पूर्व मंत्री बच्चू कडु क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस्माईल शेख मुंबई- पिछले कुछ दिनों से टीवी पर पान-गुटखा, तंबाकू, पानमसाला, ऑनलाइन गेमिंग जैसे कई विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं। मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी ये विज्ञापन किये थे।
इस पर निर्दलीय विधायक बच्चू कडु ने आक्रामक रुख अपनाया। आज 31 अगस्त प्रहार संस्था की ओर से सचिन तेंदुलकर के घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी समय पुलिस ने प्रहार के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसको लेकर देखा गया कि मुंबई में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
Indian fasttrack newsसचिन तेंदुलकर के घर के सामने प्रहार संगठन कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
पूर्व मंत्री बच्चू कडु, क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बच्चू कडू ने मांग की है कि सचिन तेंदुलकर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन बंद करें या भारत रत्न लौटा दें। आज प्रहार संगठन के कार्यकर्ताओं ने सचिन के घर के सामने जोरदार नारेबाजी भी की। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट की दुनिया का देवता भी माना जाता है।
देवता हमारा जुआ खेलता है- बच्चू कडु
वापस करो, वापस करो, भारत रत्न वापस करो, देवता हमारा जुआ खेलता है, वंदे मातरम और अन्य नारे प्रहार कार्यकर्ताओं ने लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र उन्माद में डूब गया। इस वक्त भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बच्चू कडु से आंदोलन बंद करने का अनुरोध किया। लेकिन बच्चू कडू ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया। इसी के चलते बच्चू कडु को बांद्रा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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इस बीच बच्चू कडु ने कहा, ‘हम हर गणपति मंदिर के सामने एक दान पेटी रखेंगे। इकट्ठा की गई रकम सचिन तेंदुलकर को दी जाएगी। अगर सचिन तेंदुलकर को आर्थिक दिक्कत होगी तो चंदा इकट्ठा कर उन्हें दिया जाएगा। उन्हें सद्बुद्धि दो। हम गणपति भगवान से ऐसी कामना करने जा रहे हैं।’
महाराष्ट्र पुलिस का ढुलमुल रवैया, कई घर उध्वस्त की कगार पर
लोटस, यूनिक व इलेवन डॉट, खेलो इंडिया खेलो लाॅटरी से महाराष्ट्र राज्य और केंद्र के जीएसटी की खुली लूट..
सुरेंद्र राजभर मुंबई- भारत में डिजिटल क्रांति का दौर विकसित होता जा रहा है और हम तेजी से इस तकनीक का उपयोग जीवन के हर क्षेत्र में कर रहे हैं तथा यह तकनीक सर्वसामान्य जनों के लिए वरदान साबित हो रही है। किंतु इसी तकनीक का उपयोग असामाजिक तत्व धड़ल्ले से कर न सिर्फ आम जनता को ठग रहे हैं, बल्कि सरकार को भी हर महीने करोड़ों के राजस्व का आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं।
सूत्रों से प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार लोटस, यूनिक व इलेवन डॉट, खेलो इंडिया खेलो लाॅटरी द्वारा राजस्व की खुलेआम लूट का गोरखधन्धा मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में भी चल रहा है। जहां धड़ल्ले से लाटरी माफिया प्रतिबंधित राजश्री लॉटरी के नाम पर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाते आ रहे हैं। लेकिन सरकारी नियमों को ताख़ पर रखकर कुछ भ्रष्ट नौकरशाह कतिपय भ्रष्ट लोगों के सहारे लाटरी माफिया, सायबर उपकरणों का उपयोग कर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
Indian fasttrack newsअवैध लॉटरी कारोबार की ताजा तस्वीर
राजस्व की लूट, गलता समाज पैसे बटोरते कारोबारी
