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  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    BMC चुनाव से पहले भाजपा में तकरार? किरीट सोमैया ने मंत्री लोढा को लगाई फटकार

    मुंबई महापौर पद को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद उभरते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा के “भाजपा का महापौर” बयान पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“कसली कॉलर टाइट? भाजपा महापौर की रेस में नहीं है।”

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नज़दीक आते ही राजनीति गर्माती जा रही है। एक तरफ भाजपा नेता जहां BMC में सत्ता स्थापित करने की बात कर रहे हैं, वहीं भाजपा के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। मंत्री मंगलप्रभात लोढा द्वारा “मुंबई में भाजपा का महापौर बनेगा” इस दावे के बाद पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने उन्हें कड़े शब्दों में फटकार लगाई और कहा कि “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही है।” सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी इस बयान पर ध्यान देने की बात कही।

    मुंबई में महापौर पद पर सियासी बयानबाज़ी तेज़

    राज्य के 29 नगर निगम चुनावों की घोषणा से पहले ही मुंबई में राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है। महायुती के नेताओं का दावा है कि इस बार मुंबई में उनका महापौर बनेगा।
    वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) भी लगातार यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि “मुंबई में फिर से शिवसेना का महापौर आएगा।”

    इसी माहौल में मंत्री मंगलप्रभात लोढा के बयान ने राजनीतिक हलचलों को और हवा दे दी।

    मंगलप्रभात लोढा का बयान: “भाजपा का महापौर बनेगा, कॉलर टाइट होगा!”

    एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री लोढा ने कहा था—

    “मुंबई महानगरपालिका में जब भाजपा का महापौर चुना जाएगा, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस उसके शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे, और उस वक्त आपकी और मेरी कॉलर टाइट होगी!”

    उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में कई दल फडणवीस के संकेतों पर चलते हैं।

    उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा अकेले महापौर पद का दावा कर रही है।

    सैय्या—”किस तरह का कॉलर टाइट? बीजेपी मेयर पद का चुनाव नहीं लड़ रही है!”

    मंगलप्रभात लोढा के बयान पर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने नाराज़गी जताई।
    मीडिया से बातचीत में सोमैया ने कहा—

    “भाजपा महापौर पद के लिए लड़ ही नहीं रही। जो नेता महापौर पद की बात कर रहे हैं, उन्हें मैंने भी बताया है और फडणवीस जी को भी कहा है कि उन्हें रोको। कैसा कॉलर टाइट? कैसा महापौर पद?”

    सोमैया ने स्पष्ट किया कि भाजपा का ध्यान महापालिका में “भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन” और विकास पर है, न कि महापौर की कुर्सी पर।

    महा विकास अघाड़ी और ठाकरे गुट पर भी हमला

    मीडिया से बातचीत के दौरान सोमैया ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) को भी आड़े हाथों लिया।
    उन्होंने कहा—

    • “कोविड के दौरान ठाकरे सेना कमाई कर रही थी।”
    • “खिचड़ी घोटाला, रेमडेसिविर घोटाला—ये सब मुंबई को लूटने की कहानी है।”
    • “हमारा लक्ष्य BMC को भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर मुंबई का विकास करना है।”

    उनके अनुसार भाजपा—चाहे फडणवीस हों या मोदी—पिछले 25 वर्षों से “लूट” का आरोप झेल रही मुंबई को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुंबई में क्या भाजपा एकजुट नहीं? उठने लगे सवाल

    लोढा का “भाजपा का महापौर” वाला दावा और सोमैया की “भाजपा महापौर पद की लड़ाई नहीं लड़ रही” वाली प्रतिक्रिया—दोनों ने मिलकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—

    क्या BMC चुनाव में भाजपा की रणनीति स्पष्ट नहीं है?

    या फिर पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी है?

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BMC चुनाव 2025 महाराष्ट्र में सत्ता संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
    इसलिए भाजपा चाहती है कि हर बयान बेहद सोच–समझकर दिया जाए।


    FAQ सेक्शन

    1. महापौर पद को लेकर भाजपा में विवाद क्यों दिख रहा है?

    मंत्री लोढा ने कहा कि “भाजपा का महापौर बनेगा”, जबकि सोमैया ने कहा कि भाजपा महापौर की रेस में नहीं है। इसी वजह से मतभेद की चर्चा शुरू हुई।

    2. भाजपा की आधिकारिक रणनीति क्या है?

    सोमैया के मुताबिक, भाजपा का मुख्य फोकस महापालिका को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और विकास तेज़ करना है।

    3. BMC चुनाव कब होने की उम्मीद है?

    राज्य चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों की घोषणा कर सकता है। 29 नगर निगमों के चुनाव एक साथ होने की संभावना है।

    4. शिवसेना (उद्धव गुट) का दावा क्या है?

