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  • BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस की अकेले लड़ने की घोषणा से महाविकास आघाड़ी (MVA) में असहजता बढ़ गई है। शिवसेना (UBT) की मनसे से नज़दीकी को लेकर कांग्रेस की असहमति सामने आई, जबकि एनसीपी (SP) गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले ने महाविकास आघाड़ी की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना (UBT) की मनसे के साथ बढ़ती राजनीतिक नज़दीकियां उनके उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि शिवसेना (UBT) कांग्रेस से पुनर्विचार की अपील कर रही है, जबकि एनसीपी (शरद पवार) मनसे को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की पक्षधर है। इस राजनीतिक खींचतान ने आगामी मनपा चुनावों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।

    कांग्रेस के फैसले से MVA में हलचल

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने साफ कहा है कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। इससे MVA में असहजता बढ़ी है, क्योंकि गठबंधन का मकसद भाजपा को रोकना था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के अकेले लड़ने से वोटों का बंटवारा होगा, जिससे भाजपा को सीधी बढ़त मिल सकती है।

    मनसे को लेकर कांग्रेस की बड़ी चिंता

    कांग्रेस की असहमति की सबसे बड़ी वजह है—
    🔹 शिवसेना (UBT) और मनसे की बढ़ती समीपता
    🔹 उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक का संभावित नुकसान

    कांग्रेस का मानना है कि मनसे के साथ जुड़ाव उसकी विचारधारा के विपरीत है, क्योंकि मनसे पहले उत्तर भारतीयों के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए जानी जाती रही है।

    कांग्रेस में भी दो धड़े, राय में मतभेद

    कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आई है।
    एक धड़ा — स्थानीय समीकरण के आधार पर मनसे के साथ गठबंधन का समर्थक
    दूसरा धड़ा — मनसे के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन के खिलाफ

    मुंबई के राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस को जल्द स्पष्ट रुख लेना होगा, वरना गैर-मराठी और गैर-हिंदू वोटों का विभाजन भाजपा के लिए रास्ता आसान बना देगा।

    एनसीपी (SP) एकता के पक्ष में

    एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन की मजबूती के लिए MNS को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की वकालत कर रही है। इसी संदर्भ में वर्षा गायकवाड़ की टीम ने शरद पवार से मुलाकात भी की है, लेकिन कांग्रेस अपने निर्णय पर कायम है।

    शिवसेना (UBT) ने किया पुनर्विचार का आग्रह

    उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना कांग्रेस को साथ रखने की कोशिश जारी रखे हुए है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा—
    🔹 “मनसे के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की नाराज़गी व्यक्तिगत मामला हो सकता है।”
    🔹 “जनता चाहती है कि शिवसेना और मनसे साथ आएं।”

    दूसरी ओर, मनसे ने MVA में शामिल होने से इनकार करते हुए कांग्रेस को “अमीबा” कहा, जिस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए “गिरगिट” जैसी टिप्पणी की।

    बीएमसी चुनाव — बड़ा राजनीतिक समीकरण

    • राज्य की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को
    • बीएमसी के चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना
    • वर्तमान हालात में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में दिख रही है
    • कांग्रेस के अकेले उतरने से विपक्ष का वोट बैंक टूट सकता है

    FAQ

    प्रश्नउत्तर
    क्या कांग्रेस MVA से अलग हो रही है?नहीं, गठबंधन बरकरार है, लेकिन बीएमसी चुनाव कांग्रेस स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहती है।
    कांग्रेस मनसे के साथ क्यों नहीं है?कांग्रेस का कहना है कि मनसे के पुराने रुख से उसके परंपरागत वोटरों को नुकसान हो सकता है।
    क्या विपक्षी वोट बंटेंगे?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसले से भाजपा को सीधा लाभ मिल सकता है।
    क्या अंतिम निर्णय बदल सकता है?शिवसेना (UBT) लगातार आग्रह कर रही है, लेकिन इस समय कांग्रेस अपने फैसले पर अडिग है।
  • मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक

    मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया।
    इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।

    🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा

    सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।

    🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी।
    मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

    🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि—
    📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था?
    टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।

    Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
    नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।

    Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
    प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
    प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • गोरेगांव डबल डेकर ब्रिज पर विवाद: BMC ने IIT-B को नई डिज़ाइन भेजी

    गोरेगांव डबल डेकर ब्रिज पर विवाद: BMC ने IIT-B को नई डिज़ाइन भेजी

    गोरेगांव के वीर सावरकर ब्रिज पर प्रस्तावित डबल डेकर ब्रिज के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ा। BMC ने IIT बॉम्बे को नई डिज़ाइन भेजकर तकनीकी मंजूरी मांगी है ताकि मौजूदा फ्लाईओवर तोड़े बिना नया ब्रिज बनाया जा सके। स्थानीय लोगों और नेताओं के विरोध के बाद यह कदम उठाया गया।

    मुंबई: गोरेगांव के वीर सावरकर ब्रिज जंक्शन पर बनने वाले डबल डेकर ब्रिज को लेकर BMC ने नया विकल्प पेश करते हुए IIT बॉम्बे से टेक्निकल अप्रूवल मांगा है। यह डिज़ाइन ऐसी है जिसमें मौजूदा फ्लाईओवर को तोड़े बिना माइंडस्पेस–मालाड कनेक्टर को GMLR (गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड) से जोड़ा जा सके। फ्लाईओवर को गिराने के प्रस्ताव का स्थानीय नागरिकों और पक्ष विपक्ष दोनों विधायकों ने कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद BMC ने यह संशोधित प्रस्ताव भेजा है।

    🔹 BMC ने बदल दिया पूरा प्लान — अब मंजूरी IIT-B के हाथ में

    BMC अधिकारियों के अनुसार पहले योजना थी कि मौजूदा वीर सावरकर फ्लाईओवर को तोड़कर उसके स्थान पर एक ही पियर पर आधारित दो-लेवल वाले डबल डेकर ब्रिज का निर्माण किया जाए।
    लेकिन कड़े विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते अब BMC ने नई डिज़ाइन तैयार करवाई है, जिसमें पुराना फ्लाईओवर बने रहने देगा और उसके साथ अलग पियर पर नया डबल डेकर ब्रिज खड़ा किया जाएगा

    अब यह संशोधित डिजाइन IIT बॉम्बे के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है।

    🔹 BMC की दुविधा — इंजीनियरिंग आसान या जनता की सहूलियत?

    BMC की इंटरनल रिपोर्ट में साफ लिखा है —
    ✔ अगर पुराना फ्लाईओवर हटाया जाए तो निर्माण सीधा और संरचनात्मक रूप से बेहतर होगा।
    ✔ दोनों लेवल एक ही पियर पर टिकेंगे, जिससे जगह बचेगी।

    लेकिन,
    ✘ फ्लाईओवर बचाने पर दो पियर बनेंगे
    ✘ रोड स्पेस कम होगा — सड़क संकरी हो सकती है
    ✘ मोटरिस्ट को भविष्य में ट्रैफिक प्रेशर झेलना पड़ सकता है

    🔹 स्थानीय लोग और नेता क्यों विरोध कर रहे हैं?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
    ▪ फ्लाईओवर केवल 7 साल पहले ₹27 करोड़ खर्च करके बनाया गया था
    ▪ इसे हटाना जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी होगी
    ▪ गोरेगांव और मालाड में ट्रैफिक का बोझ पहले से भारी है — फ्लाईओवर हटाने से भारी जाम लगेगा

    विरोध की अगुआई कर रहे हैं:
    🟢 बीजेपी MLA विद्या ठाकुर
    🔵 कांग्रेस MLA असलम शेख

