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  • Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Murder Case: Goregaon में तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने 35 वर्षीय Afser की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में पता चला कि मछली इंसान नहीं बल्कि चूहों ने खा ली थी। Vanrai Police ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: Goregaon इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने अपने ही साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में जांच में पता चला कि जिस मछली को लेकर विवाद हुआ था, उसे किसी इंसान ने नहीं बल्कि चूहों ने खा लिया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को हैरान कर दिया है।

    24 फरवरी की रात हुई यह खौफनाक घटना

    पुलिस के अनुसार यह घटना 24 फरवरी को Goregaon, Mumbai में हुई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।9

    उस दिन अफसर अपने दो दोस्तों सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” के साथ अपने फ्लैट में बैठा हुआ था। तीनों ने मिलकर मछली पकाई और शराब पीते हुए समय बिताया। खाना तैयार होने के बाद तीनों वहीं बैठते-बैठते सो गए।

    रात में रसोई में पहुंच गए चूहे

    जब तीनों दोस्त सो रहे थे, उसी दौरान रसोई में रखी तली हुई मछली को चूहों ने खा लिया

    सुबह जब सुरेश और राजेश की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि पैन का बर्तन पूरी तरह खाली है। उन्हें लगा कि अफसर ने रात में उठकर सारी मछली खा ली है।

    मछली को लेकर शुरू हुआ विवाद

    मछली गायब होने की बात पर तीनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में यह सिर्फ कहासुनी थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला गंभीर हो गया।

    दोनों दोस्तों को शक था कि अफसर ने अकेले ही सारी मछली खा ली, जिस वजह से उनका गुस्सा बढ़ता गया।

    लात-घूंसों से हमला, फिर पत्थर से सिर कुचल दिया

    पुलिस के अनुसार बहस के दौरान सुरेश और राजेश ने अफसर को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया

    मारपीट इतनी ज्यादा हो गई कि आरोपियों ने लात-घूंसों से हमला करने के बाद पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। इस हमले में अफसर की मौके पर ही मौत हो गई

    हत्या के बाद हरियाणा भाग गए आरोपी

    हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और हरियाणा की तरफ भाग गए

    इसके बाद मुंबई के Vanrai Police Station में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

    बिना मोबाइल और पहचान के आरोपियों को पकड़ना था मुश्किल

    पुलिस के लिए यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि आरोपियों के पास न मोबाइल फोन था और न कोई पहचान पत्र

    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में रहने वाले करीब 50 कबाड़ बीनने वालों (scrap collectors) से पूछताछ की। इसी पूछताछ से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    ऐसे पकड़े गए दोनों आरोपी

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुरेश को हरियाणा के कैथल (Kaithal) से गिरफ्तार किया।

    वहीं दूसरा आरोपी राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” को मालाड़ के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    तीनों करते थे कबाड़ का काम

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अफसर, सुरेश और राजेश तीनों कबाड़ (scrap collection) का काम करते थे और अक्सर साथ में रहते थे।

    जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी राजेश का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

    आरोपी पर पहले भी गंभीर केस दर्ज

    पुलिस के अनुसार राजेश पर पहले भी हत्या और रंगदारी (extortion) जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

    फिलहाल पुलिस ने अफसर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    छोटी गलतफहमी का बड़ा अंजाम

    मुंबई का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि शक और गुस्सा इंसान को कितना खतरनाक बना सकता है

    अगर उस समय थोड़ी समझदारी दिखाई जाती, तो शायद आज अफसर जिंदा होता। एक मामूली गलतफहमी ने एक इंसान की जिंदगी खत्म कर दी।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।

    Q2. हत्या की वजह क्या थी?
    आरोपियों को शक था कि अफसर ने सारी तली हुई मछली खा ली, जबकि बाद में पता चला कि मछली चूहों ने खाई थी

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
    इस केस में दो आरोपी — सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ Nepali गिरफ्तार हुए हैं।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    सुरेश को हरियाणा के कैथल से और राजेश को एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Goregaon के Hanuman Tekri इलाके में एक homeless scrap collector की हत्या के मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पत्थर से हमला कर हत्या की गई।

    मुंबई: Goregaon इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेघर कचरा बीनने वाले की हत्या कर दी गई। इस मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    Hanuman Tekri के पास मिला घायल व्यक्ति

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि Goregaon के Hanuman Tekri इलाके के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है

    पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत Jogeshwari East के Trauma Care Hospital ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

    पहले ADR केस दर्ज, बाद में हत्या का शक

    शुरुआत में Vanrai Police ने मामले को Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया था।

    लेकिन शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सिर पर गंभीर चोटें दिखाई दीं। यह चोटें संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी

    मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए कुछ समय तक उसकी पहचान नहीं हो सकी।

    इसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग investigation teams बनाईं और मृतक की तस्वीरें Goregaon-Dahisar belt में काम करने वाले scrap collectors के बीच दिखाई गईं।

    पुलिस ने करीब 50 से 70 कचरा बीनने वालों को फोटो दिखाए। आखिरकार उनमें से कुछ लोगों ने मृतक की पहचान Azhar के रूप में की।

    Azhar के साथ काम करते थे दो साथी

    जांच में सामने आया कि Azhar scrap collection का काम करता था और उसके साथ दो लोग अक्सर काम करते थे —

    • Suresh उर्फ “Kaliya”
    • Salim उर्फ “Nepali”

    पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि घटना वाले दिन से ही दोनों साथी लापता थे, जिससे उन पर शक और मजबूत हो गया।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि

    अस्पताल से आई post-mortem report में पुष्टि हुई कि Azhar की मौत सिर पर हमले से लगी चोटों के कारण हुई

    इसके बाद पुलिस ने unknown persons के खिलाफ murder case दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    Haryana और Malad से दोनों आरोपी गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस ने Suresh उर्फ “Kaliya” को Haryana से ट्रेस कर हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपराध कबूल किया और बताया कि उसने अपने साथी Salim उर्फ “Nepali” के साथ मिलकर Azhar की हत्या की थी।

    इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी Salim को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    पत्थर से सिर पर वार कर की हत्या

    पुलिस के अनुसार, scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ था।

    बहस के दौरान आरोपियों ने पत्थर से Azhar के सिर पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    अब पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान Azhar के रूप में हुई है, जो scrap collector का काम करता था।

    Q2. हत्या किस वजह से हुई?
    पुलिस के अनुसार scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    इस केस में दो आरोपी — Suresh उर्फ Kaliya और Salim उर्फ Nepali को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    एक आरोपी को Haryana से और दूसरे को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    इस केस की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime: ‘Paper to Currency Conversion’ स्कैम में UP के 2 आरोपी गिरफ्तार, Goregaon के बिजनेसमैन से 7 लाख की ठगी

    Mumbai Crime News: Bangur Nagar Police ने UP से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने Goregaon West के एक businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी की. Police ने Gazipur से पकड़ा, कोर्ट ने 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा.

    मुंबई: देश में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां Goregaon West के एक 34 साल के businessman को “paper to currency conversion” स्कैम दिखाकर ₹7 लाख की ठगी कर ली गई। इस मामले में Bangur Nagar Police ने Uttar Pradesh से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी साधारण कागज को केमिकल और पाउडर से नोट में बदलने का झांसा देकर लोगों को ठगते थे।

    Vasai में दिखाई गई फर्जी डेमो से हुआ भरोसा

    पुलिस के अनुसार, यह मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था। उस समय आरोपी Vasai में शिकायतकर्ता से मिले थे और fake identities का इस्तेमाल कर रहे थे।

    उन्होंने बिजनेसमैन को एक डेमो दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ₹500 के नोट को “केमिकल और पाउडर” की मदद से दो नोटों में बदलने का दावा किया

    डेमो के बाद आरोपी ने उन्हीं नोटों से बाजार में खरीदारी भी की। जब नोट असली निकले तो बिजनेसमैन को लगा कि यह सचमुच कोई खास तकनीक है, जिससे उनका भरोसा पूरी तरह बन गया।

    Goregaon घर पर आकर किया 7 लाख का खेल

    पुलिस के मुताबिक 12 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी Goregaon West स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंचे

    उन्होंने कहा कि वे ₹7 लाख की रकम को दोगुना करके ₹14 लाख बना सकते हैं। इसके लिए उन्होंने साधारण कागज के बंडलों पर कुछ केमिकल और पाउडर लगाया और उन्हें ब्राउन पेपर में पैक कर दिया

