बोरीवली में लहसुन चोरी के शक में हैरान कर देने वाली घटना हुई। आरोप के मुताबिक महज 6 हजार 400 रुपये कीमत का 20 किलो लहसुन चोरी हुआ तो शख्स ने सीधे जान ले ली। पहले पीटा। लेकिन इलाज के दौरान पंकज मंडल नाम के शख्स की मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई- दुकान में काम करने वाले एक शख्स ने 6400 रुपये का लहसुन चुरा लिया तो दुकान मालिक ने उस शख्स की पिटाई कर दी। उसी पिटाई में उस शख्स की मौत की चौंकाने वाली घटना मुंबई के बोरीवली में हुई है। बोरीवली में लहसुन चोरी के शक में हैरान कर देने वाली घटना। आरोप के मुताबिक महज 6 हजार 400 रुपये कीमत का 20 किलो लहसुन चोरी हुआ तो शख्स ने सीधे चोर की जान ले ली। पकड़े जाने पर इतना पीटा कि इलाज के दौरान पंकज मंडल नाम के शख्स की मौत हो गई।
इस मामले में कारोबारी घनश्याम आगरी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक 7 महीने पहले काम की तलाश में मुंबई आया था। उन्हें एक प्याज और आलू की दुकान में नौकरी मिल गई। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मृतक पर चोरी का शक हो रहा था। जानकारी के मुताबिक इससे पहले भी दुकान से कई बार चोरी होने से व्यापारी परेशान था। पकड़े जाने पर मृतक ने अपना गुनाह कबूल करते हुए पैसे देने का वादा भी किया था। लेकिन चोर को पुलिस के हवाले करने के बजाय उसकी जम कर पिटाई कर दी।
बाजार की माने तो कुछ दिनों पहले 200 रुपये किलो के हिसाब से बिकने वाला लहसुन अब 350 रुपये होलसेल भाव में मिल रहा है। खुदरा व्यापारी 400 रुपये किलो के हिसाब से बेच रहे हैं। लहसुन की बढ़ती कीमतों की वजह से आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पिछले साल लहसुन की अच्छी खेती हुई थी जहां 50 रुपये किलो के हिसाब से खुदरा भाव में लोगों को मिल रहा था। आसमान छूती महंगाई ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। लेकिन इसके लिए किसी इंसान की हत्या कर देना यहां इंसानियत को शर्मसार कर रहा है।
लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू का कारोबार शहर में कैसे हो रहा है?
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (पश्चिम) की एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने प्रतिबंधित गुटखा तस्करी मामले में, एक महिंद्रा बुलैरो जीप के साथ कुल 12 लाख 24 हज़ार रुपये का माल जप्त कर भिवंडी के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गुजरात से मुंबई गुटखा सप्लाई मामले में एक भंगार वाला फरार बताया जा रहा है।
कैसे पहुंचा मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू ?
गुजरात से मुंबई आने में कितने ही चेक पोस्ट हैं। जहां तैनात सुरक्षाकर्मी, पुलिस विभाग और ट्रैफिक पुलिस क्या सोते रहते है ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। यह तो साफ है कि बिना लेनदेन किए इतना बड़ा कारोबार कानून की आंखों में धूल झोंक कर नहीं किया जा सकता। मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा बिकता भी है और लोग खरीदते भी हैं। फिलहाल लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले इस कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कुछ और सोचने की जरूरत है।
बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने बड़ी ही ईमानदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर से मिली जानकारी के मुताबिक, मुखबिरों के जरिए इसकी जानकारी मिली की भिवंडी के रास्ते मुंबई में प्रतिबंधित गुटखा लाया जा रहा है। क्राईम डिटेक्शन सहायक पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत पवार ने गोराई डंपिंग ग्राउंड के पीछे पुलिसिया जाल बिछाकर महिंद्रा बोलेरो जीप क्रमांक MH 04 LQ 3716 को रोका और तलाशी ली तो, टेंपो में प्रतिबंधित गुटखा और तंबाकू बरामद किया गया। जिसमें विमल पान मसाला की 8 गोनी जिसका बाजार मूल्यांकन 3 लाख 47 हज़ार रुपये और व्ही-1 तंबाकू की 2 गोनी जिसका बाजार मूल्यांकन 39 हजार रुपये बताया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ने टेंपो को भी जप्त कर लिया है जिसकी बाजार मूल्यांकन 8 लाख 50 हज़ार रुपये बताई जा रही है।
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बता जा रहा है कि किसी को बेचने के लिए यहां माल सप्लाई किया गया था। मामले में झा नामक भंगार वाला फरार बताया जा रहा है। एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक. 613/1023 में 29 वर्षीय टेंपो चालक राघवेंद्र शिवदुलारे और 19 वर्षीय सौरभ गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जो दोनों ही भिवंडी के रहने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक गुजरात के गोदाम से माल उठाकर पहले भिवंडी लाया गया वहां कुछ लोगों को बेचने के बाद यह टेंपो मुंबई के बोरीवली इलाके में सप्लाई करने के लिए रवाना हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है।
