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  • Mumbai Crime: पूर्व एयर होस्टेस से वकील बनीं शालिनी देवी की पवई में हत्या, पति गिरफ्तार

    Mumbai Crime: पूर्व एयर होस्टेस से वकील बनीं शालिनी देवी की पवई में हत्या, पति गिरफ्तार

    मुंबई पवई में 56 वर्षीय वकील और पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट शालिनी देवी की हत्या से सनसनी। घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं की मदद करने वाली शालिनी खुद पति की हिंसा की शिकार बनीं। पुलिस ने उनके पति को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: अंधेरी पूर्व के पवई इलाके में 56 साल की वकील शालिनी देवी अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का आरोप उनके अलग रह रहे पति पर है। शालिनी पहले एयर होस्टेस रह चुकी थीं और बाद में लॉ पढ़कर वकालत करने लगीं।

    घरेलू हिंसा से महिलाओं को न्याय दिलाने वाली वकील खुद बनी शिकार

    शालिनी देवी साल 2012 में मशहूर वकील फ्लाविया एग्नेस के संगठन मजलिस से जुड़ी थीं। यह संगठन घरेलू हिंसा और यौन शोषण झेल रही महिलाओं को कानूनी और सामाजिक सहारा देता है। चार साल तक वह यहां काम करती रहीं और कई महिलाओं को शेल्टर और मदद दिलाई।

    सहकर्मियों का दर्द

    मजलिस की डायरेक्टर एडवोकेट ऑड्री डी’मेलो ने कहा,

    “ये बहुत ही परेशान करने वाली खबर है। किसी दोस्त की मौत सुनना ही मुश्किल होता है, लेकिन इस तरह से… बेहद दर्दनाक।”

    सहकर्मियों को याद है कि शालिनी कई बार ऑफिस में रुक जाती थीं क्योंकि घर जाने से डर लगता था। बावजूद इसके, वह अपने बेटे के लिए पति के साथ रिश्ते को संभालना चाहती थीं।

    समाज में चुप्पी और घरेलू हिंसा

    अक्सर घरेलू हिंसा झेल रही महिलाएं समाज में चुप रहती हैं। शालिनी भी शायद उसी परिस्थिति में थीं। डी’मेलो के मुताबिक, “घर की सच्चाई बताना आसान नहीं होता। लोग सोचते हैं कि बदनामी होगी। यही सबसे बड़ी मुश्किल है।”

    दोबारा शादी और रिश्ते की कड़वी हकीकत

    तलाक के बाद भी शालिनी ने अपने पति से दोबारा शादी की। सहकर्मियों के मुताबिक, उन्होंने साफ कहा था कि वह ये सब अपने बेटे के लिए कर रही हैं। लेकिन दूसरी बार भी रिश्ता टूट गया और पति अलग रहने लगा।

    हत्या की जांच जारी

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पति उसी दिन घर आया था। शालिनी का बेटा, जो जल्द शादी करने वाला है, हमेशा मां के साथ खड़ा रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की वजह तलाश रही है।

    चेतावनी संकेतों की अनदेखी

    डी’मेलो ने कहा,

    “रिश्तों में हिंसा हमेशा शब्दों से शुरू होती है और बाद में शारीरिक हिंसा में बदल जाती है। ये संकेत अचानक नहीं आते, हमेशा पहले से नजर आते हैं। लेकिन हम रिश्ते में रहते हुए उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।”

    महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

    इस घटना के बाद महिला कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि क्या घरेलू हिंसा के मामलों में समझौते की सलाह देना सही है? डी’मेलो ने कहा, “हर बार जब मैं किसी महिला से पूछती हूं कि क्या वह घर लौटना चाहती है, अब मेरे दिमाग में यही सवाल आएगा—क्या वह मारी जाएगी?”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: शालिनी देवी कौन थीं?
    👉 वह पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट थीं जिन्होंने लॉ पढ़कर वकालत शुरू की। उन्होंने मजलिस नामक NGO के साथ महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया।

