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  • RIICO भर्ती 2026: राजस्थान में 98 सरकारी पदों पर बंपर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू

    RIICO भर्ती 2026: राजस्थान में 98 सरकारी पदों पर बंपर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू

    RIICO भर्ती 2026 के तहत राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में 98 पदों पर भर्ती निकली है। 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट उम्मीदवार 20 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    राजस्थान: राजस्थान सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation Limited (RIICO) ने भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 98 स्थायी पदों पर नियुक्ति की जाएगी। जूनियर असिस्टेंट, असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर, प्रोग्रामर, ड्राफ्ट्समैन, जूनियर लीगल ऑफिसर सहित कई पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 20 फरवरी 2026 अंतिम तारीख है। चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-5 से लेवल-16 तक वेतन मिलेगा।

    RIICO भर्ती 2026: संगठन और जॉब हाइलाइट्स

    RIICO राजस्थान में औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी सरकारी संस्था है। यहां नौकरी का मतलब है स्थिर करियर, अच्छा वेतन और सरकारी सुविधाएं।

    • भर्ती संस्था: राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (RIICO)
    • कुल पद: 98
    • नौकरी स्थान: राजस्थान
    • आवेदन मोड: ऑनलाइन
    • वेतनमान: 7वां वेतन आयोग (Pay Level 5 से 16)

    RIICO Vacancy 2026: पदों का पूरा विवरण

    पद का नामकुल पद
    जूनियर असिस्टेंट54
    असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर ग्रेड-II21
    पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड-II08
    ड्राफ्ट्समैन-कम-ट्रेसर (सिविल)08
    जूनियर लीगल ऑफिसर (JLO)04
    प्रोग्रामर01
    असिस्टेंट टाउन प्लानर01
    कंपनी सेक्रेटरी01
    कुल98

    शैक्षणिक योग्यता (Eligibility Criteria)

    जूनियर असिस्टेंट:
    12वीं पास + O Level / COPA / RSCIT / कंप्यूटर डिग्री या डिप्लोमा

    AAO ग्रेड-II:
    B.Com (60% अंक) + RSCIT / O Level / COPA / कंप्यूटर डिप्लोमा

    पर्सनल असिस्टेंट ग्रेड-II:
    12वीं पास + कंप्यूटर योग्यता (शॉर्टहैंड/टाइपिंग स्किल टेस्ट अनिवार्य)

    ड्राफ्ट्समैन:
    डिप्लोमा इन आर्किटेक्चर + AutoCAD या NCVT सर्टिफिकेट (सिविल)

    प्रोग्रामर:
    BE/B.Tech/MCA/M.Sc (IT/CS) / M.Tech

    JLO:
    लॉ ग्रेजुएट (55% अंक) या LLM

    असिस्टेंट टाउन प्लानर:
    B.Arch (60%) + PG इन टाउन प्लानिंग

    कंपनी सेक्रेटरी:
    ICSI फाइनल + मेंबरशिप + 5 साल का अनुभव

    आयु सीमा (20 फरवरी 2026 तक)

    • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
    • अधिकतम आयु: 40 वर्ष

    आयु में छूट:

    • राजस्थान के SC/ST/OBC/MBC/EWS पुरुष: 5 वर्ष
    • राजस्थान की महिला उम्मीदवार: 10 वर्ष

    वेतन और सरकारी सुविधाएं

    पदप्रोबेशन वेतनरेगुलर पे लेवल
    कंपनी सेक्रेटरी₹47,200लेवल-16
    असिस्टेंट टाउन प्लानर₹39,300लेवल-14
    प्रोग्रामर₹31,100लेवल-12
    AAO ग्रेड-II₹26,500लेवल-11
    JLO / PA₹23,700लेवल-10
    ड्राफ्ट्समैन₹18,500लेवल-8
    जूनियर असिस्टेंट₹14,600लेवल-5

    प्रोबेशन के बाद: DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, मेडिकल सुविधा सहित अन्य सरकारी लाभ।

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    • लिखित परीक्षा (Part-I और Part-II)
    • स्किल / प्रोफिशिएंसी टेस्ट (पद के अनुसार)
    • इंटरव्यू (कंपनी सेक्रेटरी और टाउन प्लानर)
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

    ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

    1. RIICO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    2. “Recruitment 2026 – Apply Online” पर क्लिक करें
    3. रजिस्ट्रेशन करें
    4. फॉर्म भरें और दस्तावेज अपलोड करें
    5. फीस जमा करें
    6. आवेदन फॉर्म का प्रिंट लें

    महत्वपूर्ण तिथियां

    • नोटिफिकेशन जारी: 20 जनवरी 2026
    • आवेदन शुरू: 21 जनवरी 2026
    • अंतिम तारीख: 20 फरवरी 2026
    • परीक्षा तिथि: जल्द घोषित होगी

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. RIICO भर्ती 2026 में कौन आवेदन कर सकता है?
    👉 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्री वाले उम्मीदवार।

    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 20 फरवरी 2026।

    Q3. क्या ये पद स्थायी हैं?
    👉 हां, प्रोबेशन के बाद स्थायी नियुक्ति होगी।

  • गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ पर काम तेज, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई जोरों पर

    गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ पर काम तेज, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई जोरों पर

    मुंबई के बहुप्रतीक्षित गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ (GMLR) प्रोजेक्ट के तहत दादासाहेब फाळके चित्रनगरी परिसर में लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेजी से जारी है। जून 2026 से टनल खोदने का काम शुरू होगा।

    मुंबई: शहर के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ने वाले गोरेगांव–मुलुंड कनेक्टवीटी रोड़ (GMLR) प्रोजेक्ट का काम रफ्तार पकड़ चुका है। गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाळके चित्रनगरी (फिल्म सिटी) परिसर में 5.3 किलोमीटर लंबे जुड़वां टनल के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट की खुदाई तेजी से चल रही है। 10 मार्च 2026 तक टनल बोरिंग मशीन (TBM) शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि जून 2026 से वास्तविक टनल खुदाई की योजना है।

    गोरेगांव के फिल्म सिटी परिसर में लॉन्चिंग शाफ्ट का काम तेज

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा संचालित GMLR प्रोजेक्ट के तीसरे चरण (3B) के तहत गोरेगांव के दादासाहेब फाळके चित्रनगरी इलाके में लॉन्चिंग शाफ्ट का उत्खनन किया जा रहा है।
    यह शाफ्ट करीब 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा होगा। फिलहाल लगभग 23 मीटर गहराई तक खुदाई पूरी कर ली गई है। बाकी 7 मीटर खुदाई पूरी होते ही टनल बोरिंग मशीन को उतारने के लिए जरूरी क्रैडल (सांचा) तैयार किया जाएगा।

    दो अत्याधुनिक TBM से होगी टनल की खुदाई

    इस प्रोजेक्ट में भूमिगत जुड़वां टनल बनाने के लिए दो आधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (TBM) का इस्तेमाल किया जाएगा।
    ▪ एक TBM के सभी हिस्से साइट पर पहुंच चुके हैं
    ▪ दूसरी TBM के बाकी हिस्से 22 जनवरी 2026 की रात तक साइट पर पहुंचने वाले हैं

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, 10 मार्च 2026 तक मशीनों को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

    रोजाना निकल रहा 1500 क्यूबिक मीटर मलबा

    खुदाई के दौरान रोजाना करीब 1400 से 1500 क्यूबिक मीटर मिट्टी और पत्थर बाहर निकाला जा रहा है।
    ▪ लगभग 120 ट्रकों से रोज मलबा हटाया जा रहा है
    ▪ दीवारों को सुरक्षित रखने के लिए रॉक एंकरिंग की गई है

    अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समयसीमा में काम पूरा करने के लिए गति और बढ़ाई जाए।

    अभिजीत बांगर ने किया साइट का निरीक्षण

    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने 21 जनवरी 2026 को साइट का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
    उन्होंने साफ कहा कि:

    • काम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
    • तय समयसीमा में प्रोजेक्ट पूरा किया जाए
    • सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो

    निरीक्षण के दौरान बीएमसी के वरिष्ठ इंजीनियर और सलाहकार भी मौजूद थे।

    जून 2026 से शुरू होगी असली टनल खुदाई

    अभिजीत बांगर के मुताबिक:

    • मार्च 2026 तक TBM शाफ्ट में उतारी जाएंगी
    • अगले 3 महीनों में मशीन और 3 गैंट्री जोड़ी जाएंगी
    • जून 2026 से टनल की वास्तविक खुदाई शुरू होगी

    यह तिहरी लेन वाली पेटी टनल इंजीनियरिंग के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।

    मुंबई की ट्रैफिक को मिलेगा बड़ा फायदा

    गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को सीधे जोड़ेगा।
    ▪ जोगेश्वरी–विक्रोली लिंक रोड (JVLR) की तुलना में
    करीब 8.8 किलोमीटर का सफर कम होगा
    ▪ समय, ईंधन और खर्च की बचत होगी
    ▪ ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
    ▪ कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी

    यह प्रोजेक्ट खासकर उत्तर मुंबई की ट्रैफिक समस्या के लिए गेम चेंजर साबित माना जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग कब शुरू होगा?
    👉 जून 2026 से टनल खुदाई शुरू होने की योजना है।

    Q2. टनल की कुल लंबाई कितनी होगी?
    👉 जुड़वां टनल की लंबाई करीब 5.3 किलोमीटर होगी, पेटी टनल समेत कुल दूरी 6.62 किमी होगी।

    Q3. इस प्रोजेक्ट से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
    👉 ट्रैफिक जाम कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और ईंधन की बचत होगी।

  • मालाड में दिल दहला देने वाली दरिंदगी, 2.5 महीने के पिल्ले से क्रूरता; आरोपी गिरफ्तार

    मालाड में दिल दहला देने वाली दरिंदगी, 2.5 महीने के पिल्ले से क्रूरता; आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड पूर्व स्थित कुरार गांव में 2.5 महीने के पिल्ले के साथ कथित यौन उत्पीड़न और बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके के कुरार गांव से पशु क्रूरता का एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां महज ढाई महीने के एक पिल्ले के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और बेरहमी से पिटाई की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। पशु प्रेमी संस्था PAL फाउंडेशन की मदद से मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 वर्षीय आरोपी को सार्वजनिक शौचालय से गिरफ्तार किया। गंभीर रूप से घायल पिल्ले का इलाज जारी है।