भारत और न्यूजीलैंड के मैच से पहले एक अज्ञात व्यक्ति ने वानखेड़े स्टेडियम में हमले की धमकी दी है। मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है और स्टेडियम के अंदर और बाहर निगरानी को कड़ी कर दी है। (India vs New Zealand Cricket Match)
इस्माईल शेख मुंबई- भारत और न्यूजीलैंड क्रिकेट मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक आतंकवादी हमले की धमकी मिली है। यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति ने ट्विटर के जरिए दी है। धमकी मिलते ही मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। बता दें कि बुधवार 15 नवंबर 2023 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल हो रहा है।
इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कहा कि धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि भारत और न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ‘नापाक’ घटना को अंजाम दिया जाएगा। धमकी भेजने वाले के साथ उस अज्ञात व्यक्ति ने एक तस्वीर भी भेजी थी। इस फोटो में बंदूक, हथगोले और गोलियाँ दिखाई थीं। इसके साथ ही उसने मुंबई पुलिस को टैग भी किया था।
मुंबई पुलिस ने वानखेड़े स्टेडियम और इसके आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी है। मुंबई पुलिस उपायुक्त प्रवीण मुंधे ने मंगलवार 14 नवंबर 2023 को कहा, कि वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल मैच कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार थी। उन्होंने कहा, “मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम आगामी भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच आईसीसी वर्ड कप की मेजबानी कर रहा है। जहाँ तक सुरक्षा की बात है तो हम अच्छी तरह से तैयार हैं।”
धमकी के बाद से सुरक्षा में तैनात मुंबई पुलिस की तस्वीर
धमकी को देखते हुए सुरक्षा में 7 पुलिस उपायुक्त, 200 अधिकारी और 700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्टेडियम के सभी गेटों के सामने पार्किंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, स्टेडियम में पेन, पेंसिल, मार्कर, कागज, बैनर, पोस्टर, बैग, सिक्के, पावर बैंक और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की मनाही कर दी गई है। अंदर आने वाले हर शख्स की गहनता से जाँच की जाएगी।
धमकी भरे मेसेज को लेकर ताज़ा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने बाद में कहा कि लातूर जिले के एक 17 वर्षीय युवक को क्राईम ब्रांच ने संदेश के सिलसिले में हिरासत में लिया है और उसकी गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा देखभाल के लिए सहायक हमलावर बल, दंगा नियंत्रण दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें भी तैनात की गई हैं।
इससे पहले मंगलवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के टिकटों की कालाबाजारी का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 2 लाख 40 हजार रुपए के दो VIP टिकटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो वीआईपी टिकट बरामद किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक टिकट की कीमत 1 लाख 20 हज़ार रुपए है। इससे पहले कालाबाजारी के आरोप में पुलिस ने इवेंट आयोजक आकाश कोठारी को गिरफ्तार किया गया था।
वी बी माणिक मुंबई- गुरूवार, मध्यरेल की CPDS ‘A’ टीम ने 272 ग्राम सोने की चोरी मामले में अंबरनाथ के 62 वर्षीय रिक्शा चालक एवं आरोपी अख्तर हुसैन मुस्तफा हुसैन शेख को गैवानशाह बाबा दरगाह के सामने, कमलानगर की झुग्गी बस्ती से हिरासत में लेकर जीआरपी के हवाले किया।
मिली जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के साथ सहायक सुरक्षा आयुक्त मुंबई प्रथम के मार्गदर्शन में गठित सीपीडीएस (CPDS) टीम में कार्यरत सहायक पुलिस निरीक्षक एकनाथ गदाधे और प्रदीप गीते, सतीश पावरा, डी के यादव एडीएम पोस्ट पर एकत्र होकर सीएसएमटी के जीआरपी पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया। जिसकी एफआईआर क्र.926/2023 धारा 379 आईपीसी के अनुसार 03.11.2023 को 00:00 बजे दर्ज की गई थी। दिनांक 08.11.2023 को जीआरपी थाने के डीबी स्टॉफ के साथ समन्वय कर उक्त अपराध की जांच शुरू की CPDS टीम के साथ उपनिरीक्षक अर्जुन सांगले, नाइक/2249 अव्हाड, पोशी/576 भरुद, पोशी/1124 रणवारे, पोशी/1526 चव्हाण द्वारा संयुक्त टीम गठित कर उपरोक्त दर्ज अपराध के तथ्यों को समझाते हुए कहा कि उक्त अपराध के अनुसार, हमें गुप्त मुखबिर के माध्यम से आरोपी के बारे में सूचना मिली।
