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  • ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में दाऊद इब्राहिम से जुड़े 9 ठिकानों पर छापा, नकदी और लग्ज़री कारें जब्त

    ED का बड़ा एक्शन: मुंबई में दाऊद इब्राहिम से जुड़े 9 ठिकानों पर छापा, नकदी और लग्ज़री कारें जब्त

    मुंबई में ईडी (ED) ने दाऊद इब्राहिम से जुड़े ड्रग और हवाला नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। 9 ठिकानों पर छापे के दौरान 42 लाख रुपए कैश, BMW जैसी लग्ज़री कारें और कई बैंक अकाउंट्स सीज़ किए गए।

    मुंबई: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ड्रग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने एक और बड़ा प्रहार किया है। बुधवार को ईडी की टीम ने मुंबई के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें नकदी, लग्जरी कारें और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ बरामद हुए।

    यह कार्रवाई मुंबई के ड्रग ट्रैफिकिंग और हवाला नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई थी, जो दाऊद गैंग के लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है।

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    🔹 छापे में बरामद हुई नकदी और लग्जरी गाड़ियां

    ईडी की टीम ने इस ऑपरेशन के दौरान करीब ₹42 लाख नकद, तीन सेकंड हैंड लक्जरी गाड़ियां (दो BMW समेत), कई बैंक डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस और संपत्ति के पेपर्स ज़ब्त किए हैं।
    इसके अलावा, एक बैंक लॉकर और कई बैंक अकाउंट्स को भी फ्रीज़ (freeze) किया गया है, जिनमें ड्रग के पैसों के होने का शक है।

    🔹 NCB की जांच से खुली थी कड़ी

    यह पूरा मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच से सामने आया।
    NCB ने पहले फैसल जावेद शेख, अल्फिया फैसल शेख, आशिक वरिस अली, नासिर खान समेत कई लोगों के खिलाफ ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क चलाने के आरोप में केस दर्ज किया था।

    जांच में पता चला कि फैसल शेख सलिम डोला नाम के ड्रग किंगपिन से MD ड्रग्स (मेथेड्रोन) मंगवाता था — जो सीधे दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के नेटवर्क से जुड़ा है।

    🔹 दाऊद के नेटवर्क से कनेक्शन

    ईडी के सूत्रों के मुताबिक, सलिम डोला लंबे समय से दाऊद गैंग के लिए ड्रग मनी को हवाला के ज़रिए बाहर भेजने का काम कर रहा था।
    उसके संपर्क में कई लोकल एजेंट, हवाला ऑपरेटर और स्मगलर हैं जो मुंबई, गुजरात और दिल्ली में फैले हुए हैं।

    ईडी का मानना है कि यह नेटवर्क नाइजीरियन ड्रग कार्टेल्स, गल्फ देशों के हवाला चैनल्स और दाऊद के पुराने रैकेट्स से जुड़ा है।

    🔹 फैसल शेख पहले भी गिरफ्तार हो चुका है

    फैसल शेख को NCB ने पहले भी गिरफ्तार किया था।
    हालांकि, उसे कोर्ट से जमानत मिलने के बाद PIT-NDPS एक्ट के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (Preventive Detention) में रखा गया था, क्योंकि वह फिर से ड्रग नेटवर्क एक्टिव करने की कोशिश कर रहा था।

    🔹 ईडी की टीम ने कब और कहां की छापेमारी

    बुधवार सुबह से ही ईडी की अलग-अलग टीमों ने मुंबई के निम्न इलाकों में छापे मारे —

    • पायधोनी (Pydhonie)
    • भिंडी बाजार (Bhindi Bazaar)
    • बांद्रा (Bandra)
    • डोंगरी (Dongri)
    • अंधेरी (Andheri)
    • माहिम (Mahim)
    • मिरा रोड (Mira Road)

    कई जगहों से डिजिटल डेटा, लेजर बुक्स और बैंकिंग एंट्रीज़ भी जब्त की गई हैं जो हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि करती हैं।

    🔹 सरकार ने कहा – संगठित अपराध पर ज़ीरो टॉलरेंस

    एक वरिष्ठ ईडी अधिकारी ने बताया —

    “यह सिर्फ एक रेड नहीं, बल्कि दाऊद के उस नेटवर्क पर वार है जो मुंबई की सड़कों से लेकर दुबई तक फैला हुआ है। सरकार की नीति साफ है — ड्रग्स और हवाला पर ज़ीरो टॉलरेंस।”

    🔹 ईडी की कार्रवाई का अगला चरण

    ईडी अब बरामद डिजिटल डिवाइस और बैंकिंग डाटा की फॉरेंसिक जांच करेगी।
    साथ ही, उन कंपनियों और बिचौलियों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है जिन्होंने हवाला चैनल के ज़रिए पैसे बाहर भेजे या प्राप्त किए।

    संभावना है कि आने वाले हफ्तों में और भी गिरफ्तारियाँ हों।

    🔹 क्या दाऊद इब्राहिम मुंबई में फिर से एक्टिव है?