    ठाकरे गुट का दावा है कि वे फिर से मुंबई में महापौर बनाएंगे।

  • काला घोड़ा क्षेत्र में सुशोभीकरण तेज, BMC आयुक्त ने की मौके पर समीक्षा

    काला घोड़ा क्षेत्र में सुशोभीकरण तेज, BMC आयुक्त ने की मौके पर समीक्षा

    मुंबई के ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके में चल रहा BMC का सुशोभीकरण अंतिम चरण में है। आयुक्त भूषण गगराणी ने रुदरफोर्ड स्ट्रीट, डॉ. वी.बी. गांधी मार्ग और बी. भरूचा मार्ग पर जारी कार्यों की समीक्षा की। क्षेत्र में प्लाज़ा, पाथवे, बैरिकेट्स और आकर्षक ग्रेनाइट फर्श तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: दक्षिण मुंबई का मशहूर और ऐतिहासिक काला घोड़ा इलाके का सुशोभीकरण अब अंतिम चरण में है। गुरूवार को BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी और माजी मुख्य सचिव नितीन करीर ने क्षेत्र का दौरा कर कामों की समीक्षा की। यहां लगभग 3,443 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक पाथवे, ग्रेनाइट फर्श, प्लाज़ा, बैरिकेट्स और पर्यटक–अनुकूल सुविधाएँ तैयार की जा रही हैं, ताकि आने वाले दिनों में यह इलाका मुंबईकरों और विदेशी पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बन सके।

    मुंबई का प्रतिष्ठित काला घोड़ा क्षेत्र अब और निखरेगा

    दक्षिण मुंबई का काला घोड़ा इलाका शहर की ऐतिहासिक विरासत, कला और संस्कृति की पहचान माना जाता है। यहां स्थित गैलरी, संग्रहालय, आर्ट स्टूडियो और पुरातन इमारतों के कारण यह हर दिन हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसी को और सुदृढ़ बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बड़े पैमाने पर सुशोभीकरण का काम हाथ में लिया है।

    काला घोड़ा एक ऐसा स्थान है, जहाँ हर साल प्रसिद्ध काला घोड़ा आर्ट फेस्टिवल आयोजित होता है, और यह क्षेत्र UNESCO के Victorian Gothic & Art Deco Ensemble से लगा हुआ है। इस वजह से भी इसे एक व्यवस्थित और वर्ल्ड-क्लास पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    3,443 वर्गमीटर में पहले चरण का काम लगभग पूरा

    सुशोभीकरण के पहले चरण में:

    • डॉ. वी. बी. गांधी मार्ग, रुदरफोर्ड स्ट्रीट, बी. भरूचा मार्ग
    • रोप वॉक लेन और साईबाबा रोड

    इन पाँच सड़कों के कुल 3,443 वर्गमीटर क्षेत्र में (करीब 500 मीटर लंबाई) आधुनिक पाथवे, फेसिंग और सड़क सुधार का काम किया जा रहा है।

    यहाँ करडा और काला ग्रेनाइट, बेसॉल्ट स्टोन और आकर्षक पैटर्न वाली वॉकवे तैयार हो रही हैं। इन पायवाटों को ऐसा डिज़ाइन किया गया है कि पर्यटक चलते हुए आराम का अनुभव कर सकें।

    प्लाज़ा एरिया और बैठने की व्यवस्था बनेगी आकर्षण

    बी. भरूचा मार्ग के चौक पर एक छोटा लेकिन खूबसूरत प्लाज़ा बनाया जा रहा है, जहाँ—

    • टेबल–चेयर की बैठने की सुविधा
    • हल्का रिफ्रेशमेंट लेने के लिए स्पॉट
    • फोटो प्वाइंट और कला प्रदर्शन का स्थान

    मुंबईकरों और विदेशी पर्यटकों को यह नया प्लाज़ा विशेष रूप से आकर्षित करेगा।

    अवजड वाहनों पर रोक, चारों तरफ सुरक्षा बैरिकेट्स

    इस क्षेत्र को पूरी तरह ‘टूरीस्ट–फ्रेंडली’ बनाने के लिए BMC ने बड़े वाहनों को आने से रोकने का फैसला किया है। इसके चारों ओर आधुनिक सेफ्टी बैरिकेड्स लगाए जाएंगे ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक माहौल मिले।

    उपहारगृहों और दुकानों को एकसमान साइन बोर्ड लगाने का निर्देश

    दौरे के दौरान आयुक्त भूषण गगराणी ने महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा—

    • सभी रेस्टोरेंट, कैफे, होटल और दुकानों के साइन बोर्ड एकसमान आकार में हों।
    • पूरे क्षेत्र की सौंदर्यात्मक पहचान एक जैसी दिखनी चाहिए।
    • किसी भी तरह की अवैध या अव्यवस्थित बोर्डिंग को हटाया जाए।

    इससे पर्यटन क्षेत्र की दृश्यता और आकर्षण बढ़ेगा।


    पर्यटकों के लिए नया ‘हेरिटेज वॉक अनुभव’

    काला घोड़ा क्षेत्र पहले से ही हेरिटेज वॉक का केंद्र माना जाता है।
    नई पाथवे और सुशोभीकरण के बाद यहाँ—

    • पर्यटक आराम से पैदल घूम सकेंगे
    • कला, वास्तुकला और स्थानीय खानपान का आनंद ले सकेंगे
    • सड़कें और लेन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होंगी

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. काला घोड़ा में सुशोभीकरण का काम क्यों किया जा रहा है?