तुरंत टीम के साथ दिनांक 08.11.2023 को 00.41 बजे सरकारी वाहन में मुखबीर को लेकर अंबरनाथ के लिऐ रवाना हुए। बाद में जब हम लोग अंबरनाथ के कमलानगर झुग्गी में पहुंचे तो गैबनशाह दरगाह के नीचे बाई ओर मुखबीर ने एक दरवाजे की ओर इशारा किया। इसके बाद हम लोग घर के अंदर घुसे और उसे कब्जे में ले लिया।’ और जब हमने उसे अपराध के तथ्य बताकर, एक पुलिसकर्मी के रूप में पहचानकर उससे पूछताछ की, तो उसने हमें अस्पष्ट उत्तर दिए। वहीं से उसे हिरासत में ले लिया गया. 08.11.2023 को प्रातः 07.15 बजे। थाने के अमलदार कक्ष में पेश किया गया।
आप को यह भी बता दें, कि 62 वर्षीय आरोपी ने अब तक अपना आधार कार्ड बनाया ही नहीं है। जब उससे आधार कार्ड के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसके पास आधार कार्ड नहीं है। साथ ही दो पंचों की मौजूदगी में उनसे अपराध की सामग्री के बारे में पूछताछ की गई तो उसने कहा कि, 02.11.2023 को मुझे अप सीएसएमटी फास्ट लोकल ट्रेन में एक बैग मिला, जिसके बारे में बताया कि मैंने इसे उठाया लिया। और अपने लाभ के लिए इसे चुरा लिया। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी से, उक्त अपराध में उसकी संलिप्तता देखी जा सकती है। तो जीआरपी सीएसटी द्वारा उसे दिनांक 08.11.2023 को 09.00 बजे गिरफ्तार कर लिया है।
जब तलाशी ली तो पैसे या नोट जैसी कोई भी कीमती चीज़ नहीं मिली। जांच में यह पाया गया कि उक्त अपराध उसके द्वारा किया गया था, इसलिए निम्नलिखित कारणों से सीएसएमटी, जीआरपी में केस रिकॉर्ड संख्या 926/2023 आपराधिक संहिता की धारा 379 के तहत उसे गिरफ्तार किया गया और माननीय रेलवे कोर्ट में पेश करने पर 02 दिन की पुलिस कस्टडी मिली। दिनांक 9/11/2023 को उक्त आरोपी से बुद्धिकौशल्य से अधिक पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल किया और बताया कि मैंने चोरी की बैग मेरे घर पर रखी है बाद उक्त आरोपी के निवेदन पर संयुक्त टीम उसके अंबरनाथ के घर पर दो पंचों को ले गईं और दो पंचों के समक्ष उक्त बैग का पंचनामा किया गया उक्त बैग में निम्न प्रकार का सामान मिला उसका विवरण निम्न प्रकार से है।
02 कान की बालियाँ 1.520 ग्राम, 70%,6,500/—- 03 कान के टॉप्स चेन के साथ 02 नग, 2.400 ग्राम, 72%, 10,500/—-
कुल 159.760 ग्राम 9,25,800 यानी कुल 272.020 ग्राम 15,16,800 रूपये किमत के विषय वस्तु पर जीआरपी द्वारा दो पंचायतों के समक्ष उक्त पीली धातु की जांच के बाद उक्त आरोपी के साथ सही सलामत अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपूर्द किया।
टूटे हुए दो दांतों से पुलिस को मिला सुराग, 4 महीने बाद हुआ गिरफ्तार। Spider-man thief क्राईम का हआ खुलासा
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली के इलाके में एक चोर अपने दो दूटे दांतों की वजह से चोरी की घटना के 4 महीने बाद पकड़ा गया। दरअसल, यहां स्पाइडर-मैन नाम से चर्चित अज्ञात चोर चोरी करने के बाद भागते समय दूसरी मंजिल से गिर गया। इसके चलते उसके दो दांत दूट गए और एक पैर में फैक्चर हो गया। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)
पुलिस को घटना स्थल की जांच से मिले इन्हीं दो टूटे दांतों की मदद से उसे बोरीवली पुलिस ने चार महीने बाद गिरफ्तार कर लिया। चोर की पहचान 29 साल के रोहित राठौड के रूप में हुई। खबरों के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि रोहित राठौड़ आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी के 19 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने रोहित की पहचान करने के लिए बोरीवली और उसके आस पास के 400 से अधिक अस्पतालों में पूछताछ की थी। इसके बाद उसे दहिसर से गिरफ्तार किया गया। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)
जांच में मिले सीसी टीवी फुटेज की तस्वीरअस्पताल में भर्ती स्पाइडर मैन चोर की तस्वीर
राठौड़ की गिरफ्तारी से पुलिस को दो मामले सुलझाने में मदद मिली है। रोहित राठौड़ को इससे पहले डीएन नगर, कांदिवली, बोरीवली, वकोला, सांताक्रूज, दहिसर, कस्तूरबा मार्ग और समेत अन्य कई पुलिस स्टेशनों द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। वह एक साल तक वकोला पुलिस स्टेशन से तड़ीपार भी रहा है। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)
कैसे की थी चोरी, कैसे हुआ इसका खुलासा ?
