यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मध्यरेल की जीआरपी कटिबद्ध। कहा, किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित नही होने देंगे। मुंबई मंडल में पंद्रह चौकिया होगा निर्माण।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के प्लेटफार्म क्रमांक 18 के ठीक बाहर लौहमार्ग पुलिस की चौकी का पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिसवे के कर कमलों द्वारा आज उद्घाटन किया गया।
मौके पर पुलिस उपायुक्त मनोज नवले पाटील, सहायक आयुक्त सुनील गांवकर, यातायात निरीक्षक विजय खेड़कर, निरीक्षक विजय तायड़े, निरीक्षक अरशद शेख, निरीक्षक प्रदीप सालुंखे, रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक प्रताप भान सिंह अपने दल बल के साथ उपस्थित थे।
साथ ही जीपी मीना वरिष्ठ स्टेशन प्रबंधक भी उपस्थित थे सभी पुलिस आधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा के कटिबद्धता दिखाया। कहा कि किसी भी प्रकार की कोई घटना घटित नही होने देंगे इसीलिए इस चौकी का स्थापना किया है। मिली जानकारी के मुताबिक पूरे मुंबई मंडल में पंद्रह चौकिया बनाई जाएगी।
इसके बाद लोकमान्य तिलक मार्ग रेलवे स्टेशन पर भी चौकी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसकी जानकारी उपायुक्त पाटील ने मौखिक रूप से दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निरीक्षक विजय तायड़े के अथक प्रयासों से इस चौकी का काम किया गया है। इसके साथ ही आरपीएफ ने भी पूरा सहयोग देने का निर्णय लिया है।
वी बी माणिक मुंबई- गुरूवार, मध्यरेल की CPDS ‘A’ टीम ने 272 ग्राम सोने की चोरी मामले में अंबरनाथ के 62 वर्षीय रिक्शा चालक एवं आरोपी अख्तर हुसैन मुस्तफा हुसैन शेख को गैवानशाह बाबा दरगाह के सामने, कमलानगर की झुग्गी बस्ती से हिरासत में लेकर जीआरपी के हवाले किया।
मिली जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के साथ सहायक सुरक्षा आयुक्त मुंबई प्रथम के मार्गदर्शन में गठित सीपीडीएस (CPDS) टीम में कार्यरत सहायक पुलिस निरीक्षक एकनाथ गदाधे और प्रदीप गीते, सतीश पावरा, डी के यादव एडीएम पोस्ट पर एकत्र होकर सीएसएमटी के जीआरपी पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। जिसकी एफआईआर क्र.926/2023 धारा 379 आईपीसी के अनुसार 03.11.2023 को 00:00 बजे दर्ज की गई थी। दिनांक 08.11.2023 को जीआरपी थाने के डीबी स्टॉफ के साथ समन्वय कर उक्त अपराध की जांच शुरू की CPDS टीम के साथ उपनिरीक्षक अर्जुन सांगले, नाइक/2249 अव्हाड, पोशी/576 भरुद, पोशी/1124 रणवारे, पोशी/1526 चव्हाण द्वारा संयुक्त टीम गठित कर उपरोक्त दर्ज अपराध के तथ्यों को समझाते हुए कहा कि उक्त अपराध के अनुसार, हमें गुप्त मुखबिर के माध्यम से आरोपी के बारे में सूचना मिली।
तुरंत टीम के साथ दिनांक 08.11.2023 को 00.41 बजे सरकारी वाहन में मुखबीर को लेकर अंबरनाथ के लिऐ रवाना हुए। बाद में जब हम लोग अंबरनाथ के कमलानगर झुग्गी में पहुंचे तो गैबनशाह दरगाह के नीचे बाई ओर मुखबीर ने एक दरवाजे की ओर इशारा किया। इसके बाद हम लोग घर के अंदर घुसे और उसे कब्जे में ले लिया।’ और जब हमने उसे अपराध के तथ्य बताकर, एक पुलिसकर्मी के रूप में पहचानकर उससे पूछताछ की, तो उसने हमें अस्पष्ट उत्तर दिए। वहीं से उसे हिरासत में ले लिया गया. 08.11.2023 को प्रातः 07.15 बजे। थाने के अमलदार कक्ष में पेश किया गया।
