Tag: illegal construction

  • गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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    मनपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर
    • मनपा आर/दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त मनीष सालवे भ्रष्टाचार में लिप्त
    • मनपा नियमों का हो रहा चीर हरण
    • मनपा नियमों की धज्जियां उड़ाने पर अमादा है जिम्मेदार अधिकारी

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया है कि मुंबई में अब और गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। गैरकानूनी बांधकाम के भरमार के कारण मुंबईकर जीवनोपयोगी सुविधाओं से वंचित होते हैं। लेकिन सुनता और मानता कौन है? मुख्यमंत्री का आदेश। Zero tolerance should be adopted against illegal construction: Chief Minister Devendra Fadnavis

    जिम्मेदार अधिकारी

    कांदीवली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/दक्षिण वार्ड के भ्रष्ट वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे और पदनिर्देशित अधिकारी (D.O) अभय जगताप दौलत कमाने के लिए गैरकानूनी बांधकाम को संरक्षण दे रहे और उसके बदले लाखों रुपयों की वसूली हो रही है। आइए अवैध ठेकेदार जलील खान द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते है। Zero tolerance should be adopted against illegal construction: Chief Minister Devendra Fadnavis

    मनपा नियमों का चीर हरण

    कांदीवली पूर्व, सिंह ईस्टेट, रोड़ नंबर 3, नवजीवन सोसायटी ग्राउंड प्लस दो महले का कमर्शियल अवैध निर्माण

    हमने कांदिवली (पूर्व) स्थित सिंह ईस्टेट के रोड नंबर -३, में जैसे ही प्रवेश किया। नवजीवन सोसाइटी में ही ग्राउंड +२ (तीन मंजिला), के दो कमर्शियल गालों का गैरकानूनी तरीके से बांधकाम किया जा रहा है। यहां दिन के उजाले में अवैध निर्माण इतेने आराम से किया जा रहा है कि ठेकेदार को किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई दे रही है। यहां अवैध निर्माण को पूरा करने में आश्वस्त से लग रहे है मजदूर, मिस्त्री और ठेकेदार। Zero tolerance should be adopted against illegal construction: Chief Minister Devendra Fadnavis

    भ्रष्टाचार में लिप्त

    ठेकेदार ने बताया कि आर/दक्षिण, वार्ड को वे लाखों रुपए दे चुके हैं। यहां तो एक ही फंडा चलता है, नोट दो गैरकानूनी बांधकाम करते रहो। उक्त गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है जलील खान। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही थी। ठेकेदार जलील खान मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि “यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है! कोई मेरी कितनी भी कंप्लेन करे, मेरा कुछ नहीं उखड़ेगा।” वाह..! मानना पडेगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले अवैध ठेकेदार जलील खान की हेकड़ी को। जिसके सामने वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे या तो विवश हैं या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं। Zero tolerance should be adopted against illegal construction: Chief Minister Devendra Fadnavis

    डीएमसी पर भी उड़े छींटे

    सहायक अभियंता संतोष भेंडवडेकर ने बताया कि परिमंडल -७, के उपायुक्त (DMC) संजय कुर्हाडे बेहद प्रभावशाली अधिकारी हैं। जिनका सम्बंध राज्य के कई नेताओं से है। जिनका संरक्षण भी उन्हें प्राप्त है। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए उपायुक साहब ने सहायक आयुक्त मनीष सालवे और डी. ओ. अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराते और संरक्षण देते हैं। लाखों में खेलते है। Zero tolerance should be adopted against illegal construction: Chief Minister Devendra Fadnavis

    दंडात्मक कार्यवाही की पहल

    इस काले कारोबार में सहायक आयुक्त और डी. ओ. लिप्त। ये दोनों भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं। राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। गैरकानूनी बांधकाम पर तोड़क कार्रवाई करें साथ ही भूमाफियों और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें। Zero tolerance should be adopted against illegal construction: Chief Minister Devendra Fadnavis

  • मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    मिथुन चक्रवर्ती को BMC ने जारी किया कानूनी नोटिस, मढ़ आईलैंड में बनाया अवैध बंगला

    Mithun chakrabarti bungalow in malad west mudh marve
    मिथुन चक्रवर्ती के दोनों बंगलों की अलग-अलग तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मालाड़ बीएमसी ने बॉलीवुड सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती के नाम नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाय, उसमें बदलाव क्यों न किया जाय या फिर उस जगह का इस्तेमाल पर क्यों न रोक लगा दी जाए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम), आक्सा चौपाटी के नजदीक मढ़ आईलैंड इलाके में अवैध इमारतों को हटाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) गंभीर हो गई है। अब इस सूची में मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शामिल हो गया है। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता को मालाड पश्चिम के एरंगल गांव में एक भूखंड पर कथित रूप से अवैध निर्माण कराने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मालाड़ पी/ उत्तर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मिथुन को अब यह बताना होगा कि निर्माण को क्यों नहीं गिराया जाना चाहिए। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    बीएमसी कर देगी बंगले को ध्वस्त

    अगर वह जवाब नहीं देते या इसका औचित्य साबित करने में विफल रहते हैं, तो बीएमसी का कहना है कि वे इसे ध्वस्त कर देंगे। अभिनेता को संभावित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कोई एक मामला नहीं है। बीएमसी ने मढ़ इलाके में 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बनाया है, जिनमें कुछ बंगले भी शामिल हैं जो कथित तौर पर फर्जी लेआउट प्लान का इस्तेमाल करके बनाए गए थे। मनपा पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी का कहना है कि वे मई के अंत तक ऐसी सभी अवैध इमारतों को हटाने की योजना बना रहे हैं। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    बिना अनुमति बंगले में अवैध निर्माण

    बीएमसी सूत्रों के मुताबिक, ‘एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास निरीक्षण के दौरान एक से अधिक दो मेग्जनाइन मंजिला इमारतें, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और ईंट, लकड़ी, कांच और एसी शीट से बनी तीन अस्थायी निर्माण पाए गए। ये संरचनाएं सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना बनाई गई हैं, जिसके लिए अभिनेता मि​थुन चक्रवर्ती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मालाड़ बीएमसी ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिनियम 1888 की धारा 351 (1) (ए) के तहत मिथुन चक्रवर्ती को नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें 10 मई से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    मिथुन चक्रवर्ती के नाम कारण बताओ नोटिस

    बंगले के मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार एवं भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती से यह स्पष्ट करने के लिए कहा गया है, कि कथित निर्माण को क्यों न हटा दिया जाए, उसमें बदलाव क्यों न किया जाए या फिर उस जगह का इस्तेमाल क्यों न बंद किया जाए। अगर वह समय पर जवाब देने में विफल रहते हैं, तो मालाड़ बीएमसी संरचना के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने बताया कि इस तरह के उल्लंघन बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम 1888 की धारा 475 ए के अंतर्गत आते हैं, जिसके लिए जुर्माना और यहां तक ​​कि जेल भी हो सकती है। इस बीच मिथुन चक्रवर्ती ने बीएमसी नोटिस पर जानकारी देते हुए कहा, कि ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं कराया है और मेरे पास कोई अनधिकृत संरचना नहीं है। कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हम अपना जवाब भेज रहे हैं।’ BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Island

    एसआईटी कर रही है जांच

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र के सदन में अवैध निर्माण को लेकर आवाज उठाई गई थी। जिसके बाद सरकार ने एक एसआईटी की टीम गठित कर जांच का जिम्मा सौंपा था। सदन में बताया गया था कि सरकारी विभागों को गुमराह कर कागजातों में हेराफेरी की गई है। इसमें यह भी कहा गया था, कि सरकारी विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने भी इसमें अवैध निर्माणकर्ताओं का साथ दिया है जिसकी जांच होना जरूरी है। फिलहाल एसआईटी की टीम मालाड़ पश्चिम के मढ़ आईलैंड इलाके में संरचनाओं और उनके पेपरों की जांच कर रही है। BMC issues legal notice to Mithun Chakraborty for building illegal bungalow in Madh Islan

  • हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    हैदराबाद और मुंबई के 13 स्थानों पर ईडी की रेड, सरकारी अधिकारियों की अब खैर नहीं

    Hyderabad Mumbai ED Raid: ईडी ने हैदराबाद मुंबई और के 13 ठिकानों पर छापामारी करते हुए अबतक 32 करोड़ रुपए से अधिक के बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। वसई विरार शहर महानगरपालिका के डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के कई ठिकानों पर रेड हुई है। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    मुंबई/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को वसई विरार शहर महानगर पालिका से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में रेड कर करोड़ों रुपये के अचल संपत्तियों का खुलासा किया है। डिपार्टमेंट ने कथित अवैध भूमि विकास और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद के 13 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 32 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत 14 और 15 मई को की गई छापेमारी में 9.04 करोड़ रुपए नकद और लगभग 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़ित आभूषण और सोना बरामद किया गया है। कालाबाजारी के खिलाफ काफी सारे ऐसे दस्तावेज अधिकारियों के हाथ लगे हैं जिससे इनके अपराधों को साबित करना अधिकारियों के लिए आसान बन गया है। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    डिप्टी डायरेक्टर के घर छापा

    जब्त की गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा 8.6 करोड़ रुपये नकद और 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के आभूषण और सोना वसई विरार शहर महानगर पालिका (vvcmc) के नगर नियोजन डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के मुंबई और हैदराबाद स्थित आवासों से बरामद किया गया है। जांचकर्ताओं ने ऐसे डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए हैं जिनसे वसई विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण घोटाले का खुलासा हो सकता है, जिसे कथित तौर पर वीवीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    सरकारी मंजूरी का गैरफायदा

    यह मामला वसई विरार शहर महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीन पर 2009 से रेसिडेंशियल और कमर्शियल गालों के अवैध निर्माण से संबंधित है। ईडी के अनुसार, महानगर पालिका ने विकास योजना के तहत एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एक डंपिंग ग्राउंड को मंजूरी दी थी। समय के साथ, यहां 41 अवैध इमारतें बन गईं। ईडी का कहना है कि इमारतों का निर्माण इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया था कि उन्हें आखिर में विकास कार्य के लिए ध्वस्त कर दिया जाएगा। बिल्डरों ने आम जनता को गुमराह किया और धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों अरबों रुपये का हेराफेरी कर डाली। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

    सभी इमारतें हुई ध्वस्त

    ईडी की जांच में नगरपालिका के दो अधिकारियों सीताराम गुप्ता और अरुण गुप्ता के अलावा अन्य लोगों का नाम भी शामिल है। उनका आरोप है कि इमारतों का निर्माण भ्रष्ट महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ था, जिन्होंने अवैध निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने महानगर पालिका के टाउन प्लानिंग के उप निदेशक वाई एस रेड्डी के प्रॉपर्टी को भी जब्त कर लिया है और हीरे के आभूषण और बुलियन के साथ 8.6 करोड़ रुपए जब्त किया। पिछले साल 8 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 41 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। जब निवासियों ने रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया और 20 फरवरी को सभी इमारतों को गिरा दिया गया। ED raids 13 places in Hyderabad and Mumbai, now government officials are in trouble

  • Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

    Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

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    बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?

    आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मैंग्रोवस पर कानूनी सुरक्षा

    एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)