    यह क्षेत्र मुंबई का प्रमुख कला एवं पर्यटन स्थल है। इसे और आकर्षक व आधुनिक बनाने के लिए BMC सुशोभीकरण कर रही है।

    2. सुशोभीकरण में क्या–क्या शामिल है?

    नए पाथवे, प्लाज़ा, ग्रेनाइट फर्श, बैरिकेट्स, एकसमान साइन बोर्ड, सुरक्षित वॉकिंग लेन और पर्यटन–अनुकूल सुविधाएँ।

    3. किसने निरीक्षण किया?

    BMC आयुक्त भूषण गगराणी और माजी मुख्य सचिव नितीन करीर ने पूरे प्रोजेक्ट का दौरा कर समीक्षा की।

    4. पहले चरण में कितना क्षेत्र शामिल है?

    लगभग 3,443 वर्गमीटर क्षेत्र (करीब 500 मीटर लंबाई) को विकसित किया जा रहा है।

  • 40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने से 40 वर्षीय मरीज की मौत का आरोप। परिवार का आरोप—वरिष्ठ डॉक्टर नहीं थे, इसलिए दूसरे अस्पताल भेजा गया। BMC अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था और अन्य गंभीर बीमारी की आशंका।

    मुंबई: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में एक 40 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए। उनका आरोप है कि सोमवार रात पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द के साथ भर्ती किए गए मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं मिला और डॉक्टरों ने “वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं” कहकर दूसरे अस्पताल भेज दिया। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद मंगलवार सुबह मरीज की मौत हो गई।

    रजनीकांत यादव (40) को सोमवार रात तेज पेट दर्द के बाद शताब्दी अस्पताल लाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में केवल प्राथमिक इलाज करके उन्हें कूपर, KEM या नायर अस्पताल जाने की सलाह दी गई। परिवार उन्हें पहले प्राइवेट अस्पताल ले गया, फिर हालत बिगड़ने पर बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर में भर्ती किया, लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर शताब्दी अस्पताल ने समय पर और सही इलाज किया होता तो मरीज की जान बच सकती थी।

    🟥 मरीज को शताब्दी में लाया गया, पर वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात लगभग 8:30 बजे रजनीकांत यादव को तेज पेट दर्द के कारण शताब्दी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

    • ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की
    • बताया कि वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं हैं
    • और मरीज को “उच्च स्तरीय उपचार” के लिए कूपर, KEM या नायर अस्पताल ले जाने को कहा

    परिवार ने डॉक्टरों से बार-बार विनती की कि मरीज की हालत खराब है, लेकिन उन्हें आगे का इलाज नहीं दिया गया।

    🟥 निजी अस्पताल और ट्रॉमा केयर के चक्कर में बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

    वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिलने पर मरीज को परिजन मजबूरी में निजी अस्पताल ले गए।
    लेकिन—

    • रात में हालत अचानक बिगड़ गई
    • उन्हें बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर ले जाया गया
    • जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

    परिवार का आरोप—
    “अगर शताब्दी में समय पर इलाज मिला होता तो वह बच जाते।”

    🟥 नातेवाईकों का आक्रोश—एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकाते रहे

    परिजनों का कहना है—
    “रात भर हम लोग अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। शताब्दी के डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया और सीधे रेफर कर दिया। अगर तुरंत ट्रीटमेंट शुरू होता तो ऐसा नहीं होता।”

    🟥 अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था, गंभीर बीमारी की आशंका

    शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा—

    • मरीज के पास पहले से ही कुछ जांच रिपोर्ट थीं
    • इसलिए टेस्ट में समय नहीं लगाया
    • प्राथमिक इलाज दिया गया
    • DNB परीक्षा होने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे
    • मरीज स्थिर था इसलिए “हायर सेंटर” की सलाह दी गई

    डॉ. गुप्ता का दावा—
    “सिर्फ पित्ताशय के दर्द से मौत नहीं हो सकती। उन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी रही होगी।”


    FAQ

    1. मरीज को किस बीमारी की शिकायत थी?

    उन्हें पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द की शिकायत थी।

    2. मौत किस अस्पताल में हुई?

    बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में।

    3. परिजनों का आरोप क्या है?

    कि शताब्दी अस्पताल ने समय पर इलाज नहीं दिया और दूसरे अस्पताल भेज दिया।

    4. अस्पताल प्रशासन क्या कहता है?

    मरीज स्थिर था और घबराने जैसी स्थिति नहीं थी। मौत की वजह कोई अन्य गंभीर बीमारी हो सकती है।

    5. क्या वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे?

    नहीं। DNB परीक्षा चलने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।

  • बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    बलात्कार और दुष्कर्म मामले में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम गिरफ्तार, लेकिन बेटा फरार

    मालवनी में हफ्ता वसूली और प्रॉपर्टी कब्जे के मामलों में कुख्यात ज़ाकिर डॉट कॉम को दुष्कर्म केस में गिरफ्तार किया गया। पीड़िता ने उसके बेटे आमीर पर भी जबरन छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    मुंबई: मालाड पश्चिम के मालवनी इलाके में लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम को पुलिस ने एक महिला के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, धमकी और किडनैपिंग जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं। पीड़िता ने गिरफ्तारी के बाद उसकी संलिप्तता और भी उजागर की तथा उसके बेटे आमीर हुसैन सैय्यद पर भी जबरन छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कराया है। ज़ाकिर के हिरासत में आने के बाद बेटा फरार हो गया।

    कई मामलों में वांछित आरोपी ज़ाकिर डॉट कॉम की गिरफ्तारी

    मालवनी पुलिस के हाथ आखिरकार वह आरोपी लग गया जो वर्षों से कानून की पकड़ से बचता फिर रहा था। ज़ाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम अपराध जगत में जाना-पहचाना नाम है। उस पर हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, धमकी, जबरन वसूली, किडनैपिंग और अलग-अलग धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। दुष्कर्म के इस नए केस के बाद उसकी आपराधिक फाइल और भी लंबी हो गई है।

    कानूनी मदद के बहाने नज़दीकी बढ़ाई, फिर ऑफिस में किया दुष्कर्म

    पीड़िता 32 वर्षीय महिला ने मालवनी पुलिस को बताया कि उसे एक कानूनी मामले में किसी की मदद चाहिए थी। आरोपी ने खुद को पुलिस सिस्टम से जुड़ा बताया और भरोसा दिलाया कि वह उसकी मदद कर सकता है। कुछ दिनों में उसने महिला से नज़दीकी बढ़ाई, घर में राशन भिजवाया और आर्थिक परेशानी का फायदा उठाते हुए उसे अपने ऑफिस में बुलाया।
    वहीं उसने महिला के साथ बलात्कार किया। पीड़िता डर के मारे कुछ नहीं बोली और आंसू पोंछकर वहां से निकल आई।

    महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया और उसी का सहारा लेकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण की वजह से वह ख़ुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थी।

    बाप ने चुप कराया तो बेटे की हिम्मत बढ़ी

    पीड़िता के अनुसार, मामला यहीं नहीं रुका।
    एक दिन ज़ाकिर का बेटा आमीर हुसैन सैय्यद नशे की हालत में उसके घर पहुंचा और उसे कहा—
    “मेरे अब्बा के साथ जो तुम्हारा सेक्स रिलेशन चल रहा है, वो मुझे भी चाहिए।”

    इतना कहते ही उसने महिला पर हमला किया और उसकी छाती पकड़ने की कोशिश की। महिला ने पूरी ताकत लगाकर उसे घर से बाहर धक्का दिया। जाते-जाते वह धमकी देकर गया—
    “तेरे को बाद में देखता हूँ।”

    पीड़िता ने पिता को बताया तो मिला धमकी भरा जवाब

    महिला ने जब ज़ाकिर को फोन कर शिकायत की, तो उसने बेटे का बचाव करते हुए कहा—
    “जो भी किया वो नशे में किया। चिल्लम-चिल्ली मत कर… बात वहीं खत्म कर। नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।”
    इसके बाद महिला और डर गई और कई महीनों तक शिकायत नहीं कर सकी।

    2022 से जारी शोषण, 2025 में शिकायत

    पीड़िता के मुताबिक,

    • दुष्कर्म 2022 में हुआ
    • बेटे द्वारा छेड़छाड़ और जबरदस्ती 2023 में
      लेकिन आरोपी की दहशत के कारण महिला चुप रही।
      2025 की शुरुआत में ज़ाकिर के खिलाफ कई नए आपराधिक मामले दर्ज होने लगे। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और FIR दर्ज कराई।

    गुप्त सूचना पर रेड, ज़ाकिर गिरफ्तार—बेटा फरार

    पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने मालवनी स्थित घर में छिपा है।
    सीनियर पीआई शैलेंद्र नागरकर और क्राइम डिटेक्शन पीआई जीवन भातकुले की टीम ने रेड कर आरोपी को दबोच लिया।

    दुष्कर्म मामले में पिता गिरफ्तार हो गया, लेकिन दूसरे FIR दर्ज होते-होते बेटा आमीर फरार हो चुका था।
    अब मालवनी पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


    FAQ SECTION

    1. ज़ाकिर डॉट कॉम कौन है?

    वह मालवनी क्षेत्र का कुख्यात आरोपी है, जिसके खिलाफ हफ्ता वसूली, प्रॉपर्टी कब्जा, किडनैपिंग और धमकी जैसी कई धाराओं में केस दर्ज हैं।

    2. पीड़िता ने क्या आरोप लगाए हैं?

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कानूनी मदद के बहाने भरोसा जीता, दुष्कर्म किया, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और लगातार शोषण करता रहा।

    3. बेटे पर क्या आरोप है?

    ज़ाकिर के बेटे आमीर पर जबरन छेड़छाड़, हमला और धमकी देने का आरोप है। पीड़िता के अनुसार, उसने “सेक्स रिलेशन” की जबरन मांग की और उस पर हमला किया।

    4. आरोपी कब से फरार था?

    ज़ाकिर 2022 में दुष्कर्म के बाद से ही लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। उसकी अग्रिम जमानत भी खारिज हो चुकी थी।

    5. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह मालवनी स्थित अपने घर में छिपा है। इसके बाद दबिश देकर उसे पकड़ लिया गया।

    6. बेटे की गिरफ्तारी हुई क्या?

    नहीं, बेटा आमीर हुसैन सैय्यद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

  • BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर दर्ज 11,497 आपत्तियों में से 10,668 पर निर्णय हो चुका है। 829 मामले डुप्लीकेट वोटरों से जुड़े हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से पहले कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 पर निर्णय हो गया है। शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। बीएमसी ने 26 वार्डों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी है और अंतिम मतदाता सूची के लिए कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है। जिन प्रभागों में 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे हैं, उनकी Google Map पर सीमाओं के अनुसार फील्ड-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC चुनाव 2025: मतदाता सूची पर आई आपत्तियों पर तेज़ी से काम

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2025 के आगामी चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची पर लोगों से मिली आपत्तियों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई की है। बीएमसी की ओर से कुल 11,497 हरकतियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 मामलों पर निर्णय दे दिया गया है। यह जानकारी बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने मीडिया को दी।

    प्रेस वार्ता के दौरान सह आयुक्त (करनिर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार और सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे भी मौजूद थे।

    BMC-decides-on-10668-objections-to-voter-lists-news

    26 प्रशासनिक विभागों से आई थीं शिकायतें

    बीएमसी के 26 प्रशासनिक विभागों में मतदाता सूची को लेकर लोगों ने बदलाव और सुधार से जुड़ी 11,497 आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

    • इनमें से 10,668 का निपटारा कर दिया गया है।
    • शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

    इसके लिए हर वॉर्ड के सहायक आयुक्तों को “प्राधिकृत अधिकारी” नियुक्त किया गया है।

    अंतिम मतदाता सूची से पहले तैयार हो रहा ‘कंट्रोल चार्ट’

    डॉ. जोशी ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्णयों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए “कंट्रोल चार्ट” बनाया जा रहा है, जो अंतिम सूची का आधार होगा।

    जहां 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

    बीएमसी ने खास तौर पर उन प्रभागों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां
    100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिख रहे हैं।

    इस प्रक्रिया में—

    • Google Map पर दिखाई गई प्रभाग सीमाएँ
    • ज़मीन पर मौजूद घर, इमारतें, चॉल, वसाहतें
      इनकी भौतिक जांच कराई जाएगी, ताकि कोई गलती न रहे।
      सभी संबंधित उपायुक्तों और सह आयुक्तों को
      फोटो और प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर जांच

    बीएमसी ने डुप्लीकेट वोटर मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की है।

    • BLO (Booth Level Officer) और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
    • मतदाता से “परिशिष्ट-1” फॉर्म भरवाया जाएगा।
    • यदि मतदाता घर पर नहीं मिले, तो उनके घर के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाया जाएगा।
    • नोटिस में वॉर्ड कार्यालय से संपर्क करने की अपील होगी।

    बीएमसी ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है।

    BMC का लक्ष्य: अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिविहीन बनाना

    मोटे तौर पर देखें, तो बीएमसी की कोशिश है कि 2025 के चुनाव से पहले मतदाता सूची से—

    • डुप्लीकेट नाम
    • गलत पतों वाले मतदाता
    • स्थानांतरित लोग
    • गलत प्रविष्टियाँ

    इन सभी को हटाकर एक सटीक और साफ मतदाता सूची बनाई जाए।


    FAQ Section

    1. बीएमसी को कुल कितनी आपत्तियाँ मिली थीं?

    मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे।

    2. इनमें से कितने मामलों पर फैसला हो चुका है?

    10,668 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है।

    3. 829 शेष आपत्तियाँ किस बारे में हैं?

    ये सभी मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं।

    4. डुप्लीकेट वोटरों की जांच कैसे होगी?

    BLO और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और परिशिष्ट-1 फॉर्म भरवाएँगे। उपलब्ध न होने पर घर पर नोटिस लगाया जाएगा।

    5. बीएमसी गूगल मैप का उपयोग क्यों कर रही है?

    उन प्रभागों में, जहाँ 100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां Google Map पर सीमाओं की तुलना कर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।

  • मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में नाबालिग से छेड़छाड़, रिक्शाचालक गिरफ्तार

    मालाड में एक नाबालिग छात्रा से रिक्शा के अंदर छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश करने वाले 54 वर्षीय रिक्शाचालक को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार किया। पुलिस ने 30 से ज़्यादा CCTV खंगालकर आरोपी को कांदिवली से पकड़ा।

    मुंबई: मालाड में कॉलेज में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ रिक्शा में अश्लील हरकतें करने, गलत रास्ते ले जाने और मदद के लिए चिल्लाने पर उसे चलती रिक्शा से धक्का देकर मारने की कोशिश करने वाले रिक्शाचालक को मालाड पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूरे कांदिवली वेस्ट इलाके में रिक्शे की तलाश की, लगभग 25–30 CCTV कैमरे खंगाले और आखिरकार आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए पकड़ा।

