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  • एंटीलिया केस: सचिन वाजे-प्रदीप शर्मा पर आरोप तय, अब कोर्ट में खुलेंगे राज

    एंटीलिया केस: सचिन वाजे-प्रदीप शर्मा पर आरोप तय, अब कोर्ट में खुलेंगे राज

    मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट ने एंटीलिया बम प्रकरण और मनसुख हिरेन हत्याकांड में सचिन वाजे, प्रदीप शर्मा समेत 10 आरोपियों पर आरोप तय किए। जानिए अब मुकदमे में आगे क्या होगा।

    मुंबई: मुंबई के बहुचर्चित एंटीलिया बम प्रकरण और मनसुख हिरेन हत्याकांड में शनिवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। स्पेशल एनआईए कोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारियों सचिन वाजे, प्रदीप शर्मा और आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं। आरोप तय होने के बाद अब इस मामले की सुनवाई ट्रायल के अगले चरण में प्रवेश करेगी।

    करीब साढ़े पांच साल पुराने इस मामले में पहली बार अदालत में सबूतों और गवाहों की विस्तृत जांच शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। यही वजह है कि यह फैसला सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे मामले की दिशा बदलने वाला कदम माना जा रहा है।

    आखिर एंटीलिया केस क्या था?

    25 फरवरी 2021 को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास ‘एंटीलिया’ के बाहर एक स्कॉर्पियो कार मिली थी। कार के अंदर जिलेटिन की छड़ें और धमकी भरा पत्र बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में पता चला कि यह वाहन ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन का था।

    Bombay-High-Court
    बॉम्बे हाईकोर्ट की फाइल तस्वीर

    कार मिलने के महज आठ दिन बाद, 5 मार्च 2021 को मनसुख हिरेन का शव ठाणे की खाड़ी से बरामद हुआ। इसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और जांच महाराष्ट्र एटीएस से होते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) तक पहुंच गई।

    एनआईए ने सचिन वाजे पर क्या आरोप लगाए?

    एनआईए के आरोपपत्र के मुताबिक, तत्कालीन पुलिस अधिकारी सचिन वाजे पर आरोप है कि उन्होंने एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी कार खड़ी करने की साजिश रची थी। एजेंसी का दावा है कि इसका उद्देश्य शहर के प्रभावशाली लोगों के बीच डर पैदा करना और कथित तौर पर उगाही के लिए माहौल बनाना था।

    जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया है कि जब मनसुख हिरेन ने इस मामले की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया, तो उन्हें साजिश की “कमजोर कड़ी” माना गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई।

    हालांकि, सभी आरोपियों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है और आरोपों से इनकार किया है।

    प्रदीप शर्मा की भूमिका को लेकर क्या है दावा?

    एनआईए के अनुसार, पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा पर भी इस कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। एजेंसी का कहना है कि शर्मा और अन्य आरोपियों ने मिलकर पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने में भूमिका निभाई थी।

    हालांकि, अदालत में अभी इन आरोपों की सुनवाई होगी और अंतिम फैसला ट्रायल पूरा होने के बाद ही आएगा।

    अब अदालत में क्या होगा?

    आरोप तय होने के बाद अब अभियोजन पक्ष अपने गवाह और सबूत पेश करेगा। इसके बाद बचाव पक्ष को जिरह का मौका मिलेगा।

    आने वाले महीनों में अदालत इन अहम सवालों पर सुनवाई करेगी—

    • एंटीलिया के बाहर कार किसने खड़ी की?
    • मनसुख हिरेन की मौत आत्महत्या थी या हत्या?
    • क्या सचिन वाजे और अन्य आरोपी कथित साजिश का हिस्सा थे?
    • जांच एजेंसियों के डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत कितने मजबूत हैं?

    कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ट्रायल लंबा चल सकता है क्योंकि मामले में बड़ी संख्या में गवाह, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक दस्तावेज शामिल हैं।

    इस केस की पूरी टाइमलाइन

    25 फरवरी 2021: एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो मिली।

    5 मार्च 2021: मनसुख हिरेन का शव ठाणे में बरामद हुआ।

    13 मार्च 2021: एनआईए ने सचिन वाजे को गिरफ्तार किया।

    17 मार्च 2021: मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई।

    जून 2021: एनआईए ने विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया।

    1 अगस्त 2026: स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सचिन वाजे, प्रदीप शर्मा समेत 10 आरोपियों पर आरोप तय किए।

    इस फैसले का क्या मतलब है?

    अभी किसी भी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया गया है। अदालत ने केवल यह माना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

    अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में गवाहों के बयान, डिजिटल सबूत और फॉरेंसिक रिपोर्ट सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।

    Official Sources

    1. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)
    2. NIA स्पेशल कोर्ट, मुंबई से संबंधित अपडेट
    3. मुंबई पुलिस

    FAQ

    सवाल 1: एंटीलिया केस में कितने आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं?

    सचिन वाजे, प्रदीप शर्मा समेत कुल 10 आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं।

    सवाल 2: क्या अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहरा दिया है?

    नहीं। अदालत ने केवल मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय किए हैं। अंतिम फैसला ट्रायल के बाद आएगा।

    सवाल 3: मनसुख हिरेन कौन थे?

    मनसुख हिरेन ठाणे के एक कारोबारी थे, जिनकी स्कॉर्पियो एंटीलिया के बाहर मिली थी।

    सवाल 4: अब इस मामले में आगे क्या होगा?

    अभियोजन पक्ष अदालत में गवाह और सबूत पेश करेगा, जिसके बाद ट्रायल आगे बढ़ेगा।

  • “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे समय रहते उन्होंने राज ठाकरे की हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया और उनकी जान बचाई।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की हत्या की साजिश को नाकाम किया था।

    🎯 ‘कोंकण टूर’ के दौरान थी प्लानिंग

    शर्मा ने बताया कि रूटीन सर्विलांस के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि राज ठाकरे को उनके आगामी कोंकण दौरे के दौरान निशाना बनाया जा सकता है। मामला बेहद गंभीर था, इसलिए उन्होंने तुरंत तत्कालीन जॉइंट पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवणकर को अलर्ट किया।

    🚨 समय पर कार्रवाई से बची जान

    सूचना मिलते ही पुलिस ने राज ठाकरे को ब्रीफ किया और उन्हें दौरा रद्द करने की सलाह दी।
    👉 नतीजा यह रहा कि पूरा टूर कैंसिल हो गया और हत्या की साजिश नाकाम हो गई।

    🔫 पहले भी मिल चुकी थी धमकी

    प्रदीप शर्मा ने यह भी याद किया कि साल 2003 में मुलुंड ट्रेन ब्लास्ट केस की जांच के दौरान पाकिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास पर हमला करने की प्लानिंग की थी।
    शर्मा खुद उस एनकाउंटर का हिस्सा थे जिसमें तीन आतंकी ढेर हुए।

    👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों की चुनौतियाँ

    प्रदीप शर्मा के मुताबिक, ऐसे मामलों में

    • विजिलेंस (निगरानी)
    • टाइमली इंटेलिजेंस
    • और सीनियर अफसरों के साथ कॉर्डिनेशन
      सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. राज ठाकरे पर हमला कब प्लान किया गया था?
    👉 प्रदीप शर्मा के मुताबिक, यह प्लानिंग उनके कोंकण दौरे के दौरान की गई थी।

    Q2. किसने साजिश का खुलासा किया?
    👉 मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने सर्विलांस के दौरान यह जानकारी जुटाई।

    Q3. क्या पहले भी ठाकरे परिवार को धमकी मिली थी?
    👉 हाँ, 2003 में आतंकी संगठन ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास को टारगेट करने की साजिश रची थी।

    Q4. इस खुलासे का ज़िक्र कहाँ हुआ?
    👉 प्रदीप शर्मा ने यह खुलासा NDTV मराठी के इंटरव्यू में किया।