बतादें कि महाराष्ट्र राज्य में राजश्री लाटरी पर प्रतिबंध है, लेकिन बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से सरकारी खजाने पर डाका डाला जा रहा है। लाटरी माफिया सरकार को करोड़ों का चूना रोज लगा रहे हैं। क्योंकि एक तो यह प्रतिबंधित है और दूसरा फर्जी ऐप का उपयोग कर धड़ल्ले से इसे चलाया जा रहा है। लाटरी व्यवसायी और लॉटरी माफिया सरकार को कोई भी जीएसटी या टैक्स नहीं भरते हैं, जिसकी वजह से सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है की इस पूरे खेल मे लॉटरी माफियाओं के साथ कहीं न कहीं सरकारी महकमे के कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी शामिल हैं। इसलिये कोई कार्रवाई नहीं होती है। अवैध लॉटरी का गैरकानूनी व्यवसाय जोरों से फल-फूल रहा है।उपलब्ध विवरणों के अनुसार अवैध लाटरी का यह व्यवसाय वैसे तो मुंबई सिटी और महाराष्ट्र के हर प्रमुख शहर में शुरू है लेकिन हमने, जब जांच पड़ताल की तो देखा कि लॉटरी माफिया मुंबई के झुग्गी बस्तियों को टारगेट कर अपने काले साम्राज्य की नींव खड़ी कर अपने गैरकानूनी कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में लगभग 20 से अधिक लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। ठीक वैसे ही कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने के अंतर्गत लगभग 40 से 45 लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। चारकोप पुलिस थाना अंतर्गत कुछ दिनों पहले मुंबई पुलिस की समाज सेवा शाखा ने प्रतिबंधित लॉटरी के कारोबार पर कार्यवाही की थी अब कुछ दिनों बाद यहां पर फिर से चोरी चुपके लॉटरी का गोरख धंधा चालू कर दिया गया है।
जबकि कांदिवली पुलिस थाने अंतर्गत लगभग 10 से 12 लॉटरी सेंटर चलाए जा रहे हैं। गोरेगांव पूर्व एसवी रोड पर तो खुले आम लॉटरी का धंधा चलाया जा रहा है यहां सबसे ज्यादा लॉटरी सेंटर चलाने का मामला सामने आया है। मुंबई के अंधेरी से लेकर दहिसर तक के बीच कुकुरमुत्ते की तरह अवैध लॉटरी का सेंटर खोलकर सरकार को हर 15 मिनट के भीतर करोड़ों का चुना लगाया जा रहा है। मुलुंड परिसर में जब पता करने की कोशिश की तो वहां बाहर राजश्री लॉटरी का बोर्ड लगा मिला और अंदर लकी कूपन लॉटरी का साफ्टवेयर लगाया गया है, जो राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त राजश्री लॉटरी की नकल है। ऐसा देखने को मिला है कि 2016 में जीएसटी लागू होने के बाद कई लॉटरी कंपनियों में ताले लग गए थे। राजश्री लॉटरी भी उन्ही में शामिल रही है।
मुंबई के उपनगरों में विशेष कर अंधेरी से दहिसर तक के सभी उपनगरों में बोगस ऑनलाइन लॉटरी जो राज्य द्वारा संचालित लॉटरी की नकल कर के अन्य नामों से चलाई जा रही है। सरकारी नियमों के अनुसार ऑनलाइन लॉटरी पर 28% जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है। किंतु इस अवैध कारोबार पर ना तो जीएसटी का भुगतान किया जाता है और ना ही सरकारी अनुमति ली जाती हैं। सरकारी खजाने में सेंध लगाने का काम ऑनलाइन लॉटरी से हो रहा है। अवैध ऑनलाइन लॉटरी पर एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है। ऑपरेटिंग के लिए इंजीनियर को हर महीने तनख्वाह दी जाती है। अवैध सॉफ्टवेयर के हर शख्स को फ्रेंचाइजी दी जाती है। यह पूरा मामला टैक्स चोरी का है। ऐसे अवैध सॉफ्टवेयर पर ना तो साइबर की नजर पड़ती है ना ही जीएसटी अधिकारियों को कोई पता चल पाता है।यह भी बताया जाता है कि लॉटरी को रोजाना हजारों लोग खेलते हैं। यही कारण है, कि इसमें लगने वाला पैसा भी लाखों में होता है। इसी बात का फायदा उठाकर फर्जी लॉटरी एप्लीकेशन के माध्यम से गरीब जनता को अमीर बनने का झांसा देकर लाखों रुपए की हेराफेरी की जाती है। इस लॉटरी में 15 मिनट के भीतर विजेता के नाम की घोषणा हो जाती है और राज्य या केंद्र सरकार को कोई कर अदा नहीं किया जाता है। इस गैर कानूनी तरीके से चल रहे इस पूरे व्यवसाय में पैसे का जो लेनदेन कैश में किया जाता है। जिससे काली कमाई का हिसाब सरकार को नहीं देना पड़ता है।ध्यान देने योग्य है, कि साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि राजश्री कंपनी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी से अपना लॉटरी बेचने का काम कर रही थी। वह फिलहाल बंद है। राजश्री लॉटरी बंद होने के बाद उसके डिस्ट्रीब्यूटरों ने मिलकर अपने कई ऐसी दुकानों की शुरुआत की है। सभी ने एक सॉफ्टवेयर का निर्माण किया है जिसके द्वारा लाॅटरी माफिया कुछ भी धोखाधड़ी कर सकते हैं।
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लोगों का कहना है, कि ऐसे मामले पर पुलिस ही नहीं बल्कि जीएसटी के इंटेलिजेंस विंग को भी जांच करनी चाहिए।। जहां-जहां ऐसे सॉफ्टवेयर के नाम का यूज कर लॉटरी का कारोबार किया जा रहा है ऐसे जगहों पर उन्हें काफी सारा डाटा मिल सकता है। उनके सर्वर पर कितने टिकट का लेनदेन हुआ है और कितने का उन्होंने अब तक व्यापार किया है।इसकी पूरी जानकारी इनके साफ्टवेयर पर उपलब्ध होगी। गैंबलिंग एक्ट, फोर्जरी, 420, और जीएसटी के विभिन्न धाराओं के तहत हो सकती है कार्रवाई। किंतु राज्य सरकार इन लाॅटरी माफियाओं के विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नही कर पा रही है? इसकी चर्चा पूरे मुंबई में चर्चा का विषय बनी हुई है ।
मुंबई के एक लोकप्रिय रेस्तरां में परोसे गए चिकन डिश में एक ग्राहक को चूहे के मांस का टुकड़ा मिला। पुलिस ने मामले में रेस्टोरेंट के मैनेजर और कुक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इस्माईल शेख मुंबई- बांद्रा पश्चिम के एक लोकप्रिय रेस्तरां में खाना खाने गए एक ग्राहक को चिकन की डिश में चूहे का मांस मिलने से यहां खलबली मच गई है। मंगलवार की घटना में पुलिस ने होटल के मैनेजर और कुक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता अनुराग सिंह के मुताबिक, वह अपने दोस्त के साथ बांद्रा वेस्ट के पाली हिल स्थित एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। उन्होंने ब्रेड के साथ चिकन और मटन की थाली का ऑर्डर दिया। खाते समय उनकी नज़र मांस के एक टुकड़े पर पड़ी जो अलग दिख रहा था। करीब से निरीक्षण करने पर उन्हें पता चला कि यह चूहे के मांस का एक टुकड़ा था।
जब सिंह ने रेस्टोरेंट मैनेजर से इस बारे में पूछा तो उसने गोलमोल जवाब दिया। इसके बाद अनुराग सिंह ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
मुंबई के रेस्तरां में चूहे का मांस
शिकायत के आधार पर पुलिस ने रेस्टोरेंट के मैनेजर विवियन अल्बर्ट शिकेवर और उस समय रहे होटल के शेफ और चिकन सप्लायर के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके साथ ही पुलिस ने बताया, कि मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है।
स्टैंप पेपर पर दस्तखत कराकर जानलेवा धमकी देकर छोड़ा विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे ने।
ली थी मनोज मिश्रा से अपहरण की सुपारी।
इस्माइल शेख मुंबई- नेता हो या अभिनेता, सबको आवश्यक है। किंतु यदि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए, अपनी संतानों को अच्छे संस्कार नहीं देते हैं तो उनकी संताने शॉर्ट कट का रास्ता अपनाकर असामाजिक व अनैतिक कार्य करने लगती है। ऐसा ही एक मामला विधायक प्रकाश सुर्वे के साथ भी घटित हुआ है, जहां उनके बेटे राज सुर्वे, उसके साथी विक्की शेट्टी सुपारी देने वाले मनोज मिश्रा व उनके 10,12 अज्ञात गुंडे टाइप साथियों के विरुद्ध म्यूजिक कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस थाने में प्राथमिकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
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पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) में चिंतामणि क्लासिक बिल्डिंग इको हाउस के पास, विश्वेश्वर नगर रोड़ के फ्लैट नंबर 302, 303, 403 तीसरा व चौथे मजले पर’ ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. नाम की कंपनी का कार्यालय है। वहीं आरोपी मनोज मिश्रा (30) वर्ष वाय – 503, एग्जीबिशन रोड़, गन अपार्टमेंट चौक के समीप ही पटना, बिहार की भी आदिशक्ति प्रा. लि. नाम की म्यूजिक कंपनी है। मनोज मिश्रा ने उसके 1.5 करोड़ फॉलोअर्स बताया है। उसे पैसे की आवश्यकता थी अपनी आदिशक्ति कंपनी को बढ़ाने के लिए, इसलिए उसने ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सीईओ राजकुमार सिंह से अपनी कंपनी ‘ आदिशक्ति प्रा. लि. डिजिटल लाइसेंस पर वर्ष 2019 में ओटीटी प्लेटफार्म के संबंध में आवश्यक करार पत्र लेकर राजकुमार सिंह ने एक वर्ष का ही करार किया था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
Indian fasttrack newsविधायक प्रकाश सुर्वे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ फाइल तस्वीर
अपहरण की सुपारी ..
किंतु कंपनी का व्यवहार अच्छा रहा। इसी कारण वर्ष – 2021 में मनोज मिश्रा ने यूट्यूब चैनल के लिए 8 करोड़ रुपए एडवांस में लिया और 5 वर्ष का करारनामा लिखा, जिसका लॉकिंग पीरियड 3 वर्ष का था। यह करारनामा वर्ष – 2026 में अपने पांच वर्ष पूर्ण करता। चैनल डेवलपमेंट के लिए मनोज मिश्रा ने कंटेंट न बनाकर उक्त पैसे को अन्यत्र खर्च किया, जिससे राजकुमार सिंह को मिलने वाले नियमित लाभ में कमी आने लगी। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
शिकायत के मुताबिक यूट्यूब चैनल का कंटेंट बनाने के लिए मनोज मिश्रा ने और पैसे की मांग की, जिसे राजकुमार सिंह ने इनकार कर दिया। किंतु मनोज मिश्रा ने वर्ष -2022 से करारनामा रद्द करने के लिए राजकुमार सिंह पर दबाव डालने लगा। राजकुमार सिंह ने समझौते के लिए उससे कहा कि वह उसे जून व जुलाई 2023, में एक करोड़ रुपए उसकी कंपनी के बैंक खाते में दे चुका है। वह उसका पैसा वापस करके करार रद्द कर सकता है।किंतु मनोज मिश्रा ने ऐसा न करते हुए, पद्माकर, राज सुर्वे को करार रद्द कराने की सुपारी दे दी। दिनांक – 09/08/2023 को 10 – 15 लोग राजकुमार सिंह के कार्यालय में आए और उसे विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले गए, फिर कुछ दूर स्थित एक अन्य बिल्डिंग में ले गए, जहां उसके मोबाइल पर वनराई पुलिस का फोन आया, किंतु अपहरण कर्ताओं के दबाव के कारण राजकुमार सिंह ने पुलिस को जवाब नहीं दे पाया। फिर अपहरण कर्ताओं ने राजकुमार सिंह को दहिसर स्थित एक कार्यालय में लाया गया। जहां पद्माकर, राज सुर्वे पहले से ही मौजूद था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
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उसने जानलेवा धमकियां दी। उसके साथी विकी शेट्टी ने मनोज मिश्रा द्वारा लाए गए 100 / – के स्टैंप पेपर पर राजकुमार सिंह से जबरन करारनामा रद्द करने के लिए दस्तखत कराया और राजकुमार सिंह को जानलेवा धमकियां देते हुए, पुलिस में न जाने की ताकीद कर छोड़ दिया। फिर राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस स्टेशन जाकर मनोज मिश्रा, पद्माकर, राज सुर्वे, विकी शेट्टी व 10,12 अज्ञात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई एयरपोर्ट से फरार होने की कोशिश कर रहे मनोज मिश्रा व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे को भी गिरफ्तार करती है या नहीं? (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)
Mumbai Crime: मुंबई के डोंबिवली इलाके से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आ रहा है। यहां पति के उधर पैसे वापस लेने आए व्यक्ति ने घर की महिला पर हथौड़ों से वार कर दिया।
इस्माईल शेख मुंबई- डोंबिवली इलाके से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आ रहा है। खबर के मुताबिक, पति ने उधार पैसे ले लिये थे। वह पैसे मांगने एक व्यक्ति घर पर आया। लेकिन जब घर की महिला ने बताया कि उसका पति घर पर नहीं है तो गुस्साए व्यक्ति ने उस पर हथौड़े से वार कर दिया। (Mumbai Crime)
इतना ही नहीं, उनकी गर्दन में इंजेक्शन जैसी कोई नुकीली चीज डालकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना डोंबिवली की है जहां इस मामले में तिलकनगर पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर ली है। 36 वर्षीय शिकायतकर्ता ममतारानी पात्रा का बयान दर्ज कर पुलिस आरोपी राजीव भुयान की तलाश कर रही है। (Mumbai Crime)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, डोबिवली पूर्व, गोग्रासवाड़ी इलाके में ममतारानी अपने परिवार के साथ रहती हैं। मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे राजीव ममतारानी के घर आया। ममतारानी से उसने पैसों की डिमांड की और कहां की तुम्हारे पति ने जो पैसे मुझसे उधार लिया है मुझे दे दो। (Mumbai Crime)
महिला ने राजीव से कहा कि उसका पति घर पर नहीं है और वह उसके आने पर पैसे दे देगी। गुस्से में आकर राजीव ने ममतारानी को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद राजीव ने अपने बैग से हथौड़ा निकाला और ममतारानी के सिर पर वार कर दिया। इस बीच ममता काफी गंभीर रूप से घायल हो गई। (Mumbai Crime)
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इतना ही नहीं, बाद में राजीव ने इंजेक्शन जैसी कोई नुकीली चीज निकाली और ममतारानी की गर्दन में घुसा दी और फिर भाग गया। गंभीर रूप से घायल ममतारानी का अस्पताल में इलाज कराया गया है। उनकी शिकायत के आधार पर तिलकनगर पुलिस थाने में राजीव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस राजीव की तलाश कर रही है। (Mumbai Crime)
वेलकम देशीबार व रोशनी वाइन शॉप को तत्काल बंद किए जाने की जनता की मांग – उजाला फाउंडेशन कर रही है कार्रवाई की मांग।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- समाज में यदि कहीं भी कोई ऐसी वारदात होती है, जो समाज के सामान्य जीवन को ध्वस्त कर देती है। साथ ही पीढ़ियों की पीढ़ियों तक को पतन के रास्ते पर ला खड़ा करती है। तो उस विकट परिस्थिति में सभी समस्याओं के समाधान के लिए, उसी समाज/क्षेत्र के जागरूक नागरिक आगे आते हैं। एवं विकट परिस्थिति से संघर्ष कर उसका समुचित समाधान निकालते हैं।
महानगर मुंबई के उपनगर कांदिवली (पूर्व) स्थित दामुनगर क्षेत्र में पुलिस चौकी के समीप, नालंदा बुद्ध विहार के बगल में एवं विश्वरत्न डॉ.बाबा साहेब आंबेडकर की मूर्ति के सामने ‘वेलकम देशीबर ‘ व ‘ रोशनी वाइन शॉप ‘ को जनहितार्थ बंद कराने का निवेदन सामाजिक संस्था ‘उजाला फाउंडेशन ‘ के संस्थापक/अध्यक्ष पंडित कोकने ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिया है, किंतु अभी तक उक्त बार व वाइन शॉप के विरुद्ध प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की सार्थक कार्रवाई नहीं की गई है।
Indian fasttrack newsवेलकम देसी बार और रोशनी वाइन शॉप की तस्वीर
देशीबार और वाइन शॉप पर कार्रवाई की मांग..
ज्ञातव्य है कि ‘ उजाला फाउंडेशन ‘ के अध्यक्ष ने दिनांक -३१/५/२०२३ को ही महाराष्ट्र शासन के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, राज्यपाल, पुलिस आयुक्त मुंबई, महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क विभाग, प्रमुख सचिव राज्य आबकारी विभाग, मालाड (पूर्व) मुंबई, उत्पादन शुल्क विभाग, सी – ११ बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा ( पूर्व), अप्पर पुलिस आयुक्त -उत्तर प्रादेशिक विभाग मुंबई, सहाय्यक पुलिस आयुक्त – समता नगर विभाग कार्यालय मुंबई, तथा प्रमुख रूप से वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, समता नगर पुलिस थाना को लिखित पत्र के माध्यम से दिया गया है।
इस आशय पत्र पुनः दिनांक – ०५/०६/२०२३ को और दिनांक –०३/०७/२०२३ को भी उक्त अधिकारियों को दिया गया है। निवेदन पत्र में दर्शाया गया है, कि उक्त वेलकम देशी बार व रोशनी वाइन शॉप के कारण नव जवान पीढ़ी नशे की लत में खोती जा रही है।गरीब परिवारों के लोग अपनी गाढ़ी कमाई नशे की लत के चलते बर्बाद कर रहे हैं। कुछ परिवारों में तो महिलाओं व बच्चों को कबाड़ चुन कर घर का खर्च चलाना पड़ रहा है। नशे की लत के चलते नवजवान लोग अनेक घातक बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।
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निवेदन में यह भी कहा गया है, कि उक्त शराब की दुकानों को बस्ती धार्मिक व सार्वजनिक स्थल से कम से कम ३०० मीटर की दूरी पर ही चलाना वैध है, किंतु उक्त बार व शॉप १०० मीटर से भी दूर नहीं है। बस्ती तो बस्ती जन समुदाय की आस्था के केंद्र – नालंदा बुद्ध विहार व सर्व हारा के मसीहा डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर के पुतले के सामने व नजदीक चलाया जा रहा है, जिसे उनका अपमान भी माना जा रहा है।संस्था अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों से अपील की है, कि उक्त वेलकम देशी बार व रोशनी वाइन शॉप को शीघ्रातिशीघ्र बंद किया जाय या स्थलांतरित (३०० मीटर दूर) किया जाय। कार्रवाई के अभाव में जनांदोलन का ही विकल्प होता है, जिसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारी ही जवाबदार होंगें।
कांदिवली पूर्व के पोईसर, बिहारी टेकड़ी इलाके से 3 महिलाओं को पुलिस ने ड्रग्स और लाखों रुपए के साथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Drugs Case)
इस्माईल शेख मुंबई- कांदिवली पूर्व के पोइसर इलाके के बिहारी टेकड़ी से मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 की टीम ने 3 महिलाओं को लगभग 4 लाख 65 हज़ार रुपए के एमडी (MD) नामक ड्रग्स और 5 लाख 75 हजार 140 रुपये कैश के साथ गिरफ्तार किया है। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले ने इसकी जानकारी दी। (Mumbai Drugs Case)
Mumbai: में महिलाओं ने जमा लिया ड्रग्स का कारोबार
आए दिन ड्रग्स के मामलों में महिलाओं का सम्मिलित होना मुंबई के लिए अब आम हो गया है। जबकि ड्रग्स एक ऐसा जहर है जो समाज को धीरे धीरे खत्म करता जा रहा है। पहले तो इसका शिकार सिर्फ मर्द हुआ करते थे लेकिन अब महिलाएं भी कानून की गिरफ्त से नहीं डर रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले ने जानकारी देते हुए बताया, कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस उपनिरीक्षक शेख गुरुवार की शाम समता नगर पुलिस की हद में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान पोईसर के बिहारी टेकरी इलाके में मातेश्वरी किराना जनरल स्टोर के पास वाली गली में एक महिला शक के दायरे में देखी गई। शेख जब उनके पास जाने लगे तो वह महिला भागने का प्रयत्न कर रही थी। उसे रोककर छानबीन की गई तो उसके पास से 11 ग्राम ‘मेफेड्रोन’ (MD) प्राप्त हुआ। (Mumbai Drugs Case)
लोगों से पता चला कि यह महिला वहीं पास में रहती है। सरकारी पंचों के साथ जब उसकी घर की पड़ताल करने टीम पहुंची तो वहां और 2 महिला उपस्थित मिली। जो हिरासत मे ली हुई महिला की एक बेटी थी तो दूसरे उसकी बहू थी। जब महिला पुलिस ने लड़की की तलाश ली तो उसके पास से 10 ग्राम एमडी और भी बरामद हुआ और पूरे रूम की तलाशी में कुल मिलाकर 31 ग्राम एमडी और 5 लाख 75 हजार 140 रुपये कैश बरामद किया गया। (Mumbai Drugs Case)
मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले मैं जानकारी देते हुए बताया, कि मामले की और अधिक तहकीकात के लिए समता नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है जिसमें गु.र.क्र. 517/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 8(क), 22(ब), 29 एनडीपीएस (NDPS Act.) 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात समता नगर पुलिस कर रही है। (Mumbai Drugs Case)
कांदिवली के नोबेल अस्पताल में एक डॉक्टर ने मरीज को बिल के पैसे नहीं भरने के एवज में पिटाई कर दी। मनसे कार्यकर्ताओं के विरोध पर पुलिस ने किया मामला दर्ज।
इस्माईल शेख मुंबई- कांदिवली पश्चिम के धानुकरवाडी स्थित नोबेल अस्पताल के डॉक्टर विजय गुप्ता ने एक मरीज को पैसे नहीं भरने के कारण पिटाई कर दी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मामले में दखल देकर पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई। मरीज द्वारा इलाज के पैसे नहीं भरते हुए अस्पताल से फरार होने का आरोप।
कांदिली पश्चिम के धानुकरवाड़ी के कांदिवली विलेज स्थित चर्च के सामने नोबेल अस्पताल का मामला गरमाया हुआ है। यहां एक रिक्शा ड्राइवर जमाल शेख नामक मरीज का इलाज के दौरान 45 हजार रुपये का बिल तैयार हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 26 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मरीज अस्पताल में एडमिट रहा। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, कि उसने लैब और मेडिकल जांच के तौर पर 12 हजार रुपये भर दिए। बाकी पैसे भरने के लिए असमर्थ होने के कारण उसने अपने पहचान के डॉक्टर संदीप दुबे से नोबेल अस्पताल के डॉक्टरों से मदद के लिए बात करने को कहा और बकाया भरने के लिए मुद्दत मांगा उसने बताया कि मेरे घर में 20 हजार रुपये रखे हैं उसके अलावा मेरे पास बिल भरने के लिए पैसे नहीं है।
Indian fasttrack newsशिकायत को लेकर कांदिवली पुलिस थाने में जमा मनसे कार्यकर्ताओं की तस्वीर
डॉक्टर ने कर दी मरीज की पिटाई
डॉ संदीप दुबे से हुई बातचीत के बाद 20 हजार रुपये भर कर डिस्चार्ज लेने को कहा गया। यहां पीड़ित के साथ और एक घटना पेश आ गई। उसने पुलिस को बताया, कि जब मेरी पत्नी और 13 साल का बेटा घर से पैसे लेकर रिक्शे से पहुंचे तो आनन-फानन में उनका पैसों से भरा बैग रिक्शे में छूट गया और अस्पताल पहुंचने के बाद पीड़ित को यह बात पता चली तो वह तुरंत अस्पताल से बाहर ऑटो रिक्शा की खोज में दौड़ पड़ा और रिक्शे का पता लगाने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान पीड़ित मरीज के पत्नी और बच्चा भी अस्पताल से बाहर निकलता हुआ देख अस्पताल के लोगों ने उन्हें रोक दिया और पीड़ित को वापस बुला कर अस्पताल के पैसे भरने के लिए बाध्य किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर विजय गुप्ता ने उसका हाथ पकड़ते हुए धकेल कर उसे लात घूसो से पिटा और कहा, की पैसे भरे बगैर तुम यहां से नहीं जा सकते पैसे भरने के बाद ही तुम्हें डिस्चार्ज दीया जाएगा। पीड़ित का कहना है, कि उसने अपनी परेशानी को बयान किया और पैसे भरने के लिए मदद मांगा लेकिन डॉक्टर ने उसकी एक नहीं सुनी। इसकी जानकारी पीड़ित के परिवार द्वारा जैसे ही चारकोप विधान सभा अध्यक्ष मनसे कार्यकर्ता दिनेश सालवी को पता चली तो उन्होंने तुरंत कांदिली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव से मुलाकात कर शिकायत दर्ज करने की मांग की।
कांदिवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि गुनाह रजिस्टर क्रमांक 0516/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 341 और 323 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की तहकीकात पुलिस उप निरीक्षक नितिन साटम कर रहे हैं।
बोरीवली के एमएचबी पुलिस ने मुंबई पुलिस उपायुक्त के हाथों लगभग 4 लाख 22 हजार रुपये का सोना, पीड़ितों को वापस किया।
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (Borivali) पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने चोरों की धरपकड़ मैं हस्तगत सामानों को उनके मालिकों के हवाले किया। शुक्रवार को इसकी जानकारी मुंबई पुलिस उपायुक्त परिमंडल 11 अजय कुमार बंसल ने दी। उन्होंने बताया, कि चार अलग-अलग मामलों में चोरों के पास से सोने के आभूषण बरामद किए गए थे। जिसे जांच पड़ताल के बाद उनके मालिकों के हवाले कर दिया गया।
MHB पुलिस की कार्रवाई..
एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर ने बताया, कि गु.र.क्र. 52/22 में भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 34 के तहत गिरफ्तार आरोपी के पास से लगभग 72 हजार रुपये के सोने का मंगलसूत्र बरामद किया गया था। जिसे माननीय उपायुक्त के हाथों शिकायतकर्ता नीलिमा पारकर को दे दिया गया है। ऐसे ही 1003/22 में लगभग 60 हजार रुपये के सोने का मंगलसूत्र फरियादी के भाई अमर जनार्दन पिंपळे को दिया गया।
ऐसे ही लगभग 30 हजार रुपये का मंगलसूत्र फरियादी सुनीता सुनिल तांबे को दे दिया गया है। जिसे गु.र.क्र. 843/22 में गिरफ्तार चोरों के पास है बरामद किया गया था। उन्होंने यह भी बताया, कि चौथा मामला एक दुकान में काम करने वाले नौकर ने अंजाम दिया था। जिसे पुलिस ने गु.र.क्र. 86/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 381 के तहत गिरफ्तार कर उसके पास से हस्तगत सोने की 2 छड़ें लगभग 2 लाख 60 हजार 95 रुपये का सोना फरियादी के मामा संदिप अजय आदत को सोंप दिया है।
जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
इस्माईल शेख मुंबई – कांदिवली पुलिस से 23 जुलाई 2023 को मिली जानकारी के मुताबिक, गरुड़ा पैट्रोल पंप के सामने, मरीडियन बीयर बार, लिंक रोड, कांदिवली पश्चिम, के फुटपाथ पर पुलिस ने जाल बिछाकर छापामारी की, जहां उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पहले ही खबर मिल चुकी थी, कि यहां कोई बनावटी पिस्तौल लेकर आने वाला है। यहां कांदिवली पुलिस के क्राइम डिटेक्शन ऑफिसर सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गीते को आरोपी के पास से एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
कांदीवली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि 28 वर्षीय मीरा भयंदर, नवघर विलेज, मीरा रोड पूर्व इलाके का रहने वाला फरहान हनीफ कुरैशी उर्फ सोनू एक पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस कीमत लगभग 2 हजार 500 रुपये, एक नीले रंग की एक्सेस मोटरसाइकिल अंदाजन कीमत लगभग 50 हजार रुपये, एक सफेद रंग की अर्टिगा कार अंदाज़न कीमत लगभग 5 लाख रुपये और एक हौंडा कंपनी की सफेद कार अंदाजन कीमत लगभग 4 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है।
Indian fasttrack newsकांदिवली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी के पास से जप्त सामान के साथ पुलिस टीम की तस्वीर ..
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जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कांदीवली पुलिस के गुनाह रजिस्टर क्रमांक 485/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 3, 25 हथियार बंदी कायदा के साथ 37 (1) (अ) 135 महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत आरोपी का गुनाह दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि इसके पहले भी आरोपी के खिलाफ कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। 2 साल पहले यह वहां भी पिस्तौल के साथ एक साजिश के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।