    मालाड में दिन-दहाड़े वारदात, छात्रा को बनाया निशाना

    मालाड के एस.वी. रोड इलाके में सोमवार (08 दिसंबर 2025) को कॉलेज से घर लौटते समय एक नाबालिग लड़की के साथ जो हुआ, उसने इलाके में सनसनी मचा दी। शाम करीब 4 बजे छात्रा ने एस.वी. रोड से ओर्लेम के सुराणा हॉस्पिटल जाने के लिए एक रिक्शा लिया, लेकिन रिक्शाचालक ने पहले उसे सीट बदलने के लिए बोला, फिर सही रास्ते से हटकर गलत दिशा में ले गया।

    रिक्शे के शीशे से अश्लील हरकतें, डरकर छात्रा ने रोकने को कहा

    मालाड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की दाईं तरफ बैठी थी, तभी आरोपी ने रिक्शे के शीशे से बार-बार उसे देखकर आंख मारी, भौंहें चढ़ाकर अश्लील इशारे किए। डर के मारे छात्रा ने तुरंत रिक्शा रोकने को कहा, लेकिन उसने स्पीड और बढ़ा दी।

    मदद के लिए चिल्लाई तो धमकाया, फिर चलती रिक्शा से धक्का दिया

    जब लड़की ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया तो आरोपी ने उसे धमकाया। लड़की ने दोबारा चिल्लाया तो आरोपी ने चलती रिक्शा में हाथ से धक्का मारकर उसे सड़क पर फेंक दिया। उस समय सड़क पर गाड़ियां चल रही थीं, यानी उसकी जान जाने की पूरी आशंका थी। धक्का देने के बाद आरोपी भाग निकला।

    नाबालिग ने मां व बहन के साथ दी शिकायत, तुरंत FIR दर्ज

    पीड़िता अपनी मां और बहन के साथ मालाड पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देर किए
    FIR नंबर 889/25
    कलम 79, 109 – भारतीय न्याय संहिता 2023 और पॉक्सो की धारा 12
    के तहत केस दर्ज किया।

    पुलिस की कार्रवाई: CCTV की चैकिंग से लेकर इलाके में गश्त

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम टीम को निर्देश दिए।

    • करीब 25–30 CCTV कैमरे चेक किए गए
    • फुटेज से रिक्शा का नंबर ट्रेस किया गया
    • रिक्शा की आखिरी लोकेशन कांदिवली वेस्ट मिली

    इसके बाद टीम ने पूरी कांदिवली वेस्ट में मुस्तैदी के साथ खोजबीन शुरू की और कुछ ही घंटों में आरोपी को उसकी रिक्शा में सोते हुए काबू कर लिया गया।

    आरोपी की पहचान

    केशब प्रसाद यादव

    • उम्र – 54 वर्ष
    • पेशा – रिक्शा चालक
    • निवासी – शिवसेना मैदान के पास, लालजी पाड़ा, कांदिवली पश्चिम, मुंबई

    मुंबई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना

    मालाड पुलिस की टीम ने तेज़ और सटीक कार्रवाई कर नाबालिग को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर इलाके में विश्वास पैदा किया।

    वरिष्ठ अधिकारियों—अपर पुलिस आयुक्त शशी कुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रकाश बागल, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण—के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई सफल रही।

    टीम में शामिल अधिकारी व कर्मचारी:
    सपोनि रायवाडे, पोउनि तुपारे सुखदेवे, पोउनि रफीक गवंडी, और अमलदार सातवसे, गावड, फर्नांडिस, गोंजारी, जाधव, डोईफोड, शेरे, वाघ, बाबर, थोरात।


    FAQ SECTION

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना मालाड पश्चिम के एस.वी. रोड इलाके में हुई, जब नाबालिग छात्रा कॉलेज से घर लौट रही थी।

    2. आरोपी ने नाबालिग के साथ क्या किया?

    रिक्शाचालक ने गलत रास्ते पर ले जाकर शीशे से अश्लील इशारे किए, धमकाया और चलती रिक्शा से धक्का देकर उसे सड़क पर फेंक दिया।

    3. पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?

    पुलिस ने 25–30 CCTV कैमरे खंगाले, रिक्शा नंबर ट्रेस किया और कांदिवली वेस्ट में खोजबीन कर आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

    4. आरोपी के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गईं?

    भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79, 109 और POCSO की धारा 12 लगाई गई है।

    5. पीड़िता की हालत कैसी है?

    छात्रा सुरक्षित है और पुलिस ने तुरंत उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

  • ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    ट्रेन फायरिंग केस: पूर्व RPF कॉन्स्टेबल की जमानत याचिका पर पुलिस ने जताई आपत्ति

    मुंबई ट्रेन फायरिंग केस में आरोपी पूर्व RPF कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की बेल याचिका का पुलिस ने विरोध किया। पुलिस का कहना है कि केस गंभीर है और इसमें मौत की सजा भी संभव है। कोर्ट में गवाहों के बयान और सबूत पेश।

    मुंबई: 8 दिसंबर। मुंबई की अदालत में चल रहे ट्रेन फायरिंग मामले में पूर्व रेलवे सुरक्षा बल (RPF) कॉन्स्टेबल चेतन सिंह चौधरी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें आरोपी को मृत्युदंड (Death Penalty) भी मिल सकता है, इसलिए जमानत देना अभी न्याय के हित में नहीं होगा।

    चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में अपने वरिष्ठ अधिकारी ASI टीका राम मीणा और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    📍 पुलिस का तर्क: “जमानत से प्रभावित हो सकता है केस”

    अतिरिक्त लोक अभियोजक सुदीर सापकले की मौजूदगी में दाखिल लिखित जवाब में कहा गया कि:

    • मामले में कई महत्वपूर्ण गवाह मौजूद हैं।
    • पर्याप्त सबूत इकट्ठा किए जा चुके हैं।
    • इस स्टेज पर जमानत मिलने से जांच और ट्रायल प्रभावित हो सकता है।

    पुलिस ने ये भी दावा किया कि सबूत आरोपी के खिलाफ मजबूत हैं।

    🧠 आरोपी की दलील: “मानसिक बीमारी थी, अपराध की याद नहीं”

    चेतन सिंह चौधरी ने अपने वकील अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के जरिए कहा कि वह मानसिक बीमारी “White Matter Disease” से पीड़ित हैं और उन्हें भ्रम (Delusional Disorder) होता है।

    अर्जी में कहा गया:

    “अपराध के समय आरोपी अपनी मानसिक स्थिति में नहीं था और उसे घटना की याद भी नहीं है।”

    लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा:

    “यह आधार भरोसेमंद नहीं है और इस समय विचार करने योग्य नहीं।”

    ⚖️ पीड़ित परिवार की अपील भी कोर्ट में

    हत्या में मारे गए एक यात्री की पत्नी ने भी कोर्ट में इंटरवेशन एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि:

    • आरोपी के खिलाफ प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं
    • हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं
    • बेल मिलने पर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है

    🚔 गवाह का खुलासा: “चेतन सिंह ने धमकी दी – रास्ते में आए तो गोली मार दूंगा”

    एक RPF कांस्टेबल, जो आरोपी को पकड़ने वाली टीम में शामिल था, ने सोमवार को कोर्ट में बयान दिया। उन्होंने बताया:

    • मीरा रोड और दहिसर स्टेशन के बीच पटरी पर आरोपी चला रहा था
    • पूछताछ पर उसने जवाब नहीं दिया
    • आरोपी ने कहा:

    “मेरे सामने मत आओ, वरना गोली मार दूंगा।”

    आखिरकार आरोपी को मीरा रोड स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर गिरफ्तार किया गया।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1: चेतन सिंह पर क्या आरोप है?
    उन पर ट्रेन में एक ASI और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या का आरोप है।

    Q2: क्या आरोपी मानसिक बीमारी का दावा कर रहा है?
    हाँ, उसने ‘व्हाइट मैटर डिज़ीज़’ और भ्रम की बीमारी होने का दावा किया है।

    Q3: क्या आरोपी को जमानत मिली?
    अभी जमानत मंजूर नहीं हुई है, पुलिस ने विरोध किया है।

    Q4: क्या इस केस में मौत की सजा संभव है?
    हाँ, पुलिस के अनुसार केस की गंभीरता देखते हुए यह ‘रेयर ऑफ रेयरेस्ट’ कैटेगरी में आता है।

  • दहिसर में युवक पर तलवार से जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार; सात फरार

    दहिसर में युवक पर तलवार से जानलेवा हमला, दो गिरफ्तार; सात फरार

    मुंबई के दहिसर इलाके में 9 लोगों के गिरोह ने पुराने विवाद को लेकर युवक आरिफ पर चाकू, तलवार और डंडों से हमला किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि सात आरोपी फरार हैं। मामला हत्या के प्रयास के तहत दर्ज।

    मुंबई: दहिसर में शनिवार तड़के एक युवक पर तलवार, चाकू, डंडे और पत्थरों से बेरहमी से जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में आरिफ नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है और वर्तमान में कूपर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि सात अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या के प्रयास की धाराओं में FIR दर्ज की है।

    📍 घटना कैसे हुई

    दहिसर के आनंद नगर स्थित स्वामीनारायण मंदिर के पास बीएमसी कचरा प्रबंधन चौकी परिसर में यह घटना शनिवार तड़के लगभग 3:30 बजे हुई। आरिफ अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंचा था तभी आरोपी सनी सालेकर और उसकी गैंग ने उसे घेर लिया।

    🔹 पुरानी रंजिश बनी वजह

    सूत्रों के अनुसार, घायल आरिफ और मुख्य आरोपी सनी सालेकर के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उसी मामले को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते आरोपियों ने आरिफ पर अचानक हमला कर दिया।

    🗡 हमला: लाठी, तलवार और चाकू का इस्तेमाल

    प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने:

    • पहले आरिफ को लात-घूंसों से पीटा
    • फिर उस पर चाकू और तलवार से वार किए
    • पत्थरों से सिर और चेहरे पर हमला किया

