Category: Private Jobs

  • Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    Shocking: बिना ड्यूटी के 12 सालों तक लेता रहा पुलिस विभाग से वेतन

    भोपाल के एक पुलिस कांस्टेबल ने न तो कभी विभागीय अनिवार्य प्रशिक्षण ली और ना कभी ड्यूटी ज्वाईन किया, फिर भी पुलिसकर्मी को 12 साल में 35 लाख रुपये का वेतन मिला। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    मध्यप्रदेश: भोपाल से एक विचित्र और चौकादेने वाली घटना प्रकाश में आ रही है। यहां एक पुलिस कांस्टेबल ने 2011-2012 में भर्ती होने के बाद न तो ड्यूटी पर रिपोर्ट किया और न ही अनिवार्य प्रशिक्षण लिया, जबकि उसने 12 सालों में लगभग 35 लाख रुपये का वेतन प्राप्त किया। ड्यूटी से अपनी पूरी अनुपस्थिति के दौरान, अभिषेक ने न तो विभाग को इसकी सूचना दी और न ही कभी छुट्टी के लिए आवेदन किया, फिर भी वह 12 साल तक मासिक वेतन पाने में कामयाब रहा। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था

    मध्य मध्य प्रदेश के विदिशा ज़िले के मूल निवासी, अभिषेक 2011-12 में राज्य पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती होने वालों में से एक था। वह अपने बैच के अन्य कांस्टेबलों की तुलना में काफ़ी देर से भोपाल ज़िला लाइन्स में उपस्थित हुआ था। पुलिस बल में भर्ती होने के बाद, उसे सागर ज़िले के पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था।

    प्रशिक्षण के बजाय घर चला गया

    लेकिन, प्रशिक्षण के लिए जाने के बजाय अभिषेक पड़ोस के अपने विदिशा जिले में अपने घर चला गया और 12 सालों तक न तो प्रशिक्षण लिया और न ही ड्यूटी पर आया। इसी बीच ड्यूटी से गैर हाजिरी की पूरी अवधि के दौरान उसने न तो विभाग को इसकी जानकारी दी और न ही कभी छुट्टी के लिए आवेदन किया, फिर भी वह 12 सालों तक मासिक वेतन पाने में कामयाब रहा। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    कैसे खेल रचाये?

    अभिषेक ने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए स्पीड पोस्ट के जरिए अपनी सर्विस फाइल भोपाल भेज दिया था। हैरानी की बात यह है कि भोपाल में संबंधित विभाग ने बिना किसी सत्यापन के उसकी सर्विस फाइल स्वीकार कर ली, जिसके परिणामस्वरूप अभिषेक को अगले 12 सालों तक 35 लाख रुपए वेतन के रूप में मिलते रहे। चौंकाने वाली यह अनियमितता 2023 में तब सामने आई, जब 2011-12 बैच के कांस्टेबलों के 10 वर्षीय समयमान वेतन ग्रेड के लिए अनिवार्य प्रक्रिया के तहत सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही थी। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

    पैसे लौटाने का किया वादा

    मामले की जांच कर रही एसीपी-भोपाल अंकिता खाटेरकर ने कहा, “सेवा रिकॉर्ड की जांच में कोई पुरस्कार, कोई दंड और कोई ड्यूटी रिकॉर्ड नहीं मिला, जो कि अजीब था। उसे (अभिषेक को) विभाग की स्थापना शाखा ने बुलाया था, जिसके बाद वह आखिरकार पेश हुआ, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसने एक दिन भी पुलिस की सेवा नहीं की है।” पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि उन्होंने विभाग को एक लाख रुपए लौटा दिए हैं और वादा किया है कि 12 साल में मिलने वाला वेतन के पैसे किश्तों में लौटा देंगे। विभागीय जांच चल रही है। Shocking: He kept taking salary from police department for 12 years without doing any duty

  • बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

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    • वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
    • गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
    • नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
    • मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
    • झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
    • सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
    जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।

    कौन है संजय झा?

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    मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।

    सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति

    नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।

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    संविधान की मर्यादा ही नही

    जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।

  • Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 59 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के और भी कई अपराधिक मामले दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    मुंबई: पुलिस भर्ती 2021 में नौकरी दिलाने के बहाने 59 वर्षीय मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 6 लाख 99 हजार 500 रुपये ऐठ लिए। जबकि सारा लेनदेन महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) में कार्यरत 34 वर्षीय फरियादी वैभव रोहिदास ने बैंक खाते के जरिए किया था। वाद विवाद के बाद आरोपी ने फरियादी को बैंक का चेक देकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बाद में चेक भी बाउंस हो गया। आखिरकार फरियादी ने इसकी शिकायत बोरीवली पुलिस से कर दी। जिसमें फरियादी ने बताया, कि आरोपी रामसिंग बाळा डोलगे और हसमुख विनोदभाई वाघेला इन दोनों ने मिलकर पुलिस भर्ती 2021 के माध्यम से नौकरी दिलाने के बहाने पैसों की ठगी की। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

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    बोरीवली पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    उच्च अधिकारियों का मिला था निर्देश

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने बताया, कि फरियादी वैभव रोहिदास तरे महाराष्ट्र सुरक्षा बल में कार्यरत है। जो पालघर जिला, सफाळे तालुका के उबंरपाडे का मुल निवासी हैं। पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच कर गुनाह दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश दिये गये थे। उसी आधार पर 20/09/2024 को बोरीवली पुलिस थाने में गु.र.क्र 707/2024 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के साथ ही साथ डिजिटल लेनदेन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (ड) के तहत मामला दर्ज किया गया था। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    जांच मे नही मिला सहयोग

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि तत्पश्चात जांच में सहयोग के लिए आरोपी को नोटिस दिया गया था। लेकिन आरोपी ने कभी भी जांच मे सहयोग नही किया और ना ही पुलिस थाने में हाजिर हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में सहयोग नही करने के कारण बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त के समक्ष अर्जी की। जिसके बाद उन्हें ऑर्डर मिल गए। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    गुनाह कबूल कर लिया

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ऑर्डर मिलते ही 12 जुन 2025 को दादर स्थित आरोपी की जांच के लिए एक टीम को भेजा गया। पुलिस ने बताया कि 59 वर्षीय आरोपी रामसिंग बेळा डोलगे, रुम नं 08, बी डी डी चाल के 10/ए का रहने वाला है। जो पुलिस मैदान के पास नायगांव, दादर पुर्व में स्थित है। वहां से जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने अपना गुनाह कबूल किया। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    आरोपी के खिलाफ और भी मामले हैं दर्ज

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के बेटे पंकज डोलगे को फोन कर इसकी जानकारी दी गई और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से 16 जून तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश मिले हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ 2016 में मिरारोड पुलिस थाने, 2022 में बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने और 2017 में जोगेश्वरी पूर्व के मेघवाडी पुलिस थाने अंतर्गत इसी तरह के धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

  • बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    शुक्रवार को बच्चू कडू के आमरण अनशन आंदोलन से जुड़ा एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी लिया, जिससे पूरे महाराष्ट्र में हडकंप मच गया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

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    पार्टी कार्यकर्ता की अस्पताल में खींची गई तस्वीर

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक एवं विधायक बच्चू कडू पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। विधायक बच्चू कडू ने किसानों, दिव्यांगों, विधवाओं और समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए 8 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। लेकिन अबतक सरकार की चुप्पी आंदोलन को खतरनाक मोड़ पर ले आई है। शुक्रवार को अमरावती के आंदोलन स्थल पर एक वरिष्ठ युवा कार्यकर्ता ने कथित तौर पर ज़हर पी कर अपनी जान देने की कोशिश की। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता

    शुक्रवार को आंदोलन से जुड़े एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है। 35 वर्षीय अजय भागवतराव चौधरी प्रहार जनशक्ति पार्टी के वरूड तालुका प्रमुख हैं। शुक्रवार को उन्होंने आंदोलन की अनदेखी से नाराज होकर ज़हर का सेवन कर लिया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने इसे महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम बताया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    बच्चू कडू ने इलाज कराने से किया इंकार

    शुक्रवार को आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और बच्चू कडू की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह उन्हें उल्टियां हुईं, कमजोरी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए इलाज और सलाईन लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय से अन्न न लेने के कारण किडनी और अन्य अंगों पर असर पड़ रहा है। बच्चू कडू ने साफ कर दिया, कि “जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती, तब तक मैं न दवा लूंगा, न इलाज करूंगा।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    बच्चू कडू की मुख्य मांगे

    • किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी
    • दिव्यांग और विधवा महिलाओं को ₹6,000 मासिक सहायता
    • भूमिहीन, मजदूर और वृद्ध नागरिकों को सरकारी मानधन
    • कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी
    • दूध उत्पादकों को स्थायी दरें
    • बेरोज़गार युवाओं को विशेष आर्थिक योजनाएं
    • वंचित वर्गों के लिए छात्रवृत्ति, बीमा और आवास योजनाएं

    मिल रहा है भारी समर्थन

    इस आंदोलन को राज्यभर से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और सांसद महादेव जानकर ने बच्चू कडू के आंदोलन को समर्थन दिया है। राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है, कि अगर सरकार ने 14 जून तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यव्यापी चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    सरकारी बैठकें तो हुईं, लेकिन परिणाम शून्य

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्री पंकजा मुंडे, भरत गोगावले और जयकुमार गोरे ने आंदोलनकारियों से ऑनलाइन बैठक की, लेकिन किसी ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। आंदोलनस्थल पर स्वास्थ्य जांच की टीम तैनात है, लेकिन बच्चू कडू ने किसी भी तरह के उपचार से साफ इनकार कर दिया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    सरकार के लिए चेतावनी

    बच्चू कडू की यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज बन चुकी है। जब एक कार्यकर्ता ज़हर पीता है और नेता अन्न से हाथ खींच लेता है तो यह सरकार के लिए चेतावनी है, कि “अब ‘मौन’ नहीं, उत्तरदायित्व की घड़ी है।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

  • Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे गैर कानूनी करार दिया है। जबकि स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकारी ई-सेवा केंद्रों में विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के लिए सौ रुपए और पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर मांगने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, जबकि स्टाम्प पेपर की मांग को रद्द कर दिया गया है तो अनावश्यक लोगों से अधिकारी स्टाम्प पेपर कैसे मांग सकते हैं? Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    गैरकानूनी है स्टाम्प पेपर की मांग

    उन्होंने स्टाम्प पेपर की मांग करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसको गैर कानूनी करार दिया है। बावनकुले ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों को माफ नहीं किया जाएगा। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं

    बावनकुले ने कहा कि दो महीने पहले ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, पक्षकारों और किसानों को जाति पड़ताल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नॉन क्रिमी लेयर सर्टिफिकेट, राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र के लिए स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। इससे सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र और न्यायालय में शपथपत्र जमा करने के लिए स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट क्या है?

    नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और छात्रवृत्तियों में आरक्षण के लाभ लेने में मदद करता है। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रमाणित करता है कि वे ‘क्रीमी लेयर’ (जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं) में नहीं आते हैं, बल्कि वे ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ से संबंधित हैं। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    किसे मिला फायदा?

    बावनकुले ने कहा, केवल कागज पर स्वयं-प्रमाणित शपथपत्र जमा करना होता है। उन्होंने कहा, कि स्टाम्प पेपर जमा नहीं करने के फैसले का आर्थिक रूप से कमजोर तबके के नागरिकों को फायदा हो रहा है। लेकिन कई जगहों पर नागरिकों से स्टाम्प पेपर मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए अधिकारियों को स्टाम्प पेपर मांगना बंद कर देना चाहिए। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

  • IT Commissioner निकला छठी पास, 40 लोगों की लूट, 2 करोड़ का चूना

    IT Commissioner निकला छठी पास, 40 लोगों की लूट, 2 करोड़ का चूना

    मुंबई में आयकर विभाग का कमिश्नर बनकर 40 से अधिक लोगों को धोखा देने वाले छठी पास बदमाश को क्राईम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सीबीआई में नौकरी दिलाने के बहाने 40 लोगों को 2 करोड़ रुपये चूना लगाने वाले बदमाश के पास से पुलिस ने फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई
    – महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के पास से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छठी क्लास पास बदमाश ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताया और 40 लोगों को चूना लगा दिया। आरोपी ने इन चालीस लोगों से करीब 2 करोड़ रुपये ठगे हैं। शातिर बदमाश को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से आयकर विभाग की 28 फर्जी ID कार्ड बरामद की है। वहीं, पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र, लेटर हेड और अन्य डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    दरअसल, मुंबई से सटे नालासोपारा क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 ने एक फर्जी आयकर अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया, कि आरोपी आयकर विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 से ज्यादा बेरोजगार लोगों से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसा ठग चुका है। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    सिर्फ छठी क्लास पढ़ा है आरोपी

    क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने इस फर्जी अधिकारी को नवी मुंबई के तलोजा इलाके से पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी का नाम रिंकू जीतू शर्मा बताया जा रहा है, जिसकी उम्र 33 साल है। वह पेशे से ड्राइविंग का काम करते हैं और केवल छठी क्लास पास है। इसके बावजूद, बेरोजगारों से वादा करता था कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में उच्च पदों पर नौकरी दिलाएगा। इसी वादे का झांसा देकर लोगों से मुंह मांगी कीमत मांग लेता था। ऐसा करते हुए उसने कई बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा लिया और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी दिया। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    IT डिपार्टमेंट और CBI की फर्जी आईडी बरामद

    क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर 7 जनवरी को नवी मुंबई के तलोजा फेज-2 से उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 28 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। इनमें आयकर विभाग के सहायक आयुक्त, गृह विभाग के सहायक आयुक्त और सीबीआई विभाग के पुलिस आयुक्त जैसे पदों के फर्जी आईडी कार्ड शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इसके अलावा, उसके पास से फर्जी स्टांप, नियुक्ति पत्र, और लेटर हेड सहित अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    कब हुआ ठगी का खुलासा ?

    12 दिसंबर 2024 को पेल्हार पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने आयकर कमिश्नर होने का नाटक करते हुए शिकायतकर्ता की बेटी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने 15 लाख रुपये ऐंठने के बाद फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दिए। जब बेटी की नौकरी नहीं लगी, तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को आज यानी बुधवार, 8 जनवरी, वसई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (IT Commissioner turned out to be sixth pass, looted 40 people, stole money worth Rs 2 crore)

  • फिल्म फेस्टिवल, वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वालों को मिलेगा सम्मान

    फिल्म फेस्टिवल, वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वालों को मिलेगा सम्मान

    Short Film Festival: वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वाले प्रतिभागियों को इनाम जीतने का सुनहरा मौका दिया जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाले इस कॉम्पिटिशन में 5 से 15 मिनट की शॉर्ट फिल्म बनाकर 15 फरवरी तक भेजने को कहा गया है। अलग-अलग विषयों पर वीडियो कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स के लिए यह एक बेहतरीन मौका है….. (short film festival, video and short film makers will get honour)

    Short Film Festival: वीडियो और शॉर्ट फिल्म बनाने वाले क्रिएटर्स को इनाम जीतने का सुनहरा मौका दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल से संबंधित जिलों में रह रहे युवा जो शॉर्ट फिल्म के जानकार और विभिन्न प्रकार का वीडियो कंटेंट बनाते हैं ऐसे सभी युवाओं के लिए ‘मेरठ चलचित्र सोसायटी’ और तिलक पत्रकारिता जनसंचार स्कूल ‘चौधरी विश्वविद्यालय’ की ओर से लघु फिल्म फेस्टिवल प्रतियोगिता (Short film Festival Competition) का आयोजित किया गया है। इसकी जानकारी तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के डायरेक्टर प्रो प्रशांत कुमार ने दी। (short film festival, video and short film makers will get honour)

    युवाओं की क्रियेटिविटी बढ़ावा

    प्रोफेसर प्रशांत कुमार ने कहा कि जिस तरीके से नोएडा में फिल्म सिटी को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है ऐसे में आने वाले दौर में फिल्मी क्षेत्र में करियर बनाने की सोच रहे युवाओं के लिए काफी अच्छा अवसर हो सकता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए युवाओं को प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के लिए पांचवीं बार फिल्म फेस्टिवल का आयोजन मेरठ में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार थोड़ा सा बदलाव किया गया है। एक दिन की जगह दो दिनों तक फिल्म फेस्टिवल आयोजित होगा। ऐसे में युवा 15 फरवरी तक अपनी फिल्म भेज सकते हैं। (short film festival, video and short film makers will get honour)

    इनामी राशि क्या है?

    प्रोफेसर प्रशांत कुमार के अनुसार इस फिल्म महोत्सव में आने वाली फिल्मों को दो श्रेणियां में रखा गया है। प्रथम श्रेणी 5 मिनट तक की तथा दूसरी श्रेणी 5 से 15 मिनट तक की रहेगी। 5 से 15 मिनट तक वाली फिल्मों में प्रथम स्थान प्राप्तकर्ता को सम्मानित करने के साथ-साथ 21,000 रुपए और द्वितीय स्थान पाने वाले को 11,000 रुपए दिए जाएंगे। 5 मिनट तक की श्रेणी की फिल्मों में प्रथम स्थान पाने वाले को 11,000 रुपए, द्वितीय स्थान वाले को 5,100 रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही दोनों श्रेणियों की फिल्मों में तीन-तीन कोम्प्लिमेंट्री पुरस्कार भी दिए जाएंगे। (short film festival, video and short film makers will get honour)

    इन विषयों पर बना सकते हैं फिल्म

    बताते चलें की इस फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न सामाजिक विषयों को शामिल किया गया है। जिसमें धर्म और आध्यात्मिक, भारतीय जीवन का मूल्य, भारतीय परिवार व्यवस्था, भारत के महापुरुष, ऐतिहासिक स्थल, नागरिक कर्तव्य, लोकल फॉर वोकल सहित विभिन्न विषय शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए क्रिएटर्स विश्वविद्यालय स्थित पत्रकारिता विभाग में संपर्क कर सकते हैं। (short film festival, video and short film makers will get honour)

  • UP Police Exam City Slip: डाउनलोड करें, ये रहा uppbpb.gov.in सीधा लिंक

    UP Police Exam City Slip: डाउनलोड करें, ये रहा uppbpb.gov.in सीधा लिंक

    UP Police Exam City: यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड आज यूपी पुलिस कांस्टेबल एग्जाम सिटी स्लिप 2024 uppbpb.gov.in पर जारी कर दिया गया है। परीक्षा 23 से 31 अगस्त तक होगी। एग्जाम सिटी के जरिए देख सकते हैं कि उनकी परीक्षा किस शहर में है? जिसके बाद वह अपनी आगे की तैयारी कर सकते हैं।

    UP Police Constable Exam 2024: उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए आज एग्जाम सिटी स्लिप जारी कर दी गई है। इसमें जो अभ्यर्थी परीक्षा देने जा रहे हैं, वो ऑनलाइन यह चेक कर सकेंगे कि उनकी परीक्षा किस शहर में होगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) 16 अगस्त को अपनी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर UP Constable Exam city Slip जारी कर दिया है। जिसे अभ्यर्थी Indian fasttrack news Channel की खबर में दिए लिंक के डायरेक्ट डाउनलोड कर सकते हैं।

    Download UP Police Exam City Slip 2024

    UP पुलिस कांस्टेबल एग्जाम सिटी 2024 की डिटेल्स उम्मीदवार इस लिंक की मदद से सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। UP Police Constable Re Exam 2024 City Slip Download Link। यह लिंक 16 अगस्त 2024, शाम 5 बजे से एक्टिव हो चुका है। इसके साथ ही अभ्यर्थी ऑनलाइन अपने एग्जाम सिटी की जानकारी देख सकते हैं। लिंक के अलावा अभ्यर्थी नीचे बताए आसान से स्टेप्स की मदद से भी एग्जाम सिटी स्लिप डाउनलोड कर सकते हैं।

    • सबसे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एंव प्रोन्नति बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
    • अब अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें।
    • इसके बाद आपको स्क्रीन पर एग्जाम सिटी डिटेल्स दिखेगी।
    • जिसे आप डाउनलोड कर सकते हैं।

    यूपी पुलिस परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों को अपने साथ UP पुलिस एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी, एक फोटो आईडी (जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड), पासपोर्ट साइज के दो नवीनतम फोटो और एक काला या नीला बॉल पॉइंट पेन लाना होगा। इसके अलावा किसी तरह के उपकरण ले जाने पर पूरी तरह की पांबदी होगी।

    UP Police Constable Admit Card 2024: कब आएंगे ?

    बता दें कि UP पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो चरणों में होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। वहीं परीक्षा से तीन दिन पहले UP पुलिस एग्जाम के एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। यानी 20-21 अगस्त तक अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। इस बार नकल और पेपर लीक को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए हैं। यह भर्ती परीक्षा UP पुलिस कांस्टेबल बल में 60,244 पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।
    गौरतलब है कि फरवरी 2024 में हुई UP पुलिस कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई थी। जिसमें लगभग 48 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। बाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया था कि परीक्षा छह महीने के भीतर पुनर्निर्धारित की जाएगी। पुन: परीक्षा अब 23 अगस्त से 31 अगस्त तक आयोजित की जानी है।

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