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  • मुंबई कफ परेड में समुद्र किनारे मिली 19 वर्षीय लापता लड़की की लाश, जांच में जुटी पुलिस

    मुंबई कफ परेड में समुद्र किनारे मिली 19 वर्षीय लापता लड़की की लाश, जांच में जुटी पुलिस

    मुंबई के कफ परेड में 19 साल की लापता युवती का शव अरब सागर से बरामद हुआ। लड़की रविवार से घर से गायब थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। Body of 19-year-old missing girl found on the beach in Mumbai’s Cuff Parade, police investigating

    मुंबई: साउथ मुंबई के कफ परेड इलाके में सोमवार सुबह सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां 19 वर्षीय युवती का शव अरब सागर से बहकर किनारे पर आ गया।
    पुलिस के मुताबिक, युवती रविवार सुबह से अपने घर से लापता थी और उसके परिवार ने कफ परेड पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। Body of 19-year-old missing girl found on the beach in Mumbai’s Cuff Parade, police investigating

    प्रिंसेस रोड के पीछे मिला शव

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह कफ परेड के प्रिंसेस रोड के पीछे समुद्र किनारे स्थानीय लोगों ने शव देखा। तुरंत पुलिस को खबर दी गई।
    शव को मौके पर से बरामद कर सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के जरिए मौत के सही कारणों का पता लगाया जाएगा। Body of 19-year-old missing girl found on the beach in Mumbai’s Cuff Parade, police investigating

    लापता थी मछीमार नगर की रहने वाली लड़की

    मृतक युवती साउथ मुंबई के मछीमार नगर की रहने वाली थी। परिजनों ने बताया कि वह रविवार सुबह अचानक घर से गायब हो गई थी।
    परिवार ने उसकी खोजबीन की, लेकिन जब वह नहीं मिली तो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के अगले ही दिन उसका शव समुद्र से बरामद हुआ। Body of 19-year-old missing girl found on the beach in Mumbai’s Cuff Parade, police investigating

    पुलिस ने शुरू की जांच

    कफ परेड पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और युवती की मौत की जांच शुरू कर दी है।
    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि मौत हादसा है, आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। Body of 19-year-old missing girl found on the beach in Mumbai’s Cuff Parade, police investigating

    इलाके में दहशत का माहौल

    इस घटना के बाद कफ परेड और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समुद्र किनारे अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन युवती का अचानक गायब होकर शव मिलना कई सवाल खड़े करता है। Body of 19-year-old missing girl found on the beach in Mumbai’s Cuff Parade, police investigating

  • मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    मुंबई की स्टार्टअप कंपनी में अनोखी नौकरी – ‘Doom-Scroller’

    Monk Entertainment के CEO विराज शेट ने अनोखी नौकरी निकाली है। कंपनी को चाहिए Doom-Scoller, जो दिनभर सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स और क्रिएटर कल्चर पर नजर रखे। जानें क्या है योग्यता और सैलरी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    क्या आपने कभी सोचा है कि सोशल मीडिया पर घंटों तक इंस्टाग्राम और रील्स स्क्रॉल करना भी नौकरी बन सकता है? जी हां, मुंबई की मशहूर क्रिएटर मैनेजमेंट कंपनी Monk Entertainment (Monk-E) के को-फाउंडर और CEO विराज शेट ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर बताया कि कंपनी को चाहिए फुल-टाइम Doom-ScrollerMumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    कौन है Doom-Scroller?

    ‘Doom-Scroller’ दरअसल वह होता है जो लगातार घंटों तक सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स, वायरल कंटेंट और क्रिएटर्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट्स पर नजर रखता है।
    Monk-E ने इस जॉब के लिए साफ शर्त रखी है कि उम्मीदवार को कम से कम 6 घंटे रोज़ Instagram पर स्क्रॉलिंग करनी होगी। Mumbai company will give jobs to ‘Doom-Scrollers’, their only work will be Insta-scrolling all day long.

