Category: Maharashtra Crime

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  • Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Versova Redevelopment Scam – EOW ने 55 करोड़ रुपये के हाउसिंग फ्रॉड मामले में कोल्हापुर के डेवलपर Amrut Mahendrakar को गिरफ्तार किया। Versova building redevelopment के नाम पर फ्लैट गिरवी रखकर और बेचकर की गई बड़ी ठगी का खुलासा।

    मुंबई: मुंबई में Versova redevelopment scam से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर की Economic Offences Wing (EOW) – Mumbai Police ने 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में कोल्हापुर के एक डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि Versova, Andheri स्थित एक पुराने बिल्डिंग के पुनर्विकास (redevelopment project) के नाम पर समाज के सदस्यों के फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना mortgage और sale कर दिया गया। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज, नकली एग्रीमेंट और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया।

    EOW ने कोल्हापुर के डेवलपर को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की EOW Housing Unit ने इस मामले में Amrut Uttam Mahendrakar (34) को गिरफ्तार किया है। महेंद्रकर कोल्हापुर जिले के Ichalkaranji का रहने वाला है।

    पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे real estate fraud case में मुख्य आरोपी की मदद कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और फ्लैट्स की अवैध बिक्री व मॉर्गेज प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई

    पहले भी हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी

    इस मामले में इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अगस्त 2025 में पुलिस ने Amarjit Shukla को गिरफ्तार किया था, जो Mid City Heights नाम की कंपनी का मालिक बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार Mahendrakar इस केस में गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी है और जांच में अभी और लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

    Versova की हाउसिंग सोसाइटी ने दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Versova Police Station में दर्ज किया गया था। शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने दर्ज कराई थी, जो Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society से जुड़ी हैं।

    जानकारी के मुताबिक इस सोसाइटी ने 2015 में Midcity Heights Partnership Firm को अपनी पुरानी बिल्डिंग के redevelopment project के लिए नियुक्त किया था।

    13 परिवारों को नए घर देने का दिया गया था वादा

    डेवलपर कंपनी ने सोसाइटी के 13 निवासियों, जिनके पास कुल 14 फ्लैट थे, उन्हें तय समय सीमा के भीतर नए फ्लैट देने का भरोसा दिया था।

    लेकिन जब प्रोजेक्ट आगे बढ़ा तो सोसाइटी के सदस्यों को शक हुआ कि Permanent Alternate Accommodation Agreement (PAAA) के तहत उन्हें मिलने वाले फ्लैट्स के साथ धोखाधड़ी हो रही है।

    बिना अनुमति फ्लैट्स को गिरवी रखकर बेच दिया गया

    जांच के दौरान सामने आया कि सोसाइटी के सदस्यों को मिलने वाले कई फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना ही बैंकों के पास गिरवी (mortgage) रखा गया

    इतना ही नहीं, इन्हीं फ्लैट्स को तीसरे पक्ष (third parties) को बेचने के भी आरोप लगे हैं। इससे सोसाइटी के सदस्यों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

    फर्जी दस्तावेज और नकली स्टैम्प का इस्तेमाल

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी Amarjit Shukla और उसके साथियों ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए

    इनमें कथित तौर पर:

    • Fake agreements for sale
    • Joint Deputy Registrar के जाली हस्ताक्षर
    • Counterfeit stamps और forged paperwork

    का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर कई बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन उठाए गए, जिससे कुल ठगी का आंकड़ा लगभग ₹55 करोड़ तक पहुंच गया।

    जांच में सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे

    EOW अधिकारियों के मुताबिक यह मामला Mumbai real estate fraud के बड़े मामलों में से एक हो सकता है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस Versova redevelopment scam में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने बैंक या वित्तीय संस्थान इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाला क्या है?

    यह एक real estate fraud case है जिसमें redevelopment के नाम पर सोसाइटी के फ्लैट्स को बिना अनुमति गिरवी रखकर और बेचकर करीब ₹55 करोड़ की ठगी की गई।

    2. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?

    Amrut Uttam Mahendrakar, जो कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी का निवासी है।

    3. पहले किस आरोपी को गिरफ्तार किया गया था?

    इस केस में पहले Amarjit Shukla, Mid City Heights का मालिक, गिरफ्तार किया गया था।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने Versova पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

    5. सोसाइटी का नाम क्या है?

    Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society

  • Goregaon: सौतेली मां पर जिम वेट से हमला, 25 साल का युवक गिरफ्तार

    Goregaon: सौतेली मां पर जिम वेट से हमला, 25 साल का युवक गिरफ्तार

    मुंबई के Goregaon इलाके में 25 साल के युवक ने सौतेली मां पर जिम के वेट प्लेट से हमला कर दिया। Bangur Nagar Police ने आरोपी Abdul Rehman Sabir Ansari को गिरफ्तार कर लिया है। महिला को गंभीर चोटों के बाद अस्पताल में इलाज दिया गया।

    मुंबई: Goregaon West इलाके में पारिवारिक विवाद के चलते एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 25 साल के युवक ने अपनी सौतेली मां पर जिम के भारी वेट प्लेट से हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन Bangur Nagar Police की विशेष टीम ने उसे कुछ दिनों की तलाश के बाद गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के अनुसार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत (Police Custody) में भेज दिया गया है।

    आरोपी और घायल महिला की पहचान

    पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान Abdul Rehman Sabir Ansari (25) के रूप में हुई है। वहीं घायल महिला का नाम Fatima Mohammad Sakir Ansari (32) बताया गया है।

    फातिमा अपने पति Mohammad Sakir और चार बच्चों के साथ Goregaon के Anwar Chawl में रहती हैं। उन्होंने करीब चार साल पहले मोहम्मद साकिर से शादी की थी।

    पिता की दूसरी शादी से नाराज था आरोपी

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी Abdul Rehman अपने पिता की दूसरी शादी से काफी नाराज था। वह फातिमा को अपनी सौतेली मां के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहा था।

    पुलिस के अनुसार पिछले कई महीनों से दोनों के बीच इस बात को लेकर लगातार झगड़े और बहस हो रही थी।

    27 फरवरी को भी हुआ था बड़ा विवाद

    पुलिस ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को भी आरोपी और फातिमा के बीच बड़ा झगड़ा हुआ था। उस समय परिवार के अन्य रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया था।

    लेकिन इसके बावजूद दोनों के बीच तनाव बना हुआ था।

    3 मार्च की सुबह हुआ हमला

    पुलिस के अनुसार यह घटना 3 मार्च को सुबह करीब 11:15 बजे हुई। उस समय फातिमा घर पर बीमार थीं और उनके दो बच्चे भी घर में मौजूद थे।

    वहीं उनके पति Mohammad Sakir काम पर गए हुए थे।

    इसी दौरान आरोपी अब्दुल रहमान घर पहुंचा और पुराने विवाद को लेकर फातिमा से बहस शुरू कर दी।

    गाली-गलौज के बाद जिम वेट से हमला

    पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इस पर फातिमा ने उसे ऐसा करने से मना किया और पूछा कि वह उनके घर क्यों आया है।

    इस बात से गुस्से में आकर आरोपी ने जिम की भारी वेट प्लेट से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    हमला करने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया।

    पड़ोसियों ने अस्पताल पहुंचाया

    घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत घायल फातिमा को Kandivali के Shatabdi Hospital पहुंचाया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

    इलाज के बाद फातिमा ने पुलिस को पूरी घटना बताई और अपने सौतेले बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

    शिकायत मिलने के बाद Bangur Nagar Police ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। कई दिनों तक जांच और तलाश के बाद पुलिस की विशेष टीम ने 7 मार्च को Goregaon से Abdul Rehman को गिरफ्तार कर लिया।

    अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है।


    FAQ

    1. यह घटना मुंबई के किस इलाके में हुई?

    यह घटना मुंबई के Goregaon West के Anwar Chawl इलाके में हुई।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Abdul Rehman Sabir Ansari (25) है।

    3. घायल महिला कौन है?

    घायल महिला का नाम Fatima Mohammad Sakir Ansari (32) है।

    4. हमला किस वजह से हुआ?

    पुलिस के अनुसार आरोपी अपने पिता की दूसरी शादी से नाराज था और इसी विवाद के चलते हमला हुआ।

    5. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को 7 मार्च को Goregaon से गिरफ्तार किया।

  • Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali में अवैध E-Cigarette रैकेट का भंडाफोड़, नाबालिग छात्रों को सप्लाई; दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के Kandivali West में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का खुलासा किया। Class 11 के छात्रों को vaping devices देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित सामान जब्त किए गए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। Kandivali Police ने नाबालिग छात्रों को banned electronic cigarettes बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में करीब 1.16 लाख रुपये के प्रतिबंधित vaping products जब्त किए हैं। यह कार्रवाई Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत की गई है, जिसके तहत भारत में e-cigarette की बिक्री और वितरण पूरी तरह प्रतिबंधित है।