    हाल के महीनों में मुंबई में कई ऐसे केस सामने आए हैं जहां दाऊद से जुड़े पुराने गुर्गे और हवाला ऑपरेटर फिर से सक्रिय पाए गए हैं।
    इसी वजह से ईडी, NIA और NCB की टीमें मिलकर दाऊद के नेटवर्क की नई मॉड्यूल स्ट्रक्चर को तोड़ने में जुटी हैं।


    🔸 FAQ सेक्शन — इस मामले से जुड़े आम सवाल

    Q1. ईडी ने किन-किन जगहों पर रेड की?
    मुंबई के कुल 9 इलाकों में — पायधोनी, डोंगरी, बांद्रा, अंधेरी, भिंडी बाजार, माहिम, मिरा रोड, और कुछ अन्य स्थानों पर छापे मारे गए।

    Q2. कितनी रकम बरामद हुई?
    कुल ₹42 लाख नकद, तीन लग्ज़री कारें (दो BMW समेत), और कई बैंक अकाउंट फ्रीज़ किए गए हैं।

    Q3. फैसल शेख कौन है?
    फैसल जावेद शेख मुंबई का ड्रग सप्लायर है जो सलिम डोला और दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़ा बताया जाता है।

    Q4. सलिम डोला कौन है?
    सलिम डोला दाऊद का पुराना सहयोगी और मुंबई का ड्रग किंगपिन है। उस पर भारत और विदेश दोनों जगहों पर मनी लॉन्ड्रिंग और स्मगलिंग के केस दर्ज हैं।

    Q5. क्या ईडी को और गिरफ्तारियाँ करनी हैं?
    हाँ, एजेंसी के अनुसार यह ऑपरेशन जारी रहेगा और कई और लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।

    Q6. क्या दाऊद का नेटवर्क मुंबई में अभी भी चालू है?
    अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुराने लोग अब भी हवाला, ड्रग और रियल एस्टेट चैनलों के ज़रिए सक्रिय हैं।

    Q7. बरामद गाड़ियों का क्या होगा?
    सभी कारें ED की कस्टडी में हैं। कोर्ट प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी।

    Q8. क्या यह मामला NCB और ED दोनों की संयुक्त जांच में है?
    हाँ, यह केस पहले NCB से शुरू हुआ और अब मनी लॉन्ड्रिंग एंगल के कारण ED ने इसे अपने हाथों में लिया है।

  • Mumbai News: नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए हवाला में करोड़ों की हेराफेरी! मुंबई में बड़ा खुलासा, 3 करोड़ कैश बरामद

    Mumbai News: नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए हवाला में करोड़ों की हेराफेरी! मुंबई में बड़ा खुलासा, 3 करोड़ कैश बरामद

    तेलंगाना की EAGLE टीम ने मुंबई में हवाला ऑपरेटर दारगराम रताजी प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरियन ड्रग कार्टेल का पैसा हवाला नेटवर्क के ज़रिए लॉन्डर करता था। पुलिस ने 3 करोड़ रुपए कैश जब्त किए हैं।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: तेलंगाना कनेक्शन मे यहां मुंबई में ड्रग्स मनी लॉन्ड्रिंग का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है।
    तेलंगाना पुलिस की EAGLE टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हवाला ऑपरेटर दारगराम रताजी प्रजापति को गिरफ्तार किया है, जो नाइजीरियन ड्रग नेटवर्क का प्रमुख मनी हैंडलर बताया जा रहा है।
    पुलिस ने इस ऑपरेशन में ₹3 करोड़ कैश जब्त किया है, जो नशीले पदार्थों की अवैध कमाई से जुड़ा हुआ था।

    🚔 तेलंगाना EAGLE टीम की मुंबई में बड़ी कार्रवाई

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    यह कार्रवाई मुंबई में उस समय हुई जब टीम को हवाला नेटवर्क से जुड़े ठिकानों की जानकारी मिली।
    EAGLE टीम ने छापा मारकर दारगराम को गिरफ्तार किया।
    इससे पहले, मुंबई के फूल गली, कालबादेवी स्थित भारत कुमार छगनलाल एंड कंपनी पर रेड के दौरान दारगराम पुलिस के हाथों से बच निकला था।
    यह कंपनी नाइजीरियन ड्रग तस्करों के पैसों को हवाला चैनल से भेजने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।

