Category: Auto & Business

  • महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।

    🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम

    • पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
    • 6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
    • क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
    • हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।

    🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर

    • दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
    • जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
    • छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।

    🌍 निवेश और रोजगार पर असर

    सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
    यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।

    👩‍🏭 महिला कर्मचारियों को फायदा

    श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।

    🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित

    सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।

    🗣️ सरकार का बयान

    “महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।

  • GST रेट कटौती: रोज़मर्रा के सामान से गाड़ियां तक सस्ती

    GST रेट कटौती: रोज़मर्रा के सामान से गाड़ियां तक सस्ती

    GST Council ने टैक्स ढांचा बदलकर चार स्लैब को घटाकर दो कर दिया। अब रोज़मर्रा के सामान, खाने-पीने की चीजें, इंश्योरेंस, गाड़ियां, सीमेंट और दवाइयां होंगी सस्ती। नया नियम 22 सितंबर से लागू होगा।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की सबसे बड़ी टैक्स सुधार बैठक में GST Council ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब तक चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) थे, जिन्हें घटाकर केवल दो स्लैब – 5% और 18% कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ लग्ज़री और सिगरेट-तंबाकू जैसे उत्पादों पर 40% टैक्स लगाया जाएगा। GST rate cut: Everything from everyday items to vehicles becomes cheaper

    🥘 रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीजें होंगी सस्ती

    • पनीर, सभी प्रकार की भारतीय रोटियां और पराठे अब बिल्कुल टैक्स फ्री (0%) होंगे।
    • मक्खन, घी, कॉर्न फ्लेक्स, नमकीन, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, कॉफ़ी, जूस, आइसक्रीम, बिस्किट जैसी चीज़ों पर अब 5% GST लगेगा (पहले 18% था)।
    • 20 लीटर पैक्ड पानी, जैम-जैली, ड्राई फ्रूट्स और कन्फेक्शनरी आइटम्स भी 5% स्लैब में आ गए हैं।

    🧴 घरेलू और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स

    • टूथपेस्ट, टूथब्रश, शैम्पू, साबुन, टैल्कम पाउडर और हेयर ऑयल पर टैक्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
    • किचनवेयर, टेबल-चेयर, साइकिल, छाता और घरेलू बर्तन भी 5% स्लैब में आ गए हैं।

    🏥 स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं पर राहत

    • सभी लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां अब टैक्स फ्री होंगी।
    • 33 ज़रूरी और जीवन रक्षक दवाइयां (कैंसर की दवाइयां भी शामिल) को 0% GST में लाया गया है।
    • डायग्नोस्टिक किट, मेडिकल उपकरण, चश्मे और ग्लूकोमीटर जैसे प्रोडक्ट्स पर टैक्स 12% से घटकर 5% हो गया है।

    🚗 ऑटोमोबाइल सेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स

    • पेट्रोल और डीज़ल की छोटी गाड़ियां (1200 cc तक पेट्रोल और 1500 cc तक डीज़ल) अब 18% स्लैब में होंगी (पहले 28%)।
    • मोटरसाइकिल 350cc तक, टीवी, एसी, डिशवॉशर, वॉशिंग मशीन भी 18% स्लैब में आ गए हैं।
    • इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EVs) पहले की तरह 5% GST में रहेंगी।
    • बड़ी गाड़ियां, 350 cc से ऊपर की बाइक, यॉट और प्राइवेट एयरक्राफ्ट पर 40% टैक्स लगेगा।

    🏗️ रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर

    • सीमेंट पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
    • स्टील और निर्माण सामग्री पर भी दरें घटाई गई हैं।
    • इससे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी और घर खरीदना आसान होगा।

    🌾 किसानों और कृषि उपकरणों के लिए राहत

    • खाद्य प्रसंस्करण मशीनें, चारा मशीन, सॉयल हार्वेस्टिंग मशीनें अब 5% स्लैब में।
    • प्राकृतिक मेंथॉल, बायो पेस्टिसाइड्स और ग्रेनाइट ब्लॉक्स पर टैक्स 12% से घटकर 5%

    🚬 तंबाकू और पान मसाला पर सख़्ती

    • पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स 28% + 40% सेस लगेगा।
    • शुगर वाली कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक भी 40% टैक्स के दायरे में आएंगे।

    🗓️ नई दरें कब से लागू होंगी?

    नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से, नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगी। GST rate cut: Everything from everyday items to vehicles becomes cheaper

  • महिला हर दिन अपनी छाती का दूध बेच कर करती है 66 हजार की कमाई, पहलवान भी हैं इनके ग्राहक!

    महिला हर दिन अपनी छाती का दूध बेच कर करती है 66 हजार की कमाई, पहलवान भी हैं इनके ग्राहक!

    अमेरिका मे महिलाएं हर दिन अपनी छाती का दूध बेचकर पैसे कमाने का काम करने लगी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस कारोबार को अच्छा खासा प्रतिसाद भी मिल रहा है। खास बात यह है कि इसमें बॉडीबिल्डर का शौक रखने वाले भी ग्राहक बन गए हैं।

    न्यूज़ डेस्क
    अमेरिका:
    डॉक्टर ये हिदायत देते हैं कि नवजात बच्चों को 6 महिने तक सिर्फ मां का ही दूध पिलाना चाहिए। कुछ औरतों को ज्यादा मात्रा में ब्रेस्ट मिल्क बनता है, जिसकी वजह से उन्हें अतिरिक्त मिल्क मशीन से पंप कर के निकालना पड़ता है। विदेशों में अब इसी मिल्क को कई औरतें बेचकर पैसे कमा रही हैं। हाल ही में कुछ औरतों ने बताया कि वो इसके जरिए मोटी कमाई कर रही हैं। अमेरिका की एक महिला इस वजह से चर्चा में आ गई हैं, जि्होंने दावा किया है कि वो ब्रिेस्ट मिल्क बेचकर हर दिन 66 हजार रुपए की कमाई कर रही हैं। हैरानी की बात ये है कि उनके ग्राहकों में जिम जाने वाले पहलवान भी शामिल हैं।

    अटलांटा यह अमेरिकी राज्य जॉर्जिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर और राज्य की राजधानी है। शहर की सीमा के भीतर रहने वाली 510, 823 की आबादी के साथ, अमेरिकी जनगणना के अनुसार दक्षिणपूर्व में 8वां सबसे अधिक आबादी वाला और संयुक्त राज्य अमेरिका का 38 वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। यहां औरते अपनी छाती का दूध बेचकर पैसे कमाने का काम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कर रही है। This woman earns 66 thousand rupees every day by selling her breast milk, even wrestlers are her customers!

    छाती के दूध से पैसा कमाने का जरिया

    कीरा विलियम्स नाम की एक अमेरिकी महिला मां बनने के बाद अपने मदरहुड (मातृत्व) को पैसा कमाने का जरिया बना रही हैं। अटलांटा की रहने वाली कीरा रोजाना लगभग 800 डॉलर तक की कमाई सिर्फ अपने ब्रेस्ट मिल्क को बेचकर कर रही हैं। वह फेसबुक पर इसे बेचती हैं, और अब तक 3,500 औस दूध बेच चुकी हैं। उनकी सबसे बड़ी ग्राहक हैं दूसरी माएं जिनके पास खुद दूध नहीं बनता, और हैरानी की बात ये है कि उनके ग्राहक बॉडीबिल्डर भी हैं, जो इसे प्री-वर्कआउट ड्रिंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ये बॉडीबिल्डर ब्रेस्ट मिल्क को ‘प्राकृतिक प्रोटीन शेक’ मानते है और एक औस के लिए 2 डॉलर तक भुगतान करते हैं, जबकि आम तौर पर माएँ इसे 50 सेंट प्रति औस पर बेचती हैं।