    मालाड के कुरार विलेज में सामने आई अमानवीय घटना

    यह चौंकाने वाली घटना मालाड पूर्व के कुरार गांव इलाके की है। जानकारी के अनुसार, एक 20 वर्षीय युवक पर आरोप है कि उसने सार्वजनिक शौचालय के भीतर एक ढाई महीने के पिल्ले के साथ पहले यौन उत्पीड़न किया और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई की। पिल्ले की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

    वायरल वीडियो से खुला मामला

    घटना तब सामने आई जब PAL (Pure Animal Lovers) फाउंडेशन द्वारा जारी एक रेस्क्यू वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में मुंबई पुलिस और पशु अधिकार कार्यकर्ता मौके पर पहुंचते नजर आते हैं। सूचना मिलने पर टीम जब शौचालय पहुंची तो अंदर से दरवाजा बंद था और आरोपी ने काफी देर तक दरवाजा खोलने से इनकार किया, जिससे लोगों का शक और गहरा गया।

    दरवाजा तोड़कर पुलिस ने की गिरफ्तारी

    काफी प्रयासों के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़ा और आरोपी को मौके से हिरासत में लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी उस समय केवल शॉर्ट्स पहने हुए था। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।

    पिल्ले की हालत गंभीर, इलाज जारी

    PAL फाउंडेशन के मुताबिक, रेस्क्यू के तुरंत बाद घायल पिल्ले को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। संस्था ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए कहा कि एक बेजुबान जानवर के साथ ऐसी दरिंदगी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

    कानूनी कार्रवाई और जांच

    मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

    समाज में गुस्सा, सख्त सजा की मांग

    घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पशु प्रेमी संगठनों और आम नागरिकों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई है?
    👉 यह घटना मुंबई के मालाड पूर्व स्थित कुरार गांव इलाके में हुई।

    Q2. आरोपी की उम्र क्या है?
    👉 पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र 20 वर्ष है।

    Q3. पिल्ले की हालत कैसी है?
    👉 पिल्ले की हालत गंभीर है और उसका इलाज जारी है।

    Q4. आरोपी पर कौन-कौन से कानून लगे हैं?
    👉 आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

  • कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    कंदिवली ईस्ट में भारत कोऑपरेटिव बैंक ATM तोड़ने की कोशिश नाकाम

    मुंबई के कंदिवली पूर्व में भारत कोऑपरेटिव बैंक के ATM पर लूट की कोशिश नाकाम रही। अज्ञात आरोपी बाहरी दरवाजा तोड़ने में सफल रहे लेकिन अंदर के सुरक्षा गेट को पार नहीं कर पाए। पुलिस जांच जारी है।

    मुंबई: कंदिवली पूर्व, अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ATM पर चोरी की एक असफल कोशिश सामने आई है। दो अज्ञात बदमाशों ने रात के समय ATM का बाहरी दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन मजबूत पिन सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों के चलते वे ATM तक नहीं पहुंच सके। घटना के बाद समता नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    क्या है पूरा मामला

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत कोऑपरेटिव बैंक की अशोकनगर शाखा और उससे सटे ATM की सुरक्षा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जिम्मे है।
    9 जनवरी की रात करीब 10.40 बजे सीसीटीवी निगरानी कंपनी के कर्मचारी प्रवीण कोलापते ने ATM पर संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत इसकी सूचना बैंक प्रशासन को दी।

    सूचना मिलते ही बैंक के शाखा प्रबंधक शशांक जगन्नाथ पुजारी (उम्र 31) मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

    ATM के सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात

    सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई देता है कि रात करीब 10.08 बजे दो युवक ATM के पास पहुंचे।

    • एक युवक ने टोपी पहन रखी थी
    • दूसरे ने हेलमेट लगाया हुआ था

    ताकि उनकी पहचान न हो सके। दोनों ने मिलकर ATM का बाहरी दरवाजा जबरदस्ती तोड़ दिया। हालांकि, अंदर लगे पिन सिस्टम वाले सुरक्षा दरवाजे को वे तोड़ नहीं पाए।

    सुरक्षा सिस्टम बना चोरों के लिए दीवार

    ATM के अंदर लगे मजबूत सुरक्षा गेट और पिन सिस्टम की वजह से आरोपी मशीन तक नहीं पहुंच सके। काफी कोशिशों के बाद जब उन्हें सफलता नहीं मिली तो दोनों बिना कोई नकदी या सामान चुराए वहां से फरार हो गए।

    बैंक प्रशासन की ओर से ATM का पूरा निरीक्षण किया गया, जिसमें यह साफ हुआ कि कोई भी कैश या अन्य सामग्री चोरी नहीं हुई है।

    पुलिस ने दर्ज किया चोरी के प्रयास का मामला

    घटना को गंभीर मानते हुए बैंक प्रशासन ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    इलाके में बढ़ाई गई पुलिस गश्त