    🕵️‍♂️ दारगराम का नेटवर्क तीन शहरों में फैला था

    जांच में सामने आया कि दारगराम का नेटवर्क सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि
    दिल्ली, अहमदाबाद और सूरत तक फैला हुआ था।
    वह हवाला के ज़रिए ड्रग्स मनी को घुमाकर नाइजीरियन एजेंट्स तक पहुंचाता था।
    उसके संपर्क में कई हवाला व्यापारी और एजेंट्स थे जो हर महीने करोड़ों की रकम को देशभर में ट्रांसफर करते थे।

    💬 मुख्य आरोपी पहले भी था पुलिस की रडार पर

    पुलिस ने बताया कि दारगराम की गिरफ्तारी पहले भी कई बार टली थी।
    भारत कुमार छगनलाल एंड कंपनी पर जब रेड की गई थी, तब वह फरार हो गया था और बाद में बार-बार लोकेशन बदलता रहा।
    उसने अपने सभी मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप चैट्स डिलीट कर दिए थे ताकि ट्रैक न हो सके।
    आखिरकार EAGLE टीम को सटीक जानकारी मिली और उसे मुंबई से हिरासत में ले लिया गया।

    👥 दारगराम ने कबूला – और भी साथी हैं शामिल

    पूछताछ में दारगराम ने अपने कई साथियों के नाम भी उजागर किए।
    उसने बताया कि चेतन सिंह, रोनक प्रजापति (मैनेजर) और चेतन मवजी मिलकर कैश कलेक्शन और डिलीवरी का काम संभालते थे।
    इसके अलावा अहमदाबाद के रतनपुर स्थित जावेरी चैंबर्स में देवजी और दिलीप,
    और दिल्ली के चांदनी चौक में मुकेश हवाला ऑपरेशन्स संभालते थे।

    🌍 ड्रग मनी से विदेश भेजा जा रहा था माल

    जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि नाइजीरियन ड्रग कार्टेल हवाला से मिले पैसों का इस्तेमाल
    नाइजीरिया में कपड़े, फैब्रिक, ह्यूमन हेयर और अन्य प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करने में करता था।
    मुंबई के पायधोनी और मांडवी इलाके में इनके कई कार्गो ऑफिस हैं, जहां से यह माल विदेश भेजा जाता था।
    भारतीय मुद्रा को हवाला के ज़रिए डॉलर या नाइरा (नाइजीरिया की करेंसी) में बदलकर विदेश ट्रांसफर किया जा रहा था।

    📉 अब तक 25 लोग गिरफ्तार, 3.08 करोड़ की बरामदगी

    इस पूरे नेटवर्क में अब तक 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
    पुलिस ने ₹3.084 करोड़ कैश बरामद किया है।
    जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार नाइजीरियन आरोपी Onyeisi Esomchi Kenneth,
    जो खुद को Maxwell या Emmanuel Bediako बताता था,
    भारत में पांच अलग-अलग पासपोर्ट के ज़रिए काम कर रहा था –
    चार नाइजीरियन और एक घानाई नागरिक के नाम से।

    🧳 फर्जी पासपोर्ट से भारत में दोबारा दाखिल होते हैं तस्कर

    यह मामला एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि डीपोर्ट किए गए विदेशी नागरिक
    कैसे फिर से भारत में फर्जी पहचान के साथ प्रवेश कर लेते हैं।
    कई नाइजीरियन ड्रग नेटवर्क इसी तरह भारत लौटकर अपने पुराने धंधे में सक्रिय हो जाते हैं,
    जिससे नारकोटिक्स एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।

    ⚠️ मनी लॉन्ड्रिंग और नारकोटिक्स कनेक्शन

    EAGLE टीम ने बताया कि यह नेटवर्क NDPS Act और PMLA (Prevention of Money Laundering Act) दोनों के तहत गंभीर अपराधों में शामिल है।
    सभी बरामद रकम और दस्तावेज़ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपे जा सकते हैं ताकि आगे की वित्तीय जांच हो सके।


    FAQ: नाइजीरियन ड्रग हवाला नेटवर्क केस

    Q1. दारगराम रताजी प्रजापति कौन है?
    👉 वह एक हवाला ऑपरेटर है जो नाइजीरियन ड्रग कार्टेल के लिए मनी लॉन्ड्रिंग करता था।

    Q2. कितने पैसे बरामद किए गए हैं?
    👉 पुलिस ने ₹3 करोड़ से ज़्यादा नकदी जब्त की है।

