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  • BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC चुनाव 2026: आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है? दहिसर से कोलाबा तक पूरी लिस्ट जारी

    BMC Elections 2026 की घोषणा के बाद मुंबई में सियासी हलचल तेज। जानिए आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है, दहिसर से कोलाबा तक 227 वॉर्ड की पूरी जानकारी।

    मुंबई: मुंबईकरों के लिए एक अहम सियासी अपडेट सामने आया है। राज्य चुनाव आयोग ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 की आधिकारिक घोषणा कर दी है। ये चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे। लगभग एक दशक बाद होने जा रहे इस चुनाव को मुंबई का सबसे बड़ा नागरिक चुनाव माना जा रहा है। चुनाव से पहले वॉर्ड सीमाओं में बदलाव (डीलिमिटेशन) किया गया है, जिसके बाद अब शहर को 227 चुनावी वॉर्ड में बांटा गया है, जो 24 प्रशासनिक वॉर्ड के अंतर्गत आते हैं।

    BMC चुनाव 2026 क्यों है इतना अहम?

    BMC एशिया की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। सड़क, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिक से जुड़े हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का चुनाव माना जा रहा है।

    दक्षिण मुंबई (सिटी वॉर्ड्स)

    दक्षिण मुंबई के पारंपरिक और ऐतिहासिक इलाकों को मिलाकर 9 प्रशासनिक वॉर्ड बनाए गए हैं:

    • A वॉर्ड (224–227): कोलाबा, कफ परेड, नेवी नगर, चर्चगेट, फोर्ट
    • B वॉर्ड (221–223): मोहम्मद अली रोड, डोंगरी, भेंडी बाजार
    • C वॉर्ड (217–220): मरीन लाइंस, भूलश्वर, पायधोनी
    • D वॉर्ड (210–216): मालाबार हिल, गिरगांव, ग्रांट रोड
    • E वॉर्ड (202–209): भायखला, मझगांव, रे रोड
    • F साउथ (196–201): परेल, लालबाग, सेवरी
    • F नॉर्थ (172–181): सायन, माटुंगा, वडाला
    • G साउथ (188–195): वर्ली, प्रभादेवी, लोअर परेल
    • G नॉर्थ (182–187): दादर पश्चिम, माहिम, धारावी

    पश्चिमी उपनगर (Western Suburbs)

    मुंबई का सबसे ज्यादा वोटर वाला इलाका पश्चिमी उपनगर माना जाता है:

    • H ईस्ट (87–97): बांद्रा ईस्ट, सांताक्रूज़ ईस्ट
    • H वेस्ट (98–103): बांद्रा वेस्ट, खार
    • K ईस्ट (68–82): अंधेरी ईस्ट, जोगेश्वरी
    • K वेस्ट (53–67): अंधेरी वेस्ट, जुहू, वर्सोवा
    • P साउथ (43–52): गोरेगांव, आरे कॉलोनी
    • P नॉर्थ (27–42): मलाड, मार्वे, अक्सा, मढ़
    • R साउथ (18–26): कांदिवली, चारकोप
    • R सेंट्रल (8–17): बोरीवली, गोराई
    • R नॉर्थ (1–7): दहिसर, आईसी कॉलोनी

    पूर्वी उपनगर (Eastern Suburbs)

    पूर्वी मुंबई के औद्योगिक और रिहायशी इलाके इन वॉर्ड्स में आते हैं:

    • L वॉर्ड (155–171): कुर्ला, साकीनाका
    • M ईस्ट (134–148): गोवंडी, मानखुर्द
    • M वेस्ट (149–154): चेंबूर
    • N वॉर्ड (123–133): घाटकोपर, पंत नगर
    • S वॉर्ड (104–122): भांडुप, विक्रोली
    • T वॉर्ड: मुलुंड, नाहुर

    227 वॉर्ड से जुड़े अहम आंकड़े

    • सबसे छोटा वॉर्ड: B वॉर्ड (सिर्फ 3 चुनावी वॉर्ड)
    • सबसे बड़ा वॉर्ड: P नॉर्थ (16 चुनावी वॉर्ड)
    • प्रति वॉर्ड औसत आबादी: करीब 54,000
    • महिला आरक्षण: 227 में से 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित

    आपका वॉर्ड जानना क्यों जरूरी?

    वोटर लिस्ट, प्रत्याशी, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अधिकार समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि आपका इलाका किस वॉर्ड में आता है। इससे आप जिम्मेदार वोटर बन सकते हैं।


    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: BMC चुनाव 2026 कब होंगे?
    👉 15 जनवरी 2026 को।

    Q2: कुल कितने वॉर्ड हैं?
    👉 227 चुनावी वॉर्ड।

    Q3: सबसे पहला और आखिरी वॉर्ड कौन सा है?
    👉 वॉर्ड 1 – दहिसर, वॉर्ड 227 – कोलाबा।

    Q4: क्या महिलाओं के लिए आरक्षण है?
    👉 हां, 114 वॉर्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

  • गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    गोरगांव में दहशत: 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाला आवारा कुत्ता अब तक पकड़ से बाहर

    मुंबई के गोरगांव पश्चिम में 24 घंटे में 16 लोगों को काटने वाले संदिग्ध आवारा कुत्ते से इलाके में डर का माहौल है। BMC अब तक कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में इन दिनों डर और बेचैनी का माहौल है। वजह है एक आवारा कुत्ता, जिसने महज 24 घंटों में 16 लोगों को काट लिया, लेकिन इसके बावजूद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद से स्थानीय निवासी अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

    इलाके के लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि वे कई बार BMC से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

    🐕 “एक नहीं, कई कुत्ते हैं, लेकिन एक बेहद खतरनाक है”

    स्थानीय निवासी अमृता गांगुली के मुताबिक,
    “यह सिर्फ एक कुत्ता नहीं बल्कि कुत्तों का एक झुंड है जो लोगों को परेशान कर रहा है। लेकिन एक खास भूरे-टैन रंग का कुत्ता है, जो बेहद आक्रामक है। हमें शक है कि उसे रेबीज़ हो सकता है।”

    उनका कहना है कि कुत्ता अचानक हमला करता है, बिना किसी उकसावे के राह चलते लोगों पर झपटता है।

    📍 स्कूलों और कॉलेज के पास मंडराता खतरा

    निवासियों के अनुसार, यह कुत्ता लगातार जगह बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ना और मुश्किल हो गया है।
    शुरुआत में उसे रेडवुड हाई स्कूल और आदर्श विद्यालय, सिद्धार्थ नगर के आसपास देखा गया, जहां वह बच्चों और राहगीरों पर भौंकते हुए झपटता था।

    इसके बाद कुत्ता विवेक कॉलेज के पास भी नजर आया।

    त्रिना चक्रवर्ती, जो इलाके में रहती हैं, कहती हैं—
    “मेरी बेटी का शनिवार को स्कूल में एक कार्यक्रम था, लेकिन लगातार हमलों की खबरों के बाद मैंने उसे स्कूल नहीं भेजा। बच्चों के लिए यह इलाका बिल्कुल सुरक्षित नहीं रह गया है।”

    🚨 अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ा कुत्ता?

    निवासियों का दावा है कि कुत्ता अब शास्त्री नगर की ओर बढ़ चुका है।
    व्हाट्सएप ग्रुप्स पर संदेश फैल रहे हैं कि वही भूरे रंग का कुत्ता नए इलाके में देखा गया है।

    गांगुली बताती हैं—
    “डर का माहौल ऐसा है कि हम घर से निकलने से पहले दस बार सोचते हैं। सिर्फ बच्चे ही नहीं, वरिष्ठ नागरिक भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”


    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    हालांकि BMC अधिकारियों ने हाल ही में इलाके से कुछ आवारा कुत्तों को पकड़ा है, लेकिन अब तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि वही कुत्ता पकड़ा गया है जिसने 16 लोगों पर हमला किया था।

