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Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News
बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News
कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News
आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai
डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network) उडुपी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने मिडिल क्लॉस को कई टैक्स बेनिफिट प्रदान किए हैं। इसके तहत हर साल 7.27 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना होगा। उन्होंने कहा, सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है। कुछ लोगों ने इस पर संदेह किया, जब साल 2023-24 के केंद्रीय बजट में 7 लाख रुपये तक की आमदनी के लिए आयकर छूट प्रदान करने का फैसला किया गया था।
7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई का क्या होगा?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां जानकारी देते हुए बताया, कि “लोगों को संदेह इस बात को लेकर था कि 7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई का क्या होगा? इसके बाद हम एक टीम के रूप में बैठे और डिटेल में गए। हमने यह पता लगाया कि आप प्रत्येक अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्स का भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए 7.27 लाख रुपये के लिए, अब आप किसी प्रकार का टैक्स नहीं देते। केवल 27 हजार रुपये पर ही ब्रेक ईवन आता है। इसके बाद आप टैक्स देना शुरू करते हैं।”
Indian fasttrack newsभारतीय अर्थव्यवस्था पर फाइल तस्वीर
50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन।
निर्मला सीतारमण ने कहा, “अब आपके पास 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत यह शिकायत थी कि कोई स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं है। यह इस बार दिया गया है।” उन्होंने कहा, कि “हम भुगतान में सरलता लाए हैं।” सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, कि “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कुल बजट 2013-14 के 3,185 करोड़ रुपये की तुलना में 2023-24 के लिए बढ़कर 22,138 करोड़ रुपये हो गया है।
मोदी सरकार का बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।
उन्होंने कहा नौ साल के दौरान बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह एमएसएमई (MSME) सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति योजना के तहत, 158 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 33 प्रतिशत एमएसएमई (MSME) से किया गया है। उन्होंने कहा, कि यह अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
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दुनियाभर में हुई भारत की तारीफ..
उन्होंने कहा, “हमने टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म (Trade Receivables Discounting System) लॉन्च किया। ताकि एमएसएमई (MSME) और अन्य निगमों को अपने खरीदार द्वारा भुगतान न करने के कारण लिक्विडिटी की कमी का सामना न करना पड़े।” सीतारमण ने कहा, कि “ओएनडीसी (ONDC) ने एमएसएमई (MSME) कारोबार को बड़े संभावित ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है।” साथ ही उन्होंने कहा, कि “दुनिया इस बात की तारीफ करती है, कि भारत ने बिजनेस सेक्टर के लिए अच्छा काम किया है।”
उन्होंने यह भी बताया, कि “व्यापार करना भारत में पहले से आसान हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा, कि “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142 से बढ़कर 2019 में 63 हो गई है। हमने 1,500 से ज्यादा पुराने कानूनों और करीब 39 हजार अनुपालनों को निरस्त करके जरूरी अनुपालन बोझ को कम किया है।” उन्होंने कहा, कंपनी अधिनियम को अपराधमुक्त कर दिया गया है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।
वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।
BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..
बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?
सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।
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मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..
मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल। शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी की सदस्यता से मुक्त किया। अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण की।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई– राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ ही सुनिल तटकरे को भी शरद पवार ने एनसीपी (NCP) से निकाल दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम एनसीपी के सदस्यों के रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अजित पवार की बगावत के बाद जयंत पाटिल ने नए मुंबई अध्यक्ष की नियुक्ति की है।
एनसीपी नेता शरद पवार और भाजपा के देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल..
जयंत पाटिल ने राखी जाधव को मुंबई अध्यक्ष बनाया है। इससे पहले नवाब मलिक मुंबई के शहर अध्यक्ष थे और उनके बाद दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। नरेंद्र राणे जो मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष थे, वह अजित पवार के साथ चले गए हैं। अब राखी जाधव को मुंबई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, अजित पवार गुट की तरफ से सुनील तटकरे को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी का महाराष्ट्र अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई है। जबकि अजित पवार गुट ने कहा, जयंत पाटिल को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष पद से निकाला जा रहा है। NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनील तटकरे को पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने का अधिकार होगा।
गौरतलब है, कि एनसीपी नेता अजित पवार ने बगावत करते हुए भाजपा के साथ गठबंधन कर एकनाथ शिंदे की सरकार में उपमुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण कर लिया है। उनके साथ ही बागी और 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। दावा किया जा रहा है कि अजित पवार के साथ 35 से 40 विधायक है। जबकि महाराष्ट्र में एनसीपी विधायकों की संख्या 53 है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था। गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।
Indian fasttrack newsगुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर
प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।
मोदी का डूबता सूरज.
भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।
झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं । आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।
Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।
वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई- बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”
रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।
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मुंबई में सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”
पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..
सड़कों के गड्ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।
इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।
मुंबई में गड्ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्ढों की शिकायतों में 67 गड्ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।
Maharashtra News: मुंबई पुलिस ने BMC अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इस्माईल शेख मुंबई– वकोला पुलिस ने बीएमसी अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व राज्यमंत्री अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसे पुलिस ने कन्फर्म किया है। शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की, जिन्होंने पिछले सप्ताह बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर में अवैध शाखा कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था। (Maharashtra News)
Indian fasttrack newsहमले के दूसरे दिन मंगलवार की तस्वीर जहां बांद्रा बीएमसी कार्यालय के कर्मचारियों ने विरोध जताया।
क्या है मामला?
अनिल परब के साथ आए शिवसैनिकों ने दावा किया कि ढांचे को गिराने से पहले इसे कार्यालय से हटाने के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ ढांचा ढहा दिया गया था। उग्र कार्यकर्ता बांद्रा पूर्व स्थित बीएमसी वार्ड कार्यालय में घुस गए। हमले का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें पूर्व राज्य ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब और अन्य कार्यकर्ता संबंधित अधिकारियों को उनके हवाले करने की मांग करते नजर आ रहे हैं। जब अधिकारी आगे आये तो यूबीटी कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। (Maharashtra News)
#WATCH | Mumbai's Vakola Police have registered a case against more than 15 people including Uddhav Thackeray faction leader and former minister Anil Parab for allegedly assaulting a BMC official. Police have arrested 4 people in the case: Mumbai Police
परब ने कहा, “बांद्रा वार्ड कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में एसे कई अवैध इमारतें हैं। अगर प्रशासन को वे ढांचे नजर नहीं आए तो मैं उनका कॉलर पकड़ कर दिखाऊंगा।” उन्होंने मांग की है, कि बांद्रा में कई तीन से चार मंजिला अवैध संरचनाएं हैं जो बीएमसी अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में, ये संरचनाएं बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।” परब ने पूछा कि अगर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो उन्होंने उस शाखा पर कार्रवाई का निर्देश कैसे दिया, जहां दीवारों पर बालासाहेब और शिवाजी महाराज की तस्वीरें लगाई गई थीं। (Maharashtra News)
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Maharashtra News..
युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के लाखों समर्थक हैं। अगर कोई उनकी तस्वीरों पर हथौड़ा मारता है तो कड़ी प्रतिक्रिया सामने आएगी।” (Maharashtra News)
Mumbai Railway Station Upgrade: मुंबई के उपनगरीय इलाकों के कई स्टेशन काफी पुराने हो गए हैं। इन्हें अपग्रेड करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसके तहत 17 रेलवे स्टेशनों का कायापलट किया जाना है।
इस्माईल शेख मुंबई- मायानगरी मुंबई शहर के लोकल ट्रेन को यहां की लाइफ लाइन भी कहा जाता है। यहां लोकल ट्रेन ही शहर में आने-जाने का सबसे भरोसेमंद सस्ता और समय की बचत करने वाला साधन है। अब रेलवे विभाग अपने 17 स्टेशनों का कायाकल्प करने जा रहा है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। जिसमें सेंट्रल और वेस्टर्न दोनों के रेलवे स्टेशन शामिल हैं। जल्द ही यह काम शुरू किया जायेगा। कुछ जगहों पर रेलवे स्टेशन पुराने होने के कारण, मुंबई के बारिश की शुरुआत के साथ ही सोशल मीडिया पर स्टेशनों पर ‘वॉटर फॉल’ के वीडियो भी शेयर होने लगे हैं। (Mumbai Railway Station Upgrade)
Mumbai Railway Station Upgrade
मुंबई के उपनगरीय इलाकों के कई स्टेशन काफी पुराने हो गए हैं। इन्हें मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रॉजेक्ट के तहत सुधारा जाना है। स्टेशनों पर रोजाना इकट्ठा भीड़ मैनेजमेंट से लेकर प्रवेश और निकास की व्यवस्था सुगम बनाने के लिए मुंबई रेल विकास निगम 17 स्टेशनों का कायाकल्प करेगा। इसकी निविदा जल्द जारी की जाएगी। MRVC ने बताया कि, काम की शुरुआत मानसून के बाद होगी। काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को 36 महीने का समय दिया जाएंगा। इसके अलावा, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल्स (CSMT) जैसे बड़े स्टेशनों का रीडिवेलपमेंट प्लान भी है, जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। (Mumbai Railway Station Upgrade)
Indian fasttrack newsमुंबई लोकल ट्रेन की फाइल तस्वीर
पहले चरण में क्या होगा?
