अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में पुरानी दुश्मनी के चलते फायरिंग की वारदात। 33 वर्षीय नितिन शिरसाठ की मौत, सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल। पुलिस जांच में जुटी, महाराष्ट्र क्राइम न्यूज।
महाराष्ट्र: अहिल्यानगर के गोरगांव इलाके में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस गोलीबारी में 33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 वर्षीय सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
🔎 क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से आपसी दुश्मनी चल रही थी। शुक्रवार शाम दोनों आमने-सामने आए और कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने गोली चला दी। फायरिंग में नितिन शिरसाठ को गंभीर गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं सूरज फुलमाली भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
👮 पुलिस क्या कह रही है?
अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ पद्मावती शिदोजीराव घार्गे ने मीडिया को बताया कि यह घटना गोरगांव के एक अस्पताल के पास हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पुराना विवाद था, जो हिंसक झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घायल सूरज फुलमाली की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है। पुलिस अस्पताल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
🚨 इलाके में तनाव, पुलिस की सख्ती
फायरिंग की खबर फैलते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
📊 घटना से जुड़े अहम बिंदु
📍 स्थान: गोरगांव, अहिल्यानगर जिला, महाराष्ट्र
🕒 समय: देर शाम
👤 मृतक: नितिन विलास शिरसाठ (33)
👤 घायल: सूरज फुलमाली (23)
🔫 कारण: पुरानी रंजिश
👮 कार्रवाई: मामला दर्ज, जांच जारी
❓ FAQ Section
Q1: गोरगांव फायरिंग घटना कब हुई?
यह घटना शुक्रवार देर शाम अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में हुई।
Q2: इस घटना में कौन मारा गया?
33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की गोली लगने से मौत हुई।
Q3: क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?
फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है।
Q4: घटना की वजह क्या थी?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी दुश्मनी थी।
मुंबई के Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का आयरन पिलर चलती कार पर गिरा। बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित। इससे पहले Mulund में Metro Line 4 पिलर हादसे में एक की मौत। पढ़ें पूरी खबर।
मुंबई: एक बार फिर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Goregaon Link Road पर बन रहे एक ब्रिज का लोहे का पिलर अचानक टूटकर एक चलती कार पर गिर गया। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। इस घटना के बाद शहर में निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
🚧 Goregaon Link Road पर कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, Goregaon Link Road पर अंडर-कंस्ट्रक्शन ब्रिज का एक भारी आयरन पिलर अचानक ढह गया और नीचे से गुजर रही कार पर आ गिरा। हादसा इतना अचानक था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कार में बैठे लोग समय रहते बाहर निकल गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
⚠️ तीन दिन पहले Mulund में Metro Line 4 हादसा
इस घटना से ठीक तीन दिन पहले Mulund West में Lal Bahadur Shastri Marg (LBS Road) पर Mumbai Metro Line 4 के निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा गिर गया था।
यह हादसा दोपहर करीब 12:20 बजे Johnson & Johnson फैक्ट्री के पास हुआ। गिरा हुआ सीमेंट स्लैब एक ऑटो और कार पर आ गिरा। इस हादसे में 3 से 4 लोग घायल हुए थे, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई।
🕯️ मृतक रामधनी यादव के परिवार की मांग
Mulund हादसे में जान गंवाने वाले रामधनी यादव के परिवार ने मुआवजे को लेकर नाराज़गी जताई है। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मांग की है कि सरकार उचित आर्थिक सहायता और उनकी एक बेटी को सरकारी नौकरी दे।
परिवार का कहना है कि घोषित राहत पैकेज उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
मुंबई के मालाड में 67 वर्षीय महिला ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का शिकार, जालसाजों ने फर्जी कोर्ट ऑर्डर और पुलिस बनकर 6 दिन वीडियो कॉल पर रखकर ₹12 लाख RTGS से ट्रांसफर कराए। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, FIR दर्ज।
मुंबई: मालाड इलाके में 67 साल की एक गृहिणी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। जालसाज खुद को पुलिस और सेंट्रल एजेंसी अधिकारी बताकर छह दिन तक महिला को वीडियो कॉल पर “हाउस अरेस्ट” में रखते रहे। मामला तब खुला जब बेटी ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
🔎 कैसे बिछाया गया Malad में जाल?
