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  • ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    ‘अखंड शिवसेना’: बालासाहेब के करीबी सहयोगी ने उद्धव, राज, एकनाथ से हाथ मिलाने और गठबंधन बनाने का आग्रह किया।

    महाराष्ट्र की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है? ऐसी राजनैतिक गलियारों में गरमागरम खुसफुसाहट होने लगी है। हालही में पुरानी शिवसेना को अखंड शिवसेना के निर्माण के लिए सभी प्रमुख नेताओं को हाथ मिलाने का आग्रह पूर्व गृहमंत्री और बालासाहेब ठाकरे के खासमखास नेता ने पेशकश की है। ‘Akhand Shiv Sena’: Balasaheb’s close aide urges Uddhav, Raj, Eknath to join hands and form alliance.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र की सबसे बड़ी राजनैतिक दल शिवसेना को एकबार फिर समेटते हुए अखंड शिवसेना बनाने की खुसफुसाहट राजनैतिक हलचल बना हुआ है। यहां राज्य के पूर्व गृहमंत्री जिन्होंने उद्धव बालासाहेब ठाकरे, एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे को एक होकर हाथ मिलाने और गठबंधन करने का आग्रह किया है। यह वही नेता हैं, जो कभी स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के खासमखास हुआ करते थे। इन्होंने शिवसेना के एक प्रमुख मोर्चे की स्थापना की जो आज भी राज्य के भुमिपुत्रों के लिए काम करता है।

    क्या है उनकी पहचान?

    यह वही नेता हैं जो स्वर्गीय बालासाहेब से प्रेरित होकर वे शिवसेना में शामिल हुए थे। बाद में स्थानीय लोकाधिकार समिति की स्थापना की, जो शिवसेना का एक मोर्चा है जो भूमिपुत्रों के लिए काम करता है। राज्य के मराठी माणूस का इस समिति को इतना प्रतिसाद मिला कि देखते ही देखते लाखों की संख्या में इससे लोग जुड़ने लगे। इसी स्थानीय लोकाधिकार के कारण मराठी माणूस को बँक मे नौकरी मिलना आसान हो गया। इसी समिति के माध्यम से शिवसेना को बढावा मिला और अच्छे कार्यकर्ता भी प्राप्त हुए, इनमे अरविंद सावंत और भाई पोतनीड जैसे कई नेता उभरकर सामने आये।

    अखंड शिवसेना का निर्माण

    इसी कारण स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने 1996-97 में पहली बार युती की सरकार बनाई और उन्हें गृहराज्यमंत्री के पद से नवाजा। आज उन्होंने एकबार फिर पुरानी शिवसेना के दिग्गज नेताओं को साथ लाने और हाथ मिलाकर ‘अखंड शिवसेना’ के निर्माण के लिए तीनों नेताओं को गठबंधन में आने का आग्रह किया है।

    चुनाव की तैयारी

    राज्य में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य में सत्ता पक्ष भाजपा के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना गठबंधन में होने के बावजूद कहीं साथ तो कहीं अलग होकर चुनाव लड़ने की अटकलें लग रहे हैं। वहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सत्ता पर हमेशा से काबिज़ रहनेवाली उद्धव की शिवसेना गुटबाजी के कारण कमजोर दिखाई पड़ने लगी है। राज ठाकरे भी कभी शिवसेना का बड़ा चेहरा हुआ करते थे। लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उन्होंने ‘महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना‘ का निर्माण किया और शिवसेना के कई दिग्गज नेताओं को अपने ले गये। बाद में उन्होंने एक मजबूत नेतृत्व कायम किया। लेकिन समय के चलते आज महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भी कमजोर साबित हो रही है। ऐसे में स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के करीबी नेता का इन तीनों दिग्गज नेताओं को गठबंधन के लिए एकत्रित करना, ‘अखंड शिवसेना’ के उदय की संभावना प्रबल कर रहा है ऐसा राजनैतिक विशेषज्ञों द्वारा विश्वास जताया जा रहा है।

  • 40 से भी अधिक चोरी के मामले, कुरार पुलिस ने एक महिला संग 4 चोरों को किया गिरफ्तार

    40 से भी अधिक चोरी के मामले, कुरार पुलिस ने एक महिला संग 4 चोरों को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो घरों का ताला तोड़ कर किमती सामान चुरा लिया करते थे। मलाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने एक महिला संग कुल 4 लोगों को गिरफ्तार कर चोरी के गहने और कैश पैसे बरामद किए हैं। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    मुंबई: मालाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है। जो लोगो के घर में घुस कर कीमती सामान चुरा लिया करते थे। पुलिस ने पिंपरी पाडा के एक चोरी की घटना में एक महिला संग कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार 29 वर्षीय आरोपी अब्दुल रफिक हमीद अंसारी उर्प पप्पू खोटा एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में 40 से अधिक अपराधिक मामला दर्ज है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    दरवाजे का ताला तोड़ा

    कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजीव तावडे ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई से 3 जुन के बीच कुरार विलेज, पिंपरी पाडा के अष्टविनायक चाल में चोरी की घटना हुई थी। 38 वर्षीय फरियादी नजीर मुराद खान के अनुसार चोरों ने उसके घर के दरवाज़े पर लगा ताला तोड़ा और घर में रखे 100 ग्राम सोने के गहने, 240 ग्राम चांदी और 80 हजार रुपये कैश लेकर फरार हो गये। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    सीसीटीवी कैमरों की जांच

    पुलिस ने बताया कि 4 जुन को गु.र.क्र. 443/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(3), 331(4), 305 (अ) के तहत मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि मौक-ए वारदात के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और तांत्रिक विश्लेषण के जरिए चोरों का पता लगाया गया। जिसके बाद इन चारों बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    चोरों की पहचान

    गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 29 वर्षीय आरोपी अब्दुल रफिक हमीद अंसारी उर्प पप्पू खोटा बेरोजगार हैं, जो बीएमसी कॉलोनी रुम नंबर 15, वार्ड नंबर 3, संतोष नगर, गोरेगांव पूर्व का रहने वाला है। 25 वर्षीय दिपाली डंपर भुल उर्फ दिपाली विशाल शर्मा इस गिरोह की मेंबर के साथ साथ एक गृहणी है, जो तुलशी निवास बिल्डिंग, साईंनाथ रोड़, रूम नंबर 2, मालाड़ पश्चिम की रहने वाली है। 29 वर्षीय सुरज संजय जाधव रिक्शा चालक है, जो माउली रहिवासी मंडळ, पिंपरी पाडा, कुरार विलेज, मालाड़ पूर्व का रहने वाला है। 25 वर्षीय आकाश चंद्रकांत पवार डिलीवरी बॉय का काम करता है, जो सोनाली बिल्डिंग, रुम नंबर 503, मुंब्रा कॉलोनी दिवा पूर्व, ठाणे जिला का रहने वाला है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    40 से भी अधिक मामले दर्ज

    पुलिस ने बताया कि कुरार पुलिस थाना अंतर्गत इस गिरोह ने और भी 3 जगहों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अधिकारी ने कहा, पिंपरी पाड़ा की घटना में चोरी का सारा सामान और कैश पैसे बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार अब्दुल रफिक हमीद अंसारी उर्प पप्पू खोटा एक शातिर अपराधी है इसके खिलाफ कुरार, दिंडोशी और आरे पुलिस थाने में 40 से भी अधिक मामले दर्ज है। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

  • मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    सेंट्रल रेलवे का कहना है कि कुछ यात्री CSMT की ओर यात्रा कर रहे थे कि तभी वह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिर गए। यात्रियों के गिरने की वजह अत्यधिक भीड़ बताई जा रही है। 5 passengers died after falling from a local train in Mumbai, accident happened due to crowd

    मुंबई: मुंब्रा रेलवे स्टेशन के नजदीक एक बड़ा हादसा हो गया है। चलती ट्रेन से 12 यात्री अचानक पटरी पर गिर पड़े वहीं मौके पर मुंबई से लखनऊ जा रही पुष्पक एक्सप्रेस और कसारा लोकल क्रास हो रही थी। इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है। बाकी 6 लोगों का इलाज चल रहा है। सेंट्रल रेलवे का कहना है कि यह हादसा दिवा-कोपर रेलवे स्टेशन के बीच हुआ है। 5 passengers died after falling from a local train in Mumbai, accident happened due to crowd

    सेंट्रल रेलवे ने क्या कहा?

    सेंट्रल रेलवे का कहना है कि कुछ यात्री CSMT की ओर यात्रा कर रहे थे, कि तभी वह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर ट्रेन से गिर गए। यात्रियों के गिरने की वजह अत्यधिक भीड़ बताई जा रही है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से स्थानीय सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रेल प्रशासन के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। 5 passengers died after falling from a local train in Mumbai, accident happened due to crowd

    ट्रेन से लटक कर यात्रा

    मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में बहुत भीड़ थी, जिस वजह से ये यात्री ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा कर रहे थे। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें यात्रियों को ट्रेन से गिरते देखा जा सकता है। हादसे में घायल यात्रियों को ट्रैक से उठाकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया। सभी गंभीर रूप से घायल यात्रियों के कपड़े भी पूरे फट चूके थे। 5 passengers died after falling from a local train in Mumbai, accident happened due to crowd

