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  • यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    उत्तर प्रदेश के बांदा में 33 मासूम नाबालिगों को बरसों तक यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब पर बेचने वाले पूर्व जूनियर इंजीनियर और उसकी पत्नी को POCSO कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश भी दिए हैं।

    उत्तर प्रदेश: बांदा जिले की एक विशेष पीओसीएसओ अदालत (Protection of Children from Sexual Offences Act) ने 20 फरवरी 2026 को एक ऐसे दर्दनाक और जघन्य अपराध में दोषी पाए गए पति-पत्नी को मौत तक की सज़ा सुनाई है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

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    राम भवन (50), जो पहले सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे, और उनकी पत्नी दुर्गावती (47) को 33 नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर बेचने के दोष में फांसी की सज़ा दी गई।

    मामला कितना भयानक था?

    अदालत ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी सबसे दुर्लभ और घृणास्पद माना, क्योंकि:

    • यह अपराध लगभग 10 साल (2010-2020) तक चला।
    • 33 से अधिक नाबालिग लड़कों को शोषित किया गया।
    • कुछ बच्चों की उम्र केवल 3 साल तक थी।
    • आरोपी जो वीडियो और फ़ोटो बनाते थे, उन्हें डार्क वेब पर बेचते थे, जिनकी पहुँच लगभग 47 देशों तक थी।
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    आरोपी पति पत्नी की तस्वीर

    वे बच्चों को कैसे फँसाते थे?

    जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति बच्चों को लुभाने के लिए ऑनलाइन वीडियो-गेम, पैसे, खिलौने या मिठाई जैसी चीज़ें देते थे। फिर उन्हें अपने किराए के कमरे में ले जाकर यौन शोषण करते और उस दौरान वीडियो-फ़ोटो बनाकर डिजिटल रूप से स्टोर करते थे।

    डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क

    इस भयावह कृत्य के वीडियो और फ़ोटो को डार्क वेब जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्मों पर बेचा गया, जिससे यह सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध मामला भी बन गया।

    अदालत का विश्लेषण: “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्यों?

    अदालत ने फ़ैसला सुनाते समय कहा कि इस तरह के व्यवस्थित, लंबे समय तक चलने वाले और बच्चों को गहरा मानसिक तथा शारीरिक आघात पहुंचाने वाले अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं हो सकती। इसलिए इसे सबसे दुर्लभ और घृणास्पद मामला माना गया और मृत्युदंड सुनिश्चित किया गया।

    जांच-प्रक्रिया और सबूतों का महत्व

    सीबीआई ने 2020 में इस मामले की गहन जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड-डिस्क और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ मिले, जिनमें बच्चों के शोषण की सामग्री पाई गई। जांच के बाद 2021 में चार्जशीट दायर की गई, और 2023 में आरोप तय हुए।

    पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश

    अदालत ने 33 पीड़ित बच्चों को ₹10-10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जेल में मिले नकदी हिस्से को बंटवाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि बच्चों के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित भविष्य के लिए कदम उठाए जा सकें।

    ख़बर का सामाजिक प्रभाव

    इस फ़ैसले को बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवारों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके दर्द के निशान जीवन भर नहीं मिटेंगे।


    FAQ (Accurate Information for Readers)

    Q1: इस मामले में कितने बच्चों का यौन शोषण हुआ?
    A1: लगभग 33 नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया गया, जिनमें कुछ बच्चे केवल 3 साल के थे।

    Q2: अदालत ने दंपति को किस वजह से मौत की सज़ा दी?
    A2: अदालत ने अपराध की गंभीरता, लंबे दौर, मानसिक-शारीरिक पीड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामग्री बेचने को देखते हुए इसे सबसे दुर्लभ मामला मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई।

    Q3: क्या पीड़ितों को मुआवज़ा मिलेगा?
    A3: हाँ, हर पीड़ित को ₹10-10 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है।

    Q4: मामला कब से चल रहा था?
    A4: यह कृत्य 2010 से 2020 तक लगभग 10 साल तक चलता रहा।

  • मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह में पत्रकार, विधायक, पूर्व सांसद, समाजसेवक और उद्योगपति शामिल हुए। कॉमेडियन सुनील पाल और कवि रामजी कनौजिया ने कार्यक्रम में रंग जमाया।

    मुंबई: बोरीवली वेस्ट स्थित अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस खास कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ-साथ राजनेता, समाजसेवक, वकील और उद्योगपति बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन में अपनापन, भाईचारा और हंसी-मजाक का अलग ही माहौल देखने को मिला।

