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ठाणे के घोड़बंदर रोड पर मंगलवार सुबह महाराष्ट्र राज्य परिवहन की एक बस मेट्रो के पिलर से टकरा गई। हादसे में 11 यात्री घायल हुए हैं।
न्यूज़ डेस्क ठाणे- मुंबई से सटे ठाणे शहर में राज्य परिवहन की एक बस (ST Bus) का एक्सीडेंट हो गया है। घोड़बंदर रोड पर यह हादसा तब हुआ जब चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और बस निर्माणाधीन मेट्रो ग्रीन लाइन-4 के एक पिल्लर से टकरा गई। इस हादसे में 11 यात्रियों के घायल होने की जानकारियां प्राप्त हुई है। (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)
क्या है जानकारी?
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की एक बस मंगलवार को ठाणे में घोड़बंदर रोड (Ghodbunder Road) के पास निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना के एक पिल्लर से टकरा गई। हादसा ओवला सिग्नल (Ovala Signal) के ठीक सामने साई होटल के पास हुआ। इस दुर्घटना में 11 यात्री घायल हुए हैं और उनकी हालत स्थिर है। (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)
विभिन्न अस्पतालों में घायलों की भर्ती ..
वाघबिल ट्रैफिक डिवीजन के पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हादसा आज सुबह हुई, लेकिन इसके बावजूद घोड़बंदर रोड पर यातायात प्रभावित नहीं हुआ। घायलों को इलाज के लिए वेदांत, रामानंद और टाइटन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)
महाराष्ट्र सरकार एक कुटिल साजिश के तहत धारावी प्रकल्प के साथ सरकारी नमक की जमीन भी सौंप दे रही है। इसके खिलाफ मुंबई कांग्रेस प्रमुख एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने आवाज उठाई। (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
इस्माईल शेख मुंबई– कांग्रेस सांसद एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार पर धारावी झुग्गी-बस्ती के पुनर्विकास की आड़ में मुंबई महानगर क्षेत्र में पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील 1,500 एकड़ नमक की जमीन अदाणी समूह को सौंपने की ‘कुटिल साजिश’ रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के लोगों की जमीन हड़पने के लिए इस व्यापारिक समूह का इस्तेमाल किया जा रहा है। (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
धारावी प्रोजेक्ट ..
धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट आवासीय एवं कमर्शियल इकाइयों के निर्माण के लिए अदाणी समूह और राज्य सरकार के बीच एक पार्टनरशिप है। पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कांजुरमार्ग क्षेत्र का दौरा करने और अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद आरोप लगाते हुए कहा, ‘राज्य सरकार ने धारावी पुनर्विकास परियोजना की आड़ में एमएमआरडीए में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील 1,500 एकड़ नमक की जमीन अदाणी समूह को सौंपने की एक कुटिल साजिश रची है।’ (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
ग्लोबल वार्मिंग का खतरा ..
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ”भ्रष्ट” सरकार व्यापारिक घराने को लाभ पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने इसके साथ ही गरीब झोपड़ा धारकों के हितों पर आवाज बुलंद करते हुए पात्रता मानदंड की परवाह किए बिना धारावी झुग्गी-बस्ती के सभी निवासियों के पुनर्वास की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘मुंबई का भविष्य बिक्री के लिए नहीं है। नमक वाली भूमि के पुनर्ग्रहण से संभावित रूप से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।’ (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
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धारावी पुनर्वसन प्रकल्प और अदानी समुह
Mumbai Dharavi Redevelopment Project Adani News
धारावी पुनर्विकास प्रकल्प
धारावी पुनर्विकास परियोजना
धारावी पुनर्विकास
धारावी पुनर्वसन प्रकल्प
धरणग्रस्त पुनर्वसन कायदा
पुनर्वसन अधिनियम 1976
महाराष्ट्र प्रकल्पबाधित व्यक्तींचे पुनर्वसन अधिनियम 1999
इस्माईल शेख मुंबई– राज्य मे लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सभी राजनैतिक दलों ने अपने अपने स्तर पर एक समीकरण तैयार कर विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी करना शुरू कर दी है। पिछली बार चुनाव की तैयारी में कम समय मिलने से हुए नुकसान को देखते हुए, इस बार सभी दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार Bjp 100 सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो वहीं महाविकास अघाडी में शिवसेना ठाकरे गुट मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर दावा किया है।
आगामी विधानसभा चुनाव में मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर शिवसेना ठाकरे समूह ने दावा किया है। एनसीपी शरद पवार गुट को मुंबई में ज्यादा सीटों की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मुंबई में पांच से छह सीटों पर जोर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर मुंबई में महाविकास अघाड़ी की कई बार बैठक हो चुकी है। इसमें आगामी विधानसभा के लिए सीटों के आवंटन की रणनीति पर चर्चा की गई। मुंबई की विवादित सीटों का फैसला दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुलझाने वाले हैं।
महाविकास अघाड़ी के घटक दलों में से मुंबई में शिवसेना ठाकरे गुट के बाद कांग्रेस सबसे मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस और ठाकरे समूह ने एक साथ कुछ निर्वाचन क्षेत्रों पर दावा किया है। राज्य में कांग्रेस नेता इस बात पर सहमत हैं कि विधानसभा चुनाव में विवादित सीटों पर वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे तो यह स्वीकार्य होगा। एनसीपी पवार गुट मुंबई की घाटकोपर ईस्ट, कुर्ला, वर्सोवा, जोगेश्वरी, दहिसर, अणुशक्ति नगर, मालबार हिल कुल सात सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। हालांकि, शरद पवार गुट को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। एक जानकारी के मुताबिक इस बार सीटों का आवंटन जल्दी किया जाने वाला है, ताकि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए उचित समय मिल सके।
स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन
महाराष्ट्र में महा-विकास अघाडी और एनडीए समीकरण को खराब करने के लिए संभाजी राजे और बच्चू कडू साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में इस वक्त महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति (NDA) गठबंधन आमने-सामने है। एमवीए में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT), शरद पवार की एनसीपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एकसाथ है। वहीं महायुति में अजित पवार की एनसीपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा (Bjp) शामिल है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले एक और गठबंधन बनने जा रहा है। इसके लिए स्वराज्य पार्टी प्रमुख छत्रपति संभाजी राजे और प्रहार पार्टी प्रमुख विधायक बच्चू कडू और विभिन्न दलों के प्रमुख पदाधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में नए गठबंधन के गठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। बच्चू कडू पहले महायुति के साथ थे लेकिन लोकसभा चुनाव में अमरावती सीट पर हुए मन-मुटाव के बाद पीछे हो गए। स्वराज्य पार्टी के संभाजी राजे मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर किसी गठबंधन में नहीं गए। Swarajya Party and Prahar Party Alliance
Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे भाजपा के लिए संतोष जनक नहीं रहे। पार्टी को महाराष्ट्र में महज 9 सीटें मिलीं। हार से आहत होकर, अपने अनुमान से कम मिली सीटों को देखते हुए भाजपा ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उम्मीदें कम कर दिया हैं और राज्य में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। 288 विधानसभा क्षेत्र वाले महाराष्ट्र में पार्टी के पास वर्तमान में 106 विधानसभा सीटें हैं और उसे अपने सहयोगियों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मदद से आधे का आंकड़ा पार करने और 145 तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महायुति के सत्ता में लौटने के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए लेकिन इसे बरकरार रखने के लिए हमें 100 सीटें सुनिश्चित करनी होंगी। अगर हम 100 का आंकड़ा पार कर गए तो Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा।”
400 पार का नारा हुआ बेअसर
महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ‘400 पार’ का नारा बेअसर रहा है। जबकि राज्य में Bjp को 48 लोकसभा सीटों में से 45 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी लेकिन इसका उलटा असर हुआ। Bjp के एक पदाधिकारी ने कहा, “उच्च-स्तरीय अभियानों और अनुमानों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय हमने राज्य भर में व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क के आजमाए हुए फॉर्मूले की ओर रुख किया है। हमने महसूस किया कि लोकसभा में विफलता ज़मीनी स्तर पर लोगों के साथ अलगाव के कारण हुआ था।”
विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?
पिछले कुछ दिनों में महाविकास आघाडी के तीनों दल मुंबई की सीटों के बंटवारे पर कई बार चर्चा कर चुके हैं। हालांकि पहली बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी, लेकिन बाद में 16 सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कि जिन सीटों पर जिन दलों का कब्जा है, ज्यादातर सीटें मूल पार्टी को मिले, इसको लेकर बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सहमति जताई है। इसके अनुसार मालाड, मुंबा देवी, धारावी, बांद्रा पूर्व और चांदिवली की सीटें कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि चांदिवली की सीट से शिवसेना (अविभाजित) ने चुनाव जीता था लेकिन उद्धव गुट यह सीट कांग्रेस को छोड़ने को तैयार है। जबकि दिंडोशी, वर्ली, जोगेश्वरी पूर्व, मागाठाणे, शिवडी, माहिम, भांडुप पश्चिम और अँधेरी पूर्व की सीटें शिवसेना (उद्धव) के खाते में जा सकती है। शरद गुट ने अणुशक्तिनगर की सीट दावा ठोका है। जबकि मानखुर्द शिवाजीनगर की सीट समाजवादी पार्टी को छोड़ी जाएगी। शिवसेना (उद्धव) सांसद एवं प्रवक्ता संजय राऊत कई बार कह चुके हैं कि मुंबई शिवसेना का गढ़ रहा है। इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मुंबई में चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी भी एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर तीनों दलों में टकराव देखने को मिल रहा है।
महायुति में सीटों को लेकर टकराव ..
महायुति में भी मुंबई की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। महायुति के तीनों दलों के प्रमुख नेता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार कई बार सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। राकांपा (अजित) के एक नेता ने कहा कि हमने भाजपा से मुंबई में 7 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की है। शुरुआती चर्चा में जिन 7 सीटों पर अजित गुट ने दावा किया है, इसमें अणुशक्तिनगर और बांद्रा पूर्व की सीट शामिल है। अणुशक्तिनगर से नवाब मलिक मौजूदा विधायक हैं, जबकि बांद्रा पूर्व से कांग्रेस के जीशान सिद्दीकी हैं, जिनका आगामी विधानसभा चुनाव अजित पवार की पार्टी से लड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अजित गुट का मुंबई में कम जनाधार होने के चलते उन्हें सिर्फ दो सीट का ऑफर दिया है। जबकि भाजपा मुंबई में 26 से 28 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
यात्रियों के टिकट ऑनलाइन बुक हो जाएंगे और क्लिक करने के बाद वेटिंग टाइम नहीं लगेगा। इसके साथ ही यात्री को थोड़े समय के भीतर ही टिकट मिल भी जाएगा। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)
indian fasttrack (न्यूज़ डेस्क) मुंबई- भारतीय रेल यात्रियों के लिए टिकट की बुकिंग सुविधा को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। मार्च 2025 तक रेलवे यात्री तेज स्पीड के साथ ट्रेन की टिकट बुक कर सकेंगे। भारतीय रेल की इकाई इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी (IRCTC) जल्द ही टिकट बुक करने वाले यात्रियों को प्रतीक्षा अवधि में परेशान न होने के लिए टिकट बुकिंग की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। खबर के मुताबिक, यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। टिकट बुकिंग की क्षमता बढ़ने से आम यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने वाली है। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)
खबर के मुताबिक, आईआरसीटीसी (IRCTC) के इस कदम के बाद से यात्रियों के टिकट ऑनलाइन बुक हो जाएंगे और क्लिक करने के बाद वेटिंग भी नहीं करना पडेगा। इस पहल के साथ ही अब टिकट बुकिंग के लिए होने वाले वेटिंग टाइम का झंझट भी खत्म हो गया है। साथ ही आईआरसीटीसी से मिली जानकारी के मुताबिक यात्रियों को पैसे कटने के बाद टिकट जारी न होने की समस्या का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। अब जल्द ही यात्रियों को टिकट बुकिंग करते समय कोई परेशानी नहीं होगी। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)
वर्तमान में बुकिंग की क्षमता है कम..
आईआरसीटीसी (IRCTC) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय जैन से टिकट बुकिंग की समस्याओं के सवाल पर जैसे बुकिंग के समय पैसे कट जाने और भुगतान विफल होने या कन्फर्म टिकट के लिए प्रतीक्षा जैसी समस्याओं पर उन्होंने बताया, कि “टिकट बुकिंग की कम क्षमता के कारण ऐसी समस्याऐं देखने को मिलती है। कभी-कभी लंबा समय भी लगता है। यानी ऑनलाइन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया करने वालों की संख्या की तुलना में बुकिंग क्षमता कम है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।” (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)
इसके पहले भी हुआ था अपग्रेड ..
