मुंबई स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) ने कॉर्पस फंड में बड़ा बदलाव किया है। अब डेवलपर्स को ऊंचाई के हिसाब से प्रति टेनमेंट ₹1 लाख से ₹3 लाख तक जमा करना होगा। ये पैसा 10 साल तक रखरखाव, फायर सेफ्टी और मेंटेनेंस पर खर्च होगा।
मुंबई: स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट्स (SRA) के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट्स के लिए डेवलपर्स से अब ज्यादा कॉर्पस फंड वसूला जाएगा।
अभी तक ये राशि सिर्फ ₹40,000 प्रति टेनमेंट थी।
नए प्रस्ताव के मुताबिक:
70 मीटर (23 मंज़िल तक) की इमारत – ₹1 लाख प्रति टेनमेंट
70 से 120 मीटर (40 मंज़िल तक) की इमारत – ₹2 लाख प्रति टेनमेंट
120 मीटर से ऊपर (40 मंज़िल से ज्यादा) – ₹3 लाख प्रति टेनमेंट
🔹 क्यों बढ़ाई गई राशि?
SRA अफसरों के मुताबिक:
पहले ज्यादातर रिहैब बिल्डिंग्स सिर्फ 7 मंज़िला होती थीं, उस समय ₹40,000 काफी था।
अब नई इमारतें 20-40 मंज़िला और उससे ज्यादा की बन रही हैं।
ऐसी हाई-राइज इमारतों में लिफ्ट, अतिरिक्त सीढ़ियां, फायर फाइटिंग सिस्टम, बिजली-पानी का रखरखाव बहुत महंगा पड़ता है।
स्लम से शिफ्ट हुए लोग अक्सर मेंटेनेंस चार्जेस देने से कतराते हैं, जिससे बिल्डिंग जल्दी खराब होने लगती है।
नए कॉर्पस फंड से ये बिल्डिंग्स कम से कम 10 साल तक सुरक्षित और रहने लायक बनी रहेंगी।
मुंबई के साउथ मुंबई (SoBo) में BMC के A-वार्ड के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ की अनियमितताएं सामने आईं। BMC विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू की है।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने A-वार्ड के अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है। आरोप है कि 2023 से 2025 के बीच हुए ब्यूटीफिकेशन और स्लम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ का गड़बड़झाला हुआ है।
A-वार्ड में कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव, पी’डीमेलो रोड और बैलार्ड एस्टेट जैसे मुंबई के पॉश इलाके आते हैं।
RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर कार्रवाई
इस जांच की नींव RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत से रखी गई।
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने पहले 14 अगस्त को नोटिस जारी कर डॉक्यूमेंट्स मांगे थे।
उसके बाद 22 सितंबर को साइट इंस्पेक्शन के दौरान कई गड़बड़ियां पकड़ी गईं।
कई फाइलें गायब मिलीं, कुछ वर्क ऑर्डर्स फर्जी लगे और कई प्रोजेक्ट अधूरे मिले।
इंस्पेक्शन में सामने आई गड़बड़ियां
विजिलेंस इंस्पेक्शन में कई चौकाने वाले मामले सामने आए:
कोलाबा में फर्जी रिपेयर ऑर्डर
बधवार पार्क का अधूरा ब्यूटीफिकेशन
शिवाजी मेमोरियल प्रोजेक्ट का अधूरा काम
इन गड़बड़ियों की वजह से BMC को ₹76,594 की बचत और ₹45,000 की पेनल्टी का मामला दर्ज करना पड़ा।
इसके अलावा, 29 कामों की ऑडिट में और अनियमितताएं मिलीं जिनसे ₹28.32 लाख रिकवरी और ₹12.72 लाख की पेनल्टी लगाई गई।
विजिलेंस विभाग ने कहा था कि A-वार्ड ने 1 सितंबर 2025 को वादा किया था कि गणेश विसर्जन के बाद डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, जेयदीप मोरे (Acting Assistant Commissioner) का कहना है कि उन्होंने 29 सितंबर को ही सारे डॉक्यूमेंट्स सबमिट कर दिए हैं।
अब आगे क्या?