    पुलिस को गश्त के दौरान मिला सुराग

    पुलिस के अनुसार 2 मार्च को Sub-Inspector श्रीकांत मगर (Shrikant Magar) की टीम कांदिवली वेस्ट के इरानीवाड़ी इलाके में नियमित गश्त कर रही थी। उसी दौरान पुलिस ने कुछ Class 11 के छात्रों को e-cigarette पीते हुए (vaping) देखा।

    भारत में electronic cigarettes पर प्रतिबंध होने के कारण पुलिस ने तुरंत छात्रों से पूछताछ की।

    छात्रों ने बताया दोस्त से मिला था vaping device

    पूछताछ के दौरान छात्रों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह vaping device उनके दोस्त “मंथन” से मिला था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे जांच शुरू की और सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की।

    जांच के दौरान पुलिस ने एक अन्य संदिग्ध की पहचान रोहित सभाजीत उपाध्याय (Rohit Sabhajit Upadhyay) के रूप में की, जो कांदिवली वेस्ट का रहने वाला है।

    आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद

    पुलिस ने रोहित उपाध्याय के घर पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान वहां से 131 प्रतिबंधित e-cigarettes और अलग-अलग कंपनियों के refill e-liquid bottles बरामद किए गए।

    जब्त किए गए इन सामानों की कीमत लगभग 78,500 रुपये बताई जा रही है।

    कुल 292 प्रतिबंधित सामान जब्त

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए। इनमें e-cigarettes, e-liquids और विदेशी सिगरेट शामिल हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क खास तौर पर नाबालिग छात्रों को target कर रहा था, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

    Electronic Cigarettes Act के तहत कार्रवाई

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के अनुसार भारत में e-cigarette की बिक्री, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट और विज्ञापन पूरी तरह गैरकानूनी है।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह अवैध सप्लाई नेटवर्क और किन-किन इलाकों में सक्रिय था।

    नाबालिगों में बढ़ती vaping की समस्या

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में स्कूल और कॉलेज के छात्रों में vaping का चलन बढ़ता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि पुलिस अब ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रख रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक e-cigarette का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है और कम उम्र के बच्चों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है।


    FAQ

    1. कांदिवली में क्या मामला सामने आया है?

    कांदिवली में पुलिस ने अवैध e-cigarette सप्लाई रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    3. पुलिस ने कितने सामान जब्त किए?

    पुलिस ने कुल 292 प्रतिबंधित items जब्त किए हैं।

    4. जब्त सामान की कीमत कितनी है?

    जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.16 लाख रुपये बताई गई है।

    5. भारत में e-cigarette क्यों बैन है?

    भारत में Prohibition of Electronic Cigarettes Act, 2019 के तहत e-cigarette की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।

  • Mumbai Traffic Jam: WEH पर बसें खड़ी कर Protest करने वाले 46 ड्राइवर-क्लीनर गिरफ्तार

    Mumbai Traffic Jam: WEH पर बसें खड़ी कर Protest करने वाले 46 ड्राइवर-क्लीनर गिरफ्तार

    Mumbai के Western Express Highway पर e-challan के विरोध में बसें खड़ी कर Traffic Block करने वाले 46 Bus Drivers और Cleaners को Vile Parle Police ने गिरफ्तार किया। इस Protest की वजह से Malad तक लंबा Traffic Jam लग गया।

    मुंबई: Western Express Highway Traffic Jam को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। e-challan system और commercial vehicles पर लगने वाले टैक्स-टोल के विरोध में बस ड्राइवरों और क्लीनरों ने हाईवे पर गाड़ियां खड़ी कर दीं। इस वजह से Vile Parle से लेकर Malad तक भारी Traffic Jam लग गया

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार कर लिया है।

    WEH पर बसें खड़ी कर किया गया Protest

    घटना Western Express Highway के Vile Parle East इलाके की है।

    पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने Southbound Carriageway पर अपनी बसें और अन्य भारी वाहन खड़े कर दिए थे।

    इस वजह से Andheri–Bandra stretch पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया और कुछ ही देर में गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई।

    बिना अनुमति के हाईवे पर प्रदर्शन

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के हाईवे पर यह विरोध प्रदर्शन किया।

    बसों को सड़क पर खड़ा कर दिया गया और कई ड्राइवर सड़क पर जमा होकर e-challan fines माफ करने और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग करने लगे।

    सुबह 9 बजे हुआ पूरा घटनाक्रम

    पुलिस के अनुसार यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई।

    उस समय पुलिस अधिकारी मुंबई में होने वाली एक अहम यात्रा की तैयारी कर रहे थे। दरअसल, Prime Minister of Finland के शुक्रवार को मुंबई दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस rehearsal arrangements और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रही थी।