    आरोपियों ने दो पैकेट शिकायतकर्ता को सौंप दिए और ₹7 लाख लेकर मौके से फरार हो गए

    पैकेट खोलते ही सामने आया बड़ा फ्रॉड

    कुछ समय बाद जब बिजनेसमैन ने पैकेट खोले तो उसमें सिर्फ साधारण कागज के बंडल थे। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ “currency doubling scam” हो चुका है।

    इसके बाद उन्होंने तुरंत Bangur Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।

    UP और Bihar कनेक्शन से हुआ खुलासा

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एक आरोपी Prakash Kumar Gupta (25) है, जो Buxar, Bihar का रहने वाला है और मजदूरी करता था।

    दूसरा आरोपी Rajsingh Prasad (47) है, जो Uttar Pradesh का रहने वाला है और बेरोजगार बताया गया है।

    पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी Gazipur (UP) में छिपे हुए हैं।

    Gazipur से गिरफ्तार, Mumbai लाकर कोर्ट में पेश

    Bangur Nagar Police ने UP Police की मदद से Gazipur में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    इसके बाद उन्हें Mumbai लाया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया।

    कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस तरह की ठगी में और लोग शामिल तो नहीं हैं और क्या आरोपियों ने पहले भी किसी को इसी तरीके से ठगा है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. “Paper to Currency Conversion” स्कैम क्या होता है?
    यह एक फ्रॉड तकनीक है जिसमें ठग केमिकल या पाउडर का इस्तेमाल कर कागज को नोट में बदलने का झांसा देते हैं और लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं।

    Q2. इस केस में कितने पैसे की ठगी हुई?
    Goregaon के businessman से ₹7 लाख की ठगी की गई।

    Q3. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    पुलिस ने उन्हें Gazipur, Uttar Pradesh से गिरफ्तार किया।

    Q4. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Bangur Nagar Police, Mumbai कर रही है।

    Q5. आरोपियों को कब तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है?
    स्थानीय कोर्ट ने उन्हें 14 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    Kandivali East Lokhandwala Township में BMC ने abandoned vehicles यानी ‘खटारे’ के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। 48 घंटे का notice देने के बाद luxury bus, motorcycles और autorickshaw हटाए गए। Pay-and-Park सिस्टम लाने की भी तैयारी।

    मुंबई: Kandivali East Lokhandwala Township में illegal hawkers पर बड़ी कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अब Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने सड़कों पर महीनों से खड़े abandoned vehicles यानी स्थानीय भाषा में कहे जाने वाले ‘khataras’ के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

    बुधवार को R-South ward की टीम ने traffic police के साथ मिलकर कई ऐसे वाहनों को हटाया जो लंबे समय से सड़क किनारे पड़े थे और residents के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice चिपकाया गया था, लेकिन मालिकों के सामने न आने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया।

    🚧 48 घंटे का नोटिस, फिर सीधी कार्रवाई

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    R-South ward के assistant engineer (maintenance) Hemant Pant ने बताया कि मुंबई में abandoned vehicles हटाने के लिए BMC ने तीन अलग-अलग contractors नियुक्त किए हैं —

    • एक Mumbai city के लिए
    • एक Eastern suburbs के लिए
    • और एक Western suburbs के लिए

    Pant के मुताबिक, स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद उन पर 48-hour warning notice लगाया गया था।

    उन्होंने कहा,
    “अगर 48 घंटे में वाहन मालिक सामने नहीं आते हैं, तो BMC उन्हें seize कर लेती है। Lokhandwala Township में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। किसी ने वाहन claim नहीं किया, इसलिए उन्हें सड़क से हटा दिया गया।”

    🔧 जब्त वाहनों को किया जाएगा dismantle

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इन वाहनों को आगे dismantle किया जाएगा।

    उनके spare parts को बेचकर इस ऑपरेशन में आने वाला खर्च recover किया जाएगा। यह प्रक्रिया मुंबई में abandoned vehicles हटाने के standard civic rules के तहत की जाती है।

    🚌 पहले चरण में luxury bus समेत कई वाहन हटाए गए

    स्थानीय corporator Neelam Gurav ने बताया कि बुधवार को शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में कई वाहनों पर कार्रवाई की गई।

    इसमें शामिल थे:

    • 1 Luxury Bus
    • 6 से 7 Motorcycles
    • 1 Autorickshaw

    उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में heavy vehicles पर भी कार्रवाई होगी जो सड़क पर जगह घेरकर nuisance पैदा कर रहे हैं।