    रेलवे बोर्ड ने लिया फैसला

    कसारा जा रही मुंबई CSMT ट्रेन के गार्ड ने बताया कि मुंब्रा स्टेशन के पास पांच यात्री ट्रेन से गिर गए। मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी मृतक 30 से 35 साल के बीच के हैं। इस हादसेके बाद रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि नए रेक में ऑटोमैटिक डोर क्लोजर लगेंगे। ट्रेनों में सभी दरवाजे खुद से बंद होंगे। इसके बाद ऐसे हादसे होने की संभावना नहीं रहेगी।5 passengers died after falling from a local train in Mumbai, accident happened due to crowd

  • BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मालाड़ पी उत्तर विभाग अंतर्गत जाली दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए 4 अवैध निर्माणों को मनपा प्रशासन ने भारी पुलिस बंदोबस्त के ध्वस्त कर दिया है। जिसमें एक रिसॉर्ट भी शामिल है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    मुंबई: जाली दस्तावेजों के आधार पर बने अवैध इमारतों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) लगातार तोड़क कार्रवाई कर निस्तो नाबूद कर रही है। इसी कड़ी में मालाड़ पी उत्तर विभाग के अंतर्गत मनोरी गांव में बने चार अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है। जिसमें ‘जिनेवा’ नामक एक रिसॉर्ट भी शामिल है। यह कार्रवाई मनपा परिमंडल-4 की मनपा उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे और पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वाल्वी के नेतृत्व में एक अहम अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    44 अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई

    मनपा सूत्रो एवं अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल मढ़ क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को खड़ा करने के लिए फर्जी बिल्डिंग प्लान का इस्तेमाल किया गया था। इसके जवाब में, बीएमसी नियमित रूप से तोड़फोड़ अभियान चला रही है, जिसमें पिछले महीने ही 44 ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच हुई कार्रवाई

    3 से 5 जून के बीच की गई इस नवीनतम कार्रवाई में चार संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। जिसमें एक 6,900 वर्ग फीट, दूसरा 2,300 वर्ग फीट और 150 वर्ग फीट के दो छोटे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच तोड़क कार्रवाई की प्रक्रिया में दो जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इस तोड़क कार्रवाई से बीएमसी ने साफ कर दिया, कि शहर भर में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

  • दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    मुंबई सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर 74 वर्षीय क्लाइंट से 2.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसके पहले भी एड्वोकेट पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के मामले दर्ज हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    मुंबई: सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खातू पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की रहने वाली 74 वर्षीय महिला क्लाइंट के साथ धोखाधड़ी की है। आरोप है कि विनय कुमार खातू ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जाली आदेश दिखाकर महिला से 2.57 करोड़ रुपये की ठगी की। न्यायालय ने कहा, कि अगर इस मामले में विनय कुमार खातू को जमानत दी जाती है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट के खिलाफ कई मामले दर्ज

    सत्र न्यायाधीश वीजी रघुवंशी ने कहा कि यह अदालत खातू के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं कर सकता। पहले भी विनय कुमार खातू पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के दो मामले दर्ज हैं। अगर अदालत खातू के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा। उन्होंने कहा, “आरोपों की गंभीरता और खातू के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए, मैं उन्हें जमानत नहीं दे सकता।” A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    वॉट्सएप पर भेजे फर्जी दस्तावेज

    जज ने यह भी कहा कि अगर कोई WhatsApp चैट पर भरोसा करता है, तो उसे यह भी देखना होगा कि आरोपी ने अकाउंटेंट के साथ चैट में हाईकोर्ट से स्टे मिलने की बात कही थी। यह भी साफ है कि जाली आदेशों की तारीख के बाद बड़ी रकम उसके दोस्तों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पर आपराधिक विश्वासघात और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    जज ने कहा कि सिविल कोर्ट के फैसले को भी एक मूल्यवान सुरक्षा माना जा सकता है। अदालती फैसले अक्सर कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को बनाते या बदलते हैं। इसलिए, ये फैसले मूल्यवान सुरक्षा की परिभाषा में आते हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    क्या है पूरा मामला ?

    पीड़ित महिला, उर्मिला ताल्यार खान, अलीबाग में एक जमीन के विवाद में फंसी हुई थीं। निचली अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद ताल्यार खान ने जिला अदालत में अपील की थी। उनके वकील सुनवाई के लिए नहीं आए, जिसके कारण 13 मार्च, 2018 को उनकी अपील खारिज हो गई। उस समय दिल्ली में रहने के कारण, उन्हें इस बारे में 2022 तक पता ही नहीं चला, क्योंकि उनके वकील ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    दो करोड़ रुपये किया ट्रांसफर

    आरोप है कि ताल्यार खान की मुलाकात एक व्यापारी के जानकार के जरिए विनय कुमार खातू से हुई थी। उन्होंने खातू को छह मामलों के लिए वकील रखा, जिसमें जमीन विवाद की अपील और उनके पति के खिलाफ मुकदमा भी शामिल था। खातू ने कथित तौर पर प्रति मामले 10 लाख रुपये की भारी फीस ली। आरोप है कि उन्होंने अपने दोस्त के खाते से आरोपी से जुड़े लोगों के खातों में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट ने दी सफाई

