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  • UGC नियमों पर देशभर में सवर्ण विरोध, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

    UGC नियमों पर देशभर में सवर्ण विरोध, सरकार की मंशा पर उठे सवाल

    UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण समाज का विरोध तेज़। शिक्षण संस्थानों में भेदभाव, सरकार की नीयत और राजनीति पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    मुंबई: UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं। खासतौर पर सवर्ण समाज के छात्रों और शिक्षाविदों का कहना है कि यह नियम शिक्षा व्यवस्था में संतुलन के बजाय टकराव और भेदभाव को बढ़ावा देगा। देश भर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।

    UGC नियमों पर क्यों भड़का विरोध

    नए यूजीसी नियमों को लेकर आरोप है कि इससे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रशासनिक निर्णयों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ेगा। विरोध करने वालों का कहना है कि इससे शैक्षणिक स्वायत्तता प्रभावित होगी और छात्रों के बीच अविश्वास का माहौल बनेगा।
    सवर्ण संगठनों का दावा है कि नियमों की भाषा और संरचना ऐसी है, जिससे एक विशेष वर्ग को निशाना बनाए जाने की आशंका बढ़ जाती है।

    हिंदू एकता बनाम राजनीतिक ध्रुवीकरण

    आलोचकों का कहना है कि “हिंदू एकता” जैसे नारों का इस्तेमाल सामाजिक एकजुटता के बजाय वोटों के ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि वास्तविक मुद्दों—जैसे शिक्षा, रोजगार, महंगाई और स्वास्थ्य—से ध्यान हटाकर समाज को आपस में बांटा जा रहा है।

    शिक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण का आरोप

    लेखक सुरेंद्र राजभर का कहना है कि विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और नीतियों के जरिए शिक्षा पर वैचारिक नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है। उनका सवाल है कि क्या विश्वविद्यालय प्रशासन स्वतंत्र रूप से निर्णय ले पाएगा या फिर हर फैसले में सरकारी दखल बढ़ेगा।

    कानूनों के दुरुपयोग की आशंका

    विरोध करने वालों ने यह भी चिंता जताई कि यदि शिकायतों की जांच और झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई की व्यवस्था कमजोर हुई, तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। उनका कहना है कि इससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है और शिक्षा का माहौल डर का बन सकता है।

    सरकार से जवाबदेही की मांग

    यूजीसी नियमों के खिलाफ उठ रही आवाज़ें अब केवल सवर्ण समाज तक सीमित नहीं हैं। कई शिक्षाविद, छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार से पारदर्शिता और संवाद की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी बदलाव से पहले सभी पक्षों से चर्चा जरूरी है।


    FAQ

    Q1. यूजीसी के नए नियमों का विरोध क्यों हो रहा है?
    नियमों से शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    Q2. विरोध कौन कर रहा है?
    मुख्य रूप से सवर्ण समाज के छात्र, शिक्षाविद और कुछ सामाजिक संगठन।

    Q3. सरकार पर क्या आरोप हैं?
    आरोप है कि शिक्षा नीतियों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ और सामाजिक ध्रुवीकरण के लिए किया जा रहा है।

    Q4. आगे क्या मांग की जा रही है?
    नियमों पर पुनर्विचार, सभी वर्गों से संवाद और पारदर्शी प्रक्रिया की मांग।

  • मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई की शान लौटी: 1937 की ऐतिहासिक फायर ब्रिगेड ‘टर्न टेबल शिडी’ को नई ज़िंदगी

    मुंबई फायर ब्रिगेड की 1937 में बनी ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन का पुनर्जतन पूरा। गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे अनावरण, BMC और उद्योग जगत की अनूठी पहल।

    मुंबई के इतिहास की एक गौरवशाली धरोहर एक बार फिर जीवंत हो उठी है। 1937 में इंग्लैंड में निर्मित और 1944 के मुंबई डॉक अग्निकांड में अहम भूमिका निभाने वाली ऐतिहासिक ‘टर्न टेबल शिडी’ फायर ब्रिगेड गाड़ी का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने सफलतापूर्वक पुनर्जतन किया है। इस ऐतिहासिक वाहन का गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों BMC मुख्यालय में भव्य अनावरण किया जाएगा।

    1937 में बनी, 1944 में इतिहास रचने वाली गाड़ी

    यह ऐतिहासिक अग्निशमन वाहन 1937 में इंग्लैंड की लेलैंड (Leyland) कंपनी द्वारा तैयार किया गया था और 24 सितंबर 1941 को मुंबई फायर ब्रिगेड के बेड़े में शामिल हुआ। उस दौर में ऊंची इमारतों, गोदामों और बंदरगाह क्षेत्र तक पहुंचने के लिए यह ‘टर्न टेबल शिडी’ तकनीक बेहद आधुनिक मानी जाती थी।
    पूरी तरह लोहे से बनी यह शिडी हाथ से चलने वाली यांत्रिक प्रणाली पर आधारित थी।