    Q2: उनकी हत्या कब और कहां हुई?
    👉 पवई (मुंबई) के उनके फ्लैट में शनिवार को उनका शव मिला।

    Q3: हत्या का आरोप किस पर है?
    👉 उनके अलग रह रहे पति पर हत्या का आरोप है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

    Q4: शालिनी देवी किन मुद्दों पर काम करती थीं?
    👉 वह घरेलू हिंसा, यौन शोषण और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों पर काम करती थीं।

    Q5: इस घटना से समाज को क्या संदेश मिलता है?
    👉 कि घरेलू हिंसा की अनदेखी खतरनाक हो सकती है और रिश्तों में मौजूद चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    Mumbai Crime News: नवी मुंबई के स्पा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 15 महिलाएं हुईं आज़ाद

    नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।

    गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।

    15 महिलाओं की छुड़ाई गई

    छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।

    दो आरोपी गिरफ्तार

    इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल

    मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया?
    👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।

    Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया?
    👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।

    Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
    👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।

    Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं?
    👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं?
    👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।

  • Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    Mumbai News: बोरीवली स्टेशन पर महिला डिब्बे में छेड़छाड़ और स्टंटबाजी, गुजरात का युवक गिरफ्तार

    मुंबई लोकल ट्रेन में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और स्टंटबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बोरीवली रेलवे स्टेशन पर आरोपी युवक ने महिला डिब्बे की ओर अश्लील इशारे किए और चलती ट्रेन में स्टंट किया। वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: शहर की लोकल ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। बोरीवली स्टेशन से छूटते ही एक युवक लगेज डिब्बे के दरवाजे पर खड़ा होकर स्टंट करने लगा। इसी दौरान उसने महिला डिब्बे की तरफ देखकर अश्लील इशारे किए और छेड़छाड़ की हरकतें कीं।

    यह पूरा मामला ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही GRP हरकत में आई और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी।

    शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    शिकायतकर्ता महिला यात्री विरार से अंधेरी की ओर दादर फास्ट लोकल में सफर कर रही थी। बोरीवली स्टेशन से ट्रेन रवाना होते ही यह घटना हुई। महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।

    वीडियो के आधार पर पुलिस ने फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। 29 सितंबर को बोरीवली आरपीएफ की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी कौन है?

    पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा (35) है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

    मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

    यह घटना एक बार फिर से दिखाती है कि मुंबई लोकल ट्रेनों में स्टंटबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। GRP और RPF की मौजूदगी के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर लोग रेलवे पुलिस से निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: बोरीवली स्टेशन की घटना में आरोपी कौन है?
    Ans: आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है।

    Q2: आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    Ans: GRP ने वायरल वीडियो, फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पहचान कर गिरफ्तार किया।

    Q3: घटना कब हुई?
    Ans: यह घटना 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे हुई।

    Q4: आरोपी पर क्या कार्रवाई हुई?
    Ans: आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

    Q5: क्या मुंबई लोकल ट्रेनों में ऐसे मामले पहले भी हुए हैं?
    Ans: हां, पहले भी स्टंटबाजी और छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

  • दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने दादर स्विमिंग पूल में 12 और 13 साल की नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है। केस में सबूत, गवाह और पहचान ने आरोपी को दोषी साबित किया।

    मुंबई: दादर के इलाके में पाँच साल पहले हुई शर्मनाक वारदात में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 30 साल के आरोपी को स्पेशल जज बी.आर. गारे ने तीन साल की सज़ा सुनाई। आरोपी ने 2020 में स्विमिंग पूल में तैर रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण किया था।

    घटना कैसे हुई?