    एड्वोकेट विनय कुमार खातू की सलाह पर, उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में दूसरी अपील दायर की, जिसमें चार साल की देरी को माफ करने और स्टे ऑर्डर के लिए आवेदन किया गया था। फिलहाल आरोपों को नकारते हुए, आरोपी ने कहा कि उन्हें 19 अक्टूबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वकील ने कहा कि उनसे कुछ भी बरामद करने की जरूरत नहीं है। सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं। government moving towards mid term elections

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। government moving towards mid term elections

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है। government moving towards mid term elections

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    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं। government moving towards mid term elections

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है। government moving towards mid term elections

  • बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    • मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करे सरकार
    • सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की
    • भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं भारत के मुसलमान

    डिजिटल डेस्क
    हिंदू हिंदुत्व के ठेकेदार बनने वाले आरएसएस के उपांग बीजेपी, विश्वहिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन भारत के मुसलमानों द्वारा बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा बंद करने के लिए शक्ति प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट रहे। उन्हें सबसे पहले हिंदुओं के जिन मंदिरों में जानवरों की बलि देकर उस मांस को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। उन मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। पहले सत्तर प्रतिशत हिंदुओं के मांस खाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। फिर मुसलमानों के बकरा बलि को कानून बनाकर रोका जा सकता है। निश्चित ही भारत के मुसलमान इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि देश में समानता का व्यवहार माना जाएगा। बाबरी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की थी।
    अर्थ है
    भारत के मुसलमान भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं। अगर संसद ऐसा कानून बनाती है जिसमें किसी भी पशु की बलि यानी हत्या अपराध होगा जिसपर कानूनी अपराध मानकर कोर्ट दंडित करेगी तो निश्चित ही भारत के मुसलमान इससे सहमत होंगे। जहां तक देशप्रेम और देशभक्ति का सवाल है। उसमें भी मुसलमानों ने एकता का प्रदर्शन, पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम महिला द्वारा ही भारतीय सेना ने सिंदूर ऑपरेशन का नायक बनाया था। प्रेस कांफ्रेंस में भी मुस्लिम और दलित चेहरा सामने लाकर बता दिया था कि भारतीय सेना जाति मजहब को नहीं मानती।वह भारत की रक्षा के लिए अपनी शहादत देती है।
    सेना ने प्रतीकात्मक रूप से संदेश दिया था कि मुसलमानों और दलितों पर अन्याय अत्याचार बंद कर देना होगा। भारत के जिन ग्रुपों को पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने विदेश भेजा गया था उसमें मुस्लिम चेहरा इस्लामिक राष्ट्रों में जबरदस्त संदेश देकर बता दिया कि पाकिस्तान बार बार अपने आतंकी भेजकर भारत में निर्दोष लोगों की हत्या करवाता है। जिससे साफ है कि देश का मुसलमान देश की हिफाजत के लिए पाकिस्तान हो या कोई अन्य राष्ट्र भारत का मुसलमान बलिदान देने को तैयार है। एकजुटता दिखने में मुसलमान पीछे नहीं हटे।
    पहले हिंदूधर्म और अब सनातनधर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि सनातन धर्म में किसी भी जीव की हत्या का निषेध करता है।सत्य, प्रेम न्याय और पुण्य को धर्म जानना मानना ही सनातन धर्मी का संकेत है।
    गौ को माता मानने वाले क्यों नहीं उन चार हिंदू जिनके भारत में बड़े बड़े कत्लखाने हैं। जहां लाखों गाएं रोज काटकर उनका मांस विदेश भेजने वाले देशों में दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिनसे हिंदुत्व और हिंदू की ठेकेदार बीजेपी सरकार चंदा लेने में संकोच नहीं करती, उन कारखानों को बंद कराने क्यों नहीं जाते? इसलिए कि मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
    योगीजी क्यों नहीं उन कत्ल खानों में गौ का कटना बंद करा देते? हिम्मत नहीं पड़ती गौ भक्ति की आड में जो बजरंगदल खुद गौ काटकर पूजा स्थल में फेकने पर पकड़े जा चुके हैं। जो गौ मांस होने का शक केवल गरीब मुसलमानों पर कहर बनकर टूट पड़ते और उनकी हत्या का अपराध करने में नहीं झिझकते भला वे कैसे हिंदू और सनातनी होते हैं।
    सनातन धर्म तो समानता और न्याय का धर्म है फिर मॉब लांचिंग क्यों करते हैं? हत्या करना अपराध तो है ही पाप भी है। क्या उन्हें पाप करते शर्म आती है कभी? फिर किस मुंह से वे हिंदू और सनातनी कहते हैं। कभी खुद के हृदय में झांककर तो देखें। अगर उनकी आत्मा मरी नहीं होगी तो जवाब भीतर से ही मिल जायेगा।
    छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति मुसलमान, नौ सेना प्रमुख मुसलमान थे।महाराणा प्रताप के सेनापति मुसलमान थे।उन्होंने अपनी जान पर खेलकर महाराणा प्रताप के प्राण बचाए थे, जबकि मुगल सम्राट अकबर के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह ने हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की हत्या करने की कोशिश की थी। जयपुर के ही जयसिंह ने औरंगज़ेब की गुलामी की थी और उसका सेनापति बनकर शिवाजी के ऊपर हमला किया और उन्हें बंदी बनाकर उनसे तीस किले मुगलों को सौंपने का समझौता करने को बाध्य किया। आगरा दरबार में लेजाकर शिवाजी की बेइज्जती कराई। मानसिंह और जयसिंह जैसे हिंदू और हिंदुत्व के शत्रुओं के परिजनों को सम्मान देने वाले कैसे किसी को गद्दार होने का सार्टिफिकेट दे सकते हैं?
    क्या जिन नेताओं की बहन बेटियों को मुगलों से शादी कराई गई और बाद में नेताओं ने अपनी बेटियां भतीजियां मुसलमानों से ब्याह दी वे किस मुंह से हिन्दू और सनातन शब्द बोलते हैं? जो लोग हत्या को अपराध और पाप मानते हैं खुद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथु राम गोडसे को पूजते हैं। भारत बंटवारे के झूठे आरोप में महात्मा गांधी की हत्या करने वाला क्यों नहीं मोहम्मद अली जिन्ना जिसने अंग्रेजों से मिलकर देश को बांटा उसकी हत्या करने की मर्दानगी दिखाई?
    सच तो यह है कि जर्मन तानाशाह हिटलर के नाज़ीवाद और इटली के तानाशाह मुसोलिनी के फासीवाद को अपना आदर्श मानने वालों से शांति की उम्मीद कैसे रखी जा सकती है। वे भला सनातनधर्म की सहिष्णुता का पालन कैसे कर सकते हैं? सनातनधर्म में नफरत के लिए कोई भी स्थान नहीं है फिर हिंदू मुस्लिम करके वोट की राजनीति करने वालों से प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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  • क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    डिजिटल डेस्क
    बीजेपी सरकार
    ढोल बजाकर खुशी का इजहार करने और गर्व में भरती जा रही। कहा जा रहा की जापान को छोड़कर भारत को विश्वगुरू ने विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाते हुए जापान को पीछे छोड़ दिया है। यह दावा सरासर गलत और भ्रामक है। भारत अभी चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं हैं बनने की ओर अग्रसर है। दरअसल एमएफए की तरफ से भारत और जापानी अर्थ व्यवस्था पर अंदाजा लगाया था, कि भारत जापान को 0.01 अंक आगे बढ़कर विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
    इसी बात को नीति आयोग के अधिकारी के सीईओ ले उड़े और भारत द्वारा जापानी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब नीति आयोग जब कह रहा हो तो बीजेपी और मोदी सरकार ने भी लपक लिया और घोषणा कर डाली लेकिन नीति आयोग के ही बड़े अर्थशास्त्री ने खुलासा करते हुए कहा है, कि “भारत अभी विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था नहीं बना है। हां बनने की राह पर अग्रसर जरूर है।” उन्होंने कहा, “चौथी अर्थव्यवस्था बनने के लिए चौथी तिमाही तक भारत को अपनी जीडीपी मेंटेन रखनी होगी। चौथी तिमाही का परिणाम निश्चित करेगा कि भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है या नहीं? चौथी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है न कि बन गया है।”
    नीति आयोग के सदस्य अर्थशास्त्री का कथन बीजेपी सरकार को झकझोर कर रख दिया होगा। नीति आयोग का सीईओ चौथी अर्थब्यव्यवस्था बन चुका है भारत का सच नीति आयोग के ही सदस्य ने खोलकर बता दिया है। जिससे साफ है कि चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं है। हां चौथी तिमाही के अंत में भी हमें अपनी जीडीपी उसी स्तर या उससे ऊंचे स्तर पर बनाए रखना होगा। उन्होंने निष्कर्ष में कहा बने नहीं हैं बनने की राह पर अग्रसर हैं। अगर चौथी तिमाही के अंत तक हम जीडीपी बढ़ाए रख सके तो दिसंबर 2025 तक बन सकते हैं।
    अर्थव्यवस्था तब बढ़ती है जब वैज्ञानिक टेक्नोलॉजी बढ़ती जाए। विदेशी निवेश अधिक बढ़ाना पड़ेगा। एप्पल मोबाइल भले ही चीन से भारत में बनने लगे, लेकिन हमें यह नहीं भूलना होगा कि एप्पल मोबाइल मेड इन इंडिया के नाम पर केवल असेंबलिंग की जाती है। उसके पार्ट्स चिप आदि चीन से ही आते हैं। चीन हार्डवेयर में अमेरिका से कम नहीं है। अमेरिकी उद्योगों के लिए चीन में बनी चिप्स जैसे पार्ट्स चीन से ही आते हैं।
    भले बीजेपी लग रही हो कि दुनिया में भारत का डंका बज रहा जबकि सच तो यह है कि भारत का दुनिया में डंका नहीं घंटा बज रहा है। भारत जब पाकिस्तान पर बढ़त हासिल किए हुए था तब एकाएक क्या हुआ कि भारत को सीजफायर का ऐलान करना पड़ गया। भारत को जीती हुई बाज़ी हारने को मजबूर क्यों होना पड़ा। भले आर्मी के जनरल कहा कि कितने विमान गिरे यह महत्वपूर्ण नहीं है। क्यों गिरे यह मुद्दा है और इससे हमने क्या सीखा? तीन बाते ऐसी हुई हैं जिससे भारत के डंका बजने की बात बेनकाब हो जाती है।
    अमेरिकी वाणिज्य मंत्री का कहना है कि भारत ने हमारे साथ गलत किया, उसे भुगतना होगा। दूसरा है जिस पाकिस्तान को आतंकवादियों का संरक्षक बताने के लिए दुनिया भर से गुहार लगाने के लिए सांसदों की टीमें भेजी गई ताकि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्टेड कराया जा सके। वह तो हुआ ही नहीं क्योंकि हमारे डेलिगेशनो का दुनिया पर कोई भी असर नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ के दो मंचों का पाकिस्तान को एक में अध्यक्ष और दूसरे में उपाध्यक्ष बना दिया गया। आप पाकिस्तान उन मंचों से बताएगा कि कौन आतंकवादी देश है। कौन आतंकवादी गीत है जिसे कौन सा देश समर्थन कर रहा है। दो अत्यंत महत्वपूर्ण पद पाकर अब पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ यह कहने का अधिकार मिल गया है कि उसके देश में बलूच आतंकी गुट है जिसे भारत का समर्थन हासिल है। भारत ही बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने के लिए हथियार और पैसा दे रहा है। दूसरी बात पाकिस्तान को अफगानिस्तानी फूटी आंखों नहीं सुहाते, जिसने पाकिस्तान के भारत युद्ध के समय भारत का समर्थन किया था।
    जिन तालिबानी लड़ाकों के कारण अमेरिका जैसा शक्तिशाली राष्ट्र अपने युद्धक विमान टैक्स जैसे सारे विपाश छोड़कर भागना पड़ा है, उन तालिबानियों को पाकिस्तान के लिए खतरा बताकर उन्हें आतंकवादी घोषित कर सकेगा। यही नहीं अब पाकिस्तान भारत को ही आतंकवाद फैलाने का आरोपी बताने की हैसियत में आ चुका है। ट्रंप का यह पसितारा उसके माय बेस्ट फ्रेंड मोदी और आई मिस यू मोदी के खिलाफ गुस्से का इजहार कर भारत को निचा दिखाने वाला कदम है। कल को पाकिस्तान खाड़ी देशों को भी विश्वास दिला सकता है, कि भारत में रहने वाले मुसलमानों को भारत हिंदुत्व वाली सरकार प्रताड़ित कर रही है। मस्जिदों मुसलमानों की बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर अन्याय किया जा रहा है। इन बातों पर छपी खबरें प्रमाण बन जाएंगी और इस्लामिक राष्ट्र भारत के खिलाफ जिहाद के तौर पर खड़े हो सकते हैं।
    अमेरिका ने पहले ही एक अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान को दिलाया था, जिससे पाकिस्तान अमेरिका और अब एशियाई बैंक से भी पाकिस्तान को कर्ज दिलवा चुका है। जिससे पाकिस्तान हथियार खरीदकर भारत के साथ युद्ध कर सके। भारत अब दुनिया में अकेला पड़ गया है। चीन तो भारत के विरोध में है ही। रूस जो भारत का सदाबहार मित्र रहा है वह भी पाकिस्तान स्थित अपने साझेदार पाकिस्तान के साथ बंद स्टील फैक्ट्री फिर से चालू कर पाकिस्तानी आय में वृद्धि करने में लगा हुआ है। भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना को स्वदेशी जहाज देने का वादा किया था, जिसे समय से पूरा किया ही नहीं जा रहा। अमेरिका भारत को ब्लैकमेल लगातार करने और भारत की बेइज्जती करने में लगा है।
    यह वही ट्रंप है जिसके लिए वैश्विक कानून तोड़कर पीएम मोदी ने अब की बार ट्रंप सरकार का नारा लगाया था। दोबारा चुनाव में ट्रंप हार गए तो जब मोदी अमेरिकी यात्रा पर जाने वाले थे तब ट्रंप ने कहा था मेरा बेस्ट फ्रेंड मोदी मुझसे मिलने आ रहा है। लेकिन मोदी अमेरिका जाने के बाद राष्ट्रपति वाईडन से तो भेंट किया लेकिन ट्रंप से मिलने की फॉर्मेलिटी भी नहीं दिखाई। जिसे ट्रंप ने अपना अपमान समझा जो सही भी है। एक कहे मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझसे मिलने आ रहा है दूसरा अनदेखा कर दे। औपचारिकता भी नहीं निभाए तो फ्रेंड कैसा? इसीलिए जब राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी थी तब ट्रंप ने मोदी को बुलाया तक नहीं और जब पीएम गए उससे मिले तब ट्रंप ने कहा था आई मिस यू फ्रेंड। ये चार शब्द बड़े अर्थपूर्ण थे। व्यंग्य और दुखी हो कर कहा था ट्रंप ने। इशारा था लेकिन तब तक बहुत अधिक दरार पड़ चुकी थी। जिस कारण ट्रंप भारत को बेइज्जत करने का एक भी मौका छोड़ नहीं रहा। शायद जब तक मोदी और ट्रंप जीवित रहेंगे ट्रंप अपमान नहीं भूलेगा और गिन गिन कर बदला लेता रहेगा। पाकिस्तान को भारत पर तरजीह देकर ट्रंप ने भारत को अकेला कर दिया है।

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  • Mumbai: सांसद कोटे से ट्रेन की टिकट लेने की कोशिश, रेलवे पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Mumbai: सांसद कोटे से ट्रेन की टिकट लेने की कोशिश, रेलवे पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Mumbai News: मुंबई में रेलवे टिकट की धोखाधड़ी मामले में सीएसएमटी पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपी ने NCP सांसद सुरेश म्हात्रे के जाली हस्ताक्षर कर सांसद कोटे से रेलवे टिकट प्राप्त करने की कोशिश की। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    Maharashtra News: मुंबई की CSMT रेलवे पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि सईद एजाज नामक एक व्यक्ति ने सांसद कोटे से रेलवे टिकट हासिल करने के लिए सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल किया और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक जाली सिफारिशी पत्र रेल प्रशासन को प्रेषित किया। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    आप को बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट के भिवंडी से सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा विदेश यात्रा पर थे। जब रेल प्रशासन ने पूछताछ की तो सांसद के सहायक ने साफ इनकार कर दिया। रेलवे पुलिस ने म्हात्रे के निजी सहायक आकाश पाटिल की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की बाद में सईद एजाज के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    क्या है पूरा मामला?

    रेलवे पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक जाली सिफारिशी पत्र के जरिए देवगिरी एक्सप्रेस के दो टिकट सांसद कोटे से हासिल करने की कोशिश की थी। यह पत्र मुंबई से नांदेड़ की यात्रा के लिए 31 मई की तारीख को टिकट मांगने हेतु जारी किया गया था। जो मध्य रेलवे के आरक्षण विभाग के सहायक प्रबंधक को 30 मई को प्राप्त हुआ। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    हाथ से लिखा था सिफारिश पत्र

    उक्त पत्र रेलवे के कन्फर्मेशन ड्रॉपबॉक्स में डाला गया था। इसमें सांसद सुरेश म्हात्रे के नाम और हस्ताक्षर का उपयोग किया गया था। लेकिन रेलवे अधिकारियों को पत्र की भाषा और फॉर्मेट पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने सांसद के निजी सहायक आकाश पाटिल से संपर्क किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पत्र हाथ से लिखा गया था, जबकि सामान्यतः सांसद के पत्र उनके सहायक द्वारा टाइप किए जाते हैं। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    कहीं कोई रैकेट तो नही?

    पत्र में सांसद का नाम, सिग्नेचर और आवक-जावक विवरण सभी संदिग्ध पाए गए। पत्र पर जिस तारीख का उल्लेख था, उस दौरान सांसद सुरेश म्हात्रे विदेश में थे और विदेश से लौटने के बाद खुद सांसद ने पुष्टि की कि पत्र और उस पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। CSMT रेलवे पुलिस ने आरोपी सईद एजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत FIR दर्ज किया है। रेलवे पुलिस अब यह भी जांच कर रही है, कि आरोपी ने कहीं पहले भी ऐसी कोशिशें की हैं या किसी रैकेट से उसका कोई संबंध है। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    सांसद कोटे का दुरुपयोग

    भारतीय रेलवे में सांसदों के लिए एक विशेष कोटा होता है, जिसके तहत वे सिफारिश पत्र के जरिए यात्रियों को टिकट दिलवा सकते हैं। इस मामले ने इस व्यवस्था के दुरुपयोग की आशंका को उजागर किया है और रेलवे अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल दिया है। फिलहाल आरोपी से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और रेलवे पुलिस इस मामले को गहराई से खंगाल रही है। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

  • अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    RBI की नई गाइडलाइन में लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिया गया है। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। ग्राहकों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए RBI ने नई गाइडलाइन जारी किया है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वर्तमान के आर्थिक दौर में कई लोग अपने जरूरी खर्चों के लिए लोन लेते हैं। चाहे घर खरीदना हो या नया व्यवसाय शुरू करना हो, लोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन कई बार नौकरी छूटना, व्यापार में घाटा या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लोन की ईएमआई भरना लोगों को मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोग न केवल आर्थिक दबाव में आते हैं, बल्कि बैंकों और रिकवरी एजेंटों के दबाव से भी परेशान हो जाते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोनधारकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन नियमों का मकसद लोन न चुका पाने वाले लोगों को अनुचित परेशानियों से बचाना और वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार करने लिए सिखाना है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    Reserve-Bank-of-India

    RBI की नई गाइडलाइन्स

    RBI के नए नियमों के तहत अब बैंक और रिकवरी एजेंट मनमाने तरीके से लोनधारकों को परेशान नहीं कर सकेंगे। पहले रिकवरी एजेंट कभी भी अनुचित समय पर फोन करते थे, धमकी देते थे या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे। अब ऐसी हरकतें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। RBI के नए नियम न केवल लोनधारकों की गरिमा की रक्षा करते हैं, बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ाते हैं। यह पहल बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होगी। ऐसा माना जा रहा है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    लोनधारकों का अधिकार

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार देती हैं। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। यह नियम मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए बनाए गए हैं। लोन प्रकृया से जूझ रहे लोगों को यह समझना जरूरी है कि वित्तीय मुश्किलें सामान्य हैं और वे सम्मान के साथ व्यवहार पाने के हकदार हैं। अगर कोई धमकी या अपमान करता है तो वे तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    कैसे कर सकते हैं शिकायत ?

    RBI की नई गाइडलाइन के मुताबिक, ग्राहक अपनी शिकायत बैंक की शिकायत निवारण सेल में या RBI के ग्राहक सेवा विभाग में दर्ज करा सकते हैं। गंभीर मामलों में पुलिस में भी FIR दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत करते समय फोन कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज के स्क्रीनशॉट और गवाहों के बयान जैसे सबूत जुटाना जरूरी है। बैंक भी अपने रिकवरी एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी उठाने के लिए बाध्य है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के लिए नियम कानून

    RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कॉल या मिलने का समय तय किया है। इस समय के बाहर वसूली करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। रात में या छुट्टियों के दिन परेशान करना सख्त मना है। अगर कोई एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो तुरंत शिकायत करें। यह नियम ग्राहकों की निजता और पारिवारिक शांति की रक्षा करते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    बैंक की किश्त अगर बाउंस हो जाए तो क्या करें?

    जब कोई लोनधारक लगातार तीन EMI बाउंस करता है, तो बैंक पहला नोटिस भेजती है। इसके साथ ही अपनी स्थिति सुधारने के लिए 90 दिन का समय देती है। चौथी-पांचवी EMI न भरने पर बैंक दूसरा नोटिस भेजती है, जिसमें नीलामी की चेतावनी होती है। नए नियम के अनुसार इस दौरान भी बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार नहीं कर सकते। लोनधारक इस अवधि में बैंक से बात करके समाधान खोज सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के की सीमाएं क्या है?

    RBI ने रिकवरी एजेंटों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे धमकी, अपमानजनक भाषा या शारीरिक प्रताड़ना नहीं कर सकते। वे परिवारजनों या दोस्तों को परेशान नहीं कर सकते और जबरन घर में प्रवेश भी नहीं कर सकते। अगर कोई एजेंट नियम तोड़ता है तो उसकी रिपोर्ट तुरंत करें। बैंक को अपने एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी लेनी होती है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करनी होती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    नीलामी प्रक्रिया पर कानूनी सुरक्षा

    जब लोनधारक पूरी तरह EMI नहीं चुका पाता तो बैंक कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति की नीलामी कर सकती है। यह प्रक्रिया न्यायालय के अधीन होती है और इसमें पारदर्शी होनी चाहिए। बैंक अपनी मर्जी से संपत्ति जब्त नहीं कर सकती। नीलामी से पहले लोनधारक के पास अपनी बात कहने और न्यायालय से सुरक्षा मांगने का अधिकार होता है। अगर नीलामी राशि लोन से अधिक होती है तो बची हुई राशि वापस की जाती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    निष्कर्ष

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कानूनी सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करती हैं। ये नियम वित्तीय संस्थानों और ग्राहकों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता लाने में मदद करेगी। इसलिए लोनधारकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाना चाहिए।

    Disclaimer
    यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय या कानूनी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। RBI के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहें।