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  • Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc चुनाव की संभावना

    इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc बजट पर काबू

    बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    खर्च पर ध्यान देना जरूरी

    लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।

    दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।

    BMC का कमिटेड फंड

    बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।

    BMC के खजाने पर बोझ

    ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।

    राजस्व वृद्धि हासिल करना और सोच-समझकर ख़र्च करना।

    बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC ने की सरकार से गुजारिश

    निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    अधिनियम में संशोधन पर विचार

    BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का प्लान

    BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC की सेवाएं

    BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस्‌ और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का Water Sistema

    BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    आश्चर्यजनक

    आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निष्कर्ष

    कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

  • युगांडा के एक नागरिक ने निगला 8 करोड़ रूपये का कोकीन, मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

    युगांडा के एक नागरिक ने निगला 8 करोड़ रूपये का कोकीन, मुंबई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

    युगांडा के एक यात्री को मुंबई एयरपोर्ट पर 785 ग्राम कोकीन के साथ अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है। यात्री ने ड्रग्स (Drugs) की तस्करी करने के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की कोकीन की गोलियां निगल लिया था। (Ugandan national swallowed cocaine worth Rs 8 crore, arrested at Mumbai airport)

    मुंबई- युगांडा के एक यात्री से 785 ग्राम कोरकीन जब्त की गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा  (Mumbai International Airport) पर सीमा शुल्क विभाग (DRI) ने उसे पकड़ा था। जब्त कोकीन की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है। (Ugandan national swallowed cocaine worth Rs 8 crore, arrested at Mumbai airport)

    अधिकारियों ने बताया कि यात्री ने तस्करी के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया टैबलेट निगल लिया था। सीमा शुल्क विभाग के अफसरों ने नौ अप्रैल को संदेह के आधार पर उसे मुंबई एयरपोर्ट पर रोका। पूछताछ के दौरान वह बेचैन दिखा। बाद में उसने स्वीकार किया कि वह कोकीन की तस्करी करने के लिए दि गई बड़ी संख्या में गोलियां निगल ली है। मेडिकल जांच में उसके पेट में संदिश्थ पदार्थ की पुष्टि कोकीन के रूप में हुई। रविवार को उसके पेट से 785 ग्राम नशीला पदार्थ निकाला गया। उसे गिरफ्तार कर मामले की जांच की जा रही है। (Ugandan national swallowed cocaine worth Rs 8 crore, arrested at Mumbai airport)

  • Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार .. (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल

    पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    आरोपी की फोटो पर कई अनगिनत नाम

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।” (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    बिहार से दो गिरफ्तार

    पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    झारखंड से एक गिरफ्तार

    पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

  • Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में लगातार पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते यहां किराए के पैसों में दोगुना इजाफा हो गया है। लेकिन बिल्डरों को मिली मनमानी छूट से आम आदमी की कमरतोड़ नुकसान हो रहा है। सरकार को इसपर विचार करने की जरूरत है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Bombay is the financial capital of the country) में चल रहे घरों के पुनर्विकास कार्यों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के कई हिस्सों में मकानों के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बांद्रा, खार, चेंबूर, कांदीवली, बोरिवली और मालाड़ जैसे इलाकों में किराए 50 से 65 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर का किराया भरना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रकल्पों में बिल्डरों की मनमानी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिना योजना के पुनर्विकास से बढ़ी परेशानी

    मुम्बई में हजारों पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें रहने वाले किरायेदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। डेवलपर्स द्वारा अस्थायी आवास के लिए जो किराया दिया जाता है, वह बाजार दर से काफी कम होता है। ऐसे में लोग मजबूरी में महंगे और छोटे घरों में रहने को विवश हो रहे हैं। ऐसे ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (Slum Rehabilitation Authority) के तहत बन रहे परियोजनाओं में भी झोपड़ा धारकों को दिया जाने वाला वैकल्पिक किराए का पैसा बाजार मूल्यांकन के मुकाबले काफी कम होता है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों और पुनर्विकास में बिल्डरों को दी गई खुली छूट ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। कोविड़ महामारी के बाद से घरों की मांग में तेजी आई है, और अब पुनर्विकास की वजह से किराए के मकानों की संख्या घट रही है, जिससे किराए और भी बढ़ रहे हैं। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिल्डरों को फायदा, जनता परेशान

    बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाकों में स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 25,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 1 बेडरूम हॉल किचिन के लिए 75,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में रेंटल यील्ड दोगुनी हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ बिल्डर्स और मकान मालिकों को मिल रहा है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    क्या आम आदमी के लिए बचेगा कोई विकल्प?