    हमले के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गए।

    🚔 पुलिस की कार्रवाई

    दहिसर पुलिस ने इस मामले में रोमन नजीर शेख और दीपक जितेंद्र दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया।

    फरार आरोपी:
    सनी सालेकर, शेखर पल्लक, विक्की निनामिया, विशाल गोडसे, अरविंद उर्फ लाला और दो अन्य।

    🏥 पीड़ित की स्थिति

    आरिफ की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. हमला कब और कहाँ हुआ?
    घटना दहिसर के आनंद नगर में शनिवार सुबह लगभग 3:30 बजे हुई।

    Q2. अब तक कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
    अब तक दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं जबकि सात फरार हैं।

    Q3. पीड़ित की क्या स्थिति है?
    पीड़ित आरिफ की हालत गंभीर है और वह कूपर अस्पताल के ICU में भर्ती है।

    Q4. आरोपी किस वजह से हमलावर हुए?
    हमले की वजह पुराना आपसी विवाद बताया जा रहा है।

  • PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    PNB घोटाला: ईडी ने बोरीवली की चार संपत्तियां लिक्विडेटर के हवाले कीं

    मुंबई में पीएनबी घोटाले की जांच के तहत ईडी ने बोरीवली स्थित चार अटैच संपत्तियां लिक्विडेटर को सौंपीं। कुल ₹2,565 करोड़ से अधिक की संपत्तियों की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया जारी।

    मुंबई: पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज करते हुए मुंबई के बोरीवली ईस्ट में स्थित चार अटैच संपत्तियों को कंपनी लिक्विडेटर के हवाले कर दिया है। यह कदम पीड़ित बैंकों, निवेशकों और अन्य दावेदारों को आर्थिक नुकसान की भरपाई दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है। यह कार्रवाई 21 नवंबर को ईडी की मुंबई जोनल यूनिट द्वारा की गई।

    🏷️ ईडी की कार्यवाही और उद्देश्य

    ईडी की ओर से बताया गया कि यह संपत्तियां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा हैं। एजेंसी ने अब तक मुंबई, कोलकाता और सूरत में स्थित करीब ₹310 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को लिक्विडेटर के अधीन सौंप दिया है, जो गितांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी हैं।

    🏷️ मामले की पृष्ठभूमि और आरोप

    ईडी की जांच में पाया गया कि भगोड़ा कारोबारी मेहुल चोकसी ने अपने साथियों और PNB के कुछ अधिकारियों की मदद से 2014 से 2017 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और फॉरेन क्रेडिट लेटर्स के जरिए बैंक से ₹6,097.63 करोड़ का बड़ा वित्तीय घोटाला किया।

    इसके अलावा चोकसी ने आईसीआईसीआई बैंक से लिए गए लोन का भी भुगतान नहीं किया और जानबूझकर डिफॉल्ट किया।

    🏷️ जांच के दौरान जब्ती और सील की गई संपत्तियां

    जांच के दौरान ईडी ने देशभर में 136 से ज्यादा स्थानों पर छापे मारे और गितांजलि ग्रुप की करीब:

    • ₹597 करोड़ की ज्वेलरी और कीमती चीजें जब्त कीं
    • ₹1,968 करोड़ से अधिक की चल और अचल संपत्तियां अटैच कीं
    • जिनमें शामिल हैं:
      ✔️ देश और विदेश की प्रॉपर्टी
      ✔️ वाहन
      ✔️ बैंक खाते
      ✔️ सूचीबद्ध शेयर
      ✔️ फैक्ट्री परिसर

    कुल मिलाकर अब तक ₹2,565.90 करोड़ मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं।

    🏷️ आगे की कानूनी प्रक्रिया

    पीड़ित बैंकों को जल्द भुगतान दिलाने के लिए ईडी और बैंकों ने मिलकर मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में एक संयुक्त आवेदन दिया, जिसे मंजूरी मिल गई है।

    अब इन संपत्तियों की वैल्यूएशन और नीलामी की प्रक्रिया लिक्विडेटर और बैंक की निगरानी में होगी और बिक्री से प्राप्त राशि PNB और ICICI बैंक के खाते में फिक्स्ड डिपॉज़िट के रूप में जमा की जाएगी।

    ईडी ने बताया कि शेष अटैच संपत्तियों को भी जल्द ही इसी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द किया जाएगा।


    🔹 FAQ सेक्शन

    📌 प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस मामले से जुड़ी है?
    यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले से संबंधित है।

    📌 प्रश्न 2: कुल कितनी संपत्तियां बरामद या जब्त की गई हैं?
    अब तक लगभग ₹2,565.90 करोड़ की संपत्तियां जब्त या अटैच की जा चुकी हैं।

    📌 प्रश्न 3: इन संपत्तियों का क्या किया जाएगा?
    इनकी नीलामी कर राशि पीड़ित बैंकों को दी जाएगी।

    📌 प्रश्न 4: मेहुल चोकसी कहां है?
    चोकसी फिलहाल भगोड़ा घोषित है और विदेश में छिपा है।