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Monsoon in Mumbai पूरे देश को मौसम ने उलटफेर कर रख दिया है। उत्तर भारत में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं तो वहीं पूर्वोत्तर में बाढ़ आ गई है। जबकि मुंबई के लोगों के इंतजार पर ब्रेक लग गया है। शनिवार सुबह मानसून ने दस्तक दे दी है।
इस्माईल शेख मुंबई- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में लोगों की आज की सुबह काफी खुशनुमा रही। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मानसून ने मुंबई में दस्तक दे दी है। इससे पहले, मौसम विभाग ने 24 जून के आसपास मुंबई और कोकन के कई इलाकों में मानसून पहुंचने की भविष्यवाणी की थी। मौसम विभाग द्वारा यलो अलर्ट जारी किया गया है। (Mumbai Happy Monsoon)
Indian fasttrack newsमुंबई में मानसून की ताजा तस्वीर
Mumbai Monsoon: दो दिन का अलर्ट
पूरे देश को मौसम ने उलटफेर कर रख दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कोई बारिश के इंतजार में है तो कोई बारिश के बंद होने के इंतजार में है। उत्तर भारत में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं तो वहीं पूर्वोत्तर में बाढ़ आ गई है। जबकि मुंबई के लोगों के इंतजार पर ब्रेक लग चुका है। मुंबई में मानसून पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई में दो दिन का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, 26-27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का संकेत दिया है। (Mumbai Happy Monsoon)
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कितनी मि.मी. हुई बारिश?
मुंबई में मानसून के पहुंचते ही झमाझम बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार, सोमवार को मुंबई में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी बारिश हुई है और मंगलवार को 54.5 मिमी से 94.5 मिमी बारिश होने का अनुमान जताया जा रहा है। शहर में पिछले 24 घंटों में 10.5 मिमी बारिश अब तक हो चुकी है। आईएमडी ने दोनों दिनों में बिजली के साथ आंधी और तूफान की भी भविष्यवाणी की है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और भारी बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने को कहा है। (Mumbai Happy Monsoon)
मुंबई के मालाड पश्चिम मालवणी पुलिस ने नकली नोटों के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पैसों की लेनदेन करने वालों के लिए यह खास खबर है।
FAKE CURRENCY NOTES IN MUMBAI
इस्माईल शेख मुंबई- FAKE CURRENCY NOTES से सावधान रहे मुंबईकर बाजार में आज भी नकली नोट का चलन जारी है। नकली नोट बनाकर बाजार में पेश करने वालों की नजर में आज भी मुंबई शहर पसंदीदा बनी हुई है। जबकि ज्यादातर लोग इसे ध्यान से परखर ही लेनदेन करते हैं। लेकिन जब भी किसी के हाथ यह नकली नोट लग जाता है उसका सीधे तौर पर उतने ही पैसों का नुकसान हो जाता है।
ना वह उस नोट को कहीं चला पाता और ना ही किसी को बता पाता है। क्योंकि नकली नोट होना ही भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत गुनाह के हम पात्र हो जाते हैं। ऐसे में सीधे तौर पर आम नागरिक को नुकसान सहना पड़ता है। यह जानकारी फिर से इसलिए दोहराई जा रही है, क्योंकि हाल ही में मलाड पश्चिम के मालवानी पुलिस थाने ने एक शख्स को 500 रुपये के कुल आठ नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। इसकी पड़ताल में और भी कई खुलासे हुए जिसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने लगभग 7 लाख 27 हज़ार रुपयों का माल जब्त कर लिया है।
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव ने बताया, कि पुलिस उप निरीक्षक हसन मूलानी को विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर एक गुप्त सूचना मिली थी, की पुलिस थाना अंतर्गत मालवानी के एक नंबर, गणेश मंदिर के पास कोई व्यक्ति नकली नोटों का सैंपल लेकर बाजार में वितरित करने के लिए आने वाला है। पुलिस में जाल बिछाकर उसे धर दबोचा।
₹500 की फोटो
पुलिस उप निरीक्षक हसन मूलानी ने जांच के हवाले से बताया, कि जब हम घटनास्थल पर पुलिस का पहरा दे रहे थे। उस वक्त संदेहास्पद व्यक्ति अपने साथ एक छोटे से बच्चे को भी लेकर आया हुआ था और काली थैली में कुछ सामान लेकर एक जगह पर रुका हुआ था। लगातार यहां से वहां घूम कर किसी का इंतजार करता हुआ दिखाई पड़ रहा था। पुलिस ने अपने सरकारी पंचों के साथ जब गहनता से उस पर निगाह डाली तो सूत्रों से प्राप्त जानकारी के हूबहू उस व्यक्ति की पहचान नजर आई। तुरंत मालवानी पुलिस ने अपने साथ ले गए सरकारी पंचों के साथ उसे घेराबंदी मे करते हुए अपने ताबे में लिया और गवाहों के समक्ष जब उसकी झढ़ती ली गई, तो उसके पास से 500 रूपये के कुल 8 नोट नकली प्राप्त हुए हैं। जो हूबहू भारतीय चलन नोटों के बराबर प्रतीत हो रहे हैं।
तुरंत उसे पुलिस थाने में लाकर पूछताछ की गई तो 32 वर्षीय आरोपी उमेश जय किशन कुमार ने बताया, कि वह एक कारोबारी है और कांदिवली पश्चिम के जनकल्याण नगर के पास, भूमि पार्क के एक इमारत में रहता है। जो घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है। पुलिस ने तुरंत गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 748/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 489 (ब) और 489 (क) के तहत उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से बरामद 500 रुपये के 8 नकली नोट और भारतीय चलन के असली 3000 रुपयों के साथ मोबाइल फोन जब्त किया गया।
जांच के लिए जब पुलिस उसके फ़्लैट पर पहुंची तो वहां एक लैपटॉप, एप्पल कंपनी का आईपैड और दो पेनड्राइव, 4 मोबाइल, कोरा बॉन्ड पेपर, माइक्रो मेमोरी कार्ड, उसके रहते घर के पार्किंग स्लॉट में खड़ी उसकी निजी महिंद्रा एसयूवी 500 वाहन क्रमांक एचआर 26 सीएन 0597 और इस गाड़ी के भीतर रखा हुआ प्रिंटर सभी को पुलिस ने अपराध के तहत जप्त कर लिया है। इस पूरे कार्रवाई के बीच पुलिस द्वारा जब्त सामानों का बाजार मूल्यांकन 7 लाख 27 हज़ार रुपये आंकें जा सकते हैं।
इस पूरे कार्यवाही की निगरानी उत्तर प्रादेशिक विभाग के मुंबई अप्पर पुलिस आयुक्त राजीव जैन, मुंबई पुलिस परिमंडल 11 के उपायुक्त अजय कुमार बंसल, सहायक पुलिस आयुक्त मालवणी डिवीजन शैलेंद्र धीवार कर रहे थे। मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव साहब मामले के हर पहलू से जुड़े पल-पल की जानकारियां आला अधिकारियों की इजाजत के साथ पुलिस निरीक्षक शेलके, क्राइम डिटेक्शन अधिकारी हसन मूलानी को निर्देशित कर रहे थे।
पूरे अपराध का खुलासा करने में मालवनी पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक माणिक मोरे, पुलिस सिपाही पाटिल, पुलिस सिपाही वत्रे, पाटिल, महिला पुलिस सिपाही गोसावी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिसकी आला सभी अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग में भी गुड वर्क के लिए शाबाशी दी जाती है। फिलहाल नकली नोटों से बाजार को सुरक्षित करने में मालवानी पुलिस ने अपनी अच्छी भूमिका निभाई है।
मुंबई के बोरीवली में Flip kart कंपनी से चोरी कर फरार, मीरा रोड के Swiggy डिलीवरी ब्वॉय को एमएचबी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी स्थित एक फ्लिपकार्ट (Flip kart) कंपनी में काम करने वाले डिलीवरी ब्वॉय ने पैसों की चोरी कर फरार हो गया था। लगभग 1, 23, 715 (एक लाख तेईस हजार सात सौ पंद्रह) रुपए की चोरी की घटना में एमएचबी पुलिस थाने को 14 मई को शिकायत मिली। शिकायत में कहा गया है कि डिलीवरी ब्वॉय को 15 पार्सल डिलीवर करना था जिसके बदले मिले सारे पैसे उसने जमा किए बगैर फरार हो गया है।
एम एच बी कॉलनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडाळकर ने बताया, कि गु.र.क्र. 262/23 भारतीय दंड संहिता की धारा 408 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस उप निरीक्षक डॉ दिपक हिंडे को मामले की तहकीकात कर आरोपी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए थे।
Indian fasttrack newsगिरफ्तार आरोपी के साथ एमएचबी पुलिस की तस्वीर
Flip kart से चोरी Swiggy में डिलीवरी..
पुलिस उप निरीक्षक डॉ दिपक हिंडे ने बताया कि आरोपी का मोबाइल सीडीआर और तांत्रिक विश्लेषण से उसकी पहचान मीरा रोड में बताई जा रही थी। पुलिस सिपाही घोडके को साथ लेकर मीरा रोड का चप्पा चप्पा छान मारा तो वहां स्विगी ऑर्डर (Swiggy Order) डिलीवरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया गया।
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गिरफ्तार आरोपी की पहचान 40 वर्षीय शैलेश सुहास दिघसकर बताई जा रही है जो दहिसर पूर्व रावलपाड़ा का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वह अपने वैद्यकीय उपचार के लिए पैसे गबन कर फरार हो गया था।
मुंबई से दिल्ली जाने वाली Vistara Airlines की फ्लाइट मे एक यात्री ने फोन पर Hijack से संबंधित बात की। शिकायत पर सहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस्माईल शेख मुंबई- विस्तार एयरलाइन (Vistara Airlines) के विमान (Flight) में चालक दल के एक सदस्य ने एक यात्री को फोन पर ‘हाईजैक’ (Hijack) के बारे में बात करते हुए सुना जिसके बाद मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना गुरुवार रात को यहां छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई।
पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “दिल्ली जाने वाली विस्तार एयरलाइन की उड़ान के चालक दल के एक सदस्य ने यात्री को अपने फोन पर विमान ‘हाईजैक’ के बारे में बात करते सुना था। चालक दल के सदस्य ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया और पुलिस को भी इसकी सूचना मिली।”
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रितेश संजयकुकर जुनेजा के रूप में हुई है। यह व्यक्ति विस्तारा एयरलाइंस (Vistara Airlines) की फ्लाइट में सवार था। सहार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय गोविलकर ने जानकारी देते हुए बताया, कि “यात्री मानसिक रूप से अस्थिर है और 2021 से उसका उपचार चल रहा है।”
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उन्होंने कहा, कि यात्री के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 336 (लापरवाही या गलत इरादे से लोगों के जीवन या व्यक्ति अथवा अन्य की सुरक्षा को खतरे में डालना) और 505(2) (जो अफवाहें फैलाने या चिंताजनक समाचार फैलाने जैसे अपराधों से संबंधित) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात सहार पुलिस कर रही है।
Mumbai में फर्जी शेयर बाजार चलाने वाले जतिन मेहता को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह एप के जरिये तीन महीने में 4,672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग कर टैक्स चोरी से सरकार को लगभग 1.95 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। पुलिस ने उसे कांदीवली से किया गिरफ्तार।
इस्माईल शेख मुंबई- फर्जी शेयर बाजार चलाने वाले जतिन मेहता को क्राईम ब्रांच यूनिट 11 की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह एप के जरिये तीन महीने में 4672 करोड़ रुपयों की शेयर ट्रेडिंग कर टैक्स चोरी से सरकार को लगभग 1.95 करोड़ रुपये का चूना लगा चुका है। उसे मंगलवार को मुंबई उपनगर (Mumbai suburbs) कांदीवली से गिरफ्तार किया गया। बिना किसी वैध लाइसेंस के वह ‘मूडी’ नामक मोबाइल एप के जरिये कैश से फर्जी शेयर बाजार चला रहा था।
Mumbai में डिब्बा ट्रेडिंग..