पुलिस के मुताबिक महिला को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Mumbai Police का अधिकारी बताया और प्रोफाइल फोटो में पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। उसने कहा कि लखनऊ में महिला के नाम से खुला बैंक अकाउंट “जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग” के लिए 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में इस्तेमाल हुआ है।
उसे 10% कमीशन लेने और 10 साल तक की जेल की धमकी दी गई—यहीं से डर की शुरुआत हुई।
📄 फर्जी दस्तावेज़, असली डर
विश्वास जमाने के लिए आरोपियों ने कथित Supreme Court of India का आदेश, अरेस्ट वारंट और Reserve Bank of India (RBI) नोटिस के फर्जी कागज भेजे। महिला को कहा गया कि मामला “नेशनल सिक्योरिटी” से जुड़ा है, इसलिए परिवार को कुछ न बताएं।
साइबर पुलिस का कहना है—यही तरीका है जिससे ठग पहले डर पैदा करते हैं और फिर भरोसा जीतते हैं।
🏠 ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में 6 दिन
महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया, रोज़ रिपोर्ट करने को बोला गया—“मैं सुरक्षित हूं।” घबराने पर आरोपी उसे शांत कराता और “मदद” का भरोसा देता। इसी दौरान उसने महिला से सारी बैंक डिटेल्स निकलवा लीं।
तीसरे दिन महिला से 12 लाख की FD तोड़कर “वेरिफिकेशन” के नाम पर कोयंबटूर के एक अकाउंट में RTGS से ट्रांसफर करा लिया गया।
छह दिन बाद बेटी ने फोन चेक किया तो पूरा खेल समझ आया। तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है।
🛑 साइबर सेफ्टी एडवाइजरी (जरूर पढ़ें)
किसी भी साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत 1930 पर करें
पुलिस कभी भी WhatsApp पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
कोई भी सरकारी एजेंसी “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर नहीं करवाती
कोर्ट वारंट/नोटिस मैसेजिंग ऐप से नहीं भेजे जाते
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है? 👉 यह एक नया साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर वीडियो कॉल पर “नजरबंद” रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।
Q2. क्या पुलिस WhatsApp पर अरेस्ट करती है? 👉 नहीं। पुलिस कभी भी WhatsApp या वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती।
Q3. साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें? 👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
Q4. क्या पैसे वापस मिल सकते हैं? 👉 जल्दी शिकायत करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी संभव हो सकती है।
AMU Non Teaching Vacancy 2026 के तहत Librarian, Registrar, Principal समेत 27 पदों पर भर्ती निकली है। सैलरी ₹56,100 से ₹2,18,200 तक। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 04 मार्च 2026। जानें योग्यता, फीस, चयन प्रक्रिया और पूरा आवेदन तरीका।
नई दिल्ली: देश की प्रतिष्ठित सेंट्रल यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) ने नॉन-टीचिंग स्टाफ के 27 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर आपके पास मास्टर्स डिग्री और संबंधित अनुभव है तो यह मौका हाथ से न जाने दें। यहां सैलरी ₹56,100 से लेकर ₹2,18,200 प्रति माह तक मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन 04 मार्च 2026 तक और हार्ड कॉपी 19 मार्च 2026 तक भेजनी होगी।
📌 AMU Non Teaching Recruitment 2026: मुख्य हाइलाइट्स
संस्थान: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (NAAC A+ ग्रेड)
कुल पद: 27
पोस्ट नाम: Librarian, Deputy Registrar, Assistant Registrar, Principal, Medical Superintendent आदि
जॉब लोकेशन: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
सैलरी: ₹56,100 – ₹2,18,200 (7th Pay Commission के अनुसार)
ऑनलाइन लास्ट डेट: 04 मार्च 2026
हार्ड कॉपी लास्ट डेट: 19 मार्च 2026
📝 कौन-कौन से पदों पर निकली है भर्ती?
पद का नाम
कुल वैकेंसी
पे लेवल
Librarian
1
AL-14 (₹1,44,200 – ₹2,18,200)
Deputy Librarian
1
AL-12
Assistant Librarian
7
AL-10
Deputy Registrar
4
Level 12
Deputy Finance Officer
2
Level 12
Internal Audit Officer
1
Level 12
Assistant Registrar
3
Level 10
School Principal
5
Level 12
Director Physical Education
2
AL-10
Medical Superintendent
1
Level 12
नोट: 1 Assistant Librarian पद PwBD (Hearing Handicapped) के लिए आरक्षित है।
मुंबई के कांदिवली में MHADA अधिकारी पर पत्नी की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज। वहीं ठाणे में घरेलू विवाद से परेशान मां ने तीन नाबालिग बेटियों को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी क्राइम रिपोर्ट।
मुंबई: मुंबई और ठाणे से सामने आई दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। कांदिवली में एक वरिष्ठ MHADA अधिकारी पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है, जबकि ठाणे जिले में एक मां ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।
कांदिवली में महिला की आत्महत्या, MHADA अधिकारी पति पर FIR
राज्य की हाउसिंग एजेंसी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ उनकी पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है।
यह घटना मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित लोखंडवाला इलाके की है। 42 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम अपने फ्लैट में कथित तौर पर जान दे दी। मामले की जांच समता नगर पुलिस स्टेशन कर रही है।
भाई की शिकायत पर मामला दर्ज, सास भी नामजद
पुलिस के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति और सास यमाबाई काटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई है।
भाई का आरोप है कि महिला को दहेज को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
घटना से पहले डॉक्टर को किया था फोन
पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन महिला ने अपने फैमिली डॉक्टर को फोन कर बताया था कि परिवार के सदस्य उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद कॉल कट गया।
डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो उन्होंने महिला के मायके वालों को सूचना दी। पुणे से पहुंचे परिजनों ने फ्लैट पर पहुंचकर देखा कि महिला ने आत्महत्या कर ली थी।
इसी बीच, महाराष्ट्र के मुंबई से सटे ठाणे जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय महिला को अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
यह घटना शाहपुर तालुका के आसनोली गांव की है, जहां आरोपी महिला ने कथित तौर पर “फ्राइड चावल” में कीटनाशक मिलाकर अपनी 5, 8 और 10 साल की बेटियों को खिला दिया।
अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि
बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दो बच्चियों को मुंबई और एक को नाशिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 और 25 जुलाई को उनकी मौत हो गई।
शुरुआत में खिनावली पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर मां को तड़के 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
घरेलू विवाद और आर्थिक तंगी बनी वजह?
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला घरेलू समस्याओं से जूझ रही थी। पति के शराब पीने की आदत और अलगाव के बाद वह तीनों बेटियों की परवरिश अकेले कर रही थी।
प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. कांदिवली आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?
MHADA के डिप्टी रजिस्ट्रार और उनकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।
Q2. किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत।
Q3. ठाणे में मां ने क्या किया?
आरोप है कि मां ने अपनी तीन बेटियों को जहर देकर मार डाला।
Q4. बच्चियों की मौत कैसे हुई?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है।
Q5. क्या दोनों मामलों की जांच जारी है?
हां, पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।
February 17, 2026 arrives with a liminal resonance, a rare alignment where reflection, intuition, and deliberate action harmonize. Planetary currents favor thoughtful planning, subtle communication, and micro-adjustments that yield larger long-term benefits. Emotions may feel palimpsestic—layered with past impressions and current impulses—so observation is crucial. Suggestions for today: begin with a brief grounding or centering ritual, focus on one high-impact task rather than multitasking, and practice subtle discernment in communication. Today is a day for nuanced strategy—small, intentional choices resonate farther than bold, conspicuous moves.
Aries (Mar 21 – Apr 19)
Your natural drive is softened by subtle awareness. Opportunities for career advancement or creative recognition may appear indirect, requiring patience and careful listening. Emotional intelligence is more effective than assertiveness; reading undercurrents in social or professional interactions brings advantage. Tip: divide energy into structured, achievable steps rather than trying to push everything forward simultaneously; momentum builds quietly but steadily.
Taurus (Apr 20 – May 20)
Practicality and reflection intertwine. Today favors reassessment over accumulation, whether in financial, material, or relational spheres. Sensory pleasures are amplified, but mindful engagement enhances satisfaction and grounding. Tip: immerse yourself in tactile or sensory practices—gardening, cooking, or mindful touch improves clarity and emotional steadiness.
