Category: Breaking News

  • गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    • प्रचार तंत्र के आधार पर मोदी की गढ़ी गई छवि।
    • भोली भाली जनता ने मान लिया अपना नायक।
    • झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था।
    गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।

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    मोदी,
    गुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर

    प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।

    मोदी का डूबता सूरज.

    भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।

    झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं ।
    आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।

  • प्लेटफॉर्म पर पटरी के किनारे हाथ धोना पड़ा भारी, तभी ट्रेन से टकराकर लड़के की मौत

    प्लेटफॉर्म पर पटरी के किनारे हाथ धोना पड़ा भारी, तभी ट्रेन से टकराकर लड़के की मौत

    Mumbai malad Railway station Accident News: प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक इसी दौरान पटरी पर ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और मौके पर ही मौत हो गई।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार वो प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक पटरी पर फ़ास्ट लोकल ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। (Mumbai malad Railway Station Accident News)

    जानकारी के अनुसार घटना 17 जून की है। इससे जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है। इस कथित वीडियो में एक लड़का प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर पटरियों पर हाथ धो रहा है। तब हाथ धोने के बाद वो पानी पीने लगता है।
    इसी दौरान दूसरा लड़का उससे बोतल लेकर हाथ धोने लगता है। तभी इस पटरी पर एक फास्ट लोकल ट्रेन आती है। इस दौरान ट्रेन का इंजन लड़के के सिर से टकरा जाता है और वह ट्रेन से काफी दूर उछलकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ता है। (Mumbai malad Railway Station Accident News)

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/28/heavy-rains-in-many-parts-of-mumbai-one-dead-in-malad
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    Mumbai malad,
    मलाड रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर

    Mumbai malad की घटना ..

    मृतक की पहचान 16 वर्षीय मयंक शर्मा के रूप में हुई है। घटना के अनुसार, वह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर था। यहां उसने अपने दोस्त के साथ टिफिन से खाना भी खाया। इसके बाद वो बोतल से पानी पी रहा था, तभी ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इधर मौके पर मौजूद उसके दोस्त को भी चोट आई है। उसका इलाज भी चल रहा है। 
    गौरतलब है, कि भारतीय रेलवे हमेशा से ही अपने यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों को ट्रेन की पटरी से दूर रहने की सलाह और चेतावनी देता रहता है। लेकिन फिर भी कुछ यात्री इस पर ज्यादा ध्यान न देकर अपनी जान दे देते हैं। (Mumbai malad Railway Station Accident News)

  • दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।

    वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्‌ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्‌ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्‌ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्‌ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्‌ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

    इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्‌ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/30/anant-bhagwatkar-retired-from-municipal-corporation
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    Mumbai Bmc,
    फाइल तस्वीर

    Mumbai BMC Road News

    बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्‌ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्‌ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्‌ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”

    रिएक्टिव अस्फाल्ट का कैसे होगा इस्तेमाल?

    रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्‌ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्‌ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्‌ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।

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    मुंबई में सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्‌ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्‌ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”

    पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..

    सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्‌ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्‌ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्‌ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्‌ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्‌ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।

    मुंबई में गड्‌ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्‌ढों की शिकायतों में 67 गड्‌ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्‌ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्‌ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्‌ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।

  • चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट

    चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट

    • मणिपुर को एफआईआर और अस्फा से डराया नहीं जा सकता।
    • केंद्र सरकार मणिपुर को लेकर संजीदा नहीं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    वैसे तो देश भर में पीएम मोदी के मन की बात का विरोध करते और कहते हैं हमारे मन की बात क्यों नहीं सुनी जाती? विरोध करने पर एफआईआर और जेल होती है।
    मणिपुर को एफआईआर और अस्फा से डराया नहीं जा सकता। मन की बात में पीएम द्वारा मणिपुर के नाम पर चुप्पी खल गई।