विजिलेंस डिपार्टमेंट अब इन डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा करेगा। अगर गड़बड़ियों के सबूत पक्के मिले तो बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यह मामला BMC के कामकाज पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
❓ FAQ Section
Q1. BMC के किस वार्ड में घोटाला सामने आया है? Ans: साउथ मुंबई के A-वार्ड में, जिसमें कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव जैसे इलाके आते हैं।
Q2. यह जांच किसकी शिकायत पर शुरू हुई? Ans: RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई।
Q3. कुल कितनी रकम पर अनियमितता का आरोप है? Ans: लगभग ₹103 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी सामने आई है।
Q4. विजिलेंस जांच में क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं? Ans: फर्जी रिपेयर ऑर्डर्स, अधूरे प्रोजेक्ट्स, गुम फाइलें और संदिग्ध वर्क ऑर्डर्स।
Q5. आगे की कार्रवाई क्या होगी? Ans: विजिलेंस विभाग डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद तय करेगा कि किन अफसरों पर सख्त कदम उठाने हैं।
मुंबई वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर पोइसर मेट्रो स्टेशन के पास सीमेंट मिक्सर ट्रक पलटने से सुबह भारी ट्रैफिक जाम लग गया। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने 2 घंटे बाद स्थिति सामान्य की।
मुंबई: गुरुवार सुबह पोइसर मेट्रो स्टेशन (सामतानगर) के नीचे बने सर्विस रोड पर अचानक एक सीमेंट मिक्सर ट्रक पलट गया। ट्रक के पलटते ही वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) के नॉर्थबाउंड लेन पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। कई मोटर चालकों को डाइवर्जन लेकर लंबा रास्ता तय करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो में दिखा कि विशाल ट्रक अपनी साइड पर पलटा पड़ा है और उसके कारण सर्विस रोड लगभग ब्लॉक हो गया। गाड़ियां धीरे-धीरे किनारे से निकल रही थीं। गनीमत रही कि इस एक्सीडेंट में कोई गंभीर घायल या मौत की खबर नहीं है।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मुंबई ट्रैफिक पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गाड़ियों का रूट डायवर्ट कर जाम कम करने की कोशिश की। पुलिस ने X (ट्विटर) पर सुबह अपडेट देते हुए लिखा: 👉 “Traffic Movement Is Slow At Poisar Metro Station Service Road (Samtanagar) North Bound Due To Mixer Overturned.”
करीब दो घंटे की मेहनत के बाद क्रेन से ट्रक को हटाया गया और सड़क साफ कर दी गई। पुलिस ने बाद में दूसरा अपडेट देते हुए बताया कि “अब ट्रैफिक क्लियर है।”
मिक्सर उलटल्यामुळे पोईसर मेट्रो स्टेशन सर्व्हिस रोड (समतानगर) येथे उत्तरेकडे जाणारी वाहतूक संथ गतीने सुरू आहे. Traffic Movement Is Slow At Poiser Metro Station Service Road (Samtanagar) North Bound Due To Mixer Overturned. #MTPTrafficUpdate
शिंदे सेना के दशहरा मेलावा के कारण अतिरिक्त ट्रैफिक डायवर्जन
इसी बीच, मुंबई पुलिस ने लोगों को शाम को एक और ट्रैफिक डायवर्जन अलर्ट दिया है। गोरेगांव के NESCO Exhibition Centre में शाम 6 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गट का दशहरा मेलावा होने वाला है।
इसके चलते 5 बजे से रात 10 बजे तक कई रास्तों पर ट्रैफिक कर्ब्स लगेंगे:
Mrinaltai Gore Junction से NESCO Gap तक एंट्री बंद।
राम मंदिर से NESCO की तरफ राइट टर्न बंद।
NESCO सर्विस रोड पर Hub Mall से Jaycoach Junction तक ट्रैफिक कंट्रोल।
वाहनों के लिए डाइवर्जन भी तय किए गए हैं ताकि लोग JVLR और WEH की तरफ आसानी से जा सकें।
यह हादसा बताता है कि मुंबई जैसी मेट्रो सिटी में एक छोटा सा एक्सीडेंट भी सुबह की पीक ऑवर ट्रैफिक को घंटों तक प्रभावित कर सकता है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस लगातार अपील कर रही है कि ड्राइवर बड़े ट्रक और मिक्सर मशीन चलाते वक्त सावधानी बरतें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: हादसा कहां हुआ? 👉 हादसा प्वाइसर मेट्रो स्टेशन (सामतानगर) के नीचे WEH सर्विस रोड पर हुआ।
Q2: हादसे में कितनी देर ट्रैफिक जाम रहा? 👉 करीब दो घंटे तक हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार थमी रही।
Q3: क्या इस एक्सीडेंट में कोई घायल हुआ? 👉 गनीमत रही कि किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है।
Q4: मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने क्या कदम उठाए? 👉 पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ट्रक हटवाया और गाड़ियों का रूट डायवर्ट किया।
