Category: National News

  • क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    क्या एक्शन लेंगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे?

    • BMC कमिश्नर इकबाल सिंह चहल का कार्यालय निरूत्तर।
    • BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार
    • मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।

    BMC का बहुत बड़ा भ्रष्टाचार।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/06/stainless-steel-grills-to-be-installed-on-74000-manholes-in-mumbai
    Indian fasttrack news
    BMC, भ्रष्टाचार,
    प्रतिकारात्मक ताज़ा तस्वीर

    शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।

    क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

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    मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?

  • मुंबई में 74,000 मैनहोलों पर स्टेनलेस-स्टील ग्रिल लगाई जाएगी

    मुंबई में 74,000 मैनहोलों पर स्टेनलेस-स्टील ग्रिल लगाई जाएगी

    BMC ने शहर की सुरक्षा के मद्देनजर स्टेनलेस-स्टील ग्रिल लगाने का फैसला किया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद ज़ारी हुए निर्देश।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने स्टेनलेस स्टील ग्रिल का एक प्रोटोटाइप ढांचा (ब्रैकेट) तैयार किया है। इस ब्रैकेट को चरणबद्ध तरीके से 74 हजार से भी अधिक मैनहोल पर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा इस सुरक्षा जाल को शहर भर में लगाने  के लिए टेंडर प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

    BMC को बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश

    बरसाती मौके पर पानी का जल जमाव, इसकी निकासी के लिए खोलेजाने वाले गटर के ढक्कन कभी-कभी लोगों के लिए जान का खतरा बन जाता है। हर साल रोड़ के बीचो-बीच बने ऐसे मैनहोल के कारण छोटे बच्चे तो क्या अच्छे- खासे आदमी भी मौत के घाट उतर जाते हैं। इसको लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/04/officers-of-municipal-department-are-running-livelihood-by-recovery
    Indian fasttrack news
    Bmc,
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका की फाइल तस्वीर

    मनपा (BMC) से मिली जानकारी के मुताबिक, यह विकास खुले मैनहोलों को ढकने के लिए ‘सरल और अस्थायी’ उपायों के साथ किया जाने वाला है। बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, कि “इस प्रोटोटाइप को मैनहोल कवर के नीचे स्थापित किया जाएगा। पहले, सुरक्षात्मक ग्रिल में लचीली धातु का उपयोग किया जाता था लेकिन अब, नया प्रोटोटाइप स्टेनलेस स्टील का उपयोग करके बनाया जा रहा है।”

    उन्होंने यह भी कहा, कि “स्टेनलेस-स्टील सामग्री के कारण लोहे की ग्रिल का जीवन लंबा होगा।” उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी वर्तमान में ग्रिल्स की लागत तय कर रहे हैं जो 74,000 से अधिक मैनहोल को कवर किया जाएगा।

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  • यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    • गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू।
    • महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
    • बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।

    भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है,  झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/04/uddhav-thackerays-shiv-sena-is-holding-a-meeting-in-matoshree
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    गुजरात, महाराष्ट्र,
    महाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर

    गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..

    लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।

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    इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।

  • मनपा सी विभाग के अधिकारी वसूली से चला रहे है जीविका

    मनपा सी विभाग के अधिकारी वसूली से चला रहे है जीविका

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

    वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।

    BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..

    बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/03/foreign-national-reached-mumbai-with-cocaine-worth-rs-13-crore-in-bag-arrested-by-customs
    Indian fasttrack news
    BMC, वसूली,
    प्रतिक्रियात्मक तस्वीर

    मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?

    सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।

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    मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..

    मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।

  • प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को शरद पवार ने एनसीपी से निकाला, मुंबई अध्यक्ष भी नियुक्त

    प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को शरद पवार ने एनसीपी से निकाला, मुंबई अध्यक्ष भी नियुक्त

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल। शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी की सदस्यता से मुक्त किया। अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण की।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ ही सुनिल तटकरे को भी शरद पवार ने एनसीपी (NCP) से निकाल दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम एनसीपी के सदस्यों के रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अजित पवार की बगावत के बाद जयंत पाटिल ने नए मुंबई अध्यक्ष की नियुक्ति की है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी,
    एनसीपी नेता शरद पवार और भाजपा के देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल..