आप को यह भी बता दें, कि 62 वर्षीय आरोपी ने अब तक अपना आधार कार्ड बनाया ही नहीं है। जब उससे आधार कार्ड के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसके पास आधार कार्ड नहीं है। साथ ही दो पंचों की मौजूदगी में उनसे अपराध की सामग्री के बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा कि, 02.11.2023 को मुझे अप सीएसएमटी फास्ट लोकल ट्रेन में एक बैग मिला, जिसके बारे में बताया कि मैंने इसे उठाया लिया। और अपने लाभ के लिए इसे चुरा लिया। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी से, उक्त अपराध में उसकी संलिप्तता देखी जा सकती है। तो जीआरपी सीएसटी द्वारा उसे दिनांक 08.11.2023 को 09.00 बजे गिरफ्तार कर लिया है।
जब तलाशी ली तो पैसे या नोट जैसी कोई भी कीमती चीज़ नहीं मिली। जांच में यह पाया गया कि उक्त अपराध उसके द्वारा किया गया था, इसलिए निम्नलिखित कारणों से सीएसएमटी, जीआरपी में केस रिकॉर्ड संख्या 926/2023 आपराधिक संहिता की धारा 379 के तहत उसे गिरफ्तार किया गया और माननीय रेलवे कोर्ट में पेश करने पर 02 दिन की पुलिस कस्टडी मिली। दिनांक 9/11/2023 को उक्त आरोपी से बुद्धिकौशल्य से अधिक पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल किया और बताया कि मैंने चोरी की बैग मेरे घर पर रखी है बाद उक्त आरोपी के निवेदन पर संयुक्त टीम उसके अंबरनाथ के घर पर दो पंचों को ले गईं और दो पंचों के समक्ष उक्त बैग का पंचनामा किया गया उक्त बैग में निम्न प्रकार का सामान मिला उसका विवरण निम्न प्रकार से है।
02 कान की बालियाँ 1.520 ग्राम, 70%,6,500/—- 03 कान के टॉप्स चेन के साथ 02 नग, 2.400 ग्राम, 72%, 10,500/—-
कुल 159.760 ग्राम 9,25,800 यानी कुल 272.020 ग्राम 15,16,800 रूपये किमत के विषय वस्तु पर जीआरपी द्वारा दो पंचायतों के समक्ष उक्त पीली धातु की जांच के बाद उक्त आरोपी के साथ सही सलामत अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपूर्द किया।
रेल अधिकारी की पत्नी ने जो रौब दिखाया। शर्मसार करने के लिए काफी है। बाकी अधिकारियों को सिखाने लगी शिष्टाचार। पत्नी की हरकत पर हुई कार्रवाई की मांग।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के नाशिक ट्रेनिग सेंटर में आयोजित रेल सुरक्षा बल के खेल प्रतियोगिता में फाइनल के दौरान भुसावल मंडल की डीआरएम इति पांडेय को मंच पर पहली लाइन में बैठने के लिए स्थान न मिलने पर मिसेज पांडेय काफी नाराज हो गयीं और डीएससी एच श्रींनिवास राव को अपना रौब दिखाते हुए वहीं पर कड़ी फटकार लगाने लगी। कहा कि तुम को थोड़ा भी अक्कल नही है, कि डीआरएम को कहा बैठाया जाता है और व्यवस्था कैसे की जाती है। इसके साथ ही और भी खरी-खोटी सुनाई जिससे राव नाराज होकर अपना त्यागपत्र दे दिया।
रेल अधिकारी की पत्नी की धौंस..
वैसे भी जून 24 में राव का रिटायरमेंट का समह है। इस कार्यक्रम में मध्यरेल के जीएम नरेश लालवानी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार डीआरएम पांडेय का रिकार्ड पहले से भी ठीक नही है। आजकल भुसावल मंडल के आरपीएफ अधिकारियों की लापरवाही काफी बढ़ गई है। अब उनकी पत्नी का उनके सरकारी कामों में दखलअंदाजी को क्या कहा जाएगा यह सोचने का विषय है।
फिलहाल राव छुट्टी पर चले गए है राव ने मांग किया है, कि जब तक डीआरएम को नही हटाया जाएगा तब तक वो ड्यूटी पर नई आएंगे। अगर ऐसे ही रेल सुरक्षा बल और रेल प्रशासन में पहलवानी चलती रही तो आने वाले दिनों के भविष्य खराब दिखाई दे रहे है। कहा जाता है एक तो पहले से ही आरपीएफ, जीआरपी और रेल अधिकारियों में तालमेल नही है। ये ऐसा लगता है, कि मानो जैसे मजबूरी में नौकरी कर रहे है।
कितनी भी खबर लग जाये ये सुधरने वाले नही है अब देखना है कि राव क्या करते हैं। बीच बचाव करने के लिए आईजी सादानी और जीएम ने समझौता करवाया तब जाकर डीएससी राव ड्यूटी करने के लिए तैयार हो गए है। पर कोई भी आरपीएफ अधिकारी अपना मुँह खोलने को तैयार नही है, घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के इन सवालों को लेकर जीएम लालवानी का कोई व्यक्तव्य नही आता है।
वी बी माणिक मुंबई– मध्यरेल के पूना और सोलापुर मंडल का चेकिंग स्टाफ वसूली पर अपनी जिंदगी बसर कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूना और सोलापुर के टिकट चेकिंग स्टाफ मेल एक्सप्रेस गाड़ियों में बड़े पैमाने पर हफ्ता लेकर अवैध हॉकरों से मोटी रकम लेकर गाड़ियों में फालतू खाना, चाय, चिक्की, पानी, समोसा, वड़ापाव बिकवाते है। घटिया किस्म की सामग्री से परेशान यात्रियों के शिकायत के बावजूद इन पर कार्रवाई नही की जाती है। उल्टा यात्रियों को ही धमकाते है।
ये टीसी नही गुंडे हैं। इस पर जीएम नरेश लालवानी का कोई व्यक्तव्य नही आता है। रेलवे स्टाफ फर्जी तरीके से यात्रा करता है। न तो उसके पास यात्रा करने की टिकट या पास कुछ नही होता हैं। यात्रियों को गाड़ी खाली रहने के बाद भी सीट नही मिलता है। रेलवे को लूटने का पूरा धंधा यही टीसी करते है। इनका इंचार्ज महीने का लाखो रुपये का टेंडर लेता है। जिसका हिस्से के तौर पर हफ्ता एसीएम और डीसीएम तक जाता है।
रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार पर सवाल ?
सिर्फ पूना से सोलापूर के बीच यात्रा पर रेलवे प्रशासन के भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूना से सोलापुर के बीच अवैध रूप से 300 से 500 रुपये में ऐसी की सीटें बेचने का कारोबार करते है। प्रति ट्रिप में कितने अवैध यात्रियों से पैसे लिए जाते है? क्या करता है इनका विजिलेंस विभाग? कितनी कार्रवाई करता है ऐसे टीसीओ पर ? पूना और सोलापुर मंडल भ्रष्टाचार में अव्वल है इसका रिवार्ड जीएम कब घोषित करेंगे ?
मुंबई मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रात होते यात्रियों की सुरक्षा और रक्षा राम भरोसे, यात्रियों को रेलवे प्रशासन से मदद मांगने पर भरोसा करने में सावधानी बरतने की अपील …
वी बी माणिक मुंबई- कुर्ला स्थित, मध्यरेल के लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर रात्रि 8 के बाद कोई भी रेल सुरक्षा बल का अधिकारी और सिपाही ड्यूटी पर दिखाई नही पड़ता है और प्लेटफार्म 2/3 पर स्टाल धारक यात्रियों से जमकर लूटपाट करते है और सामान लेने के बाद बिल मांगने पर देते भी नही है। इसके गुंडागर्दी मारपीट के लिए उतारू हो जाते है आरपीएफ से फोन पर शिकायत करने पर निरीक्षक कुंज बिहारी सिंह सीधे कहते है। ट्वीट करिये। कार्रवाई करने से सीधा मना कर देते है।
इस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर, सीसीआई आरपीएफ सभी मिले हुए हैं। एक मोटी रकम की वसूली की जाती है। इस पर जीएम और डीआरएम किसी का भी ध्यान नही है। यात्रियों की कोई सुरक्षा नही है सारे डकैत स्टाल खोलकर खुलेआम यात्रियों की जेब पर डाका डाल रहे है। लेकिन जीएम नरेश लालवानी ईमानदारी का नारा लगा रहे है। जिसको ट्वीट करना नही आता, उसकी शिकायत नही ली जाती है।
मुंबई का कुर्ला स्थित लोकमान्य तिलक टर्मिनस की फाइल तस्वीर
क्या रेलवे प्रशासन सुधरेगा या केवल लूटने का ही काम करेगा? मुंबई के कंट्रोल रूम में फोन किया गया, तो पहले कांबले ने फोन उठाया और टीसी को शिकायत करने के लिए कहा गया। फिर कंट्रोल में ड्यूटी पर तैनात दिनेश ने कहा, कि आप टीसी से शिकायत पुस्तिका में शिकायत करिये। गाड़ी छूटने पर टीसी क्या करेगा ? शिकायत के मुताबिक, गाड़ी संख्या 18029 शालीमार एक्सप्रेस के एसी बोगी में अवैध पानी।
मुंबई से सटे ठाणा स्टेशन का अवैध वेंडर राजा अपने पालतू गुर्गो से 20 रुपये में पानी की बोतल बिकवाता है। इस गोरखधंधे में रेलवे सुरक्षा बल पर तैनात सुरक्षारक्षक इनका साथ देते हैं। इसी तरह रेल सुरक्षा बल रेलवे की सुरक्षा करती रही तो रेलवे बिकने में ज्यादा समय नही लगेगा। आरपीएफ जवानों को इतनी पगार मिलती है जिससे उनका परिवार अच्छी तरह से भरण पोषण किया जा सकता है। फिर भी रेल कर्मी और अधिकारियों का बिना वसूली के काम नही चलता है।
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मुंबई के मध्यरेल के कंट्रोल रूम में रात में लगता है फर्जी लोग बिठाए गए है। ट्रेन में कोई भी अप्रिय घटना घट जाए, इनसे कोई मतलब नही होता। सूत्रों से पता चला है, कि कंट्रोल में लगातार शिकायतों के चलते अब वहां भी इन अवैध वेंडरों ने रिश्वत का नजराना पेश करना शुरू कर दिया है। अब कंट्रोल रूम में तैनात सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी अवैध वेंडरों से हफ्ता उगाही की जाती है इसीलिए शिकायत नही लिया जाता है।
स्वच्छता अभियान के तहत पखवाड़ा का ड्रामा कर कल्याण रेलवे स्टेशन पर अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी पैसों का बंटाधार कर रहे हैं।
वी बी माणिक मुंबई– मध्यरेल के पांचों मंडलो में इस समय स्वच्छता पखवाड़ा का दिखावा जोर-शोर से चल रहा है। सारे अधिकारी अपने मंडलो में फोटो खिंचवाकर वाह-वाही लूट रहे है। जो कार्य नित्य करना है वो कार्य वर्ष में पखवाड़ा मनाकर यात्रियों को खुलेआम मूर्ख बनाकर अधिकारी अपनी झोली भरने का कार्य कर रहे है।
मुंबई के सभी लोकल स्टेशनों पर शौचालय इतने गंदे है, कि यात्रियों को उसके दुर्गंध से ही बेहोशी आने लगती है शिकायत करने पर कोई कार्यवाही तक नही होती। कोई सुनने वाला नही है। महिला शौचालयों में भारी लूटपाट की जाती है। क्या इस पर कोई कार्रवाई अभी तक की गई है? अगर की गई है उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। रेलवे अधिकारियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए।
ये जो पखवाड़ा बाजी करते है स्वच्छता प्रतिदिन होना चाहिए। जो नही किया जाता। केवल सफाई करने वाले ठेकेदारों से हफ्ता वसूली बड़े पैमाने पर चल रहा है और स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा और वो भी केवल चिन्हित गाड़ियों और स्थानों पर इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है।
कल्याण स्टेशन पर तो महिलाओ के लिए शौचालय की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जो कि मध्यरेल के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने आदेश भी जारी किया है। फिर भी कोई कार्य शुरू नही किया गया है। अभी टेंडरिंग प्रोसेस में है। कल्याण स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर महिलाये परेशान रहती है।
कुछ यात्रियों ने इसे मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। (Mumbai Local Train Viral Video)
इस्माईल शेख मुंबई- शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई (Mumbai) की लोकल ट्रेनें (Local Train) एक बार फिर एक वायरल वीडियो (ViralVideo) की वजह से चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इस बार, वीडियो में एक महिला को चलती लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांस (BellyDance) करते हुए दिख रही है, जिससे लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।
Mumbai लोकल ट्रेन ..
हालांकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में ‘वायरल वीडियो’ कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस विशेष घटना ने सांस्कृतिक धारणाओं, सार्वजनिक व्यवहार और सार्वजनिक परिवहन (Public Transportation) पर मर्यादा बनाए रखने में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राय को विभाजित कर दिया है।
कुछ यात्रियों ने इसे हानिरहित मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
हालाँकि, इस घटना की सटीक तारीख और स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CST) और सैंडहर्स्ट रोड के स्टेशनों के बीच मध्य रेलवे (Central Railway) के उपनगरीय खंड पर हुआ शूट किया गया है।
नीचे वीडियो देखें
Entertainment
Now Belly Dancing inside Mumbai Local Train.
It seems #MumbaiLocal Trains are the most happening place..to showcase talent.
वीडियो सोशल मीडिया पर मुख्य रूप से ट्विटर उपयोगकर्ता @mumbaimatterz के सौजन्य से पहुंचा। इसने तुरंत ध्यान आकर्षित किया, कैप्शन के साथ, “मनोरंजन… अब मुंबई लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांसिंग। ऐसा लगता है कि #मुंबईलोकल ट्रेनें प्रतिभा दिखाने के लिए सबसे अच्छी जगह हैं।” इस पोस्ट ने प्रतिक्रियाओं और चर्चाओं की झड़ी लगा दी।
मध्य रेलवे (Central Railway) मुंबई मंडल के डीआरएम (Divisional Railway Manager) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए यात्रियों से ट्रेन यात्रा के दौरान ऐसी गतिविधियों और स्टंट से बचने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, कि “रेलगाड़ियाँ सार्वजनिक परिवहन के लिए हैं, ऐसे प्रदर्शनों के लिए नहीं।”
मुंबई लोकल ट्रेन के भीतर डांस करते हुए लड़की की तस्वीर
जनता के बीच राय व्यापक रूप से भिन्न थी। उदयकुमार जे नायर ने संदेह व्यक्त किया, सुझाव दिया कि कलाकार ध्यान आकर्षित करना चाहता था और वीडियो के पीछे लोगों की भूमिका पर सवाल उठाया। धीवर पारलकर ने प्रत्येक डिब्बे में पुलिस की मौजूदगी की सीमाओं की ओर इशारा किया और इस तरह के व्यवहार को हतोत्साहित करने के लिए यात्रियों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
एक अन्य चिंतित उपयोगकर्ता, मकरंद ने सम्मानजनक और सुरक्षित आवागमन के माहौल की वकालत करते हुए, सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए @Central_Railway और @RPFCR द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।
इसके विपरीत, एक ट्वीटर उपयोगकर्ता (Twitter User), अभिजीत पाटकी ने विनोदपूर्वक कहा कि यदि इस तरह के प्रदर्शन विरार या कल्याण जाने वाली ट्रेनों में होते हैं, तो जगह तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। भावेश पंड्या ने ‘ट्वीट’ (Twitter) पर मज़ाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि रेलवे की नियमित देरी से मनोरंजन की अचानक शुरुआत को समझा जा सकता है।
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जॉयदीप रॉय ने डांस बार की तुलना में ट्रेन मनोरंजन (Entertainment) की सामर्थ्य पर प्रकाश डालते हुए कीमत की तुलना की। अंत में, एक अन्य ट्वीटर उपयोगकर्ता सुधीश ने बेली डांस (Belly Dance) को अश्लील और अभद्र बताने पर सवाल उठाया, यह तर्क देते हुए कि इसे सार्वजनिक कार्यक्रमों और फिल्मों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है, और सवाल किया कि कुछ व्यक्तियों को संस्कृति और धर्म के संरक्षक के रूप में किसने नियुक्त कर किया।
वी बी माणिक कल्याण– पिछले वर्ष नवंबर 2022 में मध्यरेल के सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ का एक फर्जी लोकोपायलट उमाशंकर बर्मा उर्फ नटवरलाल को कोलसे वाड़ी पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और अन्य धाराओं के तहत गिफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की जाँच उपनिरीक्षक सचिन सालवी को दिया गया था। (Indian fasttrack)
इस केस के सिलसिले में आपको जानकारी देते हुए बता दें कि सालवी ने नटवरलाल से मिलकर केस को पूरी तरह बिगाड़ दिया और चार्जशीट भी 60 दिनों में कोर्ट में नही डाला। जिसके कारण नटवरलाल को कोर्ट से डिफॉल्ट जामिन मिल गया। उसके बाद नटवरलाल का आतंक फिर से बढ़ गया और नटवरलाल के विरुद्ध कुर्ला में शिकायत भी दर्ज हो गयी। वही दूसरी ओर कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देशमुख ने इसकी रिपोर्ट डीसीपी सचिन गुंजाल से कर दिया।
पुलिस उपायुक्त सचिन गुंजाल ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक सालवी को वहाँ से हटाकर कंट्रोल रूम में तबादला कर दिया। आपको यह भी बता दें कि उपनिरीक्षक सचिन सालवी को बात करने की तमीज नही है। अपराध को खत्म करने के बजाय आरोपियों को बचाने का काम करता है। आरोपियों के जरिए आम नागरिकों को अपने नाम से धमकी भी दिलवाता है। कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में इसकी काफी शिकायत है। फोन करने पर कल अधिकारी फोन ही नही उठाते ये बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। अब लोग ठग नटवरलाल से निजात पाने के लिए पुलिस पर भरोसा किया। लेकिन आम नागरिकों के भरोसे पर पानी फिर गया। क्योंकि सचिन सालवी जैसे भ्र्ष्ट ऑफिसर के हाथ मे ये केस चला गया।
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के टिटवाला स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया कई वर्षों से पांडेय जी ट्रेनिंग सेंटर नाशिक और इसके पूर्व विजिलेंस विभाग में अपना सिक्का जमा रखा था। अपने अच्छे कार्यो के कारण विजिलेंस विभाग में बड़े बड़े दलालो को दबोचा है। इसके अलावा आरपीएफ के कई थानों पर कार्य किया है। (Indian Railway)
व्यक्तित्व के धनी व्यवहार कुशल और कफ़न में दबंग है। इसके पूर्व टिटवाला थाने पर नियुक्त निरीक्षक श्रीमती ए बाबर ने बड़े बड़े अपराधियो और तस्करों के नाक में नकेल डाल दिया था। बाबर के डर से तस्करों के पसीने छूट जाते थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने श्रीमती बाबर को पनवेल का चार्ज सौप दिया है। बाबर के चार्ज लेते ही पनवेल के पूरे आरपीएफ स्टाफ में खलबली मच गई है। पनवेल में हॉकरों दलालो और तस्करों मे पनवेल से भागने की तैयारी धुर हो गयी है। (Indian Railway)
इस्माईल शेख मुंबई- जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस ने कहा, जांच से पता चला है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी RPF कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपराध के बाद अपनी पत्नी से फोन पर बात किया। उसने अपनी पत्नी से फोन पर कहा था कि अब उसे अपने बच्चों का पालन-पोषण खुद करना होगा। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
खबर के मुताबिक, शनिवार को चेतन की पत्नी रेनू और उसकी मां मथुरा से मुंबई आईं और बोरीवली जीआरपी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। रेनू ने चेतन के पिछले चिकित्सा उपचारों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए, इसमें मथुरा के एक न्यूरोलॉजिकल अस्पताल की रिपोर्ट भी शामिल थी। पुलिस दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेगी और रिपोर्ट के बिंदुओं पर सरकारी डॉक्टरों से चेतन की जांच भी करा सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
Indian fasttrack newsहत्या के आरोपी आरपीएफ जवान चेतन बच्चू सिंह की तस्वीर
Jaipur Mumbai Train Firing news
31 जुलाई की शुरुआत में चेतन ने अपने वरिष्ठ एएसआई टीकाराम मीणा को अस्वस्थ महसूस करने और वलसाड में ट्रेन से उतरने की इच्छा जाहिर की। लेकिन ट्रेन को वहां रोका नहीं जा सकता था। इसलिए टीकाराम मीणा ने सुझाव दिया था कि वह ट्रेन में आराम करें। चेतन ने रेनू को फोन करके बताया था कि अस्वस्थ महसूस करने के बावजूद उसे ट्रेन से उतरने नहीं दिया जा रहा है। फोन पर उनकी अगली बातचीत के दौरान उसने बेहतर महसूस करने की बात भी कही थी। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
घटना के बाद भी किया था कॉल..
मीरा रोड पर ट्रेन से उतरने के बाद उसने उसे आखिरी बार कॉल किया था। इस बार उसने रेनू से कहा कि अब उनके बच्चों की परवरिश करना अब अकेले उसी की जिम्मेदारी है। पुलिस ने बताया कि चेतन से शुक्रवार को सात घंटे तक पूछताछ की गई। रेनू से भी काफी देर तक पूछताछ की गई। उसने पुलिस को बताया कि चेतन कुछ साल पहले एक सीढ़ी से गिर गया था, जिसके बाद उसे न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्याएं हो गईं और इलाज के लिए उसे मथुरा में विभिन्न डॉक्टरों के पास ले जाया गया। (Jaipur Mumbai Train Firing news)
पुलिस ने गोलीबारी के प्रमुख गवाहों सहित, 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। कुछ गवाह दूसरे राज्यों में रहते हैं और उन्होंने ईमेल पर बयान दर्ज कराए हैं। चेतन अब तक कई बार अपने ही बयानों से पलट चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक, चेतन को सोमवार सवेरे बोरीवली में एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इस दौरान जीआरपी पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)