    1944 का मुंबई डॉक अग्निकांड और वीरता की मिसाल

    14 अप्रैल 1944 को मुंबई डॉक में खड़े एस.एस. फोर्ट स्टिकिन जहाज में भीषण आग लगी थी। जहाज में विस्फोटक, गोला-बारूद और ईंधन भरा होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था।
    इसी दौरान इस ‘टर्न टेबल शिडी’ वाहन की मदद से फायर ब्रिगेड के जवानों ने ऊंचे गोदामों तक पहुंचकर आग बुझाई, फंसे लोगों को बचाया और घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा।
    हालांकि इस हादसे में कई लोगों की जान गई, लेकिन मुंबई फायर ब्रिगेड की तत्परता से सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकीं।

    स्मृति से सड़क तक: पुनर्जतन की कहानी

    समय के साथ यह ऐतिहासिक वाहन खराब हो गया और इसे भायखला फायर ब्रिगेड मुख्यालय में स्मृति स्वरूप सुरक्षित रखा गया था।
    इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने इसे दोबारा सड़क पर उतारने की संकल्पना पेश की।
    इस मिशन में प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम सिंघानिया ने सहयोग किया और जे.के. इन्वेस्टर्स बॉम्बे लिमिटेड के माध्यम से सुपर कार क्लब गैरेज में इसका पुनर्जतन कार्य शुरू हुआ।

    दशकों पुरानी मशीन, आधुनिक तकनीक से नई जान

    इस वाहन का पुनर्जतन आसान नहीं था।

    • दशकों से बंद इंजन
    • घिस चुकी यांत्रिक प्रणाली
    • ओरिजिनल स्पेयर पार्ट्स का पूरी तरह अनुपलब्ध होना

    इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुराने तकनीकी दस्तावेज, नक्शे और रिकॉर्ड खोजे गए। फिर आधुनिक तकनीक की मदद से मूल डिजाइन के अनुसार नए पार्ट्स तैयार किए गए
    आज यह वाहन फिर से पूरी तरह चालू हालत में है और सड़कों पर शान से दौड़ने को तैयार है।

    गणतंत्र दिवस पर भव्य अनावरण

    इस ऐतिहासिक उपलब्धि का अनावरण 26 जनवरी 2026, सुबह 10:30 बजे, BMC मुख्यालय में किया जाएगा।
    इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ

    • BMC आयुक्त भूषण गगराणी
    • अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी
    • मुंबई फायर ब्रिगेड प्रमुख रविंद्र आंबुलगेकर
    • उद्योगपति गौतम सिंघानिया
      सहित कई गणमान्य मौजूद रहेंगे।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ‘टर्न टेबल शिडी’ क्या है?
    ➡️ यह एक विशेष प्रकार की फायर ब्रिगेड सीढ़ी है, जिससे ऊंची इमारतों तक पहुंच बनाई जाती है।

    Q2. यह गाड़ी कब बनाई गई थी?
    ➡️ वर्ष 1937 में इंग्लैंड में।

    Q3. इसका पुनर्जतन किसने कराया?
    ➡️ BMC आयुक्त भूषण गगराणी की संकल्पना और गौतम सिंघानिया के सहयोग से।

    Q4. अनावरण कब और कहां होगा?
    ➡️ 26 जनवरी 2026 को BMC मुख्यालय, मुंबई में।

  • मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड में अवैध निर्माण का खेल, BMC की नाक के नीचे चल रहा धंधा

    मालाड पश्चिम के मास्टरजी कंपाउंड और मार्वे रोड इलाके में BMC की अनुमति बिना अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। ठेकेदारों की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी ने भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मुंबई के मालाड (पश्चिम) इलाके में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नाक के नीचे खुलेआम अवैध निर्माण चल रहा है। मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में बिना किसी मंजूरी, नक्शा या अनुमति के G+1 निर्माण और कमर्शियल गाला बनाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, बीएमसी के कामकाज और संभावित भ्रष्टाचार पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    कहां-कहां हो रहा है अवैध निर्माण

    प्राप्त जानकारी के अनुसार,

    • वार्ड नंबर 32, CTS नंबर 2108
    • अनिश्का बंगले के पास, मास्टरजी कंपाउंड रोड नंबर 3
    • मालवणी चर्च के नजदीक, मार्वे रोड, मालाड (पश्चिम)

    इन इलाकों में खुले प्लॉट पर बिना किसी वैध अनुमति के निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है।

    2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक,
    ठेकेदार मुरुगन द्वारा करीब 2000 वर्ग फीट में G+1 अवैध निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माण के लिए MCGM से कोई स्वीकृत प्लान या अनुमति नहीं ली गई है। इसके बावजूद काम बेरोकटोक जारी है।

    5 कमर्शियल गालों का अवैध निर्माण

    इतना ही नहीं,
    ठेकेदार अलगु तिवारी द्वारा उसी इलाके में करीब 500-500 वर्ग फीट के 5 कमर्शियल गाले बनाए जा रहे हैं। यह निर्माण सीधे तौर पर मुंबई महानगरपालिका अधिनियम और निर्माण नियमों का उल्लंघन है।

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    BMC अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

    सबसे गंभीर सवाल यह है कि

    • अवैध निर्माण इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है
    • मशीनें, मजदूर, मटेरियल खुलेआम मौजूद हैं
    • फिर भी P/North Ward के संबंधित अधिकारी अब तक मूकदर्शक बने हुए हैं

    स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जब तक “सेटिंग” रहती है, तब तक कार्रवाई नहीं होती

    नागरिकों की मांग – तुरंत कार्रवाई हो

    इलाके के रहवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि

    • तत्काल साइट इंस्पेक्शन हो
    • अवैध निर्माण पर स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया जाए
    • संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
    • अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए

    क्यों खतरनाक है यह अवैध निर्माण

    • भविष्य में इमारत गिरने का खतरा
    • फायर सेफ्टी और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह नजरअंदाज
    • ट्रैफिक, पानी और बिजली पर अतिरिक्त दबाव
    • कानून मानने वाले नागरिकों के साथ अन्याय

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. अवैध निर्माण कहां हो रहा है?
    ➡️ मालाड (पश्चिम) के मास्टरजी कंपाउंड, मार्वे रोड और आसपास के इलाकों में।

    Q2. कौन-कौन से निर्माण अवैध हैं?
    ➡️ 2000 स्क्वायर फीट का G+1 निर्माण और 5 कमर्शियल गाले।

    Q3. क्या BMC ने कोई कार्रवाई की है?
    ➡️ अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

    Q4. नागरिक क्या कर सकते हैं?
    ➡️ लिखित शिकायत, RTI, मीडिया और उच्च अधिकारियों से शिकायत।

  • मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मालाड स्टेशन पर चाकूबाजी: 31 वर्षीय प्रोफेसर की हत्या, आरोपी फरार

    मुंबई के मालाड रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए झगड़े में 31 वर्षीय गणित के प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। GRP ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, आरोपी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां लोकल ट्रेन से उतरते समय हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले के एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे। उनपर एक अज्ञात व्यक्ति ने चाकू से पेट पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल आलोक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

    ट्रेन से उतरते वक्त हुआ विवाद, बना हत्या की वजह

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शाम करीब 6 बजे की है। आलोक कुमार सिंह लोकल ट्रेन से उतर रहे थे, उसी दौरान प्लेटफॉर्म पर किसी अज्ञात व्यक्ति से उनका विवाद हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने अचानक तेज धारदार हथियार से आलोक के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही आलोक लहूलुहान होकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। आसपास मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आरोपी मौके से फरार हो गया।

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    मृतक 31 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की तस्वीर

    मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी

    मृतक की पहचान आलोक कुमार सिंह (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कांदिवली के रहने वाले थे और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में गणित के प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत थे। आलोक की असमय मौत से परिवार, दोस्तों और कॉलेज के सहकर्मियों में शोक की लहर फैल गई है।

    GRP ने दर्ज किया हत्या का मामला

    घटना की पुष्टि करते हुए बोरीवली GRP के वरिष्ठ निरीक्षक दत्ता खुपेकर ने बताया कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
    उन्होंने कहा,

    “आरोपी की पहचान के लिए स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।”

    फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है।

    रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई लोकल रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ वाले प्लेटफॉर्म पर दिनदहाड़े हत्या जैसी वारदात ने यात्रियों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड स्टेशन पर हत्या कब हुई?
    👉 शनिवार शाम करीब 6 बजे।

    Q2. मृतक कौन था?
    👉 31 वर्षीय आलोक कुमार सिंह, जो विले पार्ले कॉलेज में गणित के प्रोफेसर थे।

    Q3. हत्या कैसे हुई?
    👉 लोकल ट्रेन से उतरते समय विवाद के बाद आरोपी ने पेट में चाकू मारा।

    Q4. क्या आरोपी पकड़ा गया है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    👉 बोरीवली Government Railway Police (GRP)।

  • 27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    27 जनवरी से मुंबई में 10% पानी कटौती, जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

    मुंबई में 27 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम के वार्षिक रखरखाव के चलते शहर और पूर्व उपनगरों के कई इलाके प्रभावित होंगे। पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहरवासियों को पहले से सतर्क करते हुए जानकारी दी है कि 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक मुंबई के कई हिस्सों में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी। यह कटौती पिसे स्थित ‘न्यूमॅटिक गेट सिस्टम’ के वार्षिक परिरक्षण (मेंटेनेंस) कार्य के चलते की जा रही है।
    इस दौरान शहर विभाग, पूर्व उपनगरों के साथ-साथ ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका के कुछ हिस्सों में भी पानी की सप्लाई प्रभावित होगी

    🔧 क्यों की जा रही है पानी कटौती?

    बीएमसी को पानी सप्लाई करने वाले पिसे इलाके में स्थित न्यूमॅटिक गेट सिस्टम मुंबई की जल आपूर्ति का अहम हिस्सा है।
    इस सिस्टम के सालाना मेंटेनेंस और तकनीकी जांच के लिए यह काम जरूरी बताया गया है।
    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह कार्य मंगलवार 27 जनवरी से शनिवार 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।

    💧 कितनी रहेगी पानी की कटौती?

