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  • WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025 भोपाल में आयोजित होने वाला सेंट्रल इंडिया का प्रमुख WordPress सम्मेलन है, जहां 400+ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स और डिजिटल प्रोफेशनल्स एक मंच पर जुटेंगे।

    मध्यप्रदेश: सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी खबर है। WordCamp Bhopal 2025 इस साल भोपाल में आयोजित होने जा रहा है, जो WordPress कम्युनिटी के लिए एक खास और बहुप्रतीक्षित इवेंट माना जा रहा है। यह एक volunteer-driven WordPress conference है, जहां टेक्नोलॉजी, ओपन-सोर्स और कम्युनिटी की ताकत एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।

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    इस साल के WordCamp Bhopal में 400 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, स्टार्टअप फाउंडर्स, डिजिटल एंटरप्रेन्योर और WordPress के शौकीन लोग शामिल होंगे।

    🌐 WordPress: दुनिया का सबसे लोकप्रिय CMS

    WordPress आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला open-source content management system है, जो लाखों वेबसाइट्स को पावर करता है। ब्लॉगिंग से लेकर बड़े कॉर्पोरेट पोर्टल, ई-कॉमर्स साइट्स और सरकारी वेबसाइट्स तक — WordPress हर जगह मौजूद है।

    WordCamp जैसे इवेंट्स इसी ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म की ताकत और कम्युनिटी स्पिरिट को सेलिब्रेट करने के लिए आयोजित किए जाते हैं।

    👥 कौन-कौन होंगे शामिल?

    WordCamp Bhopal 2025 में हिस्सा लेने वालों में शामिल होंगे:

    • WordPress Developers
    • Web & UI/UX Designers
    • Bloggers और Content Creators
    • Digital Entrepreneurs
    • Educators और Students
    • Open-source Contributors

    यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। इस इवेंट को बुक करने के लिए यहां क्लिक करें — https://bhopal.wordcamp.org/

    🎤 टॉक्स, वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग का शानदार मौका

    इस सम्मेलन में inspiring talks, hands-on workshops और real-world case studies पेश की जाएंगी। WordPress सिक्योरिटी, परफॉर्मेंस, SEO, थीम और प्लगइन डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

    इसके अलावा, यह इवेंट नेटवर्किंग के लिहाज से भी बेहद खास है, जहां लोग इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से सीधे जुड़ सकते हैं।

    🌱 भोपाल की बढ़ती WordPress कम्युनिटी

    भोपाल की WordPress कम्युनिटी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। WordCamp Bhopal 2025 इसी बढ़ती हुई कम्युनिटी की ताकत को दिखाता है। यह इवेंट पूरी तरह inclusive और welcoming atmosphere में आयोजित किया जाएगा, जहां हर किसी को सीखने और जुड़ने का मौका मिलेगा।

    🚀 सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम को मिलेगा फायदा

    WordCamp Bhopal 2025 सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि सेंट्रल इंडिया के डिजिटल और टेक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे नए स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स और टेक टैलेंट को पहचान मिलेगी।


    ❓ FAQ Section

    Q1. WordCamp Bhopal 2025 क्या है?
    ➡️ यह एक WordPress-focused टेक कॉन्फ्रेंस है, जो भोपाल में आयोजित होगी।

    Q2. इसमें कितने लोग शामिल होंगे?
    ➡️ लगभग 400+ प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    Q3. यह इवेंट किसके लिए है?
    ➡️ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, एंटरप्रेन्योर और WordPress यूजर्स के लिए।

    Q4. WordCamp क्यों खास होता है?
    ➡️ क्योंकि यह पूरी तरह कम्युनिटी-ड्रिवन और ओपन-सोर्स स्पिरिट पर आधारित होता है।

  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड पूर्व के स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में ट्रस्टी विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए। छात्रों को चार दिनों से स्कूल की गैलरी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अभिभावक और शिक्षक नाराज़, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग।

    मुंबई: मालाड पूर्व में स्थित स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में छात्रों को बीते चार दिनों से क्लासरूम के बजाय गलियारे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल के दो ट्रस्टियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कुछ क्लासरूम को ताला लगा दिया गया, जिसके कारण सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस घटना से अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों में भारी नाराज़गी है।

    🏫 क्या है पूरा मामला?

