भ्रटाचार की नींव पर हो रहा है पांच मंजिला इमारतों का अवैध निर्माण।
बिना नक्शा पास कराए मनपा नियमों को ताक पर रख बनाई जा रही पांच मंजिला इमारतें।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- यूं तो सम्पूर्ण बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) भ्रष्टाचार के मामले में स्पर्धा करती रहती है। हर वार्ड के जिम्मेदार डी ओ, वार्ड ऑफिसर, अभियंताओं में भ्रष्टाचार की कमाई वाला माल बनाने की मानों होड़ सी लगी दिखती है। यदि अवैध बांधकाम कराने, उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट अधिकारियों को कोई पुरस्कार देने की योजना बनाई जाए तो पी/नॉर्थ, वार्ड टॉप पर होगा। अधिकारियों की बात करें तो पी/नॉर्थ, वार्ड के डीओ राजन प्रभु ही बाजी मारकर टॉप पुरस्कार प्राप्त करने में सफल होंगे। (मलाड BMC का भ्रष्टाचार)
पांच मंजिला भ्रष्टाचार…
बताया जा रहा है, कि पी/नॉर्थ वार्ड के चीकू वाड़ी, रोड नंबर -१, मालवणी चर्च, बस स्टॉप नियर एनथोनी स्कूल, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम) में ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के आर सी सी (RCC) का अवैध बांधकाम कराने और संरक्षण देने का कार्य डीओ राजन प्रभु द्वारा किया गया है। जबकी उक्त पांच मंजिला इमारत के निर्माण कार्य को गैरकानूनी तरीके से कराया जा रहा है। आरोपित डीओ राजन प्रभु की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते राज्य सरकार की छवि धूमिल करने के साथ ही भ्रष्टाचार को खूब बढ़ावा मिल रहा है।
Indian fasttrack newsचीकू वाड़ी,रोड नंबर-१,, मालवणी चर्च,बस स्टॉप नियर एंथोनी स्कूल,मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम), स्थित ग्राउंड+४(पांच मंजिला)इमारत के आरसीसी का अवैध निर्माण की तस्वीर
मलाड BMC का भ्रष्टाचार…
इसी तर्ज पर दुर्गा निवास, बाजार गली, भंडारवाड़ा रोड़, बस स्टॉप, मार्वे रोड़, मालाड (पश्चिम) में खाली भूखंड (open plot) पर ग्राउंड+४ (पांच मंजिला) के ४० रूम का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना नक्शा पास कराए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के नियमों को ताक पर रख कर उक्त दोनो पांच मंजिला इमारतों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है और संरक्षण दिया जा रहा है और लाखों की काली कमाई की जा रही है। जिस पर तोड़क कार्रवाई नहीं करना क्या मतलब है? क्या बिना लेन-देन किए ऐसा संभव है?
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आला अधिकारियों का दुधारू गाय…
झोपड़ी रिपेयर करते समय नोटिस पर नोटिस देने वाले अधिकारी जब गैरकानूनी निर्माण नहीं तोड़े तो! क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? लगता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी कोमा में हैं। जो भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। चर्चा है आम, कि इन अवैध निर्माणों में डीओ राजन प्रभु का पैसा लगा है। जो काली कमाई खपाने का उत्तम माध्यम है। सूत्र बताते हैं, कि इसके पीछे की मुख्य वजह भ्रष्ट डीओ राजन प्रभु को आला अधिकारियों का दुधारू गाय होना मान रहे हैं।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है? ऐसा पूछा जा रहा है। मुंबई के अबोजवाड़ी झोपड़ा धारकों पर भरी बरसात में प्रशासन का कहर टूट पड़ा है। लगभग 250 झोपड़ाधारक हुए बेघर।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड पश्चिम मालवणी अंबोजवाड़ी का इलाका झोपड़पट्टी के लिए हमेशा से ही जाना जाता रहा है। यहां सरकार ने कुछ लोगों को शिफ्टिंग दिया हुआ है। तो वहीं कुछ भू माफियाओं ने जगह कब्जा कर वहां झोपड़े बनाकर लोगों को बेच दिए। अब उन झोपड़ों को प्रशासन खाली करने के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन भरी बरसात में लोगों को बेघर कर देना प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो गया है।
लोगों ने पूछा तो कहा गया, कि “कार्रवाई का हमें आदेश मिला है।” जब देश का कानून भी इसकी इजाजत नहीं देता, तो इन्हें आदेश किसने दिया। कानून के खिलाफ जाकर लोगों का घर तोड़ना यहां पर क्रूरता दिखाई पड़ रही है। फिलहाल यह जांच का विषय बना हुआ है। प्रशासन द्वारा कलेक्टर की जगह बता कर लगभग 250 घर तोड़ दिए हैं।
Indian fasttrack newsबेघर होने के बाद झोपड़ा धारक की तस्वीर