    🎉 7वां स्नेह मिलन समारोह बना यादगार

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था द्वारा आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम का यह सातवां वर्ष था। ‘लिट्टी चोखा’ जैसे पारंपरिक व्यंजन के साथ संवाद और संबंधों को मजबूत करने का यह आयोजन पत्रकार जगत और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने का माध्यम बना।

    🏛️ राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों की मौजूदगी

    कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • अमित साटम (मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक)
    • संजय उपाध्याय (विधायक)
    • मुरजी पटेल (काका)
    • गोपाल शेट्टी (पूर्व सांसद)
    • असलम शेख (कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री)
    • संजय घाडी (मनपा उप- महापौर)
    • गणेश खनकर
    • सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी
    • भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक बाला तावड़े
    • कमलेश यादव
    • नगरसेविका डॉ. शिल्पा संगोरे
    • नगरसेवक शिवानन्द शेट्टी
    • शिवसेना नेता राम यादव
    • भारतीय हिंदूसेना के महाराष्ट्र अध्यक्ष डॉ. प्रमोद सिंह
    • भाजपा नेता निखिल व्यास

    सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए पत्रकारों की एकजुटता की तारीफ की।

    📰 वरिष्ठ पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति

    इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर तिवारी, जयप्रकाश सिंह, हरीश तिवारी, राकेश त्रिवेदी, अशोक पांडे, इकबाल ममदानी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने मीडिया जगत के आपसी तालमेल और संवाद को नई मजबूती दी।

    😂 कॉमेडी और कविता ने बांधा समां

    कार्यक्रम का खास आकर्षण रहे मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल। उन्होंने अपने चुटकुले अंदाज से सबको खूब हंसाया और माहौल को खुशनुमा बना दिया।

    वहीं कवि रामजी कनौजिया ने अपनी शानदार कविता से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया।

    🍲 ‘लिट्टी चोखा’ के स्वाद के साथ बढ़ा अपनापन

    कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पारंपरिक ‘लिट्टी चोखा’ का स्वाद लिया। खाने-पीने के साथ हल्की-फुल्की बातचीत और हंसी-मजाक ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। ऐसे आयोजन पत्रकारों और समाज के अन्य वर्गों के बीच घनिष्ठता बढ़ाने का जरिया बनते हैं।

    👥 आयोजन समिति का नेतृत्व

    इस सफल आयोजन का नेतृत्व मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के अध्यक्ष गोविंद ठाकुर, कोषाध्यक्ष रामकुमार गुप्ता और महासचिव जटाशंकर सिंह ने किया। उनके साथ सभी सहयोगी पत्रकार साथियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।


    ❓ FAQ Section

    Q1: कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में।

    Q2: यह कौन-सा वर्ष था?

    यह स्नेह मिलन समारोह का 7वां वर्ष था।

    Q3: किन-किन प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया?

    अमित साटम, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, गोपाल शेट्टी, असलम शेख सहित कई नेता मौजूद रहे।

    Q4: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्या रहा?

    कॉमेडियन सुनील पाल की प्रस्तुति और कवि रामजी कनौजिया की कविता।

    Q5: कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?

    पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संबंध मजबूत करना।

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

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    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

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    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।

  • Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    मुंबई के बोरीवली में फ्लैट बेचने के नाम पर 60 लाख की कथित धोखाधड़ी। आरोपी दंपती किरायेदार निकले, फ्लैट पर पहले से 35 लाख का होम लोन। पुलिस जांच जारी।

    मुंबई: बोरिवली इलाके से प्रॉपर्टी फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फ्लैट खरीद के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप एक पती-पत्नी पर लगा है। इस मामले में बोरिवली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

    आरोपी दंपती के खिलाफ FIR

    पुलिस के अनुसार, आरोपी गणेश केशव रहाटे और सविता गणेश रहाटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता बोरिवली में रहने वाले एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत व्यक्ति हैं।

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता की मेहुणी और साडू ने न्यू एमएचबी कॉलोनी स्थित एक सोसायटी में आरोपी दंपती से फ्लैट खरीदने का सौदा किया था।

    60 लाख रुपये लेने के बाद भी नहीं दिया कब्जा

    शिकायत के मुताबिक, फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर करीब 60 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। लेकिन पूरी रकम देने के बावजूद फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

    जब बार-बार टालमटोल होने लगी तो खरीदार पक्ष को शक हुआ और उन्होंने सोसायटी में जाकर जांच-पड़ताल की।

    जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

    सोसायटी से मिली जानकारी ने सभी को हैरान कर दिया। पता चला कि गणेश रहाटे ने उसी फ्लैट पर एक निजी बैंक से 35 लाख रुपये का होम लोन लिया हुआ है।

    सबसे बड़ा खुलासा यह था कि वह फ्लैट उनकी खुद की प्रॉपर्टी ही नहीं थी। दोनों आरोपी उस फ्लैट में मालिक नहीं बल्कि किरायेदार के रूप में रह रहे थे।

    कैसे हुआ शक और फिर शिकायत?

    पूरी रकम चुकाने के बाद भी जब रजिस्ट्री और कब्जा नहीं मिला तो खरीदार पक्ष ने दस्तावेजों की जांच कराई। इसी दौरान बैंक लोन और असली मालिक की जानकारी सामने आई।

    इसके बाद सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

    प्रॉपर्टी डील में सावधानी की जरूरत

    मुंबई जैसे बड़े शहर में फ्लैट खरीदते समय टाइटल क्लियरेंस, ओनरशिप डॉक्युमेंट और बैंक लोन स्टेटस की जांच बेहद जरूरी है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बिना लीगल वेरिफिकेशन के करोड़ों का निवेश करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के बोरिवली स्थित न्यू एमएचबी कॉलोनी का है।

    Q2. कितनी रकम की कथित ठगी हुई?

    करीब 60 लाख रुपये फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर लिए गए।

    Q3. आरोपियों ने क्या किया?

    कथित तौर पर किराए के फ्लैट को अपना बताकर बेचा और उसी पर 35 लाख का होम लोन भी लिया।

    Q4. पुलिस क्या कर रही है?

    बोरिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

  • Malad SRA Project में ₹5 करोड़ का घोटाला, शाह हाउसकॉन के दो डायरेक्टर पर FIR

    Malad SRA Project में ₹5 करोड़ का घोटाला, शाह हाउसकॉन के दो डायरेक्टर पर FIR

    मुंबई के मलाड स्थित SRA प्रोजेक्ट में ₹5.15 करोड़ की कथित धोखाधड़ी। शाह हाउसकॉन प्राइवेट लिमिटेड के दो डायरेक्टरों पर केस दर्ज, जांच EOW को ट्रांसफर।

    मुंबई: मलाड के SRA (Slum Rehabilitation Authority) रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में करीब ₹5 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। जांच की गंभीरता को देखते हुए केस को अब मुंबई पुलिस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को ट्रांसफर कर दिया गया है।

    पिता-पुत्र पर लगा ठगी का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी कंपनी Shah Housecon Private Limited के डायरेक्टर मनसुख शाह और आकाश मनसुख शाह हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों ने कथित तौर पर इसी तरह के फर्जी एग्रीमेंट कर कई बिल्डरों से बड़ी रकम वसूली है।

    शिकायतकर्ता कौन हैं?

    शिकायतकर्ता निलेश नरेंद्र राघाणी, जो कांदिवली के ठाकुर विलेज में रहते हैं, एक रियल एस्टेट डेवलपर हैं। वह अपनी कंपनी क्लासिक ट्रेजर प्राइवेट लिमिटेड अपने पार्टनर जिगर देसाई के साथ मिलकर SRA और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं।

    ऐसे रचा गया कथित निवेश जाल

    शिकायत के मुताबिक, मार्च 2025 में एक साझा परिचित के जरिए राघाणी की मुलाकात आरोपियों से हुई। आरोपियों ने दावा किया कि वे मलाड के रानी सती मार्ग स्थित खोथोडोंगरी SRA सोसायटी के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

    बताया गया कि 5,600 वर्ग मीटर के प्लॉट पर निर्माण होना है। डील के अनुसार, निर्माण खर्च राघाणी की कंपनी उठाएगी, जबकि आरोपियों की कंपनी परमिशन और झोपड़पट्टी निवासियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी संभालेगी। बदले में राघाणी को सेल कंपोनेंट एरिया दिया जाना था।

    ₹5.15 करोड़ ट्रांसफर, लेकिन काम शुरू नहीं

    मई से जुलाई 2025 के बीच राघाणी ने कुल ₹5.15 करोड़ आरोपियों को ट्रांसफर किए। लेकिन एग्रीमेंट के तीन महीने बाद भी न तो झोपड़पट्टी खाली कराई गई और न ही टाइटल क्लियर हुआ।

    शक होने पर राघाणी ने खुद जांच कराई तो पता चला कि प्लॉट का मालिकाना हक आरोपियों की कंपनी के पास नहीं, बल्कि एक चैरिटेबल ट्रस्ट के पास है।

    फर्जी कब्जे और किराया वसूली का आरोप

    जांच में यह भी सामने आया कि प्लॉट पर दिखाए गए कई “कब्जाधारी” असली निवासी नहीं थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी अतिक्रमण करवाए गए और उनसे किराया वसूला जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, इसी तरह के एग्रीमेंट कर अन्य डेवलपर्स से भी करीब ₹14 करोड़ की रकम हड़पी गई।

    पैसे मांगने पर मिली धमकी

    जब राघाणी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें प्रोजेक्ट से बाहर करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद राघाणी ने DCP कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

    EOW करेगी विस्तृत जांच

    FIR दर्ज होने के बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को जल्द पूछताछ के लिए समन जारी किया जा सकता है। पुलिस पूरे SRA प्रोजेक्ट और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के मलाड स्थित SRA रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

    Q2. कितनी रकम की कथित धोखाधड़ी हुई है?

    करीब ₹5.15 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    Q3. जांच कौन कर रहा है?

    मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    Q4. आरोपियों पर क्या आरोप हैं?

    फर्जी एग्रीमेंट, निवेश ठगी, फर्जी कब्जे दिखाकर रकम वसूलना और धमकी देने के आरोप लगे हैं।

  • BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    मुंबई BMC में 212 में से 163 कार्यकारी अभियंता पद रिक्त, उपमहापौर संजय शंकर घाड़ी ने आयुक्त को लिखा पत्र। वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने की मांग।

    मुंबई: बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) में इंजीनियरों और कानूनी विशेषज्ञों के खाली पदों को लेकर अब प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नवनिर्वाचित उप महापौर संजय शंकर घाड़ी ने पदभार संभालते ही मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर लंबित नियुक्तियों को तुरंत पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इंजीनियरिंग और विधि विभाग में भारी रिक्तियों की वजह से विकास कार्य और प्रशासनिक फैसले प्रभावित हो रहे हैं।

    212 में से 163 पद खाली, 77% रिक्तियां

    उपमहापौर घाड़ी ने अपने पत्र में साफ कहा है कि कार्यकारी अभियंता (सिविल) कैडर में कुल 212 पदों में से 163 पद खाली पड़े हैं। यानी लगभग 77% पद रिक्त हैं। यह स्थिति सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने के कारण बनी हुई है।

    मुंबई जैसे महानगर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड डेवलपमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, ब्रिज निर्माण और पब्लिक वर्क्स जैसे अहम काम कार्यकारी अभियंताओं के जिम्मे होते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली रहना सीधे तौर पर विकास कार्यों की रफ्तार पर असर डाल रहा है।

    उप मुख्य अभियंता तक 87% पद रहेंगे खाली

    पत्र में यह भी बताया गया है कि कार्यकारी अभियंता से उप मुख्य अभियंता तक के 21 पदों का प्रस्ताव अभी अनुमोदन प्रक्रिया में है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो 87% तक पद खाली रह सकते हैं।

    अनुभवी इंजीनियरों की सेवानिवृत्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पिछले एक वर्ष में 14 वरिष्ठ इंजीनियर रिटायर हो चुके हैं और अगले 6 महीनों में 7-8 और सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे विभागीय कामकाज और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    कानूनी मामलों में देरी बनी बड़ी वजह

    उपमहापौर ने यह भी माना है कि विधि विभाग और नगर अभियंता कार्यालय की ओर से अदालती मामलों की निगरानी में ढिलाई के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में देरी हुई है।

    उन्होंने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता मिलिंद साठे या अधिवक्ता रवि कदम जैसे अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाए, ताकि कोर्ट में मनपा का पक्ष मजबूती से रखा जा सके और पदोन्नति प्रक्रिया में अड़चनें दूर हों।

    तत्काल बैठक और एक्शन प्लान की मांग

    इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उपमहापौर ने संबंधित विभागों की तत्काल बैठक बुलाने और एक ठोस कार्य योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नियुक्तियां नहीं की गईं तो मुंबई की चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं में बड़ी बाधा आ सकती है।

    उन्होंने भरोसा जताया है कि मनपा आयुक्त महानगर के हित में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर जल्द निर्णय लेंगे, जिससे योग्य अधिकारियों को उनका अधिकार मिल सके और नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।


    FAQ Section

    Q1. BMC में कितने कार्यकारी अभियंता पद खाली हैं?