पहले चरण के तहत पश्चिम रेलवे (western Railway) के 7 स्टेशनों को नया रूप देने की तैयारी है। इसमें चर्नी रोड, ग्रांट रोड, जोगेश्वरी, मरीन लाइंस, मालाड, लोअर परेल और प्रभादेवी को लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जाएगा। मध्य रेलवे के सैंडहर्स्ट रोड, वडाला, कुर्ला, परेल, माटुंगा, दिवा, मुंब्रा, शहाड, टिटवाला, इगतपुरी, चिंचपोकली, कांजुरमार्ग, विक्रोली, भायखला और विद्याविहार को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों को अपग्रेड कर यहां बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने की तैयारियां हो रही है। (Mumbai Railway, Station Upgrade)
स्टेशनों पर सुविधाएं में क्या होगा ?
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खार रोड स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर डेक का काम हो रहा है। पश्चिम दिशा में नया प्लैटफॉर्म और प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। टिकट विंडो और रेलवे की अन्य इमारतों का ट्रांसफर किया जाएगा। स्टेशन पर चार ऐस्केलेटर्स लगाए जाएंगे। इसी तरह, घाटकोपर स्टेशन पर भी काम जारी है। इस स्टेशन पर पहले फेज में डेक बनाने का काम जारी है। मेट्रो और सबर्बन स्टेशन जोड़ने के लिए एक नया ब्रिज बनाया जाने वाला है। नए डेक को ऐस्केलेटर्स से जोड़ दिया जाएगा। पहले फेज का काम दिसंबर तक पूरा होने की आशंका जताई जा रही है। (Mumbai Railway, Station Upgrade)
Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack
गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है डीओ राजन प्रभु।
मनपा का पी/उत्तर वार्ड भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर पालिका पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपए की रिश्वत लेकर गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान करने एवं उसे बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है। इस वार्ड के लगभग सभी कर्मी, अधिकारी सत्ता के मद में चूर भूमाफियाओं द्वारा व्यापारिक गाले गैरकानूनी तरीके से बनवाकर दौलत कमाने में लगे हैं। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका
पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु ने विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर गैरकानूनी तरीके से पांच व्यापारिक गाले के निर्माण हेतु ठेकेदार उस्मान को मौखिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर उसके द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण देने की एवज में 60 लाख रुपये की रिश्वत ली है। तो क्या मैं उसे मान लूंगा! नही! क्या जनता भी इसे मान लेगी कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी है? (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Live video on Indian fasttrack news channelमालाड़ के विवादित अवैध निर्माण की तस्वीर
लेकिन मैं तो नहीं मानता कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी होगी! बताया जाता है, कि 60 लाख रुपये की जो रिश्वत डीओ ने ठेकेदार उस्मान से ली थी वह भी कम थी। जिससे और रकम की मांग की गई। बाकी के 40 लाख रुपये न मिलने पर उसके निर्माण कार्य को बचाने की बजाय उसे जमींदोज कर दिया गया। क्या वाकई में बाकी के 40 लाख रुपए न मिलने पर ठेकेदार उस्मान के गैरकानूनी निर्माण कार्य को जमींदोज कर दिया गया? मैं तो नहीं मानता! (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack
मामला पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु द्वारा ठेकेदार उस्मान के गैरकानुनी निर्माण कार्य को बचाने की एवज में रिश्वत की उगाही कर मनपा के राजस्व को चुना लगाने और खुद की जेब भरने का है। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack) मलाड (पूर्व), वार्ड क्रमांक, 38 श्री कृष्णा बाल गोपाल सेवा संघ, गांधी नगर, कटिंग नंबर,10, पटेल कंपाउंड,भीम नगर, कुरार विलेज स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिन पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य को डीओ राजन प्रभु के संचालन में जमीदोज किया गया था। अब ये निर्माण कार्य किन परिस्थितियों में पुनः कराए जा रहे हैं। यह सवाल यक्ष प्रश्न की तरह मुंह बाए खड़ा है।
