
Insurance Fraud मामले में मुंबई के Jogeshwari में डॉक्टर समेत 2 पर FIR। पूर्व कर्मचारी के नाम पर फर्जी सर्जरी दिखाकर लाखों का क्लेम।
मुंबई: Jogeshwari इलाके से मेडिकल इंश्योरेंस फ्रॉड का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पूर्व कर्मचारी की पहचान का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर 5 लाख रुपये की मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी ली गई और फिर फर्जी सर्जरी दिखाकर इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने की कोशिश की गई।
इस मामले में Meghwadi Police ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर समेत दो लोगों के खिलाफ cheating और forgery का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में यह मामला सिर्फ एक फर्जी क्लेम तक सीमित नहीं बल्कि संगठित Insurance Fraud racket का हिस्सा भी हो सकता है।
Insurance Fraud मामला कैसे सामने आया?
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता प्रकाश पाटिल, मुंबई के Kanjurmarg इलाके के रहने वाले हैं। वह पहले Jogeshwari के एक निजी अस्पताल में office boy के तौर पर काम करते थे। पिछले साल उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी।
एक फोन कॉल ने खोली पूरी पोल
मई 2025 में अस्पताल की एक कर्मचारी फातिमा खान ने प्रकाश पाटिल को फोन कर उनकी मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में पूछताछ की। पाटिल ने साफ कहा कि उन्होंने कभी कोई मेडिकल इंश्योरेंस नहीं लिया।
इसी दौरान उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले से Insurance Policy जारी है।
शक होने पर पाटिल ने दस्तावेज मांगे। WhatsApp पर मिले दस्तावेज देखकर वह हैरान रह गए।
बिना जानकारी के जारी हुई 5 लाख की पॉलिसी

दस्तावेजों में:
- प्रकाश पाटिल का नाम
- जन्मतिथि
- कंपनी की जानकारी
सब इस्तेमाल किया गया था।
लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि:
- उन्होंने कभी पॉलिसी के लिए आवेदन नहीं किया
- कोई मेडिकल टेस्ट नहीं कराया
- संबंधित कंपनी में कभी काम नहीं किया
इसके बाद मामला गंभीर हो गया।
Fake Surgery दिखाकर किया गया क्लेम
जब प्रकाश पाटिल ने Insurance Company से संपर्क किया तो उन्हें और बड़ा झटका लगा।
कंपनी ने बताया कि:
- उनके नाम पर 5 लाख रुपये की Policy जारी हुई
- 13 जनवरी 2025 को Kharghar के एक अस्पताल में सर्जरी दिखाई गई
- Cashless Claim process हुआ
- कुल 3.56 लाख रुपये का क्लेम प्रोसेस किया गया
- लगभग 66 हजार रुपये अस्पताल को ट्रांसफर भी किए गए
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शिकायतकर्ता ने कभी कोई सर्जरी कराई ही नहीं।
डॉक्टर पर भी लगे गंभीर आरोप
जांच में सामने आया कि कथित सर्जरी Dr. Yogesh Gupta द्वारा की गई बताई गई थी।
जब शिकायतकर्ता ने डॉक्टर से संपर्क किया तो डॉक्टर ने कथित तौर पर खुद को मामले से अलग बताते हुए उन्हें Dr. Vishal Gupta से बात करने को कहा।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों ने मिलकर:
- फर्जी मेडिकल दस्तावेज बनाए
- नकली सर्जरी रिकॉर्ड तैयार किए
- Insurance Claim हासिल करने की कोशिश की
Meghwadi Police को संगठित रैकेट का शक
प्राथमिक जांच के बाद Meghwadi Police ने दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने:
- Cheating
- Forgery
- Fake Documentation
से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अन्य वर्तमान या पूर्व कर्मचारियों की पहचान का भी इसी तरह इस्तेमाल किया गया।
Mumbai Insurance Fraud Cases क्यों बढ़ रहे हैं?
बीमा विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल दस्तावेजों और cashless medical systems के बढ़ते इस्तेमाल के साथ medical insurance fraud के मामले भी बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि:
- Fake hospitalization
- Forged medical papers
- Identity misuse
- Hospital-insurance nexus
ऐसे मामलों में आम तौर पर देखने को मिलते हैं।
Insurance लेते समय क्या सावधानी रखें?
विशेषज्ञों के अनुसार नागरिकों को:
- अपने PAN और Aadhaar की नियमित जांच करनी चाहिए
- Insurance records समय-समय पर verify करने चाहिए
- अनजान medical approvals पर तुरंत शिकायत करनी चाहिए
- Insurance Company के SMS और emails नियमित check करने चाहिए
FAQ Section
Insurance Fraud मामला क्या है?
मुंबई के Jogeshwari में एक व्यक्ति के नाम पर फर्जी मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी लेकर नकली सर्जरी दिखाकर क्लेम करने का मामला सामने आया है।
इस मामले में कितने आरोपी हैं?
अब तक डॉक्टर समेत दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता को मामला कैसे पता चला?
अस्पताल की एक कर्मचारी के फोन कॉल के बाद शिकायतकर्ता को अपने नाम पर जारी पॉलिसी की जानकारी मिली।
क्या सच में सर्जरी हुई थी?
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने कभी कोई सर्जरी नहीं कराई और अस्पताल में भर्ती भी नहीं हुए।
पुलिस क्या जांच कर रही है?
पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इसी तरह अन्य लोगों के नाम का भी इस्तेमाल किया गया।
Conclusion
मुंबई का यह Insurance Fraud मामला मेडिकल और इंश्योरेंस सिस्टम की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। अगर शुरुआती आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ एक फर्जी क्लेम नहीं बल्कि संगठित मेडिकल फ्रॉड नेटवर्क का मामला हो सकता है। फिलहाल Meghwadi Police पूरे केस की गहराई से जांच कर रही है।
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