    दोनों आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को देखते हुए किसी भी ऐसे कदम के समर्थन में नहीं आना चाहते जिससे जनता नाराज़ हो।

    🔹 काम जारी है — दिंडोशी साइड पर कंस्ट्रक्शन नहीं रुकेगा

    BMC के अनुसार,
    ✔ दिंडोशी साइड पर जहां से नया कनेक्टर GMLR से जुड़ेगा — काम पहले ही शुरू किया जा चुका है
    ✔ वहां पाइलिंग का कार्य चल रहा है
    ✔ यह हिस्सा सावरकर ब्रिज से लगभग 1 किलोमीटर दूर है
    इसलिए फ्लाईओवर रहे या हटे, दिंडोशी वाला काम नहीं रुकेगा।


    FAQ — गोरगांव डबल डेकर ब्रिज विवाद

    प्रश्नउत्तर
    नया प्रोजेक्ट किस कारण विवाद में है?पुराने फ्लाईओवर को तोड़कर नया ब्रिज बनाने की योजना के कारण।
    BMC ने क्या कदम उठाया?संशोधित डिज़ाइन IIT बॉम्बे को तकनीकी जांच के लिए भेजी।
    स्थानीय लोग और नेता क्यों विरोध कर रहे हैं?फ्लाईओवर हटाने से ट्रैफिक बढ़ेगा और करोड़ों का खर्च बर्बाद होगा।
    क्या निर्माण कार्य बंद हो गया है?नहीं, डिंडोशी साइड पर काम जारी है।
    अंतिम निर्णय कौन करेगा?IIT बॉम्बे की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर BMC निर्णय लेगी।
  • अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    मुंबई के अंधेरी MIDC के भंगारवाड़ी इलाके में केमिकल लीकेज हादसे में 21 साल के अहमद हुसैन की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर ICU में भर्ती हैं। सोडियम सल्फाइड के अधिक मिश्रण से जहरीली गैस बनने के बाद दम घुटने से हादसा हुआ। MFB और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और NDRF अलर्ट पर है।

    मुंबई: अंधेरी (पूर्व) के MIDC क्षेत्र के भंगारवाड़ी में शनिवार दोपहर केमिकल लीकेज की घटना में 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पानी में सोडियम सल्फाइड की अधिक मात्रा मिलाने से जहरीले धुएं बने, जिनके संपर्क में आने से तीनों बेहोश हो गए। घायल दोनों को हॉली स्पिरिट अस्पताल में ICU में भर्ती किया गया है। दमकल विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।

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    🔹 हादसा कैसे हुआ — रसायन के गलत मिश्रण से निकले जहरीले धुएं

    पुलिस के अनुसार घटना 22 नवंबर को लगभग 2:30 बजे हुई।
    अंधेरी पूर्व, MIDC सुभाष नगर के भंगारवाडी में नेन्सी मदरसा के सामने अहमद सईदा हुसैन अपने घर में पुराने सामान की सफाई के लिए सोडियम सल्फाइड को पानी में मिलाकर सॉल्यूशन तैयार कर रहा था।
    लेकिन रसायन की मात्रा अत्यधिक होने से जहरीले धुएं (फ्यूम्स) निकलने लगे, जिससे अहमद बेहोश होकर गिर गया।

    उसको बचाने के लिए दो अन्य लोग अंदर गए —
    ▪️ सबा सईदा हुसैन (17)
    ▪️ नौशाद अंसारी (28)
    दोनों भी धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए।

    🔹 पीड़ितों की स्थिति — एक की मौत, दो ICU में

    हॉली स्पिरिट अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार:
    ☑ अहमद सईदा हुसैन (21) — अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित
    ☑ सबा सईदा हुसैन (17) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन स्थिर
    ☑ नौशाद अंसारी (28) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन खतरे से बाहर

    🔹 रेस्क्यू और जांच — MFB सक्रिय, NDRF अलर्ट पर

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) मौके पर पहुंची।
    ✔ सर्च ऑपरेशन किया गया
    ✔ प्रभावित इलाके को सील किया गया
    ✔ रासायनिक गैस के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया

    भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    🔹 पुलिस क्या कह रही है?