    स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल, आप्पा पाड़ा (मालाड पूर्व) के दो ट्रस्टियों के बीच पिछले कुछ दिनों से कब्जे और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि एक ट्रस्टी ने स्कूल के कई क्लासरूम पर ताले जड़ दिए

    इसके बाद स्कूल के पास कोई विकल्प न बचने के कारण कई कक्षाओं के छात्रों को खुले गलियारे, मेन हॉल और खुले प्रांगण में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

    👨‍👩‍👧‍👦 छात्रों और अभिभावकों की परेशानी

    अभिभावक संघ का कहना है कि—

    “बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं, न कि बदइंतज़ामी झेलने के लिए। यह स्कूल है या राजनीतिक अखाड़ा?”

    छात्रों का कहना है कि गलियारे में—

    • शोर होता है
    • ठंडी हवा लगती है
    • बैठने की व्यवस्था खराब है
    • ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है

    परीक्षाओं का समय क़रीब होने के कारण यह स्थिति उनकी पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

    🧑‍🏫 शिक्षक और प्रिंसिपल ने प्रशासन को बुलाया

    शिक्षकों और स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा—

    “हमारा उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रखना है, लेकिन ट्रस्टी विवाद के चलते हालात हाथ से बाहर हो रहे हैं।”

    ⚖️ मामला अब कहाँ पर है?

    सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी विवाद की शिकायत चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में पहले से लंबित है।

    अब इस नई स्थिति को देखते हुए कमिश्नर ऑफिस को आपात बैठक बुलानी पड़ सकती है।

    🌐 सोशल मीडिया पर गरमा गया मुद्दा

    यह खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई स्थानीय लोग, पालक मंडल और राजनीतिक संगठन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए।
    लोगों का कहना है—

    “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, ट्रस्टियों का अहंकार नहीं।”


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    क्या स्कूल ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है?अभी तक किसी आधिकारिक नोटिस की जानकारी सामने नहीं आई है।
    बच्चों को गलियारे में क्यों पढ़ाया जा रहा है?ट्रस्टियों के विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए हैं।
    क्या शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की?अब तक विभाग की ओर से जांच शुरू होने की संभावना जताई गई है।
    क्या स्कूल बंद कराया जा सकता है?अगर स्थिति नहीं सुधरी तो प्रशासन अस्थायी बंदिश लगा सकता है।
  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    गोरगांव के विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षा के अंदर बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने के फैसले के बाद छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। AIMIM की मदद के बाद मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    मुंबई: गोरगांव स्थित विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षाओं के अंदर बुर्का पहनने पर नया नियम लागू होने के बाद विवाद बढ़ गया है। पहले जहां इस कॉलेज में बुर्का पहनकर कक्षाओं में प्रवेश की अनुमति थी, वहीं अब अचानक इस ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। इस निर्णय के खिलाफ कई छात्राओं ने आपत्ति जताई है और विरोध के लिए आवाज भी उठाई है।

    🔹 विरोध क्यों शुरू हुआ?

    कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब छात्राएं क्लास रुम के अंदर बुर्का नहीं पहन सकेंगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली पोशाक कॉलेज के माहौल और ड्रेस कोड के खिलाफ है। हालांकि, हिजाब और सिर पर दुपट्टा पहनने की अनुमति अब भी जारी है।

    कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज आने पर पहले बुर्का उतारना पड़ता है और क्लास खत्म होने के बाद फिर से पहनना पड़ता है। इससे वे खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

    🔹 वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ा

    स्थानीय न्यूज़ पोर्टल द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई देती है।

    कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    🔹 मामला अब पुलिस स्टेशन पहुंचा

    1 दिसंबर को AIMIM की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक:

    “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।”

    इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    🔹 सिर्फ जूनियर कॉलेज सेक्शन को नियम लागू

    ध्यान देने योग्य बात यह है कि बुर्का बैन का यह नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है, जबकि सीनियर कॉलेज की छात्राओं पर इसका कोई असर नहीं होगा।
    इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

    🔍 इस फैसले पर सामाजिक बहस

    मुंबई में सामान्य तौर पर कॉलेज ड्रेस कोड जींस, शॉर्ट्स या ट्रेंडी फैंशन तक सीमित होते हैं, लेकिन धार्मिक पहचान पर प्रतिबंध का यह मामला अब ड्रेस कोड बनाम धार्मिक स्वतंत्रता की बड़ी बहस में बदल चुका है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    1️⃣ क्या कॉलेज में पूरी तरह बुर्का पहनना बंद है?
    नहीं, कॉलेज कैंपस में आने पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध नहीं है। पाबंदी सिर्फ कक्षाओं के अंदर है।

    2️⃣ हिजाब पहनने की अनुमति है?
    हाँ, कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिजाब और साधारण हेडस्कार्फ की अनुमति दी जाएगी।

    3️⃣ क्या मामला कानूनी स्तर पर गया है?
    फिलहाल मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा है, पर कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है।

    4️⃣ क्या नियम पूरे कॉलेज में लागू है?
    नहीं, अभी नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है।

  • मालवणी में लगेगा DIGNITY JOB FAIR 2025 — युवाओं और महिलाओं के लिए नया मौका!

    मालवणी में लगेगा DIGNITY JOB FAIR 2025 — युवाओं और महिलाओं के लिए नया मौका!

    मुंबई के मलाड (वेस्ट) में 2 नवंबर 2025 को DIGNITY JOB FAIR 2025 होने जा रहा है। सादिक पठान की पहल पर आयोजित इस जॉब फेयर में युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगों को रोजगार और ट्रेनिंग के नए अवसर मिलेंगे।

    मुंबई: मलाड (वेस्ट) के मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद ग्राउंड में इस साल का सबसे बड़ा रोजगार मेला — “DIGNITY JOB FAIR 2025 – Powering Futures” — आयोजित होने जा रहा है। स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री असलम शेख के जन्मदिन के शुभ अवसर पर ये पहल सादिक पठान द्वारा की गई है, जिसका मकसद है मालवनी के स्थानीय युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगों और रोजगार के लिए परेशान लोगों को रोजगार, स्किल ट्रेनिंग और कैरियर गाइडेंस के जरिए नई दिशा देना।

    💼 कब और कहाँ होगा जॉब फेयर?

    📅 तारीख: रविवार, 2 नवंबर 2025
    📍 जगह: मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद ग्राउंड,
    स्वराज बिल्डिंग के पीछे, बस डिपो के पास,
    मालवणी गेट नं. 8, मलाड (वेस्ट), मुंबई – 400095
    🕙 समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

    🎯 जॉब फेयर में क्या-क्या मिलेगा?

    • देश की टॉप कंपनियाँ और एम्प्लॉयर्स यहां मौजूद रहेंगे
    • ट्रेनिंग पार्टनर्स और कैरियर मेंटर्स से मिलने का मौका
    • ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू और जॉब ऑफर की संभावना
    • स्किल डेवलपमेंट और पर्सनैलिटी ग्रोथ पर सेशन
    • युवाओं और महिलाओं के लिए अलग Guidance Booths

    स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री असलम शेख के जन्मदिन के शुभ अवसर पर यह जॉब फेयर खासकर मिलेनियल्स, Gen-Z, जॉबसीकर्स और वर्किंग वुमन के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है, जहां उन्हें रोजगार और आत्मविश्वास दोनों मिलेगा।

    🪪 जरूरी डाक्यूमेंट्स साथ लाना न भूलें:

    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • अपडेटेड रेज़्यूमे (Resume)

    एंट्री बिल्कुल फ्री है, और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही त्वरित ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक भी शेयर किया जा रहा है। (यहां क्लिक करें)

    🗣️ सादिक पठान बोले:

    “हम चाहते हैं कि हर युवा और हर महिला को बिना झिझक और बिना सिफारिश, इज़्जत के साथ रोजगार का अवसर मिले। Dignity Job Fair 2025 इसी सोच से शुरू किया गया है — ताकि हर टैलेंट को उसका सही प्लेटफॉर्म मिले।”

    🌠 क्यों खास है ये जॉब फेयर?

    • यह मुंबई के सबसे बड़े कम्युनिटी-ड्रिवन जॉब इवेंट्स में से एक है।
    • यहां विभिन्न सेक्टर्स — IT, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, और BPO — के जॉब्स मौजूद होंगे।
    • दिव्यांग उम्मीदवारों (PWDs) के लिए समावेशी रोजगार अवसर (Inclusive Hiring) पर खास फोकस होगा।
    • आयोजन में कैरियर काउंसलिंग ज़ोन भी होगा, जहाँ उम्मीदवार अपने स्किल्स के अनुसार जॉब प्रोफाइल चुन सकते हैं।

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. क्या एंट्री के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
    ➡️ नहीं, आप स्पॉट रजिस्ट्रेशन करके भी फेयर में शामिल हो सकते हैं।

    Q2. क्या कोई फीस देनी होगी?
    ➡️ नहीं, एंट्री पूरी तरह फ्री है।

    Q3. किन सेक्टर्स में जॉब्स मिलेंगी?
    ➡️ IT, कस्टमर सर्विस, हेल्थकेयर, एजुकेशन, BPO, रिटेल, और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई सेक्टर्स में मौके मिलेंगे।

    Q4. क्या महिलाएँ और दिव्यांग उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं?
    ➡️ बिल्कुल! यह इवेंट खासतौर पर महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों के लिए ही डिजाइन किया गया है।

  • 2028 तक 500 रुपये में एयर टैक्सी का सफर संभव

    2028 तक 500 रुपये में एयर टैक्सी का सफर संभव

    पंजाब के स्टार्टअप Nalwa Aero ने स्वदेशी eVTOL एयर टैक्सी विकसित की है। यह 2028 तक दिल्ली-एनसीआर में शुरू होने की दिशा में है, 10-12 मिनट में 3 घंटे का सफर पूरा कर सकती है।

    नई दिल्ली: एनसीआर में 2028 से एयर टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है। पंजाब के मोहाली स्थित स्टार्ट अप Nalwa Aero ने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयर टैक्सी विकसित की है और Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल (DOA) सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है। इन टैक्सियों से 3 घंटे के सफर को मात्र 10-12 मिनट में पूरा करना संभव होगा एवं शुरुआती किराया लगभग ₹500 रहने का अनुमान है।

    विकास-परिदृश्य

    Nalwa Aero के सीईओ Kuljeet Singh Sandhu के अनुसार, कोविड-19 के दौरान एक मित्र के मेडिकल इमरजेंसी के समय न एयर एम्बुलेंस थी न हेलीपैड। यही कारण बना कि उन्होंने ऐसी मशीन विकसित करने का विचार किया जो कहीं से कहीं वर्टिकल टेक-ऑफ कर सके।

    तकनीकी विशेषताएँ

    • यह टैक्सी 8 रोटर सिस्टम से लैस है, यदि दो फेल भी हों तो सुरक्षित लैंडिंग संभव है।
    • क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा है, और बैटरी मॉडल में 300 किमी या 90 मिनट की उड़ान संभव है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल मॉडल में 800 किमी तक की रेंज की योजना है।
    • रनवे की जरूरत नहीं; इमारतों की छत या छोटे वर्टिपोर्ट से टेक-ऑफ और लैंडिंग संभव होगी।

    अनुमानित सेवा एवं किराया

    Nalwa Aero ने बताया है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सेवा होगी। उदाहरण-स्वरूप, Indira Gandhi International Airport (IGI) से आनंद विहार, नोएडा, गाजियाबाद या पानीपत तक सड़क से 1-3 घंटे लगते हैं, लेकिन एयर टैक्सी द्वारा यह सफर 10-12 मिनट में पूरा हो सकता है और शुरुआती किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति होगा।

    चुनौतियाँ और आगे का रास्ता

    हालाँकि DOA मिल चुका है, लेकिन व्यावसायिक उड़ान शुरू करने के लिए प्रकार प्रमाणन (type-certification), वर्टिपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग नेटवर्क, वायु-यातायात प्रबंधन तथा परिचालन लागत जैसे कई बिंदुओं पर काम बाकि है।

    भविष्य की दिशा

    Nalwa Aero ने 2028 तक इस सेवा को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली के बाद मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों में भी इसे लागू करने की योजना है।


    FAQs

    Q1. एयर टैक्सी सेवा कब शुरू हो सकती है?
    A1. Nalwa Aero ने 2028 तक व्यावसायिक सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

    Q2. इस टैक्सी की उड़ान दूरी और गति क्या होगी?
    A2. बैटरी मॉडल में लगभग 300 किमी रेंज और 90 मिनट का उड़ान समय; क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा।

    Q3. इसमें किराया कितना रहने का अनुमान है?
    A3. शुरुआती अनुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति हो सकता है।

    Q4. यह सेवा सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में होगी या अन्य शहरों में भी?
    A4. शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च की जाएगी, बाद में मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में विस्तार की योजना है।

  • RRC NER में 1104 अप्रेंटिस की भर्ती, मौका यूपी के युवाओं के लिए

    RRC NER में 1104 अप्रेंटिस की भर्ती, मौका यूपी के युवाओं के लिए

    रेलवे भर्ती सेल (RRC) नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे, गोरखपुर ने अप्रेंटिस के 1104 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। ITI पास उम्मीदवार 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    उत्तर प्रदेश: रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है! नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (NER), गोरखपुर ने Act Apprentice भर्ती 2025 के लिए आवेदन मंगाए हैं। इस भर्ती में कुल 1104 पद हैं और आवेदन 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन लिए जाएंगे। अगर आपने ITI किया है और रेलवे में ट्रेनिंग लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो ये आपके लिए बढ़िया मौका है।

    🚉 RRC NER Apprentice Recruitment 2025: ज़रूरी जानकारी

    रेलवे भर्ती सेल (RRC) नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की यह भर्ती अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत की जा रही है।
    इस प्रोग्राम में कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वो रेलवे या दूसरे टेक्निकल सेक्टर्स में काम के लिए तैयार हो सकें।

    📍 पोस्ट का नाम: Act Apprentice
    📊 कुल पद: 1104
    💰 स्टाइपेंड: सरकारी अप्रेंटिस नियमों के अनुसार
    📍 लोकेशन: उत्तर प्रदेश – गोरखपुर, इज़्ज़तनगर, लखनऊ, गोंडा और वाराणसी
    📅 आवेदन शुरू: 16 अक्टूबर 2025
    📅 लास्ट डेट: 15 नवंबर 2025

    🧾 RRC NER Apprentice Vacancy 2025: कितने पद कहाँ

    यूनिट / वर्कशॉपपदों की संख्या
    मेकैनिकल वर्कशॉप, गोरखपुर390
    सिग्नल वर्कशॉप, गोरखपुर कैंट63
    ब्रिज वर्कशॉप, गोरखपुर कैंट35
    मेकैनिकल वर्कशॉप, इज़्ज़तनगर142
    डीज़ल शेड, इज़्ज़तनगर60
    कैरिज एंड वैगन, इज़्ज़तनगर64
    कैरिज एंड वैगन, लखनऊ जंक्शन149
    डीज़ल शेड, गोंडा88
    कैरिज एंड वैगन, वाराणसी73
    TRD, वाराणसी40
    कुल1104

    🎓 योग्यता और उम्र सीमा (Eligibility Criteria)

    शैक्षणिक योग्यता:

    • कैंडिडेट ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास (कम से कम 50% मार्क्स) किया हो।
    • संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है।

    उम्र सीमा (Age Limit):

    • न्यूनतम उम्र: 15 साल
    • अधिकतम उम्र: 24 साल (16 अक्टूबर 2025 तक)

    आरक्षण के अनुसार छूट:

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC: 3 साल
    • दिव्यांग (PwBD): 10 साल