    ⚠️ abandoned bus बन गया था असामाजिक गतिविधियों का अड्डा

    Neelam Gurav ने बताया कि Lokhandwala में खड़ी एक बड़ी बस लंबे समय से abandoned थी।

    उन्होंने कहा,
    “उस बस का इस्तेमाल कुछ anti-social elements पेशाब करने और गंदगी फैलाने के लिए कर रहे थे, जिससे आसपास के लोगों को बहुत बदबू और परेशानी हो रही थी। ऐसे abandoned vehicles इलाके की safety के लिए भी खतरा बन जाते हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि इन वाहनों के हटने के बाद अब BMC sweepers को सड़क साफ करने में भी आसानी होगी।

    🧹 Residents ने कहा – अब सड़कें होंगी साफ और सुरक्षित

    Lokhandwala Township के निवासी Manish Bhatnagar ने बताया कि उनके building के पीछे वाली सड़क अक्सर abandoned vehicles की वजह से blocked रहती थी।

    उन्होंने कहा,
    “सुबह walk करते समय कई बार सड़क पर शराब की बोतलें, needles और यहां तक कि condoms भी पड़े दिखते थे। यह जगह धीरे-धीरे unsafe बन रही थी। अच्छा है कि अब BMC ने कार्रवाई शुरू कर दी है।”


    ⚡ Hawkers drive के बाद अब vehicles पर BMC की कार्रवाई

    गौरतलब है कि हाल ही में Lokhandwala Township में illegal hawkers और shop extensions के खिलाफ बड़ा anti-encroachment drive चलाया गया था।

    उस दौरान कुछ hawkers ने civic team पर हमला भी कर दिया था और उनके equipment को नुकसान पहुंचाया था।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को अदालत ने 20 मार्च तक judicial custody में भेज दिया है।

    🚗 Street Parking बनी बड़ी समस्या

    Samata Nagar traffic division के Senior Police Inspector Jagdish Bhopale ने बताया कि Kandivali East में abandoned vehicles हटाना आसान नहीं है।

    उन्होंने कहा कि इलाके में street parking बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है।

    “कई residents के पास एक से ज्यादा cars हैं, लेकिन society parking में जगह नहीं होने के कारण वे उन्हें सड़क पर पार्क कर देते हैं।”

    💰 Kandivali East में Pay-and-Park योजना की तैयारी

    Traffic police अब Pay-and-Park system लागू करने की सिफारिश कर रही है।

    यह योजना इन इलाकों में लागू हो सकती है:

    • Lokhandwala Township
    • Thakur Complex
    • Thakur Village
    • Ashok Nagar

    अधिकारियों के मुताबिक, इससे

    • सड़क पर parking व्यवस्थित होगी
    • traffic congestion कम होगा
    • और सरकार को revenue generation में भी मदद मिलेगी।

    📌 FAQ

    1. BMC ने Kandivali East में क्या कार्रवाई शुरू की है?

    BMC ने Lokhandwala Township में abandoned vehicles (khataras) हटाने का अभियान शुरू किया है।

    2. वाहन हटाने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है?

    वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice लगाया जाता है। अगर मालिक नहीं आते तो वाहन जब्त कर लिए जाते हैं।

    3. जब्त किए गए वाहनों का क्या होता है?

    उन्हें dismantle करके उनके spare parts बेच दिए जाते हैं।

    4. पहले चरण में कितने वाहन हटाए गए?

    पहले चरण में 1 luxury bus, 6-7 motorcycles और 1 autorickshaw हटाए गए।

    5. Kandivali East में parking समस्या का समाधान क्या हो सकता है?

    Traffic police ने Pay-and-Park system लागू करने का सुझाव दिया है।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Scam: वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाले में 55 करोड़ की ठगी, कोल्हापुर का डेवलपर गिरफ्तार

    Mumbai Versova Redevelopment Scam – EOW ने 55 करोड़ रुपये के हाउसिंग फ्रॉड मामले में कोल्हापुर के डेवलपर Amrut Mahendrakar को गिरफ्तार किया। Versova building redevelopment के नाम पर फ्लैट गिरवी रखकर और बेचकर की गई बड़ी ठगी का खुलासा।

    मुंबई: मुंबई में Versova redevelopment scam से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर की Economic Offences Wing (EOW) – Mumbai Police ने 55 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले में कोल्हापुर के एक डेवलपर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि Versova, Andheri स्थित एक पुराने बिल्डिंग के पुनर्विकास (redevelopment project) के नाम पर समाज के सदस्यों के फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना mortgage और sale कर दिया गया। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले में फर्जी दस्तावेज, नकली एग्रीमेंट और जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया गया।

    EOW ने कोल्हापुर के डेवलपर को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की EOW Housing Unit ने इस मामले में Amrut Uttam Mahendrakar (34) को गिरफ्तार किया है। महेंद्रकर कोल्हापुर जिले के Ichalkaranji का रहने वाला है।

    पुलिस के मुताबिक वह इस पूरे real estate fraud case में मुख्य आरोपी की मदद कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और फ्लैट्स की अवैध बिक्री व मॉर्गेज प्रक्रिया को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई

    पहले भी हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी

    इस मामले में इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अगस्त 2025 में पुलिस ने Amarjit Shukla को गिरफ्तार किया था, जो Mid City Heights नाम की कंपनी का मालिक बताया गया है।

    पुलिस के अनुसार Mahendrakar इस केस में गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी है और जांच में अभी और लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

    Versova की हाउसिंग सोसाइटी ने दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Versova Police Station में दर्ज किया गया था। शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने दर्ज कराई थी, जो Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society से जुड़ी हैं।

    जानकारी के मुताबिक इस सोसाइटी ने 2015 में Midcity Heights Partnership Firm को अपनी पुरानी बिल्डिंग के redevelopment project के लिए नियुक्त किया था।

    13 परिवारों को नए घर देने का दिया गया था वादा

    डेवलपर कंपनी ने सोसाइटी के 13 निवासियों, जिनके पास कुल 14 फ्लैट थे, उन्हें तय समय सीमा के भीतर नए फ्लैट देने का भरोसा दिया था।

    लेकिन जब प्रोजेक्ट आगे बढ़ा तो सोसाइटी के सदस्यों को शक हुआ कि Permanent Alternate Accommodation Agreement (PAAA) के तहत उन्हें मिलने वाले फ्लैट्स के साथ धोखाधड़ी हो रही है।

    बिना अनुमति फ्लैट्स को गिरवी रखकर बेच दिया गया

    जांच के दौरान सामने आया कि सोसाइटी के सदस्यों को मिलने वाले कई फ्लैट्स को उनकी अनुमति के बिना ही बैंकों के पास गिरवी (mortgage) रखा गया

    इतना ही नहीं, इन्हीं फ्लैट्स को तीसरे पक्ष (third parties) को बेचने के भी आरोप लगे हैं। इससे सोसाइटी के सदस्यों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

    फर्जी दस्तावेज और नकली स्टैम्प का इस्तेमाल

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी Amarjit Shukla और उसके साथियों ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए

    इनमें कथित तौर पर:

    • Fake agreements for sale
    • Joint Deputy Registrar के जाली हस्ताक्षर
    • Counterfeit stamps और forged paperwork

    का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर कई बैंकों से करोड़ों रुपये के लोन उठाए गए, जिससे कुल ठगी का आंकड़ा लगभग ₹55 करोड़ तक पहुंच गया।

    जांच में सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे

    EOW अधिकारियों के मुताबिक यह मामला Mumbai real estate fraud के बड़े मामलों में से एक हो सकता है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस Versova redevelopment scam में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने बैंक या वित्तीय संस्थान इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. वर्सोवा रिडेवलपमेंट घोटाला क्या है?

    यह एक real estate fraud case है जिसमें redevelopment के नाम पर सोसाइटी के फ्लैट्स को बिना अनुमति गिरवी रखकर और बेचकर करीब ₹55 करोड़ की ठगी की गई।

    2. इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?

    Amrut Uttam Mahendrakar, जो कोल्हापुर जिले के इचलकरंजी का निवासी है।

    3. पहले किस आरोपी को गिरफ्तार किया गया था?

    इस केस में पहले Amarjit Shukla, Mid City Heights का मालिक, गिरफ्तार किया गया था।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    शिकायत Meena Singh Thilon (71) ने Versova पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

    5. सोसाइटी का नाम क्या है?

    Zakaria Aghadi Nagar No.3 Co-operative Housing Society

  • Mumbai Fire: अंधेरी के ओशिवारा झुग्गी इलाके में भीषण आग, SV Road पर धुएं से घिरा पूरा इलाका

    Mumbai Fire: अंधेरी के ओशिवारा झुग्गी इलाके में भीषण आग, SV Road पर धुएं से घिरा पूरा इलाका

    Mumbai Fire News – Andheri के Oshiwara slum में भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी। SV Road के पास उठे काले धुएं के गुबार। इससे पहले Ambernath MIDC में chemical factory में धमाकों के साथ लगी थी आग।

    मुंबई: मुंबई के Andheri West इलाके में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब Oshiwara Business District के पास स्थित एक झुग्गी बस्ती में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग SV Road के पास बने झोपड़ियों के एक बड़े क्लस्टर में भड़की। देखते ही देखते आग से उठने वाला घना काला धुआं पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आग का वीडियो

    Mumbai-Fire-Andheri-Oshiwara-slum-SV-Road-engulfed-smoke-news

    घटना का एक वीडियो Instagram पेज “Andherilocal” पर शेयर किया गया, जिसके बाद यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि झुग्गी बस्ती की कई झोपड़ियों से तेज लपटें उठ रही हैं और आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार फैल रहा है

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि कई मिनटों के भीतर ही बस्ती के कई हिस्से उसकी चपेट में आ गए। चूंकि यह इलाका काफी densely populated slum settlement है, इसलिए आग के फैलने का खतरा और भी ज्यादा था।

    SV Road और आसपास के इलाके में फैली चिंता

    आग लगने के बाद SV Road और Oshiwara commercial area में मौजूद दुकानदार और स्थानीय निवासी काफी घबरा गए। धुएं के बड़े गुबार की वजह से आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए visibility भी कम हो गई

    लोगों ने तुरंत अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर जाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने मोबाइल से इस घटना के वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए।

    आग लगने की वजह अभी तक साफ नहीं

    फिलहाल fire department और स्थानीय प्रशासन की ओर से आग लगने के कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितनी झोपड़ियां आग की चपेट में आईं, कितना नुकसान हुआ और क्या इस घटना में कोई घायल हुआ है या नहीं। अधिकारी मौके की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और पूरी जांच के बाद ही विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।

    एक दिन पहले Ambernath में भी हुआ था बड़ा अग्निकांड

    गौर करने वाली बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में एक दिन पहले ही एक बड़ा आग का हादसा हुआ था।

    सोमवार को Ambernath के Anandnagar MIDC industrial area में स्थित एक chemical manufacturing unit में भीषण आग लग गई थी। इस आग के साथ कई जोरदार धमाके भी हुए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

    Ganesh Chemical Company में लगी थी आग

    शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक यह आग Ganesh Chemical Company नाम की फैक्ट्री में लगी थी, जो Anandnagar MIDC industrial belt में स्थित है।

    फैक्ट्री के अंदर बड़ी मात्रा में flammable chemicals रखे हुए थे। जैसे ही इन केमिकल्स ने आग पकड़ी, एक के बाद एक कई जोरदार विस्फोट (explosions) होने लगे।

    धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के फैक्ट्री कर्मचारी और स्थानीय निवासी तुरंत इमारतों से बाहर निकल आए।

    केमिकल्स की वजह से और खतरनाक हुआ हादसा

    बताया जा रहा है कि फैक्ट्री परिसर में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण आग कुछ ही मिनटों में पूरे यूनिट में फैल गई। बार-बार हो रहे धमाकों की वजह से firefighting operations भी काफी मुश्किल हो गए थे।

    घटनास्थल से उठता हुआ घना काला धुआं आसमान में कई मीटर ऊपर तक दिखाई दे रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यह धुआं करीब दो किलोमीटर दूर से भी नजर आ रहा था, जिससे आसपास के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग घबरा गए।

    लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता

    लगातार दो दिनों में MMR region में हुए इन बड़े आग हादसों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि slum settlements और industrial zones दोनों जगहों पर आग से बचाव के बेहतर इंतजाम होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां घनी आबादी और ज्वलनशील सामग्री होने की वजह से हादसे ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. ओशिवारा में आग कहां लगी?

    अंधेरी के Oshiwara Business District में SV Road के पास स्थित झुग्गी बस्ती में आग लगी।

    2. क्या किसी के घायल होने की खबर है?

    फिलहाल अधिकारियों ने चोट या नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।

    3. आग लगने की वजह क्या थी?

    आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच जारी है।

    4. Ambernath में किस फैक्ट्री में आग लगी थी?

    प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक Ganesh Chemical Company में आग लगी थी।

    5. क्या इस घटना में विस्फोट भी हुए थे?