    घटना के बाद से अशोकनगर और आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    स्थानीय लोगों में चिंता, सुरक्षा पर सवाल

    इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में एटीएम सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि देर रात एटीएम के आसपास निगरानी और लाइटिंग और मजबूत की जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कंदिवली पूर्व के अशोकनगर इलाके में भारत कोऑपरेटिव बैंक के एटीएम पर।

    Q2. क्या एटीएम से पैसे चोरी हुए?
    👉 नहीं, कोई नकदी चोरी नहीं हुई।

    Q3. आरोपियों की पहचान हुई है?
    👉 फिलहाल नहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है।

    Q4. किस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है?
    👉 समता नगर पुलिस स्टेशन में।

  • Senior Citizen के लिए 2026 में 8 नई सरकारी सुविधाएं, पेंशन से इलाज तक बड़ी राहत

    Senior Citizen के लिए 2026 में 8 नई सरकारी सुविधाएं, पेंशन से इलाज तक बड़ी राहत

    Senior Citizen Benefits 2026 के तहत सरकार ने बुजुर्गों के लिए 8 नई सुविधाएं लागू की हैं। बढ़ी हुई पेंशन, सस्ता इलाज, ट्रैवल छूट, टैक्स राहत और डिजिटल ट्रेनिंग से बुजुर्गों की जिंदगी होगी आसान।

    नई दिल्ली: भारत सरकार ने 2026 में Senior Citizen के लिए 8 नई सुविधाओं का ऐलान किया है, जिनका मकसद 60 साल से ऊपर के नागरिकों की जिंदगी को ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें पेंशन बढ़ोतरी, सस्ता इलाज, ट्रैवल में छूट, टैक्स राहत, हाउसिंग सपोर्ट और डिजिटल ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन फैसलों से बुजुर्गों को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी राहत मिलने वाली है।

    Senior Citizen पेंशन में बढ़ोतरी से आर्थिक राहत

    2026 से Senior Citizen को मिलने वाली मासिक पेंशन में बढ़ोतरी की गई है। इससे रोजमर्रा के खर्च जैसे राशन, बिजली बिल और दवाइयों का बोझ कुछ कम होगा।
    जो लोग पहले से पेंशन ले रहे हैं, उन्हें यह फायदा अपने आप मिलेगा, जबकि नए आवेदन करने वालों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया आसान कर दी गई है। मुंबई जैसे महंगे शहरों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए यह फैसला काफी राहत देने वाला माना जा रहा है।

    इलाज हुआ सस्ता, सेहत की चिंता कम

    बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी परेशानी मेडिकल खर्च होती है। सरकार की नई योजना के तहत सरकारी और कुछ प्राइवेट अस्पतालों में इलाज, जांच और रेगुलर हेल्थ चेकअप पर छूट दी जाएगी।
    इससे बुजुर्ग बिना पैसे की चिंता किए समय पर इलाज करा सकेंगे और गंभीर बीमारियों से बचाव संभव होगा।

    ट्रैवल में बड़ी छूट, घूमना हुआ आसान

    अब Senior Citizen के लिए ट्रेन टिकट, राज्य परिवहन बसों और कुछ घरेलू फ्लाइट्स में खास रियायत दी जाएगी।
    इससे बुजुर्ग अपने रिश्तेदारों से मिलने, धार्मिक यात्राओं या घूमने-फिरने के लिए आसानी से प्लान बना सकेंगे। यह सुविधा उन्हें समाज से जुड़े रहने में मदद करेगी।

    सरकारी दफ्तरों में प्राथमिकता सेवा

    अब बैंकों, नगर निगम कार्यालयों, पेंशन ऑफिस और अन्य सरकारी दफ्तरों में Senior Citizen के लिए अलग काउंटर और प्राथमिकता लाइन होगी।
    लंबी कतारों में खड़े रहने की परेशानी से राहत मिलेगी और काम जल्दी निपटेगा।

    टैक्स में अतिरिक्त छूट का फायदा

    सरकार ने बुजुर्गों के लिए टैक्स में भी राहत दी है।

    • मेडिकल खर्च पर ज्यादा कटौती
    • हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर अतिरिक्त छूट
    • सेविंग स्कीम्स में टैक्स बेनिफिट

    इससे रिटायरमेंट के बाद भी आर्थिक प्लानिंग आसान होगी।

    हाउसिंग सपोर्ट से सुरक्षित रहने का भरोसा

    Senior Citizen के लिए अब खास हाउसिंग स्कीम्स लाई गई हैं।
    इनमें रेंट सब्सिडी, कम ब्याज दर पर होम लोन और बुजुर्गों के अनुकूल घर शामिल हैं।
    इससे अकेले रहने वाले या किराए पर रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षित और सुविधाजनक घर मिल सकेगा।

    डिजिटल ट्रेनिंग से आत्मनिर्भर बुजुर्ग

    आज के डिजिटल जमाने में बुजुर्गों को पीछे न रहने देने के लिए सरकार डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम चला रही है।
    इसमें स्मार्टफोन चलाना, ऑनलाइन बैंकिंग, सरकारी वेबसाइट्स का इस्तेमाल और साइबर सेफ्टी सिखाई जाएगी।
    इससे बुजुर्ग खुद अपने काम ऑनलाइन कर सकेंगे।

    कमजोर वर्ग के लिए अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा

    विधवा, दिव्यांग और कम आय वाले बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता और आपातकालीन सपोर्ट दिया जाएगा।
    साथ ही कम्युनिटी हेल्प और सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स से उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिलेगी।

    निष्कर्ष

    Senior Citizen Benefits 2026 बुजुर्गों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज है। पेंशन, इलाज, ट्रैवल, टैक्स और डिजिटल सुविधाओं के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि बुजुर्गों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। सही जानकारी और समय पर आवेदन करके सीनियर सिटिज़न्स अपनी रिटायरमेंट लाइफ को ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Senior Citizen Benefits 2026 किसके लिए हैं?
    👉 60 साल या उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों के लिए।

    Q2. पेंशन बढ़ोतरी का फायदा कैसे मिलेगा?
    👉 मौजूदा पेंशनधारकों को अपने आप, नए लोगों को आवेदन करना होगा।

    Q3. क्या प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज सस्ता होगा?
    👉 हां, सरकार से मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पतालों में भी छूट मिलेगी।

    Q4. ट्रैवल डिस्काउंट कैसे मिलेगा?
    👉 उम्र प्रमाण दिखाकर टिकट बुकिंग पर सीधा फायदा मिलेगा।

  • TATA ELECTRIC CYCLE की एंट्री से बदलेगा शहर का सफर, सस्ती और पर्यावरण-दोस्त सवारी की तैयारी

    TATA ELECTRIC CYCLE की एंट्री से बदलेगा शहर का सफर, सस्ती और पर्यावरण-दोस्त सवारी की तैयारी

    TATA ELECTRIC CYCLE जल्द लॉन्च होने की चर्चा में है। कम खर्च, लंबी रेंज और पर्यावरण-अनुकूल फीचर्स के साथ यह साइकिल शहरी सफर को आसान बना सकती है। जानिए इसकी संभावित खूबियां, कीमत और किसके लिए है सबसे बेहतर।

    TATA ELECTRIC CYCLE: तेजी से बढ़ती ईंधन कीमतों, ट्रैफिक जाम और प्रदूषण के बीच अब लोग सस्ते और साफ-सुथरे सफर के विकल्प तलाश रहे हैं। इसी कड़ी में टाटा की संभावित इलेक्ट्रिक साइकिल चर्चा में है, जो शॉर्ट डिस्टेंस ट्रैवल के लिए एक नया विकल्प बन सकती है। माना जा रहा है कि यह साइकिल किफायती, ईको-फ्रेंडली और रोजमर्रा की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन की जाएगी।

    क्या है TATA ELECTRIC CYCLE?

    TATA ELECTRIC CYCLE एक बैटरी-असिस्टेड साइकिल होगी, जिसमें पैडल के साथ एक छोटा इलेक्ट्रिक मोटर भी काम करेगा। इसका मकसद शहर में रोजाना के छोटे और मध्यम दूरी के सफर को आसान बनाना है।
    यह न तो पूरी तरह स्कूटर है और न ही साधारण साइकिल, बल्कि दोनों का संतुलित रूप है।

    क्यों बढ़ रही है इलेक्ट्रिक साइकिल की डिमांड?

    आज के समय में इलेक्ट्रिक साइकिल तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, इसके पीछे कई वजहें हैं:

    • पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम
    • पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता
    • लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की जरूरत
    • हेल्दी लाइफस्टाइल की चाह

    इलेक्ट्रिक साइकिल कम खर्च में सफर और सेहत दोनों का फायदा देती है।

    टाटा इलेक्ट्रिक साइकिल के संभावित फीचर्स

    अगर टाटा इस सेगमेंट में उतरता है, तो यूजर्स को कुछ खास फीचर्स मिलने की उम्मीद है:

    शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर:
    जो पैडलिंग में मदद करेगी और चढ़ाई या लंबी दूरी को आसान बनाएगी।

    लॉन्ग-लास्टिंग बैटरी:
    एक बार चार्ज करने पर लंबी रेंज देने वाली बैटरी, जो डेली कम्यूट के लिए सही होगी।

    हल्का और मजबूत फ्रेम:
    ताकि साइकिल चलाने में आराम मिले और कंट्रोल बना रहे।

    स्मार्ट डिस्प्ले:
    स्पीड, बैटरी लेवल, दूरी और राइड मोड की जानकारी देने वाला डिजिटल पैनल।

    ईको-फ्रेंडली डिजाइन:
    बिल्कुल जीरो एमिशन, यानी पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं।

    टाटा इलेक्ट्रिक साइकिल के फायदे

    • कम खर्च में सफर: चार्जिंग और मेंटेनेंस का खर्च बेहद कम
    • पर्यावरण के लिए बेहतर: प्रदूषण नहीं, कार्बन फुटप्रिंट कम
    • सेहत का ध्यान: पैडलिंग से हल्की एक्सरसाइज
    • आसान इस्तेमाल: न लाइसेंस, न रजिस्ट्रेशन, न इंश्योरेंस की झंझट

    किसके लिए है सबसे ज्यादा फायदेमंद?

