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  • महाराष्ट्र में NCP शरद पवार गुट ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ मोर्चे का समर्थन करेगी।

    महाराष्ट्र में NCP शरद पवार गुट ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ मोर्चे का समर्थन करेगी।

    महाराष्ट्र में मातृभाषा के संरक्षण में शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकारी नीतियों के खिलाफ 5 जुलाई को विरोध मोर्चे का समर्थन किए जाने का ऐलान किया है। शुक्रवार को पार्टी नेता ने इसकी घोषणा कर दी। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने शुक्रवार को कहा कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से महाराष्ट्र में स्कूली पाठ्यक्रम में हिंदी को ‘थोपे जाने’ के खिलाफ पांच जुलाई को होने वाले विरोध मोर्चे का समर्थन करेंगे। पार्टी नेता ने इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से पांच जुलाई को विरोध मोर्चे में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    उद्धव और राज ने मिलाया हाथ

    राज्य सरकार द्वारा नयी शिक्षा नीति के तहत तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की योजना के खिलाफ यह विरोध आयोजित किया जा रहा है। आप को बता दें कि भाषा विवाद पर 5 जुलाई को उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली होने जा रही है। मराठी मुद्दे को लेकर 20 साल बाद दोनों मंच पर साथ नजर आएंगे। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    राकांपा शरद पवार गुट की घोषणा

    शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य बनाना शामिल किया गया है। राकांपा शरद पवार गुट की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने एक खुले पत्र में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, कि उनकी पार्टी क्षेत्रीय हितों के मामलों में महाराष्ट्र के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    शरद पवार ने क्या कहा?

    इसके पहले पार्टी प्रमुख शरद पवार ने भी ठाकरे भाइयों को समर्थन देते हुए कहा, कि “महाराष्ट्र में कक्षा 1 से हिंदी अनिवार्य नहीं की जानी चाहिए। अगर कोई नई भाषा शुरू की जानी है तो उसे कक्षा 5 के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए।” In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    सरकार ने लिया यू टर्न

    दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल अप्रैल में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बना दिया था। विरोध के बाद उन्होंने फैसले में बदलाव किया। कक्षा 1 से 5वीं तक पढ़ने वाले स्टूडेंट्स तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी के अलावा भी दूसरी भारतीय भाषाएं चुन सकते हैं। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    महाराष्ट्र में मराठी भाषी आबादी का मुद्दा

    एनसीपी शरद पवार गुट के महाराष्ट्र अध्यक्ष पाटिल ने कहा कि इस कदम का शिक्षाविदों, अभिभावकों, भाषाविदों एवं कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है और वे सभी दलील दे रहे हैं कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चे की मातृभाषा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में मराठी भाषी आबादी हिंदी सहित कई भाषाओं को सीखने के खिलाफ नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, कि लेकिन प्राथमिक स्तर पर हिंदी को थोपना हमें अस्वीकार्य है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, कि “अगर तीन-भाषा नीति का इस्तेमाल मातृभाषा को दरकिनार करने के लिए किया जा रहा है, तो मराठी भाषी समुदाय एकजुट होकर ऐसे कदमों का विरोध करेगी।” In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    मराठी भूमिका की रक्षा

    शरद पवार गुट के नेता ने इस मुद्दे को भाषाई और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा बताते हुए पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से पांच जुलाई को विरोध मोर्चे में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।पाटिल ने कहा कि इस मोर्चे का उद्देश्य स्कूली शिक्षा में मराठी भाषा की भूमिका की रक्षा करना है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

  • गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    गद्दार पार्टी में आकर खुद्दार हो जाते हैं- भाजपा

    भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दिया है। महायुति गठबंधन में और पार्टीयों से आए नेताओं के अलावा सीधे तौर पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ही निशाना बना दिया। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    न्यूज़ डेस्क
    ठाणे-
    मुंबई से सटे ठाणे जिले का उल्हासनगर विधानसभा सीट महायुति गठबंधन के लिए राजनैतिक खलबली का विषय बन गया है। यहां भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने ही महायुति गठबंधन में शामिल दलों और पार्टी में बाहर से आए नेताओं के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ ही जहर उगल दिया। इसके बाद से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण मामला बिगड़ते देख रामचंदानी ने कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    चुनावी सभा में हंगामा