    हाँ, फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील केमिकल्स के कारण कई जोरदार धमाके हुए थे।

  • Gas Crisis: मुंबई में गैस की कमी से होटल बंद, बिजली व्यवस्था पर भी खतरा – जयंत पाटिल की बड़ी चेतावनी

    Gas Crisis: मुंबई में गैस की कमी से होटल बंद, बिजली व्यवस्था पर भी खतरा – जयंत पाटिल की बड़ी चेतावनी

    Mumbai Gas Crisis 2026 – West Asia War के असर से LPG shortage, मुंबई और महाराष्ट्र में होटल बंद होने लगे। NCP नेता Jayant Patil ने बिजली व्यवस्था और किसानों पर असर को लेकर जताई चिंता। जानें पूरा अपडेट।

    मुंबई: पश्चिम एशिया (West Asia War) में जारी युद्ध का असर अब सीधे भारत और खासकर महाराष्ट्र में दिखाई देने लगा है। राज्य में LPG gas shortage की वजह से कई जगह होटल और रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर NCP (Sharad Pawar faction) के वरिष्ठ नेता Jayant Patil ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि गैस की कमी से सिर्फ होटल ही नहीं, बल्कि electricity system और किसानों की अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

    महाराष्ट्र में गैस की कमी से होटल-रेस्टोरेंट बंद

    मुंबई सहित देश के कई बड़े शहरों में commercial LPG cylinders की भारी कमी देखने को मिल रही है। होटल और रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े संगठनों के मुताबिक, मुंबई के लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद हो चुके हैं क्योंकि उनके पास खाना बनाने के लिए गैस नहीं बची है।

    AHAR (hotel association) ने चेतावनी दी है कि अगर गैस सप्लाई जल्दी सामान्य नहीं हुई तो अगले कुछ दिनों में 50% तक होटल बंद हो सकते हैं। इसका सीधा असर लाखों कर्मचारियों की नौकरी और शहर की फूड इंडस्ट्री पर पड़ेगा।

    मुंबई के कई मशहूर रेस्टोरेंट और छोटे उडुपी होटल ने या तो अपना मेन्यू कम कर दिया है या फिर पूरी तरह से किचन बंद कर दिया है।

    West Asia War बना गैस संकट की बड़ी वजह

    विशेषज्ञों के मुताबिक यह संकट West Asia conflict की वजह से पैदा हुआ है। इस क्षेत्र से भारत बड़ी मात्रा में LPG और ऊर्जा संसाधन आयात करता है। युद्ध के कारण shipping routes और energy supply chain प्रभावित हो गए हैं, जिससे भारत में गैस की सप्लाई कम हो गई है।

    सरकार ने फिलहाल घरेलू उपयोग के लिए गैस को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण commercial LPG supply यानी होटल-रेस्टोरेंट के लिए मिलने वाली गैस में कटौती हुई है।

    किसानों और फलों-सब्जियों के व्यापार पर भी असर

    जयंत पाटिल ने कहा कि गैस की कमी का असर सिर्फ होटल इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा। महाराष्ट्र में फल उत्पादक और सब्जी बेचने वाले किसान भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

    होटल और फूड इंडस्ट्री बंद होने से फलों और सब्जियों की मांग कम हो जाती है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति लंबी चली तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

    बिजली व्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर

    जयंत पाटिल ने एक और बड़ी चिंता जताते हुए कहा कि अगर ऊर्जा संकट बढ़ा तो power supply और electricity management भी प्रभावित हो सकता है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में कई बिजली उत्पादन और उद्योगिक प्रक्रियाएं गैस और ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं। अगर West Asia crisis लंबा चला तो energy security और power generation पर दबाव बढ़ सकता है।

    सरकार ने क्या कदम उठाए?

    स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ आपात कदम उठाए हैं:

    • घरेलू LPG supply को प्राथमिकता दी गई
    • LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए
    • Essential Commodities Act के तहत वितरण नियंत्रण
    • घरेलू सिलेंडर की बुकिंग अवधि 25 दिन कर दी गई ताकि जमाखोरी रोकी जा सके

    सरकार का कहना है कि सप्लाई जल्द सामान्य करने के लिए रिफाइनरी और तेल कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. मुंबई में गैस की कमी क्यों हो रही है?

    West Asia War और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण भारत में commercial LPG supply प्रभावित हुई है।

    2. क्या घरेलू गैस भी खत्म हो जाएगी?

    सरकार ने फिलहाल घरेलू गैस को प्राथमिकता दी है, इसलिए घरेलू उपयोग के लिए स्थिति नियंत्रित बताई जा रही है।

    3. कितने होटल बंद हो चुके हैं?

    रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में करीब 20% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं।

    4. क्या इससे बिजली संकट भी हो सकता है?

    NCP नेता Jayant Patil ने चेतावनी दी है कि अगर ऊर्जा संकट बढ़ा तो बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

    5. किसानों को कैसे नुकसान होगा?

    होटल और फूड इंडस्ट्री बंद होने से फल-सब्जियों की मांग घटती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है।

  • Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    Malad Extortion Case: Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ की फिरौती मांगने वाला दिल्ली का व्यापारी गिरफ्तार

    मुंबई के Malad में शेयर बाजार के एक व्यापारी से Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में Delhi के businessman Kailash Agarwal को Malad Police ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया था।

    मुंबई: Malad इलाके में Bishnoi Gang के नाम पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Malad Police ने इस मामले में दिल्ली के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात Bishnoi Gang का सदस्य बताकर एक शेयर बाजार के कारोबारी को लगातार धमकियां दे रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान Kailash Agarwal के रूप में हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़ित का रिश्तेदार ही है और उसने business losses की वजह से यह साजिश रची थी।

    बार-बार कॉल कर मांगे 5 करोड़ रुपये

    पुलिस के अनुसार आरोपी कई दिनों से Malad में रहने वाले share market businessman को फोन कर रहा था। वह खुद को Bishnoi Gang से जुड़ा हुआ बताकर कारोबारी को धमकी देता था कि अगर ₹5 करोड़ की फिरौती नहीं दी गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

    लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित कारोबारी ने आखिरकार Malad Police Station में शिकायत दर्ज कराई।

    लोकेशन छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बहुत चालाकी से काम कर रहा था। वह हर बार फोन कॉल और मैसेज भेजते समय VPN system का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी असली लोकेशन छिपी रहे।

    लेकिन पुलिस की technical investigation के जरिए आखिरकार उस VPN नेटवर्क को ट्रेस कर लिया गया।

    दिल्ली से किया गया आरोपी को गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद Malad Police Station के PSI Bachav और उनकी टीम तुरंत दिल्ली रवाना हुई।

    करीब एक हफ्ते की लगातार जांच और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने आरोपी Kailash Agarwal को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी खुद भी बड़ा व्यापारी निकला

    पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। DCP Zone 11, Mumbai Police Sandeep Jadhav के अनुसार आरोपी खुद भी दिल्ली का एक बड़ा व्यापारी है और पीड़ित व्यक्ति का रिश्तेदार भी है।

    पुलिस के मुताबिक कारोबार में भारी आर्थिक नुकसान होने के कारण उसने यह पूरी साजिश रची थी।

    Bishnoi Gang के नाम से फैलाया डर

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जानबूझकर Bishnoi Gang का नाम लेकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की ताकि पीड़ित व्यक्ति जल्दी पैसे दे दे।

    उसने ₹5 करोड़ की बड़ी रकम वसूलने के लिए तकनीक और गैंगस्टर के डर का इस्तेमाल किया

    पुलिस कर रही है आगे की जांच

    अब Malad Police यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का वास्तव में Bishnoi Gang से कोई संबंध है या नहीं

    इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं

    पुलिस का कहना है कि अगर पीड़ित ने समय पर शिकायत नहीं की होती, तो आरोपी बड़ी रकम वसूलने में सफल हो सकता था।


    FAQ

    1. Malad में क्या मामला सामने आया है?

    Malad में एक व्यक्ति ने खुद को Bishnoi Gang का सदस्य बताकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की कोशिश की।

    2. आरोपी कौन है?

    आरोपी का नाम Kailash Agarwal है और वह दिल्ली का रहने वाला व्यापारी है।

    3. आरोपी ने अपनी लोकेशन कैसे छिपाई?

    आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज करते समय VPN system का इस्तेमाल किया था।

    4. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

    5. आरोपी ने यह अपराध क्यों किया?

    पुलिस के अनुसार business losses और आर्थिक परेशानी के कारण उसने यह साजिश रची।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Oमुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया

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    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी