Borivali RTO में मृत मालिकों के नाम पर ऑटो Permit Renewal का आरोप। Ghost Auto Scam में प्रशासन ने वाहन ज़ब्त कर जांच शुरू की।
मुंबई: Borivali में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। यहां कथित तौर पर “भूत” ऑटोरिक्शा चला रहे थे। दरअसल मामला उन ऑटो रिक्शाओं का है जिनके मालिकों की मौत हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम पर Permit Renewal और Vehicle Passing जैसी प्रक्रियाएं जारी थीं। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कुछ ऑटो रिक्शा ज़ब्त कर लिए हैं और अब पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है।
यह मामला सिर्फ फर्जी Permit Renewal तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे Borivali RTO की कार्यप्रणाली और कथित Agent-Official Nexus पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मृत लोगों के नाम पर चल रहे थे ऑटो?
मुंबई में Auto Permit System काफी सख्त माना जाता है। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ ऑटो रिक्शाओं के Permit उन लोगों के नाम पर Renew किए गए जिनकी मौत हो चुकी थी।
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यही वजह है कि अब लोग इस पूरे मामले को “Ghost Permit Scam” कह रहे हैं।
शिकायतकर्ता और RTO Agent भूपेश मिश्रा का दावा है कि कई मामलों में:
- मालिक की मौजूदगी नहीं थी
- Legal Transfer नहीं हुआ था
- फिर भी Permit Renew हो गया
- Vehicle Passing भी पूरी कर दी गई
कैसे खुला Borivali RTO का कथित Ghost Permit खेल?
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Permit Renewal ने बढ़ाया शक
भूपेश मिश्रा के अनुसार, मामला तब सामने आया जब MH47AW0307 नंबर के ऑटो रिक्शा का Permit Renew हो गया।
यह वाहन जितेंद्र साव के नाम पर था, जो कथित तौर पर मुंबई छोड़कर कोलकाता में रह रहा था। Loan Default के बाद बैंक ने वाहन जब्त कर लिया था।
मिश्रा ने दावा किया कि Permit Renewal के लिए मालिक का मुंबई आना जरूरी था। लेकिन जब उन्होंने मालिक से फोन पर बात की तो उसने कहा कि वह मुंबई आया ही नहीं।
यहीं से पूरे मामले पर शक गहरा गया।
तीन साल पहले मर चुके मालिक के नाम पर Permit Renewal?
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Case 1 – MH47AJ0334

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला आरोप MH47AJ0334 नंबर के ऑटो से जुड़ा है।
इस वाहन के मालिक राकेश कुमार अवधनारायण गौड़ की कथित तौर पर 27 मार्च 2023 को मौत हो चुकी थी। शिकायत के मुताबिक, मौत के बाद Finance Company ने वाहन जब्त किया और बाद में यह ऑटो दीनानाथ यादव नामक ड्राइवर तक पहुंचा।
ड्राइवर ने वाहन की मरम्मत पर लगभग 60 हजार रुपए खर्च किए। लेकिन Permit Expire हो चुका था।
आरोप है कि एक एजेंट ने करीब 15 हजार रुपए लेकर मृत मालिक के नाम पर ही Permit Renew करवा दिया।
अब यह वाहन प्रशासन ने ज़ब्त कर लिया है।
मौत के बाद भी हुआ Vehicle Passing?
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Case 2 – MH47X4570
दूसरा मामला MH47X4570 नंबर के ऑटो रिक्शा से जुड़ा है।
वाहन मालिक राकेश पाल की कथित तौर पर 4 मार्च 2024 को मृत्यु हो चुकी थी। उनकी पत्नी शिव देवी पाल वाहन को किराए पर चलवा रही थीं और भविष्य में Permit Transfer की योजना बना रही थीं।
लेकिन आरोप है कि वाहन चालक ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर बिना किसी Legal Transfer के Vehicle Passing पूरा करा लिया।
इस घटना ने RTO Verification Process पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक महिला के नाम पर दो Auto Permit?
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Borivali और Thane दोनों जगह Permit का आरोप
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया।
शोभा हुलमुख नाम की महिला पर आरोप है कि उनके नाम पर दो अलग-अलग RTO Jurisdiction में Auto Permit मौजूद थे।


Vehicles:
- MH47D4629 – Borivali RTO
- MH04HJ5056 – Thane RTO
बताया जा रहा है कि बाद में Thane RTO Portal पर एक रिकॉर्ड लॉक कर दिया गया। उसमें Remark लिखा गया:
“Single person having two permits.”
हालांकि महिला ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
Agent और Officials की मिलीभगत का आरोप
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर Verification कैसे पास हुई?
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुछ एजेंट RTO अधिकारियों की कथित मिलीभगत से:
- Permit Renewal
- Vehicle Passing
- Fitness Approval
जैसी प्रक्रियाएं करा रहे थे।
यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मुंबई Transport System का बड़ा Corruption Case बन सकता है।
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Former Corporator Sheetal Mhatre ने मांगी जांच

पूर्व नगरसेवक Sheetal Mhatre ने RTO Commissioner को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि:
“सरकारी दफ्तर नागरिकों की सुरक्षा के लिए होते हैं, न कि मृत लोगों के नाम पर Renewal करने के लिए।”
उन्होंने मांग की:
- पिछले 3 साल के Permit Transactions का Audit
- दोषियों पर Departmental Action
- Agent Nexus की जांच
- Public Report जारी हो
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RTO प्रशासन ने क्या कहा?
Assistant Transport Officer श्याम कासर के मुताबिक:
“मामले की जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
फिलहाल Borivali RTO और Thane RTO दोनों इस मामले की जांच में जुटे हैं।
मुंबई में क्यों बड़ा मुद्दा बन गया यह मामला?
मुंबई में Auto Rickshaw Permit Limited Category में आते हैं। Permit Transfer और Renewal के लिए सख्त Verification जरूरी होती है।
ऐसे में मृत लोगों के नाम पर Renewal होना आम लोगों के बीच बड़ा सवाल बन गया है।
अब मांग उठ रही है कि:
- Aadhaar Based Verification लागू हो
- Biometric Authentication अनिवार्य बने
- Agent System पर सख्ती हो
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FAQ
Q1. Borivali Ghost Permit Scam क्या है?
मृत ऑटो मालिकों के नाम पर Permit Renewal और Vehicle Passing के आरोपों को Ghost Permit Scam कहा जा रहा है।
Q2. कितने वाहन ज़ब्त हुए?
फिलहाल दो वाहनों को जांच के लिए ज़ब्त किया गया है।
Q3. क्या इसमें RTO अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है?
शिकायतकर्ता ने Agent-Official Nexus का आरोप लगाया है। जांच जारी है।
Q4. क्या एक व्यक्ति दो Auto Permit रख सकता है?
Transport Rules के अनुसार यह नियमों के खिलाफ माना जाता है।
Conclusion
Borivali RTO Ghost Permit Scam ने मुंबई Transport System की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मृत लोगों के नाम पर Permit Renewal और Vehicle Passing के आरोपों ने आम नागरिकों का भरोसा हिला दिया है।
अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या नहीं।
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