23 मार्च से 20 जून के बीच बिना किसी वैध लाइसेंस के वह ‘मूडी’ नामक मोबाइल एप के जरिये कैश से फर्जी शेयर बाजार चला रहा था। ऐसे शेयर बाजार को मुंबई (Mumbai) में डिब्बा ट्रेडिंग के नाम से जाना जाता है। इस मामले के जांच अधिकारी अभिजीत जाधव के अनुसार, जतिन बिल्कुल शेयर दलालों जैसा व्यवहार करता था और शेयर बाजार से जुड़ने के इच्छुक लोगों को अपने एप का पासवर्ड दे देता था। वह लोगों से 50-50 हजार का डिपाजिट भी लेता था।
Indian fasttrack newsक्राइम ब्रांच यूनिट 11 की पुलिस और आरोपी की तस्वीर
तीन महिनों में किया 4,672 करोड़ रुपयों का कारोबार
उन्होंने आगे बताया कि शेयर बाजार में लाभ होने पर वह लाभ की राशि अपना कमीशन काट कर नकद ही अपने ग्राहकों को भिजवा देता था। घाटा होने पर उनकी डिपाजिट राशि से पैसे काट लिए जाते थे और बाद में उतने पैसे डिपाजिट में और जमा करवा लिए जाते थे। इस प्रकार उसने तीन माह में इस फर्जी शेयर बाजार से 4,672 करोड़ रुपयों का कारोबार किया। शेयर बाजार में लाभ होने पर शेयरधारकों को 15 से 30 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता है। लेकिन, फर्जी शेयर बाजार में वे टैक्स देने से बच जाते थे।
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इस प्रकार सरकार को करीब दो करोड़ रुपये के टैक्स का नुकसान हुआ है। इसके अलावा जतिन मेहता ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स, कैपिटल गेन्स टैक्स, राज्य सरकार के स्टांप ड्यूटी शुल्क, सेबी की टर्नओवर फीस जैसे कई टैक्सों की चोरी की है। उस पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस को नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) एवं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के अधिकारियों की भी मदद लेनी पड़ी। डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पास से 5 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक राउटर, एक टैब, एक पैन ड्राइव और काफी कैश भी जब्त किया है।
भाजपा के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज हो गई है। फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम- कांग्रेस
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बीजेपी की एक झूठ फैलाने वाली फैक्ट्री है जिसे बीजेपी आईटी सेल कहा जाता है।इसका काम है विपक्षी नेताओं के प्रति नफरत फैलाकर समाज में गलत संदेश देकर सांप्रदायिक माहौल बिगड़ना। यह दो तरह से काम करती है। पीएम मोदी की छवि निर्माण और विपक्षी नेताओं विशेषकर कांग्रेस के राहुल गांधी को टारगेट कर बदनाम करना।
राहुल गांधी ने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर हमेशा छोटी छोटी बातें बोलने वाले मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। बढ़ती मंहगाई पर चुप्पी क्यों? रुपया गिरते जाने पर चुप्पी क्यों? बेरोजगारी पर चुप्पी क्यों? चीन पर चुप्पी क्यों? आदि-आदि। राहुल गांधी के एक वीडियो को बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने पहले सोशल मीडिया पर शेयर किया। फिर बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा और दूसरे ने शेयर किया। जिसमे सामाजिक सदभाव बिगाड़ने, समाज में जहर घोलने का काम किया। आईटी सेल को झूठ की फैक्ट्री नहीं कहें तो और क्या कहेंगे।फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम है। यही हिंदू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद और पाकिस्तान की रट लगाता रहता है। जो भारतीय कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।
Indian fasttrack newsभाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की फाइल तस्वीर
याद होगा राहुल गांधी ने नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी के नाम लेते हुए पूछा था, कि “सबके सरनेम मोदी ही क्यों?” राहुल का यह राजनीतिक भाषण था। जैसे नेहरू परिवार को भ्रष्ट परिवार खुद मोदी ने कहा था। बार-बार नेहरू और गांधी परिवार के खिलाफ खुद पीएम जहर घोलते रहते हैं। कांग्रेस मुक्त भारत का नारा खुद मोदी ने दिया था। लेकिन कांग्रेस और नेहरू, गांधी परिवार ने कभी तवज्जो नहीं दी।
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अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज..
भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ कांग्रेसी अध्यक्ष खड़गे के पुत्र और मंत्री ने जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई है। मंत्री के अनुसार वे एफआईआर के बाद कोर्ट जाएंगे। सजा भी दिलाएंगे। मामला कर्नाटक में है। वहां कांग्रेस की सरकार है। जैसे बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में एफआईआर दायर किया गया था। अब आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के विरुद्ध कर्नाटक में एफआईआर दर्ज करते हुए कोर्ट में घसीटने का निर्णय लिया गया हैं।
ATM के भीतर बोलबचन कर हाथ की सफाई करने वाले गिरोह का कुरार पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सभी बदमाश भांडुप के रहने वाले बताया जा रहे हैं।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड पूर्व के कुरार पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो एटीएम में लोगों से बोल बचन कर अपने हाथ की सफाई से उन लोगों का अकाउंट साफ कर दिया करते थे। कुरार पुलिस ने 4 बदमाशों को भांडुप पश्चिम से गिरफ्तार किया है और तीन अपराधियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है।
ATM में बोलबच्चन ..
घटना 16 जून 2023 की है। जब गोरेगाव पूर्व, आरे मिल्क कॉलनी, युनिट क्रमांक 32, एकता रहिवासी मंडळ की रहने वाली, 57 वर्षीय फरियादी लिला डोमनिक जेवियर अपने खाते से पैसे निकालने के लिए मलाड पूर्व दिंडोशी शाखा बैंक ऑफ इंडिया के पास लगे एटीएम मशीन में गई। वहां मौजूद कुछ अज्ञात लोगों ने अपने हाथ की सफाई दिखाते हुए उनके अकाउंट से 50 हजार रुपये निकाल लिए। इस घटना की जानकारी पीड़ित महिला ने कुरार पुलिस को दी।
पुलिस ने घटनाएं वारदात की सीसीटीवी फुटेज खंगाली और गु.र. क्र. 350/2023 भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर सीसीटीवी की मदद से बदमाशों की तलाशी शुरू कर दी। कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश गाढवे ने बताया, कि क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक मनोज चाळके के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक वानखेडे और उनकी टीम ने घटनास्थल से बदमाशों का पीछा करते हुए कुल 109 सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और उनके रहते इलाके तक पहुंच गए।
19 जून की आधी रात को पुलिस ने भांडुप पश्चिम के जंगल मंगल रोड, सर्वोदय नगर, गावदेवी मंदिर के पास से तीन बदमाशों को हिरासत में लिया। उनसे मामले के तहत पूछताछ की तो उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया और साथ ही बिहार की रहने वाली और एक महिला साथी का भी नाम उन लोगों ने उजागर कर दिया। जो उस घटना में शामिल थी। चारों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। बिहार का रहने वाला इनका एक और साथी फरार बताया जा रहा है।
गिरफ्तार तीन बदमाश भांडुप पश्चिम के रहने वाले बताए जा रहे हैं और एक महिला और पुरुष बिहार के होने की जानकारियां दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय धर्मवीर किशुन महतो, 28 वर्षीय विवेक कुमार बुधन पासवान, 23 वर्षीय बिरलाल लक्ष्मण सहा के रूप में हुई है यह सभी भांडुप पश्चिम गांवदेवी मंदिर के पास, जंगल मंगल रोड, सर्वोदय नगर के रहने वाले हैं। इनके साथ ही 27 वर्षीय किशोर कांचन महतो को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गायखत, रामनगर, हर्षिदी, मतिहारी, बिहार की रहने वाली बताई जा रही है।