    उल्हासनगर में एक चुनावी सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दिए बयान के बाद से महाराष्ट्र की सियासत गर्म हो गई है। दरअसल, उल्हासनगर से भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने कहा, कि “जिन्हें गद्दार कहा जाता है वह मुख्यमंत्री बन जाते हैं और भाजपा में आकर सब खुद्दार हो जाते हैं। बदलते समय के साथ राजनीति की परिभाषा बदल गई है।” भाजपा जिला अध्यक्ष के इस बयान से शिंदे गुट के शिवसैनिक कार्यकर्ता काफी नाराज हैं। कहा जा रहा है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी गई है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    माहौल बिगड़ता देख लिया यू टर्न

    हालांकि, जिला अध्यक्ष के विवादित बयान के बाद से भाजपा के बड़े नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, बयान के बाद माहौल गर्म होता देख भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा, उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है। बता दें कि उल्हासनगर विधानसभा सीट पर कुमार आयलानी को महायुति की ओर से चुनावी उम्मीदवार की घोषणा की गई है।मौजूदा समय में यहां से कुमार आयलानी विधायक भी है। शनिवार को विधानसभा चुनाव प्रचार के मद्देनजर भाजपा की ओर से एक सभा आयोजित की गई थी। इस सभा में भाजपा के जिला अध्यक्ष प्रदीप रामचंदानी ने विवादित बयान दिया। इसके बाद से यहां माहौल गर्म हो गया है। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कब होगा चुनाव ?

    महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए राज्य में एक ही बार 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। 23 नवंबर को चुनाव आयोग परिणाम घोषित करेगा। चुनाव आयोग ने इस बार एक ही टप्पे में चुनाव कार्य निपटाने का फैसला किया है। विधानसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का दावा है कि इस बार उनकी सरकार बन रही है। वहीं, एकनाथ शिंदे (Shivsena) अजित पवार गुट (NCP)और भाजपा (BJP) की महायुति गठबंधन का दावा है कि दूसरी बार भी उनकी ही सरकार बनेगी। हालांकि पिछ्ली बार महाविकास अघाडी गठबंधन को ही जीत मिली थी। बाद में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़ कर भाजपा ने सरकार बना ली। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

    कौन है गद्दार ?

    हालांकि की शिवसैनकों को तोड़कर सरकार गिराने वाले एकनाथ शिंदे को गद्दार कहा जा रहा था। लेकिन भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तोड़कर आए अजित पवार को उप मुख्यमंत्री बना दिया। फिलहाल एक बार फिर महाविकास अघाडी गठबंधन में शामिल काग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी और अन्य सहयोगी दल महाराष्ट्र में सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 23 नवंबर के बाद ही इसके परिणाम सामने आएंगे। (Maharashtra Assembly Election Traitors become selfish after joining BJP)

  • महराष्ट्र में कांग्रेस का जलवा, 50 फीसदी बढ़ेंगी सीटें

    महराष्ट्र में कांग्रेस का जलवा, 50 फीसदी बढ़ेंगी सीटें

    Election Survey: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 पर इलेक्टोरल एज का प्री पोल सर्वे की रिपोर्ट सामने आई है। इसमें कांग्रेस महाराष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। सर्वे में महाविकास अघाडी गठबंधन को बढ़त मिलता दिख रहा है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 के लिए महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति की गठबंधन पार्टियों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से प्रचार अभियान की शुरुआत हो चुका है। चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी राजनैतिक पार्टियों ने अपने दिग्गज नेताओं का बड़े-बड़े कार्यभार सौंप दिए हैं। इस बीच एक ऐसा सर्वे सामने आया है, जिसमें महाराष्ट्र में महाविकास अघाडी गठबंधन (MVA) को बहुमत मिलता नजर आ रहा है। इलेक्टोरल एज प्री पोल सर्वे के अनुसार राज्य की 288 विधानसभा सीटों में से महाविकास अघाडी गठबंधन को 157 सीटें मिल सकती है। खासकर इसमें कांग्रेस पार्टी एक बड़ी राजनैतिक दल के रूप में उभर कर सामने आ रही है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    सर्वे की मानें तो महाविकास अघाडी गठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है, जिसे 68 सीट मिलने का अनुमान है। इसके अलावा शरद पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 44, उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना (UBT) को 41, समाजवादी पार्टी को 1, सीपीआईएम को 1 और PWP को 2 सीटें मिल सकती है। इसके अलावा शिवसेना (UBT) के नेता महाविकास अघाडी गठबंधन की ओर से उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री का चेहरा बताते हैं। सर्वे में कांग्रेस अगर सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो फिर सीएम पद को लेकर खींचतान देखने को मिल सकता है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    2019 के चुनाव में क्या हुआ?

    2019 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस समय कांग्रेस को 44 सीटें मिली थी। सर्वे की मानें तो इस बार कांग्रेस की सीटों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। 2019 में शिवसेना एक ही थी। लेकिन अब दो हिस्सों में बंट गई है। तब एक ही पार्टी हुआ करती थी, जिसके कर्ताधर्ता उद्धव ठाकरे थे और पिछले विधानसभा चुनाव में शिवसेना को 56 सीटें मिले थे। यहीं हाल एनसीपी का भी है। 2019 में जब शरद पवार और अजित पवार साथ थे तो एनसीपी को 54 सीटें मिली थी, लेकिन अब दोनों पार्टियां दो टुकड़ों मे बंट चुकी हैं। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

    बनेगी महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार

    सर्वे के अनुसार महाराष्ट्र में महायुति को मात्र 117 सीटें मिल सकती है, जिसमें से सबसे अधिक बीजेपी 79 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट को 23 सीटें मिलने का अनुमान है। अजित पवार गुट के एनसीपी को 14 सीटें मिलेंगी, RYSP को एक सीट और अन्य को 14 सीटें मिल सकती है। ऐसे मे साफ है कि महाविकास अघाडी गठबंधन की सरकार फिर से महाराष्ट्र मे सत्ता स्थापित करने जा रही है। (Congress shines in Maharashtra seats will increase by 50 percent)

  • राजनैतिक झटका, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता रवि राजा भाजपा में शामिल

    राजनैतिक झटका, कांग्रेसी वरिष्ठ नेता रवि राजा भाजपा में शामिल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राज को देवेन्द्र फडणवीस ने मुंबई उपाध्यक्ष का पद देकर सम्मानित किया। मुंबई के सायन कोलीवाडा से टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज़ चल रहे थे। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राजा अपने समर्थकों के साथ गुरुवार को उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार की मौजूदगी में पार्टी प्रवेश किया। रवि राज पिछले 44 वर्षों से कांग्रेसी नेता के रूप में काम कर रहे थे। इस बार चुनावी टिकट को लेकर मन मुटाव के बीच रवि राज ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    कांग्रेस पार्टी से नाराज

    इसके पहले रवि राज राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मिलकर भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। कांग्रेस से इस्तीफे के बाद तुरंत भारतीय जनता पार्टी ने अपना मंच साझा करते हुए रवि राजा को मुंबई भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया। राजा सायन कोलीवाड़ा विधानसभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज थे। वह इस बात से भी परेशान थे कि कांग्रेस ने मुंबई के विकास में उनके काम और योगदान को मान्यता नहीं दी और न ही उसकी सराहना की। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    महायुति की BMC पर नजर