मनपा पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों में से एक डीओ राजन प्रभु ने ठेकेदार उस्मान से भारी धनराशि लेकर उसके गैरकानूनी निर्माण को बचाने की कोशिश किए जाने की बात सूत्र से ज्ञात हुई है। ऐसे में मनपा का पी/उत्तर,वार्ड पूरी तरह से भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में है तो अतिरंजना नही होगी। जिसके चलते भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन कार्य कर रहा है। क्या मनपा में एक भी अधिकारी ईमानदार नहीं है जो डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दीघावकर के भ्रष्टाचार की बिना भेद भाव किए कानूनी कार्रवाई करें। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
Indian Railway के मुंबई मंडल में अनाड़ी अनिल जैन मध्यरेल का खिलाड़ी वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी बना हुआ है। इन्हें पीआर ऑफिसर के कामकाज का कुछ भी ज्ञान नहीं है। या करना नहीं चाहता कुछ पता नहीं।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन जब से मुंबई में जनसंपर्क विभाग में आये है। तब से आज तक एक भी प्रेस नोट नही बना सके और न ही इनको ज्ञान है। ये पूरी तरह अनाड़ी और अज्ञानी व्यक्ति है। जो अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों को धमकाकर उनसे प्रेसनोट और कोई लेख लिखवा लेता है। जो पत्रकार इनकी चाटूकारिता करते हैं उसको ये अपने चेंबर में बुलाकर दुसरो की बुराई करते है और अपने मनमानी तरीके से खबर छपवाते है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
अनाड़ी और अज्ञानी ..
जैन किसी भी योग्य नही है केवल मुफ्त की पगार लेकर, दूसरों की बुराई करके अपना उल्लू सीधा कर रहे है। पता नही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इनको किस आधार पर बिठाकर रखा है। आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि ये तो भुसावल, सोलापुर और पूना स्टेधन के योग्य नही है। इनको मुंबई जैसे स्टेशन पर जीएम कार्यालय में नियुक्ति करके रखा है। एक सीपीआरओ तो इनके आतंक से रोकर अपना ट्रांसफर करवाकर चले गए। जो अपना कार्यकाल भी पूरा नही कर पाए थे। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
Indian fasttrack newsमुंबई सीएसटी रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर
इसके पूर्व भोपाल में भी इनका कार्य अच्छा नही था। अब देखना होगा कि जनरल मैनेजर नरेश लालवानी इन पर कार्रवाई करते है या इनको रिवार्ड देते है। अगर इस खबर के बाद लालवानी इनके ऊपर कार्रवाई नही करते, तो रेलवे का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा। जैन से आंतरिक रूप से सारे कर्मचारी नाराज है। सभी चाहते है कि जैन जल्दी से जल्दी यहाँ से चले जाएं। ये दुसरो की बुराई करने में डिग्री हासिल कर चुके है। नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ शिवाजी मानसपुरे को भी कई लोगो के विरुद्ध उल्टा सीधा बताकर रखा है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी
जैन का रिटायरमेंट केवल तेरह महीने और बचा है। फिर भी अपने आदत से मजबूर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कालबादेवी के कुछ कपड़ा व्यापारियों का पत्रकार कोटे के अधीन टिकट का कोटा करवाना जो पत्रकार नही है और अन्य रेलवे के बारे में खबर भी छपवाते है। इसके साथ ही जैन समाज की नेतागिरी भी करते है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)
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इनको कोई यह भी जानकारी नही है पत्रकारों को खबर संकलन करने के लिए आरटीआई की जरूरत नहीं पड़ती आरटीआई अधिनियम तो 2005 से लागू हुआ है क्या इसके पहले मीडिया काम ही नहीं करती थी। किसी भी खबर की जानकारी मांगने पर पत्रकारों को आरटीआई डालकर खबर निकालने के लिए जैन कहते है। ऐसे व्यक्ति को केंद्रीय विभाग में जनसंपर्क अधिकारी के पद पर कैसे बिठाया गया है यह भी एक जांच का विषय है बना हुआ है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)