मुंबई एयरपोर्ट पर गोल्ड स्मगलिंग: एयरलाइन कर्मचारी और श्रीलंकाई यात्री गिरफ्तार

mumbai-airport-gold-smuggling-case

मुंबई एयरपोर्ट पर कथित गोल्ड स्मगलिंग में एयरलाइन कर्मचारी और श्रीलंकाई यात्री गिरफ्तार। सोने की बरामदगी, कीमत और जांच से जुड़ी अहम जानकारी जानें।

मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर कथित गोल्ड स्मगलिंग के मामले में एक महिला एयरलाइन कर्मचारी और श्रीलंका के 43 वर्षीय ट्रांजिट यात्री को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में करीब 1.8 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की बरामदगी का विवरण सामने आया है। जांच में एयरपोर्ट के अंदर कथित तौर पर सोने का हस्तांतरण करने और एक विदेशी स्मगलिंग नेटवर्क से संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय N. Yadav, जो भिवंडी की निवासी बताई गई हैं, और Mohamed Usman Mohamed Hanifa (43) के रूप में हुई है। मामले में सोने की मात्रा और उसके स्वरूप को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं, जबकि कथित नेटवर्क की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

एयरपोर्ट के अंदर कथित तौर पर कैसे हुआ सोने का हस्तांतरण?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया सूचना और यात्रियों की प्रोफाइलिंग के आधार पर एक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी थी। इसके बाद एयरपोर्ट के Departure Area में महिला एयरलाइन कर्मचारी और श्रीलंकाई ट्रांजिट यात्री को पकड़ा गया।

जांच से जुड़े घटनाक्रम में Boarding Gate 65 के पास लिफ्ट में कथित तौर पर सोने के हस्तांतरण का जिक्र सामने आया है। शुरुआती कार्रवाई CISF की ओर से किए जाने और बाद में दोनों को Customs की Airport Intelligence Unit (AIU) को सौंपे जाने की जानकारी है।

तलाशी के दौरान यात्री के अंडरगारमेंट में छिपाए गए सोने से जुड़े पदार्थ मिलने की बात सामने आई। जांच का मुख्य पहलू यह है कि सोना एयरपोर्ट के अंदर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने की कथित योजना क्या थी और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

सोने की मात्रा और कीमत को लेकर क्या जानकारी है?

इस मामले में 1,490 ग्राम गोल्ड डस्ट (सोने की धूल) बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बरामद सोने की अनुमानित कीमत करीब 1.83 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में सोने की तस्करी के कथित प्रयास को लेकर जांच जारी है।

एयरलाइन कर्मचारी की कथित भूमिका की जांच

इस मामले में महिला एयरलाइन कर्मचारी की भूमिका जांच का अहम हिस्सा है। आरोप है कि उन्होंने यात्री के साथ मिलकर टर्मिनल के अंदर सोने को प्राप्त करने या आगे पहुंचाने में मदद की। इसके बदले पहले से तय भुगतान मिलने की बात भी सामने आई है।

यात्री से पूछताछ के दौरान सोने को अपने पास रखने और उसकी तस्करी में शामिल होने से संबंधित जानकारी मिलने का दावा किया गया है। कथित तौर पर उसने खुद को विदेश में सक्रिय एक नेटवर्क के लिए सोना ले जाने वाला माध्यम बताया।

हालांकि, किसी कथित नेटवर्क का वास्तविक आकार, उसके संचालकों की पहचान और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही हो सकती है।

मुंबई एयरपोर्ट पर हाल के गोल्ड स्मगलिंग मामलों का संदर्भ

मुंबई एयरपोर्ट पर अक्टूबर 2026 में सोने की तस्करी से जुड़े अन्य मामले भी सामने आए हैं। इन घटनाओं का मौजूदा गिरफ्तारी मामले से संबंध स्थापित नहीं हुआ है, लेकिन वे एयरपोर्ट पर जारी जांच और प्रवर्तन गतिविधियों का महत्वपूर्ण संदर्भ देते हैं।

2 अक्टूबर को Directorate of Revenue Intelligence (DRI) की कार्रवाई में 8.564 किलोग्राम विदेशी मूल का 24 कैरेट सोना जब्त किया गया था, जिसकी कीमत लगभग 12.64 करोड़ रुपये बताई गई। इसी कार्रवाई में 1,168.97 कैरेट हीरे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.09 करोड़ रुपये थी, भी जब्त किए गए और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में एयरपोर्ट कर्मचारी और ट्रांजिट यात्रियों की कथित भूमिका की जांच की गई थी।

इससे पहले 11 अक्टूबर 2025 को Operation Golden Sweep के तहत DRI ने मुंबई एयरपोर्ट पर 10.488 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया था। इसकी कीमत लगभग 12.58 करोड़ रुपये बताई गई थी और कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में भी अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की कथित संलिप्तता सामने आई थी।

इन अलग-अलग मामलों से यह स्पष्ट होता है कि एयरपोर्ट के भीतर सोने के कथित हस्तांतरण और ट्रांजिट यात्रियों के इस्तेमाल की जांच पहले भी की गई है। हालांकि, इन घटनाओं को मौजूदा मामले के एक ही सिंडिकेट से जोड़ने जैसा कोई ठोस सबूत अभी नहीं मिला है।

आगे की जांच में किन सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं?

जांच में अब यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि सोना कहां से लाया गया था, इसे किसे सौंपा जाना था और कथित हस्तांतरण के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था या नहीं। एयरपोर्ट के CCTV फुटेज, उपलब्ध यात्रा रिकॉर्ड और अन्य संबंधित साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं।

इसके अलावा, दोनों आरोपियों की अदालत में पेशी, हिरासत की स्थिति और उनके खिलाफ लागू किए गए कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी भी सामने आना बाकी है। Customs Act, 1962 के तहत कार्रवाई की संभावना हो सकती है।

Ismail Shaikh Avatar
Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading