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  • ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    महाराष्ट्र की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है? ऐसी राजनैतिक गलियारों में गरमागरम खुसफुसाहट होने लगी है। हालही में पुरानी शिवसेना को अखंड शिवसेना के निर्माण के लिए सभी प्रमुख नेताओं को हाथ मिलाने का आग्रह पूर्व गृहमंत्री और बालासाहेब ठाकरे के खासमखास नेता ने पेशकश की है। ‘Akhand Shiv Sena’: Balasaheb’s close aide urges Uddhav, Raj, Eknath to join hands and form alliance.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक दल शिवसेना को एकबार फिर समेटते हुए अखंड शिवसेना बनाने की खुसफुसाहट राजनैतिक हलचल बना हुआ है। यहां राज्य के पूर्व गृहमंत्री जिन्होंने उद्धव बालासाहेब ठाकरे, एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे को एक होकर हाथ मिलाने और गठबंधन करने का आग्रह किया है। यह वही नेता हैं, जो कभी स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के खासमखास हुआ करते थे। इन्होंने शिवसेना के एक प्रमुख मोर्चे की स्थापना की जो आज भी राज्य के भुमिपुत्रों के लिए काम करता है।

    क्या है उनकी पहचान?

    यह वही नेता हैं जो स्वर्गीय बालासाहेब से प्रेरित होकर वे शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में स्थानीय लोकाधिकार समिति की स्थापना की, जो शिवसेना का एक मोर्चा है जो भूमिपुत्रों के लिए काम करता है। राज्य के मराठी माणूस का इस समिति को इतना प्रतिसाद मिला कि देखते ही देखते लाखों की संख्या में इससे लोग जुड़ने लगे। इसी स्थानीय लोकाधिकार के कारण मराठी माणूस को बँक मे नौकरी मिलना आसान हो गया। इसी समिति के माध्यम से शिवसेना को बढावा मिला और अच्छे कार्यकर्ता भी प्राप्त हुए, इनमे अरविंद सावंत और भाई पोतनीड जैसे कई नेता उभरकर सामने आये।

    अखंड शिवसेना का निर्माण

    इसी कारण स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने 1996-97 में पहली बार युती की सरकार बनाई और उन्हें गृहराज्यमंत्री के पद से नवाजा। आज उन्होंने एकबार फिर पुरानी शिवसेना के दिग्गज नेताओं को साथ लाने और हाथ मिलाकर ‘अखंड शिवसेना’ के निर्माण के लिए तीनों नेताओं को गठबंधन में आने का आग्रह किया है।

    चुनाव की तैयारी

    राज्य में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य में सत्ता पक्ष भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन में होने के बावजूद कहीं साथ तो कहीं अलग होकर चुनाव लड़ने की अटकलें लग रहे हैं। वहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सत्ता पर हमेशा से काबिज़ रहनेवाली उद्धव की शिवसेना गुटबाजी के कारण कमजोर दिखाई पड़ने लगी है। राज ठाकरे भी कभी शिवसेना का बड़ा चेहरा हुआ करते थे। लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उन्होंने ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना‘ का निर्माण किया और शिवसेना के कई दिग्गज नेताओं को अपने ले गये। बाद में उन्होंने एक मजबूत नेतृत्व कायम किया। लेकिन समय के चलते आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी कमजोर साबित हो रही है। ऐसे में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के करीबी नेता का इन तीनों दिग्गज नेताओं को गठबंधन के लिए एकत्रित करना, ‘अखंड शिवसेना’ के उदय की संभावना प्रबल कर रहा है ऐसा राजनैतिक विशेषज्ञों द्वारा विश्वास जताया जा रहा है।

  • BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना और बीजेपी में गठबंधन को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। शिवसेना मुंबई में बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन बदले में ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी बीजेपी का समर्थन चाहती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    आगामी कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग महाराष्ट्र में पार्षदों के चुनाव की अधिसूचना जारी करने वाला है। 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर चुनाव की तारीख जारी करने के आदेश दिए थे। चुनाव की तैयारियों के बीच महायुति गठबंधन में तोलमोल शुरू हो गए हैं। शिंदे की शिवसेना ने चुनाव से पहले बीजेपी के सामने अपनी शर्तों को रख दिया है। शिवसेना का कहना है कि अगर बीजेपी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में गठबंधन चाहती है, तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली (KDMC) में भी ऐसा ही करना होगा। शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दबाव बनाने के लिए उद्धव ठाकरे गुट के पार्षदों को शामिल करा रही है, ताकि गठबंधन नहीं होने की स्थिति में उन्हें चुनाव में उतारा जा सके। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    शिवसेना की शर्त क्या है?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि बीजेपी पूरे प्रदेश में गठबंधन नहीं करेगी। इसके जवाब में शिवसेना ने भी अपनी चाल चल दी है और बीएमसी चुनाव के साथ अन्य नगर निगमों के चुनाव में भी गठबंधन का दबाव बना दिया है। शिवसेना के नेताओं ने कहा, कि बीजेपी मुंबई में गठबंधन करना चाहती है तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी शिवसेना का साथ देना होगा। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी बीएमसी की सत्ता में आ सकती है और शिवसेना ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में अपना दबदबा बनाए रख सकती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    भाजपा को मुंबई में होगा नुकसान