साल 2023 में टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अपग्रेड करते हुए भारतीय रेल ने टिकट बुकिंग की क्षमता को मौजूदा 25, 000 से बढ़ाकर 2. 25 लाख प्रति मिनट करने का फैसला किया था। खबर के मुताबिक, देशभर में आईआरसीटीसी (IRCTC) के तीन करोड़ यूजर्स हैं। हर दिन नौ लाख से अधिक टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं। इनमें यात्रियों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ एजेंट बुकिंग भी शामिल है। एक जानकारी के मुताबिक भारतीय रेल से हर दिन दो करोड़ से ज्यादा यात्री ट्रेन से यात्रा करते हैं। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी | इस लेख में आप इस मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते है | कृपया लेख को पूर्ण पढ़े
आप को बता दे की मुख्यमंत्री वयोश्री योजना का लाभ महाराष्ट्र राज्य के 65 साल से अधिक आयु के नागरिको को दिया जाएगा | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वृद्ध नागरिकों को अपनी जरूरत के हिसाब से काम आने वाले उपकरण खरीदने के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी प्रदान करेगी | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में लाभार्थियों का अनुपात 70 प्रतिशत पुरुष तथा 30 प्रतिशत महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना क्या है महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी देगी बी, इस योजना में ऐसे वृद्ध नागरिकों का चयन किया जाएगा जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है तथा उनकों अधिक आयु के कारन अपने दैनिक कार्य करने के लिए किसी सहायक उपकरण जैसे – श्रवण यंत्र,फोल्डिंग वॉकर,लंबर बेल्ट,सर्वाइकल कॉलर,चश्मा ,ट्राइपॉड ,स्टिक व्हीलचेयर,कमोड चेयर ,नि-ब्रेस आदि की आवश्कोयकता होती है तो उन्हें खरीदनें के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 3000 रूपये की राशी दी जाएगी |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra पात्रता
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक राज्य स्तरीय योजना है , इस योजना में पात्रता के नियम भी महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा ही सुनिश्चित किये गए है जिनका विस्तार से विवरण निचे लिखा है |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra दस्तावेज
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक महाराष्ट्र राज्य सरकार के नियमनुसार कुछ जरुरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी ,जिसका विस्तार से विवरण निम्नलिखित है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक का आधार कार्ड |
आवेदक का पहचान पत्र |
मूल निवास प्रमाण पत्र |
जाती प्रमण पत्र |
आवेदक का आय प्रमाण पत्र |
आवेदक के मोबाइल नंबर |
आवेदक के पासपोर्ट आकार फोटोग्राफ |
बैंक खाता पास बुक इतियादी |
Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Hamipatra Form PDF Download
महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की अधिकारिक वेबसाइट जारी करने के बाद आप निचे दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करके आप इस योजना के हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ Hamipatra Form PDF को डाउनलोड कर सकते है।
सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज में दिए गए Hamipatra Form PDF के लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने इस योजना का हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ प्रारूप में खुलेगा। आप यहाँ Download पर क्लिक करके मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना हमीपत्र फॉर्म PDF डाउनलोड कर सकते है। इसके अलावा आप Print पर क्लिक करके सीधे मुख्यमंत्री वयोश्री योजना हमीपत्र फॉर्म का प्रिंट निकाल सकते है।
Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Registration
सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर पंजीकरण/Registration के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को Online Registration Form में मांगे गए डाक्यूमेंट्स को अपडेट करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म की जाँच करके Submit करना होगा।
इसके बाद उम्मीदवार को एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, आपको स्क्रीन शॉट ले लेना है।
इस प्रकार से सभी उम्मीदवार मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए Online Registration कर सकते है।
Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF Download
महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा वृद्ध नागरिकों के लिए चलाई गयी मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के Online Form PDF को डाउनलोड करने की इच्छुक उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।
सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट के होम पेज में दिए गए “आवेदन पत्र” Online Form PDF के लिंक पर क्लिक करें। अब आपके सामने मुख्यमंत्री वयोश्री योजना (Online Form PDF)फॉर्म पीडीएफ प्रारूप में खुलेगा। आप यहां डाउनलोड पर क्लिक करके मुख्यमंत्री Mazi Ladki Bahin Yojana Online Form PDF डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह से आप Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF/ फॉर्म पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
Mukhya mantri Vayoshri Yojana Online Application 2024 Official Website Link
महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अधिकारिक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अधिकारिक पोर्टल के शुरू हो जाने के बाद आप निचे लिखे दिशा निर्देशों को पढ़ कर अपना आवेदन इस योजना के लिए कर सकते हो। सभी योग्य उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।
सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर Online Apply के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
होम पेज पर चयनित आवेदकों की सूची/Selected Applicants List 2024 के लिंक का चयन करें।
लिंक पर क्लिक करते ही आवेदकों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
यदि आप इस योजना के लिए चयनित होते हैं तो आपका नाम सूची में दिखाई देगा।
आपके पास सूची को अपने सिस्टम या मोबाइल पर डाउनलोड करने का विकल्प भी है।
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन कैसे करे
आप को बता दे की महाराष्ट्र राज्य सरकार ने अभी तक मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने के लिए कोई पोर्टल या अधिकारिक वेबसाइट को आरम्भ नही किया है | महाराष्ट्र राज्य सरकार की अधिकारीक अधिसुचना के अनुसार जल्द ही मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन की प्रकिर्या को आगे बढ़ाया जा सकता है तब तक आप इंतजार कर सकते है
जैसे ही महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन पत्र के समन्धित कोई नयी अधिसुचन जारी की जाती है तो आप हमरी वेबसाइट पर जानकारी के रूप में नया लेख मिल सकता है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
यह आर्थिक लाभ ₹3000 का होगा जो पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा देय होगा |
₹3000 की राशि वाले अतिथि के बैंक में सीधे बेनिटिट पोस्टर (डीबीटी) के माध्यम से जमा की जाएगी |
सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पोर्टल विकसित किया गया है ताकि किसान अपने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकें | f
महाराष्ट्र राज्य सरकार ने इस योजना का सफल संचालन करने के लिए 480 करोड़ रुपए जारी किए हैं |
राष्ट्रीय वयोश्री योजना (मुख्यमंत्री वयोश्री योजना) राज्य के सभी वयोश्री योजना शुरू की जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए क्या है ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना कब शुरू हुई ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पात्र कोन है ?
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |
जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये सोसायटी में रहने वालों से 50 रुपये काटे जाते है।
पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है।
Mumbai GRP Corruption News
वी बी माणिक मुंबई- जब से होर्डिंग कांड हुआ है, तब से जीआरपी के नए नए घपले खुलने लगे है। जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये वेलफेयर के नाम पर काटे जाते है और जो उस सोसायटी में रहता है उसके पगार से 50 रुपये कट जाते है। इसके अलावा पतपेढ़ी से भी करीब बीसो लाख का घपला है। पेट्रोलपंप मैदान और हॉल से भी बड़े पैमाने पर भाड़ा लिया जाता है। ये सब पैसे किधर गायब हुए कितने पुलिस कर्मियों को वेलफेयर का लाभ मिला है? इनके परिवार को कितनी सहायता दिया गया है? (Mumbai GRP Corruption News)
पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है। उसमें रहने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की हालत काफी डरी हुई है। इसकी शिकायत बार बार पुलिस आयुक्त से किया गया है। फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है। पुलिस महासंचालक प्रज्ञा सरोदे और पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे ने क्या किया है? कौन सी ईमानदारी दिखा रहे है? सहायक आयुक्त (प्रभारी) शहाजी निकम भी इसके लिए दोषी है। इन पर कार्रवाई कब होगी? ये पुलिसकर्मी जानकारी प्राप्त करना चाहते है। (Mumbai GRP Corruption News)
पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे की फाइल तस्वीर
जीआरपी में घपले को लेकर जांच की मांग ..
यहां अधिकारी, पुलिसकर्मियों के जानमाल से खिलवाड़ कर रहे है। घाटकोपर स्थित पुलिस वसाहत की हालत काफी खस्ता है।पुलिसकर्मियों में इसकी चर्चा जोरों पर है, कि हमारी पगार से पैसा भी कटता है और सुविधा भी नही मिलती है। जो हाल पेट्रोलपंप का हुआ वही हाल हमारी बिल्डिंग का भी न हो जाय। अधिकारियों की मनमानी काफी बढ़ गयी है। ईमानदारी का ढोंग बंद करके सही काम होना चाहिए। कितने करोड़ का घपला हुआ है। इसकी जांच किसी सेंट्रल एजेंसी से करवानी चाहिए, जिससे ये लूट का खेल बंद होना चाहिए। (Mumbai GRP Corruption News)
सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख मुंबई- ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?
शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!
आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!
गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।
पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे। ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।
याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।
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कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?
इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा। आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”
चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।
सुरेंद्र राय मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)
आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?
आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)
एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)
आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर
पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)
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बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)
इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
एक दूसरे के घोर विरोधी सब एक हो गए हैं।
INDIA गठबंधन के 28 दलों के नेताओं का मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
वी बी माणिक नई दिल्ली- कल पूरा विपक्षी पार्टियों के कुल 28 दलों के नेताओ ने मोदी के विरुद्ध लोकसभा चुनाव में इज्जत और परिवार बचाओ रैली निकाल कर सभी से चुनाव में मतदान करने के लिए आह्वान किया है। जिसमें मुख्य आकर्षण सुनीता केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी, शरद पवार, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव एवं अन्य नेता उपस्थित हुए सभी ने एक स्वर में अरविंद केजरीवाल को जेल से छुड़ाने के लिए आवाज उठाया। (india political news)
आप को बता दें, कि इसी रामलीला मैदान में 2012 में केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर राजनीति नहीं करने की शपथ ली थी। पर हजारे को धोखा देकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया और घोटाले में जेल की यात्रा पर चले गए। वही राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी ने क्रिकेट में मैच फिक्सिंग की तरह ईडी, सीबीआई और इनकमटैक्स डिपार्टमेंट जैसे सरकारी विभागों को लगाकर चुनाव जीतने की तैयारी में लगे है। (india political news)
राहुल क्या क्या बोलते है ये किसी भी जनता के समझ मे नही आता है। ईवीएम तो कांग्रेस ही लायी थी। आज उसका विरोध कर रहे हैं। संविधान समाप्त हो जाएगा बीजेपी से जनता को छुटकारा पाने का चुनाव है। सुनीता ने कहा कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। इस इंडिया गठबंधन में आधे से ज्यादा नेता बेल पर है और कुछ जेल में है। क्या सत्ता धारी पार्टी के नेता ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। यहां तो हर छोटे से बड़ा नेता किसी न किसी घोटाले में लिप्त है। (india political news)
दिल्ली के रामलीला मैदान से विरोध प्रदर्शन की तस्वीर
भाजपा नेताओं ने कहा इस गठबंधन में भ्रष्टाचारी सब एक हो गए है जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी थे। आज सब एक दूसरे की गोद मे बैठे है क्या केवल चुनाव जीतकर जनता को लूटने का संकल्प ले रखा है? अभी तक सीट बंटवारा नही हो सका है बात एकता की कर रहे है। जनता इनको जिताने वाली नही है। क्या करेंगे ? (india political news)
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अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उत्तरप्रदेश में जो जंगल राज की सरकार चला रहे थे इनके कार्यकर्ता पुलिस थानों, सरकारी कार्यालयों में दलाली करते थे। महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती थी। पुलिस शिकायत नही सुनती थी। पुलिस कर्मी थानों में बैठकर खुलेआम शराब पीते थे। इस पर कितना कंट्रोल किया था। वही मानसिकता पुलिस वालों की आज भी है। भले योगी की सरकार हो। क्योंकि अखिलेश वाली मानसिकता अभी तक गयी नही है। सारे नेता लोकतंत्र की बात करते है इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है? (india political news)
इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
कौन से दल ने कितना किया झोल?
रिपोर्ट अभी और बाकी है..
Electoral Bond Indian Government Political News
सुरेन्द्र राय मुंबई- हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है। (Electoral Bond Indian Government Political News)
हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए। अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया? (Electoral Bond Indian Government Political News)
‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है। प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए। इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
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टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)