने मनपा के कार्यकाल से सेवानिवृत्त हुए इस उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आपको बता दें कि मनपा प्रशासन में इन जैसा अफसर मिलना मुश्किल है।
वी बी माणिक ( बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उप मुख्य अभियंता घन कचरा व्यवस्थापन अनंत भागवतकर आज सेवा नृवित्त हो गए हैं। अपने पूरे कार्यकाल में मनपा के अनेक विभागों में सराहनीय कार्य किया। इस के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने अपने एक व्यक्तव्य में कहा, कि “मैंने कई विभागों में कार्य किया है। पर पानी विभाग में कार्य करने का अवसर नही मिला।
Indian fasttrack newsमुंबई मनपा अधिकारी अनंत भागवतकर के सेवानिवृत्त कार्यक्रम की तस्वीर
अनंत भागवतकर..
आपको बता दें, कि आर/ई (अतिक्रमण निर्मूलन दस्ता) में जब वार्ड ऑफिसर के पद पर अनंत भागवतकर कार्यरत थे। तब इन्होंने अवैध निर्माण कर्ताओ से दंड के रूप में 54 करोड़ की वसूली की थी। जो कि अभी तक किसी ने नही किया है। जबकि शहर में आज भी अतिक्रमण जोरों पर है लेकिन कार्रवाई के मामले में अनंत भागवतकर की तरह अफसर मिलना मुश्किल है। सेवानिवृत्त के कार्यक्रम के इस मौके पर वार्ड ऑफिसर उद्धव चन्दनशिवे पूर्व मुख्य अभियंता यमगर और डीएमसी संजोग कबरे के साथ और भी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
Mumbai BMC: शनिवार से हो रही शहर में बरसात के कारण कहीं जलजमाव तो कहीं यातायात बाधित हुआ। कई इलाकों में पेड़ और घर ढ़ह गए। कई लोगों की मौत हो गई। उसके बाद भी मनपा प्रशासन ने पानी कटौती का फैसला किया है।
वी.बी. माणिक (बीएमसी प्रतिनिधि) मुंबई- शहर को पानी की आपूर्ति (Water Supply) करने वाली झीलों में जलस्तर के कम होने के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शनिवार यानी 1 जुलाई से जलापूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती करने का फैसला किया है। मुंबई मनपा (Mumbai BMC) अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
इसके साथ ही दूसरी तरफ शहर में बरसात के कारण पिछले 24 घंटों में मुंबई में पेड़ गिरने की 26 घटनाएं शॉर्ट-सर्किट की 15 घटनाएं और घरों के ढहने/आंशिक रूप से ढहने की पांच घटनाएं दर्ज की गई हैं। आईएमडी ने अलग-अलग स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की है।
Indian fasttrack newsमलाड पश्चिम में एक पेड़ गिरा जिसके नीचे दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।
Mumbai BMC
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने लोगों से अपील की है, कि वे पानी को बचाएं और इसका इस्तेमाल उचित तरीके से करें। दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार को मुंबई पहुंच गया। चहल ने शहर में जलापूर्ति को लेकर से बुधवार को कहा, कि बीएमसी ने एक जुलाई से मुंबई में पानी की आपूर्ति में 10 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है। क्योंकि शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में जल का भंडार करीब सात फीसदी ही रह गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अलग-अलग स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, निचले इलाकों में किसी बड़े जल-जमाव की कोई घटना सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच मुंबई में भारी बारिश हुई है। आईएमडी ने कहा कि मुंबई के साथ-साथ कुछ अन्य तटीय जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से तीव्र बारिश होने की संभावना है।
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लेकिन दूसरी तरफ मनपा प्रशासन ने पानी कटौती को लेकर जो बयान दिया है उससे मुंबईकरो के लिए परेशानी साबित हो सकती है। इसका कारण झीलों के जलग्रहण इलाकों में बारिश का कम होना है। आपको बता दें, कि मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में स्थित सात झील- भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी से 3800 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है।
मुंबई के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ रिमझिम बरसात भी लगातार जारी है। बारिश के कारण सरकार को 24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली। इसी बीच मलाड के मामलेदारवाडी में एक पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई- बरसात के कारण पेड़ गिरने की घटना सामने आई है। मुंबई के मलाड वेस्ट इलाके में मामलेदारवाडी स्थित एक पेड़ गिरने की घटना में एक 38 वर्षीय व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबने से दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है। मृतक का नाम कौशल महेंद्र दोषी बताया जा रहा है।
मुंबई शहर के उपनगरीय इलाके में बुधवार सवेरे से ही रिमझिम बरसात हो रही है। मुंबई के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते पानी का जमाव देखा जा रहा है और कई जगहों पर सड़क यातायात बाधित हो गई है। बारिश के कारण सरकार को 24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली। मालाड़ की घटना में मिली जानकारी के मुताबिक मालाड़ पश्चिम के मामलेदारवाडी इलाके में मणि भाई मुंजी चाल का लगभग 35 फीट लंबा 4 फीट चौड़ा पीपल का पेड़ गिर गया।
Indian fasttrack newsमुंबई की सड़कों पर बरसात की तस्वीर
बुधवार सवेरे कौशल चाल परिसर में शौचालय के लिए गया हुआ था। इसी समय पेड़ कौशल के ऊपर गिर गया। कौशल के सर पर पेड़ के गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार सवेरे गोरेगांव, विले पार्ले, लोअर परेल और अंधेरी, सांताक्रुज के साथ-साथ शहर के कई इलाकों में रिमझिम बरसात लगातार जारी है। दहिसर पूर्व एसवी रोड से सबवे जाने वाले छत्रपति शिवाजी रोड पर घुटनो तक पानी भर गया। सड़क पूरा जलमग्न हो गया। स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को आने जाने में काफी कठिनाई हो रही है। यही नही दुकान में भी पानी घुस गया है और लंबी ट्रैफिक लग गयी है।
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24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली
ठाकरे गुट ने सीएम एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हुए पूछा, “अगर मुंबई में 70 मिमी बारिश के कारण यह स्थिति है, तो अगले दो-तीन महीनों में हमारा क्या होगा? ये सवाल मुंबईकरों के मन में है। वास्तव में, शिंदे-फडणवीस सरकार को इस पर सोचना चाहिए कि लोगों को 24 घंटे में 1200 से अधिक शिकायतें क्यों दर्ज करनी पड़ीं।”
Maharashtra News: मुंबई पुलिस ने BMC अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस्माईल शेख मुंबई– वकोला पुलिस ने बीएमसी अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व राज्यमंत्री अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसे पुलिस ने कन्फर्म किया है। शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की, जिन्होंने पिछले सप्ताह बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर में अवैध शाखा कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था। (Maharashtra News)
Indian fasttrack newsहमले के दूसरे दिन मंगलवार की तस्वीर जहां बांद्रा बीएमसी कार्यालय के कर्मचारियों ने विरोध जताया।
क्या है मामला?
अनिल परब के साथ आए शिवसैनिकों ने दावा किया कि ढांचे को गिराने से पहले इसे कार्यालय से हटाने के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ ढांचा ढहा दिया गया था। उग्र कार्यकर्ता बांद्रा पूर्व स्थित बीएमसी वार्ड कार्यालय में घुस गए। हमले का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें पूर्व राज्य ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब और अन्य कार्यकर्ता संबंधित अधिकारियों को उनके हवाले करने की मांग करते नजर आ रहे हैं। जब अधिकारी आगे आये तो यूबीटी कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। (Maharashtra News)
#WATCH | Mumbai's Vakola Police have registered a case against more than 15 people including Uddhav Thackeray faction leader and former minister Anil Parab for allegedly assaulting a BMC official. Police have arrested 4 people in the case: Mumbai Police
परब ने कहा, “बांद्रा वार्ड कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में एसे कई अवैध इमारतें हैं। अगर प्रशासन को वे ढांचे नजर नहीं आए तो मैं उनका कॉलर पकड़ कर दिखाऊंगा।” उन्होंने मांग की है, कि बांद्रा में कई तीन से चार मंजिला अवैध संरचनाएं हैं जो बीएमसी अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में, ये संरचनाएं बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।” परब ने पूछा कि अगर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो उन्होंने उस शाखा पर कार्रवाई का निर्देश कैसे दिया, जहां दीवारों पर बालासाहेब और शिवाजी महाराज की तस्वीरें लगाई गई थीं। (Maharashtra News)
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युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के लाखों समर्थक हैं। अगर कोई उनकी तस्वीरों पर हथौड़ा मारता है तो कड़ी प्रतिक्रिया सामने आएगी।” (Maharashtra News)
ओशिवारा पुलिस स्टेशन में मैनेजर और कैशियर के खिलाफ मामला दर्ज!
इस्माईल शेख मुंबई- हाल ही में दक्षिण मुंबई के एक हॉस्टल में रेप और हत्या के मामले के बाद मुंबई पुलिस ने शहर के सभी हॉस्टलों में निरीक्षण अभियान चलाया है। ऐसी ही एक जांच के दौरान अंधेरी के वर्सोवा इलाके में हॉस्टल के बाहर अनधिकृत हुक्का पी रहे 9 ग्राहकों को कानून का पाठ पढ़ाकर छोड़ दिया गया, जबकि हॉस्टल प्रशासक और कैफे के प्रबंधक के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। ये घटना एस्कोबार में हुए लफड़े के दिन की है, लेकिन सिर्फ चर्चा एस्कोबार के लफड़े तक ही सीमित रही। ऐसा नागरिकों के बीच चर्चा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लोखंडवाला क्रॉस रोड नं. 3 यहां एक बंगला है। इस बंगले में बी.बी.हाउस के नाम से हॉस्टल चलता है। इस हॉस्टल की पहली मंजिल पर तीन पुरुष और सात महिलाएं किराये पर रहती हैं। यह हॉस्टल छात्रों के लिए भी है।
Indian fasttrack newsअंधेरी ओशिवारा के बीवी हॉस्टल की तस्वीर
हॉस्टल कैंटिंग के नाम पर हुक्का पार्लर!
पुलिस उपनिरीक्षक अनिता कदम को सूचना मिली कि इस बंगले के भूतल पर एक कैफे में अनाधिकारिक हुक्का पार्लर चलाया जा रहा है। यह जानकारी मिलने पर कि पहली मंजिल पर छात्रों को इस हुक्का पार्लर से हुक्का सप्लाई किया जा रहा है, पुलिस उपनिरीक्षक अनीता कदम ने यह जानकारी सामाज सेवा शाखा के पुलिस उपायुक्त डीएस स्वामी को दी। इसके बाद स्वामी के मुख्य मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक अनिता कदम, योगेश कान्हेरकर, सहायक पुलिस निरीक्षक बालासाहेब कानवडे के साथ एक टीम बनाई गई।
टीम ने बीबी हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर पर कैफे पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस को हुक्का स्टैंड, तंबाकू, सिगड़ी और कोयला मिला। इस मामले में पार्लर के कैशियर हार्दिक पराशर और मैनेजर मोनिश सैयद को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान कैफे के 3 वेटरों और 9 ग्राहकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। लेकिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मामले में हिरासत में लिए गए कैशियर पराशर ने पुलिस को बताया कि हुक्का पार्लर का मालिक विकास खोख्खर है। लेकिन खोख्खर ने इससे इनकार किया और कहा, कि उनके बंगले का ग्राउंड फ्लोर छात्रावास में छात्रों को भोजन परोसने के लिए कैंटीन चलाने के लिए किराए पर दिया गया था। लेकिन कैंटिंग की जगह हुक्का पार्लर चलाए जाने के बारे में उसे कोई भी जानकारी नहीं है। खोख्खर ने कहा, अब हम भी इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। चूंकि कैफे में कहीं से भी कोई वेंटिलेशन नहीं है, इसलिए कोयला और तंबाकू का धुआं लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी कैमरे में कैद महिला समेत आठ लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
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एस्कोबार और बीबी हॉस्टल कैंटिंग..
हॉस्टल में ऊपरी मंजिल पर रहने वाली महिलाओं के लिए अनधिकृत हुक्का पार्लर बेहद खतरनाक हैं। तंबाकू उत्पादों का हुक्का कानूनन प्रतिबंधित है। पुलिस ने बताया कि कोयला जलाने से कोई अप्रिय घटना घट सकती है और इस हुक्का पार्लर के लिए पुलिस की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है। यह कार्रवाई अंधेरी में सामाज सेवा शाखा ने बीते शनिवार रात को की थी। उसी रात बांद्रा के एस्कोबार पब में शैंपेन बिखरने को लेकर हुए विवाद में दो लोगों की बेरहमी से पिटाई के मामले में पब मैनेजर और सात बाउंसरों को गिरफ्तार किया गया ।
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गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है डीओ राजन प्रभु।
मनपा का पी/उत्तर वार्ड भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपए की रिश्वत लेकर गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान करने एवं उसे बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है। इस वार्ड के लगभग सभी कर्मी, अधिकारी सत्ता के मद में चूर भूमाफियाओं द्वारा व्यापारिक गाले गैरकानूनी तरीके से बनवाकर दौलत कमाने में लगे हैं। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
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पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु ने विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर गैरकानूनी तरीके से पांच व्यापारिक गाले के निर्माण हेतु ठेकेदार उस्मान को मौखिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर उसके द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण देने की एवज में 60 लाख रुपये की रिश्वत ली है। तो क्या मैं उसे मान लूंगा! नही! क्या जनता भी इसे मान लेगी कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी है? (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Live video on Indian fasttrack news channelमालाड़ के विवादित अवैध निर्माण की तस्वीर
लेकिन मैं तो नहीं मानता कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी होगी! बताया जाता है, कि 60 लाख रुपये की जो रिश्वत डीओ ने ठेकेदार उस्मान से ली थी वह भी कम थी। जिससे और रकम की मांग की गई। बाकी के 40 लाख रुपये न मिलने पर उसके निर्माण कार्य को बचाने की बजाय उसे जमींदोज कर दिया गया। क्या वाकई में बाकी के 40 लाख रुपए न मिलने पर ठेकेदार उस्मान के गैरकानूनी निर्माण कार्य को जमींदोज कर दिया गया? मैं तो नहीं मानता! (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
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मामला पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु द्वारा ठेकेदार उस्मान के गैरकानुनी निर्माण कार्य को बचाने की एवज में रिश्वत की उगाही कर मनपा के राजस्व को चुना लगाने और खुद की जेब भरने का है। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack) मलाड (पूर्व), वार्ड क्रमांक, 38 श्री कृष्णा बाल गोपाल सेवा संघ, गांधी नगर, कटिंग नंबर,10, पटेल कंपाउंड,भीम नगर, कुरार विलेज स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिन पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य को डीओ राजन प्रभु के संचालन में जमीदोज किया गया था। अब ये निर्माण कार्य किन परिस्थितियों में पुनः कराए जा रहे हैं। यह सवाल यक्ष प्रश्न की तरह मुंह बाए खड़ा है।
मनपा पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों में से एक डीओ राजन प्रभु ने ठेकेदार उस्मान से भारी धनराशि लेकर उसके गैरकानूनी निर्माण को बचाने की कोशिश किए जाने की बात सूत्र से ज्ञात हुई है। ऐसे में मनपा का पी/उत्तर,वार्ड पूरी तरह से भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में है तो अतिरंजना नही होगी। जिसके चलते भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन कार्य कर रहा है। क्या मनपा में एक भी अधिकारी ईमानदार नहीं है जो डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दीघावकर के भ्रष्टाचार की बिना भेद भाव किए कानूनी कार्रवाई करें। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
मुंबई के गोवंडी इलाके में कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। यहां की मिट्टी को लेकर मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस्माईल शेख मुंबई- गोवंडी के कब्रिस्तानों की मिट्टी का जायजा लेने के लिए सरकारी एजेंसियों को कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि यहां स्थानीय लोगों के लिए दो कब्रिस्तान मौजूद है इन दोनों स्थानों पर ताला लगा दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक कब्रिस्तान में नए शव दफन करने के लिए जगह नहीं है। पुराने दफन शवों को गले में काफी ज्यादा का समय लग रहा है जिस कारण नए शवों की एंट्री बंद कर दी गई है।
Indian fasttrack newsगोवंडी के देवनार कब्रिस्तान की तस्वीर
लाखों की आबादी वाला गोवंडी का इलाका जहां बड़ी संख्या मे मुस्लिम समुदाय के लोग रहते है। वहां लोग अपने परिजनों का शव कांधे पर लिए दरबदर भटक रहे है। देवनार और रफी नगर के नाम पर यहां 2 कब्रिस्तान है। जहाँ इनदिनों ताला लगा दिया गया है। शवों को यहां दफ़न करने से रोक दिया गया है। जिसके पीछे की वजह कब्रिस्तान मै जगह नही होना बताया जारहा है वहीं कब्रिस्तान मैं दफनाये गए शव सही वक्त पर मिट्टी में नही मिलने के कारण कब्र को दोबारा उसमे शव दफनाने पर रोक लगाई गई है।
आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि एक शव को दफनाने के बाद लगभग 6 से 8 महीनों में वह शरीर गर्ल कर मिट्टी हो जाता है। उसके कुछ दिनों बाद उसी कबर को दोबारा खनकर उसमें नए शव को दफना दिया जाता है। यह निरंतर सभी कब्रिस्तान में जारी है। जिस कारण मुंबई में जगह की कमतरता आभार नहीं होता। लेकिन गोवंडी के कब्रिस्तानों में एक नया ही मामला पेश आ रहा है। यहां दफनाये गए शवों को गलने में और भी ज्यादा का समय लग रहा है। जिसकी वजह से यहां की मिट्टी पर घोटाला होने के आरोप नागरिकों द्वारा लगाए जा रहे हैं।
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कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला
गोवंडी के स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के कामों में और मिट्टी डलवाने में घोटाला होने का आरोप लगाया है। लंबे समय से यह के लोग शासन प्रशासन के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को कब्रिस्तान मे होने वाले घोटाले से अवगत कराते रहे है। उसके बाद भी किसी तरह की करवाई नही की गई और आज यहां के लोगों के लिए कब्रिस्तानों में ताला लगा दिया गया है। इसको लेकर सामाजिक संस्था ‘सिटिजन फोरम’ ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को मिट्टी की जांच का आदेश करते हुए रिपोर्ट मांगी है।