Category: Civic Issues

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  • कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम में बस पकड़ना बना जोखिम, यात्रियों को ‘रस्सी पर चलने’ की मजबूरी

    कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में अधूरा सड़क कंक्रीटीकरण बस यात्रियों के लिए खतरा बन गया है। बस स्टॉप पर सड़क एक फुट नीचे होने से बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में सड़क कंक्रीटीकरण का अधूरा काम अब आम यात्रियों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। एस.वी. रोड और सह्याद्री नगर के सामने वाली मुख्य सड़क पर कई व्यस्त बस स्टॉप हैं, लेकिन सड़क का आधा हिस्सा अब भी अधूरा होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बुजुर्गों और महिलाओं को हर दिन “रस्सी पर चलने” जैसा जोखिम उठाना पड़ रहा है।

    अधूरी सड़क ने बढ़ाई यात्रियों की मुश्किल

    स्वामी विवेकानंद मार्ग, कांदिवली पुलिस थाना क्षेत्र और चारकोप सह्याद्री नगर मार्ग पर कंक्रीट सड़क का काम लंबे समय से जारी है। सड़क का एक हिस्सा कंक्रीट का बन चुका है, जबकि फुटपाथ से सटा हिस्सा करीब एक फुट नीचे रह गया है। इसी कारण बस स्टॉप पर खड़े होने की सुरक्षित जगह ही नहीं बची है।

    बैरिकेडिंग के बीच से निकलने को मजबूर यात्री

    सुरक्षा के नाम पर लोहे की बैरिकेडिंग तो लगाई गई है, लेकिन वही बैरिकेडिंग यात्रियों के लिए नई मुसीबत बन गई है। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को संकरे रास्ते से गुजरना पड़ता है, जहां एक तरफ गहरा गड्ढा और दूसरी तरफ लोहे की रेलिंग है। हल्की सी चूक किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।

    वरिष्ठ नागरिकों को सता रहा हादसे का डर

    बस स्टॉप पर रोजाना बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और छात्र आते-जाते हैं। ऊंचे-नीचे रास्ते और अधपकी कंक्रीट पर खड़े होकर बस का इंतजार करना खासकर बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है।

    यातायात जाम की भी बन रही वजह

    यात्री अधूरे कंक्रीट वाले हिस्से पर खड़े रहते हैं, जिसके चलते बसों को सड़क के बीच रोकना पड़ता है। इससे न सिर्फ यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी होती है, बल्कि एस.वी. रोड पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है।

    तत्काल समाधान की मांग तेज

    स्थानीय नागरिकों और नियमित बस यात्रियों ने मांग की है कि बस स्टॉप के आसपास सड़क का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: कांदिवली पश्चिम में यात्रियों को परेशानी क्यों हो रही है?
    अधूरी कंक्रीट सड़क और ऊंचे-नीचे बस स्टॉप के कारण यात्रियों को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है।

    Q2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हैं?
    वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और रोजाना बस से यात्रा करने वाले कर्मचारी।

    Q3: क्या प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है?
    फिलहाल केवल बैरिकेडिंग की गई है, जिसे यात्री अपर्याप्त मान रहे हैं।

    Q4: यात्रियों की मुख्य मांग क्या है?
    बस स्टॉप के पास सड़क का काम तुरंत पूरा किया जाए या अस्थायी सुरक्षित प्लेटफॉर्म बनाया जाए।

  • BMC चुनाव 2025–26: मतदान बढ़ाने के लिए SVEEP अभियान तेज

    BMC चुनाव 2025–26: मतदान बढ़ाने के लिए SVEEP अभियान तेज

    BMC चुनाव 2025–26 को लेकर मुंबई में SVEEP अभियान के तहत व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान। सोशल मीडिया, रेडियो, थिएटर, फ्लैश मॉब और पथनाट्य के ज़रिये लोगों से 15 जनवरी को मतदान की अपील।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) चुनाव 2025–26 में अधिक से अधिक मतदाता अपने मतदान अधिकार का इस्तेमाल करें, इसके लिए महानगरपालिका की ओर से ‘मतदारों का सुनियोजित शिक्षण और चुनावी सहभाग’ यानी SVEEP अभियान को बड़े स्तर पर लागू किया गया है। 15 जनवरी 2026 को होने वाले मतदान को लेकर सोशल मीडिया से लेकर रेडियो, थिएटर, स्कूल, सोसायटी और सार्वजनिक स्थलों तक व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है।

    🏛️ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर तैयार हुआ एक्शन प्लान

    महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 12 जून 2025 को मतदाता जागरूकता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके अनुसार बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक विस्तृत और योजनाबद्ध कार्य योजना तैयार की है।
    इस योजना को महानगरपालिका आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भूषण गगराणी के नेतृत्व और अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में लागू किया जा रहा है।

    🗳️ 15 जनवरी 2026 को होगा मतदान

    बीएमसी चुनाव 2025–26 के तहत
    गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को
    सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक
    मतदान कराया जाएगा।

    इस चुनाव में मुंबई के 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।

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    📢 हर माध्यम से मतदाता तक पहुंचने की कोशिश

    मतदाता जागरूकता के लिए महानगरपालिका ने सभी प्रभावी माध्यमों का उपयोग शुरू किया है—

    • डिजिटल होर्डिंग्स
    • 24 नागरिक सुविधा केंद्रों की स्क्रीन
    • मध्य व पश्चिम रेलवे, मेट्रो
    • छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
    • सीएसएमटी स्टेशन
    • MMRDA और MSRDC के डिजिटल प्लेटफॉर्म

    इसके साथ ही @mybmc सोशल मीडिया हैंडल पर रोज़ाना मतदान से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।

    🎒 स्कूलों से घर तक मतदान का संदेश

    महानगरपालिका स्कूलों के ज़रिये
    15 जनवरी 2026 को मैं जरूर मतदान करूंगा
    इस आशय के 1 लाख संकल्प पत्र छात्रों के माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचाए गए हैं।

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    इसके अलावा—

    • निबंध प्रतियोगिता
    • चित्रकला प्रतियोगिता
    • प्रभात फेरी
    • NSS के ज़रिये रैली और पथनाट्य

    जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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    🚛 स्वच्छता वाहनों और सरकारी दफ्तरों से भी अपील

    • करीब 1300 स्वच्छता वाहनों पर पोस्टर और स्टिकर
    • लाउडस्पीकर के ज़रिये मतदान संदेश
    • 24 विभागीय कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों में
      मराठी, हिंदी और अंग्रेज़ी में मतदाता शपथ

    🏢 सोसायटी नोटिस बोर्ड पर मतदान जानकारी

    गृह निर्माण संस्थाओं के सहयोग से—

    • मतदान की तारीख और समय
    • आवश्यक पहचान पत्र
      की जानकारी सोसायटी के सूचना फलक पर लगाई जा रही है।
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    📸 सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण

    • बीएमसी मुख्यालय
    • गेटवे ऑफ इंडिया
    • चेंबूर का डायमंड गार्डन
    • 24 विभागीय कार्यालय

    यहां सेल्फी पॉइंट बनाकर लोकतंत्र और मतदान का संदेश दिया जा रहा है।

    🎬 सिनेमा हॉल और थिएटर में भी जागरूकता

    मुंबई के

    • 62 सिनेमाघरों
    • 200 स्क्रीन

    पर 30 सेकंड की मतदान जागरूकता फिल्म दिखाई जा रही है।
    इसके अलावा थिएटर और रेडियो चैनलों पर भी जिंगल प्रसारित हो रहे हैं।

    📻 रेडियो और सोशल मीडिया पर ‘माझं मत, नॉट फॉर सेल’

    माझं मत, नॉट फॉर सेल’ टैगलाइन के तहत
    मतदान को प्रलोभन से दूर रखने का संदेश दिया जा रहा है।
    कई नामचीन व्यक्तित्व भी वीडियो संदेशों के ज़रिये मतदाताओं से अपील कर रहे हैं।

    💃 फ्लैश मॉब और पथनाट्य से सीधा संवाद

    रेलवे स्टेशन, मॉल, चौपाटी जैसे
    25 भीड़भाड़ वाले स्थानों पर फ्लैश मॉब आयोजित किए जा रहे हैं।
    पहली बार वोट देने वाले युवाओं को मतदान प्रक्रिया समझाई जा रही है।
    पारंपरिक पथनाट्य के ज़रिये तारीख, समय और जरूरी दस्तावेज़ों की जानकारी दी जा रही है।

    🗣️ मतदान की अपील

    अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने नागरिकों से अपील की है कि
    वे 15 जनवरी 2026 को बिना किसी डर या प्रलोभन के मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाएं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव की तारीख क्या है?
    15 जनवरी 2026।

    Q2. मतदान का समय क्या रहेगा?
    सुबह 7.30 से शाम 5.30 बजे तक।

    Q3. SVEEP अभियान का उद्देश्य क्या है?
    मतदाताओं को जागरूक करना और मतदान प्रतिशत बढ़ाना।

    Q4. किन माध्यमों से जागरूकता की जा रही है?
    सोशल मीडिया, रेडियो, थिएटर, स्कूल, फ्लैश मॉब, पथनाट्य और डिजिटल प्लेटफॉर्म।

  • ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    ठाकरे गुट मजबूत, शिंदे को चुनाव से पहले बड़ा झटका

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कांदिवली और गोरेगांव से कई पदाधिकारी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल हो गए।

    मुंबई: महानगरपालिका चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को बड़ा झटका देते हुए मुंबई के कई पदाधिकारी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में शामिल हो गए हैं। इन नेताओं ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, जिससे ठाकरे गुट को मजबूती मिली है।