    6 मार्च 2020 को 13 साल की एक लड़की दादर के स्विमिंग पूल में तैर रही थी। तभी एक शख्स ने उसके स्विमिंग कॉस्ट्यूम में हाथ डालकर उसकी प्राइवेट पार्ट को दबाया। घबराई हुई बच्ची ने तुरंत ट्रेनर और लाइफगार्ड को बताया।

    इसी दौरान 12 साल की दूसरी बच्ची ने भी उसी आदमी पर आरोप लगाया कि उसने उसके साथ भी छेड़छाड़ की है। दोनों बच्चियों ने तुरंत आरोपी को पहचान लिया।

    FIR और जांच में क्या हुआ?

    पहली बच्ची के पिता ने अगले दिन थाने में FIR दर्ज करवाई। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसकी पहचान गलत हुई है। साथ ही FIR देर से दर्ज होने और CCTV फुटेज न होने पर भी सवाल उठाए।

    लेकिन पुलिस ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए, जिसमें दोनों नाबालिग बच्चियाँ भी शामिल थीं।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    जज बी.आर. गारे ने कहा कि बच्चियों का डर और सदमे में होना FIR में हुई एक दिन की देरी का संतोषजनक कारण है। दोनों बच्चियों ने आरोपी को मौके पर और बाद में अदालत में भी पहचान लिया।

    कोर्ट ने माना कि आरोपी ने यौन इरादे से बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छुआ और यह POCSO Act के तहत अपराध है।

    सजा और कानून

    अदालत ने आरोपी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ (Sexual Harassment & Assault) के आरोप में दोषी ठहराया और तीन साल की जेल की सजा सुनाई।


    FAQs

    Q1: डाडर स्विमिंग पूल केस कब हुआ था?
    👉 यह घटना 6 मार्च 2020 को हुई थी।

    Q2: इस केस में कितनी बच्चियों ने शिकायत की थी?
    👉 कुल दो नाबालिग बच्चियों (12 और 13 साल) ने आरोपी पर आरोप लगाया।

    Q3: आरोपी को कितनी सजा हुई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।

    Q4: क्या घटना का CCTV फुटेज था?
    👉 नहीं, पुलिस ने बताया कि पूल में CCTV कैमरे मौजूद नहीं थे।

    Q5: आरोपी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
    👉 आरोपी ने कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसे गलत पहचान लिया गया है।

  • मुंबई क्राइम: हाईकोर्ट के वकील को न्यूड वीडियो से ब्लैकमेल करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार

    मुंबई क्राइम: हाईकोर्ट के वकील को न्यूड वीडियो से ब्लैकमेल करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार

    मुंबई के बोरिवली में 63 साल के हाईकोर्ट वकील को मसाज के दौरान न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार। जानिए पूरी घटना।

    मुंबई: बोरिवली पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो मिलकर एक 63 वर्षीय हाइकोर्ट वकील को न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल और एक्सटॉर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि तीसरा आरोपी अब भी फरार है।

    वकील ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जस्टडायल (Justdial) पर मसाज सर्विस के लिए सर्च किया था। इसी दौरान आरोपी समीर अली हनीफ खान (21) और उसके साथी भूपेंद्र भगवान सिंह (25) ने संपर्क किया। तीसरा साथी मनविंदर उर्फ मुन्‍ना भी गैंग का हिस्सा था।

    न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल

    शुरुआत में समीर ने दो बार वकील को मसाज दी, लेकिन तीसरी बार वह अपने दो साथियों के साथ पहुंचा। मसाज के दौरान भूपेंद्र ने छुपकर वकील का न्यूड वीडियो बना लिया।

    इसके बाद तीनों आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹50,000 की मांग की। जब वकील ने पैसे देने से इंकार किया तो उन्होंने बेल्ट और लातों से उसकी पिटाई की।

    डर और बदनामी के खौफ से वकील ने GPay से ₹50,000 ट्रांसफर कर दिए

    दोबारा ब्लैकमेलिंग और पुलिस में शिकायत

    पहली रकम बांटने के बाद आरोपी यहीं नहीं रुके। कुछ दिनों बाद भूपेंद्र ने फिर से वकील से संपर्क किया और इस बार ₹6 लाख की डिमांड रखी।

    लगातार ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वकील ने आखिरकार 23 सितंबर को बोरिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस की कार्रवाई

    सीनियर इंस्पेक्टर मधुसूदन नाइक की अगुवाई में एक स्पेशल टीम बनाई गई। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने समीर को खेरवाड़ी और भूपेंद्र को अंधेरी से गिरफ्तार किया। दोनों ने पूछताछ में अपराध कबूल कर लिया।

    तीसरा आरोपी मनविंदर अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    गैंग का पुराना कनेक्शन

    जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले बुजुर्गों की देखभाल करने का काम करते थे और साथ में मसाज सर्विस भी ऑफर करते थे। पुलिस ने उनके मोबाइल जब्त कर लिए हैं, जिनमें दूसरे लोगों के भी न्यूड वीडियो मिलने की संभावना है।

    पुलिस का कहना है कि ये आरोपी प्रोफेशनल तरीके से ब्लैकमेलिंग में शामिल थे और कई और लोगों को इसी तरह फंसा चुके हैं।

    पुलिस की अपील

    पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई और भी इस गैंग का शिकार हुआ है तो तुरंत सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: मुंबई न्यूड वीडियो ब्लैकमेल केस में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    👉 दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं जबकि तीसरा आरोपी फरार है।

    Q2: पीड़ित कौन है?
    👉 पीड़ित 63 वर्षीय हाईकोर्ट के वकील हैं, जो बोरिवली वेस्ट में रहते हैं।

    Q3: आरोपियों ने कितने पैसे की मांग की थी?
    👉 शुरुआत में ₹50,000, बाद में ₹6 लाख की डिमांड की गई थी।

    Q4: आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    👉 समीर को खेरवाड़ी से और भूपेंद्र को अंधेरी से गिरफ्तार किया गया।

    Q5: क्या और लोग भी इस गैंग का शिकार बने हैं?
    👉 पुलिस को शक है कि इनके मोबाइल में दूसरे पीड़ितों के भी वीडियो मौजूद हैं।

  • बार डांसर पर लिव-इन पार्टनर का हमला, महिला ने दर्ज कराई शिकायत

    बार डांसर पर लिव-इन पार्टनर का हमला, महिला ने दर्ज कराई शिकायत

    महाराष्ट्र के उल्वे में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही बार डांसर पर उसके 40 वर्षीय पार्टनर ने हमला कर दिया। महिला ने उल्वे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है। जानें पूरी खबर विस्तार से।

    महाराष्ट्र: नवी मुंबई के उल्वे इलाके से एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। शुक्रवार (19 सितंबर) को 24 वर्षीय बार डांसर महिला पर उसके लिव-इन रिलेशनशिप के पार्टनर ने बेरहमी से हमला कर दिया। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय रूपेश विलंकर के तौर पर हुई है, जो पिछले आठ साल से पीड़िता के साथ रह रहा था।

    नया घर देखने पर भड़का आरोपी

    पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उसी दिन उल्वे सेक्टर-23 में नया फ्लैट देखने गई थी। जब वह घर लौटी, तो आरोपी ने गुस्से में आकर गालियां देना शुरू कर दिया। बहस इतनी बढ़ गई कि विलंकर ने महिला की पिटाई कर दी।

    पुलिस शिकायत और जांच

    हमले के बाद महिला सीधे उल्वे पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। उल्वे पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में केस दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अर्जुन रजाने ने बताया कि,

    “महिला के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज है और जांच जारी है।”

    गवाहों ने बताया – अक्सर होते थे झगड़े

    इमारत के पड़ोसियों ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। एक निवासी ने कहा,

    “हमने कई बार दोनों को झगड़ते सुना है। इस बार मामला गंभीर हो गया और महिला जोर-जोर से रो रही थी। इसके बाद फिर से चीख-पुकार सुनाई दी।”

    मेडिकल जांच जारी, आरोपी फरार

    पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। वहीं, आरोपी रूपेश विलंकर अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की टीम उसकी तलाश कर रही है और इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह घटना कब हुई?
    ➡️ घटना शुक्रवार, 19 सितंबर की है।

    Q2. पीड़िता कौन है और उसकी उम्र कितनी है?
    ➡️ पीड़िता 24 वर्षीय बार डांसर है, जो पिछले आठ साल से आरोपी के साथ रह रही थी।

    Q3. आरोपी कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
    ➡️ आरोपी का नाम रूपेश विलंकर (40 वर्ष) है। उसके खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।

    Q4. क्या आरोपी गिरफ्तार हो चुका है?
    ➡️ रविवार तक आरोपी फरार है, लेकिन पुलिस उसकी तलाश में है।

  • मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने पवई इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मोबाइल जब्त किए और मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: पवई इलाके में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को एक मोबाइल शॉप में छापामारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे।

    पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं –

    • रामप्रसाद सरगुन राजभर (37)
    • गुलाम रसूल राशिद खान, जो पवई में मोबाइल शॉप चलाता है और टेक्नीशियन भी है।

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 को जब पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने छापा मारकर इस धंधे का खुलासा किया।

    📱 IMEI नंबर क्या होता है और क्यों है ज़रूरी?

    IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान बताता है।

    • इससे फोन का असली मालिक और लोकेशन ट्रैक करना आसान होता है।
    • चोरी हुए या गुम फोन को ट्रेस करने में पुलिस को IMEI बहुत मदद करता है।
      👉 लेकिन जब इसका नंबर बदल दिया जाता है, तो मोबाइल की पहचान बदल जाती है और अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

    🔍 कैसे पकड़ा गया गिरोह?

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 (चेंबूर) की टीम को खबर मिली थी कि पवई के एक मोबाइल शॉप में संदिग्ध तरीके से IMEI नंबर बदला जा रहा है।

    • पुलिस ने छापा मारते समय पाया कि आरोपी “App Unlock Tool” (गूगल क्रोम के जरिए) इस्तेमाल कर रहे थे।
    • इस सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI बदलकर नया नंबर डाला जा रहा था।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

    • छापे में कई संदिग्ध और फर्जी सेकेंड-हैंड मोबाइल बरामद हुए।
    • पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया।
    • उन्हें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की संबंधित धाराओं में बुक किया गया।
    • मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें मुंबई कोर्ट में पेश किया गया।

    📌 पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर भारत घोणे (यूनिट 6, चेंबूर) की देखरेख में हुई।
    आगे की जांच का जिम्मा पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत सावंत की टीम को सौंपा गया है।

    ⚖️ कानून और IMEI छेड़छाड़ का अपराध

    भारत में मोबाइल का IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है।

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इस पर सख्त सज़ा और जुर्माना हो सकता है।
    • मोबाइल कंपनियों और पुलिस दोनों के लिए यह अपराध ट्रैकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।

    🌐 मुंबई में बढ़ते साइबर क्राइम केस

    मुंबई जैसे बड़े शहर में मोबाइल और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।

    • IMEI नंबर बदलने वाले ऐसे गैंग चोरी हुए फोन, ब्लैक मार्केट और धोखाधड़ी में शामिल होते हैं।
    • कई बार इन मोबाइल का इस्तेमाल बड़े क्राइम (फ्रॉड, स्मगलिंग, ड्रग्स नेटवर्क) में किया जाता है।
      👉 इसीलिए पुलिस लगातार इस तरह के नेटवर्क पर नज़र बनाए हुए है।

    📊 मोबाइल यूज़र्स के लिए चेतावनी

    • सेकेंड हैंड फोन खरीदते वक्त हमेशा IMEI नंबर चेक करें।
    • IMEI चेक करने के लिए *#06# डायल करें।
    • नकली, ब्लैकलिस्टेड या बदले हुए IMEI वाले फोन पर नेटवर्क सर्विस बंद हो सकती है।
    • ऐसे फोन खरीदने पर कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है।

    📱 IMEI नंबर कैसे चेक करें?

    (हर मोबाइल यूज़र के लिए ज़रूरी जानकारी)

    • अपने मोबाइल पर *#06# डायल करें 👉 IMEI नंबर स्क्रीन पर दिखेगा।
    • फोन की सेटिंग्स → अबाउट फोन → IMEI में भी यह नंबर मिलता है।
    • मोबाइल के डिब्बे और बिल पर भी IMEI प्रिंट होता है।
    • कभी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय IMEI ज़रूर मिलाएं।

    ⚖️ IMEI छेड़छाड़ पर क्या सज़ा है?

    भारत में IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना है गंभीर अपराध

    • 📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होता है।
    • ⛔ अपराध साबित होने पर जेल + भारी जुर्माना हो सकता है।
    • 🚔 IMEI बदलने वाले फोन का इस्तेमाल ब्लैकलिस्ट हो जाता है।

    🚨 मुंबई पुलिस की चेतावनी

    • नकली या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
    • सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI ऑनलाइन चेक करें।
    • संदिग्ध मोबाइल की तुरंत पुलिस या सर्विस प्रोवाइडर को जानकारी दें।
  • बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    Mumbai Crime News: बिल्डर सदरुद्दीन को मारने के लिए आरोपी ने शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। बिल्डर पर पैसे गबन करने का आरोप .. (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    जमीन विवाद में की हत्या की साजिश

    मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    हमले से पहले इलाके की रेकी

    वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    कब हुई फायरिंग ?

    पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

  • पार्ट टाइम जॉब के नाम पर सोशल मीडिया से कैसे होती है पैसों की ठगी

    पार्ट टाइम जॉब के नाम पर सोशल मीडिया से कैसे होती है पैसों की ठगी

    पार्ट टाइम जॉब के नाम पर खुद को रेप्यूटेड कंपनी का प्रतिनिधी बताते हुए सोशल मीडिया पर पैसों की ठगी हो रही है। इसको लेकर कई गिरोह सक्रिय हो चुके हैं। पहले तो छोटे-छोटे टास्क देकर पैसे देते हैं। बाद में आपको ही फंसा कर मोटी रकम वसूल लेते हैं। हालांकि पुलिस भी इनका कुछ बिगाड़ नही पाती। ऐसे मामलों में साइबर क्राइम सेल 1930 पर कॉल करें। देखें कैसे किया जाता है पैसों की ठगी.. (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – ताज़ा खबर के मुताबिक बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके की एक महिला से 6 लाख 37 हजार रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित महिला ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर एक पार्ट-टाइम नौकरी (part time job) के विज्ञापन (Advertisement) पर क्लिक किया। साइबर (Cyber) ठगों ने उसे झांसे मे लेकर 6.37 लाख रुपये का भुगतान करवा लिया। विज्ञापन में आसान ऑनलाइन कामों (online Job) के जरिए तेजी से पैसे कमाने का दावा किया गया था। ऐसे ही मालाड़ के एक व्यक्ति ने समय रहते साइबर ठगों की चाल को पहचान लिया। हालांकि की एक हजार रूपये वह भी गंवा दिया। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    गोराई की महिला को बनाया निशाना

    गोराई की घटना 30 नवंबर को सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। महिला ने इंस्टाग्राम पर एक रील देखी, जिसमें दावा किया गया था कि ऑनलाइन वीडियो लाइक करने से पैसे दिए जाएंगे। जॉब के लिए अभी अप्लाई करें। महिला ने दिलचस्पी दिखाते हुए दिए गए लिंक पर क्लिक किया, जो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप पर ले गया। ग्रूप में, ठगों ने खुद को जॉब कोऑर्डिनेटर बताकर जॉब की प्रक्रिया समझाई। शुरूआत में महिला को वीडियो लाइक करने जैसे छोटे-छोटे काम दिए गए, जिसके लिए उसे तुरंत पैसे मिले। पैसे मिलने के कारण महिला को उन पर भरोसा हो गया और उसने ठगों द्वारा बताए गए काम करना जारी रखा। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    टास्क के नाम पर Fraud..