    MIDC पुलिस ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि:
    🔸 यह कोई साजिश या उद्योगिक लीकेज नहीं था
    🔸 घरेलू स्तर पर रसायन मिलाने के दौरान गलती से गैस बनी
    🔸 मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की जा रही है


    FAQ — अंधेरी MIDC केमिकल हादसे पर

    प्रश्नउत्तर
    हादसा कहाँ हुआ?अंधेरी (पूर्व) के MIDC भांगरवाड़ी इलाके में।
    केमिकल कौन सा इस्तेमाल किया गया था?सोडियम सल्फाइड।
    कितने लोग प्रभावित हुए?तीन — एक की मौत, दो ICU में।
    मौत का कारण क्या था?धुएं के कारण दम घुटने से।
    क्या यह फ़ैक्ट्री लीकेज था?नहीं, घर में रसायन मिलाने के दौरान घटना हुई।
    क्या NDRF तैनात हुई?NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।
  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
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    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    गोरेगांव किशोरी आत्महत्या केस — एक्स बॉयफ्रेंड की धमकी पर FIR

    मुंबई के गोरेगांव में 17 वर्षीय लड़की ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड द्वारा पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी पर BNS की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।

    मुंबई: गोरेगांव पश्चिम इलाके में एक 17 साल की किशोरी ने बुधवार को आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया कि उसके एक्स बॉयफ्रेंड ने पैसे न देने पर उसकी मॉर्फ्ड (एडिटेड) इंटिमेट तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी दी थी। भावनात्मक शोषण और एक्सटॉर्शन से परेशान किशोरी ने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी। गोरेगांव पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 108 के तहत सुसाइड के लिए उकसाने की FIR दर्ज की है और आरोपी युवक की तलाश जारी है।

    🔹 मामला कैसे शुरू हुआ — रिलेशनशिप से ब्लैकमेलिंग तक

    पुलिस के मुताबिक नाबालिग लड़की उसी इलाके के आरोपी युवक के साथ रिलेशनशिप में थी।
    अगस्त में दोनों चेन्नई भाग गए, लेकिन परिवार ने लड़की को ढूंढकर वापस घर ले आया और लड़के से सारे कॉन्टैक्ट खत्म करने को कहा।

    कुछ समय बाद आरोप है कि लड़के ने लड़की की मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाईं और पैसे मांगने लगा।
    पैसे न देने पर तस्वीरें वायरल करने की धमकी देता था।

    🔹 चोरी करके दिए पैसे — लेकिन दहशत खत्म नहीं हुई

    ब्लैकमेलिंग के डर से पीड़ित किशोरी घर से पैसे चुराकर आरोपी को दे चुकी थी।
    15 नवंबर को जब पिता ने पैसे गायब देखे, तो गोरगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई।

    उस समय लड़के के खिलाफ सिर्फ नॉन-कॉग्निजेबल (NC) दर्ज हुआ और पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया।
    लेकिन इसके बाद भी किशोरी मानसिक रूप से परेशान रहती थी और घरवालों से बात नहीं कर रही थी।

    🔹 3 दिन बाद दुखद घटना — घर में फांसी

    अधिकारियों के अनुसार बुधवार को जब घर में कोई नहीं था, किशोरी ने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
    परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और केस दर्ज किया गया।

    🔹 कानूनी कार्रवाई — आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR

    गोरेगांव पुलिस के एक अधिकारी ने बताया:

    👉 आरोपी पर BNS की धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना के तहत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
    👉 आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


    FAQ — गोरगांव किशोरी मामले पर सवाल-जवाब

    प्रश्नउत्तर
    लड़की ने आत्महत्या क्यों की?एक्स बॉयफ्रेंड के ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरें वायरल करने की धमकी से परेशान होकर।
    आरोपी पर किस धारा में केस दर्ज हुआ है?BNS धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाना।
    क्या आरोपी पकड़ा गया है?अभी फरार है, पुलिस तलाश कर रही है।
    क्या पीड़ित के परिवार ने पहले शिकायत की थी?हां, 15 नवंबर को, लेकिन तब सिर्फ NC दर्ज हुआ था।
    क्या पुलिस इस मामले में साइबर क्राइम यूनिट से मदद लेगी?जांच टीम के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर साइबर टीम को जोड़ा जाएगा।
  • कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने मुख्य साजिशकर्ता राजेश रमैश चौहान और चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद की।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में 40 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर फ्रेडी डी’मेलो पर हुई फायरिंग के मामले को मुंबई क्राईम ब्रांच ने सुलझाते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान ने प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के चलते चार शूटरों को सुपारी दी थी। चारों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया है, जबकि इससे पहले चारकोप पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    🔹 कांदिवली फायरिंग केस कैसे हुआ सॉल्व

    क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने तकनीकी इन्वेस्टिगेशन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। शुक्रवार दोपहर सभी शूटर पुणे के भोर गांव में पकड़े गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरी सुपारी राजेश चौहान ने दी थी।

    🔹 मुख्य साजिशकर्ता कौन है?

    मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान (42), कांदिवली निवासी है। उसका पीड़ित फ्रेडी डी’मेलो से
    🔸 प्रॉपर्टी
    🔸 पैसों के लेन-देन
    को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

    इसी विवाद के चलते चौहान ने डी’मेलो को रास्ते से हटाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हायर किया।

    🔹 गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची

    आरोपी का नामउम्रपता
    राजेश रमैश चौहान उर्फ दया42कांदिवली
    सुभाष भीकाजी मोहिटे44विरार
    मंगेश एकनाथ चौधरी30भोर (पुणे)
    रोशन बसंतकुमार सिंह उर्फ कृष्णा25काशिगांव, ठाणे
    पहले गिरफ्तार — मुन्ना मयुद्दीन शेख उर्फ गुड्डू35मुंबई

    🔹 सुपारी किलर्स का रोल

    जांच में पता चला कि चौहान ने शूटरों को
    ▪ फायरिंग की प्लानिंग
    ▪ पैसों का ऑफर
    ▪ हथियार की व्यवस्था
    सब कुछ खुद किया।
    पुलिस ने बरामद पिस्टल का टेस्ट भी शुरू कर दिया है।

    🔹 आगे की कार्रवाई

    क्राइम ब्रांच अब यह जांच रही है कि
    🔸 कितने पैसे में सुपारी दी गई?
    🔸 क्या और लोग शामिल थे?
    🔸 हथियार की सप्लाई चेन किसने की?


    ❓ FAQ — कांदिवली फायरिंग केस

    प्रश्नउत्तर
    कांदिवली फायरिंग केस का मास्टरमाइंड कौन है?राजेश रमैश चौहान, जिसने सुपारी दी थी।
    कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?कुल पाँच — चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स और एक मुख्य आरोपी।
    फ्रेडी डी’मेलो पर हमला क्यों किया गया?प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के कारण।
    आरोपियों को कहाँ से पकड़ा गया?चार आरोपियों को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया।
    क्या वारदात में इस्तेमाल हथियार मिला?हाँ, पिस्टल बरामद कर ली गई है।
  • BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    बीएमसी मुख्यालय में महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अहम बैठक हुई। योजनाओं, निधि उपयोग, रिक्त पदों की भरती और सफाई कर्मी आवास पर चर्चा हुई।

    मुंबई: महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष आनंदराव अडसूळ ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बीएमसी द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर तबकों पर किए गए खर्च, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए मिलने वाले फंड का उपयोग, और अनुकंपा आधारित प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अडसूळ ने प्रशासन को निर्देश दिए कि बीएमसी में अनुसूचित जाति वर्ग के रिक्त पद जल्द भरे जाएं और पदोन्नति से जुड़े मामलों का निपटारा बिना देर किए किया जाए।