बताया जा रहा है, कि रोहित 22 जून को दहिसर पश्चिम के महात्रेवाड़ी में राजाराम तावड़े रोड पर स्थित अर्पिता अपार्टमेंट में चोरी करने पहुंचा था। यहां उसने दूसरे मंजिल पर बने एक फ्लैट में चोरी की। शिकायत के मुताबिक, जब घर में मौजूद एक 32 वर्षीय सदस्य ने चोरी होते देखा, तो उसने घर के अन्य सदस्यों को बुलाया। हालाकि, तब तक रोहित रसोई की खिड़की से कूदकर भाग गया। इसके बाद चोरी की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद एक टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब जांच की तो घटनास्थल पर दो दात मिले। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)
मुंबई परिमंडल 11 के डीसीपी अजयकुमार बंसल और बोरीवली पश्चिम के एमएचबी पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुधीर कुडालकर के मार्गदर्शन में एपीआई सूर्यकांत पवार और पीएसआई अखिलेश भोम्बे के साथ जांच शुरू की गई। इमारत परिसर में दो टूटे हुए दांत और खून के धब्बे पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस ने देखा तो उसमें चोर कूदते वक्त गिरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने कैमरे में देखा, कि इसमें उसके दो दात दूंट गए और उसके पैर में भी फैक्चर हो गया। हालाकि, अंधेरे की वजह से फुटेज में उसका चेहरा नहीं दिख सका। चोर चोट के बावजूद एक दीवार कूदकर भागने में सपफल रहा। (Spider-man thief का क्राईम खुलासा)
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Spider-man thief
पुलिस को यह पता था कि आरोपी चोर को काफी बोच लगी है, ऐसे में वह अस्पताल जरूर जाएगा। पुलिस ने आसपास के अस्पतालों में जाकर चेक किया। हालांकि, वह नहीं मिला। इसके बाद एक पुलिसकर्मी को रोज अलग-अलग अस्पतालों में जाकर चेक करने की ड्यूटी पर लगा दिया गया। पिछले हफ्ते पुलिसकर्मी ने देखा कि चोर वकोला में एक अस्पताल में इलाज करा रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसके डिस्वार्ज होने का इंतजार किया जैसे ही वह घर पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। #Spiderman का क्राईम खुलासा..
फाल्गुनी पाठक का डांडिया पास देने की बात कहकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में चार गिरफ्तार ।
इस्माईल शेख मुंबई- शहर में नवरात्र का सीजन चल रहा है। इसका फायदा उठाने के लिए कुछ लोगों ने रियायती पास देने का झूठा वादा कर लाखों रूपये की ठगी कर फरार हो गए थे। जिन्हें बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने गिरफ्तार कर कुल 10 लाख रुपये का माल जब्त किया है।
बोरीवली पश्चिम के चिकूवाडी इलाके में डांडिया क्वीन “फाल्गुनी पाठक” का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसका सस्ते दामों में पास मुहैया कराने को लेकर कांदीवली पूर्व के 24 वर्षीय होटल चालक आश्विन रमाकांत सुर्वे ने अफवाह फैला रखी थी। इसके जाल में फंसकर कांदिवली पूर्व, ठाकुर विलेज के रहने वाले 20 वर्षीय निहार श्रेयश मोदी ने विशाल शाह और उसके और एक साथी से मुलाकात की इनके बीच हुए सौदेबाजी के मुताबिक फरियादी ने 5 लाख 14 हजार 800 रूपये दिये। लेकिन दोनों बदमाशों ने पैसे लेने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए।
एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के सुधिर कुडाळकर ने बताया, कि जानकारी प्राप्त होते ही गुनह रजिस्टर क्रमांक 545/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 34 के तहत मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की। उन्होंने कहा कि जांच का जिम्मा क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सचीन शिंदे और पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दिपक हिंडे एवं उनकी टीम को गठित कर दिया गया था। जांच में पुलिस बोरीवली पश्चिम के योगी नगर से दहिसर चेक नाका और गोरेगांव तक के 87 सीसीटीवी कैमरा की फुटेज निकल गई और मोबाइल क्रमांक एवं तंत्रिका विश्लेषण के जरिए 18 अक्टूबर दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और पता चला कि उनके दो और साथी फरार है।
फाल्गुनी पाठक का डांडिया रास ..
