मालाड़ पूर्व के कुरार में एक महिला टीचर पर प्राण घातक हमले से इलाके में सनसनी फैल गई है। लोगों ने जताई आरोपी के फरार होने की गुंजाइश।
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ पूर्व, कुरार इलाके के संजय नगर में आज सुबह दिन-दहाड़े एक स्थानीय गुंडे ने कंप्यूटर क्लासेस चलानेवाली महिला टीचर पर रॉड से जान लेवा हमला कर दिया है। गंभीर रूप से जख्मी महिला को कांदिवली पश्चिम के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना के 5 घण्टे बाद भी पुलिस पीड़िता का बयान दर्ज करने अस्पताल नहीं पहुंची है। कुरार के कुछ पुलिस अधिकारियों का कहना है उनके पास महिला पुलिसकर्मी नही है जिसके कारण समय लग रहा है। लोगों ने जताई आरोपी फरार होने की गुंजाइश।
indian fasttrack news Networkघायल महिला टीचर की तस्वीर
मालाड़ में महिला टीचर पर जानलेवा हमला ..
बता दें, कि 22 वर्षीय आरोपी मोहम्मद हारून इद्रीशी उर्फ चमन के खिलाफ पहले से कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। पीड़ित महिला कुछ महीने पहले आरोपी के विरुद्ध परेशान करने का मामला दर्ज कराया था। जिसमे उसको जेल हुई थी, एक महीने पूर्व वह जमानत पर जेल से बाहर निकल कर आया हुआ है। बताया जाता है कि आरोपी पीड़ित महिला से एक तरफा प्यार करता है, जिसने पुलिस मुकदमे के बाद अपना बदला लेने के लिए इस बार जानलेवा हमला कर दिया है। इस घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कुरार पुलिस द्वारा अभी तक पीड़ित का बयान नहीं दर्ज कराने को लेकर आरोपी के फरार होने की गुंजाइश जताई जा रही है।
भिवंडी शहर के मुंबई नासिक महामार्ग पर दिन दहाड़े जबरन डकैती के खिलाफ कोनगांव पुलिस ने 4 बदमाशों को चोरी के पैसों और सामन के साथ महज़ 24 घंटो में किया गिरफ्तार।
आसिफ अंसारी भिवंडी– मुंबई नासिक महामार्ग पर दिन दहाड़े डकैती के आरोप में चार बदमाशों को भिवंडी शहर के कोनगांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबरन डकैती के घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोनगांव पुलिस ने महज़ 24 घंटों के भीतर बदमाशों गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि गिरफ्तार सभी आरोपी महज़ 20 से 24 साल के है। जिन लोगों ने एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथी को लोहे की रॉड से पिटाई कर दी और कैश पैसों के साथ कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
खबर के मुताबिक बासुरी देशी बार के सामने, एफएससी गोडावुन की ओर, मुंबई नासिक महामार्ग रंजनोली पर टैंकर नं. एम.एच. 48 ए. वाई 4132 जब वह इस वाहन के टायर चेक करने के लिए नीचे उतरे तो चार लोग अचानक आए गए और फिर्यादी व उनके साथीयो को लोहे की रॉड से पीटा और उनसे 4660 रुपये छीन लिया। इस समय दो लोगों के पास आधार कार्ड और स्मार्ट कार्ड था, जो जबरन निकाल लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि अगर तुमने किसीको बताया तो मैं तुम्हें जान से मार दूंगा, फिर अपराधी वहां से भाग गए। इस संबंध में भिवंडी के कोनगांव पुलिस स्टेशन ने 450/2024 मे भारतीय दंड संहिता की धारा 394, 506(2), 34 के तहत मामला दर्ज किया गया।
उक्त अपराध के अनुसार कोनगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निशीकांत विश्वकार द्वारा दिये गये निर्देशानुसार जांच टीम के सहायक पुलिस निरीक्षक वैभव चुंबळे एवं टीम के अधिकारी द्वारा तकनीकी एवं गुप्त मुखबिर के माध्यम से फिर्यादी द्वारा बताये गये अज्ञात नामों का विवरण किया गया तथा अपराध की गहनता से जांच कर चार लोगों को घटना के 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार किया गया। जिसमें दो नाबालिक शामिल पाए गए हैं।
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गिरफ़्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय शिव सुदर्शन नायक, 20 वर्षीय निखिल साहेबराव कोसरे 23 वर्षीय संतोष पोरू राठौड़, 20 वर्षीय रवि प्रदीप गौड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि चोरी के नकदी और बाकी सामान आरोपियों के पास से बरामद कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में कोनगांव पुलिस के सहायक पुलिस निरीक्षक वैभव चुंबळे मामले की अभी और अधिक तहकीकात कर रहे हैं।
कुल 4 अपराधिक मामलों का आरोपी एक बार फिर नकली डॉक्टर की भेष मे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करता गिरफ्तार हुआ है।
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इस्माईल शेख मुंबई- मुलुंड पुलिस थाने से फरार हत्या के 46 वर्षीय आरोपी परवेज़ अब्दुल अजिज शेख और उसकी पत्नी बीयूएमएस पदवीधर डॉक्टर को मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की पुलिस ने मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके से गिरफ्तार किया है। मालवनी गेट नंबर 7 संत पॉल स्कूल के पास “अजिज पॉली क्लिनिक” के नाम पर नकली दवाखाना चलाया जा रहा था। इसके पहले भी यहीं से पती पत्नी को गिरफ्तार किया गया था।
मुंबई पुलिस प्रकटीकरण-1 के पुलिस उपायुक्त विशाल सिंह ठाकुर ने बताया, कि मुलुंड पुलिस थाना अंतर्गत गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 298/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 112, 117, 120(ब), 302, 307, 416, 419, 465, 426, 471, 34 के साथ महाराष्ट्र मेडिकल प्रेक्टीशनर्स एक्ट 1961 की धारा 33, 33(अ), 34, 36 के तहत फरार आरोपी द्वारा मालवनी इलाके में दवाखाना चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई।
मार्व रोड़ के चारकोप नाका स्थित रक्षा हॉस्पिटल की करतूत
मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 के अधिकारियों ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका, मालाड़, पी/उत्तर विभाग के असिस्टेंट मेडिकल ऑफिसर को साथ लेकर जब इस नकली दवाखाने में छापा मारा तो वहा आरोपी अजिज के साथ उसकी पत्नी बीयूएमएस पदवीधर डॉक्टर भी उसके अपराध में आरोपी का साथ देते पाईं गई। हालांकि आरोपी की पत्नी डॉक्टर जरूर है लेकिन जीन दवाईयों को उन्हें देने का अधिकार प्राप्त नहीं है उन दवाईयों और इंजेक्शन्स का यहां मरीज़ों पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
नकली डॉक्टर का लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
अजिज पॉली क्लिनिक के भीतर की तस्वीरक्लिनिकल की तस्वीर
मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 के अधिकारियों ने दोनों पती पत्नी को हिरासत में लेकर मालवनी पुलिस थाने में गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 431/2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 34 के साथ महाराष्ट्र मेडिकल प्रेक्टिसनर्स एक्ट की धारा 33, 33 (अ), 33(ब), 35(2), 36 के तहत मामला दर्ज किया है। मालवनी पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।
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बता दें कि इससे पहले आरोपी परवेज़ अब्दुल अजित शेख के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में 2 ठाणे शहर के कापूरबावडी पुलिस थाने में एक अपराधिक मामला दर्ज है। साथ ही अजित की 32 वर्षीय पत्नी बीयूएमएस पदवीधर डॉक्टर के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एक अपराधिक मामला दर्ज है। 2023 में गिरफ्तारी और जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से दोनों पती और पत्नी मालवनी परिसर के उसी नकली दवाखाने को “अजिज पॉली क्लिनिक” के नाम से चला रहे थे।
अभी गाड़ी मेरा भाई ने जलाया है। जामीन होने के बाद दीनानाथ तिवारी के परिवार के साथ घर को भी फुकवा दूंगा।
मन्सूर शेख मुंबई- मलाड (पूर्व), गांधीनगर सार्वजनिक शिव शंकर हनुमान मंदिर के ग्राउंड में रात 11:00 से देर रात 3 से 4 बजे तक शिवम सिंह गैंग के राहुल, सत्यम सिंह सहित कई गुंडे खुलेआम दारू, गांजा पीते और चापर, तलवार निकाल कर धमाल मचाते हैं। अगर किसी ने विरोध किया तो मारामारी से बाज नहीं आते हैं। 24 मार्च 2024 को इसी गैग के लोगों ने होली दहन के पहले रात 10:00 बजे मुर्गी का अंडा और गटर का गंदा पानी बलून में भरकर आने-जाने वाले मां-बहन, बेटियों पर मार रहे थे। इसके अलावा लोगों के घरों में अंडा और गंदे पानी वाला बलून मारा। जिसका विरोध करते हुए पत्रकार दीनानाथ तिवारी ने पुलिस कंट्रोल को फोन करके शिकायत की जब पुलिस आई तो गुंडे भाग गए।
मालाड़ में गुंडो व टपोरियों का आतंक!
मालाड़ पूर्व घटना स्थल से पुलिस के जाने के बाद पुन: होली दहन के समय गंदे पानी वाला बलून मारना शुरू किया जब लोगों ने कहा कि रात 11:00 बजे है। फुग्गा मत मारो मगर शिवम और राहुल के साथ सत्यम ने कहा मैं तो मारूंगा जिसको जो करना हो कर लो, इस पर विवाद बढ़ गया मारपीट की नौबत आ गई। मगर किसी तरह लोगों के बीच बचाव में मामला शांत हुआ अन्यथा विवाद इतना बढ़ गया था कि खून खराबा हो सकता था।
गौरतलब है कि मालाड़ पूर्व मे शिवम सिंह, राहुल और सत्यम सिंह ने मिलकर रात लगभग 3:30 बजे वरिष्ठ पत्रकार दीनानाथ तिवारी की गाड़ी क्रमांक MH47Ap 5962 पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पत्रकार दीनानाथ तिवारी का बेटा लवकुश तिवारी ने भागते हुए शिवम सिंह को देखा और चिल्लाते हुए कहा, “हमारी गाड़ी में शिवम आग लगाकर भाग रहा है। उसे पकड़ो-पकड़ो।” लोगों ने आवाज सुनकर बाहर जब तक आए तब तलक शिवम भाग चुका था और गाड़ी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। पत्रकार दीनानाथ तिवारी ने पुलिस कंट्रोल को शिकायत की।
पुलिस थाने में दर्ज शिकायत की कॉपी
घटना स्थल पर पुलिस पहुंचकर पुलिस उप निरीक्षक मिलिंद चौहान ने पंचनामा करके एफआईआर दर्ज किया फरार आरोपी को पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों और पत्रकार दीनानाथ तिवारी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, जोन- 12 के डीसीपी और एसीपी सहित कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक से मांग किया है, कि ‘समय रहते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए शिवम सिंह व उसके गैग को तड़ीपार करें। जिससे पूरे कुरार में जो इनके गुंडागर्दी से लोगों की नींद हराम हो गई है, वे नींद भर के सो सके और लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन पर बना रहे। अन्यथा अगर कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसका जिम्मेदार पुलिस प्रशासन के अधिकारी गण होंगे।’
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ढाई सौ गाड़ीयां और झोपड़े जलकर खाक हो जाते।
स्थानीय लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया, कि शिवम सिंह, सत्यम सिंह को पूरे परिवार का समर्थन मिलने की वजह से वह गैग चल रहा है। खुले आम परिवार के लोग पुलिस थाने के अंदर पुलिस ऑफिसर के सामने कहा, “अभी गाड़ी मेरा भाई ने जलाया है। जामीन होने के बाद दीनानाथ तिवारी के परिवार के साथ घर को भी फुकवा दूंगा।” पुलिस थाने के अंदर ही गाली देते हुए इस तरह की धमकी दी जा रही थी।पुलिस विभाग मुक दर्शक बनके केवल देख रहा था और सुन रहा था। सोचिए कि इन गुंडो और उनके परिवार की गुंडागर्दी पुलिस थाने में इतनी ज्यादा है, तो इलाके में इन गुंडो की गुंडागर्दी किस तरह से आतंक मचा के रखा होगा? अगर जल्द आग ना बुझी होती, तो लगभग ढाई सौ गाड़ीयां और झोपड़े जलकर खाक हो जाते।
इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
कौन से दल ने कितना किया झोल?
रिपोर्ट अभी और बाकी है..
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सुरेन्द्र राय मुंबई- हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है। (Electoral Bond Indian Government Political News)
हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए। अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया? (Electoral Bond Indian Government Political News)
‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है। प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए। इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
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टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनावी समर भूमि में ठंडे पड़ गए हैं..
बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पार्टी की नीतियों का हो रहा है खामियाजा..
सुरेंद्र राय मुंबई- बड़ा शोर है भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार का लेकिन मोदी को छोड़कर एक भी चुनावी समर भूमि में सक्रिय नेता नहीं है। सबसे बड़ी 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनाव प्रचार में दूर दूर तक नजर नहीं आते। सबसे बड़ा हिंदुत्व चेहरा हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जिनकी देश में बड़ी मांग है, लेकिन मोदी की तरह वे कहीं भी चुनावी मूड में नहीं दिखते।
भारतीय जनता पार्टी का युपी में चुनाव प्रचार
दो दो डिप्टी सीएम हैं जो अपनी खोल से अभी बाहर ही नहीं निकल सके हैं। प्रांतीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी कहीं नमूदार नहीं हो रहे। बड़े जोर शोर से ढिंढोरा पिटा गया था, चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी का। उन्हें गाजे बाजे के साथ भारतीय जनता पार्टी में लाया गया। यह सोचकर कि उनके दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर पश्चिमी यूपी की सारी सीटें बिना प्रचार किए भारतीय जनता पार्टी की झोली में आ गिरेंगी। परंतु अभी भी जयंत चौधरी पशोपेश में हैं। किसान बिरादरी उनके बीजेपी में जाने पर उनसे दूरी बना ली है। अब वे किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की तरह किसानों के नेता नहीं रह गए हैं। बिना संख्या बल के वे भारतीय जनता पार्टी को कितनी सीटें दिलाएंगे खुद समझ नहीं पा रहे। चुनाव प्रचार तो बड़ी दूर की कौड़ी है उनके लिए। हालत यह हो गई है, “आधी छोड़ सारी को धावे। आधी मिले न सारी पावे।”
भारतीय जनता पार्टी के साथी अनुप्रिया पटेल और बड़बोले अस्तित्वहीन ओमप्रकाश राजभर जिनकी अमित शाह ने उत्तर प्रदेश सरकार में ताजपोशी कराई है। छवि बेहद खराब होने से जनता उनसे कन्नी काटने लगी है। मेनका गांधी और संतोष गंगवार यूपी के आठ आठ बार सांसद रहे हैं। लेकिन उनके टिकट ही पक्के नहीं हुए हैं। करें भी तो क्या? टिकट मिलेगा या नहीं? कहा भी नहीं जा सकता। तुरूप का इक्का होने से रहे।
बिहार की संसदीय गठबंधन ..
सांसदों के लिहाज से बिहार में 40 सीटें होने से बिहार का बड़ा महत्त्व है। वहां गठबंधन तुड़ाकर नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी अपने पाले में भले ले आई है लेकिन जनता में उनकी पलटू चाचा की छवि बनने से उनकी खुद की छवि को बड़ा धक्का लगा है। जनता में उनकी पूछ नहीं रही। सुशील मोदी ज़रूर बड़ा चेहरा बने थे, लेकिन वे कहीं चुनाव प्रचार करते नहीं दिखते। राजीव प्रसाद रूडी का कहीं अता पता नहीं है। हरदम मोदी नाम की माला जपने और विपक्षी दलों को बुरा भला कहने वाले रवि शंकर प्रसाद नदारत हैं। उनके अलावा सम्राट चौधरी, गिरिराज सिंह और चौबे सांसद रहे हैं। बड़बोले भी लेकिन चुनाव प्रचार में वे दोनो दूर दूर तक नजर नहीं आते। गिरिराज सिंह का हाल यह है, कि उनकी भारतीय जनता पार्टी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर उन्हें क्षेत्र में आने ही नहीं दिया।
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महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार ..
सीट के लिहाज से महाराष्ट्र 48 सीटों वाला बड़ा महत्त्वपूर्ण राज्य है। यहां के सबसे बड़े नेता हैं नितिन गडकरी जो भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के धुर विरोधी रहे हैं। मुमकिन नहीं कि वे चुनाव प्रचार करेंगे। शिवसेना और राकांपा तोड़कर शिंदे और अजीत पवार के साथी छगन भुजबल, पटेल आदि पर खुद भारतीय जनता पार्टी ने हजारों करोड़ के घोटाले का मामला उठाकर उन्हें अपने साथ लाकर सरकार तो बना ली लेकिन महाराष्ट्र की जनता उन्हें गद्दार कहकर नफरत करती है। कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। उस चुनाव को याद कर ही सिहरने वाले ये नेता चुनाव प्रचार की हिम्मत भला कैसे दिखाएंगे? अपने ही बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री का कद छोटा कर डिप्टी सी एम बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी उनसे चुनाव में कोई उम्मीद कैसे कर सकती है।
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस का खुद को पीए बताकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
इस्माईल शेख मुंबई- शनिवार 23 मार्च, महाराष्ट्र राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेन्द्र फडणवीस का पीए बताकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान सुहास महाडिक और किरण पाटिल के रूप में हुई है। मामले की तहकीकात मरीन ड्राइव पुलिस कर रही है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुहास महाडिक और किरण पाटिल ने खुद को गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस का पीए बताकर Mumbai की एक सोसाइटी का मामला सुलझाने का प्रयास किया और इसको लेकर फडणवीस के नाम पर 15 लाख वसूले थे। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो पीड़ित ने शनिवार को इन दोनों के विरुद्ध मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 419, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज ही गिरफ्तार कर लिया है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अमृता फडणवीस की फाइल तस्वीर
आप को जानकारी देते हुए बताया, कि इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम पर धोखाधड़ी करने को लेकर पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। इतना ही नहीं देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से भी रंगदारी मांगने का प्रयास किया गया था। जिसको लेकर पुलिस ने आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार किया था। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।
इस्माईल शेख मुंबई– मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।
बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।
मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।
मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर
एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..
बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।
वसई के तीन मंजिला जुगार के अड्डे पर क्राईम ब्रांच पुलिस ने रेड में कैश पैसों के साथ 53 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन इसके बाद से पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने का शुरू हो गया है षडयंत। Vasai Gambling News impact
विशेष संवाददाता पालघर- वसई (पश्चिम), एसटी बस डिपो के सामने, ऋषिकेश वेज होटल के पीछे, राजीव गांधी स्कूल और अंजलि बार के पास, हरिओम चेंबर नामक तीन मंजिला इमारत पूरा जुगार का अड्डा बना कर विवेक कुबल लोगों को लत लगाकर जुगार के साथ पैसों की लूट करने का कारोबार कर रहा था। इसकी लिखित शिकायत और “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर के आदेश पर क्राईम ब्रांच के अधिकारियों ने रेड कर कुल 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन पत्रकार के इस सराहनीय कार्य के बाद से उन्हीं आरोपियों द्वारा पैसों की लालच देकर कॉल किया जा रहा है। शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे में फंसाने का भय सताने लगा है। इसको लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत पर स्थानीय पुलिस उपायुक्त को जांच के आदेश दिए गए है। (Vasai Gambling News Impact)
क्राईम ब्रांच की रेड .. News Impact…
महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंध क़ानून 1887 में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान होने के बावजूद माणिकपूर पुलिस का तीन मंजिला इस जुगार के अड्डे पर कार्यवाही का नहीं करना। पुलिस की नाकामी का सबूत पेश करती है। लेकिन “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” की रिपोर्ट प्रकाशित होते ही कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे ने क्राईम ब्रांच को आदेश देकर रेड करवा दिया है।
क्राईम ब्रांच के पुलिस अधिकारियों ने 19 मार्च 2024 को रेड कर स्थानीय माणिकपूर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 0198/2024 में महाराष्ट्र जुगार प्रातिबंध अधिनियम 1887 अंतर्गत धारा 4(a) 5 के तहत आरोपी सत्तार पठाण, रमेश माहाडीक, मुसानंद चौहान, महेंद्र शाहु के साथ कुल 53 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जब कि जुगार माफिया विवेक कुबल और सुसील चौहान मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
जुगार अड्डे के मालिक विवेक कुबल की फाइल तस्वीर
इस घटना में गिरफ्तारी और जमानत पर रिहा होने के बाद से ही आरोपियों द्वारा “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” के रिपोर्ट आसिफ अंसारी को फोन पर कभी पैसों का प्रलोभन तो कभी धमकियां देने लगे हैं। इसको लेकर फिर एक बार पत्रकार ने पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे से शिकायत कर कार्यवाही के लिए मदद मांगी है। शिकायत को लेकर परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले को जांच के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर आरोपियों को पुलिस द्वारा दिए जाने की जानकारी मिल रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस जुगार का अड्डा मालिक विवेक कुबल को क्राईम ब्रांच पुलिस की रेड से पहले ही सूचना मिल गई थी। कुबल ताबड़तोड़ अड्डे से फरार हो गया। सूचना देने वाला माणिकपुर पुलिस से जुड़ा होने की भी जानकारियां प्राप्त हो रही है। बताया जाता है कि पुलिस विभाग को हफ्ता देकर कुबल जुगार का अड्डा चलाया करता था। जो पुलिस की रेड के बाद कुबल के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
Electoral Bond ADR Report
सुरेंद्र राय मुंबई: अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)
चंदा देश में गंदा काम ..
चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)
एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)
किसने कितना दिया चंदा ?
चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)
Electoral Bond ADR Report
चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)
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टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)
सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)