    • ऑफिस जाने वाले कर्मचारी
    • कॉलेज और स्कूल के स्टूडेंट्स
    • फिटनेस पसंद करने वाले लोग
    • सीनियर सिटीजन
    • पर्यावरण को लेकर जागरूक नागरिक

    संभावित कीमत कितनी हो सकती है?

    हालांकि टाटा की तरफ से अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन जानकारों के मुताबिक इसकी कीमत ₹25,000 से ₹40,000 के बीच हो सकती है। फीचर्स और बैटरी क्षमता के हिसाब से कीमत में बदलाव संभव है।

    दूसरी इलेक्ट्रिक साइकिल से मुकाबला

    लॉन्च के बाद टाटा इलेक्ट्रिक साइकिल का मुकाबला Hero Lectro, EMotorad और Ninety One Cycles जैसे ब्रांड्स से होगा।
    हालांकि टाटा का भरोसेमंद नाम, सर्विस नेटवर्क और क्वालिटी इसे खास बना सकता है।

    भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में टाटा की भूमिका

    टाटा पहले से ही इलेक्ट्रिक कार, बस और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा नाम है।
    अगर इलेक्ट्रिक साइकिल भी आती है, तो यह ग्रीन ट्रांसपोर्ट को और मजबूत करेगा।

    निष्कर्ष

    टाटा इलेक्ट्रिक साइकिल शहरी सफर के लिए एक सस्ता, टिकाऊ और सेहतमंद विकल्प बन सकती है। अगर यह बाजार में आती है, तो आने वाले समय में शहरों की सड़कों पर सफर करने का तरीका बदल सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. टाटा इलेक्ट्रिक साइकिल की खासियत क्या होगी?
    👉 पावरफुल मोटर, लंबी बैटरी रेंज, हल्का फ्रेम और स्मार्ट डिस्प्ले।

    Q2. इसकी कीमत कितनी हो सकती है?
    👉 अनुमानित कीमत ₹25,000 से ₹40,000 के बीच हो सकती है।

    Q3. क्या इसे चलाने के लिए लाइसेंस चाहिए?
    👉 नहीं, इलेक्ट्रिक साइकिल के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती।

    Q4. यह किसके लिए ज्यादा फायदेमंद है?
    👉 स्टूडेंट्स, ऑफिस गोअर्स, सीनियर सिटीजन और फिटनेस लवर्स के लिए।

  • कुर्ला–CSMT रूट की भीड़ होगी कम, 4 लंबी दूरी की ट्रेनें LTT शिफ्ट करने को मंजूरी

    कुर्ला–CSMT रूट की भीड़ होगी कम, 4 लंबी दूरी की ट्रेनें LTT शिफ्ट करने को मंजूरी

    मुंबई में लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों का टर्मिनल CSMT से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में सबसे व्यस्त कुर्ला–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेल कॉरिडोर की भीड़ कम करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। चार लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का टर्मिनल अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) किया जाएगा। इस बदलाव से लोकल ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन पाथ उपलब्ध होंगे और खासतौर पर पीक आवर्स में लोकल सेवाओं की समयपालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।

    किन ट्रेनों का टर्मिनल बदला जाएगा

    रेलवे बोर्ड ने जिन चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:

    • 22629 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस
    • 16331 CSMT–तिरुवनंतपुरम (TVC) एक्सप्रेस
    • 16351 CSMT–नागरकोइल (ईस्ट) एक्सप्रेस
    • 16339 CSMT–नागरकोइल (वेस्ट) एक्सप्रेस

    इन ट्रेनों के CSMT तक आने-जाने से कुर्ला–CSMT सेक्शन पर दबाव बढ़ता था।

    क्यों जरूरी था यह फैसला

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुर्ला–CSMT रूट मुंबई रेल नेटवर्क का सबसे ज्यादा सैचुरेटेड सेक्शन है। इसी रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनें और लगातार चलने वाली लोकल ट्रेनें एक ही सीमित लाइन क्षमता साझा करती हैं।
    जब कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन देरी से आती है, तो उसका सीधा असर लोकल ट्रेनों पर पड़ता है। कई बार लोकल को रोकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।

    लोकल ट्रेनों को क्या होगा फायदा

    चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने से CSMT की ओर जाने वाली मेल-एक्सप्रेस मूवमेंट कम होगी। इससे:

    • लोकल ट्रेनों के लिए स्थिर और नियमित टाइम स्लॉट मिलेंगे
    • पीक आवर्स में ट्रेन रेगुलेशन कम करना पड़ेगा
    • देरी का “रिपल इफेक्ट” घटेगा
    • लोकल सेवाओं की पंक्चुअलिटी सुधरेगी

    रेलवे का मानना है कि इससे बिना बड़े निर्माण कार्य के ही लोकल सिस्टम को राहत मिल सकेगी।

    CSMT और LTT के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुंबई डिवीजन में लंबे समय से यह अध्ययन चल रहा था कि लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर बंटवारा कैसे किया जाए।
    CSMT पर ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ ट्रेनों को LTT जैसे बड़े टर्मिनल पर शिफ्ट कर ऑपरेशनल बैलेंस बनाया जा रहा है। इससे दोनों टर्मिनलों की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का सही इस्तेमाल हो सकेगा।

    कब से लागू होगा बदलाव

    फिलहाल रेलवे ने केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेबलिंग, क्रू लिंक, प्लेटफॉर्म आवंटन और यात्रियों की सूचना व्यवस्था जैसे ऑपरेशनल इंतजाम पूरे होने के बाद ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी।
    यात्रियों को समय रहते संशोधित शेड्यूल और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कितनी ट्रेनों को LTT शिफ्ट किया जा रहा है?
    👉 कुल 4 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है।

    Q2. क्या इससे लोकल यात्रियों को फायदा होगा?
    👉 हां, कुर्ला–CSMT रूट पर भीड़ कम होने से लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर होगी।

    Q3. बदलाव कब से लागू होगा?
    👉 अभी तारीख घोषित नहीं हुई है, ऑपरेशनल तैयारी के बाद रेलवे इसकी घोषणा करेगा।

  • अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या, मालाड केस में आरोपी को उम्रकैद

    मुंबई के मालाड इलाके में पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अवैध संबंध के शक में हुए इस अपराध को कोर्ट ने ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मानने से इनकार किया।

    मुंबई: मालाड इलाके में अवैध संबंध के शक में पत्नी की हत्या करने वाले 42 वर्षीय शख्स को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिंडोशी सत्र न्यायालय ने इस मामले में मृत्युदंड की मांग को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता। घटना के वक्त दंपति की नाबालिग बेटी और एक पड़ोसी मौके पर मौजूद थे।

    क्या है मालाड पूरा मामला

    अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी श्रवणकुमार राउत को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक के चलते दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
    यह घटना मालाड स्थित उनकी दुकान में हुई, जहां आरोपी ने सब्जी काटने वाले चाकू से पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

    बेटी और पड़ोसी के सामने हुई वारदात

    कोर्ट में पेश गवाहों के मुताबिक, घटना के समय दंपति की किशोर बेटी और पास में रहने वाला एक पड़ोसी वहां मौजूद था। दोनों ने झगड़े और हमले को अपनी आंखों से देखा।
    अभियोजन ने इन बयानों को अहम सबूत के तौर पर पेश किया, जिससे आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ।

    मृत्युदंड की मांग, लेकिन कोर्ट ने किया इनकार

    सरकारी वकील रविंद्र सावल ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी।
    हालांकि, दिंडोशी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदकिशोर मोरे ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अपराध गंभीर जरूर है, लेकिन यह ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामलों में शामिल नहीं किया जा सकता।
    इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

    कोर्ट का अहम संदेश

    अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शक और घरेलू विवाद किसी की जान लेने का अधिकार नहीं देते।
    यह फैसला समाज के लिए एक सख्त संदेश है कि घरेलू हिंसा और चरित्र पर शक के नाम पर की गई हत्या को कानून किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी को कौन-सी सजा सुनाई गई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    Q2. क्या कोर्ट ने मृत्युदंड दिया?
    👉 नहीं, कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला नहीं मानते हुए मृत्युदंड से इनकार किया।

    Q3. घटना कहां हुई थी?
    👉 यह वारदात मुंबई के मालाड इलाके में आरोपी की दुकान में हुई थी।

  • BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    BMC: CBSC स्कूलों से 366 छात्र पहली बार देंगे दसवीं की परीक्षा

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई बोर्ड से जुड़े 10 स्कूलों के 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे। परीक्षा से पहले छात्रों के लिए विशेष अभ्यास और विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के शिक्षा विभाग से संचालित सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के लिए यह साल ऐतिहासिक होने जा रहा है। बीएमसी की 10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी को लेकर महानगरपालिका की ओर से विशेष अभ्यास कक्षाएं, सराव प्रश्नपत्रिकाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी।

    BMC की 18 सीबीएसई स्कूलें, 10 स्कूल पहली बार परीक्षा में

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका के शिक्षा विभाग के अंतर्गत फिलहाल सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त कुल 18 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से 10 स्कूल ऐसे हैं, जिनके छात्र पहली बार कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं। इन स्कूलों के 366 छात्रों के लिए परीक्षा से पहले विशेष तैयारी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।

    परीक्षा से पहले विशेष अभ्यास और मार्गदर्शन

    बीएमसी शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों से नियमित रूप से सराव प्रश्नपत्रिकाएं हल करवाई जा रही हैं। इसके साथ ही गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेज़ी और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    छात्रों की बेहतर तैयारी के लिए कुछ नामी निजी सीबीएसई स्कूलों के अनुभवी शिक्षकों का भी सहयोग लिया गया है, जो ऑनलाइन माध्यम से उत्तर लिखने की तकनीक और समय प्रबंधन पर मार्गदर्शन दे रहे हैं।

    आयुक्तों के मार्गदर्शन में चल रही तैयारी

    यह पूरा शैक्षणिक उपक्रम महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी तथा अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि बीएमसी के छात्र भी निजी स्कूलों के छात्रों की तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

    आठ भाषाओं और चार बोर्ड में शिक्षा

    बीएमसी का शिक्षा विभाग मराठी, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी, गुजराती, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ – इन आठ भाषाओं में शिक्षा प्रदान करता है। इसके साथ ही एसएससी, सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी जैसे चार अलग-अलग बोर्ड के पाठ्यक्रम भी महानगरपालिका की शालाओं में उपलब्ध हैं।

    SSC में 93% तक पहुंचा रिजल्ट, अब सीबीएसई पर नजर

    बीते कई वर्षों से बीएमसी के एसएससी बोर्ड के छात्रों के लिए विशेष मार्गदर्शन और अभ्यास योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसका सकारात्मक असर परीक्षा परिणामों पर भी दिखा है। एसएससी बोर्ड का परिणाम 93 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अब इसी तर्ज पर सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के लिए भी विशेष तैयारी करवाई जा रही है।

    परीक्षा की तारीखें तय

    सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च 2026 तक चलेगी। इस दौरान छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने की रणनीति, उत्तर लेखन कौशल और परीक्षा के तनाव से निपटने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी की कितनी सीबीएसई स्कूलों के छात्र परीक्षा दे रहे हैं?
    👉 10 सीबीएसई स्कूलों के कुल 366 छात्र पहली बार दसवीं की परीक्षा देंगे।

    Q2. परीक्षा कब से कब तक होगी?
    👉 परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 11 मार्च 2026 तक चलेगी।

    Q3. छात्रों के लिए क्या विशेष तैयारी करवाई जा रही है?
    👉 सराव प्रश्नपत्र, विशेष कक्षाएं और निजी स्कूलों के विशेषज्ञ शिक्षकों का ऑनलाइन मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

  • कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    कुर्ला में BMC की बड़ी कार्रवाई, 71 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में बीएमसी के ‘एल’ वार्ड ने अवैध दुकानों, फेरीवालों और बढ़े हुए निर्माण पर सख्त कार्रवाई करते हुए 71 अतिक्रमण हटाए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कुर्ला पश्चिम के विभिन्न इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ‘एल’ विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन परिसर समेत कई क्षेत्रों में पदपथों पर बनी अवैध दुकानों, फेरीवालों और दुकानों के बढ़े हुए हिस्सों को हटाते हुए कुल 71 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई नगर आयुक्त के निर्देश पर भारी पुलिस बंदोबस्त में की गई।

    BMC आयुक्त के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

    यह निष्कासन कार्रवाई बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देशानुसार की गई।
    अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में और सह आयुक्त (परिमंडल-5) देविदास क्षीरसागर की देखरेख में ‘एल’ वार्ड के सहायक आयुक्त धनाजी हेर्लेकर के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया।

    किन-किन इलाकों में चला बुलडोजर

    बीएमसी की यह कार्रवाई कुर्ला (पश्चिम) के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में की गई, जिनमें शामिल हैं:

    • कुर्ला रेलवे स्टेशन परिसर
    • न्यू मिल रोड
    • बैल बाजार क्षेत्र
    • विनोबा भावे नगर

    इन इलाकों में लंबे समय से पदपथों पर अवैध दुकानों और फेरीवालों की शिकायतें मिल रही थीं।

    71 अवैध निर्माण हटाए गए

    कार्रवाई के दौरान कुल 71 अवैध निर्माणों को हटाया गया।

    • कुर्ला पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 53 अतिक्रमण
    • विनोबा भावे नगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र: 18 अतिक्रमण

    इनमें अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से शामिल थे।

    भारी मशीनरी और पुलिस बल तैनात

    अतिक्रमण हटाने के लिए बीएमसी ने

    • 4 विशेष वाहन
    • 2 जेसीबी मशीन
    • अन्य आवश्यक उपकरण

    का उपयोग किया।
    कार्रवाई के दौरान महानगरपालिका के 46 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था।

    अवैध रिक्शा चालकों पर भी शिकंजा

    बीएमसी के ‘एल’ विभाग ने संबंधित पुलिस विभाग को यह भी सूचित किया है कि इलाके में नियमों का उल्लंघन करने वाले और अवैध रूप से खड़े रहने वाले रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
    महानगरपालिका प्रशासन ने साफ किया है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि
    “शहर के पदपथ और सार्वजनिक स्थान आम नागरिकों के लिए हैं। अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    प्रश्न 1: यह कार्रवाई किस इलाके में हुई?
    उत्तर: कुर्ला (पश्चिम) के विभिन्न इलाकों में।

    प्रश्न 2: कुल कितने अवैध निर्माण हटाए गए?
    उत्तर: कुल 71 अवैध निर्माण।

    प्रश्न 3: किन प्रकार के अतिक्रमण हटाए गए?
    उत्तर: अवैध फेरीवाले, फुटपाथ पर बनी दुकानें और दुकानों के बढ़े हुए हिस्से।

    प्रश्न 4: क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?
    उत्तर: हां, बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।