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  • कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    मुंबई के कांदिवली में एक पुराने फ्लैट की डरावनी कहानी, जहां घर बिकते ही हर नए परिवार पर मौत टूट पड़ी। अदृश्य शक्ति, ज्योतिषी का दावा और दशकों पुराना रहस्य।

    मुंबई।
    मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित एक पुराना फ्लैट, जो बाहर से बिल्कुल आम दिखता था, अंदर से एक ऐसी डरावनी कहानी समेटे हुए था कि जिसने भी वहां कदम रखा, उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। कहा जाता है कि इस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति रहती थी, जो सिर्फ एक ही परिवार को स्वीकार करती थी। जैसे ही वह परिवार घर छोड़कर गया, वहां रहने वाले हर नए परिवार पर मौत का साया मंडराने लगा।

    राजेश का बचपन और पुराना घर

    राजेश अपने माता-पिता के साथ कांदिवली की एक पुरानी इमारत में रहता था। उसके पिता पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर थे और उन्होंने घर के एक कमरे में ही क्लिनिक शुरू कर रखा था। रोज़ाना कई मरीज इलाज के लिए आते-जाते रहते थे।
    राजेश का पूरा बचपन उसी फ्लैट में बीता। उसे कभी भी अपने घर में किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा या डर का अहसास नहीं हुआ। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।

    एक मरीज और पहली बार महसूस हुई अदृश्य शक्ति

    एक दिन इलाज के लिए एक मरीज उनके घर आया। यह मरीज पेशे से ज्योतिषी था। इलाज के दौरान उसे बार-बार ऐसा महसूस होने लगा कि घर में कोई और भी मौजूद है। कभी लगता कोई उसके साथ चल रहा है, कभी बगल में बैठा है, तो कभी कान में कुछ फुसफुसा रहा है।

    ज्योतिषी जानता था कि राजेश के पिता जैसे पढ़े-लिखे डॉक्टर इन बातों पर भरोसा नहीं करेंगे, इसलिए उसने शुरुआत में कुछ नहीं कहा। कुछ महीनों तक इलाज चलता रहा और फिर उसकी तबीयत ठीक हो गई।

    दो साल बाद सामने आई सच्चाई

    करीब दो साल बाद राजेश के पिता ने शहर में किराए पर एक नया क्लिनिक खोल लिया। वहीं वही ज्योतिषी दोबारा इलाज के लिए पहुंचा। उसे लगा कि डॉक्टर अब उस पुराने घर में नहीं रहते होंगे, इसलिए उसने हिम्मत करके पूरी बात बता दी—कि उस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति मौजूद है।

    इस बार डॉक्टर ने बात को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय बाद उन्होंने वह घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

    घर बिका और शुरू हुआ मौत का सिलसिला

    राजेश उस घर को छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार को मजबूरन वह फ्लैट बेचना पड़ा।
    यह फ्लैट ठाणे में रहने वाले अब्बास नाम के व्यक्ति ने खरीदा, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए घर ढूंढ रहा था। माता-पिता वहां रहने लगे, लेकिन महज़ एक महीने के भीतर ही अब्बास के पूरी तरह स्वस्थ पिता का निधन हो गया।

    घबराए अब्बास ने फ्लैट तीसरे व्यक्ति निकम को बेच दिया और अपनी मां को अपने साथ ठाणे ले गया।

    निकम परिवार पर भी टूटा कहर

    निकम परिवार ने जब फ्लैट में रहना शुरू किया, तो उन्हें भी ज्यादा समय नहीं मिला। एक महीने के अंदर उनके परिवार में भी दो प्रभावशाली सदस्यों की मौत हो गई।
    एक के बाद एक मौतों से इलाके में डर का माहौल बन गया।

    ज्योतिषी का दावा: यह शक्ति उसी परिवार को चाहती थी

    जब यह सारी बातें ज्योतिषी तक पहुंचीं, तो उसने राजेश के पिता से चौंकाने वाली बात कही।
    उसके अनुसार, जिस ज़मीन पर यह इमारत बनी थी, वहां पहले किसी और का अधिकार था, जिसे जबरन हटाकर इमारत खड़ी की गई। उस जगह की अदृश्य शक्ति डॉक्टर और उनके परिवार से जुड़ गई थी।

    वह शक्ति उनके परिवार से दुश्मनी नहीं रखती थी, बल्कि उनके साथ घुल-मिल गई थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर बेच दिया, वह नाराज़ हो गई और किसी और को वहां टिकने नहीं दिया।