Q5: आज शाम को ट्रैफिक डायवर्जन क्यों रहेगा? 👉 गोरेगांव NESCO Exhibition Centre में शिंदे गट का दशहरा मेळावा है, जिसके कारण ट्रैफिक डायवर्जन होगा।
प्रियंका चोपड़ा ने मुंबई में Bvlgari Serpenti Infinito Exhibition में ₹1.67 लाख की चमचमाती ड्रेस और शानदार Bvlgari ज्वेल्स पहनकर सबका ध्यान खींचा। जानिए उनके स्टाइल और फैशन लुक की पूरी डिटेल।
मुंबई: बॉलीवुड की देसी गर्ल और ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत दौरे पर हैं और हर दिन अपने फैशन लुक से सुर्खियाँ बटोर रही हैं। हाल ही में उन्होंने मुंबई के Bvlgari Serpenti Infinito Exhibition में शिरकत की और इस मौके पर उनका हॉलिवुड स्टाइल अवतार सबके लिए चर्चा का विषय बन गया।
₹1.67 लाख की ग्लिटरिंग मिडी ड्रेस
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में प्रियंका ने ऑस्ट्रेलियन लग्ज़री ब्रांड Maticevski की बरगंडी कलर की ग्लिटरिंग मिडी ड्रेस पहनी।
इस आउटफिट में मेटालिक शिमर फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया था।
ड्रेस का डीप V-नेकलाइन और बॉडी-हगिंग फिटिंग ने इसे और ज्यादा ग्लैमरस बनाया।
कमर पर ड्रेप और रुच्ड डिटेलिंग ने आउटफिट में एलिगेंस का टच दिया।
ब्रांड की वेबसाइट के मुताबिक इस ड्रेस की कीमत करीब $1,880 यानी ₹1.67 लाख है।
प्रियंका के दोनों लुक्स—एकदम देसी और एकदम वेस्टर्न—फैन्स को खूब पसंद आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं और फैशन क्रिटिक्स ने भी उनकी तारीफ की है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. प्रियंका चोपड़ा ने मुंबई इवेंट में कौन सी ड्रेस पहनी थी? A1. उन्होंने ऑस्ट्रेलियन लग्ज़री ब्रांड Maticevski की बरगंडी मिडी ड्रेस पहनी थी।
Q2. इस ड्रेस की कीमत कितनी है? A2. ब्रांड की वेबसाइट के अनुसार, इसकी कीमत करीब ₹1.67 लाख है।
Q3. प्रियंका ने अपने लुक को किस ज्वेलरी से कम्प्लीट किया? A3. उन्होंने Bvlgari के डायमंड नेकलेस, हूप इयररिंग्स, ब्रैसलेट और रिंग पहने।
Q4. दुर्गा पूजा पंडाल में प्रियंका का लुक कैसा था? A4. उन्होंने पर्पल कलर का सलवार सूट पहना था जिसकी कीमत ₹32,890 बताई जा रही है।
मुंबई मंत्रालय के बाहर 70 वर्षीय बुजुर्ग ने आत्मदाह की कोशिश की। नवी मुंबई में काजू फैक्ट्री से हो रही आवाज़ की समस्या को लेकर कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। घटना से प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: मंगलवार शाम मंत्रालय (Mantralaya) के बाहर एक नाटकीय घटना ने सभी को हिला कर रख दिया। नवी मुंबई के कोपारखैराने इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग ने प्रशासन की लापरवाही से परेशान होकर आत्मदाह करने की कोशिश की। बुजुर्ग का आरोप है कि उनके घर के पास 24 घंटे चलने वाली काजू पॉलिशिंग फैक्ट्री की मशीनों से लगातार शोर होता है, जिसकी वजह से वे और आसपास के लोग काफी समय से परेशान हैं।
उन्होंने कई बार नवी मुंबई महानगरपालिका (Navi Mumbai Municipal Corporation – NMMC) और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक-हार कर उन्होंने मंत्रालय के बाहर खुद को आग लगाने का प्रयास किया। हालांकि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें तुरंत रोक लिया और पुलिस को सौंप दिया।
मंत्रालय के बाहर शाम 4:55 बजे हुई घटना
पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम करीब 4:55 बजे की है। बुजुर्ग ने मंत्रालय के गेट के पास खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की कोशिश की। सुरक्षा गार्ड्स ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया और आत्मदाह की कोशिश नाकाम कर दी।
बाद में उन्हें मरीन ड्राइव पुलिस (Marine Drive Police) के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद बुजुर्ग को चेतावनी देते हुए नोटिस के साथ छोड़ दिया।
नवी मुंबई की फैक्ट्री से परेशान थे बुजुर्ग
बुजुर्ग का कहना है कि कोपारखैराने (Koparkhairane) इलाके में उनके घर के पास कई काजू पॉलिशिंग फैक्ट्रियां चल रही हैं। ये फैक्ट्रियां 24 घंटे काम करती हैं और लगातार मशीनों का शोर होता रहता है।
उनका आरोप है कि लगातार इस शोर से उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है और नींद तक पूरी नहीं हो पाती। उन्होंने कई बार नवी मुंबई नगर निगम और स्थानीय अधिकारियों से लिखित व मौखिक शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नवी मुंबई जैसे विकसित शहर में अगर एक बुजुर्ग को अपनी समस्या के समाधान के लिए मंत्रालय जाकर आत्मदाह की कोशिश करनी पड़े, तो यह स्थानीय शासन की नाकामी को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ एक बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के नागरिक इन फैक्ट्रियों से परेशान हैं। लेकिन उद्योग और व्यापार से जुड़े दबाव के कारण अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन की सफाई
मरीन ड्राइव पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग ने सिर्फ विरोध दर्ज कराने के लिए ऐसा कदम उठाया। उन्हें समझाया गया है कि इस तरह का तरीका खतरनाक है और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।
दूसरी ओर नवी मुंबई प्रशासन का कहना है कि शिकायतें मिली थीं, लेकिन फैक्ट्री मालिकों को नोटिस देकर भी कोई असर नहीं हुआ। अब नई कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्ट्रियों के लगातार शोर और प्रदूषण से जीना मुश्किल हो गया है। कई लोग नींद की समस्या और मानसिक तनाव की शिकायत कर चुके हैं।
नागरिकों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक राजनीतिक रसूखदार हैं, इसलिए उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।
सोशल मीडिया पर बहस
जैसे ही मंत्रालय आत्मदाह की कोशिश की खबर फैली, सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ देना शुरू कर दीं। कई लोगों ने इसे प्रशासन की असंवेदनशीलता बताया, तो कुछ ने कहा कि बुजुर्ग की आवाज़ को गंभीरता से लेना चाहिए।
ट्विटर (X) पर कई यूज़र्स ने लिखा कि अगर एक आम आदमी की शिकायत को महीनों तक नजरअंदाज किया जाएगा, तो लोग मजबूरी में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे।
एक्सपर्ट की राय
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। यह सिस्टम की उस कमजोरी को दिखाती है, जहां आम नागरिक की आवाज़ सरकारी फाइलों में दबकर रह जाती है।
एनवायरनमेंट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फैक्ट्री एरिया को रिहायशी इलाकों के पास चलाना गलत है। इससे लोगों की सेहत और पर्यावरण दोनों पर असर पड़ता है।
समाधान क्या हो सकता है?
नवी मुंबई प्रशासन को तुरंत फैक्ट्री मालिकों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
उद्योगों को रिहायशी इलाके से बाहर शिफ्ट किया जाए।
पर्यावरण और शोर प्रदूषण के नियमों को सख्ती से लागू करना होगा।
नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए तेज शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. मंत्रालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश किसने की? Ans: नवी मुंबई के कोपारखैराने निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग ने यह कदम उठाया।
Q2. बुजुर्ग ने आत्मदाह की कोशिश क्यों की? Ans: उनके घर के पास 24 घंटे चलने वाली काजू फैक्ट्रियों से होने वाले शोर और प्रशासन की लापरवाही के कारण।
Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की? Ans: मरीन ड्राइव पुलिस ने बुजुर्ग को पकड़कर पूछताछ की और नोटिस देकर छोड़ दिया।
Q4. नवी मुंबई प्रशासन ने क्या कहा? Ans: प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्रियों को नोटिस भेजा गया था, लेकिन अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Q5. क्या इलाके के अन्य लोग भी परेशान हैं? Ans: हाँ, कई स्थानीय निवासियों ने भी शोर प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की है।
केरल में एक टीवी लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जबकि विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।
नेशनल डेस्क मुंबई: केरल के एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी के प्रवक्ता ने खुलेआम कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार देनी चाहिए। इस धमकी के बाद विपक्ष आगबबूला हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वही विचारधारा है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।
आरएसएस और नाथूराम गोडसे का जिक्र
कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विचारधारा से ही दूसरा गोडसे पैदा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब आरएसएस से जुड़े लोग मिठाई बांटते नजर आए थे। अब वही मानसिकता आज भी राहुल गांधी जैसे नेताओं के खिलाफ जहर उगल रही है।
मोदी सरकार और नफरत की राजनीति के आरोप
विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार और बीजेपी आईटी सेल पूरे देश में नफरत का माहौल फैला रहे हैं। राहुल गांधी लगातार “भारत जोड़ो यात्रा” और “भारत न्याय यात्रा” के जरिए मोहब्बत की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता खुलेआम हिंसा की धमकी दे रहे हैं।
राहुल गांधी क्यों बीजेपी के निशाने पर?
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने संसद और चुनाव आयोग में वोट चोरी के सबूत रखे। यही वजह है कि बीजेपी उनसे डर गई है और अब उन्हें चुप कराने के लिए धमकियों का सहारा लिया जा रहा है।
लेख में यह भी जिक्र आया है कि सरकार विरोधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। छात्रों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो सत्ता से सवाल पूछती है। वहीं, बीजेपी नेताओं और समर्थकों को धमकी और हिंसा फैलाने की खुली छूट मिली हुई है।
कांग्रेस का ऐक्शन प्लान
अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे गैर-बीजेपी शासित राज्यों में हर पुलिस थाने में इस धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। उनका कहना है कि जैसे राहुल गांधी के खिलाफ झूठे केस दर्ज होते हैं, वैसे ही यह केस भी दर्ज होना चाहिए।
⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: राहुल गांधी को किसने धमकी दी? Ans: केरल के एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता ने यह धमकी दी।
Q2: क्या बीजेपी ने इस प्रवक्ता पर ऐक्शन लिया? Ans: खबर लिखे जाने तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक ऐक्शन सामने नहीं आया है।
Q3: कांग्रेस का क्या रुख है? Ans: कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज पर हमला बताया है।
Q4: क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है? Ans: अब तक केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।
Q5: लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं? Ans: सोशल मीडिया पर यूजर्स बीजेपी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC 2025 के लिए 8875 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। स्टेशन मास्टर, टिकट क्लर्क, गुड्स ट्रेन मैनेजर समेत कई पदों पर भर्ती होगी। आवेदन अक्टूबर से शुरू होंगे।
नेशनल डेस्क नई दिल्ली: जो उम्मीदवार लंबे समय से रेलवे में नौकरी (Railway Jobs 2025) का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए खुशखबरी है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC 2025 भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए ग्रेजुएट और अंडर-ग्रेजुएट दोनों लेवल के कुल 8875 पदों को भरा जाएगा।
RRB NTPC भर्ती 2025 की मुख्य बातें
कुल पद: 8875
ग्रेजुएट पद: 5817
अंडर-ग्रेजुएट पद: 3058
सैलरी: ₹19,900 से ₹35,400 (Pay Level 2 से 6)
जॉब लोकेशन: पूरे भारत में
आवेदन की शुरुआत:
ग्रेजुएट पोस्ट: 21 अक्टूबर 2025
अंडर-ग्रेजुएट पोस्ट: 28 अक्टूबर 2025
RRB NTPC Vacancy 2025: पदों का पूरा ब्योरा
रेलवे ने इस बार स्टेशन मास्टर, गुड्स ट्रेन मैनेजर, टिकट क्लर्क, अकाउंट्स क्लर्क समेत कई पदों के लिए भर्ती निकाली है।
अंडर-ग्रेजुएट पोस्ट आवेदन: 28 अक्टूबर से 27 नवंबर 2025
FAQ – RRB NTPC भर्ती 2025
Q1: RRB NTPC 2025 भर्ती में कितने पद हैं? ➡️ इस बार कुल 8875 पदों पर भर्ती होगी।
Q2: आवेदन कब से शुरू होंगे? ➡️ ग्रेजुएट पोस्ट के लिए 21 अक्टूबर और अंडर-ग्रेजुएट पोस्ट के लिए 28 अक्टूबर 2025 से आवेदन शुरू होंगे।
Q3: RRB NTPC भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता क्या है? ➡️ ग्रेजुएट लेवल पोस्ट के लिए स्नातक डिग्री और अंडर-ग्रेजुएट लेवल पोस्ट के लिए 12वीं पास होना जरूरी है।
Q4: RRB NTPC में सैलरी कितनी होती है? ➡️ बेसिक पे ₹19,900 से ₹35,400 तक है। इसके साथ DA, HRA, TA और मेडिकल सुविधाएं भी मिलती हैं।
Q5: RRB NTPC चयन प्रक्रिया क्या होगी? ➡️ CBT-1, CBT-2, स्किल टेस्ट (जरूरत के हिसाब से), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट।
Q6: आयु सीमा कितनी है? ➡️ ग्रेजुएट पोस्ट के लिए 18 से 33 वर्ष और अंडर-ग्रेजुएट पोस्ट के लिए 18 से 30 वर्ष।
Q7: क्या फ्रेशर्स आवेदन कर सकते हैं? ➡️ हाँ, RRB NTPC भर्ती में अनुभव की आवश्यकता नहीं है।
Q8: आवेदन शुल्क कितना होगा? ➡️ आवेदन शुल्क की पूरी जानकारी विस्तृत नोटिफिकेशन में जारी की जाएगी।
मुंबई के कांदिवली में शिवानी कैटरर्स की रसोई में सिलेंडर ब्लास्ट से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 लोग अब भी गंभीर हालत में हैं। फायर NOC और परमिशन के बिना चल रहा था यह किचन।
मुंबई: कांदिवली इलाके में हुए भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। सोमवार को शिवानी कैटरर्स की मालकिन शिवानी गांधी (51) ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें 70% बर्न इंजरी के बाद एयरोली स्थित नेशनल बर्न्स सेंटर में भर्ती कराया गया था। अब तक कुल 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से चार की मौत हो चुकी है।
कब और कैसे हुआ सिलेंडर ब्लास्ट?
यह हादसा 24 सितंबर सुबह 9:05 बजे कांदिवली (पूर्व) के राम किसन मेस्त्री चाल, अकूर्ली क्रॉस रोड नं. 3 पर हुआ।
उस समय 7 लोग 10×12 फीट की छोटी यूनिट में काम कर रहे थे।
अचानक एलपीजी गैस लीक हुई और सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
सभी लोगों को गंभीर जलन हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की बदबू पहले से आ रही थी। पीड़ितों ने सिलेंडर को पानी में भी रखा था लेकिन जैसे ही वे वापस किचन में गए, सिलेंडर फट गया और आग की लपटों ने सबको अपनी चपेट में ले लिया।
रविवार को तीन पीड़ितों ने तोड़ा दम
हादसे के एक दिन बाद, रविवार को तीन घायलों की मौत हो गई थी।
मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने खुलासा किया है कि शिवानी कैटरर्स के पास कोई Fire NOC नहीं थी।
न तो BMC वार्ड ऑफिस से परमिशन ली गई थी
न ही पुलिस से लाइसेंस
मात्र 2 दिन पहले ही यह किचन उसी चाल के एक और शॉप से शिफ्ट हुआ था
यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान लेने का कारण बनी।
मृतकों और घायलों की जानकारी
शिवानी गांधी (51) – मालिक, 70% बर्न (मृतक)
रक्षा जोशी (47) – 90% बर्न (मृतक)
नीतू गुप्ता (31) – 80% बर्न (मृतक)
पूनम (28) – 80% बर्न (मृतक)
2 लोग अब भी गंभीर हालत में हैं।
हादसे ने उठाए बड़े सवाल
यह हादसा फिर एक बार यह सवाल खड़ा करता है कि मुंबई में बिना अनुमति और सुरक्षा इंतजाम के कितने छोटे-छोटे यूनिट चल रहे हैं। प्रशासन और BMC की निगरानी में भारी कमी नजर आ रही है।
FAQ – कांदिवली कैटरिंग किचन फायर हादसा
Q1: कांदिवली कैटरिंग किचन हादसा कब और कहाँ हुआ था? ➡️ यह हादसा 24 सितंबर 2025 की सुबह 9:05 बजे मुंबई के कांदिवली (पूर्व) के राम किसन मेस्त्री चाल, अकरुली क्रॉस रोड नं. 3 पर हुआ।
Q2: हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है? ➡️ अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में घायल हुए 7 लोगों में से 2 अभी भी गंभीर हालत में हैं।
Q3: हादसे की वजह क्या थी? ➡️ हादसा एलपीजी गैस लीक और सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से हुआ। पीड़ितों ने सिलेंडर को पानी में रखा था लेकिन जैसे ही वे दोबारा कमरे में लौटे, विस्फोट हो गया और आग फैल गई।
Q4: हादसे में कौन-कौन लोग मारे गए? ➡️ अब तक 4 लोगों की मौत हुई है, जिनमें शिवानी कैटरर्स की मालिक शिवानी गांधी (51), रक्षा जोशी (47), नीतू गुप्ता (31) और पूनम (28) शामिल हैं।
Q5: हादसे के बाद घायलों का इलाज कहाँ किया गया? ➡️ सभी घायलों को पहले एस्की और ओम हॉस्पिटल, बोरीवली में भर्ती किया गया था। बाद में उन्हें नेशनल बर्न्स सेंटर (एयरोली) और कस्तूरबा हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।
Q6: शिवानी कैटरर्स किचन के पास क्या Fire NOC थी? ➡️ नहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड के मुताबिक इस किचन के पास Fire NOC नहीं थी। न ही BMC वार्ड ऑफिस से अनुमति ली गई थी और न ही पुलिस से लाइसेंस।
Q7: हादसे के समय किचन में कितने लोग मौजूद थे? ➡️ हादसे के समय किचन में कुल 7 लोग मौजूद थे। सभी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
Q8: क्या कैटरिंग यूनिट हाल ही में शिफ्ट हुई थी? ➡️ हाँ, हादसे से सिर्फ दो दिन पहले ही शिवानी कैटरर्स ने अपना किचन उसी चाल के दूसरे शॉप से शिफ्ट किया था।
Q9: क्या इलाके के लोगों को गैस लीक की भनक लगी थी? ➡️ हाँ, स्थानीय लोगों और पीड़ितों ने गैस की गंध महसूस की थी। पीड़ित थोड़ी देर के लिए बाहर भी निकल गए थे, लेकिन खतरे को नजरअंदाज कर वापस अंदर जाने पर सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
Q10: क्या पुलिस या BMC ने अब तक कोई कार्रवाई की है? ➡️ हादसे की जांच मुंबई पुलिस और BMC द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति चल रहे यूनिट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Q11: क्या मुंबई में ऐसे और भी अवैध कैटरिंग किचन चल रहे हैं? ➡️ विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में कई छोटे-छोटे कैटरिंग यूनिट, क्लाउड किचन और टिफिन सर्विस बिना Fire NOC और सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं। यह हादसा प्रशासन के लिए चेतावनी है।
Q12: क्या भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सकता है? ➡️ हाँ, अगर हर छोटे-बड़े किचन और कमर्शियल यूनिट को Fire NOC, गैस सेफ्टी चेक और BMC की अनुमति से ही ऑपरेट करने दिया जाए तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
Q13: कांदिवली हादसे ने कौन-से बड़े सवाल खड़े किए हैं? ➡️ यह हादसा दिखाता है कि:
रांची के आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब ने वेटिकन सिटी थीम पर पंडाल बनाया था। जीसस की तस्वीर लगाने पर विवाद बढ़ा और बाद में उसे भगवान कृष्ण की मूर्ति से बदल दिया गया।
नैशनल डेस्क झारखंड: रांची में इस बार दुर्गा पूजा पंडाल का थीम वेटिकन सिटी रखा गया था। लेकिन पंडाल में लगी जीसस क्राइस्ट की तस्वीर को हटाकर वहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर दी गई।
VHP का विरोध और आरोप
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस पंडाल पर कड़ा ऐतराज जताया। संगठन का आरोप था कि यह कदम हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और धर्मांतरण को बढ़ावा देने के इरादे से उठाया गया है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा: “अगर आयोजकों को इतना ही सेक्युलरिज़्म चाहिए तो वे चर्च या मदरसे के किसी प्रोग्राम में हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीर लगाकर दिखाएँ।”
आयोजकों की सफाई
पंडाल बनाने वाले आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब के संरक्षक विक्की यादव ने कहा कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं, बल्कि समिति के सदस्यों ने आपसी सहमति से लिया। उन्होंने कहा:
हमारा मकसद सभी धर्मों को एक मंच पर लाना था।
यूरोपियन स्टाइल की मूर्तियाँ अब भी बाहर रखी गई हैं।
थीम का उद्देश्य शांति और भाईचारा बढ़ाना है।
यादव ने यह भी कहा कि भारत अगर धार्मिक सद्भाव के लिए खड़ा है तो इसे कायम रहना चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी के विदेश दौरों में चर्च विज़िट का उदाहरण भी दिया।
क्लब पिछले 50 सालों से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रहा है।
हर साल अलग थीम पर पंडाल तैयार होता है।
इस बार 2022 में कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब द्वारा बनाए गए वेटिकन सिटी थीम से प्रेरणा ली गई थी।
विवाद का असर
हालांकि आयोजकों ने इसे धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बताया, लेकिन विरोध और आरोपों की वजह से अंततः जीसस की तस्वीर हटाकर वहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्थापित करनी पड़ी।
FAQs
Q1: विवाद किस वजह से हुआ? 👉 पंडाल में जीसस क्राइस्ट की तस्वीर लगाए जाने पर VHP ने आपत्ति जताई।
Q2: तस्वीर की जगह क्या लगाया गया? 👉 तस्वीर हटाकर वहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा रखी गई।
Q3: आयोजकों का क्या कहना है? 👉 आयोजकों का कहना है कि यह निर्णय समिति ने मिलकर लिया और इसका मकसद धार्मिक सद्भाव दिखाना था।
Q4: यह पंडाल किस क्लब ने बनाया था? 👉 आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब, रांची ने।
Q5: थीम की प्रेरणा कहाँ से ली गई थी? 👉 2022 में कोलकाता के श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब के वेटिकन सिटी थीम पंडाल से।
मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने दादर स्विमिंग पूल में 12 और 13 साल की नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है। केस में सबूत, गवाह और पहचान ने आरोपी को दोषी साबित किया।
मुंबई: दादर के इलाके में पाँच साल पहले हुई शर्मनाक वारदात में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 30 साल के आरोपी को स्पेशल जज बी.आर. गारे ने तीन साल की सज़ा सुनाई। आरोपी ने 2020 में स्विमिंग पूल में तैर रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण किया था।
घटना कैसे हुई?
6 मार्च 2020 को 13 साल की एक लड़की दादर के स्विमिंग पूल में तैर रही थी। तभी एक शख्स ने उसके स्विमिंग कॉस्ट्यूम में हाथ डालकर उसकी प्राइवेट पार्ट को दबाया। घबराई हुई बच्ची ने तुरंत ट्रेनर और लाइफगार्ड को बताया।
इसी दौरान 12 साल की दूसरी बच्ची ने भी उसी आदमी पर आरोप लगाया कि उसने उसके साथ भी छेड़छाड़ की है। दोनों बच्चियों ने तुरंत आरोपी को पहचान लिया।
पहली बच्ची के पिता ने अगले दिन थाने में FIR दर्ज करवाई। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसकी पहचान गलत हुई है। साथ ही FIR देर से दर्ज होने और CCTV फुटेज न होने पर भी सवाल उठाए।
लेकिन पुलिस ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए, जिसमें दोनों नाबालिग बच्चियाँ भी शामिल थीं।
कोर्ट ने क्या कहा?
जज बी.आर. गारे ने कहा कि बच्चियों का डर और सदमे में होना FIR में हुई एक दिन की देरी का संतोषजनक कारण है। दोनों बच्चियों ने आरोपी को मौके पर और बाद में अदालत में भी पहचान लिया।
कोर्ट ने माना कि आरोपी ने यौन इरादे से बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छुआ और यह POCSO Act के तहत अपराध है।
सजा और कानून
अदालत ने आरोपी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ (Sexual Harassment & Assault) के आरोप में दोषी ठहराया और तीन साल की जेल की सजा सुनाई।
FAQs
Q1: डाडर स्विमिंग पूल केस कब हुआ था? 👉 यह घटना 6 मार्च 2020 को हुई थी।
Q2: इस केस में कितनी बच्चियों ने शिकायत की थी? 👉 कुल दो नाबालिग बच्चियों (12 और 13 साल) ने आरोपी पर आरोप लगाया।
Q3: आरोपी को कितनी सजा हुई है? 👉 अदालत ने आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।
Q4: क्या घटना का CCTV फुटेज था? 👉 नहीं, पुलिस ने बताया कि पूल में CCTV कैमरे मौजूद नहीं थे।
Q5: आरोपी ने अपनी सफाई में क्या कहा? 👉 आरोपी ने कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसे गलत पहचान लिया गया है।