    रवि राजा ने अपना इस्तीफा सीधे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा। कांग्रेस पार्टी ने सायन कोलीवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से गणेश यादव को चुनावी मैदान में उतारा है।राजा का यह फैसला कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा नुकसान और भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह ऐसे समय में हुआ, जब महायुति मुंबई में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने और महा विकास अघाड़ी को हराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुंबई में 36 विधानसभा सीटों पर महायुति और महाविकास अघाडी गठबंधन वाले दलों के बीच घमासान युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच अपक्ष उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। महायुति बीएमसी पर नजर रखते हुए अधिक से अधिक सीटें जीतने के लिए काफी उत्सुक है। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    भाजपा को होगा लाभ

    उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में पांच बार पार्षद (नगरसेवक) रहे राजा का भाजपा में स्वागत करते हुए कहा कि मुंबई की राजनीति में उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी को इससे बहुत लाभ होगा। राजा एक अनुभवी पार्षद (Councilor) हैं। वह 23 वर्षों से अधिक समय से बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन निगम (BEST) के सदस्य रहे हैं। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

    और भी दलों के नेता भाजपा में शामिल होंगे

    उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न दलों के और भी नेता भाजपा में शामिल होंगे। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। वहीं रवि राजा ने कहा, “मैंने 44 साल बाद कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मैं भारतीय जनता पार्टी मे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करूंगा। यह पहले से तय है कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और राज्य में महायुति सरकार के काम को देखते हुए महायुति सरकार फिर से सत्ता में आएगी।” राजा ने कहा कि सायन कोलीवाड़ा से भाजपा उम्मीदवार तमिल सेल्वन की जीत निश्चित है। (Political shock, senior Congress leader Ravi Raja joins BJP)

  • त्यौहार के कारण कम पडेंगे पर प्रांतीयों के वोट

    त्यौहार के कारण कम पडेंगे पर प्रांतीयों के वोट

    महाराष्ट्र में चुनाव के बीच पर प्रांतीय वोटरों की कमी देखने को मिल सकती है। मुंबई से भर-भर कर जा रहे हैं लोग। ट्रेनों में देखी जा रही है खचाखच भीड़। (Due to festivals in Mumbai, votes of provincials will be less)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मुंबई एवं महाराष्ट्र में पर प्रांतीयो के वोट पर चिंता जताई जा रही है। देशभर में दिवाली और छठ के त्यौहार के बीच चुनाव की घोषणा उत्तर भारतीय उम्मीदवारों के लिए परेशानी का सबब साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस बार मतों की संख्या 35 से 40 प्रतिशत के बीच ही सिमट कर रह जाएगी। मतगणना के दिन ऐसा नजारा देखने को मिल सकता है।

    कब होगा चुनाव

    आप को बता दें कि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की मतगणना 23 नवंबर को होगी। इसी समय देश में त्यौहारी सीजन चल रहा है। दिवाली के साथ-साथ छठ पूजा के लिए राज्य के परप्रांती उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल की ओर कूच कर रहे हैं। जबकि ज्यादातर चुनावी उम्मीदवार इन्ही के भरोसे चुनावी मैदान में उतरे हैं। लेकिन इन लोगों को अपने गांव जाने से नहीं रोक पा रहे हैं।

    मुंबई की जनसंख्या

    दोहरी राजधानी कही जाने वाली मुंबई यानी महाराष्ट्र की राजधानी के अलावा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जनसंख्या लगभग 2 करोड़ 25 लाख के आसपास है। जबकि यहां 36 विधानसभा सीटों पर लगभग सैकड़ो की संख्या में उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है। लेकिन मुंबई का ज्यादातर परप्रांती समूह त्यौहार के कारण यहां से प्रस्थान कर रहा है। यूपी बिहार के लिए ट्रेनों मे जगह नही होने के बावजूद चालू डिब्बे में खचाखच भीड़ देखी जा रही है। इसी को लेकर पिछले दिनों बांद्रा टर्मिनस पर लोग हादसे का शिकार हो गए। भीड़ की धक्कामुक्की में 10 लोग घायल हो गए थे जिनमें से 2 लोगों की हालत अभी भी क्रिटिकल बनी हुई है।

    महायुति और महाविकास अघाडी में टक्कर

    महाराष्ट्र में पक्ष विपक्ष के दो गठबंधन वाले समुह के बीच खास कर चुनाव देखा जा रहा है। महाविकास अघाडी गठबंधन में कांग्रेस 102 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, तो वहीं उद्धव ठाकरे गुट (UBT) की शिवसेना 96 सीटों के लिए अपना प्रत्याशी उतार चुकी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट 86 सीटों पर अपना दाव खेल रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी (SP) 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। साथ ही, शेतकरी कामगार पक्ष 2 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रही है। इसके साथ ही महायुति गठबंधन में भाजपा (BJP) 148 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट 80 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार गुट के 53 उम्मीदवारों लिस्ट जारी की गई है। महायुति मे राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) वर्ली के 1 सीट पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं भाजपा के चुनाव चिन्ह पर महायुति गठबंधन के मित्र पक्ष 6 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : मुंबई का हो गया बंटवारा, देखें किसे मिली कितनी सीट?

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : मुंबई का हो गया बंटवारा, देखें किसे मिली कितनी सीट?

    • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024
    • मुंबई में 22 सीटों पर ठाकरे गुट का दावा
    • स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन
    • लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ का नारा बेअसर
    • Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा
    • 400 पार का नारा हुआ बेअसर
    • विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?
    • महायुति में सीटों को लेकर टकराव

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – राज्य मे लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सभी राजनैतिक दलों ने अपने अपने स्तर पर एक समीकरण तैयार कर विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी करना शुरू कर दी है। पिछली बार चुनाव की तैयारी में कम समय मिलने से हुए नुकसान को देखते हुए, इस बार सभी दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार Bjp 100 सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो वहीं महाविकास अघाडी में शिवसेना ठाकरे गुट मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर दावा किया है।

    आगामी विधानसभा चुनाव में मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर शिवसेना ठाकरे समूह ने दावा किया है। एनसीपी शरद पवार गुट को मुंबई में ज्यादा सीटों की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मुंबई में पांच से छह सीटों पर जोर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर मुंबई में महाविकास अघाड़ी की कई बार बैठक हो चुकी है। इसमें आगामी विधानसभा के लिए सीटों के आवंटन की रणनीति पर चर्चा की गई। मुंबई की विवादित सीटों का फैसला दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुलझाने वाले हैं।

    महाविकास अघाड़ी के घटक दलों में से मुंबई में शिवसेना ठाकरे गुट के बाद कांग्रेस सबसे मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस और ठाकरे समूह ने एक साथ कुछ निर्वाचन क्षेत्रों पर दावा किया है। राज्य में कांग्रेस नेता इस बात पर सहमत हैं कि विधानसभा चुनाव में विवादित सीटों पर वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे तो यह स्वीकार्य होगा। एनसीपी पवार गुट मुंबई की घाटकोपर ईस्ट, कुर्ला, वर्सोवा, जोगेश्वरी, दहिसर, अणुशक्ति नगर, मालबार हिल कुल सात सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। हालांकि, शरद पवार गुट को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। एक जानकारी के मुताबिक इस बार सीटों का आवंटन जल्दी किया जाने वाला है, ताकि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए उचित समय मिल सके।

    स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन

    महाराष्ट्र में महा-विकास अघाडी और एनडीए समीकरण को खराब करने के लिए संभाजी राजे और बच्चू कडू साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में इस वक्त महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति (NDA) गठबंधन आमने-सामने है। एमवीए में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT), शरद पवार की एनसीपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एकसाथ है। वहीं महायुति में अजित पवार की एनसीपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा (Bjp) शामिल है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले एक और गठबंधन बनने जा रहा है। इसके लिए स्वराज्य पार्टी प्रमुख छत्रपति संभाजी राजे और प्रहार पार्टी प्रमुख विधायक बच्चू कडू और विभिन्न दलों के प्रमुख पदाधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में नए गठबंधन के गठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। बच्चू कडू पहले महायुति के साथ थे लेकिन लोकसभा चुनाव में अमरावती सीट पर हुए मन-मुटाव के बाद पीछे हो गए। स्वराज्य पार्टी के संभाजी राजे मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर किसी गठबंधन में नहीं गए। Swarajya Party and Prahar Party Alliance

    Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा

    लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे भाजपा के लिए संतोष जनक नहीं रहे। पार्टी को महाराष्ट्र में महज 9 सीटें मिलीं। हार से आहत होकर, अपने अनुमान से कम मिली सीटों को देखते हुए भाजपा ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उम्मीदें कम कर दिया हैं और राज्य में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। 288 विधानसभा क्षेत्र वाले महाराष्ट्र में पार्टी के पास वर्तमान में 106 विधानसभा सीटें हैं और उसे अपने सहयोगियों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मदद से आधे का आंकड़ा पार करने और 145 तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महायुति के सत्ता में लौटने के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए लेकिन इसे बरकरार रखने के लिए हमें 100 सीटें सुनिश्चित करनी होंगी। अगर हम 100 का आंकड़ा पार कर गए तो Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा।”

    400 पार का नारा हुआ बेअसर

    महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ‘400 पार’ का नारा बेअसर रहा है। जबकि राज्य में Bjp को 48 लोकसभा सीटों में से 45 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी लेकिन इसका उलटा असर हुआ। Bjp के एक पदाधिकारी ने कहा, “उच्च-स्तरीय अभियानों और अनुमानों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय हमने राज्य भर में व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क के आजमाए हुए फॉर्मूले की ओर रुख किया है। हमने महसूस किया कि लोकसभा में विफलता ज़मीनी स्तर पर लोगों के साथ अलगाव के कारण हुआ था।”

    विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?

    पिछले कुछ दिनों में महाविकास आघाडी के तीनों दल मुंबई की सीटों के बंटवारे पर कई बार चर्चा कर चुके हैं। हालांकि पहली बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी, लेकिन बाद में 16 सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कि जिन सीटों पर जिन दलों का कब्जा है, ज्यादातर सीटें मूल पार्टी को मिले, इसको लेकर बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सहमति जताई है। इसके अनुसार मालाड, मुंबा देवी, धारावी, बांद्रा पूर्व और चांदिवली की सीटें कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि चांदिवली की सीट से शिवसेना (अविभाजित) ने चुनाव जीता था लेकिन उद्धव गुट यह सीट कांग्रेस को छोड़ने को तैयार है। जबकि दिंडोशी, वर्ली, जोगेश्वरी पूर्व, मागाठाणे, शिवडी, माहिम, भांडुप पश्चिम और अँधेरी पूर्व की सीटें शिवसेना (उद्धव) के खाते में जा सकती है। शरद गुट ने अणुशक्तिनगर की सीट दावा ठोका है। जबकि मानखुर्द शिवाजीनगर की सीट समाजवादी पार्टी को छोड़ी जाएगी। शिवसेना (उद्धव) सांसद एवं प्रवक्ता संजय राऊत कई बार कह चुके हैं कि मुंबई शिवसेना का गढ़ रहा है। इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मुंबई में चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी भी एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर तीनों दलों में टकराव देखने को मिल रहा है।

    महायुति में सीटों को लेकर टकराव ..

    महायुति में भी मुंबई की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। महायुति के तीनों दलों के प्रमुख नेता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार कई बार सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। राकांपा (अजित) के एक नेता ने कहा कि हमने भाजपा से मुंबई में 7 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की है। शुरुआती चर्चा में जिन 7 सीटों पर अजित गुट ने दावा किया है, इसमें अणुशक्तिनगर और बांद्रा पूर्व की सीट शामिल है। अणुशक्तिनगर से नवाब मलिक मौजूदा विधायक हैं, जबकि बांद्रा पूर्व से कांग्रेस के जीशान सिद्दीकी हैं, जिनका आगामी विधानसभा चुनाव अजित पवार की पार्टी से लड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अजित गुट का मुंबई में कम जनाधार होने के चलते उन्हें सिर्फ दो सीट का ऑफर दिया है। जबकि भाजपा मुंबई में 26 से 28 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।

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