Gemini (May 21 – Jun 20)
Your intellect is vivid, but coherence is paramount. Conversations are rich with subtext; subtle cues carry vital information. Negotiations, teaching, or collaborative projects flourish under attentive observation rather than rapid responses. Tip: record fleeting insights through notes, diagrams, or voice memos to prevent cognitive dispersion and preserve clarity.
Cancer (Jun 21 – Jul 22)
Emotional depth is accessible and illuminating. Family, home, and personal history provide guidance if approached with care and reflection. Tenderness and empathy yield better outcomes than reactive emotions. Tip: spend quiet time in introspection or ritual; journaling, meditative walks, or creating a sacred space fosters integration.
Leo (Jul 23 – Aug 22)
Your charisma and leadership shine when paired with subtlety. Creative projects benefit from refinement and restraint, not embellishment. Influence is more effective when earned through authenticity than spectacle. Tip: simplify one ongoing project or endeavor; strategic restraint amplifies authority and impact.
Virgo (Aug 23 – Sep 22)
Efficiency and precision dominate your day. Workflows, routines, and health practices respond best to small, deliberate adjustments rather than drastic overhauls. Overcorrection risks energy depletion. Tip: select one process to optimize today; incremental improvement compounds over time without unnecessary strain.
Libra (Sep 23 – Oct 22)
Balance is cultivated through introspection and clear communication. Relationships benefit from honesty and thoughtful boundary-setting. Minor adjustments to environment or aesthetics enhance emotional equilibrium. Tip: harmonize your immediate surroundings; subtle environmental shifts influence both mood and productivity.
Scorpio (Oct 23 – Nov 21)
Intensity is tempered by reflection. Strategic observation and emotional discernment enhance influence. Opportunities emerge through patience and subtle timing rather than forceful intervention. Tip: withhold immediate reaction to emotionally charged situations; measured timing amplifies power and insight.
Sagittarius (Nov 22 – Dec 21)
Intellectual exploration is favored over impulsive activity. Philosophy, learning, and long-term visioning provide satisfaction. Deep engagement in one pursuit generates meaningful insight. Tip: focus on a single area of curiosity rather than dispersing attention; depth outperforms breadth today.
Capricorn (Dec 22 – Jan 19)
Purpose and structure align. Long-term projects advance through incremental progress and strategic delegation. Support may appear subtly—accept it gracefully without doubt. Tip: fortify one foundational task or responsibility; small adjustments create durable results over time.
Aquarius (Jan 20 – Feb 18)
Innovation and contemplation coexist. External input inspires, but solitary reflection refines ideas into actionable strategies. Systems, technology, and routines benefit from careful recalibration. Tip: retreat briefly from external stimuli to incubate insights; clarity is born from measured distance.
Pisces (Feb 19 – Mar 20)
Sensitivity is refined into discernment. Creative, spiritual, and relational endeavors are amplified, but boundaries are essential to maintain clarity. Subtle energies require careful navigation. Tip: ground intuition through ritualized or tactile practice; deliberate focus anchors perception and amplifies insight.
February 17, 2026 is a day of liminal resonance, where subtle strategy, observation, and patient action produce amplified results. From Aries to Pisces, celestial guidance favors nuanced adjustments, reflective awareness, and intentional choices over overt force. Carry today’s rare keywords—noctilucent clarity, palimpsestic emotion, liminal resonance, nuanced strategy—as reminders that the smallest acts of intention can ripple through your personal, professional, and relational spheres with lasting influence.
BMC RTE Admission 2026-27 प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू। मुंबई की 323 स्कूलों में 5,939 सीटें। RTE 25% ऑनलाइन फॉर्म, eligibility, last date 10 मार्च, जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए RTE 25% एडमिशन प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार मुंबई क्षेत्र की 323 स्कूलों में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आखिरी तारीख 10 मार्च 2026 रखी गई है।
क्या है RTE 25% एडमिशन स्कीम?
RTE यानी “बालकांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा अधिकार अधिनियम 2009” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी और बिना अनुदानित स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित दी जाती हैं। इन बच्चों को आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।
यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आती है जो महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं भर सकते।
मुंबई में कितनी स्कूलों में कितनी सीटें?
BMC क्षेत्र में इस साल:
महाराष्ट्र राज्य बोर्ड की 252 स्कूलों में – 4,558 सीटें
अन्य बोर्ड (CBSE/ICSE आदि) की 71 स्कूलों में – 1,381 सीटें
मुंबई के मालवणी अंबूजवाड़ी इलाके में झोपड़पट्टियों को तोड़ने का महाराष्ट्र शासन का नोटिस जारी। रहिवासियों में हड़कंप, पुनर्वसन और बेघर होने की चिंता तेज। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
मुंबई: मुंबई शहर के पश्चिमी उपनगर में स्थित मालवणी के अंबूजवाड़ी इलाके में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। महाराष्ट्र शासन की ओर से कथित तौर पर झोपड़पट्टियों को लेकर तोड़फोड़ (डेमोलिशन) का नोटिस जारी होने के बाद हजारों रहिवासियों की नींद उड़ गई है। नोटिस की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवारों को डर है कि कहीं अचानक बुलडोजर न पहुंच जाए और सालों की मेहनत से बसाया आशियाना पलभर में मलबा न बन जाए।
क्या है पूरा मामला?
अंबूजवाड़ी, जो लंबे समय से घनी आबादी वाला झोपड़पट्टी क्षेत्र माना जाता है, वहां के रहिवासियों को हाल ही में प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 15-20 साल से यहां रह रहे हैं। कई के पास बिजली-पानी के कनेक्शन, राशन कार्ड और वोटर आईडी भी हैं।
रहिवासियों का दावा है कि बिना ठोस पुनर्वसन योजना बताए तोड़फोड़ की कार्रवाई की बात की जा रही है। इसी वजह से लोगों में असमंजस और गुस्सा दोनों है।
बेघर होने का डर, बच्चों की पढ़ाई पर संकट
इलाके की महिलाओं और बुजुर्गों से बात करने पर साफ झलकता है कि सबसे ज्यादा चिंता “अब जाएंगे तो जाएंगे कहां?” की है।
कई बच्चे पास के स्कूलों में पढ़ते हैं
ज्यादातर पुरुष दिहाड़ी मजदूरी, ऑटो ड्राइविंग या छोटे कामधंधों से जुड़े हैं
महिलाएं घरों में काम करती हैं
अगर अचानक झोपड़ियां तोड़ी जाती हैं, तो इन परिवारों की रोज़ी-रोटी, बच्चों की पढ़ाई और इलाज सब पर असर पड़ेगा। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी “मालवणी झोपड़पट्टी डेमोलिशन” और “अंबूजवाड़ी पुनर्वसन” जैसे कीवर्ड तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में झोपड़पट्टी पुनर्वसन के लिए Slum Rehabilitation Authority (SRA) जैसी व्यवस्था मौजूद है। नियमों के तहत पात्र झोपड़पट्टीवासियों को वैकल्पिक घर देने का प्रावधान होता है, लेकिन हर केस में पात्रता, कट-ऑफ तारीख और दस्तावेज अहम भूमिका निभाते हैं।
अंबूजवाड़ी के कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह साफ नहीं बताया गया कि:
कौन पात्र माना जाएगा?
पुनर्वसन कहां होगा?
अस्थायी शिफ्टिंग की व्यवस्था क्या है?
इसी अनिश्चितता ने पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है।
प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर सस्पेंस
सूत्रों के अनुसार, यह जमीन सरकारी या आरक्षित श्रेणी में आ सकती है, जिसके चलते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले सर्वे, सुनवाई और पुनर्वसन की स्पष्ट योजना घोषित की जानी चाहिए। “मानवीय दृष्टिकोण” अपनाने की मांग लगातार उठ रही है।
राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज
मुंबई में जब भी झोपड़पट्टी हटाने का मुद्दा उठता है, तो वह केवल प्रशासनिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि राजनीतिक रूप भी ले लेता है। मालवणी जैसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले क्षेत्र में तोड़फोड़ की आशंका ने स्थानीय नेताओं की सक्रियता भी बढ़ा दी है।
कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:
बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कोई बुलडोजर न चले
सभी रहिवासियों की सूची सार्वजनिक की जाए
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा मुद्दा
“Malvani demolition notice”, “Ambujwadi slum Mumbai”, “Malvani slum rehabilitation” जैसे सर्च टर्म गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में नोटिस की कॉपियां और वीडियो शेयर हो रहे हैं। लोगों में भ्रम भी है और डर भी।
आगे क्या?
फिलहाल रहिवासी प्रशासन से औपचारिक बैठक और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पुनर्वसन योजना स्पष्ट और पारदर्शी हो, तो वे सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन अचानक की गई कार्रवाई उन्हें मंजूर नहीं।
मुंबई जैसे महानगर में झोपड़पट्टी का मुद्दा केवल अवैध कब्जे का सवाल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा विषय है। अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या मालवणी अंबूजवाड़ी में झोपड़पट्टियां तोड़ी जाएंगी? अभी नोटिस जारी होने की खबर है, लेकिन अंतिम कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है।
Q2. क्या रहिवासियों को पुनर्वसन मिलेगा? यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो SRA या अन्य सरकारी योजना के तहत पुनर्वसन मिल सकता है।
Q3. कितने परिवार प्रभावित हो सकते हैं? स्थानीय अनुमान के मुताबिक बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि सटीक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।
Q4. क्या कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है? हाँ, यदि रहिवासी चाहें तो कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं।
मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क में चलने वाली ‘वनरानी’ टॉय ट्रेन को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। सिर्फ एक महीने में 9,000 पर्यटकों ने सफर किया और 7.50 लाख रुपये की कमाई हुई। जानिए टाइमिंग, टिकट और खास बातें।
मुंबई: शहर के लोगों की पसंदीदा हरियाली वाली जगह संजय गांधी नेशनल पार्क एक बार फिर सुर्खियों में है। पार्क के अंदर चलने वाली मशहूर ‘वनरानी’ टॉय ट्रेन को लोगों ने जबरदस्त रिस्पॉन्स दिया है। पार्क प्रशासन के मुताबिक, दोबारा शुरू होने के बाद महज एक महीने में करीब 9,000 पर्यटकों ने वनरानी का सफर किया, जिससे लगभग 7.50 लाख रुपये का राजस्व हासिल हुआ है।
🌿 क्या है ‘वनरानी’ और क्यों है खास?
‘वनरानी’ दरअसल एक मिनी टॉय ट्रेन है, जो नेशनल पार्क के घने जंगलों और हरियाली के बीच से होकर गुजरती है। यह ट्रेन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए खास आकर्षण का केंद्र है।
करीब 20 से 25 मिनट की इस सवारी में सैलानी जंगल के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं। शहर की भीड़-भाड़ और ट्रैफिक से दूर, यह सफर मुंबई में ही “मिनी हिल स्टेशन” जैसा अनुभव देता है।
📈 1 महीने में 9,000 विज़िटर, 7.50 लाख की कमाई
पार्क प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, वनरानी के दोबारा शुरू होने के बाद से लगातार भीड़ बढ़ रही है।
कुल सैलानी: लगभग 9,000
कुल आय: ₹7,50,000
औसतन रोज़ाना यात्रियों की संख्या: 250-300
वीकेंड और पब्लिक हॉलिडे पर तो टिकट के लिए लंबी लाइनें देखी गईं। खासकर परिवार और स्कूल ग्रुप्स की संख्या ज्यादा रही।
मुंबई में बच्चों के लिए आउटडोर एक्टिविटी की जगहें कम होती जा रही हैं। ऐसे में वनरानी एक बेहतरीन फैमिली डेस्टिनेशन बनकर उभरी है।
बच्चों के लिए सुरक्षित सवारी
बुजुर्गों के लिए आरामदायक सीटिंग
प्रकृति से जुड़ने का मौका
इंस्टाग्राम और रील्स के लिए परफेक्ट स्पॉट
सोशल मीडिया पर भी “Vanrani Mumbai” और “SGNP Toy Train” जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।
🕒 टाइमिंग और टिकट की जानकारी
वनरानी की सवारी आमतौर पर सुबह से शाम तक निर्धारित समय पर उपलब्ध रहती है।
संभावित जानकारी (परिवर्तन संभव):
टिकट काउंटर: पार्क के मुख्य गेट के पास
टिकट रेट: बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग
वीकेंड पर एडवांस में पहुंचना बेहतर
पार्क प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और मेंटेनेंस को ध्यान में रखते हुए ट्रेन का संचालन नियमित जांच के बाद ही किया जाता है।
🌳 क्यों बढ़ रही है नेशनल पार्क की लोकप्रियता?
मुंबई में प्रदूषण और कंक्रीट के जंगल के बीच संजय गांधी नेशनल पार्क एक बड़ी राहत है। यहां कन्हेरी गुफाएं, सफारी, ट्रेकिंग ट्रेल और अब फिर से चलती वनरानी—इन सबने इसे “Best Weekend Getaway in Mumbai” बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह रिस्पॉन्स मिलता रहा तो आने वाले महीनों में विज़िटर संख्या और बढ़ सकती है।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. वनरानी कहां चलती है? वनरानी मुंबई के संजय गांधी नेशनल पार्क के अंदर चलती है।
Q2. एक महीने में कितने लोगों ने सफर किया? करीब 9,000 पर्यटकों ने सवारी की।
Q3. वनरानी से कितनी कमाई हुई? लगभग 7.50 लाख रुपये का राजस्व मिला।
Q4. क्या यह बच्चों के लिए सुरक्षित है? हाँ, यह पूरी तरह से सुरक्षित और फैमिली फ्रेंडली सवारी मानी जाती है।
Q5. टिकट कहां से मिलता है? पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार पर टिकट काउंटर से।
कांदिवली वेस्ट के चारकोप में मनसे नेता विश्वास मोरे, किशोर दलवी, अशोक मंडल, पांडुरंग देसाई, राजेंद्र धनेकर सहित 15 लोगों पर मारपीट और 10 लाख की हफ्ता वसूली का मामला दर्ज। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने FIR 60/2026 के तहत कार्रवाई शुरू की।
मुंबई: कांदिवली वेस्ट स्थित चारकोप सेक्टर 8 में कथित गुंडागर्दी और हफ्ता वसूली का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता विश्वास मोरे और शिवसेना के नेता किशोर दलवी सहित 15 लोगों पर मारपीट और 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली मांगने का केस दर्ज हुआ है। मामला चारकोप पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्रमांक 60/2026 के तहत दर्ज किया गया है।
📹 वायरल वीडियो से खुला मामला
13 फरवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग एक कंस्ट्रक्शन साइट के अंदर घुसकर वॉचमैन और कर्मचारियों से बहस और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना कांदिवली वेस्ट के चारकोप सेक्टर 8 स्थित जायसवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के कंपाउंड की है।
कंस्ट्रक्शन कारोबारी बंश बहादुर जायसवाल और उनके बेटे मुकेश जायसवाल ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली की मांग की।
शिकायत के अनुसार, पैसे न देने पर काम रुकवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने मारपीट और हफ्ता वसूली जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
📝 एफआईआर 60/2026 के तहत केस दर्ज
चारकोप पुलिस ने 15 फरवरी को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की।
इस केस में विश्वास मोरे, किशोर दलवी, अशोक मंडल, पांडुरंग देसाई, राजेंद्र धनेकर सहित अन्य 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
👮 क्या होगी आगे की कार्रवाई?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
राजनीतिक नेताओं के नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है।
📍 कांदिवली-चारकोप में बढ़ते हफ्ता वसूली के मामले?
स्थानीय व्यापारियों और बिल्डरों का कहना है कि इलाके में पहले भी वसूली के आरोप सामने आते रहे हैं। इस घटना के बाद “Mumbai Extortion Case” और “Kandivali Hafta Vasooli” जैसे कीवर्ड सोशल मीडिया और गूगल सर्च में ट्रेंड कर रहे हैं।
❓ FAQ Section
1. चारकोप में किस मामले में केस दर्ज हुआ?
मारपीट और 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ है।
2. किन नेताओं के नाम एफआईआर में हैं?
मनसे नेता विश्वास मोरे और शिवसेना नेता किशोर दलवी समेत 15 लोगों के नाम शामिल हैं।
3. एफआईआर कब दर्ज हुई?
15 फरवरी को एफआईआर क्रमांक 60/2026 दर्ज की गई।
4. मामला कैसे सामने आया?
13 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मामला सुर्खियों में आया।