    मन की बात के लेखक सलाहकार ने शायद महिला पहलवानों पर चुप्पी, किसानों पर चुप्पी, पुरानी पेंशन बहाली पर चुप्पी, सेवानिवृत्त सैनिकों, वन नेशन वन रैंक और वन सैलरी की घोषणा के बाद चुप्पी, मॉरीशस की फेक कंपनी द्वारा अडानी डिफेंस में बीस हजार इन्वेस्ट पर चुप्पी, चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में सौ गांव बसा लेने पर चुप्पी, किसान आत्महत्या पर कहना कि वे मेरे लिए थोड़े ही मरे? मणिपुर पर चुप्पी के बाद मणिपुर के लोगों ने बैनर्स पोस्टर्स लगाकर अपनी-अपनी रेडियो ट्रांजिस्टर सड़कों पर तोड़कर टुकड़े-टुकड़े करते हुए कहा, हम नहीं सुनेंगे पीएम के मन की बात। कितनी नफरत जुड़ गई होगी?

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/28/mumbai-water-shortage-will-start-10-cut-in-water-supply-from-july-1
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    मणिपुर,
    आरएसएस दत्तात्रेय होसबले की फाइल तस्वीर

    चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट..

    याद रहे मणिपुर के पहले भी पूर्वोत्तर में ऐसी आग सुलगती रही थी जिसे डायलॉग से सुलझाया गया और अब वह आदर्श राज्य बन गया। आरएसएस के बड़े नेता दत्तात्रेय होसबले ने कहा, हिंसा कोई भी उचित नहीं। हर समस्या का हल है संवाद। यहीं चूक गई केंद्र और मणिपुर सरकार। हाइकोर्ट के फैसले पर डबल इंजन की सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उपेक्षा की। जिसका अंजाम मणिपुर हिंसा में सौ से अधिक लोगों की हत्या, साठ हजार लोगों का पलायन, हजारों घरों का जलना, बीजेपी मंत्री का घर जलाना आदि पर चुप्पी।

    सोनिया गांधी की पहल पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई जिसमें मैत्री और कुकी समुदाय और मणिपुर सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं होना।सिर्फ एक कांग्रेसी का शामिल होना। केंद्र सरकार के बीजेपी नेताओं और अफसरों की चली ढाई घंटे बैठक में मणिपुर कांग्रेस के प्रतिनिधि को चंद मिनट से अधिक नहीं बोलने देना, राहुल गांधी का विरोध कर लौटने को मजबूर करना बताता है, कि केंद्र सरकार मणिपुर को लेकर संजीदा नहीं है। सच कहा जाय तो बीजेपी सरकार नहीं चाहती की डायलॉग हो और समस्या का समाधान निकले।

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    केंद्र सरकार याद रखे मणिपुर को बुलडोजर से रौंदकर डराया नहीं जा सकता। दशक पहले से मणिपुर को सैनिक छावनी में बदल दिया गया फिर भी कुकी या मैत्री समुदाय को डराया नहीं जा सका। जरूरत है कि जिस प्रकार कांग्रेस की केंद्र सरकार ने संवाद के जरिए मिजोरम को दहकने से बचा लिया था। उसी तरह मणिपुर में शांति बहाली के लिए आर्मी नहीं, सरकार से सशस्त्र युद्ध नहीं प्रेम पूर्वक संवाद से बचाया जा सकता है। लेकिन इच्छा शक्ति की कमी से बीजेपी सरकार कदम नहीं उठा सकी है।

  • अनंत भागवतकर मनपा से सेवानिवृत्त

    अनंत भागवतकर मनपा से सेवानिवृत्त

    अनंत भागवतकर अपने मनपा के कार्यकाल से सेवानिवृत्त हुए इस उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आपको बता दें कि मनपा प्रशासन में इन जैसा अफसर मिलना मुश्किल है।

    वी बी माणिक ( बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उप मुख्य अभियंता घन कचरा व्यवस्थापन अनंत भागवतकर आज सेवा नृवित्त हो गए हैं। अपने पूरे कार्यकाल में मनपा के अनेक विभागों में सराहनीय कार्य किया। इस के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने अपने एक व्यक्तव्य में कहा, कि “मैंने कई विभागों में कार्य किया है। पर पानी विभाग में कार्य करने का अवसर नही मिला।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/19/municipal-workers-of-a-department-are-doing-recovery-by-suppressing
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    अनंत भागवतकर,
    मुंबई मनपा अधिकारी अनंत भागवतकर के सेवानिवृत्त कार्यक्रम की तस्वीर

    अनंत भागवतकर..

    आपको बता दें, कि आर/ई (अतिक्रमण निर्मूलन दस्ता) में जब वार्ड ऑफिसर के पद पर अनंत भागवतकर कार्यरत थे। तब इन्होंने अवैध निर्माण कर्ताओ से दंड के रूप में 54 करोड़ की वसूली की थी। जो कि अभी तक किसी ने नही किया है। जबकि शहर में आज भी अतिक्रमण जोरों पर है लेकिन कार्रवाई के मामले में अनंत भागवतकर की तरह अफसर मिलना मुश्किल है। सेवानिवृत्त के कार्यक्रम के इस मौके पर वार्ड ऑफिसर उद्धव चन्दनशिवे पूर्व मुख्य अभियंता यमगर और डीएमसी संजोग कबरे के साथ और भी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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  • मुंबई: शुरू होगी पानी की किल्लत! 1 जुलाई से जलापूर्ति में 10% की कटौती

    मुंबई: शुरू होगी पानी की किल्लत! 1 जुलाई से जलापूर्ति में 10% की कटौती

    Mumbai BMC: शनिवार से हो रही शहर में बरसात के कारण कहीं जलजमाव तो कहीं यातायात बाधित हुआ। कई इलाकों में पेड़ और घर ढ़ह गए। कई लोगों की मौत हो गई। उसके बाद भी मनपा प्रशासन ने पानी कटौती का फैसला किया है।

    वी.बी. माणिक (बीएमसी प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    शहर को पानी की आपूर्ति (Water Supply) करने वाली झीलों में जलस्तर के कम होने के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शनिवार यानी 1 जुलाई से जलापूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती करने का फैसला किया है। मुंबई मनपा (Mumbai BMC) अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

    इसके साथ ही दूसरी तरफ शहर में बरसात के कारण पिछले 24 घंटों में मुंबई में पेड़ गिरने की 26 घटनाएं शॉर्ट-सर्किट की 15 घटनाएं और घरों के ढहने/आंशिक रूप से ढहने की पांच घटनाएं दर्ज की गई हैं। आईएमडी ने अलग-अलग स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/03/13/why-is-there-no-legal-action-against-running-the-hospital-illegally
    Indian fasttrack news
    Mumbai BMC,
    मलाड पश्चिम में एक पेड़ गिरा जिसके नीचे दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    Mumbai BMC

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने लोगों से अपील की है, कि वे पानी को बचाएं और इसका इस्तेमाल उचित तरीके से करें। दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार को मुंबई पहुंच गया। चहल ने शहर में जलापूर्ति को लेकर से बुधवार को कहा, कि बीएमसी ने एक जुलाई से मुंबई में पानी की आपूर्ति में 10 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है। क्योंकि शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में जल का भंडार करीब सात फीसदी ही रह गया है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अलग-अलग स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, निचले इलाकों में किसी बड़े जल-जमाव की कोई घटना सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच मुंबई में भारी बारिश हुई है। आईएमडी ने कहा कि मुंबई के साथ-साथ कुछ अन्य तटीय जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से तीव्र बारिश होने की संभावना है।

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    लेकिन दूसरी तरफ मनपा प्रशासन ने पानी कटौती को लेकर जो बयान दिया है उससे मुंबईकरो के लिए परेशानी साबित हो सकती है। इसका कारण झीलों के जलग्रहण इलाकों में बारिश का कम होना है। आपको बता दें, कि मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में स्थित सात झील- भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी से 3800 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है।

  • Maharashtra News: उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 के खिलाफ केस दर्ज, 4 गिरफ्तार, जानें क्या है मामला?

    Maharashtra News: उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 के खिलाफ केस दर्ज, 4 गिरफ्तार, जानें क्या है मामला?

    Maharashtra News: मुंबई पुलिस ने BMC अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – वकोला पुलिस ने बीएमसी अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व राज्यमंत्री अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसे पुलिस ने कन्फर्म किया है। शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की, जिन्होंने पिछले सप्ताह बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर में अवैध शाखा कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था। (Maharashtra News)

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/26/municipal-administration-in-the-form-of-land-mafia
    Indian fasttrack news
    Maharashtra, news,
    हमले के दूसरे दिन मंगलवार की तस्वीर जहां बांद्रा बीएमसी कार्यालय के कर्मचारियों ने विरोध जताया।

    क्या है मामला?

    अनिल परब के साथ आए शिवसैनिकों ने दावा किया कि ढांचे को गिराने से पहले इसे कार्यालय से हटाने के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ ढांचा ढहा दिया गया था। उग्र कार्यकर्ता बांद्रा पूर्व स्थित बीएमसी वार्ड कार्यालय में घुस गए। हमले का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें पूर्व राज्य ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब और अन्य कार्यकर्ता संबंधित अधिकारियों को उनके हवाले करने की मांग करते नजर आ रहे हैं। जब अधिकारी आगे आये तो यूबीटी कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। (Maharashtra News)

    अनिल परब ने क्या कहा ?

    परब ने कहा, “बांद्रा वार्ड कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में एसे कई अवैध इमारतें  हैं। अगर प्रशासन को वे ढांचे नजर नहीं आए तो मैं उनका कॉलर पकड़ कर दिखाऊंगा।” उन्होंने मांग की है, कि बांद्रा में कई तीन से चार मंजिला अवैध संरचनाएं हैं जो बीएमसी अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में, ये संरचनाएं बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।” परब ने पूछा कि अगर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो उन्होंने उस शाखा पर कार्रवाई का निर्देश कैसे दिया, जहां दीवारों पर बालासाहेब और शिवाजी महाराज की तस्वीरें लगाई गई थीं। (Maharashtra News)

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    Maharashtra News..

    युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के लाखों समर्थक हैं। अगर कोई उनकी तस्वीरों पर हथौड़ा मारता है तो कड़ी प्रतिक्रिया सामने आएगी।” (Maharashtra News)

  • Mumbai: मुंबई में भारी बारिश; घाटकोपर में इमारत के मलबे से निकाले गए दो शव; सेंट ब्रेज रोड पर दो की मौत

    Mumbai: मुंबई में भारी बारिश; घाटकोपर में इमारत के मलबे से निकाले गए दो शव; सेंट ब्रेज रोड पर दो की मौत

    Mumbai: भारी बारिश के कारण दो घटना में चार की मौत। इमारत के मलबे में छह लोग दब गए, जिनमें से चार को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दो लोग मलबे में दबे थे। अब इन दोनों की मौत हो गई है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में मानसून के दस्तक देते ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। शनिवार रात से हो रही भारी बारिश के चलते मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक रिहायशी इमारत ढह गई है। इस इमारत के मलबे में छह लोगों के दबने की जानकारी प्राप्त हो रही थी, जिनमें से चार को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दो लोग मलबे में फंसे रह गए। अब खबर आई है कि मलबे में दबे इन दोनों लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान 94 वर्षीय अल्का महादेव पलांडे और 56 वर्षीय नरेश पलांडे के रूप में हुई है। दोनों के शव सोमवार को मलबे से बाहर निकाले गए। इसके साथ ही एक और दूसरी घटना में और दो लोगों की मौत हो गई है। बरसात के शुरुआती दौर में ही शहर में भारी बारिश के कारण दो घटना में चार की मौत।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/24/fake-500-notes-in-mumbai-market-fake-currency
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    दो घटना में चार की मौत,
    नानावटी अस्पताल के पास बालकनी हादसे की तस्वीर

    ट्रेसिंग कैमरों की मदद से हो रही है खोजबीन ..

    एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट सारंग कुर्वे ने बताया कि मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए ट्रेसिंग कैमरों की मदद ली जा रही है। जैसे ही पीड़ितों का पता चल जाएगा, उन्हें मलबे से निकालने के लिए ड्रीलिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि इमारत का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह से ढह गया है। जिसकी वजह से पूरी इमारत गिर गई। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जानकारी देते हुए कहा था, कि घाटकोपर पूर्वी की राजावाड़ी कालोनी में इमारत का एक हिस्सा ढहा। चार लोगों को बचा लिया गया है और दो लोग अभी भी मलबे में फंसे हैं।

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    दो घटना में चार की मौत ..

    शहर में दूसरी घटना, नानावती अस्पताल के पास एक इमारत की बालकनी का हिस्सा गिरने से पांच लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव और राहत कार्य के लिए दो दमकल गाड़ियां, एक रिस्पांस वाहन, 108 एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंचे। हादसा विले पार्ले गावठान के पास सेंट ब्रेज रोड पर हुआ है। बीएमसी के मुताबिक, इलाज के लिए अस्पताल लाए गए 65 वर्षीय प्रिशिला मिसौइता और 70 वर्षीय रोबी मिसौइता नामक दो लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अन्य घायल लोगों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

  • हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    • बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
    • हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
    • हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
    • आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
    • गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
    • बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
    • अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।

    संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।

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    बीजेपी, आरएसएस, शंकराचार्य,
    शंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर

    यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।

    गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?

    एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।

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    बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।

  • मुंबई में कब्रिस्तान की मिट्टी की होगी जांच।

    मुंबई में कब्रिस्तान की मिट्टी की होगी जांच।

    मुंबई के गोवंडी इलाके में कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। यहां की मिट्टी को लेकर मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    गोवंडी के कब्रिस्तानों की मिट्टी का जायजा लेने के लिए सरकारी एजेंसियों को कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि यहां स्थानीय लोगों के लिए दो कब्रिस्तान मौजूद है इन दोनों स्थानों पर ताला लगा दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक कब्रिस्तान में नए शव दफन करने के लिए जगह नहीं है। पुराने दफन शवों को गले में काफी ज्यादा का समय लग रहा है जिस कारण नए शवों की एंट्री बंद कर दी गई है।

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    कब्रिस्तान, मिट्टी घोटाला,
    गोवंडी के देवनार कब्रिस्तान की तस्वीर

    लाखों की आबादी वाला गोवंडी का इलाका जहां बड़ी संख्या मे मुस्लिम समुदाय के लोग रहते है। वहां लोग अपने परिजनों का शव कांधे पर लिए दरबदर भटक रहे है। देवनार और रफी नगर के नाम पर यहां 2 कब्रिस्तान है। जहाँ इनदिनों ताला लगा दिया गया है। शवों को यहां दफ़न करने से रोक दिया गया है। जिसके पीछे की वजह कब्रिस्तान मै जगह नही होना बताया जारहा है वहीं कब्रिस्तान मैं दफनाये गए शव सही वक्त पर मिट्टी में नही मिलने के कारण कब्र को दोबारा उसमे शव दफनाने पर रोक लगाई गई है।

    आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि एक शव को दफनाने के बाद लगभग 6 से 8 महीनों में वह शरीर गर्ल कर मिट्टी हो जाता है। उसके कुछ दिनों बाद उसी कबर को दोबारा खनकर उसमें नए शव को दफना दिया जाता है। यह निरंतर सभी कब्रिस्तान में जारी है। जिस कारण मुंबई में जगह की कमतरता आभार नहीं होता। लेकिन गोवंडी के कब्रिस्तानों में एक नया ही मामला पेश आ रहा है। यहां दफनाये गए शवों को गलने में और भी ज्यादा का समय लग रहा है। जिसकी वजह से यहां की मिट्टी पर घोटाला होने के आरोप नागरिकों द्वारा लगाए जा रहे हैं।

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    कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला

    गोवंडी के स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के कामों में और मिट्टी डलवाने में घोटाला होने का आरोप लगाया है। लंबे समय से यह के लोग शासन प्रशासन के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को कब्रिस्तान मे होने वाले घोटाले से अवगत कराते रहे है। उसके बाद भी किसी तरह की करवाई नही की गई और आज यहां के लोगों के लिए कब्रिस्तानों में ताला लगा दिया गया है। इसको लेकर सामाजिक संस्था ‘सिटिजन फोरम’ ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को मिट्टी की जांच का आदेश करते हुए रिपोर्ट मांगी है।