मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।
मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।
📜 कैसे हुआ विवाद?
2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।
⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?
यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा।
बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया।
NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।
मुंबई के भांडुप में पत्नी और उसके तीन साथियों पर पति को सात साल में 1.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा। फर्जी लोन और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम हड़पी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति को सात साल में करीब 1.73 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी में उसके तीन साथी भी शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी की साजिश
शिकायतकर्ता विशाल अशोक रोडे ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी पूनम रोडे ने 2019 में उन्हें अपने दोस्त सचिन येलेवी और परिचित सुहास पवार से मिलवाया। उसने दावा किया कि ये लोग बिजनेसमैन हैं और उन्हें 3 करोड़ रुपये का लोन दिला सकते हैं। लोन प्रोसेस के नाम पर विशाल से 6.92 लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर ले लिए गए। लेकिन लोन कभी पास नहीं हुआ।
व्हाट्सएप चैट और फर्जी केस का डर दिखाकर ब्लैकमेल
FIR के मुताबिक, सुहास पवार के ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने विशाल से व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की और कुछ आपत्तिजनक फोटो शेयर किए। बाद में इन्हीं फोटोज़ का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन पर पुलिस केस दर्ज कर दिया जाएगा। मजबूर होकर उन्होंने लाखों रुपये दिए।
2022 से पूनम रोडे ने अपने पति के बैंक अकाउंट से हर महीने ₹2.20 लाख अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इस तरह उसने अकेले 82.23 लाख रुपये निकाल लिए।
प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर साइन कराने की कोशिश
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन पर प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर जबरन साइन करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस का रुख किया। भांडुप पुलिस ने पूनम रोडे, सचिन येलेवी, सुहास पवार और किशोर पवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है।
मुंबई के मालाड, कांदिवली और बोरीवली में फर्जी नक्शों के जरिए आरक्षित जमीन पर गरीबों की बस्तियां और दुकानें अवैध बताई जा रही हैं। मंत्री आशीष शेलार ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए।
🚨 आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खुलासा
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां बिल्डरों और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से आरक्षित जमीनों के फर्जी नक्शे बनाए गए और उन्हीं नक्शों के आधार पर गरीबों के घर, चॉल और दुकानें अवैध घोषित कर दिए गए।
🏘️ मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस
मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली स्थित आर-सेंट्रल कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि मालाड, कांदिवली और बोरीवली इलाके के 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध ठहराते हुए नोटिस जारी किए गए। इनमें नागरिकों के घर, इमारतें, गांवठण और चॉलें शामिल हैं।
🛑 SIT जांच का गलत इस्तेमाल
शेलार ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि SIT जांच सिर्फ विशेष मामलों के लिए है। लेकिन उसके नाम पर आम नागरिकों को उनके घर-दुकानों से बेदखल करना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।
मंत्री ने कहा कि अगर नक्शों की स्कैनिंग के दौरान जानबूझकर फेरबदल किया गया है, तो सिर्फ ठेकेदार ही नहीं बल्कि उन्हें नियुक्त करने वाले अधिकारियों की भी जांच होगी। बताया जा रहा है कि 950 से ज्यादा गांवठणों को नोटिस भेजी गई है, जिससे लोग परेशान हैं।
📊 सरकार पर पुनर्विचार का दबाव
इस मामले में पहले एक समिति बनी थी और अब SIT जांच भी चल रही है। लेकिन कई पीड़ित नागरिकों का आरोप है कि उन्हें बिना वजह परेशान किया जा रहा है। मंत्री शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट पर दोबारा विचार किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी यही मांग उठाई है।
⚠️ आंदोलन की चेतावनी
पीड़ित नागरिकों ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
📌 FAQ सेक्शन – मुंबई आरक्षित जमीन घोटाला
1. मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का मामला क्या है?
👉 मालाड, कांदिवली और बोरीवली में बीएमसी अधिकारियों और बिल्डरों की मिलीभगत से फर्जी नक्शे बनाकर गरीबों के घर, चॉल और दुकानों को अवैध ठहराने का आरोप है।
2. किन इलाकों में फर्जी नक्शों के आधार पर नोटिस दिए गए?
👉 पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों के तहत आने वाले मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस जारी किया गया।
3. इस घोटाले में कितनी बस्तियों और गांवठणों को नोटिस मिली?
👉 लगभग 950 गांवठण और 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी की गई हैं।
4. आशीष शेलार ने इस मामले पर क्या कदम उठाए?
👉 मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली आर-सेंट्रल कार्यालय में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIT रिपोर्ट का गलत इस्तेमाल न हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
5. क्या मुंबई के लोग आंदोलन करेंगे?
👉 हाँ, पीड़ित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करेंगे।
महाराष्ट्र सरकार ने बाइक टैक्सी का न्यूनतम किराया ₹15 तय किया है, जो 1.5 किमी तक लागू होगा। इसके बाद प्रति किमी ₹10.27 किराया लगेगा। नियम पूरे राज्य में लागू होंगे।
मुंबई:महाराष्ट्र सरकार ने राज्यभर में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया ₹15 तय कर दिया है। यह किराया 1.5 किमी दूरी के लिए लागू होगा। इसके बाद प्रति किलोमीटर ₹10.27 का किराया वसूला जाएगा।
सभी शहरों में लागू होंगे नियम
ये नियम पूरे महाराष्ट्र में लागू होंगे। सरकार ने 4 जुलाई 2024 को जारी अधिसूचना में “महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स 2025” के तहत बाइक टैक्सी और बाइक पूलिंग सेवाओं को मंजूरी दी थी। यह सेवाएं 1 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में शुरू की जा सकेंगी।
किस फॉर्मूले पर तय हुआ किराया?
किराए का निर्धारण खौटा कमेटी (Khauta Committee) की सिफारिशों पर किया गया है। यह कमेटी अक्टूबर 2016 में बनी थी, जिसका काम टैक्सी और ऑटो-रिक्शा के किराए का स्ट्रक्चर तय करना था।
बिना लाइसेंस चल रहीं सेवाओं पर एक्शन
पिछले हफ्ते महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स की 57 गाड़ियों पर कार्रवाई की और ₹1.5 लाख का जुर्माना वसूला। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बाइक टैक्सी सेवाएं बिना लाइसेंस के चल रही हैं।
बैठक में हुआ फैसला
यह फैसला 18 अगस्त को हुई STA (स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) की बैठक में लिया गया था, जिसकी अध्यक्षता परिवहन सचिव संजय सेठी ने की थी। सोमवार को इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई गई।
📌 FAQ सेक्शन – महाराष्ट्र बाइक टैक्सी किराया 2025
1. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी का न्यूनतम किराया कितना है?
👉 महाराष्ट्र सरकार ने न्यूनतम किराया ₹15 तय किया है, जो 1.5 किलोमीटर तक लागू होगा।
2. बाइक टैक्सी का प्रति किलोमीटर किराया कितना होगा?
👉 1.5 किमी के बाद प्रति किलोमीटर का किराया ₹10.27 होगा।
3. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवा कहाँ चलेगी?
👉 यह सेवा उन शहरों में चलेगी जहाँ आबादी 1 लाख से ज्यादा है।
4. बाइक टैक्सी किराया किस फॉर्मूले से तय हुआ?
👉 किराया खौटा कमेटी (2016 में बनी चार सदस्यीय पैनल) की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया है।
5. क्या महाराष्ट्र में बिना लाइसेंस बाइक टैक्सी चलाना गैरकानूनी है?
👉 हाँ ✅ पिछले हफ्ते परिवहन विभाग ने 57 गाड़ियों पर एक्शन लेकर ₹1.5 लाख का जुर्माना लगाया।
6. महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 कब लागू हुए?
👉 महाराष्ट्र सरकार ने 4 जुलाई 2024 को “महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स 2025” की अधिसूचना जारी की थी।
7. महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी किराया किसने तय किया?
👉 यह फैसला स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) की बैठक (18 अगस्त 2025) में लिया गया और इसे परिवहन सचिव संजय सेठी ने मंजूरी दी।
मालाड पूर्व की नन्ही भरतनाट्यम डांसर इशान्वी इनामदार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड जीतकर मुंबई का नाम रोशन किया। उद्धव सेना विधायक सुनील प्रभु ने घर जाकर उसका सम्मान किया।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: मालाड पूर्व शिवधाम कॉम्प्लेक्स की रहने वाली इशान्वी इनामदार ने छोटी उम्र में भरतनाट्यम डांस में कमाल की कामयाबी हासिल की है। 6 साल की इशान्वी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेवल पर डांस प्रतियोगिताओं में अवॉर्ड जीतकर सबको गर्व महसूस कराया है।
उद्धव सेना विधायक सुनील प्रभु ने किया सम्मान
इशान्वी की इस सफलता को देखते हुए उद्धव सेना नेता और दिंडोशी के विधायक, पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने उनके घर जाकर सम्मान किया। उन्होंने इशान्वी को शाल, पुष्पगुच्छ, नटराज की मूर्ति और मिठाई भेंट की और उसके परिवार से मुलाकात कर खूब सराहना की।
गुरु और परिवार का सहयोग
प्रभु ने कहा कि – “इशान्वी की प्रतिभा से सिर्फ उसका परिवार ही नहीं बल्कि पूरी दिंडोशी विधानसभा और नृत्यसंस्था का मान बढ़ा है। आने वाले समय में वह दुनिया के मंच पर दिंडोशी और मुंबई का नाम रोशन करेगी।”
इस मौके पर स्थानीय शाखा प्रमुख सुभाष धानुका, युवा उपशाखा अधिकारी मंगेश चव्हाण, शिवसेना के पूर्व सचिव किरण वाडीवकर, इशान्वी के माता-पिता सोनाली और संजय, दादी अलका जोशी और नृत्यसंस्था Instep School of Dance & Music की संस्थापिका प्रीती रे मौजूद थीं।
इशान्वी की ट्रेनिंग उसकी गुरु राधिका कुलकर्णी और संध्या हरी के मार्गदर्शन में हुई है। 3 साल 6 महीने की उम्र से भरतनाट्यम सीख रही इशान्वी ने लगातार मेहनत और निष्ठा से अपना खास मुकाम बनाया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
अप्रैल 2025 में मुंबई में हुई अखिल भारतीय राष्ट्रीय नृत्य स्पर्धा और नृत्यभावम महोत्सव में इशान्वी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
जून 2024 में गोवा में हुए भारत नृत्य महोत्सव – अंतरराष्ट्रीय डांस कॉम्पिटिशन में उसने द्वितीय स्थान प्राप्त कर भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया।
शिक्षा और भविष्य
इशान्वी इस समय विबग्योर हाई स्कूल, मालाड (पूर्व), कक्षा पहली की छात्रा है। छोटी उम्र में ही उसने डांस की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है और अब सभी की उम्मीदें हैं कि आने वाले वक्त में वह भारत की प्रतिनिधि बनकर बड़े मंचों पर चमकेगी।
गड़चिरोली पुलिस ने भामरागढ़ इलाके से एक खूंखार नक्सली को गिरफ्तार किया। आरोपी शंकर भीमा महाका 2022 में सड़क निर्माण के 19 वाहन जलाने की वारदात में शामिल था और तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।
डिजिटल डेस्क गड़चिरोली:महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल प्रभावित भामरागढ़ उपविभाग के तिराकामेटा गांव के जंगल इलाके से एक खूंखार माओवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शंकर भीमा महाका (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गड़चिरोली जिले के परायणार गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, यह माओवादी भामरागढ़ दलम से जुड़ा हुआ है और इलाके में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।
2022 की बड़ी वारदात से जुड़ा आरोपी
शंकर भीमा महाका कोई साधारण नक्सली नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह 21 जनवरी 2022 की उस बड़ी घटना में शामिल था जिसमें नक्सलियों ने सड़क निर्माण के लिए काम कर रहे 19 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यह हमला गड़चिरोली में नक्सलियों की ताकत और उनके आतंकी इरादों को साफ दिखाता था।
इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में थी। अब उसकी गिरफ्तारी को गड़चिरोली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
शनिवार को पुलिस की एक टीम ने तडगांव जंगल के इलाके में पेट्रोलिंग शुरू की थी। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति जंगल में घूमता नजर आया।
पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की।
पहचान करने पर पता चला कि यह शख्स शंकर भीमा महाका है।
पुलिस को शक है कि वह इलाके की टोह ले रहा था और आगे किसी बड़े हमले या तोड़फोड़ की तैयारी कर रहा था।
नक्सलियों की “तोड़फोड़ की रणनीति”
गड़चिरोली और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। नक्सली अक्सर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, और सरकारी विकास प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं ताकि स्थानीय लोगों तक सुविधाएं न पहुंच सकें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शंकर महाका जैसे नक्सली इलाके में सर्वे और रेकी (reconnaissance) करते हैं और फिर अपनी टीम को बुलाकर हमला कराते हैं।
नक्सलियों का नेटवर्क और दबाव
गड़चिरोली के भामरागढ़, एटापल्ली और कोरची इलाकों में नक्सलियों का मजबूत नेटवर्क बताया जाता है।
स्थानीय युवाओं को डर और लालच देकर नक्सली अपने संगठन में शामिल करते हैं।
विकास कार्यों का विरोध करके वे सरकार और जनता के बीच दूरी पैदा करते हैं।
आदिवासी इलाकों में वे अपने प्रभाव को बचाए रखने के लिए हिंसा और डर का सहारा लेते हैं।
शंकर महाका जैसे नक्सली इस नेटवर्क का अहम हिस्सा होते हैं।
गड़चिरोली पुलिस और नक्सलियों के बीच पिछले कुछ सालों में कई मुठभेड़ें हुई हैं। पुलिस ने लगातार ऑपरेशन प्रहार जैसे अभियान चलाकर नक्सलियों पर दबाव बनाया है।
कई टॉप नक्सली कमांडर मुठभेड़ों में मारे गए।
कई बार नक्सली संगठन को भारी नुकसान भी हुआ।
लेकिन जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नक्सली आज भी सक्रिय रहते हैं।
शंकर महाका की गिरफ्तारी क्यों अहम है?
इस गिरफ्तारी के कई मायने हैं:
2022 की वारदात का आरोपी पुलिस के हाथ लगा।
उसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों की कई साजिशें सामने आ सकती हैं।
पुलिस को अब उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
इलाके में विकास कार्यों की सुरक्षा को लेकर राहत मिलेगी।
गड़चिरोली महाराष्ट्र का सबसे नक्सल प्रभावित जिला माना जाता है। यहां का जंगल इलाका, पहाड़ी और दुर्गम भूगोल नक्सलियों को छिपने और ऑपरेशन चलाने के लिए मदद करता है।
1980 के दशक में आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से नक्सलियों ने गड़चिरोली में कदम रखा।
धीरे-धीरे उन्होंने आदिवासी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर नक्सली खुद को “गरीबों और आदिवासियों के मसीहा” के तौर पर पेश करते हैं।
लेकिन समय के साथ यह साफ हो गया कि नक्सली सिर्फ हिंसा, खून-खराबा और विकास विरोध की राजनीति करते हैं।
गड़चिरोली पुलिस बनाम नक्सली संघर्ष की टाइमलाइन
2009: गड़चिरोली में नक्सलियों ने पुलिस की बस पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हुए।
2013: एटापल्ली इलाके में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया, कई बड़े नेता मारे गए।
2018: पुलिस ने एटापल्ली और भामरागढ़ में बड़ी मुठभेड़ों में दर्जनों नक्सलियों को मार गिराया।
2022: शंकर महाका जैसे नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने के लिए 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
2023-24: ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने कई नक्सली कैडर को खत्म किया और दर्जनों को गिरफ्तार किया।
गड़चिरोली की मौजूदा स्थिति
आज भी गड़चिरोली, खासकर भामरागढ़, एटापल्ली, कोरची और धानोरा इलाकों में नक्सलियों का दबदबा है।
यहां नक्सली ठेकेदारों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों पर दबाव डालते हैं।
कई बार वे स्कूल जलाते हैं, सड़कें और पुल तोड़ते हैं ताकि सरकारी योजनाएं न पहुंच सकें।
लेकिन पुलिस और सरकार लगातार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम कर रही है।
जनता की बदलती सोच
जहां पहले लोग नक्सलियों से डरकर चुप रहते थे, वहीं अब धीरे-धीरे लोग पुलिस पर भरोसा करने लगे हैं।
शिक्षा और सड़क की पहुंच बढ़ने से लोग समझने लगे हैं कि नक्सली सिर्फ विकास के दुश्मन हैं।
अब कई आदिवासी परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर भेज रहे हैं।
पुलिस भी “जनसंवाद अभियान” चलाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही है।
इलाके के लोगों की प्रतिक्रिया
गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब तक नक्सली इलाके में रहेंगे, विकास रुकता रहेगा और लोग डर में जीते रहेंगे।
पुलिस का कहना है कि शंकर महाका की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे धीरे-धीरे नक्सलियों के खिलाफ खड़े होंगे।
आगे क्या होगा?