    💸 सैलरी नहीं, मिलेगा ट्रेनिंग स्टाइपेंड

    ये भर्ती ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत है, इसलिए सैलरी नहीं बल्कि स्टाइपेंड दिया जाएगा।
    स्टाइपेंड की राशि सरकारी अप्रेंटिसशिप नियमों के हिसाब से तय की जाएगी।
    ये ट्रेनिंग आपके करियर के लिए बड़ी स्किल डेवलपमेंट ऑपर्च्युनिटी है — बाद में रेलवे की दूसरी भर्तियों (जैसे Group D) में फायदा भी मिल सकता है।

    🧾 सेलेक्शन प्रोसेस: बिना एग्ज़ाम, सिर्फ मेरिट से भर्ती

    • इसमें कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।
    • सेलेक्शन 10वीं और ITI के मार्क्स के औसत प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।
    • मेरिट लिस्ट के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन गोरखपुर में होगा।

    जरूरी डॉक्यूमेंट्स:
    10वीं की मार्कशीट, ITI सर्टिफिकेट, फोटो, सिग्नेचर, कास्ट सर्टिफिकेट (अगर लागू हो), डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट आदि।

    🖥️ आवेदन कैसे करें (Apply Online Guide)

    1. RRC NER की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
    2. “Act Apprentice Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें।
    4. “Apply Online” पर क्लिक करें और अपनी बेसिक डिटेल भरें।
    5. लॉगिन करें और बाकी डिटेल्स, एजुकेशन वगैरह भरें।
    6. फोटो व सिग्नेचर अपलोड करें।
    7. फीस भरें (अगर लागू हो)।
    8. सबमिट करने से पहले फॉर्म चेक करें।
    9. सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट निकाल लें।

    📅 जरूरी डेट्स

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू16 अक्टूबर 2025
    आखिरी तारीख15 नवंबर 2025
    डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशनजल्द घोषित होगी

    💳 आवेदन फीस

    कैटेगरीफीस
    General / OBC₹100
    SC / ST / PwBD / महिला उम्मीदवारकोई फीस नहीं

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. RRC NER अप्रेंटिस 2025 में कितने पद हैं?
    👉 कुल 1104 पदों पर भर्ती निकली है।

    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    Q3. क्या इसमें कोई परीक्षा होगी?
    👉 नहीं, सेलेक्शन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा।

    Q4. कौन आवेदन कर सकता है?
    👉 जिसने 10वीं और ITI पास किया हो और उम्र 15 से 24 साल के बीच हो।

    Q5. ट्रेनिंग कहाँ होगी?
    👉 गोरखपुर, इज़्ज़तनगर, लखनऊ, गोंडा और वाराणसी में विभिन्न वर्कशॉप्स में।

  • इंडियन आर्मी 55th TES जुलाई 2026 भर्ती: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, ₹56,100 तक सैलरी – ऐसे करें आवेदन

    इंडियन आर्मी 55th TES जुलाई 2026 भर्ती: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, ₹56,100 तक सैलरी – ऐसे करें आवेदन

    इंडियन आर्मी ने 55वीं टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। 12वीं (PCM) पास युवा इस भर्ती के तहत ऑफिसर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। सैलरी ₹56,100 से शुरू, कोई फीस नहीं, और ट्रेनिंग के साथ इंजीनियरिंग डिग्री भी मिलेगी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: भारतीय सेना ने देशभर के युवा, अविवाहित और टेक्नोलॉजी के प्रति उत्साही उम्मीदवारों के लिए 55वीं टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES – 55) का नोटिफिकेशन जारी किया है।
    अगर आपने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) विषयों के साथ 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और JEE (Mains) 2025 दिया है, तो ये भर्ती आपके लिए है।

    आवेदन की तारीखें:

    • आवेदन शुरू: 14 अक्टूबर 2025
    • अंतिम तिथि: 13 नवंबर 2025

    📋 भर्ती का पूरा विवरण

    भर्ती का नाम: 10+2 Technical Entry Scheme (TES-55)
    कुल पद: 90
    पोस्ट: ऑफिसर ट्रेनिंग कैडेट
    स्थान: पूरे भारत में
    सैलरी/स्टाइपेंड: ₹56,100/- प्रतिमाह से शुरुआत

    🎓 पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

    शैक्षणिक योग्यता:

    • उम्मीदवार ने 10+2 परीक्षा PCM विषयों के साथ कम से कम 60% अंकों के साथ पास की हो।
    • उम्मीदवार ने JEE (Main) 2025 में भाग लिया हो।

    आयु सीमा:

    • उम्मीदवार की आयु 1 जुलाई 2026 तक 16.5 से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
    • जन्म तिथि: 2 जनवरी 2007 से 1 जनवरी 2010 (दोनों दिन सहित)।

    💪 मेडिकल और फिजिकल स्टैंडर्ड

    सभी उम्मीदवारों को भारतीय सेना के मेडिकल और फिजिकल फिटनेस स्टैंडर्ड्स को पूरा करना अनिवार्य है।
    इसमें लंबाई, वजन, दृष्टि परीक्षण, और सामान्य स्वास्थ्य जांच शामिल होती है।
    विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मेडिकल गाइडलाइंस देख सकते हैं।

    💰 सैलरी और भत्ते – सम्मान के साथ शानदार कमाई

    TES के अंतर्गत चयनित कैडेट्स को ट्रेनिंग के दौरान ₹56,100/- प्रति माह का स्टाइपेंड मिलेगा।
    कमिशनिंग के बाद उम्मीदवार को लेवल 10 पे-स्केल (₹56,100 – ₹1,77,500) में पदोन्नति मिलेगी।

    अन्य भत्ते:

    • महंगाई भत्ता (DA)
    • यूनिफॉर्म व किट मेंटेनेंस भत्ता
    • रेंट व हार्डशिप अलाउंस (पोस्टींग लोकेशन के आधार पर)
    • मेडिकल और ट्रैवल भत्ते

    नए कमीशंड लेफ्टिनेंट की CTC लगभग ₹17–18 लाख सालाना होती है।

    🧭 चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    भारतीय सेना TES भर्ती के लिए तीन चरणों की प्रक्रिया अपनाती है:

    स्टेज 1: आवेदन की शॉर्टलिस्टिंग

    उम्मीदवारों को JEE Mains Common Rank List (CRL) के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

    स्टेज 2: SSB इंटरव्यू (5 दिन)

    चयनित उम्मीदवारों को प्रयागराज, भोपाल, बेंगलुरु या जालंधर के किसी एक चयन केंद्र पर SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

    • पहला चरण: Officer Intelligence Rating (OIR) टेस्ट और Picture Perception & Discussion (PPDT)
    • दूसरा चरण: साइकोलॉजिकल टेस्ट, GTO टास्क, और पर्सनल इंटरव्यू

    स्टेज 3: मेडिकल टेस्ट

    SSB में सफल उम्मीदवारों की मेडिकल जांच सेना अस्पताल में की जाएगी।

    🧾 आवेदन प्रक्रिया – Step-by-Step गाइड

    1. भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – joinindianarmy.nic.in
    2. Online Application” टैब पर क्लिक करें।
    3. रजिस्ट्रेशन करें और अपनी जानकारी भरें।
    4. 10वीं, 12वीं मार्कशीट और JEE (Main) 2025 स्कोर अपलोड करें।
    5. सबमिट करने से पहले सभी जानकारी जांचें।
    6. फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें।

    👉 इस भर्ती के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

    📅 महत्वपूर्ण तिथियां

    इवेंटतिथि
    आवेदन शुरू14 अक्टूबर 2025
    आवेदन समाप्त13 नवंबर 2025
    SSB इंटरव्यू (अनुमानित)फरवरी/मार्च 2026

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1: क्या TES 55 भर्ती के लिए फीस देनी होगी?
    नहीं, इस भर्ती के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

    Q2: क्या लड़कियां इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं?
    नहीं, TES योजना केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों के लिए है।

    Q3: क्या JEE (Mains) देना जरूरी है?
    हां, TES-55 के लिए JEE (Main) 2025 में भाग लेना अनिवार्य है।

    Q4: चयन प्रक्रिया कितनी लंबी होती है?
    पूरा चयन (शॉर्टलिस्टिंग, SSB और मेडिकल) आमतौर पर 3-4 महीने का समय लेता है।

    Q5: ट्रेनिंग कहाँ होती है?
    सफल उम्मीदवारों को Indian Military Academy (IMA), देहरादून में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • ‘रैंचो इज बैक!’: मुंबई के राम मंदिर स्टेशन पर युवक ने महिला की कराई डिलीवरी, डॉक्टर ने वीडियो कॉल पर दिए निर्देश

    ‘रैंचो इज बैक!’: मुंबई के राम मंदिर स्टेशन पर युवक ने महिला की कराई डिलीवरी, डॉक्टर ने वीडियो कॉल पर दिए निर्देश

    मुंबई के राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो ट्रेन रोकी गई। उस वक्त मौके पर मौजूद युवक विकास बेन्द्रे ने डॉक्टर के वीडियो कॉल गाइडेंस में महिला की सफल डिलीवरी कराई। दोनों मां-बच्चा सुरक्षित अस्पताल पहुंचाए गए। सोशल मीडिया पर लोग इस ‘रियल हीरो’ को सलाम कर रहे हैं।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक हैरान कर देने वाली खबर है। यहां मुंबई लोकल ट्रेन नेटवर्क में रोज़ लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन शुक्रवार रात का एक दृश्य सभी के दिलों को छू गया। गोरेगांव और मालाड़ रेल्वे स्टेशन के बीच राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा हुई और स्थिति बिगड़ने लगी। ट्रेन रोक दी गई और तभी सामने आए विकास बेन्द्रे — जिन्होंने बिना किसी मेडिकल ट्रेनिंग के डॉक्टर की मदद से महिला की डिलीवरी कराई।

    📱 डॉक्टर ने वीडियो कॉल पर दिए निर्देश

    मौके पर मेडिकल मदद न मिल पाने पर विकास ने तुरंत वीडियो कॉल के जरिए एक महिला डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने स्टेप बाय स्टेप निर्देश दिए — और विकास ने साहस दिखाते हुए उसी के अनुसार कार्य किया। करीब 15 मिनट की इस प्रक्रिया में महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

    आसपास मौजूद यात्रियों ने विकास की हिम्मत और शांत स्वभाव की सराहना की। “मैं बहुत डर गया था, लेकिन वीडियो कॉल पर डॉक्टर ने जो कहा, मैंने वैसा ही किया,” विकास ने बाद में बताया।

    🚑 मां और बच्चा दोनों सुरक्षित अस्पताल पहुंचे

    डिलीवरी के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने मिलकर महिला और नवजात को पास के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं। महिला के परिवार ने विकास का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि “अगर वह न होता तो न जाने क्या होता।”

    💬 सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा – ‘रियल लाइफ रैंचो!’

    जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों ने विकास को ‘रियल हीरो’ और ‘रियल लाइफ रैंचो’ कहना शुरू कर दिया।
    लोगों ने लिखा —

    “यह इंसान मुंबई की असली स्पिरिट दिखाता है।”
    “आज भी इंसानियत ज़िंदा है।”

    🌟 मानवता का उदाहरण बना विकास बेन्द्रे

    मुंबई की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के बीच विकास ने जिस तरह एक अनजान महिला की जान बचाई, वह मानवता की मिसाल बन गया है। रेलवे प्रशासन ने भी उसके इस साहसिक कदम की सराहना करते हुए सम्मानित करने की बात कही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह घटना मुंबई के राम मंदिर रेलवे स्टेशन की है।

    Q2. महिला की डिलीवरी किसने कराई?
    विकास बेन्द्रे नामक व्यक्ति ने डॉक्टर की वीडियो कॉल मदद से महिला की डिलीवरी कराई।

    Q3. क्या मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं?
    हाँ, दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और दोनों स्वस्थ हैं।

    Q4. लोगों की प्रतिक्रिया क्या रही?
    सोशल मीडिया पर विकास को “रियल लाइफ रैंचो” और “मुंबई का हीरो” कहा जा रहा है।

    Q5. क्या प्रशासन ने कोई कदम उठाया है?
    रेलवे प्रशासन ने विकास के साहसिक कार्य की सराहना करते हुए उसे सम्मानित करने की बात कही है।