महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस का खुद को पीए बताकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
इस्माईल शेख मुंबई- शनिवार 23 मार्च, महाराष्ट्र राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेन्द्र फडणवीस का पीए बताकर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान सुहास महाडिक और किरण पाटिल के रूप में हुई है। मामले की तहकीकात मरीन ड्राइव पुलिस कर रही है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुहास महाडिक और किरण पाटिल ने खुद को गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस का पीए बताकर Mumbai की एक सोसाइटी का मामला सुलझाने का प्रयास किया और इसको लेकर फडणवीस के नाम पर 15 लाख वसूले थे। लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो पीड़ित ने शनिवार को इन दोनों के विरुद्ध मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 419, 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज ही गिरफ्तार कर लिया है। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अमृता फडणवीस की फाइल तस्वीर
आप को जानकारी देते हुए बताया, कि इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम पर धोखाधड़ी करने को लेकर पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। इतना ही नहीं देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से भी रंगदारी मांगने का प्रयास किया गया था। जिसको लेकर पुलिस ने आरोपित पति-पत्नी को गिरफ्तार किया था। (Maharashtra Deputy Chief minister devendra fadnavis News)
बताया जाता है कि मार खाने के बाद से मालाड़ BMC मालवनी का चाईना मुकादम इमानदार हो गया है। वार्ड क्रमांक 33 में 8 जगहों पर दिन दहाड़े अवैध निर्माण।
इस्माईल शेख मुंबई– मालाड़ पश्चिम के मालवनी इलाके में अवैध निर्माणों की भरमार हो रही है। मलबे में दबकर लोगों की मौत के बाद भी यहां अवैध निर्माण को बे-रोक-टोक अंजाम दिया जा रहा है। खास कर वार्ड क्रमांक 33 में 7 जगहों पर खाली पड़ी भूखंड पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही रिझवान कंपाउंड के ग्राउंड प्लस एक के अवैध निर्माण की लगातार शिकायतों के बाद भी मनपा सहायक अभियंता सागर राणे की ड्यूटी नकारात्मक साबित हो रही है।
बताया जाता है कि मालवनी वार्ड क्रमांक 33 का मनपा चाईना मुकादम इस्तेखार और राधे यादव इन अवैध बांधकामों को पैसे लेकर संरक्षण देने का काम कर रहे हैं। खबर के मुताबिक चाईना मुकादम इस्तेखार एक अवैध निर्माण की मनपा कर्मचारियों द्वारा तोड़क कार्रवाई में मार खाने के बाद से इमानदार हो गया है। यहां पैसे लेकर अवैध बांधकाम को संरक्षण देने का वादा किया गया था। लेकिन मनपा अधिकारियों को पैसे नहीं पहुंचाने की वजह से तोड़क दस्ते ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने सरे आम इस्तेखार को पिटना शुरू कर दिया।
मालवनी वार्ड क्रमांक 33 आज़मी नगर संत. मेथ्यूस इंग्लिश स्कूल के पास लगभग 3 हज़ार स्क्वायर फीट की रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर महबूब द्वारा व्यवसायिक गाले का अवैध निर्माण किया जा रहा है। वहीं खारोडी इलाके के हनुमान मंदिर के पास अदालत कंपाउंड की रिक्त भूखंड पर लगभग 4 हज़ार स्क्वायर फीट में अवैध निर्माण का बांधकाम अवैध कॉन्ट्रैक्टर अदालत द्वारा किया जा रहा है। वहीं खारोडी के काल भैरव मंदिर और गावदेवी मंदिर के पीछे, साई श्रद्धा सोसायटी, फैय्याज की गली में रिक्त भूखंड पर कॉन्ट्रैक्टर बबलू वेल्डर द्वारा ग्राउंड प्लस दो के 2 रूमों का अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कॉन्ट्रैक्टर विजय जगताप द्वारा राठोडी के ‘अंबेवाडी रहिवासी वेल्फेयर सोसायटी’ में रिक्त भूखंड पर एक अवैध रुम का अवैध बांधकाम कर रहा है। वहीं राठोडी गांव के ओमजी कंपाउंड 16 फिट रोड़ पर पूर्णिमा इलेक्ट्रॉनिक्स के सामने कॉन्ट्रैक्टर ख़ैरियत अली द्वारा एनडी जोन वाली लगभग 600 स्क्वायर फीट जमीन पर 3 रूमों का अवैध बांधकाम कर रहा है। इसके साथ ही राठोडी गांव स्थित ओमजी रिझवान कंपाउंड के ‘ओम विनायक वेलफेयर सोसायटी’ में ग्राउंड प्लस एक महले का अवैध निर्माण किया जा रहा है।
मालाड़ पी/उत्तर विभाग के दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल की अवैध निर्माण के साथ फाइल तस्वीर
एक नही दो-दो चाईना मुकादम ..
बता दें कि यह सारे अवैध निर्माण मनपा पी/उत्तर विभाग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 33 में बे-रोक-टोक चाईना मुकादम के अंडरगाईडेंस में किया जा रहा है। मनपा पी/उत्तर विभाग, इमारत बांधकाम विभाग के सहायक अभियंता सागर राणे से लगातार इन अवैध निर्माणों के खिलाफ शिकायतें की जा रही है। वार्ड के मनपा दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल और मुकादम हेनराय गोनसल्वीस रिश्वत खोरी के दाग से बचने के लिए, निजी स्तर पर वार्ड मे इस्तेखार और राधे यादव को चाईना मुकादम के तौर पर नियुक्त किया है। आप को यह भी बता दें कि अवैध निर्माण के इस लेन देन में लाखों रुपयों का खेल चलता है। कभी पकड़े गए तो सरकारी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। लेकिन वार्ड में नियुक्त ये दोनों चाईना मुकादम मनपा सहायक अभियंता सागर राणे और दुय्यम अभियंता रंजित पाटिल के साथ- साथ वार्ड के मुकादम हेनराय गोनसल्वीस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।
अवैध निर्माण की शुरूआत से पूरा होने तक यहां मनपा के अधिकारी पैसों को हाथ तक नहीं लगाते, सारा लेन देन इन चाईना मुकादमों द्वारा अवैध निर्माणकर्ताओं और मकान मालिकों से किया जाता है। कुछ हफ़्तों बाद जब मामला सलट जाता है। तब, मनपा अधिकारियों द्वारा इन मुकादमों से पूराने पैसों की डिमांड की जाती है। इससे भ्रष्टाचार में उनके फसने का खतरा कम हो जाता है। ऐसे ही एक मामले में इस्तेखार द्वारा पैसे गबन किए जाने के बाद पूर्व मनपा अधिकारियों ने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इससे गुस्साए पीड़ितों ने प्रशासन के सामने ही चाईना मुकादम की पिटाई कर दी। लेकिन इस घटना के बाद से इस्तेखार सुधार चुका है। मनपा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्वत के पैसे अपने बैंक के खातों मे संभाल कर रखता है और समय पर पेमेंट पूरा भी करता है। इसीलिए इस्तेखार और राधे यादव द्वारा संरक्षित अवैध निर्माणों पर तोड़क कार्रवाई नही होती।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने जारी किया शोकाज नोटिस।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड पश्चिम के मालवानी इलाके में एक सेप्टिक टैंक में 18 वर्षीय सूरज केवट और 20 वर्षीय बिकास केवट नामक दो सफाई कर्मचारियों की जान चली जाने के एक दिन बाद, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित टैंक को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए उसमें उतरे थे। मनपा (BMC) ने टैंक से जुड़े सार्वजनिक शौचालय की देखरेख और रखरखाव में शामिल निजी एजेंसियों को भी कारण बताओ नोटिस भेजा है।
भारतीय हाथ से मैला ढोना (manual scavenging) 2013 में पारित अधिनियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति या एजेंसी किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के लिए नियुक्त नहीं कर सकती है। कोई भी व्यक्ति या एजेंसी जो एमएस अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन करके किसी भी व्यक्ति को हाथ से मैला ढोने के काम में लगाती है, वह अधिनियम की धारा 8 के तहत दंडनीय है।
मालाड़ मे दो की मौत ..
गुरुवार की शाम, 18 वर्षीय सूरज केवट, 20 वर्षीय बिकास केवट और 45 वर्षीय रामलगन केवट तीन व्यक्ति टैंक से जुड़े सेप्टिक टैंक में घुस गए थे। ये तीनों शौचालय के रखरखाव के लिए ज़िम्मेदार निजी एजेंसी द्वारा नियुक्त सफ़ाई कर्मचारी थे। टैंक में गिरे तीन लोगों में से सूरज और बिकास की मौत हो गई। मनपा (BMC) अधिकारियों ने कहा कि शौचालय का निर्माण 2018 में किया गया था और रखरखाव के लिए इसे एक स्थानीय एजेंसी को सौंप दिया गया था।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की रिपोर्ट के मुताबिक, “तीन लोग सार्वजनिक शौचालय में काम कर रहे थे और शौचालय को मैन्युअल रूप से साफ करने के लिए सेप्टिक टैंक परिसर में प्रवेश किया था। सेप्टिक टैंक के अंदर अप्रिय गैसों की होने के कारण, तीन लोगों का दम घुट गया और वे बेहोश पाए गए। उन्हें सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और शताब्दी अस्पताल में ले जाया गया।” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि परिसर का निरीक्षण करते समय अधिकारियों को जहरीली गंध महसूस हुई और टैंक का ढक्कन खुला पाया गया, जिससे यह अनुमान हुआ कि तीनों पीड़ित इसे साफ करने के लिए टैंक में उतरे होंगे। रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है, कि “चेंबर के बगल में नायलॉन की मोटी रस्सी देखी गई थी जिसका इस्तेमाल पीड़ितों ने टैंक में प्रवेश करने के लिए किया होगा।”
मालाड़ मनपा पी/उत्तर विभाग की फाइल तस्वीर
मनपा पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघवकर ने शुक्रवार को इंडियन फास्ट्रैक को जानकारी देते हुए कहा, कि “मालवणी पुलिस स्टेशन को भी कारण बताओ नोटिस के बारे में सूचित किया गया है। हमने उस एजेंसी को नोटिस जारी किया है जो शौचालय की देखभाल कर रही थी। हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं और अगर हमें उनका जवाब असंतोषजनक लगता है, तो हम पुलिस विभाग में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फिलहाल हमने उन्हें अपनी पूछताछ के बारे में सचेत कर दिया है।”
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घटना गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे की है। जिस सीवर में पीड़ित गिरे थे वह 15 फीट गहरा था और स्थानीय निवासियों और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने पीड़ितों को बाहर निकाला और कांदीवली पश्चिम के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने सूरज केवट और बिकास केवट मृत घोषित कर दिया रामलगन केवट का इलाज चल रहा है। जिसकी स्थिति अब समान्य है।
वसई के तीन मंजिला जुगार के अड्डे पर क्राईम ब्रांच पुलिस ने रेड में कैश पैसों के साथ 53 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन इसके बाद से पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने का शुरू हो गया है षडयंत। Vasai Gambling News impact
विशेष संवाददाता पालघर- वसई (पश्चिम), एसटी बस डिपो के सामने, ऋषिकेश वेज होटल के पीछे, राजीव गांधी स्कूल और अंजलि बार के पास, हरिओम चेंबर नामक तीन मंजिला इमारत पूरा जुगार का अड्डा बना कर विवेक कुबल लोगों को लत लगाकर जुगार के साथ पैसों की लूट करने का कारोबार कर रहा था। इसकी लिखित शिकायत और “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर के आदेश पर क्राईम ब्रांच के अधिकारियों ने रेड कर कुल 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन पत्रकार के इस सराहनीय कार्य के बाद से उन्हीं आरोपियों द्वारा पैसों की लालच देकर कॉल किया जा रहा है। शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे में फंसाने का भय सताने लगा है। इसको लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत पर स्थानीय पुलिस उपायुक्त को जांच के आदेश दिए गए है। (Vasai Gambling News Impact)
क्राईम ब्रांच की रेड .. News Impact…
महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंध क़ानून 1887 में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान होने के बावजूद माणिकपूर पुलिस का तीन मंजिला इस जुगार के अड्डे पर कार्यवाही का नहीं करना। पुलिस की नाकामी का सबूत पेश करती है। लेकिन “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” की रिपोर्ट प्रकाशित होते ही कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे ने क्राईम ब्रांच को आदेश देकर रेड करवा दिया है।
क्राईम ब्रांच के पुलिस अधिकारियों ने 19 मार्च 2024 को रेड कर स्थानीय माणिकपूर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 0198/2024 में महाराष्ट्र जुगार प्रातिबंध अधिनियम 1887 अंतर्गत धारा 4(a) 5 के तहत आरोपी सत्तार पठाण, रमेश माहाडीक, मुसानंद चौहान, महेंद्र शाहु के साथ कुल 53 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जब कि जुगार माफिया विवेक कुबल और सुसील चौहान मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
जुगार अड्डे के मालिक विवेक कुबल की फाइल तस्वीर
इस घटना में गिरफ्तारी और जमानत पर रिहा होने के बाद से ही आरोपियों द्वारा “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” के रिपोर्ट आसिफ अंसारी को फोन पर कभी पैसों का प्रलोभन तो कभी धमकियां देने लगे हैं। इसको लेकर फिर एक बार पत्रकार ने पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे से शिकायत कर कार्यवाही के लिए मदद मांगी है। शिकायत को लेकर परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले को जांच के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर आरोपियों को पुलिस द्वारा दिए जाने की जानकारी मिल रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस जुगार का अड्डा मालिक विवेक कुबल को क्राईम ब्रांच पुलिस की रेड से पहले ही सूचना मिल गई थी। कुबल ताबड़तोड़ अड्डे से फरार हो गया। सूचना देने वाला माणिकपुर पुलिस से जुड़ा होने की भी जानकारियां प्राप्त हो रही है। बताया जाता है कि पुलिस विभाग को हफ्ता देकर कुबल जुगार का अड्डा चलाया करता था। जो पुलिस की रेड के बाद कुबल के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
Electoral Bond ADR Report
सुरेंद्र राय मुंबई: अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)
चंदा देश में गंदा काम ..
चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)
एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)
किसने कितना दिया चंदा ?
चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)
Electoral Bond ADR Report
चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)
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टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)
सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)
अपने गुंडो के मदद से कर रही है सरकारी भूखंडों पर मिट्टी की अवैध भरनी..
मैंग्रोवस का कर रहे हैं खात्मा .. हो रहा है पर्यावरण को नुकसान..
सुरेंद्र राय मुंबई: दहिसर पश्चिम आर.टी.ओ. ऑफिस के पास, फायर ब्रिगेड की गली, श्मशान भूमि के सामने के खाली पड़े क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर मिट्टी की भरनी करने का कार्य अवांछित तत्वों द्वारा गुंडागर्दी पूर्ण तरीके से किया जा रहा है। इन खाली पड़े सरकारी भूखंडों पर पर्यावरण संतुलित करने वाले मैंग्रोज के वृक्षों को काटकर गिराने व उसके ऊपर मिट्टी डालकर अवैध भरनी किए जाने का कार्य एक आपराधिक कार्यों को अंजाम देने वाला गिरोह बे-खटके कर रहा है। किंतु, मनपा आर/उत्तर विभाग के अधिकारी कर्मचारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
दहिसर में दहशत गर्दी का माहौल
बताया जा रहा है, कि अवैध भरनी करने वाले गिरोह में संगीता विनोद नायर, अनूप नायर, प्रशांत पवार उर्फ बबली पवार एवं कुछ अज्ञात गुंडे शामिल है, जो आसपास के आम नागरिकों के भरनी के बाबत पूछने पर उन्हें डराते धमकाते हैं तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। उक्त तीनों ही बहुत शातिर है। तथा उन पर कुछ पुलिस थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। यही कारण है, कि उनके द्वारा की जाने वाली अवैध भरनी व भूखंडों पर अतिक्रमण के विरुद्ध लोग शिकायत करने से घबराते हैं।
बता दें, कि उक्त भरनी गैंग की प्रमुख लीडर संगीता विनोद नायर का पति वर्ष 2019 में परेल के एक ज्वेलर्स अशोक सकरिया से चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पास 55 लाख के स्वर्ण भूषणों की लूट मामले का मुख्य आरोपी है। जिसकी धौंस जमाकर संगीता विनोद नायर दहशत फैलाती है और अपने अवैध कार्यों को अंजाम देती है। वह कुख्यात लुटेरे अयूब अलीमुद्दीन चिकना की दूसरी बीवी है। उसके नाम पर काला चौकी पुलिस थाने में सी आर नंबर 70/ 2019 का मामला दर्ज है।
अवैध भर्नी के साथ संगीता शशि नायर और उसके गुर्गों की तस्वीर
इसी तरह अनूप नायर पर भी दहिसर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। प्रशांत पवार उर्फ बबली पवार पर कई अपराधिक मामले दर्ज है। उसे तडीपार भी किया गया है, किंतु उसने अपनी तड़ीपरी पर स्टे हासिल कर लिया है। हाल ही में बबली पवार द्वारा महिला पत्रकार नीलम चौहान को धमकाने व अपशब्द के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। घटना के समय उक्त महिला पत्रकार बबली पवार द्वारा कराई जाने वाली अवैध भरनी की रिपोर्टिंग के लिए वीडियो बना रही थी।
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समाचार यह है कि पत्रकारों और शिकायतकर्ताओं को अपशब्दों द्वारा जानलेवा धमकियां देने और दिलाने वाली संगीता विनोद नायर के गिरोह द्वारा कराई जाने वाली अवैध भरनी के विरुद्ध मनपा आर/ उत्तर के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जो कानून अपराध है। इसके साथ ही, ना तो महसूल विभाग भरनी की जाने वाली मिट्टी की रॉयल्टी वसूल रही है।
स्थानीय जनों ने उच्च पुलिस अधिकारियों से अपील की है, कि उक्त संगीता विनोद नायर और उसके गिरोह की दहशत के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करें, ताकि संगीता विनोद नायर व उसके गिरोह की दहशत पर समय रहते रोक लग सकें। अन्यथा पर्यावरण को क्षति तो पहुंचेगी साथ ही संगीता और उसके गिरोह की इलाके में दहशत और बढ़ जाएगी।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर रेडियो रिमोट यूनिट चोरी के 63 मामलों का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में दिल्ली और युपी से कुल 15 लोगों को किया गिरफ्तार।
मोबाइल टावर के साथ ये गिरोह जो करता था, उससे इमरजेंसी सेवाएं ही हो जाती थी बंद।
मोबाइल टावर टेक्नीशियन ही निकले चोर।
कम समय में आसानी से मोटी रकम कमाने का लालच।
विशेष संवाददाता नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों को चुराने वाले बड़े गैंग का भांडाफोड़ किया है। मामले से जुड़े दो गैंग के लीडर और उनके 13 साथियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में नामी टेली कम्युनिकेशन कंपनी में काम करने वाले मोबाइल टॉवर टेक्नीशियन और स्क्रैप डीलर शामिल हैं। ये गैंग अब तक 250 से ज्यादा चोरियां कर चुके हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने 33 आरआरयू, 20 बीबीयू, 15 जियो की पावर बैटरी, 20 बंडल केबल, 2 आरएसपी, रेडियो यूनिट समेत डेढ़ करोड़ से ज्यादा के मोबाइल टावर उपकरण बरामद किए हैं।
मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों की चोरी ..
टावरों के इन महत्वपूर्ण पार्ट्स के चोरी होने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को कॉल नहीं जाती थी, जिसकी वजह से टावर के आसपास के लोगों को परेशानी होती थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी के 63 मामलों का खुलासा किया गया। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की गिरफ़्तारी से कुल 33 RRU (बहुत महंगी कीमत की रेडियो रिमोट यूनिट), 20 BBU, 15 JIO बैटरी, दो RSP कार्ड, 12 हाई-टेक हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर उपकरण और 20 बंडल टावर केबल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में दर्ज चोरी के 17 मामलों का भी खुलासा हुआ है। अपराध में शामिल एक फोर्ड फिगो कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई है।
एयरटेल ने की थी शिकायत
दरअसल एयरटेल के राष्ट्रीय नोडल अधिकारी ने देश के अलग अलग हिस्सों में स्थापित मोबाइल टावरों से बड़ी संख्या में आरआरयू, बीबीयू और उससे संबंधित सामान चोरी होने की सूचना दी थी। इन महंगे पार्ट्स की चोरी से ग्राहकों को कॉल करने और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करने में परेशानी हो रही थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस केस में 2 लोग नाजिम और सलमान इस गैंग को ऑपरेट कर रहे थे।
पता चला कि वे अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोगों से चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू खरीदत कर उन्हें दिल्ली के रोहिणी स्थित अपने गोदाम में छिपा देते थे। इसके बाद वे इन सामानों को ऊंचे दामों पर दूसरे लोगों को बेच देते थे।
क्राइम ब्रांच टीम के इंस्पेक्टर शिवराज बिष्ट को सूचना मिली थी, कि सनी राजपूत नाम का एक शख्स मोबाइल टावर से चुराए गए RRU पार्ट्स लेकर उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर आने वाला है। जिसके बाद डीसीपी अमित गोयल और एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में टीम बनाकर पुलिस का जाल बिछाया गया। इस धरपकड़ में सनी और सलमान को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ के बाद सलमान की रोहिणी स्थित दुकान पर छापा मारा गया, जहां से चोरी के कई महंगे मोबाईल टावर के पार्ट्स बरामद हुए।
यूपी से भी हुई गिरफ्तारी
फिर सलमान से पूछताछ में नाजिम नाम के युवक को यूपी के मुजफ्फरनगर से हिरासत में लिया गया, जो एक भंगार खरीदने और बेचने वालि डीलर था। जांच के दौरान आरोपी नाजिम ने खुलासा किया कि वह चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू नदीम और इजहार और उसके भाई मोहम्मद नईम को बेचता था। इसके अलावा नाजिम की गवाही पर मोहम्मद नईम को मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया गया और आरोपी मोहम्मद नईम की गवाही पर 6 आरआरयू और 12 बीबीयू और JIO कंपनी की 5 बैटरियां बरामद की गईं।
पूछताछ के दौरान आरोपी सनी राजपूत ने खुलासा किया कि वह एयरटेल कंपनी का कर्मचारी है और आरआरयू और बीबीयू को इंस्टॉल और अनइंस्टॉल करने में माहिर है। वह अपने अन्य कर्मचारियों महेंद्र, मोरपाल, इरफान के साथ मिलकर दिल्ली में अलग अलग मोबाइल नेटवर्क टावरों पर लगे लाइन केबल के साथ-साथ आरआरयू/बीबीयू की चोरी करता था, ताकि आसानी से और मोटी रकम कमा सके।
3 लाख की सुपारी लेकर एक वृद्ध की हत्या कर, मृत देह को जलाकर नष्ट कर महाराष्ट्र के नंदुरबार से फरार 4 आरोपियों को मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 11 के अधिकारियों ने गोराई से किया गिरफ्तार।
इस्माईल शेख मुंबई- एक 65 वर्षीय वृद्ध राजेंद्र उत्तमराव मराठे की आपसी पुरानी रंजिश के चलते उसके 35 वर्षीय जमाई गोविंद सुरेश सोनार ने 3 लाख की सुपारी देकर हत्या करवा दी। आरोपियों ने वृद्ध की हत्या कर मृत देह को जलाकर नष्ट कर दिया। जिसके खिलाफ नंदुरबार जिले के शहादा पुलिस ने गु.र.क्र.229/24 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है। फरार आरोपियों को मुंबई के गोराई के पेप्सी ग्राउंड से कांदीवली क्राईम ब्रांच युनिट 11 की टीम ने गिरफ्तार की है।
फरार आरोपियों के मुंबई मे होने की जानकारी नंदुरबार पुलिस ने दी। सुपारी किलर सभी आरोपी कम उम्र के है। जिमसे एक 16 वर्षीय और 17 वर्षीय युवक के अलावा 25 वर्षीय निलेश बच्चू पाटिल और 19 वर्षीय लकी किशोर बिरारे के रूप मे पहचान की गई है।इसकी जानकारी मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 11 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनायक चौहान ने देते हुए बताया, कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से हत्या की सुपारी के बाकी रकम 45 हज़ार 330 रुपये कैश और 5 मोबाइल फोन बरामद हुआ है। मोबाइल फोन में हत्या और जलाकर सबूत नष्ट करने का पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले कर गिरफ्तार आरोपियों सहित नंदुरबार पुलिस के हवाले कर दिया है।
अंडरवर्ल्ड के लोगों के साथ कनेक्शन बनाकर हफ्ता वसूली करने वाले बाप बेटे और उनके गैंग का, खुलासे के बाद से मालवनी के लोगों को कानून व्यवस्था पर फिर से यकीन होने लगा है। पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है ..
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड़ (पश्चिम), मालवनी, प्लॉट नंबर 3, बीएमसी कॉलोनी, अब्दुल हमीद रोड़, रुम नंबर 583 मैं हफ्ता वसूली का कार्यालय चलाने वाले जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम और उसके दो बेटे अमीर अली सय्यद, उमेर सय्यद के साथ इनकी गैंग में शामिल साथियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अंडरवर्ल्ड के लिए हफ्ता वसूली में मकोका के तहत गिरफ्तार सलीम फ्रुट और अमजद रेडकर के लिए ये लोग काम किया करते थे। दहशत के कारण पीड़ित पुलिस तक नहीं पहुंच पाते थे। (Mumbai Malvani police Station Crime News)
अंडरवर्ल्ड का मालवनी कनेक्शन ..
सूत्र बताते हैं, कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के करीबी छोटा शकील के रिश्तेदार सलीम फ्रुट और अमजद रेडकर के गिरफ्तारी के बाद से इनकी कमर टूट चुकी थी। लेकिन मालवनी इलाके में अपना साम्राज्य कायम रखने के लिए ज़ाकिर डॉट कॉम ने अपने दोनों लड़को को साथ लेकर एक गैंग तैय्यार कर लिया। इस गैंग मे इलाके के कुछ बेरोजगार लुक्खों को भी शामिल कर लिया। ये गैंग, लोगों को कभी धारदार हथियार के बल पर तो कभी नाबालिग बच्चों और महिलाओं से झूठे पुलिस मुकदमे में फंसाना और डरा धमका कर हफ्ता वसूली करने का कारोबार करते थे। (Mumbai Malvani police Station Crime News)
बताया जाता है, कि पुलिस की मुखबिरी जाकिर का मुख्य पेशा था। इसलिए भी लोग जाकिर और उसके लुक्खों से डरते थे। लेकिन मालवनी पुलिस थाने के नए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव के आते ही, लोगों में न्याय पाने की अपेक्षा जागी और लगातार ज़ाकिर डॉट कॉम और उसके गैंग के खिलाफ शिकायतें सामने आने लगी। (Mumbai Malvani police Station Crime News)
ताज़ा मामले के मुताबिक, 37 वर्षीय हारुन ऊमर शेख के घर में घुस कर अमीर जाकिर सैय्यद और उसके तीन साथियों ने फरियादी को लात घूंसों से पिटा और कहा कि “शाम तक अब्बा से मिलने ऑफिस पर आ जा नहीं तो इधरिच काट डालूंगा।” इलाके के लोगों से पता करने के बाद फरियादी जब जाकिर के ऑफिस पहुंचा तो वहां ज़ाकिर ने कॉलर पकड़ कर तीन-चार झापड़ जड़ दिए। ज़ाकिर ने फरियादी का घर हड़पने के लिए हारुन के परिवार को बंदी बनाकर हारुन को वकील के पास ज़ाकिर अपने मन मुताबिक कोर्ट के पेपर तैयार करने पर बाध्य किया। ऐसा नहीं करने पर ज़ाकिर के लड़कों द्वारा पूरे परिवार को काट डालने की धमकी दी। (Mumbai Malvani police Station Crime News)
गोरेगांव पूर्व के दिंडोशी में झूठा मुकदमा पेश कर, वहां जबरन जाकिर के नाम बनाए गए मकान के पेपर पेश कर याचिका वापस लिया गया। यह सारा खेल हरून के परिवार को बंदी बनाकर किया गया। फरियादी ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने परिवार को बंदी बनाने के साथ उसके बीवी और बच्चियों पर हाथ भी उठाया। साथ ही ऐसा नहीं करने पर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के झूठे पुलिस मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी गई। आखिरकार जाकिर और उसकी गैंग ने हरून का मकान ज़बरन खाली कराकर कब्जा कर लिया। (MumbaiMalvani police Station Crime News)
मालवनी पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक प्रवीण कांबळे ने हरून की फरियाद पर गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 0377/2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 342, 364(A), 452, 367, 384, 385, 389, 420, 465, 467, 468, 471, 506(2), 504, 506, 120(B),34 के तहत मामला दर्ज कर जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम और उसके दो बेटे अमीर अली सय्यद, उमेर सय्यद के साथ इनकी गैंग में शामिल और तीन लोगों को तलाश कर रही है। (Mumbai Malvani police Station Crime News)
बता दें, कि 39 वर्षीय सलीम गौस शेख के पास से 11 लाख 14 हज़ार 500 रूपये हफ्ता वसूली मामले में फरार चल रहे हैं बाप और बेटों को पहले दिंडोशी सत्र न्यायालय और बाद में बम्बई उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत देने से मना कर दिया है। मामले को वापस लेने के लिए बाप और बेटों के लगातार धमकियों से सलीम का परिवार डरा हुआ है। वहीं दुसरे मामले में 37 वर्षीय फरियादी युनूस सोहेल शेख से हर महीने 30 हजार रुपये हफ्ता वसूली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जिसमें अबतक आरोपियों ने कुल 9 लाख एक हजार 499 रुपये वसूल कर चूकें हैं। युनूस के गले पर धारदार चौपर और कोयता लगाकर हफ्ता वसूली का खेल खेला गया है। ऐसे और कितने मामले प्रकाश में आना अभी बाक़ी है। मालवनी पुलिस ज़ाकिर डॉट कॉम और साथियों को सरगर्मी से तलाश कर रही है। फिलहाल मालवनी इलाके में गुंडागर्दी कर दहशत फैलाने वाले फरार चल रहे हैं। (Mumbai Malvani police Station Crime News)
जाकिर हुसैन सैय्यद उर्फ ज़ाकिर डॉट कॉम की फाइल तस्वीर
चुनाव निर्वाचन आयोग ने देश में लोकसभा चुनाव की तारीख घोषित कर दी है। महाराष्ट्र में 48 सीटों पर पहली बार 5 चरणों में होगा चुनाव।
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- महाराष्ट्र में पहली बार पांच चरणों में 48 सीटों पर लोकसभा चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयोग राजीव कुमार ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होकर 20 मई को समाप्त होगा।जबकि मुंबई की 6 सीटों के लिए चुनाव होना है।
चुनाव के दिन मतदान करें ..
2019 में चार चरणों में जबकि 2014 में तीन चरणों में चुनाव हुए। पहला चरण विदर्भ क्षेत्र में शुरू होगा। दूसरे चरण में अकोला पश्चिम विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा।
जब उनसे पूछा गया कि राज्य में इतनी चरणों की संख्या क्यों है? राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम ने कहा, “चरणों की संख्या पर निर्णय ईसीआई द्वारा लिया गया है। हमने इस बात को लेकर ध्यान दिया कि महाराष्ट्र लोकसभा सीटों की संख्या के मामले में देश के दूसरे स्थान पर है।”
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की उपलब्धता को लेकर भी चरण तय किये गये हैं। दिलचस्प बात यह है कि हालांकि मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर भाजपा ने 20 सीटों के लिए नामों की घोषणा की है। उसको छोड़कर, किसी अन्य पार्टी ने अपनी सूची जारी नहीं की है।
शिवसेना (यूबीटी) ने अनौपचारिक रूप से मुंबई की दो सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। महाराष्ट्र में 9.2 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 4.8 करोड़ पुरुष, 4.4 करोड़ महिलाएं और 5,559 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। 15 मार्च तक के डेटा से पता चलता है। यह नया डाटा में 2019 के बाद से 34.6 लाख मतदाताओं की वृद्धि है।
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में होंगे, जो 19 अप्रैल से शुरू होंगे। राज्य का मतदान प्रतिशत और युवा मतदाता पंजीकरण चिंता का विषय है। चुनाव के दौरान उल्लंघन को लेकर सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर नजर रखी जाएगी।
मालवनी पेड़ कटिंग की लाइव तस्वीर Only on Indian Fasttrack News Channel
मध्य प्रदेश: संसदीय चुनाव 4 चरणों में होगा
मध्य प्रदेश में चार चरण के संसदीय चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होंगे और 15 मई को समाप्त होंगे। आदर्श आचार संहिता लागू है। प्रत्येक चरण में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं और परिणाम 6 जून को घोषित किए जाएंगे।
19 अप्रैल से 7 चरणों में मतदान शुरू; नतीजे 4 जून को आएंगे
2024 की लोकसभा चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान की तारीखों की घोषणा के साथ शुरू हुई। मतदान 19 अप्रैल से 1 जून तक 7 चरणों में होगा, जिसमें विभिन्न राज्य शामिल होंगे और इसमें महत्वपूर्ण मतदाता की गिनती करना शामिल होंगे।