    नौकरी के लिए योग्यता और स्किल्स

    कंपनी ने इस रोल के लिए कुछ जरूरी स्किल्स भी बताए हैं –

    • हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में फ्लुएंसी होना जरूरी।
    • सोशल मीडिया का डीप नॉलेज और क्रिएटर कल्चर के प्रति जुनून।
    • Reddit के InstaCelebsGossip जैसे ऑनलाइन कम्युनिटी में रुचि।
    • ह्यूमर और पर्सनैलिटी के साथ मेल भेजने की क्षमता (सीधा कॉपी-पेस्ट नहीं, खुद की क्रिएटिविटी दिखानी होगी)।

    विराज शेट ने अपने पोस्ट में लिखा –
    “Hiring Doom-Scollers at Monk-E. Write to careers@monk-e.in with ‘doomscroller’ as the title. Please show some personality/humour in the email body. Do not use ChatGPT for it.”

    सैलरी और जॉब लोकेशन

    यह नौकरी मुंबई में फुल-टाइम होगी और कंपनी ने इसे प्रतिस्पर्धी सैलरी पैकेज के साथ ऑफर किया है। हालांकि, कितनी सैलरी मिलेगी यह अभी तक डिस्क्लोज़ नहीं किया गया है।

    सोशल मीडिया पर यूजर्स की मजेदार प्रतिक्रिया

    इस पोस्ट ने इंटरनेट पर धूम मचा दी। कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा –

    • “अब मम्मी को बोलूंगा कि मेरा Doom-Scrolling टाइम बर्बादी नहीं बल्कि नौकरी है।”
    • “19 घंटे स्क्रॉल करता हूं, क्या मैं ओवरक्वालिफाइड हूं?”
    • “बुरा एडिक्शन नहीं, अब ये पैसों वाली स्किल है।”

    कई यूजर्स ने इसे मजाक समझा, जबकि बहुतों ने सच में “I am interested” लिखकर कॉमेंट कर दिया।

  • मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई कूच, 29 अगस्त से आज़ाद मैदान में आखिरी लड़ाई

    मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल ने मुंबई कूच का ऐलान किया है। 27 अगस्त से जालना से यात्रा शुरू होगी और 29 अगस्त से मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। जानिए पूरी खबर। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में एक बार फिर से मराठा आरक्षण का मुद्दा गरमाने लगा है। मराठा समाज के प्रमुख कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने साफ कर दिया है कि अब आरक्षण की लड़ाई सीधी मुंबई की सड़कों पर लड़ी जाएगी।
    उन्होंने रविवार 24 अगस्त को मराठा समाज से अपील करते हुए कहा कि 27 अगस्त को ‘चलो मुंबई’ मार्च में शामिल हों और 29 अगस्त से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के आज़ाद मैदान में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    “अब मुकाबला मुंबई में होगा” – जरांगे

    बीड जिले के मंजरसुम्बा गांव में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए जरांगे ने कहा कि अगर गांव-गांव में जुटी भीड़ से सरकार को फर्क नहीं पड़ा तो असली दबाव मुंबई पहुंचने के बाद ही महसूस होगा।
    जरांगे ने कहा, “अब मुकाबला मुंबई में होगा। यह हमारी आखिरी लड़ाई है और हम मराठा आरक्षण लिए बिना पीछे नहीं हटेंगे।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    मराठा आरक्षण: ओबीसी कोटे में शामिल करने की मांग

    जरांगे और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण में शामिल किया जाए, ताकि समाज के युवाओं को सरकारी नौकरी और शिक्षा में समान अवसर मिल सके।
    जरांगे 27 अगस्त को अपने पैतृक स्थान अंतरवाली सरती (जालना जिला) से मुंबई कूच करेंगे और हजारों समर्थकों के साथ आज़ाद मैदान तक पहुंचेंगे। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सीएम फडणवीस पर गंभीर आरोप

    जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाया कि वे छोटी-छोटी अड़चनें खड़ी करके मराठा समाज को उकसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा –
    “सीएम फडणवीस हमें पुलिस के जरिए परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। पुलिस को हमें परेशान करने की बजाय बीड के महादेव मुंडे के हत्यारों को पकड़ना चाहिए।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की अपील