    इसी दौरान Police Control Room को सूचना मिली कि लगभग 25 से 30 ड्राइवरों ने हाईवे पर बसें खड़ी कर दी हैं और रास्ता ब्लॉक कर दिया है।

    पुलिस के समझाने के बावजूद नहीं हटाए वाहन

    सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने ड्राइवरों को कई बार बसें हटाने और सड़क खाली करने के लिए कहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में ऐसा करने से इनकार कर दिया।

    इसके बाद Traffic Police भी मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने की कोशिश की।

    हजारों यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

    इस विरोध प्रदर्शन के कारण Western suburbs में भारी ट्रैफिक जाम लग गया।

    पुलिस के अनुसार:

    • हजारों commuters ट्रैफिक में फंस गए
    • कई ambulances भी जाम में अटक गईं
    • Class 10 और Class 12 board exams देने जा रहे कई छात्र भी इस ट्रैफिक में फंस गए

    इस वजह से पूरे इलाके में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ड्राइवरों ने सरकारी काम में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों से बहस भी की।

    कुछ लोगों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनके वाहन हटाए गए तो वे मुंबई के दूसरे इलाकों में भी सड़कें जाम कर देंगे

    15 मिनट में हटाई गई बसें

    पुलिस ने बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

    इसके बाद हाईवे पर खड़ी बसों को हटाकर करीब 15 मिनट के अंदर सड़क साफ कर दी गई, जिससे ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।

    46 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

    पुलिस ने कुल 46 Bus Drivers और Cleaners के खिलाफ FIR दर्ज की है।

    उन पर निम्न आरोप लगाए गए हैं:

    • Unlawful Assembly
    • Public Servants को काम करने से रोकना
    • Public Traffic में बाधा डालना

    सभी आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 मार्च तक Police Custody में भेज दिया गया।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai WEH Protest में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    इस मामले में 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार किया गया।

    2. Protest कहां हुआ था?

    यह विरोध प्रदर्शन Western Express Highway के Vile Parle East इलाके में हुआ।

    3. Protest का कारण क्या था?

    ड्राइवर e-challan fines माफ करने, और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग कर रहे थे।

    4. Traffic Jam कितनी दूर तक लगा?

    गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई थी।

    5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    पुलिस ने FIR दर्ज कर 46 लोगों को गिरफ्तार किया और कोर्ट से 8 मार्च तक पुलिस कस्टडी ली।

  • Mumbai Crime: Actor ने Society Secretary पर दर्ज कराई FIR, Trespass और धमकी का आरोप

    Mumbai Crime: Actor ने Society Secretary पर दर्ज कराई FIR, Trespass और धमकी का आरोप

    Malad West के Malvani इलाके में 48 वर्षीय Actor ने Society Secretary Firoz Khan, उनके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। मामला Renovation के दौरान Electric Wire काटने के विवाद से जुड़ा है। Malvani Police जांच में जुटी।

    मुंबई: Malad West इलाके से एक नया Mumbai Crime News सामने आया है। Malvani में रहने वाले 48 वर्षीय Actor ने अपनी Housing Society के Secretary और उनके बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ Criminal Intimidation, Trespass और Abuse का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।

    शिकायत मिलने के बाद Malvani Police Station ने 3 मार्च को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📍 Actor और Society Secretary के बीच कैसे शुरू हुआ विवाद

    FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता विश्वभानु रवीभूषण शर्मा Samuha Co-operative Society, Room No. C/24, MHADA Gate No. 8, Malvani Malad West में रहते हैं।

    उन्होंने पुलिस को बताया कि पिछले एक महीने से उनके घर में Renovation Work चल रहा है। इसी कारण वह और उनका परिवार फिलहाल उसी सोसायटी के परिसर में Room No. D/01, K.G.N Guest House में अस्थायी रूप से रह रहे हैं।

    ⚡ Electric Wire काटने को लेकर बढ़ा झगड़ा

    शर्मा के मुताबिक, उनके किचन के पीछे खुले स्थान में MHADA द्वारा लगाए गए Common Electric Wiring के कारण Renovation का काम रुक रहा था।

    उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस बारे में Society Secretary फिरोज खान (56) को पहले ही सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    आरोप है कि इसी वजह से शर्मा और उनकी पत्नी ने वह Electric Wire काट दिया।

    🗣️ 1 मार्च को घर पहुंचकर हुआ विवाद

    FIR के अनुसार, 1 मार्च को शाम करीब 5 बजे फिरोज खान और उनका बेटा आयाज़ खान (29) शर्मा के घर पहुंचे और उनसे Electric Wire काटने के बारे में सवाल किया।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि:

    • फिरोज खान ने उन्हें धमकी दी
    • बाद में सोसायटी परिसर में बुलाकर गाली-गलौज की
    • आयाज़ खान ने कथित तौर पर हमला करने की कोशिश की

    ⚠️ अगले दिन स्थिति और बिगड़ी

    शर्मा ने बताया कि 2 मार्च को करीब 12:30 बजे एक व्यक्ति, जो खुद को आयाज़ का दोस्त बता रहा था, उनके घर पहुंचा और दरवाजा खोलने को कहा।

    जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो वह व्यक्ति दो महिलाओं और एक अन्य व्यक्ति के साथ वापस आया।

    🏠 कमरे पर कब्जे का दावा, घर खाली करने की धमकी

    FIR के मुताबिक, उन महिलाओं में से एक की पहचान सुरैया हुसैन के रूप में हुई।

    आरोप है कि सुरैया ने खुद को उस कमरे की मालिक बताते हुए शर्मा से तुरंत घर खाली करने को कहा।

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद सभी लोगों ने उन्हें गालियां दीं और धमकियां दीं।

    🔌 बिजली-गैस बंद कर घर बाहर से लॉक करने का आरोप

    शर्मा का कहना है कि समूह में शामिल एक महिला ने बाकी लोगों को घर में घुसने, हथियारों के साथ अंदर आने, लाइट और गैस बंद करने और घर को लॉक करने के लिए उकसाया।

    FIR के अनुसार:

    • एक व्यक्ति घर के अंदर घुस गया
    • उसने बिजली और गैस सप्लाई बंद कर दी
    • फिर घर को बाहर से लॉक कर दिया

    इसके बाद कथित तौर पर समूह वहां से भाग गया।

    ⚖️ किन लोगों पर दर्ज हुई FIR

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    आरोपी:

    • फिरोज खान
    • आयाज़ खान
    • सुरैया हुसैन
    • दो अज्ञात व्यक्ति

    इन पर Bharatiya Nyaya Sanhita की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, जिनमें शामिल हैं:

    • Section 329(4) – Criminal Trespass / House Trespass
    • Section 189(2) – Unlawful Assembly
    • Section 190 – Common Object of Unlawful Assembly
    • Section 351(2) – Criminal Intimidation
    • Section 352 – Intentional Insult to Provoke Breach of Peace

    पुलिस ने कहा है कि मामले की Further Investigation जारी है।


    ❓ FAQ Section

    1. यह मामला मुंबई के किस इलाके का है?

    यह मामला Malvani, Malad West का है।

    2. FIR किसने दर्ज कराई?

    48 वर्षीय Actor विश्वभानु रवीभूषण शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई।

    3. विवाद किस वजह से हुआ?

    Renovation के दौरान Common Electric Wire काटने को लेकर विवाद हुआ।

    4. पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?

    Bharatiya Nyaya Sanhita की कई धाराओं में Criminal Trespass, Intimidation और Unlawful Assembly के आरोप लगाए गए हैं।

  • Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali IC Colony के My Gold Point jewellery shop से ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी मामले में MHB Colony Police की बड़ी कार्रवाई। 45 दिन की technical investigation के बाद Rajasthan के Rajsamand जंगल से 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹4.65 करोड़ का माल बरामद।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्थित IC Colony में My Gold Point jewellery shop से करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। MHB Colony Police ने लगातार 45 दिन की investigation के बाद राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक ₹4.65 करोड़ का चोरी का माल बरामद कर लिया है, जबकि बाकी की recovery जारी है।

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    📍 कैसे सामने आया Jewellery Theft Case?

    14 जनवरी 2026 को MHB Colony Police Station में शिकायतकर्ता राकेश शांतिलाल पोरवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 की रात 10:30 बजे से 14 जनवरी 2026 दोपहर 1:26 बजे के बीच Borivali West, IC Colony, Holy Cross Road स्थित My Gold Point ज्वेलरी शॉप की तिजोरी से सोना, चांदी और डायमंड के दागिने चोरी हो गए।

    चोरी की कुल अनुमानित कीमत ₹6,79,85,000 बताई गई। पुलिस ने इस मामले में BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत FIR (CR No. 23/2026) दर्ज की।

    🕵️‍♂️ दुकान के ही सेल्समैन निकले मास्टरमाइंड

    शिकायत के मुताबिक, दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करने वाले प्रभू सिंग नारायण सिंग ने साजिश रचकर चोरी को अंजाम दिया। आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तिजोरी से कीमती ज्वेलरी चुरा ली और बिना मालिक की जानकारी के फरार हो गए।

    🎥 CCTV और Technical Surveillance से मिला सुराग

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। CCTV फुटेज और technical investigation के जरिए पता चला कि मुख्य आरोपी प्रभू गोप सिंग दसाणा और नारायण मोहन सिंग राजस्थान भाग गए हैं।

    तुरंत एक Crime Detection Team को राजस्थान रवाना किया गया।

    🌲 राजसमंद के जंगल में ड्रोन से सर्च ऑपरेशन

    28 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिली कि एक आरोपी राजसमंद जिले के कुवारीया गांव के पास घने जंगल में एक मंदिर में छिपा है। पुलिस ने वहां trap बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

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    पूछताछ में पता चला कि चोरी की साजिश में गणपत सिंह मोहन चंदाना, विशन सिंह वग्गालाल रेवारी, मोडसिंग चुनसिंग दसाना और देवी सिंह गोपसिंग दसाणा (सभी निवासी राजसमंद, राजस्थान) शामिल थे।

    राजस्थान पुलिस की मदद से राजसमंद जिले के तीन जंगल इलाकों में joint search operation चलाया गया। इस दौरान private thermal drone का भी इस्तेमाल किया गया। सर्च के दौरान मोडसिंग को भी पकड़ा गया।

    🚨 1 मार्च को दो और आरोपी दबोचे

    लगातार human intelligence और technical surveillance के जरिए 1 मार्च 2026 को खबर मिली कि फरार आरोपी गणपत सिंह और किशन सिंह कुवारीया गांव के आसपास देखे गए हैं।

    पुलिस ने गांव के जंगल से आने-जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर trap लगाया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    💰 ₹4.65 करोड़ का माल बरामद

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों से करीब:

    • 3 किलोग्राम सोने के दागिने (कीमत लगभग ₹4.50 करोड़)
    • 5 किलोग्राम चांदी के दागिने (कीमत लगभग ₹15 लाख)

    कुल ₹4,65,00,000 की संपत्ति बरामद की गई है। बाकी चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई जारी है।

    👮‍♂️ किन अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला Borivali Operation?

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (Law & Order) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव (परिमंडल 11), एसीपी संतोष धनवटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी के मार्गदर्शन में हुई।

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    Operation में PI (Crime) अतुल आव्हाड, PSI निलेश पाटील, संदीप गोरडे, वसीम शेख, मंगेश किरपेकर, संतोष भोसले, API संभाजी खरात, हवालदार बबलू सालुंखे, संदीप परिट, तिरुपती रेकुळवाड, सतीश देवकर, अर्जुन आहेर सहित कई पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।

    🔎 Mumbai Crime News में बड़ा खुलासा

    Borivali IC Colony Jewellery Theft Case ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंदरूनी साजिश (insider conspiracy) किस तरह बड़े crime को अंजाम दे सकती है।

    Police investigation, technical surveillance और drone search operation की मदद से 45 दिन में आरोपियों को पकड़ना Mumbai Police के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. चोरी कितनी रकम की थी?
    करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी हुई थी।

    Q2. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से।

    Q3. अब तक कितना माल बरामद हुआ है?
    करीब ₹4.65 करोड़ का सोना और चांदी बरामद हुआ है।

    Q4. क्या दुकान के कर्मचारी शामिल थे?
    हाँ, दुकान के सेल्समैन पर साजिश रचने का आरोप है।

    Q5. कौन सी धाराओं में केस दर्ज हुआ?
    BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है।

  • Bandra West में फिर खोदी गई St Andrew’s Road, Residents नाराज़

    Bandra West में फिर खोदी गई St Andrew’s Road, Residents नाराज़

    Bandra (W) की St Andrew’s Road एक बार फिर खुदाई की वजह से चर्चा में। Bandra Gymkhana के बाहर carriageway का हिस्सा excavate, traffic single lane पर। BMC ने Chimbai pumping station upgradation और micro-tunnelling बताया कारण।

    मुंबई: शहर के पॉश इलाकों में गिने जाने वाले Bandra (West) में एक बार फिर सड़क खुदाई को लेकर residents में गुस्सा देखने को मिल रहा है। Bandra Gymkhana के बाहर स्थित St Andrew’s Road का एक हिस्सा दोबारा खोद दिया गया है, जिससे traffic single lane तक सिमट गया है और रोजाना आने-जाने वाले motorists को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क पहले भी कई बार मरम्मत और निर्माण के नाम पर खोदी जा चुकी है, और अब फिर से excavation शुरू होने से “never-ending road work” जैसा हाल बन गया है।

    📍 St Andrew’s Road पर क्या हुआ?

    ताजा घटनाक्रम में St Andrew’s Road के एक हिस्से, खासकर Bandra Gymkhana के बाहर के stretch को दोबारा excavate किया गया। carriageway का बड़ा हिस्सा खोद दिए जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही सिर्फ एक लेन तक सीमित हो गई है।

    इस वजह से peak hours में लंबा traffic jam लग रहा है और local commuters को देरी का सामना करना पड़ रहा है। Residents का कहना है कि बिना proper advance notice और clear signage के खुदाई शुरू कर दी गई।

    😡 Residents का गुस्सा: “कब खत्म होगा ये road work?”

    Bandra (W) के कई स्थानीय निवासियों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह सड़क पिछले कुछ सालों से बार-बार खोदी जा रही है। एक resident ने कहा,

    “हर कुछ साल में यही सड़क खोद दी जाती है। पहले repair, फिर concretisation, अब pumping station का काम। आखिर planning है या नहीं?”

    लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही narrow roads और heavy traffic के लिए जाना जाता है। ऐसे में एक लेन कम हो जाने से हालात और बिगड़ जाते हैं।

    🏗️ 2018 में Asphalt Work अधूरा रह गया था

    अगर पीछे की कहानी देखें तो May 2018 में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने St Andrew’s Road पर paver blocks हटाकर asphalt बिछाने का काम शुरू किया था।

    लेकिन यह काम पूरा नहीं हो पाया। Residents की शिकायतों के बाद contractor की services terminate कर दी गई थीं। आरोप था कि काम की quality shoddy थी और execution में कई खामियां थीं।

    यानी 2018 में शुरू हुआ road repair project अधूरा ही छूट गया, जिससे लोगों में पहले से ही नाराज़गी थी।

    🛣️ 2021 में Concretisation का प्लान

    इसके बाद 2021 में civic body ने इस सड़क को concretise करने की योजना बनाई थी। यानी asphalt की जगह पूरी concrete road बनाने की बात कही गई थी ताकि लंबे समय तक durability बनी रहे।

    हालांकि, अब जो खुदाई हो रही है, वह उस concretisation plan से जुड़ी नहीं बताई जा रही है।

    🏭 BMC का स्पष्टीकरण: Road Repair नहीं, Pumping Station Upgrade

    Civic officials का कहना है कि वर्तमान excavation का road repair या resurfacing से कोई संबंध नहीं है।

    BMC अधिकारियों के अनुसार, यह काम Chimbai pumping station upgradation project का हिस्सा है। इसमें micro-tunnelling तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और जो हिस्सा खोदा गया है, वह एक chamber बनाने के लिए है।

    यानी, सड़क को पूरी तरह से तोड़ने के बजाय एक specific section में chamber construction के लिए excavation किया गया है।

    🔧 Micro-Tunnelling क्या है और क्यों जरूरी?

    Micro-tunnelling एक modern underground construction technique है, जिसमें बिना पूरी सड़क तोड़े जमीन के नीचे pipeline या drainage system बिछाया जाता है।

    Chimbai pumping station upgrade का मकसद reportedly drainage और stormwater management system को बेहतर बनाना है। Bandra जैसे coastal और low-lying areas में monsoon के दौरान waterlogging बड़ी समस्या रहती है।

    Officials का दावा है कि यह project long-term flood mitigation के लिए जरूरी है।

    🚗 Traffic Impact और Daily Commuters की परेशानी

    हालांकि BMC का तर्क है कि काम जरूरी है, लेकिन ground reality यह है कि traffic single lane पर आ जाने से रोजाना सैकड़ों motorists प्रभावित हो रहे हैं।

    • School buses को देरी
    • Office commuters को लंबा जाम
    • Local deliveries पर असर

    Residents का कहना है कि अगर यह project unavoidable है, तो proper traffic management plan और clear timeline दी जानी चाहिए।

    📣 Transparency और Coordination पर सवाल

    Local नागरिकों का सवाल है कि जब 2018 में asphalt work अधूरा रह गया और contractor terminate हुआ, और 2021 में concretisation plan आया, तो क्या इन projects के बीच proper coordination हुआ था?

    Experts का मानना है कि Mumbai में multiple infrastructure projects अक्सर अलग-अलग departments के बीच coordination की कमी के कारण overlapping हो जाते हैं।

    Residents की मांग है कि future planning में integrated approach अपनाई जाए ताकि एक ही सड़क बार-बार न खोदी जाए।

    🌧️ Monsoon से पहले काम पूरा होगा?

    Bandra (W) के लोग इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि अगर excavation लंबा चला तो monsoon के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं।

    Waterlogging और potholes का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल BMC ने work completion timeline को लेकर कोई सार्वजनिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।

    🏙️ Bigger Urban Issue: Mumbai Road Digging Cycle

    St Andrew’s Road का मामला सिर्फ एक isolated incident नहीं है। Mumbai के कई इलाकों में residents अक्सर “dig, repair, re-dig” cycle की शिकायत करते रहे हैं।

    Urban infrastructure experts का कहना है कि long-term planning, utility mapping और centralized approval system से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. St Andrew’s Road को फिर से क्यों खोदा गया है?
    BMC के अनुसार यह road repair नहीं, बल्कि Chimbai pumping station upgradation project का हिस्सा है, जिसमें micro-tunnelling और chamber construction शामिल है।

    Q2. 2018 में क्या हुआ था?
    BMC ने paver blocks हटाकर asphalt बिछाने का काम शुरू किया था, लेकिन quality issues की शिकायत के बाद contractor की services terminate कर दी गईं और काम अधूरा रह गया।

    Q3. 2021 में क्या योजना थी?
    Civic body ने सड़क को concretise करने की योजना बनाई थी।

    Q4. अभी traffic पर क्या असर है?
    Carriageway का हिस्सा खोद दिए जाने से traffic single lane तक सीमित है, जिससे जाम और देरी हो रही है।

    Q5. Residents की मुख्य मांग क्या है?
    Proper planning, transparency, timeline और बेहतर traffic management।

  • Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai: Notice ना देने पर MNS कार्यकर्ता रिहा, कोर्ट ने बताया Arrest अवैध

    Mumbai में MNS activist Ravindra Shinde की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध माना। BNSS Section 35(3) के तहत notice न देने पर magistrate court ने दी रिहाई। Extortion case में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।

    मुंबई: मुंबई में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। South Mumbai में रोड वर्क ठेकेदार से कथित तौर पर धमकी देकर वसूली (extortion) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को अदालत ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में BNSS के तहत जरूरी notice नहीं दिया गया, जिससे arrest अवैध हो गया।

    ⚖️ Court का बड़ा फैसला: Arrest को बताया Illegal

    मामले की सुनवाई के दौरान magistrate court ने कहा कि चूंकि आरोपी को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance नहीं दिया गया, इसलिए गिरफ्तारी वैध नहीं मानी जा सकती।

    यह मामला उन अपराधों से जुड़ा है जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक की है। ऐसे मामलों में Supreme Court के आदेश के मुताबिक पहले notice जारी करना जरूरी है।

    👤 कौन हैं आरोपी?

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम Ravindra Shinde है, जो MNS (Maharashtra Navnirman Sena) से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। उन्हें शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    उन पर आरोप है कि उन्होंने South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर पैसे की मांग की थी।

    📜 Defence ने Supreme Court Order का दिया हवाला

    Shinde की ओर से वकील Rajendra Shirodkar, साथ में Archit Sakhalkar ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने Supreme Court के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जिन अपराधों में सात साल तक की सजा है, उनमें Section 35(3) BNSS के तहत पहले notice देना अनिवार्य है।

    डिफेंस का तर्क था कि पुलिस ने यह जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की।

    🏛️ Police ने कहा – Process Follow किया

    Public Prosecutor R A Patil ने अदालत में कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है।

    हालांकि कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को Section 35(3) के तहत notice जारी किया गया था।

    📌 BNSS की किन धाराओं का पालन हुआ?

    डिफेंस वकील Shirodkar ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस ने:

    • Section 47(1) BNSS के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी
    • Section 48(2) और 48(3) BNSS के तहत आरोपी के रिश्तेदारों को सूचना दी

    लेकिन सबसे अहम Section 35(3) notice for appearance जारी करने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया जा सका।

    🔎 Legal Procedure पर फिर उठे सवाल

    इस फैसले के बाद Mumbai Police की arrest procedure और BNSS compliance को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। Legal experts का मानना है कि Supreme Court guidelines का पालन न करना जांच पर असर डाल सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. किसे रिहा किया गया है?
    MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को कोर्ट ने रिहा किया।

    Q2. कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना?
    क्योंकि BNSS Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance जारी नहीं किया गया था।

    Q3. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
    South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर extortion करने का आरोप है।

    Q4. पुलिस ने कौन सी कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी?
    Section 47(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण बताए और Section 48(2)(3) के तहत रिश्तेदारों को सूचना दी।

    Q5. Supreme Court का क्या आदेश है?
    जिन मामलों में सजा सात साल तक है, उनमें पहले notice जारी करना जरूरी है।