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बड़ी चतुराई के साथ तीन से चार ऑटो रिक्शा बदली किया था और जी फोन से बात हुई थी वह सभी फोन उन लोगों ने बंद कर दिया था। लेकिन मुंबई पुलिस ने जांच कर दूसरा ही दिन बाकी तो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर ले आई और उनके पास से 91 हजार रुपये कैश और एक इनोवा कार जिसकी कीमत लगभग 9 लाख 50 हज़ार रुपये आंकी जा रही है। इसके साथी आईफोन कंपनी का लगभग 20 हजार रुपये का मोबाइल फोन मामले के तहत जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम 24 वर्षीय आश्विन रमाकांत सुर्वे, 38 वर्षीय श्रीपाल मुकेश बागडिया वय, 30 वर्षीय सुशील राजाराम तिरलोटकर और 35 वर्षीय संतोष भागवत गुंबरे बताये जा रहे हैं।
इस्माईल शेख मुंबई- नवरात्रि का धार्मिक भक्तिभाव कार्यक्रम अब मुंबई जैसे शहरों के लिए कमर्शियल बन गया है। इसका आयोजन, प्रचार-प्रसार और इंट्री पास के नाम पर लाखों रूपये का आज की तारीख में एक नया ही कारोबार खड़ा हो गया है। ऐसे ही नकली पास के मामले में बोरीवली पश्चिम के एमएचबी पुलिस थाने ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दे कि भाजपा के विधायक सुनील राणे द्वारा प्रस्तुत रंगरात्रि डांडिया नाइट्स सीजन 2 विथ किंजल दवे फर्जी पास मामला मे पुलिस में चार लोगों को गिरफ्तार कर 30 लाख रुपए का फर्जीवाडे का खुलासा किया है।
डांडिया रास कार्यक्रम
इन दिनों शहर भर में अवैध बैनर और पोस्टरों के जरिए डांडिया रास कार्यक्रम को आयोजकों द्वारा मुंबईकरों का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। वहीं पैसों की लालच में लोगों को ठगने के लिए कई गिरोह सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक डांडिया क्वीन फाल्गुनी पाठक और भाजपा विधायक सुनील राने द्वारा प्रस्तुत किंजल दवे की प्रोग्राम में नकली पास बेचे जाने का खुलासा हुआ है। जिसमें 4 लोगों को एमएचबी पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 30 लाख रुपये का फर्जी पास, होलोग्राम स्टिकर, लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किया है। दो लोग फरार बताए जा रहे हैं जिन्हें पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
भाजपा के विधायक सुनील राणे के साथ किंजल दवे और बाकी कलाकार की तस्करीएमएचबी पुलिस के साथ गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर
मुंबई पुलिस परिमंडल 11 के उपयुक्त अजय कुमार बंसल ने बताया, कि 14 अक्टूबर को विधायक सुनील राणे का कार्य देख रहे नीरव घनश्याम मोदी ने एमएचबी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि हमारे कार्यक्रम का पास कई जगह मिल रहा है जो फर्जी है। हमारे अलावा और किसी को पास देने का अधिकार नही है। पुलिस ने तत्काल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
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जांच में पता चलने पर पुलिस ने 24 वर्षीय विरार के रहने वाले करण अजय शाह, मलाड के 34 वर्षीय परेश सुरेश नेवरेकर, बोरीवली के 24 वर्षीय दर्शन प्रवीण गोहिल और मालाड़ पश्चिम मनोरी इलाके से 24 वर्षीय कव्हिश भालचंद्र पाटिल को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इनके पास से 30 लाख रुपये का बनावटी पास, होलोग्राम स्टिकर, लैपटॉप, प्रिंटर आदि समान बरामद किया है। दो आरोपी संतोष और स्वप्निल फरार है जिन्हें पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
बता दे कि 13 अक्टूबर को फाल्गुनी पाठक शो के लिए रियायती टिकट खरीदने की कोशिश में 156 लोगों के साथ 5 लाख की धोखाधड़ी हुई है। पैसा लेकर कुछ लोग फरार हो गए है इसकी भी शिकायत एमएचबी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है। पुलिस इन आरोपियों की भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
भारत भूषण साप्ताहिक समाचारपत्र के संपादक एवं पत्रकार अमित मिश्र के घर हुआ जानलेवा हमला। फरार आरोपियों का मुखिया बिल्डर पैसों के दम पर फिर एक बार दे रहा है हमले की धमकी।
इस्माईल शेख मुंबई- पत्रकार की सुरक्षा को लेकर मीडिया वर्ग पिछले दशकों से झूसता आ रहा है। इसको लेकर कई सरकारों से गुहार लगाने के बावजूद अब तक हल नहीं निकल पाया है। वही एक ताजा मामला मालाड पश्चिम से है जिसमें पत्रकार और उसके परिवार पर हमले की खबर सामने आ रही है। पुलिस को मिली शिकायत में पीड़ित पत्रकार की पत्नी रेनू अमित मिश्रा ने बताया, कि मैं और मेरे बच्चे बिल्डर ओपी सिंह के गुर्गों के हमले में बाल-बाल बचे हैं। मालाड पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी सचिन सिंग और अजय यादव की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से पत्रकार के परिवार को एफआईआर रफा-दफा करने के लिए धमकाया जा रहा है। इसको लेकर भारत भूषण अखबार के संपादक अमित मिश्र ने मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पत्रकार अमित मिश्र मालाड सदगुरू साईनाथ चाल, रूम नं. 9, साईंनाथ रोड, मालाड पश्चिम, लाइफलाइन अस्पताल के बगल में अपनी 36 वर्षीय पत्नी रेणु और 19 वर्षीय बेटा शशांक, 8 साल के अनमोल, 13 साल की प्रगती और 11 साल की वैष्णवी के साथ रहते हैं। इन्हीं के साथ पत्रकार अमित मिश्र के बड़े भाई 56 वर्षीय संतोष मिश्र भी रहते हैं। घटना 17 सितंबर सुबह ठीक 10:00 बजे की है, जब पूरा परिवार घर में आराम कर रहा था। आरोपी और उसके साथी पीड़ित परिवार का दरवाजा पीट कर उन्हें गंदी और भद्दी गालियां दे रहे थे इस समय शशांक पूछने के लिए दरवाजा खोलकर बाहर गया तो उसे सीधे चांटा जड़ दिया और पिटने लग गए, रेणु मिश्र अपने बेटे के बचाव में आगे बढ़ी तो उसे भी मार कर जमीन पर गिरा दिया।
अचानक हुए इस हमले से पत्रकार का परिवार सदमे में दूबक कर रह गया। वहीं अमित मिश्र आगे बढ़कर हमलावरों का सामना करने के लिए जब बाहर गए तो देखा, कि हमलावर कम से कम 10 से 12 की संख्या में घर के बाहर लाठी और फावड़ा लिए हुए खड़े हैं, उन्होंने तुरंत दरवाजा बंद कर पुलिस कंट्रोल को फोन पर मदद के लिए गुहार लगाया। जब तक पुलिस पहुंची तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
हमलावर सचिन सिंग, अजय यादव और संजय शुक्ला एक माने-जाने कुख्यात अपराधी है। जो “वीआईपी डेवलपर्स” बिल्डर आपी सिंह के लिए काम करते हैं। पीड़ित ने बताया कि यह लोग बिल्डर के इशारे पर किसी की भी जान लेने से नहीं हिचकीचाते। इनके खिलाफ पुलिस पर हमला करने तक का मामला भी दर्ज है और बिल्डर ओपी सिंह भी कोई दूध का धुला नहीं है। ओपी सिंह के खिलाफ मुंबई शहर के कई पुलिस थानों और मुंबई के बाहर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
और तो और मलाड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद फरारी की हालत में भी बिल्डर के लोग पीड़ित परिवार को फोन पर धमकियां दे रहे हैं। बिल्डर ओपी सिंह ने तो सीधे तौर पर अमित मिश्र को फोन पर कहा, कि ‘मिश्रा जी आप बात आगे मत बढ़ाओं जो होना था वह हो गया। हम बिल्डर हैं, घर में बन्द करके जान से मरवा भी सकते है।’ फोन पर हुई इस बातचीत के समय बिल्डर ओपी सिंग का लड़का मोनू सिंग से भी बात हुई, उसने भी धमकाते हुए कहा, कि ‘हमारे लड़कों को कोर्ट से जमानत तो मिल जाएगी उसके बाद सोचो तुम्हारा क्या होगा? इसीलिए कहता हूं, कि मामले को रफत-दफा कर दो, वरना तुम पर हमले तो होंगे और दूसरे झूठे मामले भी अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज होने शुरू हो जाएंगे, तुम्हें तो पता है। हमारे पास पैसों का पावर है।’
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क्या है पत्रकार के परिवार पर हमले की हकीकत ?
