Category: Business Ideas

  • शिल्पा शेट्टी का बांद्रा रेस्टोरेंट बंद, 60 करोड़ का विवाद

    शिल्पा शेट्टी का बांद्रा रेस्टोरेंट बंद, 60 करोड़ का विवाद

    शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर 60 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप। इस बीच बांद्रा का मशहूर रेस्टोरेंट बास्टियन बंद होने जा रहा है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा इन दिनों 60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कानूनी विवादों का सामना कर रहे हैं। इसी बीच शिल्पा शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि उनका मशहूर बांद्रा स्थित रेस्टोरेंट बास्टियन (Bastian Bandra) अब बंद हो रहा है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    बास्टियन बांद्रा का अंतिम दिन

    शिल्पा शेट्टी ने लिखा –
    “यह गुरुवार एक युग का अंत है, क्योंकि हम मुंबई के सबसे आइकॉनिक डेस्टिनेशन BASTIAN BANDRA को अलविदा कह रहे हैं। यह जगह हमें अनगिनत यादें और शहर की नाइटलाइफ का जादुई अनुभव दे गई।”

    Shilpa-Shetty-Bandra-restaurant-closed

    उन्होंने आगे कहा कि इस आखिरी शाम को खास बनाने के लिए एक स्पेशल इवेंट आयोजित किया जाएगा, जहां पुराने ग्राहकों के साथ इस सफर को याद किया जाएगा। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    बास्टियन का इतिहास

    • शिल्पा शेट्टी और रंजीत बिंद्रा ने मिलकर 2016 में इस रेस्टोरेंट की शुरुआत की थी।
    • 2023 में इसे रीलोकेट कर बांद्रा में फिर से खोला गया।
    • यहां के इंटरनेशनल फूड मेन्यू और आर्टिस्टिक डेकोर ने इसे मुंबई की नाइटलाइफ का पसंदीदा हॉटस्पॉट बना दिया।
    • कई बॉलीवुड सितारे और बिजनेस टायकून यहां पार्टी करते नज़र आते थे।

    60 करोड़ की धोखाधड़ी का केस

    शिल्पा और राज कुंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई के बिजनेसमैन दीपक कोठारी से 2015 से 2023 के बीच लगभग 60 करोड़ रुपये का निवेश लिया और उसका गलत इस्तेमाल किया। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    • यह पैसा उनकी कंपनी बेस्ट डील टीवी प्राइवेट लिमिटेड के जरिए बिजनेस ग्रोथ के लिए दिया गया था।
    • शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह रकम बिजनेस में लगाने के बजाय पर्सनल खर्चों में इस्तेमाल हुई।
    • आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

    राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी का बचाव

    दोनों की ओर से एडवोकेट प्रशांत पाटिल ने बयान जारी किया और कहा:
    “ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। यह मामला सिविल नेचर का है और इस पर पहले ही NCLT मुंबई ने 4 अक्टूबर 2024 को फैसला सुना दिया था।” Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    उन्होंने यह भी जोड़ा कि मीडिया में फैलाई जा रही खबरें तथ्यों से परे हैं और इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

    बास्टियन की विरासत

    हालांकि बास्टियन बांद्रा अब बंद हो रहा है, लेकिन शिल्पा ने बताया कि इसका Arcane Affair Thursday Night Ritual आगे भी जारी रहेगा। अब यह Bastian At The Top नामक नए स्पेस में आयोजित होगा, जिससे बास्टियन की विरासत एक नए अध्याय में आगे बढ़ेगी। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    असर और चर्चा

    रेस्टोरेंट बंद होने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और ग्राहकों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। कई लोगों ने लिखा कि मुंबई की नाइटलाइफ का एक बड़ा हिस्सा अब खत्म हो गया है। वहीं, धोखाधड़ी केस ने शिल्पा और राज की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

    शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के लिए यह दौर काफी कठिन साबित हो रहा है। जहां एक ओर कानूनी केस उनकी प्रतिष्ठा पर असर डाल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनका प्रिय रेस्टोरेंट बास्टियन भी बंद हो गया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में जाता है। Shilpa Shetty’s Bandra restaurant closed, dispute of Rs 60 crores

  • अमेरिकी टैक्स से मुंबई सीफूड इंडस्ट्री पर बड़ा संकट

    अमेरिकी टैक्स से मुंबई सीफूड इंडस्ट्री पर बड़ा संकट

    अमेरिका ने भारतीय फ्रोजन सीफूड पर 50% टैक्स लगाया है। इससे मुंबई की ससून डॉक मछली इंडस्ट्री, मछुआरे और प्रॉन्स छीलने वाले हजारों मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: अमेरिका ने भारतीय फ्रोजन सीफूड पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर 50% कर दिया है। अभी तक यह ड्यूटी 10% थी, जिसे अगस्त की शुरुआत में पहले 25% और अब सीधे 50% कर दिया गया है। इस फैसले ने मुंबई की ससून डॉक सीफूड इंडस्ट्री और यहां काम करने वाले हजारों लोगों की रोज़ी-रोटी पर बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    ससून डॉक, जो मुंबई का सबसे बड़ा और व्यस्त मछली बाजार माना जाता है, वहां इन दिनों बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। आम दिनों की तरह मछलियों की लोडिंग, नीलामी और प्रोसेसिंग तो हो रही है, लेकिन व्यापारियों और मजदूरों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    संकट की जड़ क्या है?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने यह नया टैक्स लगाया है। इसका सीधा असर उन मछुआरों, व्यापारियों और मजदूरों पर पड़ने वाला है जो सालों से इस इंडस्ट्री से अपनी जीविका चलाते आ रहे हैं। ससून डॉक से रोज़ाना करीब 30 टन प्रॉन्स अमेरिका और चीन जैसे देशों में एक्सपोर्ट होते हैं। लेकिन बढ़े हुए टैक्स की वजह से अब अमेरिकी खरीदार भारतीय सीफूड की कीमत कम करने की मांग करेंगे। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    मछुआरों की मुश्किलें

    मरीन प्रॉडक्ट्स ऑक्शनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वसंत भुचाडे का कहना है –
    “अगर भारतीय सरकार ने इस टैक्स का हल नहीं निकाला तो एक्सपोर्टर्स मछुआरों को कम दाम देंगे। पहले जहां झींगा मछली (प्रॉन्स) की कीमत ₹300 प्रति किलो थी, वहीं अब यह ₹225-₹250 तक गिर सकती है। ऐसे में मछुआरे समुद्र में जाने से कतराएंगे, और पूरी इंडस्ट्री पर असर होगा।” Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    एक ट्रॉलर की 8-10 दिन की मछली पकड़ने की लागत करीब ₹4 लाख आती है। इसमें डीज़ल, बर्फ और मजदूरी का खर्च शामिल है। अगर कीमतें गिरीं, तो मछुआरे घाटे में चले जाएंगे। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    महिलाओं की रोज़ी-रोटी पर भी असर

    ससून डॉक में करीब 12,000 महिलाएं प्रॉन्स छीलने का काम करती हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाएं रोज़ 12 घंटे मेहनत करके लगभग ₹600 कमाती हैं। लेकिन अगर मछुआरे प्रॉन्स पकड़ना बंद कर देंगे तो इन महिलाओं की रोज़ी-रोटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    जयश्री नाम की एक महिला बताती हैं –
    “अगर मछुआरे प्रॉन्स पकड़ना बंद करेंगे तो हमारे पास काम नहीं रहेगा। हमारी पूरी कमाई इसी पर निर्भर है।” Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

    आगे का रास्ता क्या?

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय सरकार को तुरंत अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। वरना यह संकट केवल मछुआरों और मजदूरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी मुंबई सीफूड इंडस्ट्री और उससे जुड़े कारोबार को खत्म कर सकता है। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax

  • ₹500 नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट, जानें नया नियम

    ₹500 नोट को लेकर RBI का बड़ा अपडेट, जानें नया नियम

    आरबीआई ने ₹500 के नोट को लेकर बड़ा अपडेट जारी किया है। नोट बंद होने की अफवाह गलत है, नए नियम और गाइडलाइंस जानना सभी के लिए जरूरी है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    मुंबई: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और आम बातचीत में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि ₹500 के नोट बंद होने वाले हैं। कई लोग तो अब ₹500 के नोट लेने से भी कतराने लगे हैं। लेकिन इन सब अफवाहों पर अब रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने साफ-साफ बयान दिया है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    🚫 ₹500 नोट बंद नहीं होंगे

    आरबीआई ने कहा है कि ₹500 का नोट चलन में बना रहेगा और इसे लेकर किसी भी तरह की बंदी की अफवाह पूरी तरह गलत है। कुछ समय पहले ₹2000 के नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे, जिसके बाद से ही बाजार में ₹500 के नोट की सबसे ज्यादा मांग है। चूंकि एटीएम और बैंकों से ₹500 के नोट की उपलब्धता कम हो रही है, इस वजह से लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया था कि यह भी जल्द बंद हो जाएगा। लेकिन आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि ₹500 के नोट को बंद करने की कोई योजना नहीं है।

    🏦 बैंक से नोट बदलने का नियम

    आरबीआई ने यह भी कहा है कि अगर किसी व्यक्ति को एटीएम से या लेन-देन के दौरान फटा हुआ, गंदा या कट हुआ ₹500 का नोट मिलता है, तो वह इसे सीधे अपने बैंक में जाकर बदल सकता है। बैंक की जिम्मेदारी होगी कि ग्राहक को खराब नोट के बदले सही और फिट नोट उपलब्ध कराए। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    🔍 ₹500 नोट की पहचान कैसे करें?

    बाजार में नकली नोट की घटनाओं को देखते हुए आरबीआई ने ₹500 नोट पहचानने के लिए कुछ गाइडलाइंस भी जारी की हैं।

    1. दाहिनी तरफ अशोक स्तंभ का प्रतीक साफ नजर आना चाहिए।
    2. नोट पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो और स्लोगन मौजूद होता है।
    3. पीछे की तरफ लाल किले की आकृति और छपाई का साल लिखा होता है।
    4. नोट पर छूने पर उभरी हुई छपाई महसूस होनी चाहिए।
    5. सिक्योरिटी थ्रेड में रंग बदलने का असर नजर आता है।

    🚮 कौन से नोट माने जाएंगे “अनफिट”?

    आरबीआई के अनुसार कुछ नोट ऐसे होते हैं जिन्हें “अनफिट” माना जाता है और जिन्हें बदलवाना जरूरी है:

    • अगर नोट बहुत ज्यादा गंदा है या उस पर मिट्टी जम गई है।
    • अगर नोट का रंग फीका पड़ गया है।
    • अगर नोट किनारे से 20% तक फटा हुआ है।
    • अगर नोट पर इंक फैल गई है और पहचान मुश्किल है।

    ऐसे नोट बैंक में आसानी से बदलवाए जा सकते हैं।

    🤔 लोग क्यों कर रहे थे अफवाहों पर भरोसा?

    दरअसल, ₹2000 का नोट बंद होने के बाद से ही लोग आशंकित हो गए थे कि ₹500 का नोट भी जल्द बंद हो जाएगा। खासकर मुंबई और आसपास के इलाकों में कई दुकानदार ग्राहकों से ₹500 का नोट लेने से बचने लगे। इसका असर यह हुआ कि आम जनता में डर और भ्रम की स्थिति बन गई। इसी वजह से आरबीआई को आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

    ✅ निष्कर्ष

    • ₹500 के नोट बंद नहीं होंगे।
    • खराब या फटे नोट बैंक में बदल सकते हैं।
    • नकली नोट की पहचान के लिए आरबीआई की गाइडलाइन को समझना जरूरी है।
    • अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर ध्यान दें।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां रोज़ाना करोड़ों का लेन-देन होता है, वहां ₹500 का नोट सबसे बड़ा सहारा है। ऐसे में आरबीआई का यह बयान आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। RBI’s big update on ₹ 500 note, know the new rule

  • मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से दक्षिण मुंबई में यातायात ठप हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि भीड़ और अफरा-तफरी से व्यापार पर गहरा असर पड़ा है, सरकार से हस्तक्षेप की मांग। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का असर अब व्यापारियों और कारोबार पर गहराई से दिखाई देने लगा है। दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन के कारण सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम ने कारोबारी गतिविधियों को ठप कर दिया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (FRTWA) के अध्यक्ष वीरन शाह ने कहा कि “आज़ाद मैदान के आसपास का इलाका पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुका है। सड़कों पर जाम, पुलिस की नाकाबंदी और बढ़ती भीड़ के चलते कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो व्यापार पर गहरा संकट खड़ा हो सकता है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन से शहर की रफ्तार थमी

    पिछले दो दिनों से मुंबई लगातार बारिश और मराठा आंदोलन की वजह से जाम की मार झेल रही है। खासकर CST, फोर्ट, मरीन लाइन्स और कोलाबा जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम और दुकानों पर कम ग्राहकों की आवक ने कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। छोटे व्यापारियों का कहना है कि भीड़ और अव्यवस्था के कारण लोग खरीदारी के लिए बाजार तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    व्यापारियों का सरकार से निवेदन

    FRTWA समेत कई व्यापारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों की मांगें जायज़ हो सकती हैं लेकिन इस दौरान दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को ठप होने से रोकना भी ज़रूरी है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    वीरन शाह ने साफ कहा कि “हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आंदोलन को संवाद और चर्चा के ज़रिए हल किया जाए। व्यापारी और आम जनता रोज़ाना लाखों का नुकसान झेल रही है। सिर्फ यातायात ही नहीं बल्कि होटलों, रेस्टोरेंट्स और रिटेल दुकानों की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या

    आज़ाद मैदान और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास रोज़ाना हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक ठप हो रहा है बल्कि सुरक्षा कारणों से कई दुकानों को बंद रखने की नौबत भी आ गई है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों ने यहां डेरा जमा लिया है और कई लोग सड़क किनारे खाना बना रहे हैं। इससे इलाके का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    पुलिस और प्रशासन की चुनौती

    मुंबई पुलिस और BMC के लिए भीड़ को नियंत्रित करना और व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस लगातार ट्रैफिक डायवर्ट कर रही है लेकिन इसके बावजूद दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन और आर्थिक नुकसान

    व्यापारियों का कहना है कि इस आंदोलन से रोज़ाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई व्यापारी संगठनों ने अंदेशा जताया है कि अगर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ हुआ तो दक्षिण मुंबई की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    नतीजा

    मराठा आरक्षण आंदोलन जहां एक तरफ समुदाय के अधिकारों की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर इसका असर मुंबई के आम नागरिकों और व्यापार पर भी साफ देखा जा रहा है। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा करना और दूसरी ओर शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखना। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

  • भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, US टैरिफ का असर

    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, US टैरिफ का असर

    भारतीय शेयर बाजार US के 50% टैरिफ के दबाव में लुढ़के। निफ्टी 24,500 पर, सेंसेक्स 80,080 पर बंद। IT, बैंकिंग और रियल्टी शेयर सबसे कमजोर। Indian stock market falls, impact of US tariff

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखा जा रहा है। गुरुवार को बाजार में जबरदस्त बिकवाली हुई। निफ्टी 50 211 अंक गिरकर 24,500.9 पर बंद हुआ, वहीं सेंसेक्स 706 अंक टूटकर 80,080.6 पर आ गया। Indian stock market falls, impact of US tariff

    यह लगातार दूसरा दिन रहा जब बाजार में भारी गिरावट आई। बीते चार सत्रों में से तीन दिन इंडेक्स गिरा है। केवल दो दिनों में निफ्टी 50 करीब 1.9% कमजोर हो चुका है। Indian stock market falls, impact of US tariff

    निफ्टी 50 में बेरिश सेंटीमेंट

    शेयर बाजार में ऑप्शंस एक्सपायरी के दिन निफ्टी 50 तीन महीने के निचले स्तर तक लुढ़क गया। बाजार बंद होने पर Stocktwits पर निवेशकों का सेंटीमेंट “बेयरिश” रहा, जबकि हफ्ते की शुरुआत में “बुलिश” था। Indian stock market falls, impact of US tariff

    सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

    गुरुवार को सिर्फ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स हरे निशान पर रहा, बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए।

    निफ्टी IT इंडेक्स 1.6% टूटा।
    रियल्टी इंडेक्स 1.5% गिरा।
    बैंकिंग इंडेक्स लगभग 1% फिसले।
    फार्मा इंडेक्स 0.83% कमजोर रहा।

    निफ्टी 50 के 50 में से 36 स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम फाइनेंस (-3.94%), HCL टेक्नोलॉजीज (-2.85%) और पावर ग्रिड (-2.04%) सबसे बड़े लूज़र्स रहे। Indian stock market falls, impact of US tariff

    इंटरग्लोब एविएशन में बड़ी गिरावट

    इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 5.2% की गिरावट आई। रिपोर्ट्स के अनुसार राकेश गंगवाल के परिवार ने कंपनी में अपनी 3.1% हिस्सेदारी (₹7,027 करोड़) ब्लॉक डील्स के जरिए बेच दी। Indian stock market falls, impact of US tariff

    टेक्सटाइल सेक्टर को राहत

    भारत सरकार ने कॉटन इंपोर्ट ड्यूटी को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को राहत मिलेगी। Indian stock market falls, impact of US tariff

    हालांकि गुरुवार को टेक्सटाइल शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

    गिरे: वेलस्पन लिविंग (-1.31%), रेमंड (-2.05%), किटेक्स गारमेंट्स (-4%)
    चढ़े: वर्धमान टेक्सटाइल्स (+11.5%), अरविंद (+0.37%), गोकलदास एक्सपोर्ट्स (+0.3%), नितिन स्पिनर्स (+1.65%)

    एनालिस्ट्स का नजरिया

    SEBI रजिस्टर्ड एनालिस्ट आशीष कयाल ने कहा कि निफ्टी 24,630 तक उछलने के बाद 24,550 के नीचे फिसला, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को “स्कैल्पिंग” का मौका मिला। Indian stock market falls, impact of US tariff

    https://stocktwits.com/kyalashish/message/626826309

    मार्केट एक्सपर्ट सुनील कोटक ने कहा कि निफ्टी अब “बेयरिश” ट्रेंड में आ चुका है, क्योंकि RSI 40 के नीचे टूट चुका है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है।

    https://stocktwits.com/Technofunda24/message/626826694

    मुख्य सपोर्ट लेवल अब 24,200 है, जो अगले 6–7 सत्रों में टेस्ट हो सकता है।

    भारतीय निर्यातकों पर टैरिफ की चोट

    अमेरिका का यह 50% टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा झटका है। ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, ज्वेलरी और सीफूड सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर पर बड़ा असर नहीं दिख रहा। Indian stock market falls, impact of US tariff

    https://stocktwits.com/PCRAnalyst/message/626824276

    विश्लेषक प्रदीप कारपेंटर का कहना है कि भारत को इस झटके से बचने के लिए नए बाजार तलाशने, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को तेज़ करने और छूट के लिए बातचीत करनी होगी। Indian stock market falls, impact of US tariff

  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    “केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 को मंजूरी दी। जानिए उद्योग, खिलाड़ियों और निवेश पर असर।”

    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी। इस बिल का मक़सद असली पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स को प्रभावी तरीके से रोकना है। इसका सीधा असर ड्रीम11 जैसे फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप और पोकरबाज़ी जैसे कार्ड गेम प्लेटफ़ॉर्म्स पर पड़ेगा। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो भारत का अरबों डॉलर का यह उद्योग बड़ी मुश्किल में फँस सकता है।

    उद्योग की चुप्पी और पुराने विवाद

    फिलहाल RMG कंपनियों और उनके संगठन ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे संसद में बिल पेश होने के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे। पहले भी इन कंपनियों ने सरकार के टैक्स और रेगुलेशन से जुड़े फैसलों का विरोध किया था। जीएसटी बढ़ने पर भी इन फर्मों ने कई मंचों पर अपना विरोध दर्ज कराया था।

    अदालतों में कानूनी लड़ाई

    कई राज्यों में जब सरकारों ने इन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाई, तब कंपनियों ने अदालत का रुख किया और उन्हें राहत भी मिली। अदालतों ने साफ कहा कि “कौशल के खेल” और “भाग्य के खेल” में फर्क है। केवल किस्मत पर आधारित खेल को ही जुआ माना जाएगा। इसी तर्क के दम पर कंपनियाँ अब तक अपना बिज़नेस चला रही थीं।

    अब चुनौती क्यों बढ़ी?

    इस बार हालात अलग हैं। ऑनलाइन गेमिंग अब सीधे आईटी मंत्रालय के तहत आ चुका है और वही प्रतिबंध लागू करेगा। पहले सरकार ने 2023 में IT नियमों के तहत इन कंपनियों के लिए स्व-नियमन (Self Regulation) का ढांचा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन किसी भी स्व-नियामक निकाय को मंज़ूरी नहीं दी गई क्योंकि सवाल उठा कि ये निकाय कंपनियों से स्वतंत्र कैसे रहेंगे।

    ई-स्पोर्ट्स को राहत

    बिल में ई-स्पोर्ट्स को छूट दी गई है। यानी वीडियो गेम टूर्नामेंट और ई-स्पोर्ट्स इवेंट में एंट्री फ़ीस ली जा सकेगी, बशर्ते उसमें असली पैसों वाले गेम शामिल न हों। इसका सीधा फायदा ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों और आयोजकों को मिलेगा।

    बड़ा नीति बदलाव

    सरकार का कहना है कि यह बिल एक बड़ा नीति परिवर्तन है। अब तक कंपनियाँ “कौशल बनाम भाग्य” की दलील देकर अपने गेम को वैध ठहराती रही हैं। मगर इस बिल के आने के बाद उनके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे।

    संभावित असर

    अगर यह बिल कानून बन गया तो लाखों यूज़र्स जो फैंटेसी स्पोर्ट्स या कार्ड गेम्स खेलते हैं, उनके पास सीमित विकल्प बचेंगे। विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा भी हिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ई-स्पोर्ट्स और मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रियल मनी गेमिंग सेक्टर में रोज़गार और निवेश पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा।

  • 1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    चेंबूर इंदिरानगर की मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस की टीम ने एक ऐसे बदमाशों के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 1 लाख रुपये के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट मार्केट में चला रहे थे। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    मुंबई: चेंबूर पूर्व के इंदिरानगर स्थित मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने नकली नोटों के साथ गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जो मार्केट मे 1 लाख रुपये असली नोटों के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट देकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। विक्रोली बस डिपो के सामने से इन चारों को एक साथ रंगे हाथ हिरासत में लिया गया है। मलाड़ के रहने वाले पुरुषोत्तम जाधव ने इसको लेकर शिकायत की थी। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    पुलिस ने किया खुलासा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-6 के अधिकारियों ने योजना बनाकर पहले घटना स्थल पर जाल बिछाया और जब मौके पर सब पहुंच गये तो नकली ग्राहक भेजकर चारों आरोपियों को रंगे हाथ हिरासत मे लिया और तलाशी ली गई। इनके पास से “इंडियन चिल्ड्रेन बैंक” के नाम से छपे नकली नोट बरामद हुए। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    आरोपियों की पहचान

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मोहम्मद मोहसिन अबु बिलाल चौधरी, मोहम्मद नफीज अब्दुल रऊफ खान उर्फ जावेद, सईद तबारक हुसैन सिद्दीकी उर्फ सईद बंटाय और मंजर इबने इस्माइल सोंडे के रूप में हुई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 और 200 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस को बरामद इन सभी नोटों पर ‘भारतीय बच्चों का बैंक’ लिखा है। इसके अलावा, एक वैगनार कार, छह मोबाइल फोन और नकद रुपए समेत कुल 6,35,725 रुपए का माल जब्त किया गया है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    और भी खुलासे होने की संभावना

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन आरोपियों के खिलाफ मुंबई के बीकेसी, दिंडोशी, पनवेल और रायगढ़ पुलिस थानों में पहले से ही ठगी, धोखाधड़ी और गंभीर अपराधों के तहत कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक पुलिस कस्टडी का आदेश दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और इस ठगी के नेटवर्क मेें शामिल लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    इससे पहले भी पकड़े गये थे नकली नोट

    इससे पहले, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर पुलिस ने 1 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पुलिस ने 60 लाख रुपए के नकली नोट जब्त करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया था। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

  • मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    17 बैगों में भरा था सोना

    पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक को दिया झांसा

    5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक ने क्यों किया भरोसा?

    यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।

    उदयपुर से गिरफ्तार

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

  • महिला हर दिन अपनी छाती का दूध बेच कर करती है 66 हजार की कमाई, पहलवान भी हैं इनके ग्राहक!

    महिला हर दिन अपनी छाती का दूध बेच कर करती है 66 हजार की कमाई, पहलवान भी हैं इनके ग्राहक!

    अमेरिका मे महिलाएं हर दिन अपनी छाती का दूध बेचकर पैसे कमाने का काम करने लगी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस कारोबार को अच्छा खासा प्रतिसाद भी मिल रहा है। खास बात यह है कि इसमें बॉडीबिल्डर का शौक रखने वाले भी ग्राहक बन गए हैं। This woman earns 66 thousand rupees every day by selling her breast milk, even wrestlers are her customers!

    न्यूज़ डेस्क
    अमेरिका:
    डॉक्टर ये हिदायत देते हैं कि नवजात बच्चों को 6 महिने तक सिर्फ मां का ही दूध पिलाना चाहिए। कुछ औरतों को ज्यादा मात्रा में ब्रेस्ट मिल्क बनता है, जिसकी वजह से उन्हें अतिरिक्त मिल्क मशीन से पंप कर के निकालना पड़ता है। विदेशों में अब इसी मिल्क को कई औरतें बेचकर पैसे कमा रही हैं। हाल ही में कुछ औरतों ने बताया कि वो इसके जरिए मोटी कमाई कर रही हैं। अमेरिका की एक महिला इस वजह से चर्चा में आ गई हैं, जि्होंने दावा किया है कि वो ब्रिेस्ट मिल्क बेचकर हर दिन 66 हजार रुपए की कमाई कर रही हैं। हैरानी की बात ये है कि उनके ग्राहकों में जिम जाने वाले पहलवान भी शामिल हैं।

    अटलांटा यह अमेरिकी राज्य जॉर्जिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर और राज्य की राजधानी है। शहर की सीमा के भीतर रहने वाली 510, 823 की आबादी के साथ, अमेरिकी जनगणना के अनुसार दक्षिणपूर्व में 8वां सबसे अधिक आबादी वाला और संयुक्त राज्य अमेरिका का 38 वां सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। यहां औरते अपनी छाती का दूध बेचकर पैसे कमाने का काम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कर रही है। This woman earns 66 thousand rupees every day by selling her breast milk, even wrestlers are her customers!

    छाती के दूध से पैसा कमाने का जरिया

    कीरा विलियम्स नाम की एक अमेरिकी महिला मां बनने के बाद अपने मदरहुड (मातृत्व) को पैसा कमाने का जरिया बना रही हैं। अटलांटा की रहने वाली कीरा रोजाना लगभग 800 डॉलर तक की कमाई सिर्फ अपने ब्रेस्ट मिल्क को बेचकर कर रही हैं। वह फेसबुक पर इसे बेचती हैं, और अब तक 3,500 औस दूध बेच चुकी हैं। उनकी सबसे बड़ी ग्राहक हैं दूसरी माएं जिनके पास खुद दूध नहीं बनता, और हैरानी की बात ये है कि उनके ग्राहक बॉडीबिल्डर भी हैं, जो इसे प्री-वर्कआउट ड्रिंक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ये बॉडीबिल्डर ब्रेस्ट मिल्क को ‘प्राकृतिक प्रोटीन शेक’ मानते है और एक औस के लिए 2 डॉलर तक भुगतान करते हैं, जबकि आम तौर पर माएँ इसे 50 सेंट प्रति औस पर बेचती हैं।

    पुरुष भी बन गए ग्राहक

    हालांकि, कीरा बताती हैं, कि पुरुष ग्राहकों को दूध बेचते समय उन्हें सतर्क रहना पड़ता है, क्योंकि ‘कभी-कभी कुछ ग्राहक’ अजीब इरादों से भी संपर्क करते हैं। कई बार उन्हें ऐसे मैसेज मिलते हैं जो सीमाओं को लांघकर भेजे गए होते हैं लेकिन सतर्कता और समझदारी से वह इस ‘वर्चुअल माइनफील्ड’ को पार करती हैं। ब्रेस्ट मिल्क को लंबे समय से सुपरफूड माना जाता है, इसमें विटामिन ए, बी6, बी12, डी आयरन, कैल्शियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं। कोविड-19 के दौरान वैज्ञानिकों ने इसके एंटीबॉडी गुणों को देखते हुए इसे संभावित इलाज के रूप में भी बताया था। इस वजह से ब्रेस्ट मित्क की मांग और भी बढ़ गई।

    न्यूयॉँर्क पोस्ट के अनुसार कीरा अकेली नहीं है। यूटा की रहने वाली निकोल हॉवर्ड भी अपने अतिरिव्त ब्रेस्ट मिल्क को बेवकर पिछले 10 महीनों में 8 लाख से ज्यादा पैसे कमा चुकी हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर बताया, कि वह दिन का बड़ा हिस्सा दूध निकालने, स्टोर करने और बेवने में बिताती हैं। This woman earns 66 thousand rupees every day by selling her breast milk, even wrestlers are her customers!