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  • मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    Mithun chakrabarti bungalow in malad west mudh marve
    मिथुन चक्रवर्ती के दोनों बंगलों की अलग-अलग तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मालाड़ बीएमसी ने बॉलीवुड सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के नाम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाय, उसमें बदलाव क्यों न किया जाय या फिर उस जगह का इस्तेमाल पर क्यों न रोक लगा दी जाए।

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम), आक्सा चौपाटी के नजदीक मढ़ आईलैंड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) गंभीर हो गई है। अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मालाड पश्चिम के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मालाड़ पी/ उत्तर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    बीएमसी कर देगी बंगले को ध्वस्त

    अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे। अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कोई एक मामला नहीं है। बीएमसी ने मढ़ इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। मनपा पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं।

    बिना अनुमति बंगले में अवैध निर्माण

    बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान एक से अधिक दो मेग्जनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंट, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए। ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मि​थुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मालाड़ बीएमसी ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    मिथुन चक्रवर्ती के नाम कारण बताओ नोटिस

    बंगले के मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है, कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए। अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो मालाड़ बीएमसी संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक ​​कि जेल भी हो सकती है। इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर जानकारी देते हुए कहा, कि ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं।’

    एसआईटी कर रही है जांच

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र के सदन में अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने एक एसआईटी की टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा था। सदन में बताया गया था कि सरकारी विभागों को गुमराह कर कागजातों में हेराफेरी की गई है। इसमें यह भी कहा गया था, कि सरकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने भी इसमें अवैध निर्माणकर्ताओं का साथ दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है। फिलहाल एसआईटी की टीम मालाड़ पश्चिम के मढ़ आईलैंड इलाके में संरचनाओं और उनके पेपरों की जांच कर रही है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Islan

  • Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

    Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

    Mumbai-Bmc-demolishes-20,000-sq-ft-unauthorized-wedding-hall-in-Borivali-West

    बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?

    आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मैंग्रोवस पर कानूनी सुरक्षा

    एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    • डीओ. अभय जगताप पर कब पड़ेगी एंटी करप्शन की पैनी नजर ?
    • कब चलेगा मनपा का बुलडोजर?
    • ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं..

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    कंदिवली मनपा आर/दक्षिण विभाग को सर्वाधिक भ्रष्टाचार वार्ड होने का तमगा दिया जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अधिकारी भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हुए हैं। इन्हे किसी भी तरह का डर नही। चाहे जितनी भी खबर अखबार के माध्यम से प्रकाशित होती रहे। इनकी कानों में जूं तक नहीं रेगति। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको डी.ओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं की कहावत को चरितार्थ करते हुए खुद ही अवैध बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर उसे स्टे ऑर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। कोर्ट में स्टे के खिलाफ नही बोलता है। जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।

    ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं

    ताज़ा मामला कांदिवली (पश्चिम) महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड़ से लगकर शर्मा कंपाउंड का है। जहां गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (room) का निर्माण बना लिया जिसके एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गयी। जबकि परिमंडल-7 की उपायुक्ता भाग्यश्री कापसे, सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डी.ओ.अभय जगताप ने आपस में रिश्वत के पैसे बांट लिए। दिखाने के लिए 354(A) की नोटिस भेज दी गई। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।

    इसे भी पढ़े:- बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे ..

    शिकायत कर्ताओं की माने तो…बात बढे नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए सहाय्यक अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया।
    बता दें, कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354(A) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर अवैध बांधकाम पर तोड़क कार्यवाही जरूरी है। लेकिन गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (Room) का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क करवाई न करनी पड़े। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानी तोड़क कार्यवाही न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए।

    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, संयुक्त मनपा आयुक्त (विजलेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो (मुंबई), से हमारी मांग है, कि आर/दक्षिण, वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक करवाई कराए अन्यथा आपकी शाख पर भी बट्टा लगेगा।

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