    शिवसेना नेता ने कहा कि अगर बीजेपी अकेले बीएमसी चुनाव में उतरेगी तो उसे नुकसान होना तय है। मुंबई में बीजेपी उद्धव ठाकरे की सेना यूबीटी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी मगर उसे एकनाथ शिंदे की शिवसेना और मनसे के साथ भी दो-दो हाथ करना पड़ेगा। ऐसे में वोट बंट सकते हैं और बीजेपी को बीएमसी की सत्ता हासिल नही हो सकेगी। ऐसे में उसे शिवसेना का समर्थन लेना होगा। शिवसेना नेता ने साफ किया कि बीजेपी मुंबई में दबदबा बनाना चाहती है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में मजबूत होना चाहती है। इन इलाकों में हमारी पार्टी वहां मजबूत है और हम चाहते हैं कि यह ऐसा ही बना रहे। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    उद्धव गुट के 45 पार्षद शिंदे गुट में शामिल

    जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई, तो मुंबई के ज्यादा पार्षद उनके साथ नहीं गए। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका का कार्यकाल खत्म हो गया है। एकनाथ शिंदे ने उद्धव गुट के लगभग 45 पार्षदों को अपनी तरफ कर लिया है। शिवसेना की इस रणनीति से बीजेपी पर दबाव बढ़ रहा है। शिंदे बीजेपी को यह जताना चाहते हैं कि अगर वह ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में गठबंधन नहीं करती है, तो शिवसेना पुराने पार्षदों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में उतार सकती है। इस वजह से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

  • पहलगाम आतंकियों की सूचना देने वाले को शिवसेना देगी 10 लाख रुपये- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

    पहलगाम आतंकियों की सूचना देने वाले को शिवसेना देगी 10 लाख रुपये- उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

    Shiv Sena Reward on Pahalgam Attackers: पहलगाम आतंकी हमलावरों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 20 लाख रुपये की ईनामी घोषणा की है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ओर से अतिरिक्त 10 लाख रुपये की ईनामी घोषणा की गई है। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना की ओर से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमलों के आतंकवादियों की सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त इनाम देने की घोषित की है। इसके पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इन आतंकियों पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde

    किसने किया ऐलान?

    शिवसेना के अनुसार पार्टी ने यह कदम आतंकवाद के खिलाफ़ एक कड़ा रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में किया है। पार्टी के युवा नेता राहुल कनाल ने इस इनामी राशि की घोषणा की है। शिवसेना के युवा नेता राहुल कनाल कुछ समय पहले कुणाल कामरा कंट्रोवर्सी मामले से चर्चे में आए हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाज़ी को लेकर उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ उस स्टूडियो को तोड़ दिया था। जिसमें कुणाल कमारा ने शिंदे पर कटाक्ष करने वाले वीडियो शूट किया था। इसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। राहुल एन कनाल शिवसेना के सोशल मीडिया प्रभारी होने के साथ यूथ विंग युवा सेना के महासचिव हैं। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde

    शिवसेना ने दी यह दलील

    राहुल कनाल के अनुसार यह घोषणा जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा तीन संदिग्धों की तस्वीरें जारी करने के जवाब में की गई है, जिसके लिए पुलिस ने 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। एकनाथ शिंदे ने कहा, कि हम आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ़ मजबूती से खड़े हैं। हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे ऐसी कोई भी जानकारी लेकर आगे आएं, जिससे इन अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने में मदद मिल सके। शिवसेना के अनुसार इनामी राशि में इज़ाफा करके, हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और पीड़ितों और उनके परिवारों को जल्द न्याय मिले। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde

    शिवसेना ने जारी किए नंबर

    पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक महाराष्ट्र से थे। शिवसेना की पहल का उद्देश्य संदिग्धों को पकड़ने में जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रयासों का समर्थन करना है। पहलगाम हमले के बाद खुद डिप्टी सीएम शिंदे श्रीनगर पहुंचे थे। वहां उन्होंने महाराष्ट्र के घायल टूरिस्ट सुबोध पाटिल से मुलाकात की थी। इसके साथ पर्यटकों को रेस्क्यू किया गया था। शिवसेना ने अब कुछ मोबाइल नंबर जारी करके कहा है कि हम जनता से अपील करते हैं कि वे इस अवसर का उपयोग आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने और हमारे राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए करें। Shiv Sena will give Rs 10 lakh to anyone who gives information about Pahalgam terrorists- Deputy Chief Minister Eknath Shinde

  • Mumbai BMC: खिचड़ी घोटाले में शिवसेना सांसद का बेटा भी शामिल, 8 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

    Mumbai BMC: खिचड़ी घोटाले में शिवसेना सांसद का बेटा भी शामिल, 8 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका खिचड़ी घोटाले में शिवसेना शिंदे गुट के सांसद गजानन किर्तिकर के बेटे सहित 8 लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि गजानन किर्तिकर का बेटा अमोल किर्तिकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का नेता है। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

    मुंबई: कोविड महामारी के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की खिचड़ी वितरण योजना में 14.57 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ किला कोर्ट में मुंबई पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी रेकॉर्ड में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी विस्तृत जांच के बाद EOW ने यह चार्जशीट दायर की है। कल्याण के रहने वाले 36 वर्षीय गोपाल पांडुरंग लवाने ने इसको लेकर शिकायत दर्ज की थी। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

    क्या है घोटाला?

    श्री वैष्णवी किचन और सह्याद्री रिफ्रेशमेंट के पार्टनर गोपाल पांडुरंग लवाने की शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2020 से जुलाई 2020 के बीच कोविड संकट के दौरान आरोपियों ने खिचड़ी के 100 और 200 ग्राम वजन के पैकेटों की आपूर्ति की थी और BMC से 300 ग्राम प्रति पैकेट के हिसाब से भुगतान वसूला। इसमें आरोपियों ने 6.27 करोड़ रुपये का घपला किया। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

    इन आठ के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    आठ आरोपियों में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के सांसद गजानन किर्तिकर के सुपुत्र अमोल किर्तिकर भी शामिल हैं। बता दें कि अमोल किर्तिकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता हैं। जिन्होंने हालही में गोरेगांव पूर्व से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके अलावा आरोप पत्र में सुनील कदम उर्फ बाला कदम, राजीव सालुंखे, सुजीत पाटकर, संजय चंद्रकांत माशेलकर, प्रांजल माशेलकर, प्रीतम माशेलकर और सूरज चव्हाण का नाम दर्ज है। आरोपियों ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। इसके कारण मामले में आईपीसी की धारा 465, 468, 471 (जालसाजी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा) भी जोड़ दी गई हैं। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।” (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

  • शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती करने का फैसला किया गया है। ऐसे में बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। करीब 25 मौजूदा और पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जानकारियां प्राप्त हो रही है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी

    इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी

    उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    तीन महीने के भीतर मतभेद

    एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    नगरपालिका चुनाव

    हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

  • ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी के बाद जितेंद्र जनावाले ने भी दिया इस्तीफा, अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप.. (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    मुम्बई: राज्य या देश में चुनाव आते ही राजनैतिक उठा पटक शुरू हो जाती है। कोई नाराज़ तो कोई लोभ के चले पाला बदल लेते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी यहां राजनैतिक उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। ये झटके कोई और नहीं ठाकरे के पुराने साथी और पार्टी को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही दे रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    अब ताज़ा खबर के मुताबिक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग प्रमुख जितेंद्र जनावाले ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जितेंद्र जनावाले ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाते हुए कहा, कि उन्होंने पिछले छह सालों से कार्यक्षेत्र से बाहर नियुक्ति कर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। इससे पहले मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी ने इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल हो गए है। जितेंद्र जनावाले के भी एकनाथ की पार्टी में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    नजरअंदाज का आरोप

    जितेंद्र जनावाले को एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जो ठाकरे गुट को मशाल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सबसे पहले खुद मशाल लेकर मातोश्री आए थे। जनावाले का कहना है कि विभाग प्रमुख अनिल परब ने उन्हें कार्यक्षेत्र से बाहर रखा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि जानबूझकर उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और अपनी व्यथा बताने के बावजूद पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि उनकी क्षमता के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    राजन साल्वी ने भी किया था अनदेखा का आरोप

    बता दें कि इससे पहले हाल ही में पार्टी के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने इस्तीफा दे दिया था। कोंकण में ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता राजन साल्वी ने उपनेता पद से इस्तीफा देकर शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वह पिछले 35 सालों से शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। कोंकण के रतापुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का विधानसभा चुनाव हारने वाले तीन बार के विधायक राजन साल्वी ने पार्टी पर अनदेखी करने का आरोप लगाया था वो अपनी उपेक्षा से नाराज थे। इसके बाद राजन साल्वी शिंदे गुट की शिवसेना शामिल हो गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और कई पार्टी नेताओं की उपस्थिति में वो शिवसेना में शरण ले ली। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    20 और 25 को होगी ठाकरे गुट की बैठक

    इस बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई है। ऐसे ही 25 फरवरी को विधायकों की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस दौरान सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से यह बैठक तब बुलाई जा रही है जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी लगातार ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)