    जरांगे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने मराठा समाज से अपील की कि अगर कोई आंदोलन को भटकाने की कोशिश करे तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाए।
    उन्होंने यह भी कहा कि “अगर कोई पत्थर फेंकेगा तो वह हमारा आदमी नहीं होगा, बल्कि यह सरकार की साज़िश भी हो सकती है।” Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

    सरकार के लिए बड़ी चुनौती

    जरांगे का यह आंदोलन महाराष्ट्र सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। मराठा आरक्षण की मांग लंबे समय से चल रही है और हर बार यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गरमा जाता है। जरांगे का यह ऐलान साफ संकेत देता है कि मुंबई में मराठा आरक्षण की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी। Maratha reservation movement: Manoj Jarange Patil marches to Mumbai, final battle at Azad Maidan from August 29

  • अपनी मंगेतर और तीन दोस्तों के साथ किला देखने गया शख्स, रहस्ययी तरीके से गायब, CCTV फुटेज ने चौंकाया

    अपनी मंगेतर और तीन दोस्तों के साथ किला देखने गया शख्स, रहस्ययी तरीके से गायब, CCTV फुटेज ने चौंकाया

    तनाजी कड़ा के पास से युवक वापस नहीं लौटा। उसके साथी उसकी तलाश करने लगे और कडा के पास युवक की एक ही सैंडल मिली। पुलिस ने जब सीसीटीवी खंगाला तो चौक गये। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/पुणे:
    हैदराबाद का एक 24 वर्षीय युवक बुधवार शाम को पुणे के सिंहगढ़ किले पर संदिग्ध परिस्थितियों से लापता हो गया। हवेली पुलिस और स्थानीय बचाव दलों ने शुक्रवार को भी उसकी तलाश जारी रखी, लेकिन देर शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। हवेली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर सचिन वांगड़े ने बताया कि युवक अपनी मंगेतर और तीन दोस्तों के साथ बुधवार को किला घूमने आया था। पांचों लोग तनाजी कड़ा (चट्टान) के पास थे, जब युवक ने अपने दोस्तों से कहा कि उसे टॉयलेट जाना है। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    सीसीटीवी में क्या दिखा?

    इसके बाद वह वहां से चला गया और वापस नहीं लौटा। उसके दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की और चट्टान के पास उसका एक जूता मिला। वांगड़े ने कहा, “दोस्तों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया।” पुलिस को तब संदेह हुआ जब वन विभाग द्वारा किले के तलहटी में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक व्यक्ति दिखा, जिसका कद-काठी लापता युवक से मिलता-जुलता था। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    भागता हुआ दिखा युवक

    खबर के मुताबिक, वांगड़े ने बताया, “फुटेज अस्पष्ट है, लेकिन युवक के माता-पिता को संदेह है कि फुटेज में दिख रहा व्यक्ति उनका ही बेटा है।” फुटेज में दिखाने वाला व्यक्ति शर्ट पहने हुए था और कोंढणपुर फाटा की ओर भाग रहा था, जैसे कि वह सीसीटीवी कैमरों से बचने की कोशिश कर रहा हो। पुलिस और स्थानीय बचाव दलों ने बारिश और कोहरे के बावजूद देर रात तक तलाशी अभियान चलाया। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    सातारा का रहने वाला है युवक

    वांगड़े ने कहा, “शुक्रवार सुबह हमने फिर से तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका।” पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि युवक के माता-पिता ने पुलिस को सूचित किया कि उनका परिवार मूल रूप से सतारा जिले का है और अब हैदराबाद में बसा है। उनका बेटा हैदराबाद में एक कैफे चलाता है। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyone

    पुलिस की तलाशी अभियान

    अधिकारी ने बताया, “युवक किले पर शॉर्ट्स पहने हुए था। हम इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं।” पुलिस और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। जांच जारी है, और पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। A man who went to see the fort with his fiancée and three friends mysteriously disappeared, CCTV footage shocked everyon

  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • गणेशोत्सव 2025 पुणे: हाईटेक पुलिस बंदोबस्त, AI कैमरे, ड्रोन और IP स्पीकर्स से निगरानी

    गणेशोत्सव 2025 पुणे: हाईटेक पुलिस बंदोबस्त, AI कैमरे, ड्रोन और IP स्पीकर्स से निगरानी

    पुणे गणेशोत्सव 2025 में हाईटेक सुरक्षा इंतज़ाम। पुलिस ने 2,886 AI कैमरे, ड्रोन और 200 IP स्पीकर्स लगाए, ताकि भीड़ और जुलूस पर चौकस नज़र रखी जा सके। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

    पुणे: इस साल का गणेशोत्सव 2025 सिर्फ भक्ति और श्रद्धा से ही नहीं, बल्कि हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था से भी खास होगा। पुणे पुलिस ने लाखों भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने और शांति बनाए रखने के लिए AI कैमरे, ड्रोन और IP स्मार्ट स्पीकर्स जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों को तैनात किया है। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

    भीड़ और सुरक्षा का खास प्लान

    हर साल पुणे का गणेशोत्सव देश-विदेश से आए भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहता है। रोज़ाना लाखों लोग मंडपों और पंडालों में गणपति बाप्पा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार पुलिस ने सुरक्षा के लिए हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरे शहर में तैनात किया है। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

    AI कैमरों से स्मार्ट निगरानी

    शहर के प्रमुख चौक, मंडप, रेलवे स्टेशन, एसटी स्टैंड और भीड़भाड़ वाले इलाकों में 2,886 हाई डेफिनेशन AI कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पहले से मौजूद 1,341 कैमरों को अपग्रेड किया गया है।
    ये कैमरे नाइट विज़न, फेस रिकग्निशन और एडवांस वीडियो एनालिटिक्स तकनीक से लैस हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तुरंत संभव होगी। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

    IP स्पीकर्स से जनता को तुरंत सूचना

    शहर में लगाए गए 200 IP स्पीकर्स पुलिस और नागरिकों के बीच त्वरित संवाद का माध्यम बनेंगे। अचानक किसी भी स्थिति—जैसे भगदड़, ट्रैफिक जाम या आपातकाल—में पुलिस इन स्पीकर्स से जनता को तुरंत गाइड कर सकेगी। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

    ड्रोन से आसमान से सुरक्षा

    इस साल का एक और बड़ा आकर्षण होगा ड्रोन गश्त। गणेश जुलूस के रूट्स और भीड़ वाले इलाकों पर ड्रोन कैमरे तैनात रहेंगे। ड्रोन से ली गई तस्वीरें सीधे पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंचेंगी, जिससे संदिग्ध हरकतों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

    पुलिस आयुक्त की सीधी निगरानी

    गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों की कमान खुद पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, सह-आयुक्त रंजन कुमार शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे। क्राइम ब्रांच से लेकर थानों तक की पूरी टीम चौकस रहेगी। Ganeshotsav 2025 Pune: Hi-tech police arrangements, surveillance with AI cameras, drones and IP speakers

  • भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की रहस्यमय मौत, डॉक्टर-पुलिस पर सवाल

    भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की रहस्यमय मौत, डॉक्टर-पुलिस पर सवाल

    मुंबई कुर्ला भाभा अस्पताल में रामशरीक सोनार की संदिग्ध मौत ने डॉक्टरों और पुलिस की मिलीभगत पर सवाल खड़े किए। पोस्टमार्टम और जांच पर विवाद। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुर्ला पश्चिम स्थित भाभा अस्पताल में 4 अगस्त को हुई रामशरीक सोनार की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से इस मामले को दबाने की कोशिश की गई। मृत अवस्था में लाए गए रामशरीक को डॉक्टरों ने भर्ती दिखाया, आईसीयू में सीपीआर देने का नाटक किया और फिर बिना पोस्टमार्टम शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से परिजनों और आम जनता में आक्रोश फैल गया है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    अस्पताल पर उठे सवाल

    रामशरीक सोनार को 4 अगस्त दोपहर करीब 3:45 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। सवाल यह है कि जब मरीज पहले से मृत था, तो उसे किस नियम के तहत भर्ती किया गया? अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. पद्मश्री अहिरे ने तत्काल आईसीयू में भर्ती कर सीपीआर देने का आदेश क्यों दिया? मृतक का डेथ सर्टिफिकेट किसी प्राइवेट डॉक्टर से बनवाया गया, जो गंभीर शंका पैदा करता है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    पुलिस पर उठे सवाल

    अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ-साथ पुलिस की कार्यवाही भी संदिग्ध नजर आती है। पुलिस उपनिरीक्षक विकास माली ने पोस्टमार्टम क्यों नहीं करवाया? क्यों पूरी रात शव अस्पताल में रखा गया और 5 अगस्त की सुबह आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया? इससे यह अंदेशा और गहरा हो गया है कि मामले को दबाने के लिए सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से किया गया। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    मौत का रहस्य

    मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में गरीब मरीजों के साथ लगातार दुर्व्यवहार होता है, उनसे बाहर से दवाइयाँ मंगाई जाती हैं और भ्रष्टाचार खुलेआम चलता है। वहीं, रामशरीक की बीमारी और उनके पहले इलाज की जानकारी भी स्पष्ट नहीं है, जिससे उनकी मौत का रहस्य और गहरा हो गया है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

    जांच की मांग

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर रामशरीक की रहस्यमय मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है? क्या डॉक्टर और पुलिस की मिलीभगत से यह खेल खेला गया? इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। Mysterious death of Ram Shariq Sonar in Bhabha Hospital, questions on doctor and police

  • मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने दहिसर पूर्व इलाके में फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर की मदद से छापामारी कर 39,917 रुपये के माल जब्त किया है। गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी अमूल, गोकुल और नंदिनी दूध में मिलावटखोरी कर बिक्री कर रहा था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    मुंबई: दहिसर (पूर्व), रूम नं. 07, मनुभाई चाळ, एस.पी.रोड, घरटनपाडा, नितीन इंडस्ट्रीज के कमरे में तडके सुबह के लगभग 5 बजे जब मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने छापेमारी की तो वहां 38 वर्षीय सैदुल नरसिम्हा कावेरी नामक व्यक्ति अमूल, गोकुल और नंदिनी ब्रांड के दूध के पैकेट में अस्वच्छ पानी मिला कर पैकिंग करता हुआ पकड़ा गया। इसकी गुप्त सूचना पहले से मिली थी इसलिए पुलिस ने मुंबई शहर की अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती अर्चना रामभाऊ वानरे को भी साथ ले गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी झोपडपट्टी इलाके और चाय की टपरी चलाने वालों को यह मिलावटी दूध का पैकेट वितरित करता था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    दूध में मिलावटखोरी

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    दूध हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण आहार है। जिसे हमारे शारिरीक पोषक तत्व के लिए इस्तेमाल करते है। खासकर हम अपने बच्चों को एक भरोसे के आधार पर कंपनी के ब्रांड को देखते हुए खरीद कर पिला देते हैं। ऐसे में मिलावट खोरी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है। इस बारे में सोचना भी कोई नही चाहेगा। लेकिन कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में मिलावटी दूध बेचकर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक सूचना पर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने सतर्कता दिखाई और सीधे फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर को साथ लेकर छापामारी कर दी। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    दहिसर (पूर्व) क्राईम ब्रांच युनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया कि युनिट की महिला पुलिस हवलदार पडवळ को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने बताया, कि हमने अन्न व औषध प्रशासन से संपर्क किया और मुंबई शहर अन्न सुरक्षा अधिकारी के साथ सहायक पुलिस निरीक्षक रासकर, पुलिस हवलदार बिचकर, गोमे, गोरूले, महिला पुलिस हवलदार पडवळ, पुलिस सिपाही के साथ एक टीम बनाकर घटना स्थल पर छापामारी की जहां से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना स्थल से (1) अमुल, गोकुळ व नंदिनी नामांकीत कंपनी के 29,917/- रू किमत के कुल 488 लिटर दुध, (2) अमुल ताजा, अमुल गोल्ड व अमुल बफेलो के 1350 बनावट खाली प्लास्टिक की थैलियां (3) दूध में मिलावटखोरी के लिए आवश्यक साधन सामुग्री (4) मोबाईल फोन तकरिबन 10,000/- रू कुल मिलाकर लगभग 39,917/- रुपये का माल जब्त किया गया। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    पहले भी यही करता था और हुआ था गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दहिसर पुलिस थाने में पहले से इसी तरह का अपराध दर्ज है। दहिसर पुलिस ठाणे गुरक्र. 175/2021 भारतीय दंड संहिता की धारा  272, 482, 486, 420, 468, 34 एवं अन्न सुरक्षा व मानदे अधिनियम 2006 व नियमन 2011 की धारा 26, 27, 31 में भी इसी तरह के अपराध में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी को दहिसर पुलिस थाने के हवाले कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) के साथ-साथ  26, 27, 31, शिक्षा कलम 59 व 63 अन्न सुरक्षा व मानदे कायदा 2006 नियम व नियमन 2011 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात दहिसर पुलिस कर रही है। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

  • ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025: भारत में रियल मनी गेम्स पर बैन

    “केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 को मंजूरी दी। जानिए उद्योग, खिलाड़ियों और निवेश पर असर।”

    केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी। इस बिल का मक़सद असली पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स को प्रभावी तरीके से रोकना है। इसका सीधा असर ड्रीम11 जैसे फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप और पोकरबाज़ी जैसे कार्ड गेम प्लेटफ़ॉर्म्स पर पड़ेगा। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो भारत का अरबों डॉलर का यह उद्योग बड़ी मुश्किल में फँस सकता है।

    उद्योग की चुप्पी और पुराने विवाद

    फिलहाल RMG कंपनियों और उनके संगठन ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे संसद में बिल पेश होने के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे। पहले भी इन कंपनियों ने सरकार के टैक्स और रेगुलेशन से जुड़े फैसलों का विरोध किया था। जीएसटी बढ़ने पर भी इन फर्मों ने कई मंचों पर अपना विरोध दर्ज कराया था।

    अदालतों में कानूनी लड़ाई

    कई राज्यों में जब सरकारों ने इन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाई, तब कंपनियों ने अदालत का रुख किया और उन्हें राहत भी मिली। अदालतों ने साफ कहा कि “कौशल के खेल” और “भाग्य के खेल” में फर्क है। केवल किस्मत पर आधारित खेल को ही जुआ माना जाएगा। इसी तर्क के दम पर कंपनियाँ अब तक अपना बिज़नेस चला रही थीं।

    अब चुनौती क्यों बढ़ी?

    इस बार हालात अलग हैं। ऑनलाइन गेमिंग अब सीधे आईटी मंत्रालय के तहत आ चुका है और वही प्रतिबंध लागू करेगा। पहले सरकार ने 2023 में IT नियमों के तहत इन कंपनियों के लिए स्व-नियमन (Self Regulation) का ढांचा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन किसी भी स्व-नियामक निकाय को मंज़ूरी नहीं दी गई क्योंकि सवाल उठा कि ये निकाय कंपनियों से स्वतंत्र कैसे रहेंगे।

    ई-स्पोर्ट्स को राहत

    बिल में ई-स्पोर्ट्स को छूट दी गई है। यानी वीडियो गेम टूर्नामेंट और ई-स्पोर्ट्स इवेंट में एंट्री फ़ीस ली जा सकेगी, बशर्ते उसमें असली पैसों वाले गेम शामिल न हों। इसका सीधा फायदा ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों और आयोजकों को मिलेगा।

    बड़ा नीति बदलाव

    सरकार का कहना है कि यह बिल एक बड़ा नीति परिवर्तन है। अब तक कंपनियाँ “कौशल बनाम भाग्य” की दलील देकर अपने गेम को वैध ठहराती रही हैं। मगर इस बिल के आने के बाद उनके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे।

    संभावित असर

    अगर यह बिल कानून बन गया तो लाखों यूज़र्स जो फैंटेसी स्पोर्ट्स या कार्ड गेम्स खेलते हैं, उनके पास सीमित विकल्प बचेंगे। विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा भी हिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ई-स्पोर्ट्स और मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रियल मनी गेमिंग सेक्टर में रोज़गार और निवेश पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा।