Category: National News

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  • Mumbai Airport: 26 करोड़ रुपये का कोकीन 2.55 करोड़ का सोना और हीरे जब्त

    Mumbai Airport: 26 करोड़ रुपये का कोकीन 2.55 करोड़ का सोना और हीरे जब्त

    Mumbai Airport: अधिकारियों ने लगभग 26 करोड़ रुपये का कोकीन जब्त कर एक को गिरफ्तार किया है। इसके पहले 17 और 18 जनवरी की मध्य रात्रि तीन लोगों को गिरफ्तार कर लगभग 2.55 करोड़ रुपये का सोना और हीरे जब्त किए हैं। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने शुक्रवार को यहां छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 26.62 करोड़ रुपये का 2.6 किलोग्राम संदिग्ध कोकीन जब्त किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। बताया, कि पाउडर को थैले की बाहरी और भीतरी परतों के बीच छिपाया गया था। अधिकारी ने बताया कि यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है। इसके साथ ही सीमा शुल्क अधिकारियों ने 17 और 18 जनवरी की मध्य रात्रि में अलग-अलग मामलों में कुल 2.55 करोड़ रुपये का सोना और हीरे जब्त किए हैं। इसको लेकर भी तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या सहयोगियों के होने की आशंका जताते हुए डीआरआइ के अधिकारी मामले की और अधिक तहकीकात कर रहे हैं। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    बॉम्बे मे कोकीन की तस्करी

    Mumbai airport kokeen drugs Smuggling case latest news photo

    कोकीन नामक ड्रग्स तस्करी के मामले में एक अधिकारी ने बताया कि नैरोबी से आए एक यात्री के थैले में सफेद पाउडर जैसा पदार्थ पाया गया। मौके पर की गई जांच से पता चला कि यह कोकीन है। इसी की वैधानिक पुष्टि के लिए संदिग्ध कोकीन को परीक्षण के लिए फोरेंसिक लैब में भेज दिया गया है। पाउडर को थैले की बाहरी और भीतरी परतों के बीच छिपाया गया था। अधिकारी ने बताया कि यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    सोने की तस्करी

    Mumbai airport Gold and diamond Smuggling latest news photo

    इसके साथ ही 17 और 18 जनवरी की मध्य रात्रि में सोने की तस्करी को लेकर पहले से जानकारी मिली थी। विशेष जानकारी के आधार पर सीमा शुल्क के अधिकारियों ने बैंकॉक से आ रहे दो यात्रियों को रोका। जांच के दौरान अधिकारियों ने संदिग्धों के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में छिपाया गया 24 कैरेट कच्चे सोने का पाउडर (गोल्ड डस्ट/स्वर्ण कण) बरामद किया। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए शुद्ध सोने का कुल वजन 2.465 किलोग्राम था। इसकी अनुमानित कीमत 1.80 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दोनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    हीरे की तस्करी

    एक अलग घटना में, सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक अन्य विशेष सूचना पर कार्रवाई करते हुए दुबई जाने वाली फ्लाइट में सवार होने की तैयारी कर रहे एक यात्री को रोका। गहन जांच करने पर, अधिकारियों को यात्री के शरीर के अंदर छिपाकर रखे गए कटे और पॉलिश किए हुए हीरे मिले। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    जब्त की गए हीरों में 21.70 कैरेट के लैब निर्मित हीरे थे, जिनकी कीमत 5.20 लाख रुपये थी। 226.95 कैरेट के प्राकृतिक हीरे थे, जिनकी कीमत 69.69 लाख रुपये थी। कुल मिलाकर, जब्त किए गए हीरों की कीमत 74.90 लाख रुपये थी। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

    इन मामलों में जब्त किए गए सोने और हीरे की कुल कीमत 2.55 करोड़ रुपये है। अब तक इन घटनाओं के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन मामलों में शामिल किसी बड़े नेटवर्क या सहयोगियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। (Mumbai Airport News Cocaine worth Rs 26 crore, gold and diamonds worth Rs 2.55 crore seized)

  • Maharashtra: परली में आंदोलन, संजय राउत का हमला, PM मोदी मुंबई दौरे पर।

    Maharashtra: परली में आंदोलन, संजय राउत का हमला, PM मोदी मुंबई दौरे पर।

    Narendra Modi in Mumbai: पीएम मोदी की मुंबई यात्रा पर टिप्पणी करते हुए शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने उम्मीद जताई कि PM यहां के विकास को लेकर घोषणा करेंगे। उन्होंने परली में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार की आलोचना की। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई- 
    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई दौरे पर हैं। ऐसे में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने इस पर राज्य मे विकास और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। राउत ने कहा, कि “देखते हैं कि मोदी धारावी के लिए कोई घोषणा करते हैं या नहीं। यदि मोदी मुंबई के विकास के लिए आ रहे हैं तो उनका स्वागत है।” इस दौरान बड़ा खुलासा करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि “बालासाहेब ठाकरे ही वह व्यक्ति थे जो मोदी के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे।” राउत ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी के जल्द ही मणिपुर जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही राउत ने महाराष्ट्र के बीड जिले में परली आंदोलन को लेकर कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार की आलोचना की। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    विरोध प्रदर्शन से कानून व्यवस्था पर चिंता

    संजय राउत ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में बीड जिले के परली में विरोध प्रदर्शन कानून व्यवस्था का मुद्दा है। लोग बड़ी संख्या पर आपत्ति जता रहे हैं। कल परली में वाल्मीकि कराड पर मकोका लगाए जाने के बाद समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। इस अवसर पर वाल्मीकि कराड की मां भी उपस्थित थीं। समर्थक बहुत आक्रामक लग रहे थे। इस दौरान कुछ गंभीर आरोप भी लगाए गए। अब संजय राउत ने इस पर महाराष्ट्र सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    बीजेपी भ्रष्ट लोगों बना अड्डा

    संजय राउत ने बीजेपी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी को भी पार्टी में स्वीकार करे लेती है। महायुति में कई लोग दागी हैं। बीजेपी भ्रष्ट लोगों का अड्डा बन गई है। अमित शाह गुजरात के बर्खास्त गृह मंत्री थे। मुझे शाह को दी गई मदद के बारे में भी पता है। कुछ बातें गोपनीय होती हैं। कहने की जरूरत नहीं कि किसको किससे मदद मिली। ईवीएम को आज महागठबंधन के मंच पर रखा जाना चाहिए। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    https://indian-fasttrack.com/mob-lynching-in-mumbai-dispute-over-overtake-dindoshi-police-station-malad-news

    विधायकों के साथ मीटिंग

    संजय राउत ने यह बयान पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से आज महायुति के विधायकों को निर्देश दिए जाने के बाद दिया। परली की स्थिति को देखते हुए धनंजय मुंडे परली गए। हालांकि इससे पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की और उनकी अनुमति लेकर परली के लिए रवाना हो गए। वह आज नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के लिए परली में अनुपस्थित रहेंगे। राज्य में महायुति के सभी विधायक मुंबई में हैं। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालाड़ पश्चिम के मालवनी कच्चा रोड़ से एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को लेकर भारतीय जनता पार्टी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों की मुलभुत सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    आम लोगों ने क्या कहा?

    दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    क्या है पूरा मामला?

    तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    विरोध प्रदर्शन की योजना

    निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    समाज सेवकों से अपील

    इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

  • चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    चुनाव खत्म हुआ तो विवादों में फंसी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’, क्या हुआ 2100  का वादा?

    महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में फंस गई है। सरकार इसमें अनियमितता को लेकर क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि चुनाव खत्म तो मामला खत्म। साथ ही राज्य के कृषि मंत्री का कहना है कि इससे किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में बहुचर्चित ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना‘ अब विवादों में फंस गया है। 2 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले महायुति गठबंधन ने इस योजना को लागू किया और चुनाव प्रचार में इसका भरपूर इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपए की कुल 5 किश्तें भी जमा कराई और दावा किया गया कि चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों को 1500 की जगह 2100 रुपए दिया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    2100 बना चुनावी जुमला

    राज्य की महिलाओं ने महायुति को चुनाव तो जिता दिया, लेकिन अब तक उनके खाते में 2100 रुपये की रकम नहीं आई। और तो और 1500 देने मे भी सरकार आना-कानी कर रही है। राज्य के कृषि मंत्री ने यहां तक ​​कह दिया कि लाडकी बहिन योजना की वजह से किसानों की कर्जमाफी योजना प्रभावित हो रही है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ अब विवादों में आ गई है। विधानसभा चुनाव में वादा किया गया था कि चुनाव जीतने के बाद इस योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी। लेकिन चुनाव जीतते ही इस योजना के लाभार्थियों की जांच शुरू कर दी गई। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    कहां हुई गडबडी ?

    आरोप है कि बड़ी संख्या में महिलाओं ने इस योजना के तहत दो बार पंजीकरण कराया और दो बार पैसे भी ले लिए। एक ही घर की 4 से 5 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। जिनके पास 4 पहिया वाहन हैं वे भी लाभार्थी बन गईं और जो शादी करके दूसरे राज्य में चले गए है उन लोगों ने भी इस योजना का फायदा उठा लिया। इतना ही नहीं, जिनकी सालाना आय 2.5 लाख से अधिक है वो भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब सरकारी यंत्रणा ऐसे लाभार्थियों की सूची बनाकर उन्हें इस योजना से हटा रही है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्रॉस वेरिफिकेशन

    अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं, जबकि सूची छांटने के बाद यह संख्या करीब 25 लाख कम हो जाएगी. वहीं, राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को क्रॉस वेरिफिकेशन प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 महीनों में हमारे पास लाडकी बहिन योजना लाभार्थियों के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं, जिनके आधार पर क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। आईटी विभाग की मदद ली जा रही है। आधार कार्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जाएगा। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को इस प्रक्रिया से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमारा उद्देश्य है कि अधिकतम लाभार्थियों को योजना का लाभ मिले। लेकिन हमें जो शिकायतें मिली हैं, उनका समाधान करने की जरूरत है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाना और जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए से कम है, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    विपक्ष और पक्ष दोनों ने लगाया आरोप

    महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी फायदे के लिए बिना उचित जांच के इस योजना को शुरू कर दिया गया, जिसके कारण अपात्र लाभार्थियों को भी इसका फायदा मिला। शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सरकार ने वोट पाने के लिए मानदंडों को सख्ती से लागू किए बिना लाभार्थियों को पैसे बांटे। राउत ने यह भी कहा, कि ‘वह सिर्फ चुनावी नारा था, चुनाव से पहले पैसे देकर वोट लिए गए, उसके बाद मामला खत्म हो गया।’ (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    एक ही महिला को कई योजनाओं का मिला लाभ

    वहीं, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने भी आरोप लगाया कि लड़की बहन योजना के कारण किसानों के हित की कई योजनाएं बंद हो गईं। उन्होंने अपनी ही सरकार के लाडकी बहिन योजना पर 45 हजार करोड़ और किसान कर्ज योजना पर 15 हजार करोड़ हर साल व्यर्थ में बांटने का आरोप लगाया। अब अगर हमारे मंत्रालय को और पैसा मिलेगा तो हम किसानों को किसान सम्मान योजना का लाभ दे पाएंगे। वैसे भी इस योजना का पैसा महिलाएं लेती हैं और सिर्फ प्रपंच पर खर्च करती हैं। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    उन्होंने कहा, ‘इस बात को सभी लोग जानते हैं कि हमारे घर में भी महिलाएं हैं। महिलाओं को दिया जाने वाला पैसा अब सिर्फ प्रपंच पर खर्च होता है। लड़की बहन योजना का पैसा भी इधर-उधर किया गया। बच्चों के लिए ये लो, उनके लिए वो लो। बेकार का खर्च, और कुछ नहीं.’ उनका कहना है कि जो महिलाएं मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना में सरकारी पैसा ले रही हैं, उन्हें किसान सम्मान योजना में पैसा नहीं लेना चाहिए। मुझे बताइए कि एक महिला दो सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे ले सकती है? सरकार को इस पर जीआर लाना चाहिए। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

    क्या बंद हो जाएगा मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना ?

    मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना को लेकर विवादों के बीच लोगों में इस योजना को बंद किए जाने को लेकर चर्चाऐ आम होने लगी है। लोगों को अब लगने लगा है कि शायद महायुति की सरकार ने लोगों को ‘चुनावी जुमले’ जैसे वादों मे फंसा कर धोखा दिया है और अब चुनाव मे जीत हासिल करने के बाद पैसा देना बंद कर दिया है। वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने कहा, कि सरकार ने लाडकी बहिन योजना शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डालने की कोशिश की। फिलहाल ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ को बंद नहीं किया गया है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिया है कि पात्रता मानदंडों की सख्ती से जांच की जाएगी ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजना का उद्देश्य सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की अनियमितता से बचा जा सके। (When elections ended in Maharashtra, ‘Mukhyamantri Ladki Bahini Yojana’ stuck in controversy, what happened to the promise of 2100)

  • पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    Ajit Pawar and Sharad Pawar: महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। दरअसल आने वाले नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारी कर रहे हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्‍ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार और शरद पवार गुट आपस में विलय करने की इस वक्‍त सबसे ज्‍यादा चर्चा और बहस का कारण बनी हुई है। अब इन चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट के नेता आदित्‍य ठाकरे ने एक बार फिर सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। कुछ दिन पहले भी नागपुर में उद्धव और आदित्‍य ठाकरे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उसके बाद उद्धव की पार्टी के मुखपत्र सामना में सीएम फडणवीस के कार्यों की तारीफ की गई थी। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

    इस गर्म जोशी भरी मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “आज हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की और विनती की है कि जो ‘वॉटर फॉर ऑल’ योजना है, जिसे हम लेकर आए थे उस पर वे वापस अमल करें। पिछली एकनाथ शिंदे सरकार ने इस योजना को ‘स्थगित’ कर दिया था। हम चाहते हैं कि मुंबई के हर घर को पानी मिलना चाहिए। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    गठबंधन बन-बिगड़ सकते है।

    कामकाज के सिलसिले में मिलने-जुलने में कोई खास बात नहीं है लेकिन पवार परिवार में चल रही हलचल के बीच आदित्‍य ठाकरे की मुलाकात मायने रखती है। दरअसल महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। इसी बीच राज्य में आने वाले नगरनिगम एवं पंचायती चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारियां कर रहे हैं। वैसे भी महाराष्‍ट्र के जानकार कह रहे हैं क‍ि अब विधानसभा चुनाव के बाद यहां नए सिरे से गठबंधन बन-बिगड़ सकते हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    पवार का पावर गेम

    एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एकजुट करने वाले राजनेता इस आधार पर पैरोकारी कर रहे हैं, कि महाराष्‍ट्र में यदि अजित पवार और शरद पवार की पार्टी का आपस में विलय हो जाए तो उनका वोट प्रतिशत बढ़कर 20% हो जाएगा। इसके साथ ही शरद पवार की पार्टी में 8 लोकसभा और चार राज्‍यसभा सांसद हैं। अजित गुट के पास एक लोकसभा सदस्‍य है। इन सबके एक साथ आने से केंद्र सरकार में एनसीपी का प्रतिनिधित्‍व होगा। इसके अलावा पूरे महाराष्‍ट्र में अजित पवार के पास 41 और शरद पवार के पास 10 विधायक हैं। इनके एकजुट होने से डिप्‍टी सीएम अजित पवार का महाराष्‍ट्र में दबदबा बढ़ेगा। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    इंडिया की जगह NDA की शरण

    इसी तरह उद्धव ठाकरे की शिवसेना के भीतर भी मंथन का दौर चल रहा है. पार्टी के कुछ नेता दबे स्‍वरों में राज ठाकरे की महाराष्‍ट्र नवर्निमाण सेना को एक साथ लाने की मांग कर रहे हैं। उनका मकसद ठाकरे परिवार को एकजुट करके शिवसेना की खोई हुई ताकत को फिर से हासिल करना है। एकनाथ शिंदे के अलग होने के बाद उद्धव की पार्टी कमजोर हुई है। उद्धव के पास केवल 20 विधायक हैं। वहीं कुछ नेता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से हटने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने के बाद ही शिवसेना अपनी फायरब्रांड हिंदू छवि को हासिल करने में सक्षम हो सकती है। ऐसे लोग इंडिया गठबंधन की जगह एनडीए में जाने के पक्षधर हैं। महाराष्‍ट्र और केंद्र में अगले पांच साल तक कोई चुनाव नहीं होने वाला है। उसको देखते हुए सियासी दल नए सिरे से अपनी तैयारियों में लग गए हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

  • Car Project: मुंबई में केबल कार प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

    Car Project: मुंबई में केबल कार प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

    Mumbai Cable Car project: महाराष्ट्र राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर केबल कार प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। इसके बाद प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई महानगरीय क्षेत्र में रोपवे के माध्यम से केबल कार परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसकी जानकारी राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी। मौके पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने केंद्र सरकार द्वारा मुंबई महानगरीय क्षेत्र में “केबल कार परियोजना” को लागू करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ अलग से बैठक की। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?

    प्रताप सरनाईक ने कहा, ”विकसित भारत 2047 के लिए नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुझे महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ। इस मौके पर हमने मुंबई के शहरी परिवहन को आसान बनाने के लिए “केबल कार परियोजना” का प्रस्ताव रखा। इसमें हमने पीपीपी के माध्यम से पर्वतमाला परियोजना के तहत डीपीआर तैयार करने की मंजूरी का अनुरोध किया। प्रताप सरनाईक ने इस मौके पर केबल कार परियोजना को विकसित महाराष्ट्र के लिए पर्यावरण-अनुकूल परिवहन बताया। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    सरनाईक ने कहा कि मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की बढ़ती संख्या, यातायात जाम की समस्या हल करने के लिए एक ठोस प्रयास किया जा रहा है। पश्चिमी देशों में “केबल कार परियोजना” के महत्व को समझाने के बाद इस परियोजना का सर्वेक्षण कर विकास योजना तैयार करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    विकास की जरूरत क्यों है ?

    परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए इस परियोजना का भी सर्वेक्षण किया जाना चाहिए ताकि हवाई अड्डे से आने-जाने में कम से कम समय लगे। पालघर से रायगढ़ जिले के उरण-पेन तक फैले कुल क्षेत्र में शहरीकरण की गति बढ़ रही है। उन्होंने कहा, कि “सड़क परिवहन, रेलवे, मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर दिन-ब-दिन बढ़ते तनाव को देखते हुए भविष्य में “केबल कार” जैसी हवाई सेवाओं का विकास करना आवश्यक है।” (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

  • Mumbai New Year: पार्टी में म्यूजिक की आवाज बढ़ाने को लेकर मारपीट, एक की मौत, चार गिरफ्तार

    Mumbai New Year: पार्टी में म्यूजिक की आवाज बढ़ाने को लेकर मारपीट, एक की मौत, चार गिरफ्तार

    New Year 2025: बुधवार को नए साल की पार्टी में म्युजिक साउंड को लेकर विवाद के बीच मारपीट से एक युवक की गुरूवार को मौत हो गई है। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने चार लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – नऐ साल की शुरुआत में ही मामूली विवाद को लेकर लोगों ने 23 वर्षीय युवक की पीट पीट कर हत्या कर दी। वहीं मृतक का दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल का मुंबई के केईएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना मुंबई के पास मीरा रोड की है। यहां कथित तौर पर पिटाई के कारण घायल 23 वर्षीय युवक की गुरुवार को मौत हो गई। मृतक की पहचान राजा परियार के तौर पर हुई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    सुबह तक चलती रही पार्टी

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी सुबह करीब 3 बजे की है। म्हाडा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में नए साल का जश्न चल रहा था। पार्टी में म्यूजिक सिस्टम की तेज आवाज पर दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों पक्षों में बहस होने लगी। देखते-देखते विवाद ने हिंसक हो गया। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि आशीष जाधव, अमित जाधव, उसके पिता प्रकाश जाधव और प्रमोद यादव ने कथित तौर पर राजा परियार के साथ मारपीट की। राजा परियार पर लकड़ी के डंडों से हमला किया गया। सिर पर डंडा पड़ने के बाद पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया। परियार का सहयोगी विपुल राय भी हमलावरों के निशाने पा आ गया। हमलावरों ने लोहे की रॉड से विपुल राय पर भी वार किया। हमले में परियार और राय को गंभीर चोट आ गई। इसी बीच नए साल की पार्टी में मारपीट के कारण अफरा तफरी मच गई। दोनों घायलों को मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल ले जाया गया। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

    नए साल की पार्टी में मारपीट

    इलाज के दौरान राजा परियार ने गुरुवार सवेरे दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि विपुल राय की भी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष जाधव, अमित जाधव, प्रकाश जाधव और प्रमोद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (Mumbai New Year Fight over increasing the volume of music at a party, one dead, four arrested)

  • सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    सरकारी अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को नहीं मिला 2 महिने का पगार, बोनस से भी किया वंचित

    मुंबई के सरकारी अस्पताल में भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश मे आ रहा है। यहां कांदीवली के शताब्दी अस्पताल में काम करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले 2 महिनों के पगार को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं। बताया की सालाना बोनस भत्ते से वंचित रखा गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से साफ सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को पिछले 2 महिनों से पगार ही नहीं मिली है। साथ ही पिछले 2 सालों से बोनस भत्ता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इसको लेकर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का साथ मिलने के बाद आश्वासन दिया गया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    कौन है ठेकेदार?

    बता दें, कि “कल्पतरु हॉस्पिलिटी” नामक कंपनी शताब्दी अस्पताल में ठेका चला रहा है। इसी के अधीन सफाई कर्मचारी सरकारी अस्पताल में काम कर रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों को ना तो पीएफ सुविधा दिया जा रहा है और ना ही सरकारी नियमानुसार वेतन ही दिया जा रहा है। यहां तक की साप्ताहिक अवकाश का पैसा भी काट लिया जाता है। पिछले 2 सालों से मिलने वाले सालाना बोनस फंड से इन्हें वंचित रखा गया है।  इस तरह के मनमानी कारोबार के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने अनशन पर बैठने का फैसला लिया। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    मुलभुत सुविधाओं से वंचित

    इसी कड़ी में कर्मचारियों ने ठेकेदार के मनमानी कारोबार के खिलाफ महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगाई। बता दें कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल में पिछले 12 सालों से सफाई कामगार ठेका पद्धति पर काम कर रहे हैं। जबकि यहां कितने ही ठेका कंपनी बदल चुके है। लेकिन इन कर्मचारियों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।  (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

    शिवसेना शिंदे गुट ने किया मुलाकात

    Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also
    सफाई कर्मचारियों के साथ शिवसेना शिंदे गुट के पदाधिकारियों की तस्वीर

    इसकी शिकायत को लेकर शिवसेना व्यापारी सेना सचिव तथा गृहसंकुल सह समन्वयक संदीप शिंदे साहब और शिवसेना पदाधिकारी एंटोनी डिसूजा, गणेश टोने, महेंद्र शेंडगे, गणेश माने, राजू सिंह, अमित भारखड़ा सफाई कर्मचारियों से मुलाकात की और इनकी मांगों को लेकर ठेकेदार के मैनेजर आतिश जाधव से मिले और उनसे सवाल पूछा गया तो ठेकेदार की ओर से कर्मचारियों के पगार के पैसों के साथ बोनस फंड जल्द ही देने का कहा है। इसके अलावा ठेका कंपनी ने जल्द ही सफाई कर्मचारियों की बाकी समस्याओं का निपटारा करने का आश्वासन दिया है। (Cleaning staff of government hospital did not get 2 months salary, deprived of bonus also)

  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)