2 सालो पहले बिल्डर ओपी सिंह और अमित मिश्र के बीच एक खाली पड़ी जमीन को लेकर सौदा हुआ था। अमित मिश्र के पास मुंबई में अपना खुद का मकान नहीं होने के कारण ओपी सिंह के पास खाली पड़ी 10×15 फूट जमीन पर अपने लिए घर बनाने का मन बताया। समय कोरोना काल का था लोगों को पैसों की जरूरत थी, तो बिल्डर ने 3 लाख रुपये में सौदा तय कर दिया। इस समय अमित ने एक लाख 50 हज़ार रुपये कैश पैसे ओपी सिंह को दे दिया और बाकी पैसे धीरे-धीरे देने का वादा किया। 3 लाख रुपए में रूम बन गया और अपने परिवार के साथ उस रूम में अमित मिश्र रहने लगे। 6 महिने बाद ही रूम नाला करटिंग में महानगर पालिका द्वारा कार्रवाई के समय टूट गया। उस रूम को फिर से बनवाने में 1 लाख 50 हजार रुपये लगे, दो बार रूम की बनई में कुल 4,50,000 रुपए लग गए।
यहां आपको बताना चाहते हैं, कि अमित मिश्र के घर के पास ही बिल्डर के कब्जे का और 4 रूम है। जिसका बिजली बिल अमित मिश्र द्वारा भरवारा जाता आ रहा है। अंदाजन हर महीने 5 से 9 हजार रुपये के बीच लाइट का बिल आता है जिसका भुगतान अमित मिश्र को ही करना पड़ता है। क्योंकि अमित अपने रूम का बकाया डेढ़ लाख रुपया दे नहीं पाया था। जो खुद अपने आप में एक भारी रकम भुगतान के रूप में अमित मिश्र ने भरा है।
मालाड़ पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवि अडाने ने बताया, कि गु.र.क्र.0549/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 354,323,504,509,506,34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फरार है। पुलिस उप निरिक्षक पवार मामले की पड़ताल और आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। लेकिन मामला दर्ज होने के बाद फोन पर मिली धमकियों से मिश्रा परिवार सदमे में है और अपनी जान की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मदद की गुहार लगा रहे है।
डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर की लालच से अवैध निर्माणों को मिल रहा संरक्षण (BMC Corruption)
ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी कर रहा मनपा का पी/ नॉर्थ,वार्ड का मुकादम विट्ठल राठौड़
क्या मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल पी/ नॉर्थ, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारीयों पर आईपीसी १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के तहत एफआईआर दर्ज करवाएंगे?
सुरेंद्र राय मुंबई- बृहन्मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे बड़ी नगर पालिका मानी जाती है। किंतु वर्तमान में उसके अधिकारी और कर्मचारी ही काली कमाई की लालच में मनपा की साख में बट्टा लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुंबई मनपा के सभी वार्डो में अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचारो (Corruption) का खेल जारी है। जिसमें अधिकारी और ठेकेदार मिलकर मलाई खा रहे हैं। लेकिन मालाड़ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का पी/ नॉर्थ, वार्ड इससे दो कदम और आगे निकल चुका है। यहां न केवल अभियंता (Engineer) बल्कि मुकादम भी डीओ (Designated Officer) और वार्ड के सहआयुक्त (Assistant Commissioner) के लिए अवैध निर्माण (Illegal construction) को बचाने के लिए बिचौलिए का काम करता है। इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है।
भ्रष्ट BMC के उच्च अधिकारी ..