    जयंत पाटिल ने राखी जाधव को मुंबई अध्यक्ष बनाया है। इससे पहले नवाब मलिक मुंबई के शहर अध्यक्ष थे और उनके बाद दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। नरेंद्र राणे जो मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष थे, वह अजित पवार के साथ चले गए हैं। अब राखी जाधव को मुंबई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/02/2-killed-in-collision-of-two-best-buses
    Indian fasttrack news

    वहीं, अजित पवार गुट की तरफ से सुनील तटकरे को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी का महाराष्ट्र अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई है। जबकि अजित पवार गुट ने कहा, जयंत पाटिल को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष पद से निकाला जा रहा है। NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनील तटकरे को पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने का अधिकार होगा।

    गौरतलब है, कि एनसीपी नेता अजित पवार ने बगावत करते हुए भाजपा के साथ गठबंधन कर एकनाथ शिंदे की सरकार में उपमुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण कर लिया है। उनके साथ ही बागी और 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। दावा किया जा रहा है कि अजित पवार के साथ 35 से 40 विधायक है। जबकि महाराष्ट्र में एनसीपी विधायकों की संख्या 53 है।

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  • दो बेस्ट बसों के टक्कर से 2 लोगों की मौत

    दो बेस्ट बसों के टक्कर से 2 लोगों की मौत

    दो बेस्ट बसों के टक्कर से 2 लोगों की मौत। बस के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया। लेकिन बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से बस फिसल गई और आगे की बस से टकरा गई।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    शनीवार रात हुई एक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई है। ये दुर्घटना दो बेस्ट बसों के आपस में टकराने की वजह से हुई। दरअसल बेस्ट की दो बसें पोइसर डिपो से घाटकोपर डिपो की ओर डिपो ट्रांसफर के लिए जा रही थीं। तभी ऑटोरिक्शा से सफर कर रहे एक महिला और पुरुष की एक्सीडेंट के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही ऑटो ड्राइवर को मामूली चोट पर इलाज़ के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/01/the-boy-had-to-wash-his-hands-on-the-side-of-the-track-on-the-platform-then-the-boy-died-after-colliding-with-the-train
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    दो बेस्ट बसों की टक्कर,
    गोरेगांव बीएसटी बस एक्सीडेंट की तस्वीर

    दो बेस्ट बसों की टक्कर..

    हादसे पर मिली जानकारी के मुताबिक, गोरेगांव में लगभग 01.45 बजे एक बस के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया। इसी दौरान पीछे चल रही बस के ड्राइवर ने भी ब्रेक लगाया। लेकिन बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने के से बस फिसल गई और आगे की बस से टकरा गई।

    इस बीच अचानक ब्रेक लगने से एक ऑटो रिक्शा भी टकरा गया। इससे ऑटोरिक्शा में सफर कर रहे जॉनी शंखराम और सुजाता पंचकी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें तुरंत पुलिस द्वारा ट्रॉमा केयर अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां डॉ. प्रसाद ने लगभग 02.45 बजे जॉनी शंखराम को मृत घोषित कर दिया। सुजाता पंचकी को अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉ. सुषमा के साथ और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऑटोरिक्शा ड्राइवर के बाएं गाल पर मामूली चोट आई है। जिसका इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।

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  • प्लेटफॉर्म पर पटरी के किनारे हाथ धोना पड़ा भारी, तभी ट्रेन से टकराकर लड़के की मौत

    प्लेटफॉर्म पर पटरी के किनारे हाथ धोना पड़ा भारी, तभी ट्रेन से टकराकर लड़के की मौत

    Mumbai malad Railway station Accident News: प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक इसी दौरान पटरी पर ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और मौके पर ही मौत हो गई।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मलाड रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार वो प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक पटरी पर फ़ास्ट लोकल ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। (Mumbai malad Railway Station Accident News)

    जानकारी के अनुसार घटना 17 जून की है। इससे जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है। इस कथित वीडियो में एक लड़का प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर पटरियों पर हाथ धो रहा है। तब हाथ धोने के बाद वो पानी पीने लगता है।
    इसी दौरान दूसरा लड़का उससे बोतल लेकर हाथ धोने लगता है। तभी इस पटरी पर एक फास्ट लोकल ट्रेन आती है। इस दौरान ट्रेन का इंजन लड़के के सिर से टकरा जाता है और वह ट्रेन से काफी दूर उछलकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ता है। (Mumbai malad Railway Station Accident News)

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/28/heavy-rains-in-many-parts-of-mumbai-one-dead-in-malad
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    Mumbai malad,
    मलाड रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर

    Mumbai malad की घटना ..

    मृतक की पहचान 16 वर्षीय मयंक शर्मा के रूप में हुई है। घटना के अनुसार, वह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर था। यहां उसने अपने दोस्त के साथ टिफिन से खाना भी खाया। इसके बाद वो बोतल से पानी पी रहा था, तभी ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इधर मौके पर मौजूद उसके दोस्त को भी चोट आई है। उसका इलाज भी चल रहा है। 
    गौरतलब है, कि भारतीय रेलवे हमेशा से ही अपने यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों को ट्रेन की पटरी से दूर रहने की सलाह और चेतावनी देता रहता है। लेकिन फिर भी कुछ यात्री इस पर ज्यादा ध्यान न देकर अपनी जान दे देते हैं। (Mumbai malad Railway Station Accident News)

  • दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।

    वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्‌ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्‌ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्‌ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्‌ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्‌ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

    इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्‌ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/30/anant-bhagwatkar-retired-from-municipal-corporation
    Indian fasttrack news
    Mumbai Bmc,
    फाइल तस्वीर

    Mumbai BMC Road News

    बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्‌ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्‌ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्‌ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”

    रिएक्टिव अस्फाल्ट का कैसे होगा इस्तेमाल?

    रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्‌ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्‌ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्‌ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।

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    मुंबई में सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्‌ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्‌ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”

    पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..

    सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्‌ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्‌ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्‌ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्‌ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्‌ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।

    मुंबई में गड्‌ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्‌ढों की शिकायतों में 67 गड्‌ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्‌ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्‌ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्‌ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।

  • चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट

    चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट

    • मणिपुर को एफआईआर और अस्फा से डराया नहीं जा सकता।
    • केंद्र सरकार मणिपुर को लेकर संजीदा नहीं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    वैसे तो देश भर में पीएम मोदी के मन की बात का विरोध करते और कहते हैं हमारे मन की बात क्यों नहीं सुनी जाती? विरोध करने पर एफआईआर और जेल होती है।
    मणिपुर को एफआईआर और अस्फा से डराया नहीं जा सकता। मन की बात में पीएम द्वारा मणिपुर के नाम पर चुप्पी खल गई।

    मन की बात के लेखक सलाहकार ने शायद महिला पहलवानों पर चुप्पी, किसानों पर चुप्पी, पुरानी पेंशन बहाली पर चुप्पी, सेवानिवृत्त सैनिकों, वन नेशन वन रैंक और वन सैलरी की घोषणा के बाद चुप्पी, मॉरीशस की फेक कंपनी द्वारा अडानी डिफेंस में बीस हजार इन्वेस्ट पर चुप्पी, चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में सौ गांव बसा लेने पर चुप्पी, किसान आत्महत्या पर कहना कि वे मेरे लिए थोड़े ही मरे? मणिपुर पर चुप्पी के बाद मणिपुर के लोगों ने बैनर्स पोस्टर्स लगाकर अपनी-अपनी रेडियो ट्रांजिस्टर सड़कों पर तोड़कर टुकड़े-टुकड़े करते हुए कहा, हम नहीं सुनेंगे पीएम के मन की बात। कितनी नफरत जुड़ गई होगी?

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    मणिपुर,
    आरएसएस दत्तात्रेय होसबले की फाइल तस्वीर

    चुप्पी ने बढ़ाई मणिपुर संकट..

    याद रहे मणिपुर के पहले भी पूर्वोत्तर में ऐसी आग सुलगती रही थी जिसे डायलॉग से सुलझाया गया और अब वह आदर्श राज्य बन गया। आरएसएस के बड़े नेता दत्तात्रेय होसबले ने कहा, हिंसा कोई भी उचित नहीं। हर समस्या का हल है संवाद। यहीं चूक गई केंद्र और मणिपुर सरकार। हाइकोर्ट के फैसले पर डबल इंजन की सरकार ने ध्यान नहीं दिया। उपेक्षा की। जिसका अंजाम मणिपुर हिंसा में सौ से अधिक लोगों की हत्या, साठ हजार लोगों का पलायन, हजारों घरों का जलना, बीजेपी मंत्री का घर जलाना आदि पर चुप्पी।

    सोनिया गांधी की पहल पर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई जिसमें मैत्री और कुकी समुदाय और मणिपुर सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं होना।सिर्फ एक कांग्रेसी का शामिल होना। केंद्र सरकार के बीजेपी नेताओं और अफसरों की चली ढाई घंटे बैठक में मणिपुर कांग्रेस के प्रतिनिधि को चंद मिनट से अधिक नहीं बोलने देना, राहुल गांधी का विरोध कर लौटने को मजबूर करना बताता है, कि केंद्र सरकार मणिपुर को लेकर संजीदा नहीं है। सच कहा जाय तो बीजेपी सरकार नहीं चाहती की डायलॉग हो और समस्या का समाधान निकले।

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    केंद्र सरकार याद रखे मणिपुर को बुलडोजर से रौंदकर डराया नहीं जा सकता। दशक पहले से मणिपुर को सैनिक छावनी में बदल दिया गया फिर भी कुकी या मैत्री समुदाय को डराया नहीं जा सका। जरूरत है कि जिस प्रकार कांग्रेस की केंद्र सरकार ने संवाद के जरिए मिजोरम को दहकने से बचा लिया था। उसी तरह मणिपुर में शांति बहाली के लिए आर्मी नहीं, सरकार से सशस्त्र युद्ध नहीं प्रेम पूर्वक संवाद से बचाया जा सकता है। लेकिन इच्छा शक्ति की कमी से बीजेपी सरकार कदम नहीं उठा सकी है।

  • अनंत भागवतकर मनपा से सेवानिवृत्त

    अनंत भागवतकर मनपा से सेवानिवृत्त

    अनंत भागवतकर अपने मनपा के कार्यकाल से सेवानिवृत्त हुए इस उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आपको बता दें कि मनपा प्रशासन में इन जैसा अफसर मिलना मुश्किल है।

    वी बी माणिक ( बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के उप मुख्य अभियंता घन कचरा व्यवस्थापन अनंत भागवतकर आज सेवा नृवित्त हो गए हैं। अपने पूरे कार्यकाल में मनपा के अनेक विभागों में सराहनीय कार्य किया। इस के उपलक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने अपने एक व्यक्तव्य में कहा, कि “मैंने कई विभागों में कार्य किया है। पर पानी विभाग में कार्य करने का अवसर नही मिला।

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    अनंत भागवतकर,
    मुंबई मनपा अधिकारी अनंत भागवतकर के सेवानिवृत्त कार्यक्रम की तस्वीर

    अनंत भागवतकर..

    आपको बता दें, कि आर/ई (अतिक्रमण निर्मूलन दस्ता) में जब वार्ड ऑफिसर के पद पर अनंत भागवतकर कार्यरत थे। तब इन्होंने अवैध निर्माण कर्ताओ से दंड के रूप में 54 करोड़ की वसूली की थी। जो कि अभी तक किसी ने नही किया है। जबकि शहर में आज भी अतिक्रमण जोरों पर है लेकिन कार्रवाई के मामले में अनंत भागवतकर की तरह अफसर मिलना मुश्किल है। सेवानिवृत्त के कार्यक्रम के इस मौके पर वार्ड ऑफिसर उद्धव चन्दनशिवे पूर्व मुख्य अभियंता यमगर और डीएमसी संजोग कबरे के साथ और भी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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