    Q3. दारगराम को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 उसे मुंबई से EAGLE टीम ने गिरफ्तार किया।

    Q4. इस नेटवर्क में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 अब तक कुल 25 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

    Q5. इस केस में आगे क्या कार्रवाई होगी?
    👉 मामला ED को भेजा जा सकता है और विदेशी कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।

  • धनवान क्यों छोड़ रहे हैं भारत? असुरक्षा और नफरत की राजनीति ने खड़ा किया बड़ा सवाल

    धनवान क्यों छोड़ रहे हैं भारत? असुरक्षा और नफरत की राजनीति ने खड़ा किया बड़ा सवाल

    भारत में अमीर लोग क्यों छोड़ रहे हैं देश? सुरक्षा, राजनीति और नफरत के माहौल पर उठ रहे गंभीर सवाल। क्या गांधी और गोडसे की विचारधारा के बीच बंट रहा है भारत?


    आजादी के 75 साल बाद भी भारत एक नए तरह के बंटवारे से गुजर रहा है। 1947 में जहां सीमा रेखाओं ने भारत और पाकिस्तान को अलग किया था, वहीं अब विचारधाराओं ने भारत को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक हिस्सा गांधी के सत्य-अहिंसा के रास्ते पर है और दूसरा गोडसे की नफरत और हिंसा की सोच पर।


    आज का भारत – दो विचारधाराओं में बंटा

    भारत में एक तरफ गांधी के अनुयायी हैं जो शांति, भाईचारे और अहिंसा की राह पर भरोसा करते हैं, तो दूसरी तरफ गोडसे को आदर्श मानने वाली सोच है, जो नफरत और हिंसा की राजनीति को बढ़ावा देती है। आज हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद का मुद्दा उसी नीतिगत राजनीति का हिस्सा बन गया है।

    अमीर लोग क्यों छोड़ रहे हैं भारत?

    1947 के बंटवारे में धनवान लोग सुरक्षा के डर से देश छोड़ गए थे। ठीक उसी तरह आज के हालात में करोड़पति और अमीर व्यापारी भारत छोड़कर विदेशों में बस रहे हैं। खासकर गुजरात और मुंबई के कई बड़े बिजनेसमैन मुस्लिम देशों या यूरोप-अमेरिका में जाकर खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।


    सत्ता और नफरत की राजनीति

    इतिहास गवाह है कि हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग ने मिलकर सरकार बनाई थी। आज वही सोच अलग-अलग रूप में सामने आ रही है। विपक्ष को “मुस्लिम परस्त” बताकर सत्ता में बने रहने का खेल जारी है। नतीजा यह है कि समाज में डर, असुरक्षा और नफरत का माहौल तैयार कर दिया गया है।


    सुरक्षा का भ्रम और असलियत

    अगर हिंदू राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, गवर्नर, सेना और पुलिस विभाग में बहुसंख्यक होने के बावजूद खुद को असुरक्षित मानने लगे तो सवाल यह उठता है कि आखिर असुरक्षित कौन है? हकीकत यह है कि डर और असुरक्षा का माहौल जानबूझकर फैलाया जा रहा है ताकि सत्ता मजबूत बनी रहे।


    कोहली ने भी छोड़ा भारत?

    ताज़ा खबरों में दावा किया जा रहा है कि भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली ने भी नागरिकता छोड़ इंग्लैंड शिफ्ट कर लिया। उनका कहना है कि भारत उनके परिवार के लिए सुरक्षित जगह नहीं रहा। यह सिर्फ एक खिलाड़ी की बात नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सोच को झकझोर देने वाला सवाल है।


    समाज पर असर

    जातिगत और धार्मिक तनाव ने समाज को खोखला कर दिया है। पत्रकारों, वैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सच बोलने पर जेल भेजा जा रहा है। भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही ने लोगों का भरोसा तोड़ दिया है। यही वजह है कि करोड़पति और पढ़े-लिखे भारतीय विदेशों में बसना पसंद कर रहे हैं।


    ❓ FAQ

    Q1. भारत के अमीर लोग विदेश क्यों जा रहे हैं?
    👉 असुरक्षा, राजनीतिक माहौल, टैक्स का बोझ और बच्चों के भविष्य की चिंता इसकी बड़ी वजहें हैं।

    Q2. क्या भारत गांधी और गोडसे की विचारधारा में बंट गया है?
    👉 हाँ, एक ओर गांधी का अहिंसा मार्ग है तो दूसरी ओर गोडसे की नफरत की राजनीति।

    Q3. क्या सच में विराट कोहली ने भारत छोड़ दिया?
    👉 रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।

    Q4. क्या भारत में हिंदू असुरक्षित हैं?
    👉 बहुसंख्यक होते हुए भी असुरक्षा का डर फैलाया जा रहा है, जबकि वास्तविक खतरा सामाजिक विभाजन और नफरत की राजनीति से है।

  • Mumbai News: अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा पर ED की बड़ी रेड, मुंबई और इंदौर के ठिकानों पर छापा

    Mumbai News: अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा पर ED की बड़ी रेड, मुंबई और इंदौर के ठिकानों पर छापा

    अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Ltd पर ED की बड़ी कार्रवाई। मुंबई और इंदौर में 6 ठिकानों पर छापेमारी, विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन (FEMA) मामले में जांच जारी।

    मुंबई: कारोबारी जगत में आज एक बार फिर से हलचल मच गई जब एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Limited (R-Infra) के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। मुंबई और इंदौर में एक साथ 6 जगहों पर छापेमारी की जा रही है। यह पूरा मामला कथित रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन और विदेश में अवैध धन भेजने से जुड़ा बताया जा रहा है।

    ED की छापेमारी से मचा हड़कंप

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    ED अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह से ही मुंबई और इंदौर के 6 ठिकानों पर रेड शुरू की। इनमें से कुछ दफ्तरों से लेकर निजी प्रॉपर्टीज भी शामिल हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि रिलायंस इंफ्रा के जरिए विदेशों में अवैध तरीके से धन ट्रांसफर तो नहीं किया गया।

    मामला क्या है?

    ED की ये कार्रवाई दरअसल FEMA यानी Foreign Exchange Management Act के उल्लंघन से जुड़ी है। आरोप है कि रिलायंस इंफ्रा के जरिए करोड़ों रुपए की रकम विदेशों में भेजी गई और उसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या संबंधित एजेंसियों को ठीक तरीके से नहीं दी गई।
    इस मामले में पहले से ही कुछ वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी थीं। अब ED ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी शुरू कर दी है।

    अनिल अंबानी और उनकी कंपनी पर सवाल

    अनिल अंबानी की Reliance Group बीते कई सालों से आर्थिक मुश्किलों में फंसी रही है। खासकर रिलायंस कम्युनिकेशंस और उससे जुड़ी कंपनियों के कर्ज के मामले पहले ही काफी सुर्खियों में रह चुके हैं। अब Reliance Infrastructure पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
    ED यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर कंपनी ने अपनी फॉरेन डीलिंग्स में किस तरह के नियम तोड़े और कितना पैसा विदेश भेजा गया।

    छापेमारी के दौरान क्या मिला?

    हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई बड़ा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, ED टीम ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया है। इसमें कंपनी के अकाउंट्स, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और ईमेल्स शामिल हो सकते हैं।
    जानकारी ये भी मिल रही है कि एजेंसी कुछ शेल कंपनियों और विदेशी खातों की भी जांच कर रही है जिनके जरिए कथित रूप से पैसे ट्रांसफर किए गए।

    अनिल अंबानी का बयान क्या है?

    फिलहाल अनिल अंबानी या Reliance Infrastructure की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी ED की जांच में पूरा सहयोग कर रही है।

    ED की जांच का दायरा और बढ़ सकता है

    ED की इस रेड को सिर्फ शुरुआत माना जा रहा है। अगर छापेमारी में पुख्ता सबूत मिलते हैं तो आने वाले दिनों में अनिल अंबानी समेत कंपनी के कई टॉप एग्जीक्यूटिव्स से पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा, मामला कोर्ट तक भी पहुंच सकता है।

    अनिल अंबानी और विवादों का पुराना रिश्ता

    अनिल अंबानी का नाम इससे पहले भी कई विवादों में आ चुका है।

    • राफेल डील विवाद के दौरान उनका नाम काफी चर्चा में रहा।
    • उनकी कंपनियों पर भारी-भरकम कर्ज चढ़ा और कई बार उन्हें कोर्ट में भी पेश होना पड़ा।
    • अनिल अंबानी को 2019 में लंदन कोर्ट ने भी संपत्ति और कर्ज मामले में तलब किया था।

    अब Reliance Infrastructure पर यह नई कार्रवाई उनके लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।

    क्या है FEMA कानून?

    Foreign Exchange Management Act (FEMA) भारत का वो कानून है जिसके जरिए विदेशों में पैसे भेजने और वहां से पैसे लाने पर निगरानी रखी जाती है।
    अगर कोई कंपनी या व्यक्ति बिना नियमों का पालन किए विदेशी करेंसी में ट्रांजेक्शन करता है, तो ये गंभीर अपराध माना जाता है और ED जैसी एजेंसियां सीधे जांच में उतर जाती हैं।

    आर्थिक जगत में चर्चा का माहौल

    इस खबर के सामने आने के बाद मुंबई के बिजनेस सर्कल में खलबली मच गई है। कई लोग मान रहे हैं कि अगर यह मामला गंभीर साबित हुआ तो अनिल अंबानी की कंपनियों की स्थिति और खराब हो सकती है।
    वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई का असर स्टॉक मार्केट और खासकर रिलायंस इंफ्रा के शेयरों पर भी दिख सकता है।

    मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा

    जैसे ही खबर आई, सोशल मीडिया पर #AnilAmbani और #EDRaid ट्रेंड करने लगे। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे बिजनेस फ्रॉड पर सख्त कार्रवाई बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक एंगल से भी जोड़ रहे हैं।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ED ने छापेमारी कहां की?
    👉 मुंबई और इंदौर में कुल 6 ठिकानों पर।

    Q2. मामला किससे जुड़ा है?
    👉 अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Limited और कथित FEMA उल्लंघन से।

    Q3. क्या अनिल अंबानी से पूछताछ होगी?
    👉 अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सबूत मिलने पर संभव है कि उन्हें बुलाया जाए।

    Q4. FEMA कानून क्या है?
    👉 यह विदेशी मुद्रा लेन-देन को नियंत्रित करने वाला भारतीय कानून है।

    Q5. क्या पहले भी अनिल अंबानी विवादों में रहे हैं?
    👉 हां, राफेल डील, कर्ज मामले और लंदन कोर्ट में पेशी जैसे विवादों में उनका नाम रहा है।

  • Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।

    गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।

    15 महिलाओं की छुड़ाई गई

    छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।

    दो आरोपी गिरफ्तार

    इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल

    मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?
    👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।

    Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया?
    👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।

    Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
    👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।

    Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं?
    👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं?
    👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।

  • Mumbai News: बॉलीवुड पार्क ऑफिस में 5 लाख की चोरी, भारत-पाक मैच की आड़ में 3 चोर गिरफ्तार

    Mumbai News: बॉलीवुड पार्क ऑफिस में 5 लाख की चोरी, भारत-पाक मैच की आड़ में 3 चोर गिरफ्तार

    मुंबई फिल्म सिटी के बॉलीवुड पार्क ऑफिस में भारत-पाकिस्तान मैच की रात 5 लाख रुपये चोरी हुए। दिंडोशी पुलिस ने तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी से ऑफिस में घुसकर कैश पेटी से पैसे चुराए और चोरी की रकम ड्रग्स व मौज-मस्ती में उड़ाई।

    मुंबई: क्रिकेट का जुनून पूरे देश में चरम पर था, जब भारत-पाकिस्तान का मैच चल रहा था। इसी मौके का फायदा उठाते हुए तीन चोरों ने गोरेगांव पूर्व के फिल्म सिटी के बॉलीवुड पार्क ऑफिस में घुसकर लाखों रुपये उड़ा लिए। घटना 14 सितंबर की रात की है, जब पूरा देश टीवी पर मैच देख रहा था।

    कैसे हुआ वारदात?

    पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी करने वाले तीनों आरोपी पहले बॉलीवुड पार्क में काम कर चुके थे। इन्हें अच्छे से पता था कि ऑफिस में कैश कहां रखा जाता है और किस दरवाजे पर कैमरा नहीं लगा है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी से ऑफिस का दरवाजा खोला और सीधा कैश पेटी पर हाथ साफ कर दिया।

    5 लाख रुपये में से आधे बरामद

    चोरों ने 7 से 14 सितंबर तक जमा हुए करीब 5 लाख रुपये चुराए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से पकड़ लिया। इनके पास से ढाई लाख रुपये बरामद हुए हैं। बाकी पैसे आरोपियों ने ड्रग्स और मौज-मस्ती में खर्च कर दिए।

    आरोपी कौन हैं?

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस तरह हुई है:

    • हुसैन भट्ट (बस क्लीनर)
    • अभिषेक परदे (बस कंडक्टर)
    • एक अन्य अभिषेक (पूर्व कर्मचारी)

    पुलिस ने बताया कि चोरी के बाद आरोपी पैसे पब्लिक टॉयलेट के पीछे कचरे में छुपाकर रखते थे।

    पुलिस की सख्ती

    दिंडोशी पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। अब यह जांच हो रही है कि क्या इनके साथ और लोग भी शामिल थे।

    ❓ FAQ Section

    Q1. चोरी कहां हुई थी?
    👉 चोरी मुंबई फिल्म सिटी के बॉलीवुड पार्क ऑफिस में हुई थी।

    Q2. चोरी कब हुई?
    👉 चोरी 14 सितंबर की रात हुई, जब भारत-पाकिस्तान मैच चल रहा था।

    Q3. कितनी रकम चोरी हुई थी?
    👉 आरोपियों ने करीब 5 लाख रुपये चुराए थे।

    Q4. पुलिस ने कितने आरोपियों को पकड़ा है?
    👉 पुलिस ने तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

    Q5. चोरी किए गए पैसे कहां खर्च किए गए?
    👉 आधे पैसे पुलिस ने बरामद किए, बाकी पैसे आरोपियों ने ड्रग्स और मौज-मस्ती में उड़ा दिए।

  • मुंबई: पत्नी ने पति को 1.73 करोड़ से ठगा, 3 साथियों संग हुई FIR दर्ज

    मुंबई: पत्नी ने पति को 1.73 करोड़ से ठगा, 3 साथियों संग हुई FIR दर्ज

    मुंबई के भांडुप में पत्नी और उसके तीन साथियों पर पति को सात साल में 1.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा। फर्जी लोन और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम हड़पी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति को सात साल में करीब 1.73 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी में उसके तीन साथी भी शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

    ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी की साजिश

    शिकायतकर्ता विशाल अशोक रोडे ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी पूनम रोडे ने 2019 में उन्हें अपने दोस्त सचिन येलेवी और परिचित सुहास पवार से मिलवाया। उसने दावा किया कि ये लोग बिजनेसमैन हैं और उन्हें 3 करोड़ रुपये का लोन दिला सकते हैं।
    लोन प्रोसेस के नाम पर विशाल से 6.92 लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर ले लिए गए। लेकिन लोन कभी पास नहीं हुआ।

    व्हाट्सएप चैट और फर्जी केस का डर दिखाकर ब्लैकमेल

    FIR के मुताबिक, सुहास पवार के ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने विशाल से व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की और कुछ आपत्तिजनक फोटो शेयर किए। बाद में इन्हीं फोटोज़ का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया।
    आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन पर पुलिस केस दर्ज कर दिया जाएगा। मजबूर होकर उन्होंने लाखों रुपये दिए।

    अकाउंट से हर महीने कटते रहे लाखों रुपये

    2022 से पूनम रोडे ने अपने पति के बैंक अकाउंट से हर महीने ₹2.20 लाख अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इस तरह उसने अकेले 82.23 लाख रुपये निकाल लिए।

    प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर साइन कराने की कोशिश

    शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन पर प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर जबरन साइन करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस का रुख किया।
    भांडुप पुलिस ने पूनम रोडे, सचिन येलेवी, सुहास पवार और किशोर पवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है।

  • शिवसेना (UBT) का मुंबई में विरोध: इंडिया-पाक एशिया कप मैच पर सवाल

    शिवसेना (UBT) का मुंबई में विरोध: इंडिया-पाक एशिया कप मैच पर सवाल

    मुंबई में शिवसेना (UBT) महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर लेकर इंडिया-पाक एशिया कप मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया। उद्धव ठाकरे और ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: एशिया कप 2025 में होने वाले इंडिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से ठीक पहले रविवार को शिवसेना (UBT) की महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने सिंदूर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी जताई।

    उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान

    शनिवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा था कि महिला कार्यकर्ता महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरेंगी और हर घर से सिंदूर इकट्ठा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगी।

    ठाकरे ने सवाल उठाया –
    “प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते। तो फिर खून और क्रिकेट साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और क्रिकेट एक साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति का बिज़नेस सिर्फ पैसों के लिए किया जा रहा है।”

    AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हमला

    इधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि पाकिस्तान से मैच खेलकर कितना पैसा मिलेगा और यह पैसों की कमाई पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है क्या?

    ओवैसी ने सवाल किया कि –
    “क्या असम और यूपी के मुख्यमंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर सकें? पाकिस्तान ने हमारे 26 नागरिकों का धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी।”

    केंद्र सरकार का रुख

    विपक्ष की मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने साफ कहा कि भारतीय टीम किसी भी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से पीछे नहीं हटेगी। इसलिए आज का मैच दुबई में तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।

    पृष्ठभूमि – क्यों हो रहा है विरोध?

    • मई 2025 में हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव चरम पर है।
    • इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए थे।
    • इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान से व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर रोक भी शामिल है।
    • अब क्रिकेट मैच को लेकर विरोध जताते हुए विपक्ष कह रहा है कि यह कदम सरकार की अपनी कही बातों के उलट है।

    लोगों की प्रतिक्रिया

    मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाएं हाथों में सिंदूर की डिब्बियां और तिरंगा लेकर नारेबाज़ी करती दिखीं। उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान के साथ आतंकवाद का मुद्दा है, तब तक क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए।

  • DRI मुंबई 28 कंटेनर जब्त, पाकिस्तान से आए 800 टन माल की कीमत ₹12 करोड़

    DRI मुंबई 28 कंटेनर जब्त, पाकिस्तान से आए 800 टन माल की कीमत ₹12 करोड़

    मुंबई के Nhava Sheva Port पर DRI ने “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 28 कंटेनर जब्त किए। पाकिस्तान से आए 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स की कीमत ₹12 करोड़, दो गिरफ्तार।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) मुंबई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 कंटेनर जब्त किए हैं। इन कंटेनरों में पाकिस्तान से आए करीब 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स भरे थे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹12 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई Nhava Sheva Port पर “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत की गई।

    पाकिस्तान से आयात पर सख्त बैन

    गौरतलब है कि सरकार ने 2 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले सभी सामानों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इसके बावजूद कुछ भारतीय इंपोर्टर्स ने कानून तोड़ने की कोशिश की और पाकिस्तान से माल आयात किया।

    • ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स को UAE ओरिजिन बताकर भारत लाने की कोशिश हुई।
    • जांच में DRI को सबूत मिले कि यह माल पाकिस्तान से ही आया था।
    • इसमें शामिल लोगों ने शिपिंग डॉक्यूमेंट्स से लेकर इनवॉइस तक सब फर्जी बनाए।

    कैसे पकड़ा गया पूरा खेल?

    जांच एजेंसियों ने पता लगाया कि यह पूरा रैकेट एक इंटरनेशनल नेटवर्क के जरिए चल रहा था। इसमें पाकिस्तानी, भारतीय और UAE के कारोबारी शामिल थे।

    • ड्राय डेट्स केस: दुबई का एक सप्लायर (भारतीय मूल का) पाकिस्तान से डेट्स मंगवाता था। फिर फर्जी इनवॉइस बनाकर उन्हें UAE का बताता और भारत भेजता। इस शख्स को DRI ने गिरफ्तार कर लिया है।
    • कॉस्मेटिक्स केस: इसमें एक भारतीय कस्टम ब्रोकर की गिरफ्तारी हुई है, जिसने माल की गलत डिक्लेरेशन कराई और पाकिस्तान से आए कॉस्मेटिक्स को UAE का दिखाया।

    पहले भी हुआ था बड़ा खुलासा

    यह पहला मामला नहीं है। जुलाई 2025 में भी DRI ने इसी “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 39 कंटेनर जब्त किए थे। उस वक्त करीब 1,115 मीट्रिक टन माल की कीमत लगभग ₹9 करोड़ निकली थी और उस मामले में भी एक इंपोर्टर गिरफ्तार हुआ था।

    यह साफ दिखाता है कि बैन के बावजूद कुछ इंपोर्टर्स सरकार की नीतियों को दरकिनार कर अवैध व्यापार कर रहे हैं।

    क्यों है यह नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा?

    अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक स्मगलिंग केस नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।

    • इस तरह के आयात से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचता है।
    • पैसों का लेन-देन सीधे भारत से पाकिस्तान तक जाता है।
    • ऐसे नेटवर्क्स का इस्तेमाल आतंकवाद की फंडिंग तक हो सकता है।

    यानी यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरा भी है।

    DRI का सख्त संदेश

    DRI का कहना है कि “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” इसी लिए चलाया गया है ताकि किसी भी तरह के गैरकानूनी माल को रोका जा सके। एजेंसी ने साफ कहा कि भारत की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।

    • लगातार इंटेलिजेंस इनपुट्स पर नज़र रखी जा रही है।
    • इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन से ऐसे नेटवर्क्स को तोड़ा जा रहा है।
    • गलत डॉक्यूमेंट्स और फर्जी ट्रांजैक्शन करने वाले इंपोर्टर्स के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है।

    #DRIMumbai #OperationDeepManifest #NhavaShevaPort #PakistaniGoods #MumbaiNews #IndiaSecurity

  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

    Nepal-Protests-Ajit-Pawar-assures-safe-return-of-tourists-from-Maharashtra

    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।