    पुरुष भी बन गए ग्राहक

    हालांकि, कीरा बताती हैं, कि पुरुष ग्राहकों को दूध बेचते समय उन्हें सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि ‘कभी-कभी कुछ ग्राहक’ अजीब इरादों से भी संपर्क करते हैं। कई बार उन्हें ऐसे मैसेज मिलते हैं जो सीमाओं को लांघकर भेजे गए होते हैं लेकिन सतर्कता और समझदारी से वह इस ‘वर्चुअल माइनफील्ड’ को पार करती हैं। ब्रेस्ट मिल्क को लंबे समय से सुपरफूड माना जाता है, इसमें विटामिन ए, बी6, बी12, डी आयरन, कैल्शियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं। कोविड-19 के दौरान वैज्ञानिकों ने इसके एंटीबॉडी गुणों को देखते हुए इसे संभावित इलाज के रूप में भी बताया था। इस वजह से ब्रेस्ट मित्क की मांग और भी बढ़ गई।

    न्यूयॉँर्क पोस्ट के अनुसार कीरा अकेली नहीं है। यूटा की रहने वाली निकोल हॉवर्ड भी अपने अतिरिव्त ब्रेस्ट मिल्क को बेवकर पिछले 10 महीनों में 8 लाख से ज्यादा पैसे कमा चुकी हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर बताया, कि वह दिन का बड़ा हिस्सा दूध निकालने, स्टोर करने और बेवने में बिताती हैं। This woman earns 66 thousand rupees every day by selling her breast milk, even wrestlers are her customers!

  • बिरयानी पर फ्लाइट की टिकट फ्री, IndiGo-Swiggy का नया ऑफर

    बिरयानी पर फ्लाइट की टिकट फ्री, IndiGo-Swiggy का नया ऑफर

    IndiGo-Swiggy New Offer: इंडिगो एयरलाइंस और स्विगी के बीच एक अनोखी साझेदारी हुई है। इस साझेदारी के तहत अब आप स्विगी पर ऑर्डर कर फ्री एयर टिकट हासिल कर सकते हैं।

    IndiGo-Swiggy Free Flight Ticket Offer: अगर आप गर्मियों की छु्ट्टियों में घूमने का प्‍लान बना रहे हैं और फ्लाइट की सस्‍ती टिकट खोज रहे हैं तो आपके लिए अच्‍छी खबर है। अब आप बेहद आसानी से कहीं की भी और कहीं से भी फ्लाइट की टिकट पर बड़ा डिस्‍काउंट हासिल कर सकते हैं। यहां आपको यह जानकार हैरानी होगी कि यह डिस्‍काउंट उतना ही बड़ा होगा जितना आप स्विगी पर अपने पसंद का भोजन ऑर्डर करेंगे। ऑर्डर बहुत बड़ा हुआ तो आपको एयर टिकट मुफ्त में भी मिल सकती है। (Free flight ticket on biryani, new offer from IndiGo-Swiggy)

    एक्‍सपायरी डेट ही नहीं

    आप को बता दें, कि बीते दिनों इंडिगो एयरलाइंस और स्विगी के बीच एक अनोखी साझेदारी हुई है। जिसके तहत, इंडिगो ब्‍लूचिप (Indigo Bluechip) मेंबर्स स्विगी पर खाना ऑर्डर कर ब्‍लू चिप कमा सकते हैं। इसके अलावा, स्विगी से किराने का सामान ऑर्डर करने और स्विगी डाइनआउट के जरिए रैस्टोरेंट में टेबल बुक करने पर भी ब्‍लू चिप मिलेंगे। इन ब्‍लू चिप की मदद से आप कभी भी और कहीं की भी फ्लाइट बुक करा सकते हैं। यहां खास बात यह भी है कि इन ब्‍लू चिप की कोई एक्‍सपायरी डेट नहीं होती। (Free flight ticket on biryani, new offer from IndiGo-Swiggy)

    कैसे काम करता है?

    • सबसे पहले आपको अपने स्विगी ऐप को इंडिगो ब्लूचिप अकाउंट से लिंक करना होगा। जिसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर आपको ब्‍लू चिप मिलना शुरू हो जाएंगे। यह फायदा स्विगी और स्विगी वन के मौजूदा ऑफर्स के साथ होगा।
    • स्विगी पर हर 100 रुपये खर्च करने पर आपको 1 इंडिगो ब्लूचिप मिलेगा। यानी हर फेवरेट खाने के ऑर्डर के साथ आप फ्री फ्लाइट टिकट के करीब पहुंच रहे होंगे।
    • इंडिगो ब्लूचिप्स कभी खत्म नहीं होंगे, बशर्ते आप प्रोग्राम में एक्टिव रहें। साथ ही, इन्हें किसी भी समय बिना किसी ब्लैकआउट डेट के इस्तेमाल कर सकते हैं।

    किस पर मिलेगा ऑफर ?
    स्विगी यूजर्स को बस अपने इंडिगो ब्लूचिप अकाउंट को स्विगी ऐप के रिवॉर्ड या ऑफर सेक्शन में लिंक करना होगा। इसके बाद, हर खर्च पर ब्लूचिप्स अपने आप जुड़ते जाएंगा। चाहे आप पिज्जा ऑर्डर करें, घर के लिए दूध लें या दोस्तों के साथ डिनर प्लान करें, हर बार आपकी अगली फ्लाइट की बचत होगी। Free flight ticket on biryani, new offer from IndiGo-Swiggy)

  • Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया।

    Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन

    बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    शेयर बाजार की स्थिति

    मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    लाभार्थियों को सौंपी फ्लैट की चाबी

    इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

  • भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल में सबसे नीचे 5.4% पर आ गई है। यह पिछले अनुमानों क्रमशः 6.9 फीसदी और 5 फीसदी से कम है। राहुल गांधी ने इसके लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा, कि स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की भारत को ज़रूरत है। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    उन्होंने कहा, बात साफ है, कि भारतीय अर्थव्यवस्था तब तक तरक्की नहीं कर सकती, जब तक इसका फ़ायदा सिर्फ़ गिने-चुने अरबपतियों को मिल रहा हो और किसान, मज़दूर, मध्यमवर्ग और ग़रीब तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हों। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    इन तथ्यों पर एक नज़र डालिए, देखिए स्थिति कितनी चिंताजनक है:

    • खुदरा महंगाई दर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21% पर पहुंच गई है। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस वर्ष आलू और प्याज़ की क़ीमत लगभग 50% बढ़ गई है।
    • रुपया 84.50 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
    • बेरोज़गारी पहले ही 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।
    • पिछले 5 सालों में मज़दूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की आमदनी या तो ठहर गई है या काफी कम हो गई है।
    • आमदनी कम होने से मांग में भी कमी आई है। 10 लाख से कम क़ीमत वाले कारों की बिक्री में हिस्सेदारी घटकर 50% से कम हो गई है, जो 2018-19 में 80% थी।
    • सस्ते घरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी घटकर क़रीब 22% रह गई है, जो पिछले साल 38% थी। FMCG प्रोडक्ट्स की मांग पहले से ही कम होती जा रही है।
    • कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा पिछले 10 सालों में 7% कम हुआ है, जबकि इनकम टैक्स 11% बढ़ा है।
    • नोटबंदी और GST की मार से अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा घटकर 50 वर्षों में सबसे कम सिर्फ़ 13% रह गया है। ऐसे में नई नौकरियों के अवसर कैसे बनेंगे?

    राहुल गांधी ने भारत सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, कि भारत की अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए एक नई सोच चाहिए और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील उसका अहम भाग है। सबको समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, तभी हमारी अर्थव्यवस्था का पहिया आगे बढ़ेगा। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, जनता का हाल बेहाल – इस स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की ज़रूरत है। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    S&P ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027-28 में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहेगी। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)