    कुल 212 पदों में से 163 पद खाली हैं, यानी लगभग 77% रिक्तियां हैं।

    Q2. पदोन्नति प्रक्रिया कब से लंबित है?

    सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया प्रलंबित है।

    Q3. उपमहापौर ने क्या मांग की है?

    उन्होंने तत्काल नियुक्तियां पूरी करने, वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ नियुक्त करने और विभागीय बैठक बुलाने की मांग की है।

    Q4. इससे मुंबई पर क्या असर पड़ेगा?

    यदि रिक्तियां नहीं भरी गईं तो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड वर्क और अन्य विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

  • Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    कांदिवली वेस्ट के महावीर नगर में BJP विधायक योगेश सागर ने अचानक निरीक्षण किया। गांजा, हुक्का मटेरियल और बैन तंबाकू की खुलेआम बिक्री के आरोप। पुलिस ने 5 मामले दर्ज किए, पहले 99 पान स्टॉल्स पर भी कार्रवाई।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगर कांदिवली वेस्ट में बैन तंबाकू, गांजा और हुक्का मटेरियल की खुलेआम बिक्री की शिकायतों के बीच BJP विधायक Yogesh Sagar ने गुरुवार को अचानक निरीक्षण किया। महावीर नगर इलाके में तीन पान दुकानों की जांच के दौरान कई प्रतिबंधित सामान मिलने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पांच अपराध दर्ज किए हैं।

    🔎 जांच के दौरान क्या मिला?

    विधायक योगेश सागर ने आरोप लगाया कि:

    • बैन तंबाकू उत्पाद (गुटखा, लूज तंबाकू)
    • हुक्का से जुड़ा मटेरियल
    • संदिग्ध नशीला पाउडर
    • अवैध गांजा सप्लाई

    खुलेआम बेचे जा रहे थे। उनका कहना है कि कुछ दुकानदार पड़ोसी दुकानों में प्रतिबंधित सामान छिपा रहे थे।

    🚔 पुलिस का बयान

    स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच, गुरुवार की कार्रवाई को छोड़कर, 99 पान स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 18 अवैध स्टॉल्स को तोड़ दिया गया।

    गुरुवार की कार्रवाई में 5 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर हुई थी।

    🏛️ राजनीतिक दबाव और नाराजगी

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इलाके के ही एक अन्य विधायक Sanjay Upadhyay ने भी:

    • अवैध हुक्का पार्लर
    • खुले में शराबखोरी
    • देर रात तक चलने वाले कैफे
    • ट्रैफिक नियम तोड़ते शेयर ऑटो

    को लेकर शिकायत उठाई थी।

    लगातार आ रही शिकायतों से साफ है कि सत्ताधारी दल के विधायकों में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

    🗣️ MLA Yogesh Sagar का आरोप

    योगेश सागर ने कहा, “लोकल लेवल पर सबको पता है क्या चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। कानून तोड़ने वालों में डर नहीं है। पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए।”

    उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आसपास की दुकानें भी प्रतिबंधित सामान छिपाने में मदद करती पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    📌 सरकार की नीति बनाम जमीनी हकीकत

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले ही अवैध हुक्का, तंबाकू और ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

    लेकिन लगातार हो रही विधायकों की शिकायतें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: यह कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली वेस्ट में तीन पान दुकानों पर।

    Q2: कितने केस दर्ज हुए?
    पुलिस ने पांच मामले दर्ज किए हैं।

    Q3: पहले भी कार्रवाई हुई थी?
    जनवरी-फरवरी में 99 पान स्टॉल्स पर कार्रवाई और 18 को हटाया गया।

    Q4: क्या मादक पदार्थ मिले?
    पुलिस के अनुसार पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई बैन तंबाकू पर थी।

  • Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ जमीन SRA को सौंपी। 10 लाख लोगों के पुनर्वास, 1.5 लाख नए घर और अडानी ग्रुप की भूमिका पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: शहर के सबसे बड़े और चर्चित धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर इलाके में स्थित 118 एकड़ जमीन का कब्जा आधिकारिक तौर पर Slum Rehabilitation Authority (SRA) को सौंप दिया है। यह जमीन खास तौर पर उन धारावी निवासियों के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जो धारावी के भीतर “इन-सीटू” पुनर्वास के पात्र नहीं हैं।

    📍 मलाड की जमीन पर क्यों हुआ फैसला?