    शुरूआती भुगतान के बाद ठगों ने महिला को बड़े भुगतान वाले जॉब के लिए निवेश करने का लालच दिया। अधिक मुनाफे का वादा कर महिला ने तीन लेन-देन में कुल 6.37 लाख रुपये ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, जल्द ही स्थिति बिगड़ गई। वादे के अनुसार महिला को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि ठगों ने “कमाई” जारी करने के लिए “टैक्स” के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। इस पर महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने बोरीवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    सोशल मीडिया पर ठगों का जाल

    वहीं मालाड़ के मामले में पीड़ित व्यक्ति को पहले वॉट्सएप मेसेज के जरिए पार्ट टाइम जॉब का ऑफर दिया गया। इसमे एक अंजान महिला अपना नाम लावन्यया बताया और खुद को इंडिया टुडे न्यूज़ (india today news) की प्रतिनिधि बताते हुए न्यूज़ पोस्ट लाईक करने के लिए कहा। इसके बदले प्रति पोस्ट 100 रुपये और ज्वाइनिंग के अतिरिक्त 100 और बाद में हर पोस्ट का 50 रूपये दिए जाने का वादा किया। शुरुआती 100 रूपये के भुगतान के बाद टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया और दिए गए टास्क को पूरा करने के बाद तुरंत 150 रूपये का भुगतान भी किया। बाद में हर पोस्ट पर अतिरिक्त मुनाफा देने के बहाने एक हजार से लेकर 6 हजार रूपये के बीच भुगतान के लिए कहा गया। हालांकि की जीस टेलीग्राम ग्रुप में टास्क चल रहा था उसमें और भी लोग थे। जो पैसों का भुगतान करने और ज्यादा मुनाफा कमाने का स्क्रीनशॉर्ट ग्रुप मे शेयर कर रहे थे। इसी लालच में पीड़ित ने एक हजार का जैसे ही भुगतना किया, उसे प्रमोशन के नाम पर दूसरे ग्रुप में ज्वाइन करने को कहा गया। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    जबकि पीड़ित के पैसे मुनाफे के साथ दिया जाना चाहिए था, लेकिन उस पैसे को वापस पाने के लिए दूसरे टास्क पूरे करने को कहा गया। जिसमें कम से कम 15 हजार रूपये का भुगतान करना जरूरी था। पैसे वापस मांगने पर यही कहा जाता रहा कि टास्क पूरा नहीं किया तो आपका नुकसान हो जाएगा। जल्दी टास्क पूरा करो और मुनाफा कमाओ। पीड़ित समझ गया कि उसके साथ धोखा हुआ है। तुरंत उसने साइबर कंट्रोल 1930 पर संपर्क कर मालाड़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की जांच मे पता चला कि पीड़ित द्वारा ट्रांसफर किए गए पैसों से ठगों ने एमेजोन (Amazon) से ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) कर ली। यह इतना फास्ट हुआ की बैंक ट्रांजैक्शन को रोका भी नही जा सका। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

    साइबर क्राइम से बचने के लिए क्या करें?

    किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख बंद करके यकीन ना करें। किसी लिंक पर क्लिक करके किसी अनजान एप को डाउनलोड ना करें। किसी के कहने पर निवेश ना करें, भले ही आपको शुरुआत में फायदा दिखे। ऐसे किसी भी घटना के होने पर तुरंत साइबर कंट्रोल 1930 से संपर्क करें और स्थानीय पुलिस थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराऐं। (How to cheat money through social media in the name of part time job)

  • कांदीवली की महिला से 14 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान

    कांदीवली की महिला से 14 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान

    Digital Arrest Scam: मुंबई के कांदीवली से एक महिला को जालसाजों ने किया डिजिटल अरेस्ट, महिला को डरा धमका कर मजबूरन 14 लाख रुपये का करवाया ऑनलाइन भुगतान। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – कांदीवली पश्चिम के एक महिला को डिजिटल अरेस्ट करने का ताजा मामला सामने आया है। बता दें कि 1 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया और उसके खिलाफ दिल्ली साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज होने की झूठी जानकारी देते हुए आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला से 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए और जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस किए जाने का कहा। लेकिन महिला का अपने बेटे से बात होने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और बाद मे महिला ने पुलिस को इसकी सूचना दी। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 67 वर्षीय एक महिला को ऑनलाइन धोखेबाजों ने “डिजिटल अरेस्ट” किया और एक गैर-मौजूद धन शोधन मामले (non-existent money laundering case) में अपना नाम साफ करने के बदले में उन्हे 14 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए मजबूर किया। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    क्या होता है डिजिटल अरेस्ट ?

    साइबर सुरक्षा एजेंसी (cyber security agency) सीईआरटी-इन (CERT In) की सलाह के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट उसे कहते है जिसमें पीड़ित को फोन कॉल या ई-मेल या संदेश प्राप्त होता है जिसमें दावा किया जाता है कि वे अवैध गतिविधियों, जैसे पहचान की चोरी या धन शोधन के लिए जांच के दायरे में हैं। इसमें धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति पीड़ित को तत्काल कार्रवाई न करने पर गिरफ्तारी या कानूनी परिणाम भुगतने की धमकी देता है। वे अक्सर तर्कसंगत सोच को रोकने के लिए घबराहट की भावना पैदा करते हैं। अपना नाम हटाने, जांच में सहायता करने या वापसी योग्य सुरक्षा जमा/एस्क्रो खाते की आड़ में, व्यक्तियों को निर्दिष्ट बैंक खातों या यूपीआई आईडी में बड़ी रकम स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया जाता है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    कांदीवली की महिला से जुड़े मामले को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग और साइबर अपराध शाखा का कर्मचारी बताया। उन्होंने महिला पर एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप लगाकर उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। यह अपराध 1 से 5 सितंबर के बीच हुआ। पीड़िता मुंबई के कांदिवली पश्चिम में अपनी भाभी के साथ रहती है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि शनिवार को उत्तर क्षेत्र साइबर पुलिस स्टेशन में पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला को 1 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया। उसे बताया गया कि उसके खिलाफ दिल्ली साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने महिला से कहा कि अपराध में उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए, बताया कि इसके बाद आरोपी ने उसकी बात अपने साथी से कराई, जिसने खुद को साइबर अपराध शाखा का अधिकारी राकेश कुमार बताया। जब कुमार और एक महिला आरोपी, जिसने खुद को शोभा शर्मा बताया था। आरोपियों ने पीड़िता को दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी पत्र दिखाए और बताया कि उसे तीन से पांच साल की जेल हो सकती है। यह देखते हुए महिला डर गई। इसके बाद शर्मा ने पीड़िता से उसके बैंक खातों और म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉज़िट के बारे में पूछा और उसे बैंक जाकर आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में सभी निवेश जमा करने को कहा। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    अधिकारी ने बताया, कि शर्मा के निर्देश पर पीड़िता बैंक गई, फिक्स डिपॉज़िट, म्यूचुअल फंड और बचत खाते तोड़ दिए और आरटीजीएस के जरिए दिए गए खाता नंबर में 14 लाख रुपये जमा कर दिया। फोन करने वाले ने वैरिफिकेशन के बाद पैसे वापस करने का वादा किया। महिला को अपने बेटे से बात करने के बाद एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)