    अगर यही हालात जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में मुम्बई में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर पाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाए और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना यह संकट और भी गहराता जाएगा। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

  • मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    Mumbai Local Lucky Yatri Yojana : अगर आप मुंबई लोकल ट्रेन से सफर करते हैं, तो अब आपके पास हर दिन 10 हजार रुपये से लेकर सप्ताह में 50 हजार रूपये तक जीतने का शानदार मौका है। 8 हफ्ते तक चलेगी लक्की यात्री योजना। भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा? (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Mumbai Local Train: मुंबई में लोकल ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने यात्रियों के लिए ‘लकी यात्री योजना’ (Lucky Yatri Yojana) शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को वैध टिकट या पास होने पर हर दिन 10,000 रुपये और हर हफ्ते 50,000 रुपये तक जीतने का मौका मिल सकता है। लेकिन इस योजना के शुरू होने से पहले ही कालाबाजारी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    किसको और कैसे मिलेगा इनाम?

    मध्य रेल की घोषणा के मुताबिक, हर दिन एक भाग्यशाली यात्री को 10,000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा हर एक हफ्ते में एक बंपर इनाम की घोषणा की जाएगी जिसमें जीतने वाले विजेता यात्री को 50,000 रुपये का बंपर इनाम दिया जाएगा। मध्य रेल लाइन के हर रेलवे स्टेशनों पर टिकट चैकिंग के दौरान रैंडम तरिके से विजेताओं का चयन किया जाएगा। टिकट चैकिंग के दौरान चुने गए यात्री को अपना वैध टिकट या पास दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खास बात यह है कि यह योजना सभी तरह के टिकट और पास पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए लागू होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Lucky Yatri Yojana

    मध्य रेलवे के रेल यात्रियों के आंकड़ों के मुताबिक, लोकल ट्रेन से हर दिन 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं, जिनमें से लगभग 20 प्रतिशत यात्री बिना टिकट यात्रा करते हैं और रोजाना लगभग 4,000 से 5,000 यात्री बिना टिकट पकड़े जाते हैं। ऐसे यात्रियों को वैध टिकट खरीदने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने ‘लकी यात्री योजना’ की शुरूआत कर रही है। मध्य रेल प्रशासन का मानना है कि इससे लोग आकर्षित होंगे और ज्यादा से ज्यादा टिकट की बिक्री होगी। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा?

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्नील नीला ने बताया कि “लकी यात्री योजना यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करने और नियमित यात्रियों को इनाम देने के लिए बनाई गई है। हर दिन एक यात्री को 10,000 रुपये और हर हफ्ते एक यात्री को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।” लेकिन इस योजना के तहत काफ़ी गड़बड़ी होने की भी संभावना जताई जा रही है। एक यात्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस योजना का लोग गलत फायदा भी उठा सकते हैं। रेलवे स्टेशन पर विजेता का चयन करने वाले भी इसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल मुंबईकरों को ऐसी योजना की जरूरत नही है। हां लेकिन सरकारी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुनाफा कमाने का रास्ता खुल सकता है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    कब से लागू होगी योजना?

    लकी यात्री योजना अगले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है। विजेता का चयन स्टेशनों पर टिकट चेकर द्वारा रैंडम तरीके से किया जाएगा। भाग्यशाली यात्री से वैध टिकट या सीजन पास दिखाने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद नकद पुरस्कार तुरंत विजेता यात्री को दे दिया जाएगा। अगले सप्ताह से शुरू होने वाली यह योजना आठ सप्ताह तक चलेगी। एफसीबी इंटरफ़ेस कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित इस योजना के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

  • Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से एक्ट्रा टैक्स वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    मुम्बई: एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब महंगा होने जा रहा है। मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू यात्रियों से 325 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 650 रुपये वसूले जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    क्या है जानकारी?

    अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की सहायक कंपनी और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) की संचालक मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने मंगलवार को कहा कि यात्री सुविधाओं में बदलाव के लिए यह फैसला लिया गया है। अभी प्रस्ताव को हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (AERA) को सौंपा गया है। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    पार्किंग शुल्क का लाभ

    वहीं हवाई अड्डा प्रबंधन ने कहा कि एक ओर यूडीएफ वसूला जाएगा तो दूसरी ओर एयरलाइन लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में लगभग 35 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इस कटौती से मुम्बई से हवाई किराये पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ताकि एयरलाइन्स कंपनियां लागत का बेहतर प्रबंधन कर सकें। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    कितना पैसा वसूलने की है तैयारी ?

    मौजूदा समय में मुम्बई हवाई अड्डे पर प्रति यात्री लाभ (YPP) 285 रुपये है। प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 332 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने बताया कि अगले पांच साल में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के निर्माण में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। अनुमानित 229 मिलियन यात्रियों से 7,600 करोड़ रुपये का कुल कर वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    बताया जा रहा है बुनियादी ढांचे के विकास के तहत मुम्बई एयरपोर्ट पर टर्मिनल 2 पर घरेलू से घरेलू स्थानांतरण सुविधा, समय प्रदर्शन में सुधार और नया टैक्सीवे जेड का निर्माण, टर्मिनल में प्रवेश पर भीड़ का प्रबंधन करने के लिए ई-गेट्स, मुफ्त अंतर-टर्मिनल कोच स्थानांतरण और फास्टैग-सक्षम पार्किंग समेत यात्री सुविधा के लिए तमाम कार्य कराए जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

  • बम्बई में Parle-G कंपनी पर पड़ा इनकम टैक्स का छापा

    बम्बई में Parle-G कंपनी पर पड़ा इनकम टैक्स का छापा

    बम्बई में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मशहूर पार्लेजी कंपनी पर छापामारी की है। शुक्रवार सवेरे से ही ये छापामारी की प्रक्रिया जारी है। आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुम्बई की इनकम टैक्‍स इन्‍वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च किया जा रहा है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    मुम्बई: शुक्रवार 7 मार्च, पार्ले ग्रुप ऑफ कंपनी पर इनकम टैक्‍स विभाग ने छापेमारी की है। पारले ग्रुप Parle-G, मोनाको और अन्‍य ब्रांड के नाम से बिस्‍कुट बेचने वाली कंपनी है। मुम्बई  में कंपनी के कई स्‍थानों पर छापेमारी की जा रही है, जो सुबह से ही चल रही है। आयकर विभाग की फॉरेन असेट यूनिट और मुम्बई की इनकम टैक्‍स इन्‍वेस्टिगेशन विंग की ओर से सर्च ऑपरेशन जारी है। इसके अलावा अभी तक कोई भी जानकारी नही मिल पाई है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    हालांकि यह सर्च क्‍यों हो रहा है? इसकी वजह कोई बताने को तैयार नही है। छापेमारी पूरी होने के बाद इसके पीछे के कारणों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल इनकम टैक्‍स विभाग कंपनी के दस्‍तावेजों को खंगालने का काम कर रही है। कहा जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2024 में कंपनी ने अचानक उछाल मारा था। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    2024 में पारले-जी का प्रॉफिट

    सबसे पहले बात कर लेते हैं Parle-G बिस्कुट को वित्त वर्ष 2023-24 में हुए प्रॉफिट के बारे में, तो खबर के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 24 में इसका मुनाफा दोगुना होकर 1,606.95 करोड़ रुपये रहा, जो कि 23 में 743.66 करोड़ रुपये था। इसके बीते वित्त वर्ष में पारले बिस्कुल की ऑपरेशनल इनकम दो प्रतिशत के इजाफे के साथ बढ़कर 14,349.4 करोड़ रुपये हो गई। अगर रेवेन्यू की बात करें, तो ये 5.31 फीसदी उछलकर 15,085.76 करोड़ रुपये रहा। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि Parle Biscuit की डिमांड अभी भी जोरदार बनी हुई है। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    कितनी पुरानी है कंपनी ?