    सूत्रों के मुताबिक, मुक्तेश्वर (मलाड-मालवणी) में कुल 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी। इनमें से 118 एकड़ जमीन SRA को ट्रांसफर कर दी गई है, जबकि 22 एकड़ जमीन अब भी कानूनी विवाद में है।

    इस जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। विकास अधिकार (Development Rights) के बदले प्रोजेक्ट की SPV ने ₹135 करोड़ प्रीमियम भी जमा कर दिया है।

    🏢 किसे मिलेगा यहां घर?

    सरकारी प्लान के मुताबिक:

    • जो लोग 1 जनवरी 2011 के बाद और 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे हैं
    • जो ऊपरी मंजिलों पर रहते हैं और इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं

    उन्हें मलाड साइट पर शिफ्ट किया जाएगा।

    महाराष्ट्र के स्लम रिहैबिलिटेशन एक्ट के अनुसार, हर पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का घर मिलेगा, जो पहले के 300 वर्गफुट से बड़ा अपग्रेड है।

    🤝 अडानी ग्रुप की क्या भूमिका है?

    यह मेगा प्रोजेक्ट Adani Group की कंपनी Navbharat Mega Developers Pvt Ltd (NMDPL) द्वारा किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र सरकार के साथ जॉइंट वेंचर है।

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    जमीन का मालिकाना हक SRA के पास रहेगा, लेकिन डेवलपमेंट राइट्स NMDPL के पास होंगे।

    जानकारी के मुताबिक, मलाड की जमीन के एक हिस्से पर ओपन मार्केट में बेचने के लिए सेल कंपोनेंट के फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

    🌆 540 एकड़ जमीन और 1.5 लाख नए घर

    धारावी प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में करीब 540 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इसमें शामिल हैं:

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    • कुर्ला की जमीन
    • कांजूर, भांडुप और मुलुंड के सॉल्ट पैन
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड के हिस्से

    अधिकारियों के अनुसार, करीब 1.25 से 1.5 लाख नए घर बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास होगा।

    ⏳ टाइमलाइन क्या है?

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    • NMDPL को रिहैब के घर बनाने के लिए 7 साल की डेडलाइन
    • पूरे धारावी रिडेवलपमेंट को पूरा करने के लिए 17 साल का मास्टर प्लान

    यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा अर्बन रीजुवेनेशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है और इसे “मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में बड़ा कदम” कहा जा रहा है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: मलाड की 118 एकड़ जमीन किसके लिए है?
    यह जमीन धारावी के उन निवासियों के पुनर्वास के लिए है जो इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं।

    Q2: हर पात्र परिवार को कितना बड़ा घर मिलेगा?
    प्रत्येक पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का फ्लैट मिलेगा।

    Q3: क्या इस जमीन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट भी होगा?
    हां, एक हिस्सा सेल कंपोनेंट के तहत ओपन मार्केट के लिए इस्तेमाल होगा।

    Q4: प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    रिहैब हाउसिंग 7 साल में और पूरा प्रोजेक्ट 17 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

  • Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले कॉन्स्टेबल सुनील टोके को मिली हाई कोर्ट से राहत। विभागीय उत्पीड़न, निलंबन की धमकियों और “रिश्वत रेट-कार्ड” के आरोपों का पूरा सच पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल Sunil Toke (सुनील टोके) ने जब अपने ही विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और “रिश्वत रेट-कार्ड” का खुलासा किया, तो उन्हें लगातार विभागीय दबाव, ट्रांसफर की धमकी और सस्पेंशन की चेतावनी का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि आखिरकार उन्हें Bombay High Court का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    मुंबई ट्रैफिक विभाग के अंदर कथित तौर पर अलग-अलग उल्लंघनों के लिए “फिक्स रेट” पर रिश्वत वसूली का आरोप सामने आया था। सुनील टोके ने दावा किया कि यह वसूली संगठित तरीके से हो रही थी और आम जनता से नकद लेन-देन के जरिए चालान से बचाने का खेल चल रहा था।

    जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया गया।

    ⚠️ शिकायत के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

    सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद:

    • बार-बार स्पष्टीकरण नोटिस
    • अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
    • ड्यूटी में बदलाव
    • निलंबन की धमकी

    जैसी कार्रवाइयाँ शुरू हो गईं। टोके ने इसे “व्हिसलब्लोअर के खिलाफ प्रतिशोध” बताया।

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    ⚖️ हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने यह साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से जांचना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना या दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो।

    इस आदेश के बाद विभाग को अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना पड़ा।

    📊 क्यों अहम है यह मामला?

    • पुलिस विभाग के अंदर से भ्रष्टाचार का खुलासा
    • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
    • ट्रैफिक चालान और वसूली सिस्टम पर बहस

    यह मामला सिर्फ एक कॉन्स्टेबल का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: सुनील टोके कौन हैं?
    वे मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल हैं जिन्होंने विभाग में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया।

    Q2: उन्होंने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए “रिश्वत रेट-कार्ड” चल रहा था।

    Q3: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    कोर्ट ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना न की जाए।

    Q4: क्या जांच अभी जारी है?
    मामला जांच प्रक्रिया में है और विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है।

  • पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    ललितपुर की 20 वर्षीय हिमांशी सेंगर लापता होने के बाद वायरल वीडियो में प्रेमी राहुल यादव के साथ आई सामने। लव मैरिज का दावा, पुलिस और परिवार पर उत्पीड़न के आरोप, आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप।

    उत्तर प्रदेश: ललितपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय प्रशासन तक हलचल मचा दी है। 13 फरवरी को लापता हुई 20 वर्षीय युवती हिमांशी सेंगर अब एक वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है। वीडियो में वह राहुल यादव नाम के युवक के साथ नजर आ रही है और उसे अपना पति बता रही है। युवती ने साफ कहा है कि उसने अपनी मर्जी से लव मैरिज की है और उसे किसी ने अगवा नहीं किया।

    ललितपुर से लापता हुई थी युवती

    यह मामला ललितपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 13 फरवरी की रात हिमांशी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। बेटी के अचानक लापता होने पर परिवार ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई दिनों से तलाश में जुटी थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।

    वायरल वीडियो में प्रेमी के साथ आई नजर

    लापता होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में हिमांशी सेंगर राहुल यादव नाम के युवक के साथ दिखाई दे रही है। युवती ने कैमरे के सामने कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी इच्छा से शादी की है।

    उसने दावा किया कि यह “लव मैरिज” है और उसे किसी प्रकार का दबाव या डर नहीं है। वीडियो में वह भावुक नजर आई और बोली कि उसके इस फैसले की सजा उसके पति और ससुराल वालों को न दी जाए।

    पुलिस और मायके पक्ष पर गंभीर आरोप

    वीडियो में हिमांशी ने आरोप लगाया कि उसके पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस प्रशासन और मायके पक्ष के लोग उसके ससुराल पक्ष को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

    उसका कहना है कि उसके पति के दोस्तों और परिवार के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उसने पुलिस से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष लोगों को प्रताड़ित न किया जाए।

    आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

    वीडियो के अंत में हिमांशी ने बेहद गंभीर चेतावनी दी। उसने कहा कि अगर उसके ससुराल वालों को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी।

    उसने साफ कहा कि ऐसी किसी भी घटना के लिए उसके मायके वाले और स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #LalitpurCase और #LoveMarriageCase जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

    ससुराल पक्ष की स्थिति भी बताई

    हिमांशी ने वीडियो में यह भी बताया कि उसकी सास गर्भवती हैं और इस हालात में भी उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। युवती का कहना है कि उसने पूरी समझदारी से अपना जीवनसाथी चुना है और वह अपने फैसले पर कायम है।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस का कहना है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज है और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, युवती बालिग है तो उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अब सबकी नजर पुलिस की अगली कानूनी कार्रवाई और युवती की सुरक्षा पर टिकी है।


    ❓ FAQ Section

    1. हिमांशी सेंगर कब लापता हुई थी?

    वह 13 फरवरी की रात ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई थी।

    2. क्या हिमांशी ने शादी की है?

    वायरल वीडियो में उसने राहुल यादव को अपना पति बताया है और लव मैरिज का दावा किया है।

    3. पुलिस का क्या कहना है?

    पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

    4. युवती ने आत्महत्या की चेतावनी क्यों दी?

    उसका आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष को परेशान किया जा रहा है। यदि यह बंद नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है।