    • कुल 10 प्रतिशत पानी कटौती
    • कटौती पूरे दिन लागू रहेगी
    • घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता सभी प्रभावित होंगे

    बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि इस अवधि में पानी का उपयोग बेहद सोच-समझकर और जरूरत के मुताबिक ही करें

    🏙 मुंबई के शहरी विभाग में प्रभावित इलाके

    शहर के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाके इस कटौती की जद में रहेंगे:

    • A Ward: नेवल डॉकयार्ड क्षेत्र
    • B Ward: पूरा विभाग
    • C Ward: भेंडी बाजार, बोहरी मोहल्ला, घोगरी मोहल्ला
    • E Ward: पूरा विभाग
    • F South Ward: पूरा विभाग
    • F North Ward: पूरा विभाग

    🌆 पूर्व उपनगरों में कहां पड़ेगा असर?

    पूर्वी उपनगरों के बड़े हिस्से में पानी सप्लाई कम रहेगी:

    • T Ward: मुलुंड (पूर्व और पश्चिम)
    • S Ward: भांडुप, नाहूर, कांजूरमार्ग, विक्रोळी (पूर्व)
    • N Ward: विक्रोळी, घाटकोपर (पूर्व)
    • L Ward: कुर्ला (पूर्व)
    • M East Ward: पूरा विभाग
    • M West Ward: पूरा विभाग

    🚰 ठाणे और भिवंडी में भी असर

    बीएमसी द्वारा जिन इलाकों में ठाणे और भिवंडी महानगरपालिका को पानी सप्लाई किया जाता है, वहां भी 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू रहेगी
    इससे सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को भी पानी बचत पर ध्यान देना होगा।

    📢 बीएमसी की नागरिकों से अपील

    महानगरपालिका ने साफ तौर पर कहा है कि—

    • पानी का काटकसरी से इस्तेमाल करें
    • अनावश्यक पानी बहाने से बचें
    • स्टोरेज टैंक भरकर रखें
    • प्रशासन को सहयोग करें

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी कटौती कब से कब तक रहेगी?
    👉 27 जनवरी 2026 से 7 फरवरी 2026 तक।

    Q2. कितने प्रतिशत पानी कटौती होगी?
    👉 10 प्रतिशत।

    Q3. किन इलाकों में पानी कम मिलेगा?
    👉 शहर विभाग, पूर्व उपनगर, ठाणे और भिवंडी के कुछ इलाके।

    Q4. पानी कटौती की वजह क्या है?
    👉 पिसे न्यूमॅटिक गेट सिस्टम का वार्षिक मेंटेनेंस।

    Q5. क्या पूरा पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, सिर्फ सप्लाई में 10 प्रतिशत की कमी रहेगी।

  • गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसा: एक युवक घर लौटा तो दूसरे की हालत गंभीर

    गोरेगांव लिफ्ट हादसे में घायल दो युवकों में से एक विग्नेश की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जबकि दूसरा युवक रुद्र घर पर रिकवरी कर रहा है। परिवार FIR पर सवाल उठा रहा है और सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

    मुंबई: गोरेगांव में हुए लिफ्ट हादसे ने दो परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक विग्नेश अभी भी अंधेरी के कोकिलाबेन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि दूसरा युवक रुद्र सुसविरकर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पर इलाज करवा रहा है। इस बीच विग्नेश के परिवार ने FIR को लेकर नाराजगी जताते हुए सोसायटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

    विग्नेश की हालत अब भी चिंताजनक

    सूत्रों के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल विग्नेश की हालत में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं हुआ है। वह अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में इलाजरत है।
    हालांकि डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर से हटा दिया है, लेकिन अब तक उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।

    परिजनों की चिंता: आंखें खुलती हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं

    विग्नेश के मामा योगेश महात्रे ने बताया,
    “वेंटिलेटर हट गया है, लेकिन शरीर में कोई मूवमेंट नहीं है। वह कभी-कभी आंखें खोलता है, लेकिन आवाज देने पर या सामने खड़े परिजनों को पहचानने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता।”

    डॉक्टरों का कहना है कि विग्नेश के ठीक होने की संभावना है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और बेहद खर्चीली हो सकती है।

    इलाज का खर्च 13 लाख के पार, परिवार आर्थिक संकट में

    भावनात्मक दर्द के साथ-साथ परिवार पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
    अब तक इलाज पर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से करीब ₹3.5 लाख जुटाए गए हैं, लेकिन आगे का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

    परिजन अब

    • ट्रस्ट
    • एनजीओ
    • राजनीतिक प्रतिनिधियों
      से मदद की गुहार लगा रहे हैं। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष में भी आवेदन किया गया है।

    FIR पर सवाल, सोसायटी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

    विग्नेश के परिवार ने दर्ज FIR पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि इस हादसे की जिम्मेदारी सिर्फ लिफ्ट ठेकेदार की नहीं, बल्कि सोसायटी के पदाधिकारियों की भी बनती है।

    योगेश महात्रे का आरोप है कि

    • लिफ्ट की सर्विस के बाद जरूरी निरीक्षण नहीं किया गया
    • बिना जांच के सर्विस डॉक्यूमेंट्स पर हस्ताक्षर कर दिए गए