    आज भी सिहरन पैदा करती है यह कहानी

    यह कहानी सुनने और पढ़ने में भले ही किसी डरावनी फिल्म जैसी लगे, लेकिन इसे जानने वाले आज भी सिहर उठते हैं। यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर यह सच हो, तो शायद भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों में भी हो सकती हैं।


    नोट

    यह लेख केवल मनोरंजन और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। indian-fasttrack.com का उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है।


    FAQ

    Q1. क्या यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है?
    यह कहानी लोगों द्वारा सुनाई गई घटनाओं पर आधारित है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    Q2. क्या कांदिवली में सच में भूतिया फ्लैट है?
    ऐसी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, लेकिन इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

    Q3. इस लेख का उद्देश्य क्या है?
    इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी और मनोरंजन है, न कि अंधविश्वास फैलाना।

  • कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर 30 दिन का मेगा ब्लॉक, आज से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित

    कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर 30 दिन का मेगा ब्लॉक, आज से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित

    मुंबई वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी लाइन के काम के लिए 20 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक रहेगा। कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के समय व स्टॉपेज में बदलाव होगा।

    मुंबई: लोकल रेल यात्रियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी रेलवे लाइन के काम को पूरा करने के लिए 20 दिसंबर 2025 यानी आज की रात से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का ब्लॉक लगाया जाएगा। यह ब्लॉक रोज़ाना रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कई लोकल, पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें रीशेड्यूल, रेगुलेट, शॉर्ट टर्मिनेट या कैंसिल की जाएंगी।

    🚧 क्यों लगाया जा रहा है 30 दिन का ब्लॉक?

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक,
    कांदिवली और बोरीवली के बीच छठी लाइन को पूरी तरह चालू करने के लिए

    • ट्रैक स्लीविंग
    • क्रॉसओवर का इंसर्शन और रिमूवल
    • सिग्नलिंग
    • ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE)
      जैसे बड़े तकनीकी काम किए जाएंगे।

    👉 इसी वजह से रात के समय मेगा ब्लॉक जरूरी बताया गया है।

    🚆 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों पर क्या असर पड़ेगा?

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    रेलवे द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:

    • 8 अप (Up) ट्रेनें और 10 डाउन (Down) ट्रेनें रीशेड्यूल होंगी
    • 112 अप ट्रेनें और 9 डाउन ट्रेनें रेगुलेट की जाएंगी
    • 1 ट्रेन रद्द रहेगी
    • 2 डाउन ट्रेनें बीच के स्टेशन से शॉर्ट ओरिजिनेट होंगी
    • कुछ ट्रेनें बोरीवली स्टेशन पर नहीं रुकेंगी

    इसके अलावा,
    👉 पांचवीं लाइन पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा
    👉 अन्य लाइनों पर स्पीड रिस्ट्रिक्शन लागू किया जाएगा

    🛤️ छठी लाइन का अब तक का सफर

    • पांचवीं लाइन: बांद्रा टर्मिनस–बोरीवली (पहले ही चालू)
    • छठी लाइन:
    • नवंबर 2022: गोरेगांव तक चालू
    • अक्टूबर 2023: कांदिवली तक एक्सटेंड
    • फिलहाल: बांद्रा टर्मिनस–कांदिवली के बीच चालू

    इस छठी लाइन पर अभी रोज़ाना करीब 20 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

    अब कांदिवली–बोरीवली सेक्शन का काम पूरा होते ही यह लाइन पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी।

    🎯 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें अलग होने का सपना होगा पूरा

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि
    👉 जनवरी 2026 के आखिर तक छठी लाइन पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।

    इसके बाद:

    • बांद्रा से बोरीवली के बीच
    • मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें लोकल लाइनों पर नहीं चलेंगी

    इससे वेस्टर्न रेलवे पर भीड़ और देरी दोनों में कमी आएगी।

    ✅ छठी लाइन के बड़े फायदे

    🔹 1. भीड़ में कमी

    एक अतिरिक्त ट्रैक मिलने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा, खासकर वेस्टर्न लाइन के व्यस्त सेक्शन में।

    🔹 2. एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग रास्ता

    मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें अलग लाइन पर चलेंगी, जिससे लोकल ट्रेनों को राहत मिलेगी।

    🔹 3. टाइम पर ट्रेनें

    लोकल और एक्सप्रेस के अलग होने से देरी कम होगी और पंक्चुअलिटी सुधरेगी।

    🔹 4. भविष्य में ज्यादा लोकल सेवाएं

    रेलवे भविष्य में करीब 20% तक लोकल सेवाएं बढ़ाने की संभावना जता रहा है।

    🔹 5. कुल क्षमता में इजाफा

    बोरीवली से बांद्रा कॉरिडोर की कुल यात्री क्षमता में बड़ा सुधार होगा।

    ⚠️ यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह

    रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि

    • सफर से पहले अपडेटेड टाइमटेबल जरूर देखें
    • मोबाइल ऐप और रेलवे की वेबसाइट से जानकारी लें
    • रात के समय यात्रा करते वक्त अतिरिक्त समय रखें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली–बोरीवली ब्लॉक कब से कब तक है?
    👉 20 दिसंबर 2025 की रात से 18 जनवरी 2026 तक।

    Q2. ब्लॉक किस समय रहेगा?
    👉 रोज़ रात 11:00 बजे से सुबह 4:30 बजे तक।

    Q3. क्या दिन की लोकल सेवाएं प्रभावित होंगी?
    👉 मुख्य रूप से रात की सेवाएं प्रभावित होंगी, लेकिन कुछ ट्रेनों के समय और स्टॉपेज बदल सकते हैं।

    Q4. छठी लाइन कब तक चालू होगी?
    👉 जनवरी 2026 के आखिर तक पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।

  • मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।

    समिति का मुख्य कार्य

    नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—

    • उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
    • जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
    • योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
    • आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
    • उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना

    जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल

    मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—

    दक्षिण मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक ज्योति गायकवाड़
    • सहप्रभारी: मोहसिन हैदर, आसिफ जकेरिया

    दक्षिण मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: सचिन सावंत
    • सहप्रभारी: सुरेशचंद्र राजहंस, डॉ. किशोर सिंह

    उत्तर मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: MLA अस्लम शेख
    • सहप्रभारी: विरेंद्र चौधरी, डॉ. अंजता यादव

    ईशान्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: डॉ. अर्जित सिंह मनहास
    • सहप्रभारी: धनंजय तिवारी, एड. राजेश टेके

    उत्तर पश्चिम मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक अमीन पटेल
    • सहप्रभारी: हाजी बब्बू खान, विष्णु सरोदे

    उत्तर मुंबई जिला

    • प्रभारी: मधु चव्हाण
    • सहप्रभारी: अर्शद आज़मी, क्लाइव डॉयस

    BMC चुनाव के संदर्भ में इसका महत्व

    BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?

    उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।

    2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

    मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।

    3. यह समिति क्या काम करेगी?

    उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।

    4. समिति का गठन किसने किया?

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।

    5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?

    हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।

  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
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    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    वेस्टर्न रेलवे ने बोरीवली स्टेशन पर खराब सफाई और घटिया गुणवत्ता के कारण दो फूड स्टॉल सील कर दिए। अचानक की गई जांच में खानपान की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। जानें पूरा मामला।

    मुंबई: वेस्टर्न रेलवे ने गुरुवार को बोरीवली स्टेशन पर अचानक जांच के दौरान खराब सफाई और असंतोषजनक खाद्य गुणवत्ता पाए जाने पर दो फूड स्टॉल पर कार्रवाई की। प्लेटफॉर्म 4/5 और 6/7 पर चल रहे इन स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई के पूरे सबअर्बन नेटवर्क में चल रही खाद्य सुरक्षा चेकिंग ड्राइव का हिस्सा है।

    अचानक जांच में मिली गंदगी, स्टॉल तुरंत सील

    वेस्टर्न रेलवे की टीम ने नियमित निरीक्षण के दौरान बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—में गंदगी, खराब सफाई और घटिया भोजन की गुणवत्ता पाई।
    निरीक्षण रिपोर्ट “अनसैटिस्फैक्टरी” आने के बाद दोनों स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।

    Borivali-railway-station

    मुंबई लोकल नेटवर्क में जारी है सफाई ड्राइव

    अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि मुंबई के पूरे लोकल रेल नेटवर्क में चल रहे फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा है।
    बोरीवली जैसे हाई-फुटफॉल स्टेशनों पर रोज़ाना लाखों यात्री आते हैं, ऐसे में रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि खाने-पीने की दुकानों में सफाई और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

    यात्रियों की शिकायतें बनी वजह

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों की ओर से कई बार स्टेशनों के स्टॉल्स पर महीन सफाई, बदबूदार तेल, बेस्वाद चाय-कॉफी, और खराब पैक्ड आइटम्स की शिकायतें मिलती रही हैं।
    दैनिक चेकिंग से न सिर्फ़ दुकानदारों की जवाबदेही तय होती है, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं।

    स्टॉल्स को दोबारा खोलने से पहले कड़ी जांच होगी

    अधिकारियों ने बताया कि दोनों स्टॉल्स को तभी दोबारा चालू करने की अनुमति दी जाएगी, जब वे रेलवे के सभी तय सेफ्टी और हाइजीन मानकों को पूरा करेंगे।
    रेलवे उनकी कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद ही आगे निर्णय लेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. बोरीवली स्टेशन पर किन फूड स्टॉल्स को बंद किया गया?

    दो स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—को बंद किया गया है।

    2. रेलवे ने कार्रवाई क्यों की?

    अचानक जांच में दोनों स्टॉल्स पर खराब सफाई, गंदगी और असंतोषजनक भोजन गुणवत्ता पाई गई।

    3. क्या यह एक नियमित ड्राइव का हिस्सा है?

    जी हाँ, मुंबई के सभी स्टेशनों पर रेलवे द्वारा चलाए जा रहे फूड सेफ्टी ड्राइव के तहत यह कार्रवाई की गई।

    4. स्टॉल कब दोबारा खुलेंगे?

    जब तक वे रेलवे की सभी हाइजीन और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर लेते, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

    5. क्या यात्रियों से शिकायतें मिली थीं?

    हां, यात्रियों ने पहले भी कई बार खराब क्वालिटी और गंदगी की शिकायतें की थीं। यह कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

  • मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड में सड़क के गड्ढे को भरकर ट्रैफिक पुलिस ने किया सराहनीय काम, समाजसेवक जावेद सैय्यद बने मिसाल

    मालाड के मार्वे रोड पर बीच सड़क बने गड्ढे से हादसे की आशंका थी। समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से खुद गड्ढा भरवाकर दुर्घटना रोकी। पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी और टीम का सराहनीय योगदान।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मार्वे रोड पर चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर पिछले कुछ दिनों से कई जगहों पर गड्ढे बन गए थे।
    इन गड्ढों कारण वाहनों की गति रुक जाती और ट्रैफिक जाम आम बात हो गई थी। कई बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ने से चोटें भी आईं।
    स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की कोशिश की, लेकिन प्रशासन तक इसकी भनक तक नही हुई।

    💪 समाजसेवक जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर किया काम

    ऐसे में समाजसेवक जावेद सैय्यद ने खुद पहल करते हुए ट्रैफिक पुलिस की मदद से सड़क की मरम्मत करवाई।
    उन्होंने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक पुलिस से बात की और तुरंत एक अस्थायी समाधान निकाला ताकि यातायात सुचारु रूप से चले और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

    The-traffic-police-did-a-commendable-job-by-filling-potholes-in-Malad-with-social-worker-Javed-Syed-leading-the-way-4

    इस कार्य में ट्रैफिक विभाग के पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास, और सुवर्णा निषाद ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

    🚦 स्थानीय नागरिकों ने किया पुलिस की सराहना

    The-traffic-police-did-a-commendable-job-by-filling-potholes-in-Malad-with-social-worker-Javed-Syed-leading-the-way-3

    स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय कार्य की खुलकर तारीफ की।
    एक दुकानदार ने कहा –

    “जहां प्रशासन समय पर काम नहीं करता, वहां पुलिस और समाजसेवक जावेद भाई ने मिलकर मिसाल पेश की है।”

    लोगों ने कहा कि यह कदम “जनसेवा का असली उदाहरण” है और अगर ऐसे छोटे-छोटे प्रयास हर वार्ड में किए जाएं तो शहर की स्थिति काफी सुधर सकती है।

    🛠️ ट्रैफिक पुलिस की तत्परता से बचा बड़ा हादसा

    The-traffic-police-did-a-commendable-job-by-filling-potholes-in-Malad-with-social-worker-Javed-Syed-leading-the-way-2

    बीएमसी की लापरवाही से बना यह गड्ढा रोज़ाना हजारों गाड़ियों के लिए खतरा बन चुका था।
    लेकिन ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और जावेद सैय्यद की पहल ने न केवल सड़क को दुरुस्त कराया बल्कि सैकड़ों लोगों की जान-माल की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।

    🌇 मुंबई में बढ़ रही सड़क सुरक्षा की चिंता

    मुंबई में हर साल मॉनसून और मरम्मत कार्यों के कारण सैकड़ों गड्ढे बनते हैं, जिनसे कई हादसे होते हैं।
    यह घटना बताती है कि यदि स्थानीय नागरिक और पुलिस मिलकर काम करें, तो सड़क सुरक्षा को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।

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    FAQ सेक्शन:

    Q1: सड़क का गड्ढा कहाँ बना था?
    👉 यह गड्ढा मालाड पश्चिम के मार्वे रोड, चारकोप नाका से मालवनी की ओर जाने वाली सड़क पर था।
    Q2: किसने गड्ढा भरवाने का काम किया?
    👉 समाजसेवक जावेद सैय्यद ने ट्रैफिक पुलिस की मदद से यह कार्य किया।
    Q3: कौन-कौन से पुलिसकर्मी शामिल थे?
    👉 पुलिस हवलदार मुश्ताक मुलाणी, सी. डी. ढास और सुवर्णा निषाद ने इस काम में योगदान दिया।
    Q4: क्या इससे सड़क हादसे रुक गए?
    👉 हाँ, फिलहाल ट्रैफिक सामान्य है और गड्ढे से होने वाले हादसे की आशंका खत्म हो गई है।
    Q5: स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
    👉 लोगों ने जावेद सैय्यद और ट्रैफिक पुलिस की तारीफ की और उन्हें “जनसेवा का उदाहरण” बताया।

  • दी मालाड सहकारी बैंक द्वारा पूरग्रस्तों के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 5 लाख रुपये की दी धनराशि

    दी मालाड सहकारी बैंक द्वारा पूरग्रस्तों के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 5 लाख रुपये की दी धनराशि

    दी मालाड सहकारी बैंक लिमिटेड ने मराठवाड़ा और विदर्भ के पूरग्रस्त लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि में 5 लाख रुपये का चेक सौंपा। अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्षा निवास पर मुलाकात की।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: मालाड़ पूर्व स्थित दी मालाड सहकारी बैंक लिमिटेड ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए मराठवाड़ा और विदर्भ में आए हालिया बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाया है। भाजपा के पूर्व नगरसेवक एवं बैंक के अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने बैंक की ओर से मुख्यमंत्री सहायता निधि (Chief Minister Relief Fund) में ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) का चेक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपा।

    🙏 मुख्यमंत्री से वर्षा निवास पर मुलाकात

    इस अवसर पर भाजपा के मुंबई महानगरपालिका नेता और पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा ने वर्षा निवास पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को दीवाली की शुभकामनाएं भी दीं। मुलाकात के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिल्हा उपाध्यक्ष प्रकाश वकानी भी मौजूद थे।

    🌊 मराठवाड़ा और विदर्भ में बाढ़ से नुकसान

    हाल ही में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में हुई भारी बारिश और बाढ़ से कई परिवारों को नुकसान झेलना पड़ा। किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, घर क्षतिग्रस्त हुए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। ऐसे में मालाड सहकारी बैंक का यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है कि निजी संस्थाएं भी आपदा के समय सरकार के साथ खड़ी हैं।

    🏦 बैंक की सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण

    दी मालाड सहकारी बैंक लिमिटेड मुंबई की एक पुरानी और भरोसेमंद वित्तीय संस्था है, जो समाजसेवा में भी सक्रिय रहती है। बैंक ने पहले भी शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता और सामाजिक अभियानों में सहयोग दिया है। इस बार बैंक ने पूरग्रस्तों की मदद कर सामाजिक दायित्व निभाने का एक और उदाहरण पेश किया है।

    🌟 सीएम फडणवीस ने जताया आभार

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी मालाड सहकारी बैंक और अध्यक्ष विनोद मिश्रा का धन्यवाद किया और कहा कि समाज के सभी घटक यदि ऐसे ही एकजुट होकर योगदान दें, तो प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की मदद तेज़ी से संभव हो सकेगी।


    ❓FAQs

    Q1. दी मालाड सहकारी बैंक ने मुख्यमंत्री सहायता निधि में कितनी राशि दी?
    बैंक ने मराठवाड़ा और विदर्भ के पूरग्रस्तों की मदद के लिए 5 लाख रुपये का चेक मुख्यमंत्री सहायता निधि में सौंपा।

    Q2. चेक किसे सौंपा गया?
    बैंक के अध्यक्ष विनोद मिश्रा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को वर्षा निवास पर चेक सौंपा।

    Q3. इस अवसर पर और कौन मौजूद थे?
    इस मौके पर भाजपा युवा मोर्चा के माजी जिल्हा उपाध्यक्ष प्रकाश वकानी भी उपस्थित थे।

    Q4. पूरग्रस्त क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
    मुख्य रूप से मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है।

  • Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    मुंबई लोकल ट्रेन में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और स्टंटबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बोरीवली रेलवे स्टेशन पर आरोपी युवक ने महिला डिब्बे की ओर अश्लील इशारे किए और चलती ट्रेन में स्टंट किया। वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: शहर की लोकल ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। बोरीवली स्टेशन से छूटते ही एक युवक लगेज डिब्बे के दरवाजे पर खड़ा होकर स्टंट करने लगा। इसी दौरान उसने महिला डिब्बे की तरफ देखकर अश्लील इशारे किए और छेड़छाड़ की हरकतें कीं।

    यह पूरा मामला ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही GRP हरकत में आई और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी।

    शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    शिकायतकर्ता महिला यात्री विरार से अंधेरी की ओर दादर फास्ट लोकल में सफर कर रही थी। बोरीवली स्टेशन से ट्रेन रवाना होते ही यह घटना हुई। महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

    वीडियो के आधार पर पुलिस ने फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। 29 सितंबर को बोरीवली आरपीएफ की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी कौन है?

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा (35) है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना एक बार फिर से दिखाती है कि मुंबई लोकल ट्रेनों में स्टंटबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। GRP और RPF की मौजूदगी के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर लोग रेलवे पुलिस से निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: बोरीवली स्टेशन की घटना में आरोपी कौन है?
    Ans: आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है।

    Q2: आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    Ans: GRP ने वायरल वीडियो, फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पहचान कर गिरफ्तार किया।

    Q3: घटना कब हुई?
    Ans: यह घटना 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे हुई।

    Q4: आरोपी पर क्या कार्रवाई हुई?
    Ans: आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    Q5: क्या मुंबई लोकल ट्रेनों में ऐसे मामले पहले भी हुए हैं?
    Ans: हां, पहले भी स्टंटबाजी और छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

  • मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में सोमवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शहर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोकल ट्रेनें और BEST बसें मामूली देरी के साथ सामान्य चल रही हैं।

    मुंबई: सोमवार (29 सितंबर 2025) की सुबह मुंबई शहर में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। इससे पहले रविवार को शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई थी। मौसम विभाग (IMD) ने सुबह 8 बजे के अपडेट में बताया कि आज शहर और उपनगरों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    🌧️ पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?

    • आइलैंड सिटी (साउथ मुंबई): 74.85 मिमी
    • ईस्टर्न सबर्ब: 77.89 मिमी
    • वेस्टर्न सबर्ब: 99.44 मिमी
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    रविवार को शहर के कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई थी। हालांकि सोमवार की सुबह बारिश की तीव्रता थोड़ी कम रही।

    🚉 लोकल ट्रेन और BEST बस सर्विस पर असर

    • सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनें मामूली देरी से सही, लेकिन सामान्य रूप से चल रही हैं।
    • BEST बसों के रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
      इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

    🌊 हाई टाइड और लो टाइड का समय

    • हाई टाइड: दोपहर 3:27 बजे (3.01 मीटर)
    • लो टाइड: रात 9:36 बजे (1.58 मीटर)

    बारिश और हाई टाइड के मेल से समुद्र किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    🔶 ‘ऑरेंज अलर्ट’ का क्या मतलब?

    IMD ने मुंबई और उपनगरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि आने वाले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सावधानी बरतनी होगी।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: ऑरेंज अलर्ट का मतलब क्या होता है?
    👉 ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

    Q2: क्या मुंबई की लोकल ट्रेनें बारिश में प्रभावित हैं?
    👉 फिलहाल मुंबई लोकल ट्रेनें मामूली देरी के साथ सामान्य रूप से चल रही हैं।

    Q3: अगले 24 घंटे में मुंबई में कितनी बारिश हो सकती है?
    👉 IMD के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

    Q4: आज मुंबई में हाई टाइड कब है?
    👉 आज दोपहर 3:27 बजे हाई टाइड है जिसकी ऊंचाई 3.01 मीटर होगी।

  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”