गिरफ्तार नक्सली से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। संभावना है कि वह कई और नक्सलियों के नाम और उनके ठिकानों की जानकारी दे सकता है।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और ऑपरेशन्स चलाएगी और नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करेगी।
मुंबई में शिवसेना (UBT) महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर लेकर इंडिया-पाक एशिया कप मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया। उद्धव ठाकरे और ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा।
डिजिटल डेस्क मुंबई:एशिया कप 2025 में होने वाले इंडिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से ठीक पहले रविवार को शिवसेना (UBT) की महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने सिंदूर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी जताई।
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
शनिवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा था कि महिला कार्यकर्ता महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरेंगी और हर घर से सिंदूर इकट्ठा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगी।
ठाकरे ने सवाल उठाया – “प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते। तो फिर खून और क्रिकेट साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और क्रिकेट एक साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति का बिज़नेस सिर्फ पैसों के लिए किया जा रहा है।”
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हमला
इधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि पाकिस्तान से मैच खेलकर कितना पैसा मिलेगा और यह पैसों की कमाई पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है क्या?
ओवैसी ने सवाल किया कि – “क्या असम और यूपी के मुख्यमंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर सकें? पाकिस्तान ने हमारे 26 नागरिकों का धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी।”
विपक्ष की मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने साफ कहा कि भारतीय टीम किसी भी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से पीछे नहीं हटेगी। इसलिए आज का मैच दुबई में तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।
पृष्ठभूमि – क्यों हो रहा है विरोध?
मई 2025 में हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव चरम पर है।
इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए थे।
इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान से व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर रोक भी शामिल है।
अब क्रिकेट मैच को लेकर विरोध जताते हुए विपक्ष कह रहा है कि यह कदम सरकार की अपनी कही बातों के उलट है।
लोगों की प्रतिक्रिया
मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाएं हाथों में सिंदूर की डिब्बियां और तिरंगा लेकर नारेबाज़ी करती दिखीं। उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान के साथ आतंकवाद का मुद्दा है, तब तक क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए।
मुंबई के Nhava Sheva Port पर DRI ने “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 28 कंटेनर जब्त किए। पाकिस्तान से आए 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स की कीमत ₹12 करोड़, दो गिरफ्तार।
डिजिटल डेस्क मुंबई: डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) मुंबई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 कंटेनर जब्त किए हैं। इन कंटेनरों में पाकिस्तान से आए करीब 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स भरे थे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹12 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई Nhava Sheva Port पर “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत की गई।
पाकिस्तान से आयात पर सख्त बैन
गौरतलब है कि सरकार ने 2 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले सभी सामानों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इसके बावजूद कुछ भारतीय इंपोर्टर्स ने कानून तोड़ने की कोशिश की और पाकिस्तान से माल आयात किया।
ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स को UAE ओरिजिन बताकर भारत लाने की कोशिश हुई।
जांच में DRI को सबूत मिले कि यह माल पाकिस्तान से ही आया था।
इसमें शामिल लोगों ने शिपिंग डॉक्यूमेंट्स से लेकर इनवॉइस तक सब फर्जी बनाए।
कैसे पकड़ा गया पूरा खेल?
जांच एजेंसियों ने पता लगाया कि यह पूरा रैकेट एक इंटरनेशनल नेटवर्क के जरिए चल रहा था। इसमें पाकिस्तानी, भारतीय और UAE के कारोबारी शामिल थे।
ड्राय डेट्स केस: दुबई का एक सप्लायर (भारतीय मूल का) पाकिस्तान से डेट्स मंगवाता था। फिर फर्जी इनवॉइस बनाकर उन्हें UAE का बताता और भारत भेजता। इस शख्स को DRI ने गिरफ्तार कर लिया है।
कॉस्मेटिक्स केस: इसमें एक भारतीय कस्टम ब्रोकर की गिरफ्तारी हुई है, जिसने माल की गलत डिक्लेरेशन कराई और पाकिस्तान से आए कॉस्मेटिक्स को UAE का दिखाया।
यह पहला मामला नहीं है। जुलाई 2025 में भी DRI ने इसी “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 39 कंटेनर जब्त किए थे। उस वक्त करीब 1,115 मीट्रिक टन माल की कीमत लगभग ₹9 करोड़ निकली थी और उस मामले में भी एक इंपोर्टर गिरफ्तार हुआ था।
यह साफ दिखाता है कि बैन के बावजूद कुछ इंपोर्टर्स सरकार की नीतियों को दरकिनार कर अवैध व्यापार कर रहे हैं।
क्यों है यह नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा?
अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक स्मगलिंग केस नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
इस तरह के आयात से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचता है।
पैसों का लेन-देन सीधे भारत से पाकिस्तान तक जाता है।
ऐसे नेटवर्क्स का इस्तेमाल आतंकवाद की फंडिंग तक हो सकता है।
यानी यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरा भी है।
DRI का सख्त संदेश
DRI का कहना है कि “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” इसी लिए चलाया गया है ताकि किसी भी तरह के गैरकानूनी माल को रोका जा सके। एजेंसी ने साफ कहा कि भारत की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
लगातार इंटेलिजेंस इनपुट्स पर नज़र रखी जा रही है।
इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन से ऐसे नेटवर्क्स को तोड़ा जा रहा है।
गलत डॉक्यूमेंट्स और फर्जी ट्रांजैक्शन करने वाले इंपोर्टर्स के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
मुंबई DRT-III में नेशनल लोक अदालत के दौरान 122 मामले निपटाए गए और ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हुई। इस प्रक्रिया में बैंक अफसरों, वकीलों और स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।
मुंबई:डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-III (DRT-III) में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 122 मामलों का निपटारा किया गया और बैंकों को करीब ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हासिल हुई।
ये लोक अदालत स्रीकला सुरेश, इंचार्ज प्रेसीडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया।
पैनल और मेंबर्स की अहम भूमिका
कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर वी.एन. लोथे पाटिल ने की। उनके साथ पैनल में सुधांशु एस. साहू (डिप्टी जनरल मैनेजर, केनरा बैंक) और एडवोकेट सुनील हम्ब्रे मौजूद थे।
इनके सहयोग से कई जटिल मामले आसानी से सुलझे, जिससे बैंक और उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली।
122 मामले निपटाए गए, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी
इस लोक अदालत में बैंकों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े केसों का समाधान हुआ। इसमें अधिकतर मामले लोन रिकवरी और सेटलमेंट से जुड़े थे।
122 मामलों के समाधान के बाद ₹34.69 करोड़ की राशि रिकवर हुई। इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
DRT-III मुंबई के रजिस्ट्रार संजय जायसवाल ने सभी अफसरों, स्टाफ और लिटिगेंट्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।
उन्होंने खासतौर से स्टाफ मेंबर्स का नाम लेकर आभार जताया –
लोक अदालत को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये एक ऐसा मंच है, जहां लंबे समय से पेंडिंग केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे अदालतों पर केसों का बोझ कम होता है और आम लोगों व बैंकों दोनों को राहत मिलती है।
मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और लोन से जुड़े विवाद बहुत आम हैं, वहां इस तरह की पहल बेहद कारगर साबित होती है।
मुंबई DRT-III की इस लोक अदालत ने दिखा दिया कि अगर सही माहौल और सहयोग मिले तो जटिल से जटिल केस भी आसानी से सुलझ सकते हैं। इस बार का नतीजा ₹34.69 करोड़ की रिकवरी के साथ काफी सकारात्मक रहा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और बैंकिंग सेक्टर में पेंडिंग केसों का बोझ कम होगा।
बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।
मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।
🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?
बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले। सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।
🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर
इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है। नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।
🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया
EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
अंतिम तारीख: 30 सितंबर
जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
झोपड़ी सर्वे
प्लानिंग
परमिट्स
टेनेमेंट निर्माण
मेंटेनेंस
सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।
पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।