    उन्होंने कहा,
    “अगर सोसायटी के जिम्मेदार लोगों ने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।”

    परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे, ताकि सोसायटी पदाधिकारियों को भी FIR में आरोपी बनाया जाए।

    रुद्र की हालत में सुधार, घर पर जारी इलाज

    इस हादसे में घायल दूसरे युवक रुद्र सुसविरकर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह अब घर पर रिकवरी कर रहा है।

    उसके पिता अनिल सुसविरकर ने बताया,
    “हमने घर पर अस्पताल जैसा बेड किराए पर लिया है। उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।”

    डॉक्टरों ने रुद्र की टूटी हड्डियों को स्क्रू लगाकर फिक्स किया है। हड्डियां ठीक होने के बाद एक और सर्जरी कर स्क्रू निकाले जाएंगे।

    लिफ्ट सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

    इस घटना ने एक बार फिर मुंबई की हाउसिंग सोसायटियों में

    • लिफ्ट मेंटेनेंस
    • नियमित जांच
    • जवाबदेही
      जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: गोरेगांव लिफ्ट हादसे में कितने युवक घायल हुए थे?
    👉 दो युवक घायल हुए थे।

    Q2: विग्नेश की वर्तमान हालत कैसी है?
    👉 हालत गंभीर है, न्यूरोलॉजिकल रिस्पॉन्स नहीं है।

    Q3: इलाज का खर्च कितना हो चुका है?
    👉 ₹13 लाख से अधिक।

    Q4: परिवार किस पर कार्रवाई की मांग कर रहा है?
    👉 लिफ्ट ठेकेदार के साथ-साथ सोसायटी पदाधिकारियों पर।

    Q5: रुद्र की हालत कैसी है?
    👉 हालत में सुधार है, घर पर इलाज चल रहा है।

  • BMC: मानखुर्द चीताकैंप में गंदगी का कहर, सड़क किनारे पड़ा गीला कचरा बना मुसीबत

    BMC: मानखुर्द चीताकैंप में गंदगी का कहर, सड़क किनारे पड़ा गीला कचरा बना मुसीबत

    BMC की लापरवाही के कारण मानखुर्द के चीताकैंप इलाके में नाले से निकाला गया गीला कचरा हफ्तों से सड़क किनारे पड़ा है। बारिश के कारण बदबू, मच्छर और बीमारी का खतरा बढ़ गया है, जबकि बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

    मुंबई: मानखुर्द स्थित चीताकैंप इलाके में सड़क किनारे पड़े गीले कचरे के ढेर ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा तीन हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बावजूद नहीं हटाया गया, जिससे बदबू, मच्छरों और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बीएमसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    नाले की सफाई हुई, लेकिन कचरा वहीं पड़ा

    बीएमसी ने मानखुर्द के चीताकैंप इलाके में 28 जून से 2 जुलाई के बीच नाले की सफाई करवाई थी। इस दौरान पुल के नीचे और आसपास से बड़ी मात्रा में गाद और कचरा निकाला गया।
    हालांकि, सफाई के बाद यह कचरा नाले के किनारे ही छोड़ दिया गया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया था कि एक हफ्ते के भीतर कचरा हटा दिया जाएगा, लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

    बारिश ने बढ़ाई परेशानी, बदबू से सांस लेना मुश्किल

    स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल की बारिश के चलते पानी कचरे में घुस गया है, जिससे इलाके में तेज गंध फैल गई है
    एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
    “यहां से गुजरते वक्त सांस रोकनी पड़ती है। बदबू इतनी तेज है कि बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी हो रही है।”

    मच्छरों और बीमारियों का बढ़ता खतरा

    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता आसिफ सैयद, जो एनवायरनमेंट लाइफ फाउंडेशन के धर्मेश बारई के साथ सफाई अभियानों से जुड़े हैं, ने कहा,
    “यह कचरे का ढेर मच्छरों और बीमारियों की फैक्ट्री बन चुका है। हम लगातार बीएमसी से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। आखिर लोग ऐसे हालात में कैसे रहें?”

    कचरा बढ़ता ही जा रहा है

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा उसी जगह पर बार-बार डाला जा रहा है, जिससे कचरे का ढेर और बड़ा होता जा रहा है।
    जब पिछले हफ्ते तेज बारिश हुई, तो पुल के नीचे जमा कचरा बहने लगा। लोगों को डर है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो यह गंदगी सीधे समुद्र में जाकर प्रदूषण फैलाएगी

    जिम्मेदारी से बचते विभाग, आरोपों की राजनीति

    धर्मेश बारई का आरोप है कि जब उन्होंने बीएमसी से कचरा हटाने की मांग की, तो अलग-अलग विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।
    उन्होंने कहा,
    “कोई भी विभाग यह मानने को तैयार नहीं कि कचरा हटाना उसकी जिम्मेदारी है। बस फाइलें इधर-उधर घूम रही हैं।”

    BMC का पक्ष: नोटिस जारी, जल्द सफाई का दावा

    बीएमसी के कनिष्ठ अभियंता योगेश मोगल ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
    उनके अनुसार,