    महानगरपालिका चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

    राज्य में मुंबई, ठाणे समेत अन्य महानगरों के चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सभी प्रमुख दलों ने प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टिकट वितरण और नामांकन को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है, जिसके चलते दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।

    कांदिवली से शिंदे गुट को बड़ा नुकसान

    मुंबई नगर निगम चुनाव में शिवसेना ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इसी बीच कांदिवली पूर्व के वार्ड नंबर 28, हनुमान नगर से शिंदे गुट के कई पदाधिकारी ठाकरे गुट में शामिल हो गए हैं। इसे शिंदे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

    इन प्रमुख पदाधिकारियों ने थामा ठाकरे का हाथ

    शिंदे गुट से टूटकर ठाकरे गुट में शामिल होने वालों में शामिल हैं:

    • महिला शाखा आयोजक अश्विनी पवार
    • उपशाखा प्रमुख भरत पाटिल
    • उपशाखा प्रमुख विनोद गुर्जर
    • उपशाखा प्रमुख विजय यादव
    • उपशाखा प्रमुख गणेश खंडारे
    • उपशाखा प्रमुख महेश शर्मा
    • उपशाखा प्रमुख सुधाकर पाटिल

    इन सभी ने मातोश्री में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में प्रवेश किया।

    मातोश्री में हुआ औपचारिक स्वागत

    इस मौके पर विभाग प्रमुख संतोष राणे, उपशाखा प्रमुख प्रशांत कोकाने समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने सभी को शिवबंधन बांधकर पार्टी में शामिल किया और आगामी चुनावों के लिए शुभकामनाएं दीं।

    कांग्रेस को भी लगा झटका

    शिवसेना ठाकरे गुट में शामिल होने का सिलसिला यहीं नहीं रुका। कांग्रेस मुंबई के महासचिव अनिल शर्मा और गोरेगांव वार्ड नंबर 50 से टीना शर्मा भी ठाकरे गुट में शामिल हो गए। इससे कांग्रेस को भी चुनाव से पहले बड़ा नुकसान हुआ है।

    कई बड़े नेता रहे मौजूद

    इस अवसर पर शिवसेना सचिव व विधायक मिलिंद नरवेकर, संभागीय प्रमुख संतोष राणे, गोरेगांव विधानसभा संयोजक राजू पाध्ये, मलाड विधानसभा प्रमुख कैलाश कांसे और उप-संभागीय प्रमुख दिनेश राव मौजूद थे।

    राजनीतिक विश्लेषण

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे दल-बदल से शिंदे गुट की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। वहीं ठाकरे गुट को इसका सीधा फायदा मिलने की संभावना है, खासकर मुंबई महानगरपालिका चुनाव में।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. किन नेताओं ने ठाकरे गुट जॉइन किया है?
    कांदिवली और गोरेगांव से कई शिंदे गुट और कांग्रेस पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

    Q2. यह घटनाक्रम किस चुनाव से जुड़ा है?
    मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले यह बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।

    Q3. क्या इससे शिंदे गुट को नुकसान होगा?
    राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इससे शिंदे गुट की स्थिति कमजोर हो सकती है।

  • BMC चुनाव 2026: Gateway of India और BMC मुख्यालय पर SVEEP सेल्फी पॉइंट से मतदाता जागरूकता

    BMC चुनाव 2026: Gateway of India और BMC मुख्यालय पर SVEEP सेल्फी पॉइंट से मतदाता जागरूकता

    BMC Election 2025-26 के तहत SVEEP अभियान को तेज किया गया है। Gateway of India और BMC मुख्यालय पर सेल्फी पॉइंट और सेल्फी बूथ लगाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के मद्देनज़र मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने नए और आकर्षक तरीके अपनाए हैं। ‘मतदारांचे सुनियोजित शिक्षण आणि निवडणूक सहभाग (SVEEP)’ अभियान के तहत Gateway of India और BMC मुख्यालय के सामने विशेष रूप से सेल्फी पॉइंट और सेल्फी बूथ तैयार किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

    SVEEP अभियान के तहत व्यापक जनजागृति

    BMC चुनाव के लिए मतदाता सहभाग बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से SVEEP अभियान के अंतर्गत नागरिकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।

    सेल्फी पॉइंट जैसे इनोवेटिव माध्यमों के जरिए खासकर युवाओं को मतदान के प्रति आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।

    Bmc Election news

    Gateway of India पर खास सेल्फी पॉइंट

    मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थल Gateway of India पर महानगरपालिका उद्यान विभाग की ओर से एक आकर्षक सेल्फी पॉइंट सजाया गया है। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक और स्थानीय नागरिक इस सेल्फी पॉइंट पर फोटो लेकर सोशल मीडिया के जरिए मतदान जागरूकता का संदेश फैला रहे हैं।

    इस पहल से चुनावी जनजागरण को व्यापक स्तर पर पहचान मिल रही है।

    BMC मुख्यालय के सामने सेल्फी बूथ

    इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के सामने भी SVEEP अभियान के तहत सेल्फी बूथ स्थापित किया गया है। यहां आने वाले नागरिक, कर्मचारी और राहगीर सेल्फी लेकर मतदान से जुड़े संदेशों को साझा कर रहे हैं।

    प्रशासन का मानना है कि इस तरह के विज़ुअल और इंटरैक्टिव माध्यमों से मतदाता शिक्षा अधिक प्रभावी होती है।

    युवाओं और नए मतदाताओं पर खास फोकस

    SVEEP अभियान का मुख्य उद्देश्य:

    • नए मतदाताओं को प्रेरित करना
    • मतदान प्रतिशत बढ़ाना
    • लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहभाग बढ़ाना

    सेल्फी पॉइंट जैसी पहल युवाओं को जोड़ने में मदद कर रही है, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।

    लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल

    BMC प्रशासन का कहना है कि चुनाव तभी सफल माना जाएगा, जब हर योग्य मतदाता मतदान करे। इसी सोच के साथ शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।


    FAQ Section

    ❓ SVEEP अभियान क्या है?

    ➡️ SVEEP यानी मतदाता शिक्षा और चुनावी सहभाग बढ़ाने का अभियान।

    ❓ सेल्फी पॉइंट कहां लगाए गए हैं?

    ➡️ Gateway of India और BMC मुख्यालय के सामने।

    ❓ इसका उद्देश्य क्या है?

    ➡️ मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक और प्रेरित करना।

    ❓ किन लोगों पर खास ध्यान दिया जा रहा है?

    ➡️ युवाओं और नए मतदाताओं पर।

  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

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    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
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    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।

  • BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। नवाब मलिक के नेतृत्व में घोषित लिस्ट, वार्ड-वाइज नाम, दूसरी सूची की तैयारी और पूरी राजनीतिक तस्वीर—जानिए मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के बहुप्रतीक्षित चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए हैं। 28 दिसंबर को पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस सूची की घोषणा वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की अगुवाई वाली चुनाव प्रबंधन समिति ने की। कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद आई इस लिस्ट से साफ है कि NCP मुंबई के सियासी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जाएगी।

    लंबे इंतज़ार के बाद आई पहली सूची

    पिछले कुछ दिनों से मुंबई की राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी BMC चुनाव को लेकर कब उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। गठबंधन, सीट शेयरिंग और अंदरूनी बैठकों के चलते सूची अटकी हुई थी।
    अब 37 नामों की पहली सूची सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है और बाकी उम्मीदवारों की घोषणा भी जल्द होने वाली है।

    इन वार्डों से मैदान में उतरे NCP के उम्मीदवार

    पहली सूची में मुंबई के अलग-अलग इलाकों को कवर करते हुए अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। घोषित उम्मीदवारों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

    • वॉर्ड 3: मनीष दुबे
    • वॉर्ड 48: सिरील पीटर डिसोझा
    • वॉर्ड 62: अहमद खान
    • वॉर्ड 76: बबन रामचंद्र मदने
    • वॉर्ड 86: सुभाष जनार्दन पाताडे
    • वॉर्ड 93: सचिन तांबे
    • वॉर्ड 96: आयेशा शाम्स खान
    • वॉर्ड 109: सज्जू मलिक
    • वॉर्ड 113: शोभा रत्नाकर जाधव
    • वॉर्ड 125: हरिश्चंद्र बाबालिंग जंगम
    • वॉर्ड 135: अक्षय मोहन पवार
    • वॉर्ड 140: ज्योती देविदास सदावर्ते
    • वॉर्ड 143: रचना रविंद्र गवस
    • वॉर्ड 146: भाग्यश्री राजेश केदारे
    • वॉर्ड 148: सोमू चंदू पवार
    • वॉर्ड 165: अब्दुल रशीद (कप्तान) मलिक
    • वॉर्ड 169: चंदन धोंडीराम पाटेकर
    • वॉर्ड 171: दिशा अमित मोरे
    • वॉर्ड 224: सबिया अस्लम मर्चेंट
    • वॉर्ड 40: विलास दगडू घुले
    • वॉर्ड 57: अजय विचारे
    • वॉर्ड 64: हदिया फैजल कुरेशी
    • वॉर्ड 77: ममता धर्मेंद्र ठाकूर
    • वॉर्ड 92: युसूफ अबुबकर मेमन
    • वॉर्ड 95: अमित अंकुश पाटील
    • वॉर्ड 111: धनंजय पिसाळ
    • वॉर्ड 126: प्रतिक्षा राजू घुगे
    • वॉर्ड 139: नागरत्न बनकर
    • वॉर्ड 142: चांदणी श्रीवास्तव
    • वॉर्ड 144: दिलीप हरिश्चंद्र पाटील
    • वॉर्ड 147: अंकिता संदीप द्रवे
    • वॉर्ड 152: लक्ष्मण गायकवाड
    • वॉर्ड 168: डॉ. सईदा खान
    • वॉर्ड 170: बुशरा परवीन मलिक
    • वॉर्ड 175: वासंती मुरगेश देवेंद्र
    • वॉर्ड 222: किरण रविंद्र शिंदे
    • वॉर्ड 197: फरीन खान

    नवाब मलिक के नेतृत्व में चुनावी रणनीति

    इस पहली सूची की घोषणा चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नवाब मलिक के नेतृत्व में की गई। पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि नवाब मलिक इस बार मुंबई में संगठन को मजबूती देने और पुराने वोट बैंक को दोबारा जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
    उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय पकड़ और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका को ध्यान में रखा गया है।

    दूसरी सूची पर भी नज़र

    NCP नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जिन वार्डों पर अभी चर्चा जारी है, वहां के उम्मीदवारों के नाम दूसरी सूची में सामने आएंगे। माना जा रहा है कि अगली लिस्ट में और भी बड़े चेहरे और नए युवा उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं।

    BMC चुनाव NCP के लिए क्यों अहम?

    मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे अमीर नगर संस्था मानी जाती है। यहां जीत सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत और भविष्य की दिशा तय करती है।
    NCP के लिए यह चुनाव:

    • मुंबई में संगठन को दोबारा खड़ा करने
    • गठबंधन राजनीति में अपनी अहमियत साबित करने
    • और शहरी वोटर तक पहुंच बनाने

    का बड़ा मौका है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. NCP ने कितने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है?
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है।

    Q2. इस सूची की घोषणा किसने की?
    चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नवाब मलिक के नेतृत्व में सूची जारी की गई।

    Q3. क्या दूसरी सूची भी आएगी?
    हां, पार्टी नेताओं के अनुसार जल्द ही दूसरी सूची भी घोषित की जाएगी।

    Q4. यह चुनाव NCP के लिए क्यों अहम है?
    BMC चुनाव मुंबई में पार्टी के राजनीतिक भविष्य और संगठन की मजबूती तय करेगा।

  • BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    मुंबई BMC चुनाव से पहले कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के बीच गठबंधन फाइनल। 227 वार्डों में सीट शेयरिंग, MVA की अंदरूनी राजनीति, MNS फैक्टर और महायुति की चुनौती—पूरी डिटेल मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने आख़िरकार गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों दलों ने सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला तय किया, जिसके तहत कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। यह गठबंधन कांग्रेस और VBA—दोनों के लिए मुंबई में सियासी वजूद बचाने और मज़बूत करने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है।

    BMC चुनाव से पहले आख़िरी वक़्त का गठबंधन

    मुंबई की राजनीति में ऐन चुनाव से पहले गठबंधन होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार कांग्रेस-VBA की जुगलबंदी इसलिए अहम है क्योंकि दोनों ही दल दबाव में दिख रहे थे। कांग्रेस को मुंबई में लगातार कमजोर होती पकड़ की चिंता है, वहीं VBA अब तक महानगर में बड़ा राजनीतिक स्पेस नहीं बना पाई है।
    ऐसे में यह गठबंधन दोनों के लिए “करो या मरो” जैसी स्थिति लेकर आया है।

    सीट शेयरिंग का गणित क्या कहता है?

    BMC की कुल 227 सीटों में से:

    • कांग्रेस: 165 सीटें
    • VBA: 62 सीटें

    VBA के लिए यह सीटें सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाने का मौका भी हैं। दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने ज़्यादा सीटें लेकर यह साफ़ कर दिया है कि वह अभी भी खुद को इस गठबंधन की बड़ी ताक़त मानती है।

    MVA के अंदर बढ़ी खींचतान

    कांग्रेस पहले से ही महा विकास आघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, जिसमें:

    • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
    • शरद पवार की NCP

    लेकिन मामला तब उलझ गया जब शिवसेना-UBT ने राज ठाकरे की MNS के साथ हाथ मिला लिया। कांग्रेस ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई और कहा कि MNS के साथ जाना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ़ है।
    इसी तनाव के बीच कांग्रेस का VBA से हाथ मिलाना यह दिखाता है कि मुंबई में पार्टी अब “सैद्धांतिक बहस” से ज़्यादा “चुनावी मजबूरी” पर चल रही है।

    वोट बैंक की राजनीति और असली मक़सद

    कांग्रेस-VBA गठबंधन का सीधा फोकस है:

    • दलित वोट
    • OBC वोट
    • अल्पसंख्यक वोट

    ये वो वर्ग हैं, जिन्हें अलग-अलग लड़कर दोनों पार्टियां पूरी तरह साध नहीं पा रही थीं। साथ आकर उम्मीद है कि वोटों का बंटवारा रुके और मुकाबले में मज़बूती आए।

    महायुति की मज़बूती बनी सबसे बड़ी चुनौती

    मुंबई के बाहर, ग्रामीण महाराष्ट्र में महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना + अजित पवार NCP) ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है:

    • BJP: 117 नगराध्यक्ष
    • शिंदे गुट: 53
    • अजित पवार गुट: 37
    • कांग्रेस: सिर्फ़ 28

    ये आंकड़े कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं। अगर मुंबई जैसे किले में भी पार्टी कमजोर पड़ी, तो आगे की राजनीति और मुश्किल हो सकती है।

    एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका की जंग

    BMC सिर्फ़ एक चुनाव नहीं है। यह:

    • बजट
    • कॉन्ट्रैक्ट
    • शहरी विकास
    • राजनीतिक कंट्रोल

    सबका केंद्र है। इसी वजह से हर पार्टी यहां पूरी ताक़त झोंक रही है। कांग्रेस-VBA का गठबंधन इसी लड़ाई में खुद को ज़िंदा रखने की कोशिश है।

    15 जनवरी की वोटिंग, 16 को फैसला

    अब सबकी नज़रें:

    • 15 जनवरी: मतदान
    • 16 जनवरी: नतीजे

    इन 24 घंटों में तय होगा कि यह गठबंधन भविष्य की राजनीति का मॉडल बनेगा या फिर सिर्फ़ एक चुनावी प्रयोग बनकर रह जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कांग्रेस-VBA गठबंधन क्यों हुआ?
    मुंबई में कमजोर होती पकड़ और वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए दोनों दल साथ आए हैं।

    Q2. सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला क्या है?
    कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

    Q3. क्या यह गठबंधन MVA को प्रभावित करेगा?
    हां, खासकर MNS के साथ शिवसेना-UBT की नज़दीकी को लेकर कांग्रेस में नाराज़गी है।

    Q4. मतदान और नतीजे कब हैं?
    15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे।

  • मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    बीएमसी द्वारा जलवाहिनी जोड़ने के काम के चलते 22 से 26 दिसंबर 2025 तक मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी। पानी के समय में भी बदलाव किया गया है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलवाहिनी जोड़ने के अहम काम के चलते सोमवार 22 दिसंबर 2025 सुबह 10 बजे से शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 दोपहर 1 बजे तक (करीब 99 घंटे) मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी सप्लाई की जानकारी दी है। इस दौरान कई इलाकों में नियमित पानी की टाइमिंग भी बदली गई है। नागरिकों से पहले से पानी जमा करने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    🚧 क्यों किया जा रहा है जलवाहिनी का काम?

    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार,
    एमएमआरडीए की मेट्रो लाइन–7A परियोजना के लिए
    2400 मिमी व्यास की अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी का एक हिस्सा डायवर्ट किया गया है।

    👉 अब इस डायवर्ट किए गए हिस्से की
    क्रॉस-कनेक्शन (जोड़ने) का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।
    👉 यह काम तकनीकी तौर पर बेहद जरूरी और संवेदनशील है।
    👉 पानी सप्लाई पर असर कम से कम पड़े, इसके लिए पहले से पूरा प्लान तैयार किया गया है।

    ⏰ कब से कब तक रहेगा असर?

    • शुरुआत: सोमवार, 22 दिसंबर 2025 – सुबह 10 बजे
    • समाप्ति: शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 – दोपहर 1 बजे
    • कुल अवधि: लगभग 99 घंटे

    इस दौरान कई इलाकों में लो प्रेशर वॉटर सप्लाई रहेगी।

    🏘️ किन इलाकों में कम दबाव से पानी मिलेगा?

    🔹 1. जी उत्तर (G North) विभाग – धारावी क्षेत्र

    सुबह की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी लूप रोड, ए.के.जी. नगर, जस्मिन मिल रोड, माटुंगा लेबर कैंप, संत रोहिदास मार्ग,
    60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर ढोरवाडा,
    महात्मा गांधी रोड

    🕓 नियमित समय: सुबह 4 से दोपहर 12
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज सुबह 9 से शाम 5 बजे

    शाम की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी मेन रोड, गणेश मंदिर रोड, दिलीप कदम मार्ग, जस्मिन मिल रोड,
    माहीम फाटक, ए.के.जी. नगर

    🕓 नियमित समय: शाम 4 से रात 9
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज शाम 5 से रात 10 बजे

    🔹 2. के पूर्व (K East) विभाग

    दोपहर की सप्लाई:
    कबीर नगर, बामनवाड़ा, पारसीवाड़ा, एयरपोर्ट एरिया, तरुण भारत कॉलोनी,
    इस्लामपुरा, देऊळवाड़ी, P&T कॉलोनी

    🕓 नियमित समय: दोपहर 2 से शाम 5:30
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    शाम की सप्लाई:
    कोलडोंगरी, ओल्ड पुलिस गली, विजय नगर (सहार रोड), मोगरापाड़ा

    🕓 नियमित समय: शाम 5 से रात 10
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🔹 3. एच पूर्व (H East) विभाग

    बीकेसी और आसपास:
    बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मोतीलाल नगर

    🕓 नियमित समय: रात 10 से 11:40
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    अन्य इलाके:
    प्रभात कॉलोनी, टीपीएस-3, आग्रीपाड़ा, कालिना, सीएसटी रोड, हंसभुग्रा रोड,
    विद्यापीठ परिसर, यशवंत नगर, सुंदर नगर, कोलिवरी गांव,
    तीन बंगला, शांतिलाल कंपाउंड, पटेल कंपाउंड, गोलीबार रोड,
    खार सब-वे से खेरवाड़ी, नवापाड़ा, बेहराम नगर, ए.के. रोड,
    सरकारी कॉलोनी बांद्रा (पूर्व)

    🕓 नियमित समय: रात 3:30 के बाद से सुबह 9 बजे तक
    ⚠️ कम दबाव:
    23 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🚰 मुंबई शहर में बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:

    • जरूरी मात्रा में पहले से पानी जमा कर लें
    • मरम्मत अवधि में पानी का कम से कम इस्तेमाल करें
    • एहतियात के तौर पर पानी उबालकर और छानकर पिएं
    • महानगरपालिका को सहयोग करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी की सप्लाई कब प्रभावित होगी?
    👉 22 दिसंबर सुबह 10 बजे से 26 दिसंबर दोपहर 1 बजे तक।

    Q2. क्या पूरी तरह पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, पानी मिलेगा लेकिन कम दबाव से

    Q3. किन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर होगा?
    👉 जी उत्तर (धारावी), के पूर्व (एयरपोर्ट, सहार रोड) और एच पूर्व (बीकेसी, बांद्रा ईस्ट)।

    Q4. यह काम क्यों जरूरी है?
    👉 मेट्रो लाइन 7A के लिए जलवाहिनी को शिफ्ट कर क्रॉस-कनेक्शन किया जा रहा है।

  • BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election 2026 से पहले ठाकरे बंधुओं में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम दौर की बातचीत। शिवसेना (UBT) 120–125 और मनसे 80–90 सीटों पर लड़ सकती है।

    मुंबई: आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत शिवसेना (UBT) करीब 120 से 125 सीटों पर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लगभग 80 से 90 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।

    ठाकरे बंधुओं की संभावित युति पर सबकी नजर

    करीब एक दशक बाद होने जा रहे बीएमसी चुनाव को लेकर ठाकरे परिवार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग का मकसद साफ है—मराठी वोटों का बंटवारा रोकना और मुंबई महानगरपालिका में मज़बूत दावेदारी पेश करना।

    सूत्र बताते हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच कई दौर की अनौपचारिक बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक ऐलान हो सकता है।

    BMC Election 2017 के नतीजों से सीख, लेकिन सीटों पर मतभेद

    2017 के BMC Election में शिवसेना (तत्कालीन अविभाजित) ने 84 सीटें जीती थीं। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि ये सभी 84 सीटें शिवसेना (UBT) के पास ही रहें।
    हालांकि, मनसे इस मांग से सहमत नहीं है

    मनसे का तर्क है कि वर्ली, दादर, कालाचौकी, मुलुंड और भांडुप जैसे मराठी बहुल इलाकों में उसका मजबूत जनाधार है। इसी आधार पर मनसे कुछ ऐसी सीटों की मांग कर रही है, जिन पर पहले शिवसेना का दबदबा रहा है।

    NCP (शरद पवार) और वाम दलों की भी हो सकती है एंट्री

    वोटों के बंटवारे से बचने के लिए ठाकरे बंधु इस संभावित गठबंधन में एनसीपी (शरद पवार गुट) और वाम दलों को शामिल करने पर भी विचार कर रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यदि शरद पवार गुट गठबंधन में शामिल होता है तो उसे 15 से 20 सीटें दी जा सकती हैं। इससे गठबंधन को शहरी और अल्पसंख्यक वोटों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    महा युति में भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान

    दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महा युति (भाजपा–शिंदे गुट शिवसेना) में भी सीट शेयरिंग को लेकर गहमागहमी है।
    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 90 से 100 सीटों की मांग की है, यह दावा करते हुए कि उसका संगठन और जनाधार कई वार्डों में मजबूत है।

    वहीं, भाजपा मुंबई में 135 से 140 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

    2017 में किसका पलड़ा भारी था?

    2017 के बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों में से:

    • शिवसेना: 84 सीटें
    • भाजपा: 82 सीटें

    उस वक्त दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे। इस बार तस्वीर बदली हुई है और गठबंधनों का गणित ज्यादा अहम हो गया है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: बीएमसी चुनाव कब होने हैं?
    👉 जनवरी 2026 में।

    Q2: शिवसेना (UBT) कितनी सीटों पर लड़ सकती है?
    👉 लगभग 120 से 125 सीटों पर।

    Q3: मनसे को कितनी सीटें मिलने की संभावना है?
    👉 करीब 80 से 90 सीटें।

    Q4: क्या एनसीपी (शरद पवार) भी गठबंधन में शामिल होगी?
    👉 बातचीत चल रही है, 15–20 सीटें दिए जाने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC Elections 2026 की घोषणा के बाद मुंबई में सियासी हलचल तेज। जानिए आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है, दहिसर से कोलाबा तक 227 वॉर्ड की पूरी जानकारी।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए एक अहम सियासी अपडेट सामने आया है। राज्य चुनाव आयोग ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ये चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे। लगभग एक दशक बाद होने जा रहे इस चुनाव को मुंबई का सबसे बड़ा नागरिक चुनाव माना जा रहा है। चुनाव से पहले वॉर्ड सीमाओं में बदलाव (डीलिमिटेशन) किया गया है, जिसके बाद अब शहर को 227 चुनावी वॉर्ड में बांटा गया है, जो 24 प्रशासनिक वॉर्ड के अंतर्गत आते हैं।

    BMC चुनाव 2026 क्यों है इतना अहम?

    BMC एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। सड़क, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिक से जुड़े हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का चुनाव माना जा रहा है।

    दक्षिण मुंबई (सिटी वॉर्ड्स)

    दक्षिण मुंबई के पारंपरिक और ऐतिहासिक इलाकों को मिलाकर 9 प्रशासनिक वॉर्ड बनाए गए हैं:

    • A वॉर्ड (224–227): कोलाबा, कफ परेड, नेवी नगर, चर्चगेट, फोर्ट
    • B वॉर्ड (221–223): मोहम्मद अली रोड, डोंगरी, भेंडी बाजार
    • C वॉर्ड (217–220): मरीन लाइंस, भूलश्वर, पायधोनी
    • D वॉर्ड (210–216): मालाबार हिल, गिरगांव, ग्रांट रोड
    • E वॉर्ड (202–209): भायखला, मझगांव, रे रोड
    • F साउथ (196–201): परेल, लालबाग, सेवरी
    • F नॉर्थ (172–181): सायन, माटुंगा, वडाला
    • G साउथ (188–195): वर्ली, प्रभादेवी, लोअर परेल
    • G नॉर्थ (182–187): दादर पश्चिम, माहिम, धारावी

    पश्चिमी उपनगर (Western Suburbs)

    मुंबई का सबसे ज्यादा वोटर वाला इलाका पश्चिमी उपनगर माना जाता है:

    • H ईस्ट (87–97): बांद्रा ईस्ट, सांताक्रूज़ ईस्ट
    • H वेस्ट (98–103): बांद्रा वेस्ट, खार
    • K ईस्ट (68–82): अंधेरी ईस्ट, जोगेश्वरी
    • K वेस्ट (53–67): अंधेरी वेस्ट, जुहू, वर्सोवा
    • P साउथ (43–52): गोरेगांव, आरे कॉलोनी
    • P नॉर्थ (27–42): मलाड, मार्वे, अक्सा, मढ़
    • R साउथ (18–26): कांदिवली, चारकोप
    • R सेंट्रल (8–17): बोरीवली, गोराई
    • R नॉर्थ (1–7): दहिसर, आईसी कॉलोनी

    पूर्वी उपनगर (Eastern Suburbs)

    पूर्वी मुंबई के औद्योगिक और रिहायशी इलाके इन वॉर्ड्स में आते हैं:

    • L वॉर्ड (155–171): कुर्ला, साकीनाका
    • M ईस्ट (134–148): गोवंडी, मानखुर्द
    • M वेस्ट (149–154): चेंबूर
    • N वॉर्ड (123–133): घाटकोपर, पंत नगर
    • S वॉर्ड (104–122): भांडुप, विक्रोली
    • T वॉर्ड: मुलुंड, नाहुर

    227 वॉर्ड से जुड़े अहम आंकड़े

    • सबसे छोटा वॉर्ड: B वॉर्ड (सिर्फ 3 चुनावी वॉर्ड)
    • सबसे बड़ा वॉर्ड: P नॉर्थ (16 चुनावी वॉर्ड)
    • प्रति वॉर्ड औसत आबादी: करीब 54,000
    • महिला आरक्षण: 227 में से 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित

    आपका वॉर्ड जानना क्यों जरूरी?

    वोटर लिस्ट, प्रत्याशी, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अधिकार समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है। इससे आप जिम्मेदार वोटर बन सकते हैं।


    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: BMC चुनाव 2026 कब होंगे?
    👉 15 जनवरी 2026 को।

    Q2: कुल कितने वॉर्ड हैं?
    👉 227 चुनावी वॉर्ड।

    Q3: सबसे पहला और आखिरी वॉर्ड कौन सा है?
    👉 वॉर्ड 1 – दहिसर, वॉर्ड 227 – कोलाबा।

    Q4: क्या महिलाओं के लिए आरक्षण है?
    👉 हां, 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।