प्रतिकारात्मक
पुलिस ने एसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसका हर सदस्य सौकड़ों युवतियों को कालगर्ल बनाकर, जिस्म का कारोबार करता है। इसके तार मुंबई समेत देश के और भी राज्यों से जुड़े है और भी सनसनीखेज खुलासे होने की आशंका है।
विशेष संवाददाता
इंदौर- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा जिस्म फरोशी के कारोबार के आरोपियों से पूछताछ में जो खुलासे हो रहे हैं उन्हें लेकर पुलिस भी आश्चर्यचकित है। माना जा रहा था कि विजय दत्त उर्फ मोमिनुल ही सबसे बड़ा शातिर है लेकिन बबलू ने जो खुलासे किए उससे तो ऐसा लगता है कि गैंग में जितने भी सदस्य हैं सब एक से बढकर एक हैं।
बबलू के 100 से ज्यादा युवतियों से चैट मिले हैं उसने ये कहकर सनसनी फैला दी, कि ये सभी उसकी गर्ल फ्रेंड्स या पत्नी हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह अब तक कितनी बांग्लादेशी बालाओं को काल गर्ल बना चुका है। वैसे विजय दत्त से तो पूछताछ में 10 हजार से ज्यादा बांग्ला बालाओं को काल गर्ल बनाने का पर्दाफाश हो चुका है। इंदौर पुलिस अब मुंबई पुलिस की मदद से गैंग के उन सदस्यों का पता लगाने में जुटी है, जो पुलिस टीम के छापा मारते ही इंदौर से फरार हो गए थे।
सूत्रों के मुताबिक इंदौर से पुलिस की विशेष टीम विजय दत्त और बबलू को लेकर मुंबई के नाला सोपारा पहुंची थी। वहां से करीब 200 लोगों के फर्जी दस्तावेज मिले हैं। उन्हें लेकर पुलिस इंदौर रवाना हो गई है। टीम ने जब इंदौर में छापा मारा था उससे कुछ ही देर पहले वहां गैंग से जुड़े करीब एक दर्जन सदस्य भी मौजूद थे लेकिन छापे की भनक मिलते ही ये वहां से फरार हो गए। अब उनकी तलाश भी की जा रही है। उनसे भी गैंग के कई राज सामने आ सकते हैं।
बबलू ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह कई युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर काल गर्ल बना चुका है। पहले वह युवती पर अनाप-शनाप पैसा खर्च करता है उसके बाद उन्हें विश्वास में लेकर उन्हें नशे की लत लगा देता है। नशे की आदी होने के बाद वह युवतियों को जिस्म फरोशी के कारोबार में धकेल देता। इस तरह वह कई युवतियों को काल गर्ल बना चुका है। वह इतना चालक है कि कुछ वर्ष पहले तो नकली आधार कार्ड से इंदौर के एक शेल्टर होम से एक युवती को अपनी पत्नी बताकर भी अपने साथ ले गया। यहां से ले जाने के बाद उसे फिर से जिस्म फरोशी के कारोबार में उतार दिया।
गैंग के सदस्यों के पास अपार संपंति होने की भी शंका है लेकिन ये संपति उन्होंने कहां और कैसे छिपा रखी है इसके बारे में अभी तक पुलिस को कुछ खास जानकारी नहीं मिल पाई है। सूत्रों का कहना है कि आरोपियों की संपंत्ति के बारे में भी अब पड़ताल शुरु कर दी गई है। उनका पिछला दस पन्द्रह साल का रिकार्ड खंगाला जा रहा है। उनके परिचित कौन-कौन हैं और क्या उन्हें भी इन आरोपियों ने कुछ पैसा इनवेस्टमेंट के लिए दिया था या फिर उनके नाम से कोई प्रापर्टी आदि खरीदी है। माना जा रहा है कि इनकी संपंति भी करोड़ों रुपए में हो सकती है।
मुंबई से सटे पालघर जिले के नाला सोपारा में मिले 200 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड से भी गैंग के बारे में नया खुलासा हो सकता है। इसके बारे में भी पुलिस टीम छानबीन कर रही है। विजय दत्त और बबलू के अलावा भी कई लोगों के फर्जी आधार कार्ड वहां से मिले हैं। इन दस्तावेज के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी एकत्र कर उन्हें भी सलाखों के पीछे करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस का कहना है कि विजय जैसा ही बबलू भी बड़ा शातिर खिलाड़ी है। उसने पूछताछ में अब तक 100 से ज्यादा युवतियों को काल गर्ल बनाने की बात कबूली है। नाला सोपारा से मिले फर्जी दस्तावेजों में, किसी में बबलू युवती का पिता है, तो किसी में पति के रुप में दर्ज है। इससे इस गैंग के कई राज्यों में पैर पसारने की भी जानकारी मिल रही है। पुलिस इस पर भी छानबीन में जुटी है। पुलिस का मानना है, कि गैंग के कई सदस्य फरार हैं उनके पकड़े जाने के बाद और भी कई सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं।
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