IndiGo-Swiggy Free Flight Ticket Offer: अगर आप गर्मियों की छु्ट्टियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं और फ्लाइट की सस्ती टिकट खोज रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब आप बेहद आसानी से कहीं की भी और कहीं से भी फ्लाइट की टिकट पर बड़ा डिस्काउंट हासिल कर सकते हैं। यहां आपको यह जानकार हैरानी होगी कि यह डिस्काउंट उतना ही बड़ा होगा जितना आप स्विगी पर अपने पसंद का भोजन ऑर्डर करेंगे। ऑर्डर बहुत बड़ा हुआ तो आपको एयर टिकट मुफ्त में भी मिल सकती है। (Free flight ticket on biryani, new offer from IndiGo-Swiggy)
एक्सपायरी डेट ही नहीं
आप को बता दें, कि बीते दिनों इंडिगो एयरलाइंस और स्विगी के बीच एक अनोखी साझेदारी हुई है। जिसके तहत, इंडिगो ब्लूचिप (Indigo Bluechip) मेंबर्स स्विगी पर खाना ऑर्डर कर ब्लू चिप कमा सकते हैं। इसके अलावा, स्विगी से किराने का सामान ऑर्डर करने और स्विगी डाइनआउट के जरिए रैस्टोरेंट में टेबल बुक करने पर भी ब्लू चिप मिलेंगे। इन ब्लू चिप की मदद से आप कभी भी और कहीं की भी फ्लाइट बुक करा सकते हैं। यहां खास बात यह भी है कि इन ब्लू चिप की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। (Free flight ticket on biryani, new offer from IndiGo-Swiggy)
सबसे पहले आपको अपने स्विगी ऐप को इंडिगो ब्लूचिप अकाउंट से लिंक करना होगा। जिसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर आपको ब्लू चिप मिलना शुरू हो जाएंगे। यह फायदा स्विगी और स्विगी वन के मौजूदा ऑफर्स के साथ होगा।
स्विगी पर हर 100 रुपये खर्च करने पर आपको 1 इंडिगो ब्लूचिप मिलेगा। यानी हर फेवरेट खाने के ऑर्डर के साथ आप फ्री फ्लाइट टिकट के करीब पहुंच रहे होंगे।
इंडिगो ब्लूचिप्स कभी खत्म नहीं होंगे, बशर्ते आप प्रोग्राम में एक्टिव रहें। साथ ही, इन्हें किसी भी समय बिना किसी ब्लैकआउट डेट के इस्तेमाल कर सकते हैं।
किस पर मिलेगा ऑफर ? स्विगी यूजर्स को बस अपने इंडिगो ब्लूचिप अकाउंट को स्विगी ऐप के रिवॉर्ड या ऑफर सेक्शन में लिंक करना होगा। इसके बाद, हर खर्च पर ब्लूचिप्स अपने आप जुड़ते जाएंगा। चाहे आप पिज्जा ऑर्डर करें, घर के लिए दूध लें या दोस्तों के साथ डिनर प्लान करें, हर बार आपकी अगली फ्लाइट की बचत होगी। Free flight ticket on biryani, new offer from IndiGo-Swiggy)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका शहर में मानसून से पहले नाला सफाई अभियान की निगरानी करने के लिए वॉर रूम बनाने जा रहा है। साल 2016 में मुंबई नाला सफाई घोटाला के प्रकाश में आने के बाद ठेकेदारों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नालों में गंदगी निकालने के काम की निगरानी करने के लिए एक समर्पित वॉर रूम स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से हुई थी। इस पहल का उद्देश्य मानसून से पहले पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल कीटाणुशोधन कार्य का लगभग 12 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बीएमसी ने शहर के नालों और मीठी नदी से 9.34 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाने का लक्ष्य रखा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
BMC का वॉर रूम कैसा होगा?
अब तक 1.11 लाख मीट्रिक टन गंदगी हटाई जा चुकी है। स्टॉर्मवॉटर ड्रेन विभाग के एक सिविल अधिकारी ने बताया कि वॉर रूम में तीन अधिकारी और 11 सहायक कर्मचारी होंगे। ये कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करेंगे। वे सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक और दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक काम करेंगे। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
ठेकेदारों पर कड़ी नज़र
एक अधिकारी ने बताया, “वॉर रूम नाले से गंदगी ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा। यह ठेकेदारों द्वारा भेजे गए पहले और बाद के वीडियो की तुलना करके किए गए काम की पुष्टि भी करेगा। यह सेटअप सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि गंदगी को निर्धारित स्थान पर ही डाला जा रहा है और ठेकेदारों पर कड़ी नज़र रखी जा सकेगी।” (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
उन्होंने कहा, “गंदगी हटाने के लिए एक दैनिक योजना पहले ही तैयार कर ली गई है, जिससे प्रगति पर नजर रखना आसान हो जाएगा।” बीएमसी नालों और मीठी नदी से गंदगी हटाने के लिए दो साल में 550 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बीएमसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मानसून के मौसम की शुरुआत से पहले 75 प्रतिशत नालों से गंदगी हटा दी जानी चाहिए और मानसून के मौसम के दौरान 15 प्रतिशत गंदगी हटा दी जानी चाहिए। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
हो चुका है घोटाला
मुंबई में 215 किलोमीटर लंबे बड़े नाले, 156 किलोमीटर लंबे छोटे नाले और 22.25 किलोमीटर लंबी मीठी नदी है। 2016 में प्रकाश में आ चुके ‘मुंबई नाला सफाई घोटाले’ में 2005 से लेकर अब तक 1100 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई थीं। इस मामले की जांच फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
घोटाले से पहले बृहन्मुंबई महानगर पालिका दो साल के कार्यकाल के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति करती थी। वर्ष 2016 के बाद जवाबदेही में सुधार के लिए प्रतिवर्ष अनुबंध प्रदान किये जा रहे हैं और सिर्फ एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया जा रहा है। (Mumbai BMC will create a war room to monitor drain cleaning)
Mumbai News Today: आपने फिल्म दृश्यम तो जरूर देगी होगी। घर आई आफत से अपने परिवार को बचाने के लिए अजय देवगन युवक की डेड बॉडी को एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में जमीन में दबा देते हैं। पुलिस का पूरा महकमा इस केस को सुलझाने में लगा रहा, लेकिन एक चौथी फैल केबल ऑपरेटर ने पूरे सिस्टम की नाक में दम कर दिया था। कुछ ऐसा ही मामला मुंबई से सटे भिवंडी से प्रकाश में आ रहा है। (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)
पुलिस के मुताबिक 17 साल के किशोर की हत्या के बाद उसके शव को आरोपी युवक ने अपने गोदाम में जमीन के अंदर गाड़ दिया था।अब पांच साल बाद पुलिस ने इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया है। पांच साल तक परिवार अपने बेटे के जिंदा होने की आस में उसे खोजता रहा, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस के मुताबिक अचानक उसी इलाके के एक आदमी ने परिवार को शक जताते हुए बताया कि उनके बच्चे की हत्या हो गई होगी। साथ ही आरोपी मोहजिन पर शक जताया गया। (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)
जिसके बाद पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की तो पता चला कि उसने ही 17 साल के सोहेब शेख की हत्या कर उसकी लाश को अपने ही गोदाम में दफना दिया है। आरोपी मोहजिन पुलिस से बचने के लिए मौलाना भी बन गया था। पुलिस ने आरोपी को उसके ही गोदाम में ले जाकर खुदाई करवाई तो वहां से हत्या के पांच साल बाद मृतक सोहेब की लाश के कुछ सबूत पुलिस को मिले। तुरंत पुलिस ने फॉरेन्सीक लैब को सूचना दी और सच सामने आने के बाद आरोपी कथित मौलाना को अरेस्ट कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर आरोपी ने पीड़ित की हत्या क्यों की? (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)
एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc चुनाव की संभावना
इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc बजट पर काबू
बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
खर्च पर ध्यान देना जरूरी
लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।
दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।
BMC का कमिटेड फंड
बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।
BMC के खजाने पर बोझ
ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।
बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC ने की सरकार से गुजारिश
निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
अधिनियम में संशोधन पर विचार
BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का प्लान
BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC की सेवाएं
BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस् और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का Water Sistema
BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
आश्चर्यजनक
आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निष्कर्ष
कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
अदालती दिशा निर्देश के मुताबिक, कलेक्टर या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को याचिकाकर्ता और उनके प्रतिवादी संस्था तथा विवादित जमीन पर कब्जा करने वाले अन्य व्यक्तियों के खिलाफ नोटिस जारी करें। इसके पश्चात, उन्हें विवादित जमीन का सर्वेक्षण करना होगा और सभी पक्षों की सुनवाई करनी होगी। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)
आरोपों की जांच के निर्देश
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई उपनगरीय कलेक्टर को आदेश दिया है कि वह मालाड (पश्चिम) के अक्सा में सरकारी जमीन पर अवैध पे-एंड-पार्क प्रणाली के संचालन के संबंध में अतिक्रमण के आरोपों की जांच करें और 12 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)
पुलिस बीट चौकी की जमीन