आपको जानकारी देते हुए बता की महाराष्ट्र की राज्य सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इस तरह की तोड़क कार्यवाही पर अंकुश लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया हुआ है, कि बरसाती मौसम में किसी को बेघर न किया जाय और हाईकोर्ट का भी ऐसे मामलों पर कानूनी प्रक्रिया को कुछ समय तक के लिए रोक देने को कहा गया है जबकि बरसाती मौसम में किसी को बेघर करना अन्याय पूर्वक कृत्य माना गया है।
तो क्या मालवणी अंभुजवाडी के झोपड़े को तोड़ने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी क्या देश के कानून से बढ़कर हैं और कौन है जो इन्हें ऐसे आदेश जारी कर दिया है। जो गरीबों का घर तोड़ने के लिए इन सरकारी कर्मचारियों को मजबूर किया गया हो। फिलहाल इन सारे मुद्दों को स्थानीय विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री असलम शेख ने लोकसभा के मानसून सत्र में महाराष्ट्र सरकार के समक्ष सवाल उठाया है।
क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
कांग्रेसी विधायक असलम शेख द्वारा पूछे गए सवालों को सुनने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच किए जाने का आश्वासन दिया है। जांच तो चलता ही रहेगा मगर जिन लोगों का आशियाना भरी बरसात में तोड़ दिया गया उन मजबूर बेसहारा लोगों का क्या? जो आज भी अपने टूटे-फूटे सामानों को इकट्ठा कर वहीं बरसात में भीगते हुए दिन गुजारने के लिए मजबूर हैं। इनके घर तो तोड़ दिए गये। अब इनके स्वास्थ्य का क्या ? जो परिवार और बच्चों के साथ बरसात में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। क्या गरीब सिर्फ लोगों के अत्याचार सहने के लिए पैदा हुए है? ऐसा पूछा जा रहा है। क्या इन्हें जीने का अधिकार नहीं है?
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India
वी बी माणिक मुंबई- आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़ मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)
मणिपुर की घटना.. India
राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।
Indian fasttrack newsमहिला सुरक्षा पर प्रतिकारात्मक तस्वीर
राजस्थान की घटना..
दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India
अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India
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अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है। दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India
Mumbai सहाय्यक आयुक्त की सीनियरिटी के आधार पर ही उपायुक्त बनाया जाता है।
अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में सहाय्यक आयुक्त के अभी भी छः पद रिक्त।
कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा नुकसान।
सहाय्यक आयुक्तों के गलत चयन से मुंबईकरों की मुसीबतें बढ़ने लगी है।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में सहाय्यक आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में घोर लापरवाही ही नहीं नियम विरुद्ध कार्य किया गया है। नियमावली के अनुसार सहाय्यक आयुक्त के खाली पदों पर नियुक्ति 50% लोकसेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों का होता है। शेष 50% विभागीय सिनियारिटी से परीक्षा ली जाती है। प्रशिक्षण के लिए दूसरे पदों पर रखा जाता है। जिन्हें बाद में मनपा में सहाय्यक आयुक्त नियुक्त कर दिया जाता है। Mumbai BMC News
बता दें कि मनपा में सहाय्यक आयुक्त के 33 पद में 17 पद रिक्त थे जिनमें विभाग द्वारा 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का प्रभार दे दिया गया है। जो विभागीय कोटे से बहुत अधिक है। उनकी परीक्षा और ट्रेनिंग हुई अथवा नहीं कहा नहीं जा सकता। लेकिन इन 11 कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से जहां कार्यपद्धति से निर्णय लेने में अपरिपक्वता होगी। वहीं आयोग द्वारा चयनित किंतु बाद में नियुक्त सहाय्यक आयुक्त जूनियर हो जाएंगे क्योंकि सहाय्यक आयुक्त की सिनियारीटी के आधार पर ही उसे उपायुक्त बनाया जाता है। Mumbai BMC News
कार्यकारी अभियंताओं को नियम विरुद्ध 11 सहाय्यक आयुक्त पदों का प्रभार दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण निर्मूलन और चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी 6 पद सहाय्यक आयुक्त के खाली हैं। जिससे दोनो विभाग अपंग बना हुआ है। Mumbai BMC News