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इसके साथ ही 29 वर्षीय अरुण कुमार मोहन प्रसाद फरार है, जो सूर्यापूर, जीवधारा थाना पिपरकाठी, सुरजपूर, पूर्वी चंपारण्य, बिहार राज्य का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस की पड़ताल में इन बदमाशों के खिलाफ माटुंगा पुलिस थाने, पार्कसाईट पुलिस थाने, वरळी पुलिस थाने, माणिकपूर और भायखला पुलिस थाने में अपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले की और अधिक तहकीकात कुरार पुलिस कर रही हैं।
कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।
ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।
बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।
मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।
मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।
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आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।
आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।
BMC का काला कारोबार। मुंबई उच्च न्यायालय की फटकार।
जारी है लगातार BMC में भ्रष्टाचार।
बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है।
बिना टेंडर के अवैध पार्किंग।
वी बी माणिक मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के ए वार्ड अंतर्गत बॉम्बे समाचार मार्ग पर आजकल अवैध पार्किंग जोरो पर चलाई जा रही है। इस काली (Black money) की कमाई वार्ड ऑफिसर और यहां के मनपाकर्मी खा रहे हैं। इन कारोबारों पर कोई पूछने वाला नही है। जब से इकबाल सिंह चहल ने मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) का पदभार संभाला है। तब से मनपा (BMC) में अवैध वसूली और अवैध निर्माण का काम जोरो से चल रहा है।
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मुंबई का कोई भी नागरिक कितना भी शिकायत कर ले उस पर कोई कार्रवाई नही होती। यहां तक की राजस्व को लगाए जा रहे चूने को उजागर करने के लिए शिकायतकर्ता को काफी पैसे खर्च कर धक्के खाने पड़ते हैं। लेकिन सुनवाई नहीं होती। इस विषय पर बॉम्बे उच्चन्यायालय ने भी मनपा प्रशासन को कई बार कड़ी फटकार लगाई है। फिर भी ये सुधरने को तैयार नही है। क्योंकि मनपाकर्मी मोटी चमड़ी वाले हो गए हैं।
बड़ा शर्म आता है इन मनपाकर्मीयो पर जो कितने निर्लज्ज है। इनको वसूली के अलावा कुछ नही आता। बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है। बिना टेंडर के अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिसमे वार्ड ऑफिसर और परिरक्षण विभाग के लोग मलाई खा रहे हैं और नागरिक मनपा कार्यालय के धक्के खा रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। जो भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आम नागरिकों को ही जूझना पड़ रहा है।
2024 के चुनाव में सेंट्रल जांच एजेंसियों पर रोक का होगा कितना असर?
नितिन तोरस्कर ( मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- विपक्ष शासित राज्यों में सीबीआई-ईडी जैसी सेंट्रल जांच एजेंसियों की एंट्री और एक्शन पर सवाल उठते रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई और ईडी विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। विपक्ष शासित 10 राज्य ऐसे हैं, जहां सीबीआई बिना राज्य सरकार के परमिशन के कोई जांच या धर-पकड़ नहीं कर सकती। ताजा मामला तमिलनाडु का है। एमके स्टालिन सरकार के गृह मंत्रालय ने सर्कुलर जारी कर कहा है, कि किसी भी तरह की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।
तमिलनाडु सरकार का यह फैसला तब आया है, जब ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद एक्साइज मिनिस्टर बालाजी सेंदिल को गिरफ्तार कर लिया। तमिलनाडु सरकार ने यह आदेश दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैबलिशमेंट एक्ट 1946 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किया है। बिहार में लालू यादव के परिवार के लोग भी यही आरोप लगाते हैं, कि केंद्रीय जांच एजेंसियों (CBI) का इस्तेमाल केंद्र सरकार अपने मतलब के लिए करती है। इसे एकतरफा कार्रवाई या बदले के भावना बताया जाता रहा है। चुनाव के संदर्भ में यह दलील दी जाती है, कि सिर्फ विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच हो रही है। क्या इसका चनावों पर असर पड़ेगा, यह देखना बाकी है।
भारत के कुल 10 राज्यों में सेंट्रल एजेंसियों (CBI) पर बैन लगा दिया गया है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, मिजोरम, मेघालय और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु भी केंद्रीय जांच एजेंसियों पर बैन लगाने वाले राज्यों में शुमार हैं। इन राज्यों में सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां किसी भी शिकायत पर बिना राज्य सरकार की सहमति के कोई कार्रवाई नहीं कर सकतीं। हां, इसमें एक छूट जरूर शामिल है। अगर जांच किसी न्यायालयी आदेश या राज्य सरकार की संस्तुति पर हो रही हो, तो इस पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हकीकत यह है कि जब भी किसी मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच की जरूरत महसूस होती है तो लोग हाईकोर्ट की शरण में जाते हैं। कोर्ट अगर इजाजत देता है तो जांच होती है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फाइल तस्वीर
बंगाल और झारखंड में बैन का कोई असर नहीं।
बैन के बावजूद सेंट्रल एजेंसियां कुछ राज्यों में आराम से अपने काम को कर रही है। पड़ोस की बात करें तो बंगाल और झारखंड में भी केंद्रीय एजेंसियों (CBI) की जांच पर रोक है। बंगाल में शिक्षक नियुक्ति घोटाला की जांच सीबीआई और ईडी दोनों कर रहे हैं। यह जांच भी राज्य सरकार की मर्जी के खिलाफ है। लेकिन बाध्यता यह है कि इसकी जांच का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया है। जांच का परिणाम यह है कि सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कई नेताओं-कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है तो कुछ अन्य की गिरफ्तारियां कभी भी हो सकती हैं। यहां राज्य सरकार की बंदिश का कोई रोड़ा सेंट्रल एजेंसियों की जांच या गिरफ्तारी में अटक नहीं रहा है।
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सेंट्रल एजेंसियों के खिलाफ 14 दल..
सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) के एक्शन से नाराज 14 राजनीतिक दलों के नेतों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसमें बिहार से आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, झारखंड से सीएम हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया कि सेंट्रल एजेंसियों की जांच नहीं रोकी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट जाने वालों में अधिकतर वैसे दल शामिल थे, जिसके नेता या कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ अदालतों ने सेंट्रल एजेंसियों से जांच की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट से निराश होकर ये नेता जांच से बचने की नयी तरकीब तलाश रहे हैं।
एजेंसियों की जांच का, चुनाव पर असर…
केंद्रीय जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्हें जांच के लिए कोर्ट या राज्य सरकारों ने ही कहा है। आम आदमी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि जांच के लपेटे में उनके पसंदीदा नेता रहे हैं या विरोधी। सामान्य भाव यही है कि चोर या भ्रष्टाचारी पकड़ा जाना चाहिए। लालू यादव के परिवार की बात करें तो उनके मामले में भी स्वजातीय को छोड़ कर किसी को इसकी परवाह नहीं है कि जांच एजेंसियां उनके परिवार के खिलाफ जांच कर रही हैं।
हां, थोड़ा-बहुत संदेह तब तक बरकरार रहता है, जब तक दोष न सिद्ध हो जाए। सुखद पहलू यह है कि ईडी ने जितने मामलों की अब तक जांच की है, उनमें अधिकतर के खिलाफ दोष सिद्ध हुए हैं और सजा भी हुई हैं। सामाजिक न्याय के मसीहा, समाज के वंचित लोगों को स्वर्ग नहीं, स्वर देने का दावा करने वाले लालू प्रसाद के बारे में भी जब चारा घोटाले में सीबीआई जांच शुरू हुई थी तो यही कहा जाता था कि उन्हें फंसाया गया है। दोष सिद्ध होने और सजा के बाद सबकी बोलती बंद हो गई थी।