    🔍 बैठक में किन मुद्दों की समीक्षा हुई? — मुख्य बिंदु

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    1️⃣ बीएमसी के योजनागत खर्च और अनुसूचित जाति फंड का आढावा

    बैठक में सबसे पहले उस फंड का विस्तृत विवरण रखा गया जो अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों के लिए योजनाओं, कल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक सहायता के तहत बीएमसी को प्राप्त होता है।
    अडसूळ ने कहा कि—

    • फंड का उपयोग समयबद्ध तरीके से हो,
    • योजनाएँ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचे,
    • और रिपोर्टिंग पारदर्शी रहे।

    2️⃣ लाड पागे समिति और अनुकंपा नियुक्तियों पर चर्चा

    लाड पागे समिति से संबंधित प्रकरणों, लंबित प्रस्तावों और अनुकंपा पर नियुक्ति मामलों पर भी विस्तृत जानकारी आयोग के सामने प्रस्तुत की गई।
    आयोग ने प्रशासन से कहा कि ऐसी फाइलें लंबित न रहें और निर्धारित समय में निर्णय दिए जाएँ।

    3️⃣ रिक्त पदों की भरती और पदोन्नति—तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के रिक्त पद लंबे समय से खाली हैं।
    अध्यक्ष अडसूळ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—

    • भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाए
    • और जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अटकी हुई है, उनके मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।

    4️⃣ सफाई कर्मचारियों के आवास और कल्याण योजनाएँ

    बैठक में बीएमसी द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए चल रही आश्रय (हाउसिंग) योजनाओं की समीक्षा भी की गई।
    आयोग को बताया गया कि—

    • सफाई कर्मचारियों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य चल रहा है।
    • कई परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भी तेज़ है।

    5️⃣ दलित बस्तियों में बीएमसी की सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत

    बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि दलित वस्तियों में—

    • स्वास्थ्य सुविधा
    • सफाई व्यवस्था
    • पानी
    • सड़कें
    • और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ
      नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
      आयोग ने सुझाव दिया कि इन सेवाओं की गुणवत्ता और भी बेहतर की जाए।

    👥 बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:

    • सदस्य सचिव — गोरक्ष लोखंडे
    • उपायुक्त (सामान्य प्रशासन) — किशोर गांधी
    • उपायुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) — यतीन दळवी
    • उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) — किरण दिघावकर
    • संचालक (अभियांत्रिकी सेवा व प्रकल्प) — पुरुषोत्तम माळवदे
      साथ ही विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद थे।

    FAQ — सवाल और जवाब

    1. यह बैठक किस उद्देश्य से आयोजित की गई थी?

    बीएमसी द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों पर किए गए खर्च, योजनाओं की प्रगति, रिक्त पदों और आवास योजनाओं की समीक्षा के लिए।

    2. बैठक में मुख्य निर्देश क्या दिए गए?

    रिक्त पदों की भर्ती तेज़ करने, पदोन्नति के मामलों को तत्काल निपटाने और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए।

    3. क्या सफाई कर्मचारियों की आवास योजना पर भी चर्चा हुई?

    हाँ, बीएमसी ने बताया कि स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हो रही है।

    4. क्या आयोग ने दलित बस्तियों की स्थिति पर भी चर्चा की?

    बीएमसी ने दलित बस्तियों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं की जानकारी दी और आयोग ने इनके सुधार के सुझाव दिए।

    5. बैठक में कौन-कौन अधिकारी मौजूद थे?

    महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें किशोर गांधी, यतीन दळवी, किरण दिघावकर आदि शामिल रहे।

  • मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स में स्थित विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़ी से पूरा हो रहा है। विधायक सुनील प्रभू ने निरीक्षण कर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय सालसकर उद्यान अब नई चमक के साथ तैयार हो रहा है। स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चल रही मांग और विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद उद्यान का नवीनीकरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को विधायक प्रभू ने मौके पर जाकर काम की प्रगति का निरीक्षण किया और भरोसा दिलाया कि यह उद्यान जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

    उद्यान की स्थिति और नवीनीकरण का सारांश

    मालाड पूर्व के वॉर्ड 36 में स्थित यह उद्यान कई सालों से जर्जर अवस्था में था। न मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त जगह, न बच्चों के खेलने की कोई सुविधा—स्थानीय लोग लगातार परेशान थे। विधायक सुनील प्रभू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से बजट मंजूरी के लिए लगातार फॉलो-अप किया और अब 6,500 वर्गमीटर के इस उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

    🏞️ उद्यान में क्या-क्या बदलेगा? — नवीनीकरण की प्रमुख बातें

    Renovation-of-Vijay-Salaskar-Udyan-in-Malad-East-is-on-the-rise-will-soon-open-for-citizens-1

    1️⃣ 6500 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधाओं की नई लिस्ट

    विजय सालसकर उद्यान को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की हर उम्र को ध्यान में रखा गया है।

    ✔ लिटिल किड्स प्ले ज़ोन

    • बच्चों के लिए सुरक्षित रॉक क्लाइम्बिंग गेम
    • नई प्ले-स्ट्रक्चर और ओपन एरिया

    ✔ फिटनेस कॉर्नर

    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • ओपन जिम जैसा अनुभव देने वाली मशीनें

    ✔ वॉकिंग ट्रैक

    • मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मजबूत और चौड़ा वॉकवे
    • एंटी-स्किड सरफेस

    ✔ सीनियर सिटिजन कॉर्नर

    • आरामदायक आसन व्यवस्था
    • शांत बैठने और मिलने-जुलने की जगह

    ✔ व्यूइंग गैलरी

    • कॉलोनी को देखते हुए डिजाइन की गई गैलरी
    • परिवारों और बच्चों के लिए आकर्षण

    ✔ हरियाली और साफ-सुथरापन

    • पूरे उद्यान में नई प्राकृतिक घास
    • उद्यान की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स और रंगरंगोटी

    🧑‍⚖️ निरीक्षण के दौरान कौन-कौन मौजूद रहा?

    निरीक्षण दौरे में विधायक एवं विभाग प्रमुख सुनील प्रभू के साथ कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

    • शिवसेना महिला विधानसभा संघटक रीनाताई सुर्वे
    • वॉर्ड 36 के पूर्व नगरसेवक सुनील गुजर
    • रुचिता आरोसकर
    • कृष्णा सुर्वे
    • अशोक राणे
    • अल्पेश चव्हाण
    • बाळा शिरोडकर
    • वामन तिरोडकर
    • सुरेश करपे
    • सुशांत पांचाळ
    • सुशांत पारकर
    • अतुल पाखरे
      …और अन्य शिवसेना पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

    विधायक ने अधिकारियों अमोल हितापे और ज्योती तुडस के साथ उद्यान का पूरा निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. विजय सालसकर उद्यान कब तक खुलेगा?

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभू ने बताया कि नवीनीकरण लगभग पूरा है और उद्यान जल्द ही नागरिकों के लिए खुल जाएगा।

    2. उद्यान में कौन-कौन सी नई सुविधाएँ मिलेंगी?

    यहाँ बच्चों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग, वॉकिंग ट्रैक, एक्सरसाइज उपकरण, सीनियर सिटिजन बैठने की जगह, व्यूइंग गैलरी और नई हरियाली जोड़ी जा रही है।

    3. उद्यान कितनी बड़ी जगह में फैला है?

    पूरा उद्यान करीब 6,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।

    4. यह उद्यान किस इलाके में स्थित है?

    यह मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स, वॉर्ड 36 में स्थित है।

  • एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    मुंबई में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) के 1200 कर्मचारियों ने बीएमसी में सीधी नियुक्ति की मांग उठाई। ठेकेदार पर वेतन, सुविधाओं और भत्तों में लापरवाही के आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधीन राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) में 2016 से काम कर रहे करीब 1200 कर्मचारियों ने ठेकेदार डी.एस. इंटरप्रायज़ेस को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल करने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें न वेतनवृद्धि, न पीएफ, न मेडिकल सुविधा और न ही कोरोना काल में मिला भत्ता नही दिया गया है।

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    🔹 क्या है पूरा मामला?

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे राज्य में एनयूएचएम चलाया जाता है। मुंबई में यह सभी कर्मचारी बीएमसी के अधीन स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात हैं।

    लेकिन दूसरी महानगरपालिकाओं की तरह सीधे नियुक्ति करने की बजाय बीएमसी ने डी.एस. इंटरप्रायज़ेस नामक ठेकेदार को जिम्मेदारी दी, जिसने निविदा के अनुसार कर्मचारी रखे।

    कर्मचारियों का कहना है कि—

    • 2016 से लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान
    • कोरोना महामारी में राउंड द क्लॉक काम
    • कम वेतन में मुंबई जैसे महंगे शहर में गुज़ारा बेहद मुश्किल
    • ठेकेदार की ओर से किसी भी प्रकार की सहयोग सुविधा नहीं
    • मासिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पूरा करना कठिन

    🔹 सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप

    कर्मचारियों ने बताया कि डी.एस. इंटरप्रायज़ेस ने श्रम कानून और कॉन्ट्रैक्ट शर्तों का पालन नहीं किया।

    कर्मचारियों को नहीं मिल रही ये सुविधाएँ—

    • वेतनवृद्धि
    • प्रसूति अवकाश
    • पीएफ (Provident Fund)
    • स्वास्थ्य बीमा योजना
    • कोरोना भत्ता (विशेषकर डेटा ऑपरेटरों के लिए)

    कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना के दौरान कई साथी बीमार हुए, फिर भी प्रशासन और ठेकेदार की ओर से न कोई आर्थिक सहायता और न ही विशेष सुविधा दी गई।

    🔹 ‘मुंबई में इतने कम वेतन में जीना मुश्किल’

    कर्मचारियों का कहना है कि मुंबई जैसे महंगे शहर में इतनी कम तनख्वाह पर परिवार चलाना लगभग नामुमकिन हो रहा है। हर महीने—

    • घर किराया
    • बच्चों की फीस
    • मेडिकल खर्च
    • रोजमर्रा का खर्च

    इन सबके बीच गुज़ारा मुश्किल होता जा रहा है।

    🔹 यूनियन की मांग— बीएमसी में सीधी नियुक्ति

    म्युनिसिपल कर्मचारी कामगार सेना द्वारा उठाई गई मुख्य मांग—

    ठेकेदार हटाकर 1200 कर्मचारियों को बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में सीधे शामिल किया जाए।

    यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है, इसलिए उन्हें स्थाई या कम से कम सीधे नगरपालिका ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. एनयूएचएम कर्मचारी बीएमसी से क्या मांग कर रहे हैं?

    वे चाहते हैं कि ठेकेदार को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल किया जाए।

    Q2. कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?

    पीएफ, मेडिकल सुविधा, वेतनवृद्धि, प्रसूति अवकाश और कोरोना भत्ता जैसी मूलभूत सुविधाएँ न मिलना।

    Q3. कितने कर्मचारी इस अभियान के तहत काम करते हैं?

    करीब 1200 कर्मचारी 2016 से लगातार सेवा दे रहे हैं।

    Q4. कोरोना काल में उन्हें क्या दिक्कतें आईं?

    उन्होंने बिना रुके काम किया लेकिन कोरोना भत्ता नहीं मिला, और बीमारी के समय सहायता भी नहीं मिली।