आयोग द्वारा चयन किए गए कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त का सीधे प्रभार दिए गए लोगों के कार्य और जिम्मेदारी में बहुत फर्क होता है। जो उनकी कार्यपद्धति से साफ साफ दिखने लगा है। क्योंकि यह तो कुछ वैसा ही हुआ है जैसे किसी कंपाउंडर को डॉक्टर का प्रभार दे दिया जाए और रोगियों की चिकित्सा करने पर हालात क्या होंगे? कुछ ऐसा ही मामला कार्यकारी अभियंताओं को सहाय्यक आयुक्त पद का प्रभार दिए जाने से हो रहा है। इससे नुकसान और परेशानियां मुंबईकरों की बढ़ने लगी है। क्या ये प्रभार अभी नहीं देकर आयोग से ग्यारह चयनित लोगों को सहाय्यक आयुक्त नियुक्त किए जाने के बाद ही कार्यकारी अभियंताओं को नियुक्त किया जाए। Mumbai
कल्याण के एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी और बहाव तेज होने के कारण बह गया। लेकिन समय रहते प्रशासन ने उसे सही सलामत बचा लिया।
वी बी माणिक कल्याण– बुधवार 19 जुलाई 2023 तेज बारिश के बीच दोपहर लगभग 2:30 बजे के करीब वालधुनी जकात नाका के पास नदी के पुल से छलांग लगाने वाले युवक के बह जाने की खबर प्रशासन को मिली। युवक की खोज कर रहे अभियान के बीच पुलिस अधिकारियों ने मौके पर देखा कि युवक नदी किनारे एक झाड़ के फंदे में अटका हुआ है।
लगभग डेढ़ घंटो के अथक प्रयासों के बाद पीड़ित 20 वर्षीय आफताब नौशाद अन्सारी को सही सलामत बचा लिया गया है और उसे परिवार के हवाले करते हुए दोबारा ऐसे किसी भी तरह की हरकत नहीं करने की हिदायत दी गई है। महात्मा फुले चौक पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने इसकी जानकारी दी।
Indian fasttrack newsप्रशासन द्वारा चलाए खोजबीन अभियान की तस्वीरें
पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कंट्रोल रूम में 2:30 पर घटना की जानकारी मिली तुरंत हमने कल्याण फायर ब्रिगेड को सूचित कर घटनास्थल पर रवाना हो गए। तुरंत हमने स्थानीय लोगों की मदद से युवक की खोजबीन अभियान शुरू कर दि। हमने देखा कि नदी किनारे लगे एक पेड़ की टहनी से युवक फंसा हुआ है जो वालधुनी बौद्ध भूमी फाउंडेशन जमीन पर पेड़ लगा हुआ था।
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया, कि इस अभियान में विट मार्शल और बाकी पुलिस ऑफिसर एवं डोंबिवली महानगरपालिका आधारवाडी और ड वार्ड के फायर ब्रिगेड के साथ स्थानीय लोगों की मदद से पीड़ित युवक को सही सलामत बचा लिया गया है और उसे हिदायत देकर उसके परिवार के हवाले कर दिया गया है। बता दें कि पीड़ित 20 वर्षीय आफताब नौशाद अंसारी कल्याण पुर्व, वालधुनी, अशोकनगर मस्जिद के पास का रहने वाला है।
मुंबई के सरकारी अस्पताल में कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को निजी प्रयोगशालाओं में डायग्नोस्टिक स्कैन कराने के लिए कहा और उन्हें बताया कि अस्पताल में मरीजों के लगे कतार के कारण लंबे समय तक इंतजार करना होगा।
इस्माईल शेख मुंबई- सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लूटने का मामला सामने आ रहा है। जांच के लिए निजी लैब को रेफर करने के आरोप में टाटा मेमोरियल अस्पताल के कर्मचारियों समेत 11 लोगों को भोइवाडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। शहर में ऐसे कितने ही सरकारी अस्पताल हैं जहां ऐसी घटनाओं की जानकारी तो मिलती है। लेकिन शिकायतें दर्ज नहीं हो पाती।
भोइवाड़ा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुभाष आनंदराव बोराटे ने बुधवार को कहा कि कैंसर रोगियों को कमीशन के लिए निजी प्रयोगशालाओं में रेफर करने के आरोप में “टाटा मेमोरियल अस्पताल” के कुछ कर्मचारियों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग के दायरे में आने वाला यह अस्पताल उन्नत कैंसर उपचार और अनुसंधान के लिए जाना जाता है और इसमें देश भर से मरीज आते हैं।
Indian fasttrack newsमुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल की फाइल तस्वीर
पुलिस अधिकारी ने कहा, कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को निजी इमेजिंग केंद्रों और प्रयोगशालाओं में डायग्नोस्टिक स्कैन कराने के लिए कहा, और उन्हें बताया कि अस्पताल में स्कैन के लिए लंबी प्रतीक्षा का समय लगेगा कारण यहां ज्यादा मरीज होने के कारण लोगों को कतार में समय लग रहा है। आप को बता दें, कि कैंसर पीड़ित मरीजों को इलाज की जल्दी रहती है कारण उनकी जान जब तक इलाज पूरा ना हो जाए खतरे में बनी हुई रहती है। ऐसे में उन्हें एक्स्ट्रा पैसे देकर लैब की सेवाल लेना सही लगता है। इसी का यहां फायदा उठाया जा रहा था। आरोपियों में एक सहायक प्रशासनिक अधिकारी, वार्डबॉय, आया, नौकर और सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी गिरोह को कथित तौर पर निजी प्रयोगशालाओं से कमीशन मिला, जिनकी दरें अस्पताल की तुलना में अधिक हैं। उन्होंने कहा, इस प्रकार आरोपियों ने मरीजों के साथ-साथ सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगाया। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल के एक अधिकारी द्वारा दायर शिकायत के आधार पर, 16 जुलाई को भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक निजी प्रयोगशाला के कर्मचारी सहित 21 लोगों के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मामले की और अधिक तहकीकात जांच जारी है।
