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  • मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    कांदिवली के बालभारती कॉलेज के गुजराती साइनबोर्ड पर बवाल। मराठी अनिवार्य नियम की अनदेखी का आरोप, युवा सेना ने प्रशासन को दी सीधी चेतावनी। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में एक कॉलेज के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में होने का मामला सामने आते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। मराठी भाषा अनिवार्य होने के बावजूद कॉलेज ने अब तक मराठी में साइनबोर्ड नहीं लगाया, जिस पर ठाकरे गुट की युवा सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है।

    क्या है पूरा साइनबोर्ड विवाद?

    राज्य सरकार के नियम के अनुसार महाराष्ट्र में सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।

    इसके बावजूद कांदिवली (पश्चिम) के इस कॉलेज का बोर्ड पूरी तरह गुजराती में लिखा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मराठी भाषा कानून (Marathi Language Law Maharashtra) का सीधा उल्लंघन है।

    मुंबई विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला

    ठाकरे गुट की युवा सेना का कहना है कि मुंबई विद्यापीठ के परिपत्र क्र. संलग्नता/आय सी सी/(2021-22)/2022 के अनुसार महाविद्यालयों के नाम मराठी में होना अनिवार्य है।

    सवाल यह उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय का स्पष्ट आदेश है, तो फिर कॉलेज प्रशासन ने अब तक मराठी नामफलक क्यों नहीं लगाया?

    युवा सेना की आक्रामक एंट्री

    मामले ने तूल पकड़ा तो युवा सेना के पदाधिकारी सीधे कॉलेज पहुंच गए।

    युवा सेना के सिनेेट सदस्य प्रदीप सावंत, शशिकांत झोरे, पूर्व सिनेेट सदस्य राजन कोळंबेकर और कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक शिर्के ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और तुरंत मराठी में साइनबोर्ड लगाने की मांग की।

    उनका कहना था कि “राज्य में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना कानूनन अनिवार्य है। संस्थान का यह रवैया अस्वीकार्य है।”

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    विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मुलाकात

    युवा सेना के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय भामरे (प्र-कुलगुरु) और डॉ. प्रसाद कारंडे (कुलसचिव) से भी मुलाकात की।

    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि संबंधित कॉलेज को तत्काल मराठी नामफलक लगाने का निर्देश दिया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी

    कांदिवली इलाके के कई स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट कानून बनाया है, तो उसका पालन हर संस्था को करना चाहिए।

    सिर्फ गुजराती भाषा में बोर्ड रखना कानून का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।

    कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?

    सूत्रों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही मराठी में नामफलक लगाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

    युवा सेना ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

    मराठी भाषा कानून क्या कहता है?

    महाराष्ट्र शासन के नियमों के अनुसार:

    • सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।
    • मराठी को प्राथमिकता देना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
    • उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

    इसी आधार पर इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. विवाद किस कॉलेज को लेकर है?
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स।

    Q2. विवाद की वजह क्या है?
    कॉलेज का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में है, जबकि मराठी अनिवार्य है।

    Q3. किस संगठन ने विरोध किया?
    ठाकरे गुट की युवा सेना ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।

    Q4. विश्वविद्यालय का क्या आदेश है?
    मुंबई विश्वविद्यालय के परिपत्र के अनुसार कॉलेज का नाम मराठी में होना चाहिए।

    Q5. आगे क्या हो सकता है?
    अगर मराठी नामफलक नहीं लगाया गया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

  • कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व के Lokhandwala White City में बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और BMC द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर बड़ा बवाल। लोढ़ा ग्रुप के खिलाफ स्थानीय रहिवासी सड़कों पर, Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग, BJP नगरसेवक भी विरोध में।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व स्थित Lokhandwala White City में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अचानक बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। देखते ही देखते शांत रिहायशी इलाका विरोध और नारेबाजी का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिल्डर समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    🔥 सुबह की शांति टूटी, अचानक शुरू हुआ तोड़फोड़ का काम

    स्थानीय रहिवासियों के मुताबिक, सुबह इलाके में भारी मशीनरी और मजदूरों की आवाजाही देखी गई। कुछ ही देर में सोसायटी की बाउंड्री वॉल के एक हिस्से को तोड़ा जाने लगा। लोगों का आरोप है कि यह काम बिना पूर्व सूचना और सहमति के किया गया।

    जैसे ही दीवार टूटी, वहां मौजूद कुछ पेड़ों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। रहिवासियों का दावा है कि ये पेड़ बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त थे और इन्हें संरक्षित श्रेणी में रखा गया था।

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    🌳 “पेड़ों को क्यों तोड़ा?” — पर्यावरण को लेकर भड़का गुस्सा

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पेड़ों को लेकर उठा। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर हरियाली खत्म की जा रही है।

    मुंबई जैसे शहर में जहां ग्रीन कवर लगातार कम हो रहा है, वहां बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना लोगों को नागवार गुजरा।

    स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और सोसायटी सदस्यों ने मौके पर ही काम रुकवाने की कोशिश की और जिम्मेदारों से जवाब मांगा।

    📢 लोढ़ा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

    कुछ ही घंटों में मामला गरमा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

    लोगों ने बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर मनमानी की जा रही है। “दीवार तोड़ी क्यों?”, “पेड़ों का हिसाब दो”, “नियम सबके लिए बराबर” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे।

    स्थिति इतनी गर्म हो गई कि आसपास पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ानी पड़ी।

    🚔 Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग

    विरोध कर रहे स्थानीय रहिवासी सीधे Samta Nagar Police Station पहुंचे।

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    वहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की। लोगों का कहना है कि

    • बिना अनुमति बाउंड्री वॉल तोड़ना,
    • बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना,
    • स्थानीय निवासियों को पूर्व सूचना न देना —

    ये सब गंभीर उल्लंघन हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

    🏛️ भाजपा नगरसेवक भी विरोध में?

    इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के कुछ नगरसेवक भी मौके पर पहुंचे और निवासियों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

    हालांकि आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

    ⚖️ अब आगे क्या?

    पूरा मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है।

    • क्या पुलिस FIR दर्ज करेगी?
    • क्या बीएमसी इस पर कार्रवाई करेगी?
    • क्या बिल्डर पक्ष अपनी सफाई देगा?

    इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन इतना तय है कि कांदिवली पूर्व का यह मामला अब सिर्फ एक दीवार या कुछ पेड़ों का नहीं रहा — यह नागरिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और बिल्डर जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।


    📌 FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 कांदिवली पूर्व, Lokhandwala White City परिसर का।

    Q2. लोगों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 बाउंड्री वॉल तोड़ने और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में FIR दर्ज हो।

    Q3. शिकायत कहां की गई?
    👉 Samta Nagar Police Station, कांदिवली पूर्व।

    Q4. क्या राजनीतिक समर्थन मिला है?
    👉 स्थानीय स्तर पर भाजपा नगरसेवकों के समर्थन की चर्चा है।

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  • अंधेरी MIDC में खौफनाक वारदात: मोबाइल झगड़े में पति ने पत्नी पर किया जानलेवा हमला, 7 साल के बेटे के सामने हुई हिंसा

    अंधेरी MIDC में खौफनाक वारदात: मोबाइल झगड़े में पति ने पत्नी पर किया जानलेवा हमला, 7 साल के बेटे के सामने हुई हिंसा

    मुंबई के अंधेरी MIDC इलाके में घरेलू विवाद ने लिया खतरनाक मोड़। मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े में पति ने पत्नी पर धारदार हथियार से हमला किया। 7 साल का बेटा बना आंखों देखा गवाह। आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के MIDC इलाके से एक चौंकाने वाली अपराध की खबर सामने आई है। मोबाइल फोन को लेकर शुरू हुआ घरेलू झगड़ा इतना बढ़ गया कि 48 साल के शख्स ने अपनी ही पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का गवाह उनका 7 साल का मासूम बेटा बना। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

    🔴 क्या है पूरा मामला? (Andheri MIDC Crime Case)

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान संतोष रावते (48) के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि उसने अपनी 44 वर्षीय पत्नी नीता रावते पर धारदार हथियार से हमला किया। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मोबाइल फोन चेक करने और कुछ बातचीत को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर संतोष ने पत्नी पर हमला कर दिया। इस दौरान उनका बेटा भी बीच-बचाव में आया, लेकिन आरोपी ने उस पर भी हमला करने की कोशिश की, जिससे उसके बाएं हाथ में चोट आई।

    🏥 पत्नी की हालत गंभीर, जोगेश्वरी के ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती

    हमले में गंभीर रूप से घायल नीता रावते को तुरंत जोगेश्वरी के ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें धारदार हथियार से गहरी चोटें आई हैं और उनकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    घटना के वक्त घर में मौजूद 7 साल का बेटा यह सब देख रहा था, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

    👮 पड़ोसियों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात

    घर से आ रही चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं होता तो मामला और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही MIDC पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

    ⚖️ आरोपी पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज

    पुलिस ने संतोष रावते के खिलाफ हत्या की कोशिश (Attempt to Murder) सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसे स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पड़ोसियों व परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    📌 मुंबई में बढ़ते घरेलू हिंसा के मामले

    मुंबई जैसे महानगर में घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों में दरार और फिर हिंसा की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

    मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और आपसी अविश्वास कई बार ऐसे विवादों की बड़ी वजह बन रहे हैं।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    यह घटना मुंबई के अंधेरी MIDC इलाके में हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी की पहचान 48 वर्षीय संतोष रावते के रूप में हुई है।

    Q3. झगड़े की वजह क्या थी?
    मोबाइल फोन चेक करने और कुछ बातचीत को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।

    Q4. पत्नी की हालत कैसी है?
    पत्नी को जोगेश्वरी के ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    MIDC पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।

  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

    Andheri-Police-arrests-Iranian-man-who-allegedly-cheated-people-under-the-pretext-of-donating-to-temples-and-mosques-news

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

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    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।

  • मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले 4 गिरफ्तार

    मुंबई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनकर 30 लाख की रंगदारी मांगने वाले 4 गिरफ्तार

    मुंबई के बोरीवली के ज्वेलर से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले झारखंड के चार आरोपियों को पुलिस ने महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी से गिरफ्तार किया। आरोपियों का असली गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    मुंबई: बोरीवली स्थित एक ज्वेलरी दुकान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले चार आरोपियों को मुंबई पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सभी आरोपी झारखंड के वासेपुर इलाके के रहने वाले हैं और उनका असली Lawrence Bishnoi गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर दी धमकी

    आरोपियों ने बोरीवली के ज्वेलर को मोबाइल नंबर पर कॉल और मैसेज कर धमकी दी थी कि अगर 30 लाख रुपये नहीं दिए तो “बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम होगा।”

    धमकी भरे संदेश में लिखा था कि 24 घंटे के अंदर “लॉरेंस बिश्नोई गैंग अमेरिका” के लिए पैसे का इंतजाम करो, वरना ज्वेलर और उसके परिवार को गोलियों से भून दिया जाएगा।

    18 फरवरी से शुरू हुई धमकियों की श्रृंखला

    18 फरवरी को सुबह करीब 7:20 बजे दुकान के मोबाइल नंबर पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से मैसेज आया। उसमें लिखा था:

    “Rs 30 lakh firauti tumko dena hai Lawrence Bishnoi giroh ko, agar manage na kiya toh jaise Baba Siddiqui ko mare hai, waisa hi tumko bhi maarenge…”

    स्टाफ ने यह संदेश दुकान मालिक को बताया।

    19 फरवरी को आया व्हाट्सऐप कॉल

    19 फरवरी को फिर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने पूछा कि पैसे का इंतजाम क्यों नहीं हुआ और बातचीत रिकॉर्ड करने की चुनौती भी दी।

    उसने फिर से जान से मारने की धमकी दी और कहा कि “बोरीवली में कोई भी तुम्हें बचा नहीं पाएगा।” बाद में दोबारा कॉल आया, लेकिन स्टाफ ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद एक और मैसेज आया जिसमें ज्वेलर को जल्द गोली मारने की धमकी दी गई।

    शुरुआत में स्टाफ ने इन धमकियों को गंभीरता से नहीं लिया।

    21 फरवरी को तड़के फिर धमकी

    21 फरवरी को सुबह 3:10 बजे फिर धमकी भरा संदेश आया। इस बार स्टाफ ने जवाब दिया कि वे ज्यादा से ज्यादा 1 लाख रुपये दे सकते हैं और आगे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते।

    इस पर आरोपी ने जवाब दिया कि “10 लाख रुपये तो बच्चे सिगरेट खरीदने में खर्च कर देते हैं” और ज्वेलर को अपनी जान के लिए तैयार रहने को कहा।

    बातचीत के दौरान स्टाफ ने 4 लाख रुपये देने की बात कही और बैंक खाता नंबर मांगा। आरोपी ने कहा कि वह अगले दिन बताएगा क्योंकि रात ज्यादा हो गई है।

    इसके बाद दुकान मालिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

    पुलिस ने बिछाया जाल, सोने के सिक्कों के बहाने पकड़े गए

    मुंबई पुलिस ने जाल बिछाकर ज्वेलर से आरोपियों को यह कहने को कहा कि वह सोने के सिक्के देने को तैयार है। जैसे ही आरोपी सोने के सिक्के लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

    चारों आरोपियों को महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

    • रियाजुद्दीन बशीर (29)
    • मोहम्मद फैयाज मंसूरी (27)
    • मोहम्मद अशरफुल (36)
    • मोहम्मद अरबाज अंसारी (27)

    सभी झारखंड के वासेपुर क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

    पहले भी कर चुके हैं रंगदारी की वारदात

    पुलिस के अनुसार, आरोपी विले पार्ले और डीएन नगर इलाके में भी इसी तरह की रंगदारी और धमकी के मामलों में शामिल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद वे मामले भी सुलझा लिए गए हैं।


    FAQ

    Q1: ज्वेलर से कितनी रकम की मांग की गई थी?
    30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।

    Q2: क्या आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध है?
    नहीं, पुलिस के अनुसार उनका गैंग से कोई संबंध नहीं है।

    Q3: आरोपी कहां से गिरफ्तार किए गए?
    महिम, बांद्रा और जोगेश्वरी के अलग-अलग स्थानों से।

    Q4: धमकी कब से मिलनी शुरू हुई?
    18 फरवरी को पहली बार धमकी भरा मैसेज आया था।

    Q5: आरोपियों ने किसका नाम लेकर धमकी दी?
    उन्होंने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर और बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम देने की धमकी दी।

  • BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया गया। शिक्षा विभाग का बजट सुबह 11 बजे और मुख्य बजट दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में प्रस्तुत किया गया।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया। बजट प्रस्तुति को लेकर मनपा मुख्यालय में दिनभर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।

    सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग का बजट पेश

    सबसे पहले अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) Dr. Avinash Dhakane ने शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शिक्षा समिति सभागृह, दूसरे मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में पेश किया।

    उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शिक्षा विभाग के ‘ई’ बजट अनुमान को शिक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    शिक्षा समिति अध्यक्ष को सौंपा गया प्रस्ताव

    डॉ. अविनाश ढाकणे ने यह बजट प्रस्ताव शिक्षा समिति की अध्यक्ष Rajeshree Shirwadkar को सौंपा।

    इस दौरान शिक्षा समिति के सदस्य, उप आयुक्त (शिक्षण) Dr. Prachi Jambecker, महानगरपालिका सचिव Manjiri Deshpande सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में मुख्य बजट पेश

    इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त Bhushan Gagrani ने 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे स्थायी समिति सभागृह, पहली मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में वर्ष 2026-27 का संपूर्ण बजट स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    मुंबईकरों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी सप्लाई, सड़क, स्वच्छता और विकास परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।

    दोपहर 3:30 बजे मीडिया से संवाद

    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बजट पेश करने के बाद दोपहर 3:30 बजे आयुक्त सभागृह, दूसरे मंजिल, मनपा मुख्यालय, महापालिका मार्ग, मुंबई-400001 में मीडिया से संवाद किया।

    इस दौरान उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर जानकारी दी।

    क्यों अहम है BMC Budget 2026-27?

    मुंबई महानगरपालिका का बजट देश में सबसे बड़े नगर निकाय बजट में गिना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा, जल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

    मुंबईकरों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले साल में शहर के विकास और सुविधाओं को लेकर क्या नई योजनाएं लागू होंगी।


    FAQ

    Q1: BMC का बजट कब पेश किया गया?
    25 फरवरी 2026 को।

    Q2: शिक्षा विभाग का बजट किसने पेश किया?
    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने।

    Q3: मुख्य बजट किसके द्वारा पेश किया गया?
    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने स्थायी समिति में पेश किया।

    Q4: मीडिया से संवाद कब हुआ?
    25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे।

    Q5: यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
    क्योंकि इसमें शिक्षा, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान तय किए जाते हैं।

  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • मालाड मार्वे रोड पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रैवल्स बस के लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार की मौत

    मालाड मार्वे रोड पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रैवल्स बस के लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार की मौत

    मुंबई के मालाड स्थित मार्वे रोड पर अनधिकृत रूप से खड़ी प्राइवेट ट्रैवल्स बस के खुले लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर Malad के Marve Road पर आज मंगलवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़ी एक प्राइवेट ट्रैवल्स बस के खुले लगेज ढक्कन से टकराने के कारण एक बाइक सवार युवक की गर्दन गंभीर रूप से कट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

    कैसे हुआ भीषण हादसा?

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे मार्वे रोड पर एक प्राइवेट मां ट्रैवल्स की बस सड़क किनारे खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बस का लगेज कंपार्टमेंट खुला हुआ था और उसका ढक्कन सड़क की तरफ निकला हुआ था। उसी दौरान पीछे से आ रहा बाइक सवार सीधे उस खुले ढक्कन से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की गर्दन पर गंभीर चोट आई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अवैध तरीके से पार्क की गई थी और सड़क पर पहले से ही ट्रैफिक का दबाव था, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।

    अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने घायल युवक को खून से लथपथ हालत में ऑटो रिक्शा से पास के अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया।

    पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही मालवनी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। संबंधित ट्रैवल्स बस और उसके चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस वहां किस अनुमति के तहत खड़ी थी और लगेज कंपार्टमेंट खुला क्यों छोड़ा गया था।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    मार्वे रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर अवैध पार्किंग, अनियंत्रित ट्रैफिक और लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों के पालन और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है।

    स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाए।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. हादसा कब और कहां हुआ?
    मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मालाड के मार्वे रोड पर यह हादसा हुआ।

    2. हादसे की वजह क्या थी?
    सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़ी ट्रैवल्स बस का लगेज ढक्कन खुला था, जिससे बाइक सवार टकरा गया।

    3. क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?
    हाँ, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    4. क्या यह अवैध पार्किंग का मामला है?
    प्राथमिक जांच में बस के अनधिकृत रूप से खड़े होने की बात सामने आई है।

  • BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) की पहली बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव नामकरण से जुड़े होने पर कांग्रेस नेता अशरफ आज़मी ने भाजपा-शिंदे महायुति पर निशाना साधा। प्रदूषण, ट्रैफिक, पानी, गड्ढे और स्वास्थ्य जैसे मुंबई के बड़े मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा और शिंदे गुट की महायुति सत्ता में है, लेकिन मुंबईकरों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। यह आरोप मनपा में कांग्रेस के गटनेता अश्रफ आज़मी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि पहली ही बैठक से साफ हो गया कि महायुति का फोकस विकास कार्यों से ज्यादा नामकरण पर है।

    पहली BMC बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव सिर्फ नामकरण के

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की पहली सभा में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 प्रस्ताव सड़कों, चौकों और अन्य जगहों के नाम बदलने से जुड़े थे।
    उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पानी संकट और गड्ढों से जूझ रहा है, तब नाम बदलना क्या सबसे बड़ी प्राथमिकता है?

    प्रदूषण बना बड़ा संकट, सांस लेना हुआ मुश्किल

    कांग्रेस नेता के मुताबिक इस समय मुंबई का सबसे बड़ा मुद्दा एयर पॉल्यूशन है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
    खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग नागरिक श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा और ठोस एक्शन प्लान की जरूरत है।

    ट्रैफिक जाम, फुटपाथ अतिक्रमण और अधूरे मेट्रो प्रोजेक्ट

    मुंबई की सड़कों पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
    फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट कई सालों से जारी हैं, लेकिन समय पर पूरे नहीं हो पा रहे।
    साथ ही, सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे होने से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। निर्माण कार्य, मेट्रो वर्क और खराब सड़कों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ रही है।

    पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे भी गंभीर

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई में पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों की परेशानियां और शिक्षा से जुड़े सवाल भी अहम हैं।
    लेकिन महायुति सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीर दिखाई नहीं दे रही।

    कांग्रेस करेगी जवाबतलबी

    उन्होंने कहा कि पहली ही कार्यवाही से यह दिखना चाहिए था कि सत्ता पक्ष मुंबईकरों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है।
    “मुंबईकरों को असली विकास चाहिए, सिर्फ नाम बदलना नहीं,” यह कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी BMC में इन मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी और महायुति से जवाब मांगेगी।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अशरफ आज़मी ने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि BMC की पहली बैठक में विकास कार्यों के बजाय नामकरण प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।

    Q2: कितने प्रस्ताव नाम बदलने से जुड़े थे?
    कुल 27 प्रस्तावों में से 20 प्रस्ताव नामकरण से संबंधित थे।

    Q3: मुंबई के प्रमुख मुद्दे कौन से बताए गए?
    प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पीने का पानी, गड्ढे, अतिक्रमण, स्वास्थ्य और शिक्षा।

    Q4: कांग्रेस की क्या रणनीति है?
    कांग्रेस ने कहा है कि वह BMC में इन मुद्दों पर महायुति से जवाब मांगेगी और मुंबईकरों के हक के लिए आवाज उठाएगी।