9 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति मकरंद एस कार्णिक की बेंच ने नागरिक सेवा सुधार समिति (NGO) के अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान शेख द्वारा दायर जनहित याचिका पर निर्णय सुनाया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि जिलाधिकारी (Collector) और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कंसारी माता आदिवासी सामाजिक विकास संस्था के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिसने अवैध पार्किंग सेवा के लिए पुलिस बीट चौकी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि सरकारी निर्देशों के अनुसार, उस जमीन का उपयोग केवल पेवर ब्लॉक, सौर प्रकाश, लाल रेत, वृक्षारोपण और पर्यटन के लिए सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों के लिए किया जाना चाहिए था। मीरचंदानी ने कोर्ट से अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश देने की मांग की। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)
कलेक्टर को दिए निर्देश
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके पश्चात बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि “किसी ने सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण किया है या नहीं, यह एक तथ्यात्मक मुद्दा है और आमतौर पर यह विवादास्पद होता है।” इसीलिए अदालत ने कलेक्टर या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आदेश दिया है कि वे याचिकाकर्ता और उनके प्रतिवादी संस्था और विवादास्पद जमीन पर काबिज अन्य व्यक्तियों को नोटिस भेजें। इसके बाद, कलेक्टर विभाग को विवादित जमीन का सर्वेक्षण करना होगा और सभी पक्षों की सुनवाई करनी होगी। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)
Uअतिक्रमण हटाने के निर्देश
अदालत ने यह भी कहा कि अगर संबंधित जमीन सरकारी संपत्ति के रूप में पहचानी जाती है, तो कलेक्टर विभाग कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि यह पूरी प्रक्रिया 12 हफ्ते यानी 3 महिनों के भीतर संपन्न होनी चाहिए और यदि अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है, तो पुलिस की सहायता भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)
मुंबई में पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों के हड़ताल से शहर में हाहाकार मच गया है। 10 अप्रैल गुरुवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहर में पानी की किल्लत होने लगी है। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इस समस्या से निपटने के लिए मुंबई में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में 10 अप्रैल गुरुवार से पानी सप्लाई करने वाले टेंकर संचालकों द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल से पानी का संकट मंडरा रहा है। शहर के रैस्टोरेंट, हॉटेल और कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
क्या है मामला ?
टैंकरों को जलापूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में गुरुवार 10 अप्रैल से मुंबई पानी टैंकर एसोसिएशन (Mumbai Water Tanker Association) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं। सभी टैंकरों को अनिश्चिकाल के लिए रोक दिया गया। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
व्यापार किया बंद
उन्होंने कहा कि प्राधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर जमीन, कुएं के पट्टे या प्रॉपर्टी कार्ड, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों एवं नियमों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी। ऐसी जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि “हमने अपना व्यापार ही बंद कर दिया है।” Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
शहर में पानी की सप्लाई बंद होने से सीधे तौर पर यहां का ज्यादातर कारोबार बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। शहर में हॉटेल, रैस्टोरेंट और इमारतों के कंस्ट्रक्शन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसको देखते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू करने का ऐलान कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
क्या है आपदा प्रबंधन अधिनियम ?
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का उद्देश्य आपदाओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय तंत्र स्थापित करना है। यह अधिनियम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDA) की स्थापना करता है। यह आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करने, वित्तीय सहायता प्रदान करने और आपदाओं के दौरान और बाद में आवश्यक सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDA): प्रत्येक राज्य में एक SDA होता है जो राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करता है।
आपदा प्रबंधन योजनाएं: राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं बनाई जाती हैं। इन योजनाओं में आपदा की रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्वास शामिल हैं।
वित्तीय सहायता: अधिनियम में आपदा राहत और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
अधिनियम का उल्लंघन: अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।
आपदा प्रबंधन का क्षेत्र: अधिनियम प्राकृतिक आपदाओं, मानव निर्मित आपदाओं और गंभीर दुर्घटनाओं को शामिल करता है।
राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं (SDMP): राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।
अधिनियम के उद्देश्य
प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए एक तंत्र स्थापित करना।
आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना।
आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करना।
आपदा प्रबंधन के लिए क्षमता निर्माण करना।
आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करना।
मुंबई- मालाड पुलिस ने एक 22 वर्षीय ऐसे शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ मुंबई के दर्जनों पुलिस थाने में अपराधी मामले दर्ज हैं। ये राह चलती महिलाओं को टार्गेट करता था, जो कीमती गहने पहन कर बाहर निकलती थी। पुलिस के मुताबिक, वीर देशमुख रोड, अंधेरी (पश्चिम), श्याम नगर चाल का रहने वाला गिरफ्तार 22 वर्षीय आरोपी संतोष सुरेश चौधरी उर्फ (बैटू) अबतक 22 महिलाओं को टार्गेट कर चुका है। मालाड़ पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ लगभग 26 लाख 60 हजार रुपये के सोने के गहने बरामद किए हैं। (A miscreant who used to snatch precious jewellery from women walking on the road in Mumbai has been arrested)
मालाड़ की घटना
मुंबई परिमंडल-11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे ने बताया कि चैन स्नैचिंग की ताजा घटना 10 अप्रिल 2025 को सामने आई, जब मालाड पश्चिम के एक सड़क पर राह चलती महिला के गले से आरोपी ने सोने की चैन झपट कर फरार हो गया था। पीड़ित महिला की शिकायत पर मालाड़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 379(क), 392(क), और 34 के तहत एफआईआर दर्ज किया और छानबीन शुरू कर दी। (A miscreant who used to snatch precious jewellery from women walking on the road in Mumbai has been arrested)
कैसे हुई गिरफ्तारी?
मालाड़ पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शशिकान्त जगदाळे ने बताया कि घटना स्थल के आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया। जिन्होंने अपने मुखबिरों और आसपास के मोबाइल रडार का विश्लेषण करने के बाद तकनीकी उपकरणों के सहारे आरोपी की पहचान की और कड़ी मशक्कत के बाद अंधेरी से संतोष चौधरी को हिरासत में लिया तो पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए चोरी के सोने भी बरामद करवा दिए। (A miscreant who used to snatch precious jewellery from women walking on the road in Mumbai has been arrested)
वारदात के महज़ 12 घंटो के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे और मालवनी डिविजन की सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती निता पाडवी ने जब आरोपी के रिकॉर्ड खंगाले तो और भी चौकाने वाले मामले सामने आए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी संतोष सुरेश चौधरी उर्फ (बैटू) के खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों अनगिनत अपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया, कि आरोपी संतोष ने इससे पहले चेंबूर, कांदिवली, बोरिवली, चंदनवाड़ी, सांताक्रूज, अंधेरी, वर्सोवा, गोरेगांव, ओशिवरा और चारकोप के इलाके में चैन स्नैचिंग की अनगिनत वारदातों को अंजाम दे चुका है। फिलहाल मालाड़ पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। (A miscreant who used to snatch precious jewellery from women walking on the road in Mumbai has been arrested)
Mumbai Ram Navami Police Case: मुंबई पुलिस रामनवमी शोभायात्रा के दौरान अश्लील गाने बजाने के मामले में एक एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। जिसमें सार्वजानिक शोभायात्रा के दौरान अश्लील गाने बजाए जा रहे थे। (Mumbai Obscene song played during Ram Navami procession, police registers case)
Mumbai News:मुंबई पुलिस रामनवमी के अवसर पर आयोजित शोभायात्रा के दौरान कथित तौर पर अश्लील गाने बजाने के मामले की जांच कर रही है। मामला तब सामने आया जब एक वीडियो वायरल हुआ। रामनवमी के अवसर पर अंधेरी एयरपोर्ट रोड पर मेट्रो स्टेशन से होते हुए मरोल नाका के पास से गुजरती हुई रैली का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वायरल हुआ, जिसमें अश्लील गाने बजते हुए सुनाई दे रहा था, इसी वीडियो के बाद विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया और कार्रवाई शुरू की। (Mumbai Obscene song played during Ram Navami procession, police registers case)
मुंबई पुलिस परिमंडल-8 के पुलिस उपायुक्त मनीष कलवानिया ने बताया कि इस संदर्भ में सहार पुलिस ने, 8 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। वहीं सहार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक धनंजय सोनवणे ने कहा कि रैली के दौरान सार्वजनिक स्थान पर अश्लील भाषा का इस्तेमाल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, जो कानून का उल्लंघन है। (Mumbai Obscene song played during Ram Navami procession, police registers case)
कार्यक्रमों के दौरान शिष्टाचार
सहार पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद, शोभायात्रा के आयोजकों और डीजे संचालक सहित तीन व्यक्तियों को पूछताछ और आगे की जांच के लिए नोटिस जारी किया है। पुलिस ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान शिष्टाचार और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए मुकदमा दर्ज किया है। (Mumbai Obscene song played during Ram Navami procession, police registers case)
मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ से भी संपर्क किया और किसी भी सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए वीडियो को हटाने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने आश्वासन देते हुए कहा, कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। (Mumbai Obscene song played during Ram Navami procession, police registers case)
पुलिस ने दी चेतावनी
इसके साथ ही पुलिस ने आयोजकों को भविष्य में होने वाले कार्यक्रमों में दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है। सहार पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। (Mumbai Obscene song played during Ram Navami procession, police registers case)
बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)
इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)
Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
जमीन विवाद में की हत्या की साजिश
मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
हमले से पहले इलाके की रेकी
वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)
कब हुई फायरिंग ?
पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)