एक अधिकारी ने कहा, परेल के “टाटा मेमोरियल अस्पताल” के सुरक्षा गार्डों ने एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जहां कर्मचारी कैंसर रोगियों को सरकारी सुविधा पर सब्सिडी वाले परीक्षणों से गुजरने के लिए एक निजी डायग्नोस्टिक्स सेंटर में रेफर करते थे। हाल ही में दो वार्ड बॉय को उनकी सेवाओं के लिए सेंटर के प्रबंधक से 3 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया था। यह घटना 15 जुलाई की शाम को सामने आई जब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों ने पैसे के आदान-प्रदान को देखा। यह नकदी सिर्फ एक सप्ताह की सेवाओं के लिए बकाया (Advance) थी। कथित तौर पर इसे शनिवार को दिया गया क्योंकि सप्ताह के अंत में अस्पताल की ओपीडी बंद रहती है। पुलिस के मुताबिक, मरीजों की संख्या के आधार पर कमीशन 3 लाख रुपये से 4 लाख रुपये के बीच हो जाता है।
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पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं और जांच कर रहे हैं कि क्या डॉक्टर इस रैकेट में शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्डों को “इन्फिनिटी इमेजिंग सेंटर” के एक कर्मचारी और कुछ वार्ड बॉय के बीच एक सौदे के बारे में सूचना मिली थी। गार्डों ने उन दोनों का पीछा किया जो अस्पताल परिसर से बाहर चले गए और एक सरकारी अस्पताल के पास किसी का इंतजार कर रहे थे।
एनसीपी के नेता छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग।
अजित पवार की इंट्री, बदल गई मंत्रियों की तस्वीर।
वापस हुई विभागीय आवंटन की घोषणा।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई– मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल में मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव करते हुए नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों के लिए आवंटन की घोषणा कर दी है। इसमें फिर एक बार एनसीपी के नेता छगन भुजबल को राज्य का राशन विभाग दिया गया है। राज्यपाल रमेश बैस की मंजूरी के बाद इन विभागों के आवंटन की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास सामान्य प्रशासन, शहरी विकास, सूचना और प्रौद्योगिकी, सूचना और जनसंपर्क, परिवहन, सामाजिक न्याय, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, खनन और कोई अन्य आवंटित जो पोर्टफोलियो मे नहीं है। वह सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास सुरक्षित है।
उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस गृह, कानून और न्याय, जल संसाधन और लाभकारी क्षेत्र विकास, ऊर्जा, शाही शिष्टाचार विभाग संभालेंगे।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार वित्त और योजना विभाग संभालेंगे।
Indian fasttrack newsउप मुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी नेता छगन भुजबल की फाइल तस्वीर
छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद देकर राज्य की अर्थव्यवस्था सौंपी गई है, तो वही छगन भुजबल जो महा विकास आघाडी की सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग संभाल रहे थे उन्हें एक बार फिर उसी विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है।माना जाता है कि अजीत पवार राज्य की अर्थव्यवस्था संभालने के लिए उत्तम है। तो वहीं छगन भुजबल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग के लिए राज्य में अच्छे नेता साबित हुए हैं। इसी को लेकर शिंदे सरकार भी उन्हें नए राज्य मंत्रिमंडल में वापस से जगह दे दी है।
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अन्य 26 मंत्रियों के विभाग इस प्रकार हैं :-
छगन भुजबल – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग। दिलीपराव दत्तात्रेय वलसे-पाटिल – सहकार राधाकृष्ण विखे-पाटिल – राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास विभाग। सुधीर सच्चिदानंद मुनगंटीवार – वानिकी, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और मत्स्य पालन विभाग। हसन मियांलाल मुश्रीफ – चिकित्सा शिक्षा और विशेष सहायता विभाग। चंद्रकांतदा बच्चू पाटिल – उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय मामले विभाग। विजयकुमार कृष्णराव गावित– आदिवासी विकास विभाग। गिरीश दत्तात्रेय महाजन– ग्राम विकास एवं पंचायत राज, पर्यटन विभाग। गुलाबराव पाटिल– जल आपूर्ति एवं स्वच्छता दादाजी दगड़ू भुसे– सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) विभाग। संजय दुलीचंद राठौड़– मृदा एवं जल संरक्षण विभाग। धनंजय पंडितराव मुंडे – कृषि विभाग। सुरेशभाऊ दगड़ू खाड़े– कामगार विभाग। संदीपन आसाराम भुमरे– रोजगार गारंटी योजना एवं बागवान (फलोत्पादन) विभाग। उदय रवीन्द्र सामंत– उद्योग विभाग। प्रो. तानाजी जयवंत सावंत– लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग। रवीन्द्र दत्तात्रेय चव्हाण – सार्वजनिक कार्य विभाग (सार्वजनिक उपक्रमों को छोड़कर)। अब्दुल सत्तार– अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ, पणन विभाग। दीपक वसंतराव केसरकर– स्कूल शिक्षा और मराठी भाषा विभाग। धर्मराव बाबा भगवंतराव अत्राम – खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग। अतुल मोरेश्वर सावे– आवास, अन्य पिछड़ा एवं बहुजन कल्याण विभाग। शंभुराज शिवाजीराव देसाई– राज्य उत्पाद शुल्क विभाग। श्रीमती अदिति सुनील तटकरे – महिला एवं बाल विकास विभाग। संजय बाबूराव बनसोडे – खेल और युवा कल्याण, बंदरगाह विभाग। मंगलप्रभात लोढ़ा– कौशल्य विकास, उद्योजकता व नाविन्यता विभाग। अनिल पाटिल – राहत और पुनर्वास, आपदा प्रबंधन विभाग।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं।
दो चेंबूर और एक कांदिवली।
2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था।
वी बी माणिक मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं और इन स्कूलों में गरीब परिवारों के छात्रों को पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। बीएमसी ने इस शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में तीन और सीबीएसई स्कूल शुरू कर दिया हैं। इनमें से दो चेंबूर और एक कांदिवली में शुरू किया है। इसके साथ ही चेंबूर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) सीबीएसई बोर्ड (CBSE Bord) स्कूलों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। (Mumbai BMC started three new CBSE schools)
छात्रो का मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2020 में जोगेश्वरी पूर्व के पूनम नगर स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल में पहला सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इस स्कूल से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए मनपा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगामी शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में अन्य स्थानों पर भी सीबीएसई स्कूल शुरू करने का फैसला किया था। मनपा ने 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इसके अलावा आईसीएसई, आईबी और कैम्ब्रिज आईजीसीएसई बोर्ड का एक-एक स्कूल भी शुरू किया है। इन स्कूलों की बढ़ती प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने सीबीएसई स्कूलों में छोटा शिशु और किंडरगार्टन कक्षाओं के प्रत्येक बैच को बढ़ा दिया था। कुल 960 सीटें बढ़ा दी गईं। लेकिन फिर भी सीबीएसई स्कूलों की मांग बढ़ रही है और शिक्षा विभाग मुंबई में और अधिक सीबीएसई स्कूल शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के स्कूलों में केंद्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड स्कूल खुलने के बाद से छात्रों का सरकारी स्कूलों के तरफ काफी बढ़ गया है। सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चे इन स्कूलों में नहीं जा सकते क्योंकि वे अन्य बोर्ड के निजी (Private) स्कूलों का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सीबीएसई,(CBSE) आईसीएसई (ICSE) और इंटरनेशनल बोर्ड (International Bord) के स्कूलों को काफी अच्छा प्रतिसाद (Response) मिल रहा है। ऑनलाइन (Online) आवेदन करने के बाद एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली जाती है। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का शिक्षा विभाग इन स्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रत्येक प्रशासनिक प्रभाग (ward) में कम से कम एक सीबीएसई स्कूल शुरू करने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, इस शैक्षणिक वर्ष में तीन नए स्कूल शुरू हो चुका हैं। ऐसे में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई स्कूलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
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नया सीबीएसई स्कूल का पता..
1) मुंबई पब्लिक स्कूल, आनिक विलेज, जीजामाता नगर, चेंबूर पश्चिम 2) मुंबई पब्लिक स्कूल, एम. जी क्रॉस रोड, साईनगर, कांदिवली पश्चिम 3) मुंबई पब्लिक स्कूल, आशीष लेक, वडवली, आरसीएफ, चेंबूर
मुंबई में किन जगहो पर है CBSE स्कूल..
भवानी शंकर रोड म्युनिसिपल स्कूल, केन नगर म्युनिसिपल स्कूल, प्रतीक्षा नगर म्युनिसिपल स्कूल, दिंडोशी म्युनिसिपल स्कूल, जनकल्याण म्युनिसिपल स्कूल (मलाड), तुंगा विलेज स्कूल (कुर्ला), राजावाड़ी म्युनिसिपल स्कूल (विद्याविहार), अजीज बाग म्युनिसिपल स्कूल (चेंबूर), हरियाली विलेज म्यूनिसिपल स्कूल स्कूल (विक्रोली पूर्व), मीठानगर स्कूल (मुलुंड पूर्व)।
मुंबई के बीकेसी और नासिक हायवे पर आज सवेरे सड़क दुर्घटना में एक की मौत और छह लोग घायल हो गए हैं। सड़क हादसा इतना भयानक था कि गाड़ियां चकनाचूर हो गई। दोनों ही घटना में ड्राइवर फरार।
इस्माईल शेख मुंबई- मुंबई और नासिक जिले में रविवार सुबह हुए दो सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए हैं। नासिक में हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई और तीन अन्य घायल हुए हैं, जबकि मुंबई सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पुलिस के अनुसार सुबह नासिक जिले में मुंबई-नासिक हाई-वे पर एक कंटेनर ने तीन दोपहिया और एक चार पहिया वाहन के साथ एक आइस्क्रीम टैंपो को टक्कर मार दी। इस हादसे में 31 वर्षीय मौजम फैयाजुल हुसैन अंसारीव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सफर करने वाले 24 वर्षीय चैतन्य कसाने, 33 वर्षीय नासिर अली अबू अंसारी, 25 वर्षीय जयेश बलराम सपथा घायल हो गए हैं। इन तीनों का इलाज नासिक के जिला अस्पताल में हो रहा है। हादसे के बाद कंटेनर चालक फरार हो गया, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
मुंबई में सड़क हादसा..
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वहीं मुंबई में बीकेसी फ्लाईओवर के पास कुर्ला जा रहे एक आरसीसी मिक्सर ट्रक ने सड़क पर तीन से चार बाइकों को टक्कर मार दी। बेकाबू मिक्सर ट्रक ने दो ऍक्टिवा, एक मोटार सायकल और एक पीयुसी वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों बाईक चकनाचूर हो गया है। इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को मुंबई के सायन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस घटना के बाद से ही आरसीसी मिक्सर ट्रक का ड्राइवर फरार हो गया है। स्थानीय पुलिस फरार ट्रक चालक की सरगर्मी से तलाश कर रही है।