मुंबई में 6000 किलो का लोहे का पुल चोरी हो गया है। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार। लोहा भी बरामद।
इस्माईल शेख मुंबई- पुलिस ने पिछले सप्ताह के शनिवार को पश्चिमी उपनगर में एक नाले पर बने 6000 किलो ग्राम के लोहे के पुल को चुराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। खबरों के मुताबिक, मलाड पश्चिम के 6000 किलो ग्राम के लोहे का पुल चोरी मामले में टेंडर प्राप्त करने वाली कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति के साथ 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें खुद पुल बनाने का काम सौंपा गया था।
क्या है हकीकत..?
आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि मलाड (पश्चिम) में 90 फुट लंबी लोहे की संरचना का पुल का निर्माण विशाल बिजली तारों को स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। इसके तहत नाले पर एक स्थायी पुल बनाने के बाद, अस्थायी संरचना को कुछ महीने पहले क्षेत्र में दूसरी जगह ले जाया गया था। लेकिन पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक लोहे का पुल अचानक गायब हो गया।
Indian fasttrack 2चोरी हुए लोहे की ब्रिज की तस्वीर
मुंबई में 6000 किलो के लोहे का पुल..
पुलिस को मिली शिकायत में कहा गया है, कि अस्थायी पुल 26 जून को गायब पाया गया। जिसके बाद निर्माण कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस की पड़ताल में पाया कि पुल को आखिरी बार 6 जून को अपनी जगह पर देखा गया था। लेकिन दिक्कत यह थी कि वहां किसी भी तरह का सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा होने के कारण आगे का हाल-चाल पता करना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चूंकि घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, इसलिए पुलिस ने आस-पास के इलाकों में लगे निगरानी कैमरों के फुटेज को स्कैन किया। इसमें पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बारीकी से हर कैमरे की फुटेज को खंगाला गया। आखिरकार वहां उन्होंने 11 जून को पुल की दिशा में एक बड़ा वाहन चलते हुए कैमरे में पाया।
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पुलिस ने उसके पंजीकरण नंबर के आधार पर वाहन का पता लगाया। वाहन में गैस-काटने वाली मशीनें थीं जिनका उपयोग पुल को तोड़ने और 6000 किलोग्राम वजन वाले लोहे को चुराने के लिए किया गया था। आगे की जांच में पुलिस उस फर्म के एक कर्मचारी तक पहुंची जिसे पुल बनाने का ठेका दिया गया था। पुलिस ने पिछले सप्ताह कर्मचारी और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसमें बताया गया कि साइट से चुराई गई सामग्री बरामद कर ली गई है।
महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।
भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है, झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।
Indian fasttrack newsमहाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर
गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..
लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।
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इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।
वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।
BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..
बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?
सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।
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मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..
मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।
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गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है डीओ राजन प्रभु।
मनपा का पी/उत्तर वार्ड भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपए की रिश्वत लेकर गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान करने एवं उसे बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है। इस वार्ड के लगभग सभी कर्मी, अधिकारी सत्ता के मद में चूर भूमाफियाओं द्वारा व्यापारिक गाले गैरकानूनी तरीके से बनवाकर दौलत कमाने में लगे हैं। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका
पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु ने विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर गैरकानूनी तरीके से पांच व्यापारिक गाले के निर्माण हेतु ठेकेदार उस्मान को मौखिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर उसके द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण देने की एवज में 60 लाख रुपये की रिश्वत ली है। तो क्या मैं उसे मान लूंगा! नही! क्या जनता भी इसे मान लेगी कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी है? (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Live video on Indian fasttrack news channelमालाड़ के विवादित अवैध निर्माण की तस्वीर
लेकिन मैं तो नहीं मानता कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी होगी! बताया जाता है, कि 60 लाख रुपये की जो रिश्वत डीओ ने ठेकेदार उस्मान से ली थी वह भी कम थी। जिससे और रकम की मांग की गई। बाकी के 40 लाख रुपये न मिलने पर उसके निर्माण कार्य को बचाने की बजाय उसे जमींदोज कर दिया गया। क्या वाकई में बाकी के 40 लाख रुपए न मिलने पर ठेकेदार उस्मान के गैरकानूनी निर्माण कार्य को जमींदोज कर दिया गया? मैं तो नहीं मानता! (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack
मामला पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु द्वारा ठेकेदार उस्मान के गैरकानुनी निर्माण कार्य को बचाने की एवज में रिश्वत की उगाही कर मनपा के राजस्व को चुना लगाने और खुद की जेब भरने का है। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack) मलाड (पूर्व), वार्ड क्रमांक, 38 श्री कृष्णा बाल गोपाल सेवा संघ, गांधी नगर, कटिंग नंबर,10, पटेल कंपाउंड,भीम नगर, कुरार विलेज स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिन पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य को डीओ राजन प्रभु के संचालन में जमीदोज किया गया था। अब ये निर्माण कार्य किन परिस्थितियों में पुनः कराए जा रहे हैं। यह सवाल यक्ष प्रश्न की तरह मुंह बाए खड़ा है।
मनपा पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों में से एक डीओ राजन प्रभु ने ठेकेदार उस्मान से भारी धनराशि लेकर उसके गैरकानूनी निर्माण को बचाने की कोशिश किए जाने की बात सूत्र से ज्ञात हुई है। ऐसे में मनपा का पी/उत्तर,वार्ड पूरी तरह से भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में है तो अतिरंजना नही होगी। जिसके चलते भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन कार्य कर रहा है। क्या मनपा में एक भी अधिकारी ईमानदार नहीं है जो डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दीघावकर के भ्रष्टाचार की बिना भेद भाव किए कानूनी कार्रवाई करें। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Indian Railway के मुंबई मंडल में अनाड़ी अनिल जैन मध्यरेल का खिलाड़ी वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी बना हुआ है। इन्हें पीआर ऑफिसर के कामकाज का कुछ भी ज्ञान नहीं है। या करना नहीं चाहता कुछ पता नहीं।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन जब से मुंबई में जनसंपर्क विभाग में आये है। तब से आज तक एक भी प्रेस नोट नही बना सके और न ही इनको ज्ञान है। ये पूरी तरह अनाड़ी और अज्ञानी व्यक्ति है। जो अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों को धमकाकर उनसे प्रेसनोट और कोई लेख लिखवा लेता है। जो पत्रकार इनकी चाटूकारिता करते हैं उसको ये अपने चेंबर में बुलाकर दुसरो की बुराई करते है और अपने मनमानी तरीके से खबर छपवाते है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
अनाड़ी और अज्ञानी ..
जैन किसी भी योग्य नही है केवल मुफ्त की पगार लेकर, दूसरों की बुराई करके अपना उल्लू सीधा कर रहे है। पता नही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इनको किस आधार पर बिठाकर रखा है। आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि ये तो भुसावल, सोलापुर और पूना स्टेधन के योग्य नही है। इनको मुंबई जैसे स्टेशन पर जीएम कार्यालय में नियुक्ति करके रखा है। एक सीपीआरओ तो इनके आतंक से रोकर अपना ट्रांसफर करवाकर चले गए। जो अपना कार्यकाल भी पूरा नही कर पाए थे। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
Indian fasttrack newsमुंबई सीएसटी रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर
इसके पूर्व भोपाल में भी इनका कार्य अच्छा नही था। अब देखना होगा कि जनरल मैनेजर नरेश लालवानी इन पर कार्रवाई करते है या इनको रिवार्ड देते है। अगर इस खबर के बाद लालवानी इनके ऊपर कार्रवाई नही करते, तो रेलवे का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा। जैन से आंतरिक रूप से सारे कर्मचारी नाराज है। सभी चाहते है कि जैन जल्दी से जल्दी यहाँ से चले जाएं। ये दुसरो की बुराई करने में डिग्री हासिल कर चुके है। नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ शिवाजी मानसपुरे को भी कई लोगो के विरुद्ध उल्टा सीधा बताकर रखा है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी
जैन का रिटायरमेंट केवल तेरह महीने और बचा है। फिर भी अपने आदत से मजबूर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कालबादेवी के कुछ कपड़ा व्यापारियों का पत्रकार कोटे के अधीन टिकट का कोटा करवाना जो पत्रकार नही है और अन्य रेलवे के बारे में खबर भी छपवाते है। इसके साथ ही जैन समाज की नेतागिरी भी करते है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
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इनको कोई यह भी जानकारी नही है पत्रकारों को खबर संकलन करने के लिए आरटीआई की जरूरत नहीं पड़ती आरटीआई अधिनियम तो 2005 से लागू हुआ है क्या इसके पहले मीडिया काम ही नहीं करती थी। किसी भी खबर की जानकारी मांगने पर पत्रकारों को आरटीआई डालकर खबर निकालने के लिए जैन कहते है। ऐसे व्यक्ति को केंद्रीय विभाग में जनसंपर्क अधिकारी के पद पर कैसे बिठाया गया है यह भी एक जांच का विषय है बना हुआ है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।
संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।
Indian fasttrack newsशंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर
यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।
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बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।
क्या ऐसे ही कामचोर और अयोग्य व्यक्तियों को जनसंपर्क अधिकारी के नौकरी के पद पर रेलवे प्रशासन रखता है। जिससे पत्रकारों के प्रश्नों को उनसे दूर रखा जा सके।
InDIAN RaILWAY
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के सीनियर जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार जैन अयोग्य, अज्ञानी और एक भी डिक्टेशन न देने वाला जनसंपर्क अधिकारी साबित हो गया है। जिसको कुछ भी नही आता, अपने चेंबर में नई-नई महिला पत्रकारों को बैठाकर गप्पे मारने और अपने को ईमानदार घोषित करने वाला अधिकारी बन रहा है। जिसको कहते है ‘अपने मुँह मिट्ठू मियां’ वाली कहावत साबित हो रही है। (फूल पगारी फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन)
Indian fasttrack newsमुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल की तस्वीर
कुछ पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करता है। मध्यरेल में कई जगहों पर जनसंपर्क अधिकारी की जगह खाली है। फिर भी इसका ट्रांसफर नही हो रहा है। कई वर्षों से एक ही जगह पर फेविकॉल की तरह कुर्सी से चिपका हुआ है। रेलवे बोर्ड से पत्रकारों के नाम पर आने वाले पैसों में भी घपला करता है। आजकल ये प्रिंट मीडिया का कामकाज देख रहे है। इनका रिटायरमेंट करीब है फिर भी सुधरने को तैयार नही है। (फूल पगारी फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन)
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फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी..
अनिल जैन से किसी भी प्रकार की जानकारी मांगने पर आरटीआई डालने को बोलते है। जिस पीआरओ को जानकारी नही है तो उसको किस आधार पर रेलवे पगार देती है और किस आधार पर इनको नौकरी पर रखा गया है। यह एक विचारणीय प्रश्न है ? क्या ऐसे ही कामचोर और अयोग्य व्यक्तियों को नौकरी पर रेलवे प्रशासन रखता है। जिससे पत्रकारों के प्रश्नों को उनसे दूर रखा जा सके। (फूल पगारी फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन)
मुंबई के गोवंडी इलाके में कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। यहां की मिट्टी को लेकर मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
इस्माईल शेख मुंबई- गोवंडी के कब्रिस्तानों की मिट्टी का जायजा लेने के लिए सरकारी एजेंसियों को कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि यहां स्थानीय लोगों के लिए दो कब्रिस्तान मौजूद है इन दोनों स्थानों पर ताला लगा दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक कब्रिस्तान में नए शव दफन करने के लिए जगह नहीं है। पुराने दफन शवों को गले में काफी ज्यादा का समय लग रहा है जिस कारण नए शवों की एंट्री बंद कर दी गई है।
Indian fasttrack newsगोवंडी के देवनार कब्रिस्तान की तस्वीर
लाखों की आबादी वाला गोवंडी का इलाका जहां बड़ी संख्या मे मुस्लिम समुदाय के लोग रहते है। वहां लोग अपने परिजनों का शव कांधे पर लिए दरबदर भटक रहे है। देवनार और रफी नगर के नाम पर यहां 2 कब्रिस्तान है। जहाँ इनदिनों ताला लगा दिया गया है। शवों को यहां दफ़न करने से रोक दिया गया है। जिसके पीछे की वजह कब्रिस्तान मै जगह नही होना बताया जारहा है वहीं कब्रिस्तान मैं दफनाये गए शव सही वक्त पर मिट्टी में नही मिलने के कारण कब्र को दोबारा उसमे शव दफनाने पर रोक लगाई गई है।
आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि एक शव को दफनाने के बाद लगभग 6 से 8 महीनों में वह शरीर गर्ल कर मिट्टी हो जाता है। उसके कुछ दिनों बाद उसी कबर को दोबारा खनकर उसमें नए शव को दफना दिया जाता है। यह निरंतर सभी कब्रिस्तान में जारी है। जिस कारण मुंबई में जगह की कमतरता आभार नहीं होता। लेकिन गोवंडी के कब्रिस्तानों में एक नया ही मामला पेश आ रहा है। यहां दफनाये गए शवों को गलने में और भी ज्यादा का समय लग रहा है। जिसकी वजह से यहां की मिट्टी पर घोटाला होने के आरोप नागरिकों द्वारा लगाए जा रहे हैं।
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कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला
गोवंडी के स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के कामों में और मिट्टी डलवाने में घोटाला होने का आरोप लगाया है। लंबे समय से यह के लोग शासन प्रशासन के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को कब्रिस्तान मे होने वाले घोटाले से अवगत कराते रहे है। उसके बाद भी किसी तरह की करवाई नही की गई और आज यहां के लोगों के लिए कब्रिस्तानों में ताला लगा दिया गया है। इसको लेकर सामाजिक संस्था ‘सिटिजन फोरम’ ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को मिट्टी की जांच का आदेश करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
मुंबई के मालाड पश्चिम मालवणी पुलिस ने नकली नोटों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पैसों की लेनदेन करने वालों के लिए यह खास खबर है।
FAKE CURRENCY NOTES IN MUMBAI
इस्माईल शेख (FAKE CURRENCY NOTES IN MUMBAI) मुंबई- FAKE CURRENCY NOTES से सावधान रहे मुंबईकर बाजार में आज भी नकली नोट का चलन जारी है। नकली नोट बनाकर बाजार में पेश करने वालों की नजर में आज भी मुंबई शहर पसंदीदा बनी हुई है। जबकि ज्यादातर लोग इसे ध्यान से परखर ही लेनदेन करते हैं। लेकिन जब भी किसी के हाथ यह नकली नोट लग जाता है उसका सीधे तौर पर उतने ही पैसों का नुकसान हो जाता है। FAKE CURRENCY NOTES IN MUMBAI
ना वह उस नोट को कहीं चला पाता और ना ही किसी को बता पाता है। क्योंकि नकली नोट होना ही भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत गुनाह के हम पात्र हो जाते हैं। ऐसे में सीधे तौर पर आम नागरिक को नुकसान सहना पड़ता है। यह जानकारी फिर से इसलिए दोहराई जा रही है, क्योंकि हाल ही में मलाड पश्चिम के मालवानी पुलिस थाने ने एक शख्स को 500 रुपये के कुल आठ नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। इसकी पड़ताल में और भी कई खुलासे हुए जिसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने लगभग 7 लाख 27 हज़ार रुपयों का माल जब्त कर लिया है।
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने बताया, कि पुलिस उप निरीक्षक हसन मूलानी को विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर एक गुप्त सूचना मिली थी, की पुलिस थाना अंतर्गत मालवानी के एक नंबर, गणेश मंदिर के पास कोई व्यक्ति नकली नोटों का सैंपल लेकर बाजार में वितरित करने के लिए आने वाला है। पुलिस में जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
Fake Currency notes in mumbai
₹500 की फोटो
पुलिस उप निरीक्षक हसन मूलानी ने जांच के हवाले से बताया, कि जब हम घटनास्थल पर पुलिस का पहरा दे रहे थे। उस वक्त संदेहास्पद व्यक्ति अपने साथ एक छोटे से बच्चे को भी लेकर आया हुआ था और काली थैली में कुछ सामान लेकर एक जगह पर रुका हुआ था। लगातार यहां से वहां घूम कर किसी का इंतजार करता हुआ दिखाई पड़ रहा था। पुलिस ने अपने सरकारी पंचों के साथ जब गहनता से उस पर निगाह डाली तो सूत्रों से प्राप्त जानकारी के हूबहू उस व्यक्ति की पहचान नजर आई। तुरंत मालवानी पुलिस ने अपने साथ ले गए सरकारी पंचों के साथ उसे घेराबंदी मे करते हुए अपने ताबे में लिया और गवाहों के समक्ष जब उसकी झढ़ती ली गई, तो उसके पास से 500 रूपये के कुल 8 नोट नकली प्राप्त हुए हैं। जो हूबहू भारतीय चलन नोटों के बराबर प्रतीत हो रहे हैं। (Fake Currency notes in mumbai News)
तुरंत उसे पुलिस थाने में लाकर पूछताछ की गई तो 32 वर्षीय आरोपी उमेश जय किशन कुमार ने बताया, कि वह एक कारोबारी है और कांदिवली पश्चिम के जनकल्याण नगर के पास, भूमि पार्क के एक इमारत में रहता है। जो घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है। पुलिस ने तुरंत गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 748/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 489 (ब) और 489 (क) के तहत उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से बरामद 500 रुपये के 8 नकली नोट और भारतीय चलन के असली 3000 रुपयों के साथ मोबाइल फोन जब्त किया गया।
जांच के लिए जब पुलिस उसके फ़्लैट पर पहुंची तो वहां एक लैपटॉप, एप्पल कंपनी का आईपैड और दो पेनड्राइव, 4 मोबाइल, कोरा बॉन्ड पेपर, माइक्रो मेमोरी कार्ड, उसके रहते घर के पार्किंग स्लॉट में खड़ी उसकी निजी महिंद्रा एसयूवी 500 वाहन क्रमांक एचआर 26 सीएन 0597 और इस गाड़ी के भीतर रखा हुआ प्रिंटर सभी को पुलिस ने अपराध के तहत जप्त कर लिया है। इस पूरे कार्रवाई के बीच पुलिस द्वारा जब्त सामानों का बाजार मूल्यांकन 7 लाख 27 हज़ार रुपये आंकें जा सकते हैं। (Fake Currency notes in mumbai News)
इस पूरे कार्यवाही की निगरानी उत्तर प्रादेशिक विभाग के मुंबई अप्पर पुलिस आयुक्त राजीव जैन, मुंबई पुलिस परिमंडल 11 के उपायुक्त अजय कुमार बंसल, सहायक पुलिस आयुक्त मालवणी डिवीजन शैलेंद्र धीवार कर रहे थे। मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव साहब मामले के हर पहलू से जुड़े पल-पल की जानकारियां आला अधिकारियों की इजाजत के साथ पुलिस निरीक्षक शेलके, क्राइम डिटेक्शन अधिकारी हसन मूलानी को निर्देशित कर रहे थे।
पूरे अपराध का खुलासा करने में मालवनी पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक माणिक मोरे, पुलिस सिपाही पाटिल, पुलिस सिपाही वत्रे, पाटिल, महिला पुलिस सिपाही गोसावी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिसकी आला सभी अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग में भी गुड वर्क के लिए शाबाशी दी जाती है। फिलहाल नकली नोटों से बाजार को सुरक्षित करने में मालवानी पुलिस ने अपनी अच्छी भूमिका निभाई है। (Fake Currency notes in mumbai News)
Mumbai में फर्जी शेयर बाजार चलाने वाले जतिन मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एप के जरिये तीन महीने में 4,672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग कर टैक्स चोरी से सरकार को लगभग 1.95 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। पुलिस ने उसे कांदीवली से किया गिरफ्तार।
इस्माईल शेख मुंबई- फर्जी शेयर बाजार चलाने वाले जतिन मेहता को क्राईम ब्रांच यूनिट 11 की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह एप के जरिये तीन महीने में 4672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग कर टैक्स चोरी से सरकार को लगभग 1.95 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। उसे मंगलवार को मुंबई उपनगर (Mumbai suburbs) कांदीवली से गिरफ्तार किया गया। बिना किसी वैध लाइसेंस के वह ‘मूडी’ नामक मोबाइल एप के जरिये कैश से फर्जी शेयर बाजार चला रहा था।
Mumbai में डिब्बा ट्रेडिंग..
23 मार्च से 20 जून के बीच बिना किसी वैध लाइसेंस के वह ‘मूडी’ नामक मोबाइल एप के जरिये कैश से फर्जी शेयर बाजार चला रहा था। ऐसे शेयर बाजार को मुंबई (Mumbai) में डिब्बा ट्रेडिंग के नाम से जाना जाता है। इस मामले के जांच अधिकारी अभिजीत जाधव के अनुसार, जतिन बिल्कुल शेयर दलालों जैसा व्यवहार करता था और शेयर बाजार से जुड़ने के इच्छुक लोगों को अपने एप का पासवर्ड दे देता था। वह लोगों से 50-50 हजार का डिपाजिट भी लेता था।
Indian fasttrack newsक्राइम ब्रांच यूनिट 11 की पुलिस और आरोपी की तस्वीर
तीन महिनों में किया 4,672 करोड़ रुपयों का कारोबार
उन्होंने आगे बताया कि शेयर बाजार में लाभ होने पर वह लाभ की राशि अपना कमीशन काट कर नकद ही अपने ग्राहकों को भिजवा देता था। घाटा होने पर उनकी डिपाजिट राशि से पैसे काट लिए जाते थे और बाद में उतने पैसे डिपाजिट में और जमा करवा लिए जाते थे। इस प्रकार उसने तीन माह में इस फर्जी शेयर बाजार से 4,672 करोड़ रुपयों का कारोबार किया। शेयर बाजार में लाभ होने पर शेयरधारकों को 15 से 30 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता है। लेकिन, फर्जी शेयर बाजार में वे टैक्स देने से बच जाते थे।
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इस प्रकार सरकार को करीब दो करोड़ रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ है। इसके अलावा जतिन मेहता ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स, कैपिटल गेन्स टैक्स, राज्य सरकार के स्टांप ड्यूटी शुल्क, सेबी की टर्नओवर फीस जैसे कई टैक्सों की चोरी की है। उस पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस को नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) एवं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के अधिकारियों की भी मदद लेनी पड़ी। डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक राउटर, एक टैब, एक पैन ड्राइव और काफी कैश भी जब्त किया है।