    साल 1929 देश की आजादी के एक साल बाद पारले कंपनी की शुरुआत हुई थी। 90 के दशक के बच्चों को तो अपना वह दौर भी याद होगा, जब चाय के साथ पारले-जी का कॉम्बिनेशन सबसे ज्यादा फेमस हुआ करता था। खबरों की मानें तो ऐसा कहा जाता है कि कंपनी ने पारले नाम बम्बई के विले-पार्ले इलाके से लिया था। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

    कॉम्पिटीशन का दौर ..

    पारले ने पहली बार 1938 में पारले-ग्‍लूको (Parle-Gluco) नाम से बिस्कुट का प्रोडक्शन शुरू किया। आजादी से पहले पारले-जी (Parle-G) का नाम ग्लूको बिस्किट (Gluco Biscuit) ही हुआ करता था। लेकिन, आजादी के बाद ग्लूको बिस्किट का प्रोडक्शन बंद कर दिया गया। क्योंकि देश में उस समय अन्न संकट का खतरा बन गया था। जबकि इस बिस्कुट को बनाने के लिए गेंहू का इस्तेमाल किया जाता था। जब संकट कम हुआ, तो कंपनी ने इसका प्रोडक्शन फिर से शुरू किया, लेकिन तब तक इस सेक्टर में कॉम्पिटीशन काफी बढ़ गई थी और बाकि कंपनियों की मार्केट में एंट्री हो चुकी थी। खासकर ब्रिटानिया ने ग्लूकोज-डी (Glucose-D) बिस्किट से अपनी धमक जमा ली थी। (Income tax raid on Parle-G company in Bombay)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • Mumbai: अपने ही घर में बेटे ने की 3.5 करोड़ रुपये की चोरी

    Mumbai: अपने ही घर में बेटे ने की 3.5 करोड़ रुपये की चोरी

    दक्षिण मुम्बई के एक हिरा व्यापारी के घर तिजोरी से 3.5 करोड़ रुपए की चोरी हो गई। पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला बेटे ने ही नकली चाबी बनाकर चोरी की है। पुलिस ने किया गिरफ्तार। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    मुम्बई: कहते है कि विश्वासघात करने वाले का कोई सगा नही होता। ना जात, ना धर्म, यहां तक की अपनी ही औलाद अपनी जान की दुश्मन बन जाती है। ऐसा ही एक मामला दक्षिण मुम्बई के लेमिन्टन रोड़ से सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने ही पिता की तिजोरी में सेंधमारी कर करोड़ों रुपये के हिरे और कैश चोरी कर लिये। यह घटना डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत ओपेरा हाउस स्थित पंचरत्न बिल्डिंग का है। जहां पुलिस ने छानबीन करना शुरू कर दिया। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता विपुल जोगानी एक प्रतिष्ठित हीरा व्यापारी हैं। उनका कार्यालय पंचरत्न बिल्डिंग, ओपेरा हाउस में स्थित है। पुलिस ने बताया कि विपुल के बेटे, निर्मम जोगानी, ने पिता के कारोबार की तरक्की और तिजोरी में रखी करोड़ों की संपत्ति देखकर चोरी की साजिश रचाई और नकली चाबी बनाकर तिवारी साफ कर दी। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    डुप्लीकेट चाबी बनाकर चोरी

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि बेटे ने बड़ी चालाकी से अपने पिता की जानकारी के बिना तिजोरी की चाबी का साबुन पर छाप लिया और फिर उससे नकली चाबी बनवाई। 20 फरवरी की रात, इसी नकली चाबी का इस्तेमाल कर उसने तिजोरी से 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे और नकदी चुरा लिए। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    जब विपुल जोगानी को तिजोरी में चोरी का पता लगा, तो उन्होंने तुरंत डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज और भी दूसरे सुरागों के आधार पर चोर का पता लगा लिया। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो व्यापारी पिता को गहरा झटका लगा क्योंकि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके अपने बेटे ने ही की थी। (Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)

    चोरी के आरोप में बेटा गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि जांच में सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी बेटे निर्मम जोगानी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है कि उसने यह चोरी अकेले की थी या किसी और की मदद ली थी।(Mumbai Son stole Rs 3.5 crore in his own house)