    इससे लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ता जा रहा है।


    ⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश और जमीनी हकीकत

    नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि

    स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और घनी आबादी वाले इलाकों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को हटाकर, उनका नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास किया जाए।

    लेकिन गोरगांव वेस्ट के हालात देखकर स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।


    😟 डर के साये में जिंदगी

    लगातार हमलों के बाद कई लोग सुबह की सैर, बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का बाहर निकलना टाल रहे हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि BMC तुरंत इस कुत्ते को पकड़े और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करे।


    ❓ FAQ Section

    Q1. गोरगांव वेस्ट में कितने लोगों को कुत्ते ने काटा?
    ➡️ 24 घंटे में कुल 16 लोगों को काटा गया।

    Q2. क्या कुत्ते को पकड़ लिया गया है?
    ➡️ नहीं, BMC अब तक उस खास कुत्ते को पकड़ने में नाकाम रही है।

    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    ➡️ सिद्धार्थ नगर, रेडवुड हाई स्कूल, विवेक कॉलेज और शास्त्री नगर।

    Q4. सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या निर्देश है?
    ➡️ संवेदनशील इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास।

  • WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025 भोपाल में आयोजित होने वाला सेंट्रल इंडिया का प्रमुख WordPress सम्मेलन है, जहां 400+ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स और डिजिटल प्रोफेशनल्स एक मंच पर जुटेंगे।

    मध्यप्रदेश: सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी खबर है। WordCamp Bhopal 2025 इस साल भोपाल में आयोजित होने जा रहा है, जो WordPress कम्युनिटी के लिए एक खास और बहुप्रतीक्षित इवेंट माना जा रहा है। यह एक volunteer-driven WordPress conference है, जहां टेक्नोलॉजी, ओपन-सोर्स और कम्युनिटी की ताकत एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।

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    इस साल के WordCamp Bhopal में 400 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, स्टार्टअप फाउंडर्स, डिजिटल एंटरप्रेन्योर और WordPress के शौकीन लोग शामिल होंगे।

    🌐 WordPress: दुनिया का सबसे लोकप्रिय CMS

    WordPress आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला open-source content management system है, जो लाखों वेबसाइट्स को पावर करता है। ब्लॉगिंग से लेकर बड़े कॉर्पोरेट पोर्टल, ई-कॉमर्स साइट्स और सरकारी वेबसाइट्स तक — WordPress हर जगह मौजूद है।

    WordCamp जैसे इवेंट्स इसी ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म की ताकत और कम्युनिटी स्पिरिट को सेलिब्रेट करने के लिए आयोजित किए जाते हैं।

    👥 कौन-कौन होंगे शामिल?

    WordCamp Bhopal 2025 में हिस्सा लेने वालों में शामिल होंगे:

    • WordPress Developers
    • Web & UI/UX Designers
    • Bloggers और Content Creators
    • Digital Entrepreneurs
    • Educators और Students
    • Open-source Contributors

    यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। इस इवेंट को बुक करने के लिए यहां क्लिक करें — https://bhopal.wordcamp.org/

    🎤 टॉक्स, वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग का शानदार मौका

    इस सम्मेलन में inspiring talks, hands-on workshops और real-world case studies पेश की जाएंगी। WordPress सिक्योरिटी, परफॉर्मेंस, SEO, थीम और प्लगइन डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

    इसके अलावा, यह इवेंट नेटवर्किंग के लिहाज से भी बेहद खास है, जहां लोग इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से सीधे जुड़ सकते हैं।

    🌱 भोपाल की बढ़ती WordPress कम्युनिटी

    भोपाल की WordPress कम्युनिटी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। WordCamp Bhopal 2025 इसी बढ़ती हुई कम्युनिटी की ताकत को दिखाता है। यह इवेंट पूरी तरह inclusive और welcoming atmosphere में आयोजित किया जाएगा, जहां हर किसी को सीखने और जुड़ने का मौका मिलेगा।

    🚀 सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम को मिलेगा फायदा

    WordCamp Bhopal 2025 सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि सेंट्रल इंडिया के डिजिटल और टेक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे नए स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स और टेक टैलेंट को पहचान मिलेगी।


    ❓ FAQ Section

    Q1. WordCamp Bhopal 2025 क्या है?
    ➡️ यह एक WordPress-focused टेक कॉन्फ्रेंस है, जो भोपाल में आयोजित होगी।

    Q2. इसमें कितने लोग शामिल होंगे?
    ➡️ लगभग 400+ प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    Q3. यह इवेंट किसके लिए है?
    ➡️ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, एंटरप्रेन्योर और WordPress यूजर्स के लिए।

    Q4. WordCamp क्यों खास होता है?
    ➡️ क्योंकि यह पूरी तरह कम्युनिटी-ड्रिवन और ओपन-सोर्स स्पिरिट पर आधारित होता है।

  • BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    BMC की सख्ती: चुनाव आचार संहिता में मुंबई से 2103 अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव की घोषणा के बाद BMC ने आदर्श आचार संहिता लागू होते ही 2103 अवैध राजनीतिक बैनर, होर्डिंग और फ्लेक्स हटाने की बड़ी कार्रवाई की। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: नगर पालिका चुनाव घोषणा के तुरंत बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 दोपहर 3 बजे तक, मुंबई भर में कुल 2,103 अनधिकृत राजनीतिक विज्ञापन फलक, बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए हैं। यह कार्रवाई चुनाव में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए युद्ध स्तर पर की गई।

    🗳️ चुनाव घोषणा के बाद तुरंत लागू हुई आचार संहिता

    राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 15 दिसंबर 2025 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका की आम चुनाव की घोषणा किए जाने के बाद पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। इसके तहत किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या समर्थक को सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं है।

    🚧 2103 अवैध होर्डिंग्स, बैनर और फ्लेक्स हटाए गए

    BMC के लाइसेंस विभाग द्वारा पूरे शहर में नियमबाह्य और बिना अनुमति लगाए गए:

    • राजनीतिक होर्डिंग
    • बैनर और फ्लेक्स
    • कियोस्क और स्टिकर्स
    • झंडे, निशान और बोर्ड
    • दीवारों पर की गई राजनीतिक पेंटिंग

    जैसी कुल 2,103 वस्तुएं हटाई गईं। यह कार्रवाई प्रमुख चौकों, मुख्य सड़कों, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर की गई।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चली मुहिम

    यह पूरी कार्रवाई महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी श्री. भूषण गगराणी के निर्देश पर की जा रही है।
    मुहिम का नेतृत्व:

    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) जोशी
    • उप आयुक्त (विशेष) श्रीमती चंदा जाधव

    के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

    🗣️ BMC अधिकारियों ने क्या कहा?

    अतिरिक्त आयुक्त डॉ. जोशी ने कहा कि

    “चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आदर्श आचार संहिता का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी तरह का अनुचित राजनीतिक प्रभाव रोकने के लिए समय रहते सख्त कदम उठाए गए हैं।”

    वहीं उप आयुक्त चंदा जाधव ने बताया कि

    “मुंबई के हर प्रमुख इलाके में अवैध राजनीतिक विज्ञापन हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं से सहयोग की अपील की जाती है।”

    ⚠️ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

    BMC ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी अगर कहीं आचार संहिता का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और शहर की सुंदरता व कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।


    ❓ FAQ Section

    Q1. मुंबई में कितने अवैध राजनीतिक होर्डिंग हटाए गए?
    ➡️ कुल 2,103 अवैध राजनीतिक बैनर, फ्लेक्स और होर्डिंग हटाए गए।

    Q2. यह कार्रवाई कब तक की गई?
    ➡️ 16 दिसंबर 2025 को दोपहर 3 बजे तक।

    Q3. कार्रवाई किसके आदेश पर हुई?
    ➡️ महानगरपालिका आयुक्त एवं चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी के निर्देश पर।

    Q4. आगे भी कार्रवाई होगी क्या?
    ➡️ हां, आचार संहिता के उल्लंघन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की। पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों लोकार्पण। अब मुंबईकरों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी एक ही नंबर पर।

    मुंबई: स्वास्थ्य सेवाओं को और आसान व डिजिटल बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ा कदम उठाया है। बीएमसी ने नागरिकों के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की है, जिसका लोकार्पण राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी व सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों किया गया। इस चॅटबॉट के जरिए अब नागरिक घर बैठे स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी और सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बीएमसी का कदम

    BMC लगातार अपने कामकाज में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर रही है। इसी डिजिटल पहल के तहत हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़े और नागरिकों तक सुविधाएं तेजी से पहुंच सकें।
    बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने यह डिजिटल सुविधा तैयार की है।

    क्या है BMC हेल्थ चॅटबॉट?

    बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट नागरिकों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने वाला एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
    इसके लिए 9892993368 नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर व्हाट्सऐप या चैट के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है।

    इन सुविधाओं की मिलेगी जानकारी

    हेल्थ चॅटबॉट के माध्यम से नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी मिलेगी, जैसे—

    • बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य जागरूकता
    • बीएमसी की स्वास्थ्य योजनाएं और अभियान
    • नजदीकी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र
    • स्वास्थ्य केंद्र में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट
    • स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और लाइसेंस की प्रक्रिया
    • जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र
    • विवाह पंजीकरण
    • दिव्यांग प्रमाणपत्र
    • प्रसूतिगृह और स्वास्थ्य परवाने से जुड़ी जानकारी

    ऑनलाइन पंजीकरण से बचेगा समय

    इस चॅटबॉट के जरिए नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। आपातकालीन स्थिति में यह सुविधा निर्णय लेने में भी मददगार साबित होगी।

    राज्य और केंद्र की योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी

    आने वाले समय में इस चॅटबॉट के जरिए राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
    इसके साथ ही बीएमसी जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट और OPD व बेड उपलब्धता डैशबोर्ड भी शुरू करने जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट का नंबर क्या है?
    9892993368

    Q2. इस चॅटबॉट से क्या जानकारी मिलेगी?
    स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल जानकारी, प्रमाणपत्र, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और योजनाओं की जानकारी।

    Q3. क्या यह सेवा मुफ्त है?
    हां, यह सेवा नागरिकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है।

    Q4. इसका फायदा किसे होगा?
    मुंबई के सभी नागरिकों को।

  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    मालवनी पर महायुति की नज़र, 641 एकड़ जमीन के पुनर्विकास पर सियासी घमासान

    धारावी की तर्ज पर मालवणी के 641 एकड़ इलाके के पुनर्विकास की तैयारी शुरू। क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल, सर्वे और विस्थापन को लेकर विपक्ष ने सरकार पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

    महाराष्ट्र/नागपुर: धारावी पुनर्विकास योजना के बाद अब मुंबई के मालाड स्थित मालवनी इलाके के 641 एकड़ भूखंड पर महायुति सरकार की नजर टिक गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे इलाके के क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकास के लिए सर्वे और योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार इसे झोपड़पट्टी-मुक्त करने की पहल बता रही है, वहीं विपक्ष इसे बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की साजिश करार दे रहा है।

    धारावी मॉडल पर मालवणी पुनर्विकास की तैयारी

    देश की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी को अडानी ग्रुप को सौंपे जाने के बाद अब सरकार ने मालवनी क्षेत्र के पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में 641 एकड़ क्षेत्र के सर्वेक्षण और क्लस्टर डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लस्टर मॉडल के जरिए पूरे मालवनी इलाके का कम समय में पुनर्विकास संभव है और इसे एक बड़े झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्रोजेक्ट के रूप में तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

    641 एकड़ में फैला मालवनी, 14 हजार झोपड़ियां

    मालवनी इलाके का कुल क्षेत्रफल 641 एकड़ है, जिसमें

    • राज्य सरकार
    • म्हाडा
    • बृहन्मुंबई महानगरपालिका
    • निजी भूखंड

    शामिल हैं।
    इसमें से 565.98 एकड़ क्षेत्र में झोपड़पट्टियां हैं, जबकि 75.02 एकड़ खुली जमीन है। इस पूरे इलाके में करीब 14 हजार झोपड़ियां बसी हुई हैं। सरकार का दावा है कि पुनर्विकास के बाद यह इलाका पूरी तरह झोपड़पट्टी-मुक्त हो जाएगा।

    13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका

    विपक्ष का आरोप है कि इस योजना के नाम पर मालवनी में रहने वाले करीब 13 लाख लोगों को विस्थापित किया जाएगा। धारावी पुनर्विकास को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच यह मुद्दा और भी संवेदनशील बन गया है।

    विपक्षी दलों का कहना है कि मुंबई में विकास के नाम पर लगातार बड़े भूखंड बिल्डरों की झोली में डाले जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासियों के पुनर्वास और अधिकारों को लेकर स्पष्टता नहीं है।

    कौन करेगा सर्वे और रिपोर्ट?

    बैठक में तय किया गया कि

    • म्हाडा और
    • झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA)

    अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सर्वे करेंगे।
    सभी झोपड़पट्टियों का सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसियां संयुक्त रिपोर्ट तैयार करेंगी।
    जहां कानूनी अड़चनें होंगी, वहां अलग से कार्रवाई की जाएगी, और जहां विकास संभव होगा, उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद

    इस अहम बैठक में

    • आवास राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर
    • विधायक असलम शेख
    • अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता
    • म्हाडा अधिकारी मिलिंद बोरीकर
    • SRA CEO डॉ. महेंद्र कल्याणकर

    मौजूद रहे।
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगरानी भी बैठक में शामिल हुए।

    दागी बिल्डर को ठेका मिलने की चर्चा

    सूत्रों के अनुसार, इस पुनर्विकास परियोजना को लेकर पहले ही एक दागी बिल्डर को ठेका दिए जाने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आरोप है कि यह वही बिल्डर है, जिसने चेंबूर के माहुल इलाके में प्रोजेक्ट-अफेक्टेड लोगों के लिए इमारतें बनाई थीं, जहां करीब 9 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि वह आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है।

    अब उसी बिल्डर को एक भाजपा नेता के माध्यम से मालवनी की बड़ी पुनर्विकास योजना में शामिल करने की कोशिश हो रही है।


    FAQ

    Q1. मालवणी पुनर्विकास योजना क्या है?
    मालवणी इलाके को क्लस्टर डेवलपमेंट मॉडल के तहत पुनर्विकसित करने की सरकारी योजना।

    Q2. कुल कितनी जमीन शामिल है?
    करीब 641 एकड़ भूमि।

    Q3. कितने लोग प्रभावित हो सकते हैं?
    करीब 13 लाख लोगों के विस्थापन की आशंका जताई जा रही है।

    Q4. विवाद क्यों हो रहा है?
    विपक्ष का आरोप है कि योजना का फायदा बिल्डरों को दिया जा रहा है।

  • KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    मुंबई के केईएम अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया। यहां अब महिला, पुरुष और बच्चों समेत सालाना 150 से अधिक जले हुए मरीजों का आधुनिक इलाज संभव होगा।

    मुंबई: परेल स्थित केईएम अस्पताल में जले हुए मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया है। इस केंद्र में अब महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ पुरुष मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। अत्याधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर और संक्रमण से बचाव की विशेष व्यवस्था के साथ यह केंद्र हर साल करीब 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज में सक्षम होगा।

    Modern-Burn-Care-Centre-inaugurated-at-KEM-Hospital-news

    केईएम अस्पताल में बर्न केयर सेंटर का लोकार्पण

    राजे एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन 13 दिसंबर 2025 को श्री शैलेश लिमडी के हाथों किया गया। इस अवसर पर अस्पताल की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।

    महिला, बच्चे और पुरुष मरीजों को समान सुविधा

    इस बर्न केयर सेंटर में अब जले हुए मरीजों के लिए सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहले जहां सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब महिला, बालक और पुरुष सभी मरीजों को एक ही केंद्र में उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा।

    सालाना 150 से 170 मरीजों के इलाज की क्षमता

    नवीनीकरण किए गए इस केंद्र की क्षमता सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज की है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर और सही इलाज मिल सके, इसके लिए इस केंद्र को विशेष रूप से विकसित किया गया है।

    आईसीयू में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इस बर्न केयर सेंटर में कुल 12 बेड उपलब्ध कराए गए हैं।
    यहां मौजूद सुविधाओं में शामिल हैं—

    • पूरी तरह सुसज्जित अतिदक्षता उपचार कक्ष (ICU)
    • वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम
    • मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर
    • डायलिसिस मशीन
    • आधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इन सुविधाओं के चलते जले हुए मरीजों में इलाज के दौरान आने वाली जटिलताओं पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण संभव होगा।

    संक्रमण से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

    जले हुए मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए—

    • वार्ड में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था
    • मरीजों की सुरक्षित आवाजाही
    • अलग और संरक्षित उपचार कक्ष

    की योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    मरीजों की मानसिक स्थिति का भी रखा गया ध्यान

    इलाज के दौरान मरीजों को दर्द और तनाव से कुछ राहत मिले, इसके लिए—

    • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
    • आधुनिक फर्नीचर
    • मरीजों का ध्यान भटकाने के लिए टीवी की सुविधा

    भी उपलब्ध कराई गई है।

    बीएमसी आयुक्त के निर्देश पर हुआ नवीनीकरण

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने जले हुए मरीजों को समय पर और आधुनिक इलाज देने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त आयुक्त और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में इस बर्न केयर सेंटर का नवीनीकरण पूरा किया गया।

    सरकारी योजनाओं के तहत गरीब मरीजों को इलाज

    उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

    डॉक्टरों का कहना

    प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी ने कहा कि जले हुए मरीजों को शारीरिक चोट के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक आघात भी झेलना पड़ता है। यह बर्न केयर सेंटर मरीजों को इलाज के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद देने का प्रयास करेगा।


    FAQ

    प्रश्न 1: बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन कब हुआ?
    उत्तर: 13 दिसंबर 2025 को।

    प्रश्न 2: यहां कितने मरीजों का इलाज हो सकता है?
    उत्तर: सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों का।

    प्रश्न 3: क्या पुरुष मरीजों को भी इलाज मिलेगा?
    उत्तर: हां, अब पुरुष मरीजों को भी सुविधा उपलब्ध है।

    प्रश्न 4: इस केंद्र में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
    उत्तर: आईसीयू, वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन और संक्रमण नियंत्रण की विशेष व्यवस्था।

  • मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन और 2 नए ज़ोन को मिली मंज़ूरी

    मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन और 2 नए ज़ोन को मिली मंज़ूरी

    मुंबई की बढ़ती आबादी और अपराध को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 4 नए पुलिस स्टेशन, 2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 एसीपी डिविज़न को मंजूरी दी है। 1,448 नए पद और ₹130 करोड़ से ज्यादा का बजट स्वीकृत।

    मुंबई: शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। 12 दिसंबर 2025 को गृह विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय के तहत मुंबई पुलिस कमिश्नरेट में 4 नए पुलिस स्टेशन, 2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 नए एसीपी डिविज़न बनाए जाएंगे। इस फैसले से न सिर्फ पुलिस की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और अपराध पर नियंत्रण भी आसान होगा।

    मुंबई में अभी कितने पुलिस स्टेशन हैं?

    फिलहाल मुंबई में कुल 100 पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • 93 स्थानीय पुलिस स्टेशन
    • 2 तटीय पुलिस स्टेशन (गोराई और माहिम)
    • 5 साइबर पुलिस स्टेशन

    अब सरकार ने इस नेटवर्क में 4 नए पुलिस स्टेशन जोड़ने की मंजूरी दे दी है।

    कहां-कहां बनेंगे नए पुलिस स्टेशन

    सरकार द्वारा स्वीकृत नए पुलिस स्टेशन और उनका क्षेत्राधिकार इस प्रकार है:

    1. महाराष्ट्र नगर पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: भांडुप और पार्कसाइट पुलिस स्टेशन से अलग किया गया इलाका

    2. गोलिबार पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: वाकोला और निर्मल नगर पुलिस स्टेशन से विभाजित इलाका

    3. मड-मार्वे पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: मालवनी पुलिस स्टेशन के कुछ हिस्से

    4. आसलफा पुलिस स्टेशन

    • क्षेत्र: घाटकोपर और साकीनाका पुलिस स्टेशन से पुनर्गठन

    इन नए थानों से स्थानीय नागरिकों को नजदीक पुलिस सहायता मिलेगी और शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

    1,448 नए पद और ₹130 करोड़ से ज्यादा का बजट

    चारों नए पुलिस स्टेशनों के लिए सरकार ने—

    • 1,448 नए पद स्वीकृत किए हैं
    • ₹124.13 करोड़ का वार्षिक (रिकरिंग) खर्च
    • ₹7.39 करोड़ का एकमुश्त (नॉन-रिकरिंग) खर्च मंजूर किया है

    यह खर्च संबंधित वित्तीय वर्ष के बजट से पूरा किया जाएगा।

    2 नए डीसीपी ज़ोन और 3 एसीपी डिविज़न

    पुलिस प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने—

    • 2 नए डीसीपी ज़ोन
    • 3 नए एसीपी डिविज़न

    को भी मंजूरी दी है।
    इसके तहत—

    • डीसीपी ज़ोन के लिए 34 नए पद
    • एसीपी डिविज़न के लिए 30 नए पद

    स्वीकृत किए गए हैं।
    इस पर ₹6.24 करोड़ का वार्षिक और ₹83.95 लाख का एकमुश्त खर्च आएगा।

    क्यों लिया गया यह फैसला?

    सरकार के मुताबिक—

    • मुंबई की तेज़ी से बढ़ती आबादी
    • शहर का लगातार हो रहा विस्तार
    • ट्रैफिक दबाव और अपराध के बढ़ते मामले

    इन सभी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नए पुलिस स्टेशन और ज़ोन बनने से पेट्रोलिंग बेहतर होगी और अपराध नियंत्रण मजबूत होगा।

    प्रस्ताव कैसे हुआ मंजूर?

    यह प्रस्ताव मुंबई पुलिस आयुक्त द्वारा भेजा गया था।

    • 11 नवंबर 2025 को हुई उच्चस्तरीय सचिव समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई
    • इसके बाद गृह विभाग ने 12 दिसंबर 2025 को शासन निर्णय जारी कर मंजूरी दी

    FAQ सेक्शन

    Q1: मुंबई में कितने नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे?
    मुंबई में 4 नए पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे।

    Q2: किन इलाकों को फायदा मिलेगा?
    भांडुप, पार्कसाइट, वाकोला, निर्मल नगर, मालवणी, मड-मार्वे, घाटकोपर और साकीनाका क्षेत्र।

    Q3: कुल कितने नए पद स्वीकृत हुए हैं?
    कुल 1,448 नए पद पुलिस स्टेशनों के लिए और 64 पद डीसीपी-एसीपी संरचना के लिए।

    Q4: इस पर कितना खर्च आएगा?
    करीब ₹130 करोड़ से ज्यादा का खर्च आएगा।

    Q5: इससे आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?
    तेज़ पुलिस रिस्पॉन्स, बेहतर पेट्रोलिंग और अपराध नियंत्रण।