    • कुछ कचरा नाले से नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों द्वारा फेंका गया है
    • नाले से निकली गाद को शहर के बाहर डंप करना पड़ता है
    • मंगलवार तक गाद हटाई जाएगी, और बाकी ठोस कचरा अगले दो दिनों में साफ किया जाएगा

    उन्होंने बारिश को भी देरी की एक बड़ी वजह बताया।

    अपर आयुक्त ने लिया संज्ञान

    स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स के प्रभारी अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर ने कहा,
    “आमतौर पर एक महीने तक कचरा पड़े रहने की शिकायत नहीं आती। मैं खुद मामले की जांच करूंगा और लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: चीताह कैंप में कचरा कब से पड़ा है?
    👉 करीब तीन हफ्तों से ज्यादा समय से।

    Q2: कचरा कहां से आया है?
    👉 नाले की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा और कुछ स्थानीय कचरा।

    Q3: लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी किस बात से है?
    👉 बदबू, मच्छर और बीमारी के खतरे से।

    Q4: बीएमसी ने क्या आश्वासन दिया है?
    👉 गाद मंगलवार तक और बाकी कचरा अगले दो दिनों में हटाने का दावा।

    Q5: क्या ठेकेदार पर कार्रवाई होगी?
    👉 बीएमसी के अनुसार, लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    अंधेरी पुलिस ने स्पोर्ट्स बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 9 बाइक बरामद

    मुंबई के अंधेरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 18 लाख रुपये की 9 चोरी की बाइक बरामद कर मुंबई, उपनगर और नवी मुंबई के 9 मामलों का खुलासा किया है।

    मुंबई: शहर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के बीच अंधेरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 18 लाख रुपये की 9 महंगी बाइक बरामद की हैं। इस कार्रवाई से मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज कुल 9 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    कैसे सामने आया मामला

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अंधेरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 13 जनवरी 2026 की रात 10 बजे से 14 जनवरी 2026 सुबह 9 बजे के बीच उनकी रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 (MH 02 CU 8883) बाइक चोरी हो गई।
    यह बाइक बीएमसी कार्यालय के पीछे, गुंदवली, अंधेरी पूर्व में पार्क की गई थी।
    शिकायत के आधार पर अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 27/26 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच और गुप्त जानकारी से मिली सफलता

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की गुन्हे प्रकटीकरण (क्राइम डिटेक्शन) टीम ने तकनीकी जांच शुरू की।
    सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गुप्त मुखबिरों की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी संघर्षनगर, साकीनाका इलाके के रहने वाले हैं और रात के समय घर नहीं आते थे।

    लगातार 2 से 3 रात तक जाल बिछाकर पुलिस ने तीनों आरोपियों को बड़ी ही चतुराई से हिरासत में लिया।

    पूछताछ में खुले 9 चोरी के मामले

    पुलिस हिरासत में गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्पोर्ट्स बाइक चोरी की कई वारदातों को कबूल किया।
    उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई में दर्ज 9 अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़ी बाइक बरामद की।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते

    1) ओमकार सुनील फासगे (22 वर्ष)
    पेशा: रिक्शा चालक
    निवासी: रूम नं. 506, एफ विंग, बिल्डिंग नं. 19, नवकांति सोसायटी, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    2) सागर राहुल गायकवाड (19 वर्ष)
    पेशा: बेरोजगार
    निवासी: महेंद्र कंपाउंड, हरि मस्जिद के पीछे, संघर्षनगर, चांदीवली, साकीनाका, मुंबई

    3) कार्तिक विष्णु म्हस्के (18 वर्ष)
    पेशा: छात्र
    निवासी: रूम नं. 305, डी विंग, बिल्डिंग नं. 25, संघर्षनगर, चांदीवली फार्म रोड, साकीनाका, मुंबई – 72

    बरामद की गई 9 स्पोर्ट्स बाइक (कुल कीमत लगभग ₹18 लाख)

    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – अंधेरी (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – विले पार्ले (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – खारघर (₹2 लाख)
    • रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 – एंटॉप हिल (₹2 लाख)
    • पल्सर NS 400 – भांडुप (₹3.5 लाख)
    • यामाहा MT-15 – भांडुप (₹1.5 लाख)
    • केटीएम ड्यूक – काळाचौकी (₹2 लाख)
    • यामाहा MT-15 – घाटकोपर (₹1.5 लाख)
    • यामाहा RX 100 – परळ (₹1.5 लाख)

    अंधेरी पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया।
    यह सफलता मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, संयुक्त आयुक्त सत्यनारायण, अपर आयुक्त परमजीत सिंह दहिया, डीसीपी दत्ता नलावडे, एसीपी गजानन पवार के मार्गदर्शन में हासिल हुई।

    अंधेरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक उमेश मचिंदर, क्राइम इंस्पेक्टर विनोद पाटील और उनकी टीम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अंधेरी पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
    👉 तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q2: कुल कितनी बाइक बरामद हुई हैं?
    👉 कुल 9 स्पोर्ट्स बाइक।

    Q3: बरामद बाइकों की कीमत कितनी है?
    👉 करीब ₹18 लाख।

    Q4: ये चोरी की घटनाएं कहां-कहां हुई थीं?
    👉 मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और नवी मुंबई।

    Q5: आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगी हैं?
    👉 भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत

  • फरवरी के आखिर में पेश हो सकता है BMC बजट 2026

    फरवरी के आखिर में पेश हो सकता है BMC बजट 2026

    चार साल बाद BMC बजट 2026 चुने हुए नगरसेवकों की मौजूदगी में पेश होने की संभावना है। बजट फरवरी के दूसरे हिस्से में आ सकता है, जिसमें बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ स्थानीय मुद्दों पर भी फोकस रहने की उम्मीद है।

    मुंबई: करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अपना वार्षिक बजट 2026 चुने हुए नगरसेवकों की मौजूदगी में पेश करने की तैयारी में है। यह बजट फरवरी के दूसरे पखवाड़े में पेश होने की संभावना है, जबकि अब तक हर साल 4 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा रही है। 2017 में चुनी गई बीएमसी हाउस का कार्यकाल मार्च 2022 में खत्म होने के बाद से अब तक तीन बजट प्रशासक के जरिए पेश किए गए थे।

    चार साल बाद चुने हुए प्रतिनिधियों के सामने बजट

    बीएमसी का पांच साल का कार्यकाल, जो 2017 में चुना गया था, 7 मार्च 2022 की आधी रात को समाप्त हो गया था। इसके बाद से मुंबई की सबसे अमीर नगर निगम बिना चुने हुए प्रतिनिधियों के ही कामकाज चला रही थी।
    इस दौरान 2023, 2024 और 2025 के बजट महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक और नगर आयुक्त भूषण गगराणी के माध्यम से पेश किए गए।

    अब लंबे इंतजार के बाद हुए नगर निगम चुनावों के बाद, पहली बार चार साल में बजट चुने हुए नगरसेवकों के सामने रखा जाएगा, जिससे स्थानीय मुद्दों और जनप्रतिनिधियों की राय को जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    4 फरवरी की परंपरा टूटने के आसार

    बीएमसी का बजट हर साल परंपरागत रूप से 4 फरवरी को पेश किया जाता रहा है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
    वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बजट फरवरी के दूसरे हिस्से यानी लेट फरवरी में पेश किया जा सकता है। इसकी वजह नई हाउस के गठन के बाद की प्रशासनिक प्रक्रियाएं और प्रतिनिधियों को तैयारियों का समय देना बताया जा रहा है।

    पिछले बजटों में बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहा जोर

    प्रशासक के दौर में पेश किए गए बजटों में खासतौर पर मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भारी खर्च देखने को मिला। इनमें शामिल हैं:

    • सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): करीब ₹27,000 करोड़
    • मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट
    • वर्सोवा से दहिसर तक कोस्टल रोड का अंतिम चरण
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड पर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट
    • रोड कंक्रीटीकरण प्रोजेक्ट: करीब ₹17,000 करोड़
    • गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR)
    • शहर में विभिन्न फ्लाईओवर और पुलों का निर्माण

    स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक की कमी महसूस की गई

    एक वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी के मुताबिक,

    “हर साल बजट लंबी अवधि के नियोजित प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित रहा। ऐसा नहीं है कि अस्पतालों या स्कूलों जैसे स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने वाला फीडबैक नहीं मिल पाया, जो रोजमर्रा की स्थानीय जरूरतों को सामने लाता है।”

    अब नगरसेवकों की मौजूदगी में पेश होने वाले बजट से स्थानीय सड़कों, नालों, स्कूलों, अस्पतालों और वार्ड स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।

    कैपिटल एक्सपेंडिचर और बजट साइज में बड़ा इजाफा

    बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार,

    • 2022 में कैपिटल एक्सपेंडिचर: 36%
    • 2025 में कैपिटल एक्सपेंडिचर: 58%

    वहीं बजट का कुल आकार भी तेजी से बढ़ा है:

    • 2022: ₹38,515 करोड़
    • 2025: ₹74,366 करोड़

    इससे साफ है कि बीएमसी का फोकस बीते कुछ सालों में भारी भरकम पूंजीगत खर्च और दीर्घकालिक परियोजनाओं पर रहा है।

    BMC Budget 2026 से क्या उम्मीदें?

    • स्थानीय वार्ड स्तर के कामों को प्राथमिकता
    • सड़क, पानी, नाला सफाई जैसे रोजमर्रा के मुद्दों पर ज्यादा फंड
    • अस्पताल और स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
    • बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ बैलेंस्ड विकास

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: BMC बजट 2026 कब पेश हो सकता है?
    👉 फरवरी 2026 के दूसरे पखवाड़े में।

    Q2: क्या यह बजट चुने हुए नगरसेवकों के सामने पेश होगा?
    👉 हां, चार साल बाद पहली बार।

    Q3: पिछला बजट किसने पेश किया था?
    👉 प्रशासक और नगर आयुक्त के माध्यम से।

    Q4: पिछले बजटों में किस पर ज्यादा खर्च हुआ?
    👉 बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर।

    Q5: इस बार बजट से क्या उम्मीद है?
    👉 स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर की जरूरतों पर ज्यादा ध्यान।

  • कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    कांदिवली में मोबाइल छीनकर UPI से ₹76,269 उड़ाए

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में मोबाइल स्नैचिंग के बाद साइबर फ्रॉड का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चोरी हुए फोन से युवक के बैंक खाते से ₹76,269 UPI ट्रांजैक्शन कर निकाल लिए गए। पुलिस जांच में जुटी है।

    मुंबई: मोबाइल स्नैचिंग के बाद डिजिटल ठगी का नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आ रहा है। कांदिवली वेस्ट में एक युवक का मोबाइल फोन छीने जाने के बाद उसी फोन का UPI इस्तेमाल कर आरोपियों ने उसके बैंक खाते से ₹76,269 निकाल लिए। इतना ही नहीं, चोरों ने व्हाट्सऐप पर खुद को पीड़ित बताकर रिश्तेदार से भी पैसे मंगवा लिए। कांदिवली पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग और साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई में बढ़ती मोबाइल स्नैचिंग और UPI द्वारा डिजिटल फ्रॉड की वारदातें

    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब सड़क पर मोबाइल छीनना ही अपराधियों का मकसद नहीं रह गया है। मोबाइल हाथ लगते ही वे सीधे डिजिटल बैंकिंग और UPI के जरिए खातों पर हाथ साफ कर रहे हैं। कांदिवली की यह घटना इसी बढ़ते साइबर क्राइम पैटर्न की एक बड़ी मिसाल है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    पीड़ित कौन है और क्या करता है?

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता का नाम अंकितकुमार वैकुंठ तिवारी (24) है। वह टीवी सीरियल इंडस्ट्री में लाइट मैन के तौर पर काम करता है।
    12 जनवरी 2026 की रात कांदिवली वेस्ट के भूत बंगला, गार्डन रिट्रीट कॉम्प्लेक्स में एक सीरियल का प्रोमो शूट चल रहा था, जो 13 जनवरी तड़के करीब 3 बजे खत्म हुआ।

    सुबह-सुबह हुआ मोबाइल स्नैचिंग का शिकार

    शूट खत्म होने के बाद अंकितकुमार अपने पॉइंसुर इलाके स्थित घर की ओर पैदल जा रहा था।
    करीब सुबह 4:05 बजे, शताब्दी अस्पताल के पास अचानक बाइक पर सवार दो अज्ञात युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और तेज़ रफ्तार में फरार हो गए।
    अंधेरा और बाइक की रफ्तार इतनी तेज़ थी कि वह वाहन का नंबर तक नोट नहीं कर पाया।

    ATM पहुंचा तो खुला खाते से पैसे उड़ने का राज

    घटना के अगले दिन जब अंकितकुमार ATM गया, तो उसे मैसेज मिला कि उसका ATM PIN गलत है।
    इसके बाद 15 जनवरी को वह बैंक शाखा पहुंचा, जहां अकाउंट स्टेटमेंट देखने पर उसके होश उड़ गए।
    13 से 15 जनवरी के बीच UPI ट्रांजैक्शन के ज़रिए ₹69,269 उसके खाते से निकाले जा चुके थे।

    व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजकर रिश्तेदार से भी पैसे ठगे

    आरोपियों की चालाकी यहीं नहीं रुकी।
    चोरी किए गए मोबाइल से उन्होंने अंकितकुमार बनकर उसके बहनोई पवन मिश्रा को व्हाट्सऐप पर भावुक मैसेज भेजे और पैसों की मदद मांगी।
    मैसेज असली समझकर पवन मिश्रा ने ₹8,000 ट्रांसफर कर दिए, जिसे भी आरोपियों ने तुरंत निकाल लिया।
    इस तरह कुल रकम ₹76,269 हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

    कांदिवली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ

    • मोबाइल स्नैचिंग
    • साइबर फ्रॉड
      की धाराओं में केस दर्ज किया है।

    पुलिस आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल के IMEI नंबर के ज़रिए फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की अपील: ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुंबई में मोबाइल छीने जाने के बाद डिजिटल ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।
    लोगों से अपील की गई है कि:

    • मोबाइल में मजबूत लॉक/बायोमेट्रिक जरूर रखें
    • बैंकिंग और UPI ऐप्स में अतिरिक्त सिक्योरिटी ऑन रखें
    • किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
    • मोबाइल चोरी होते ही बैंक और पुलिस को सूचना दें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह घटना कहां हुई?
    👉 मुंबई के कांदिवली वेस्ट इलाके में, शताब्दी अस्पताल के पास।

    Q2: कुल कितने पैसे निकाले गए?
    👉 कुल ₹76,269।

    Q3: पैसे किस तरह निकाले गए?
    👉 UPI ट्रांजैक्शन और व्हाट्सऐप ठगी के ज़रिए।

    Q4: पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 CCTV फुटेज की जांच और IMEI नंबर से मोबाइल ट्रेस किया जा रहा है।

    Q5: मोबाइल चोरी होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं और बैंक/UPI सेवाएं ब्लॉक करवाएं।