अवैध निर्माण की तस्वीर
वहीं मनपा पी/ नॉर्थ वार्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते उसके कार्यक्षेत्र में भूमाफियाओं और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बड़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। जिस पर अंकुश लगा पाना अब पी/ नॉर्थ, वार्ड के वश में नहीं है ऐसा माना जा रहा है। वहीं स्थानीय नागरिकों, समाजसेवको व शिकायतकर्ताओं की माने तो मनपा परिमंडल -४ के उपायुक्त (Deputy Municipal Commissioner) विश्वास शंकरवार की ईमानदार छवि अब नोटो के बंडलों पर बिक चुकी है। जबकि उपायुक्त विश्वास शंकरवार अवैध निर्माणों पर मनपा नियमों के तहत उसकी जांच कर कार्रवाई करने की बजाय स्वयं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता को भुला बैठे हैं।
इसी तरह का मामला वार्ड क्रमांक ३२ के अंतर्गत आने वाले चिकुवाड़ी का है। यहां के गली नंबर -२, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई ४०००९५. स्थित रिक्त भूखंड पर अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू ने १२ व्यापारिक गाले और मकान की चॉल बना डाली है। स्थानीय नागरिक बताते हैं, कि उपायुक्त विश्वास शंकरवार की इसी भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर वाली छवि के कारण ही पी/ नॉर्थ वार्ड में अवैध निर्माणों का ग्राफ लगातार बढ़ी ही तेजी से बढ़ रहा है। अब ऐसे में उपायुक्त विश्वास शंकरवार की तरफ से उक्त अवैध निर्माण पर कारवाई का न होना ही जिसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।
हालांकि ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लु द्वारा बिना किसी खौफ के धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में डीओ. राजन प्रभु और सहाय्यक आयुक्त किरण दिघावकर की तरफ से बरती जा रही लापरवाही या सेटिंग उक्त अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। वहीं इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत मुकादम विट्ठल राठौड़ की माने तो मनपा (BMC) का पी/नॉर्थ, वार्ड ठेकेदार नरसिम पुत्तावल्लू की गुलामी करने में व्यस्त नजर आ रहा है तथा उसके अवैध निर्माणों को संरक्षण देने में सक्षम अधिकारियों ने पूरी सहमति जताई है।
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स्थानीय नागरिकों की माने तो सहाय्यक अभियंता अनिल पुणतांबेकर की कार्यप्रणाली भी सिर्फ अवैध निर्माणों से मिलने वाली काली कमाई (Black Money) के हिस्सेदारी पर ही निर्भर है ना की अवैध निर्माणों के बढ़ते ग्राफ पर अंकुश लगाने में है। यदि लोकसेवक (Public Servant) होने के नाते जानबूझकर कानून के किसी भी निर्देश की अवज्ञा करता है तो वह लोकसेवक भारतीय दंड संहिता (IPC) १८६० की धारा २१७ एवं २१८ के अनुसार अपराधी होता है।मनपा पी/नार्थ वार्ड से विगत वर्षों मे अवैध निर्माण से कितनी काली कमाई किया होइसका अनुमान लगाया जाना यदि असंभव नहीं तो दुष्कर अवश्य है। क्या बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में एक भी जिम्मेदार व ईमानदार अधिकारी नही है? जो भ्रष्ट एवं रिश्वतखोर अधिकारियों के भ्रष्टाचार (Corruption) की जांच कराकर दंडित करने की कार्रवाई करा सकें?
मुंबई की ट्रैफिक पुलिस की इन दिनों चांदी ही चांदी नजर आ रही है। यहां भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए यातायात पुलिस दिखाई पड़ रही हैं।
वी बी माणिक मुंबई- आजकल मुंबई शहर की वाहतूक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पूरे मुंबई की यातायात पूरी तरह जाम जैसी स्थिति बन गयी है। इसका कारण है ट्रैफिक का कोई नियम कानून है ही नही। इसका करण भी है। पुलिस विभाग पूरी तरह लापरवाह हो गयी है। नो पार्किंग में भी अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिस पर कोई शिकायत करता है तो पुलिस उससे उल्टा प्रश्न करती है, कि तुमको क्या परेशानी है? इसके बाद नो इंट्री में भी शुल्क लेकर गाड़िया चलाई जाती है। (Mumbai Traffic police Corruption News)
मुंबई ट्रेफिक पुलिस महाराष्ट्र (Maharashtra) के भाजपा एकनाथ शिंदे गठबंधन की सरकार (Government) में भ्रष्टाचार (Corruption) की चरम सीमा पर पहुँच गए हैं। क्या लोगों को कानून व्यवस्था (Law and order) से महरूम कराना एक सरकारी कर्मचारी (Public Servant) को शोभा देता है। वो भी किस लिए? काली कमाई (Black money) के लिए। जिसपर नजर पड़ी तो आप अंदर भी हो जाओगे। इसके बाद अगर कोई गाड़ी वाला भूल से साइड पार्किंग (Parking) करके खड़ा रहता है, तो उससे लंबे चौड़े डिमांड किये जाते है। अगर गाड़ी मालिक या चालक पैसे देने से मना करता है, तो उसके साथ बदतमीजी भी अच्छे पैमाने पर की जाती है। फिर उसपर फर्जी केस बनाया जाता है। उसका लाइसेंस गाड़ी का पेपर लेकर उसको ट्रैफिक चौकी में बुलाकर उसकी अच्छी खात्री की जाती है। ये कौन सा नियम है? कौन सा कानून है? इस विषय पर अधिकारी कब ध्यान देंगे? कब ऐसे पुलिस वालों पर कार्रवाई करेंगे? (Mumbai Traffic police Corruption News) अजब तेरा जलवा, गजब तेरी छाया। पुलिस वालों की जेब मे माया ही माया। ये कब सुधरेंगे ये तो सरकार ही बताएगी। (Mumbai Traffic police Corruption News)