IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
डिजिटल डेस्क मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।
📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?
प्रदर्शन की तस्वीर
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।
😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?
IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”
BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
Federation of All India Medical Association (FAIMA)
हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।
⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”
नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।
इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।
अजीत पवार ने दिलाया भरोसा
बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”
भारत सरकार और दूतावास से संपर्क
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।
दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।
हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।
पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।
भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।
स्थानीय स्तर पर हालात
जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की कि दहिसर टोलनाका वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास दिवाली से पहले स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच यात्रा सरल होगी और पर्यावरण व समय की बचत होगी।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: शहर के उत्तरी दिशा में मीरा-भाईंदर की सीमा पर स्थित दहिसर टोलनाका, जो अभी टोल प्लाजा के कारण प्रतिदिन लाखों नागरिकों के लिए यातायात भयावह बना हुआ है, उसे वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय अघोषित नहीं, बल्कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्रीएकनाथ शिंदे ने इस पर कार्यवाही के निर्देश जारी कर मंजूरी दी है।
इस बैठक में मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे, महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ के सह–व्यवस्थापकीय संचालक मनोज जिंदल, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के सुहास चिटणीस, वसई-विरार कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, IRB के ठेकेदार विरेंद्र म्हैसकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मीरा-भाईंदर के इस हालात से लगभग 15 लाख स्थानीय नागरिक और मुंबई की ओर रुख करने वाले वाहनचालक प्रतिदिन जूझ रहे हैं – समय, ईंधन और प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
क्यों ये कदम आवश्यक था?
मुख्यत: तीन प्रमुख कारणों से यह स्थानांतरण अत्यंत आवश्यक था:
ज्यादा समय और ईंधन की बर्बादी – टोलनाका की वर्तमान स्थिति के कारण नागरिकों को आधा से एक घंटा अतिरिक्त यात्रा में लग जाता है। अनावश्यक फिजूल खर्च का बोझ बनता है।
पर्यावरणीय प्रभाव – लंबी जामिंग और रुकावटें हवा में प्रदूषण फैलाती हैं, और यह शहरवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
स्थानीयता में बाधा – टोलनाका का मीरा-भाईंदर सीमा के भीतर होना, विस्तारित शहर यातायात का कारण बन रहा है।
स्थानांतरण की योजना और कार्यवाही
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के तुरंत बाद महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ को आदेश दिए हैं कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के पास भेजें, ताकि यह प्रस्ताव केंद्रीय वाहतुक मंत्रालय से स्वीकृत हो सके।
एक बार मंजूरी मिलते ही, एक से डेढ़ महीने के भीतर टोलनाका को वर्सोवा नर्सरी समीप स्थापित कर दिया जाएगा – यानी दिवाली से पहले यह कार्य पूरा हो सकता है।
मंत्री सरनाईक ने आश्वस्त किया कि इससे मीरा-भाईंदर क्षेत्र के नागरिकों को शिवसेना की ओर से टोलमुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, और साथ ही मुंबई की ओर आवाजाही में वाहतुकी का दबाव कम होगा।
समय की बचत – प्रति यात्रा में 30–60 मिनट की कटौती।
ईंधन की बचत – हर दिन लाखों लीटर बच सके हैं।
प्रदूषण में कमी – कम जामिंग, कम इंजन आइडलिंग, बेहतर वायु गुणवत्ता।
सामाजिक लाभ – मीरा-भाईंदर के कामकाजी लोगों को मुंबई में समय पर पहुंचना सुविधाजनक।
राजनीतिक सकारात्मकता – शिवसेना की ओर से क्षेत्रीय नागरिकों के हित में कदम उठाना।
दहिसर टोलनाका की वर्सोवा नर्सरी के पास स्थानांतरण की यह पहल सिर्फ अव्यवस्था को नहीं सुधार रही, बल्कि एक व्यापक व्यवस्थित और दीर्घकालिक सुविधा की ओर संकेत कर रही है। समय, पैसा, ऊर्जा और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ यह कदम शिवसेना और राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। दिवाली से पहले होने वाला यह शिफ्ट यूरोपी रोड की तरह मुंबई-मीरा रोड मार्ग पर एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने लंबे समय से अटके विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को आखिरकार हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ राज्य की परिवहन और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यह कॉरिडोर मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए नया लाइफलाइन साबित हो सकता है, क्योंकि यह प्रोजेक्ट मुंबई, नवी मुंबई, पालघर और रायगढ़ को सीधे जोड़ देगा। Virar-Alibaug Multimodal Corridor gets approval, work to start from 2026
प्रोजेक्ट का महत्व
यह 126.3 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मुंबई के कई बड़े आर्थिक और परिवहन केंद्रों को जोड़ेगा। इसमें शामिल हैं:
जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT)
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA)
मुंबई ट्रांस हार्बर सी लिंक (MTHL)
साथ ही यह प्रोजेक्ट कई नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे से भी जुड़ने वाला है, जिनमें शामिल हैं:
मुंबई-अहमदाबाद हाईवे (NH-48)
मुंबई-आगरा हाईवे (NH-848)
कल्याण-मुर्बड हाईवे (NH-61)
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे (NH-48)
मुंबई-गोवा हाईवे (NH-66)
BOT मॉडल पर होगा निर्माण
पहले इस प्रोजेक्ट को EPC (Engineering Procurement Construction) मॉडल पर लाने की तैयारी थी, लेकिन लागत अनुमान से अधिक बोली आने के बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया। अब इसे BOT (Build, Operate and Transfer) मॉडल पर बनाया जाएगा। Virar-Alibaug Multimodal Corridor gets approval, work to start from 2026
यह कॉरिडोर मुंबई और उसके आसपास के शहरों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा।
रोज़गार के अवसर: प्रोजेक्ट से निर्माण और संचालन दोनों चरणों में हजारों नौकरियां पैदा होंगी।
यातायात पर असर: भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और लॉजिस्टिक्स का समय कम होगा।
औद्योगिक विकास: नवी मुंबई और रायगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को नया बूस्ट मिलेगा।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि यह प्रोजेक्ट बड़ा बदलाव लाने वाला है, लेकिन चुनौतियां भी सामने हैं।
जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कानूनी बाधाएं
प्रोजेक्ट लागत में और बढ़ोतरी की आशंका
BOT मॉडल पर निवेशकों को आकर्षित करने की चुनौती
स्थानीय लोगों का विरोध और पुनर्वास का मुद्दा
विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर मुंबई और महाराष्ट्र के लिए एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है। अगर यह योजना तय समय पर पूरी हुई, तो मुंबई महानगर क्षेत्र को ट्रैफिक जाम, यात्रा समय और लॉजिस्टिक्स लागत से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही यह JNPT, नवी मुंबई एयरपोर्ट और MTHL जैसे प्रोजेक्ट्स से सीधे जुड़कर मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया पहचान देगा। Virar-Alibaug Multimodal Corridor gets approval, work to start from 2026
डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र के नालासोपारा इलाके से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सिर्फ एक इंस्टाग्राम मैसेज ने 24 वर्षीय युवक की जान ले ली। मृतक युवक की पहचान प्रतीक वाघे (24) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक लड़की को मैसेज किया था। लड़की ने यह बात अपने बॉयफ्रेंड भूषण पाटिल को बताई, जिसके बाद मामला इतना बिगड़ा कि बेरहमी से हत्या तक पहुंच गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रतीक की शर्ट उतार दी गई थी और वह हाथ जोड़कर आरोपियों से अपनी जान की भीख मांग रहा था। वह बार-बार कहता रहा कि उसे छोड़ दिया जाए, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। भीड़ के सामने युवक को तब तक पीटा गया जब तक वह ज़मीन पर गिरकर गंभीर रूप से घायल नहीं हो गया। Young man brutally murdered in Nallasopara over Instagram message, video goes viral | Mumbai Crime News
इसी बीच पुणे से भी हिंसा की खबर आई है। यहां एक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कर्मचारी और उसके दोस्त पर चार युवकों ने हमला कर दिया। झगड़े की वजह बनी गलत दिशा में वाहन चलाने को लेकर हुई बहस। मारपीट में एक युवक की नाक टूट गई, जबकि दूसरे का कंधा डिसलोकेट हो गया। यह घटना खड़की इलाके में सोमवार शाम करीब 5.45 बजे हुई। पुलिस ने इस मामले में भी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
डिजिटल डेस्क महाराष्ट्र/ पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई-विरार महानगर पालिका (VVMC) अंतर्गत एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आयुक्त आईएएस अनिल पवार, बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक एवं बिल्डर सीताराम गुप्ता के साथ बिल्डर अरुण गुप्ता और निलंबित उप नगर नियोजन अधिकारी वाईएस रेड्डी को गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner
क्या है मामला?
जांच में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित ट्विन सिटी वसई-विरार में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया था। इन अवैध इमारतों में भोली भाली जनता और निवेशकों को फ्लैट बेच दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये सभी अवैध इमारतों को प्रशासन ने तोड़कर ध्वस्त कर दिया। फलस्वरूप सभी खरीददार बेघर हो गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में वसई-विरार महानगर पालिका के कमिश्नर के रुप में पदभार संभाला था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार को ठाणे का अपर जिला कलेक्टर और वसई-विरार महानगर पालिका का आयुक्त नियुक्त किया गया था। वसई-विरार में अनधिकृत निर्माण घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई और उन्हें पद से हटा दिया। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner
ईडी को इस गोरखधंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कैश रुपये और संपत्ति की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को शक है कि यह सिंडिकेट करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन पर 41 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में शामिल है। बताया जा रहा है कि ये निर्माण फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के दम पर किए गए थे। अवैध निर्माण के लिए जरूरी फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले भारी भरकम रिश्वत दी गई थी। यह लेन-देन आर्किटेक्ट्स और एजेंटों के माध्यम से किया गया था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner
उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर हुए बलात्कार की घटना में पालघर जिले के विरार पुलिस ने 21 वर्षीय युवक के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है, कि पीड़िता को तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
डिजिटल डेस्क पालघर: विरार पुलिस ने उत्तर प्रदेश की एक घटना में 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। 16 वर्षीय लड़की के परिवार ने इसके खिलाफ शिकायत की थी। युवक पर आरोप है कि उसने 16 वर्षीय लड़की पर उत्तर प्रदेश के अमेठी में कथित तौर पर बलात्कार किया। इसमें विरार पुलिस ने बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया है। घटना तब हुईं जब पीड़िता उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित पैतृक गाँव कुड़वा देहरा गाँव गई हुई थी। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
कब हुई थी घटना?
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक नाबालिग के साथ उत्तर प्रदेश में अमेठी जिले के कुड़वा देहरा गाँव के 21 वर्षीय निवासी ने नाबालिग लड़की से दोस्ती की। लड़की का पैतृक गांव होने के कारण वह मुंबई से गई हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि 17 मई, 2025 की रात, आरोपी ने अपने पुराने घर पर पीड़िता के साथ कथित तौर पर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने पहले लड़की इच्छा के विरुद्ध कथित तौर पर उसकी छाती और कमर को दबाया। जब लड़की ने इसका विरोध किया तो, कथित कृत्य के बाद, आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने विरोध किया और उसे रोका तो वह उसके साथ ली गई लड़की की तस्वीरें उसके रिश्तेदारों को दिखाकर उसे बदनाम कर देगा। 16 year old girl raped, 21 year old youth arrested
डिजिटल डेस्क महाराष्ट्र/पालघर: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार से एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आ रहा है। यहां 17 वर्षीय किशोरी के साथ दो आरोपियों ने भूत-प्रेत उतारने के नाम पर कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। 22 वर्षीय गिरफ्तार आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर मंदिरों में शिकार ढूंढता था। A girl was raped in the name of exorcising ghosts, two arrested
पुलिस ने क्या कहा?
विरार पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह कुछ महीने पहले विरार के एक मंदिर में 22 वर्षीय आरोपी प्रेम पाटिल से मिली थी, वह खुद को तांत्रिक बताकर अपने आप को भूत प्रेत भगाने मे सक्षम बताता था। प्रेम ने उसके साथ दावा करते हुए कहा, कि वह जादू-टोना कर भूत प्रेत भगाता है। उसने किशोरी के बारे में बताया कि उस पर बुरी आत्मा सवार है। उसने कहा कि उसे ठीक करने के लिए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना पड़ेगा। इससे बुरी आत्मा भाग जाएगी। A girl was raped in the name of exorcising ghosts, two arrested
लॉज में ले जाकर दोनों ने किया दुष्कर्म
पीड़िता ने शिकायत में पुलिस को बताया, कि 30 जुलाई को प्रेम पाटिल और उसका साथी करण पाटिल ने उसे विरार के राजोडी बीच के पास एक लॉज में ले गया, जहां उन्होंने कथित तौर पर एक-एक कर दोनों ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इस बात को बाद में पीड़िता ने अपने दोस्त को बताई। इसके बाद उसी दोस्त ने पुलिस में शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके बाद उसने पुलिस स्टेशन में दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। A girl was raped in the name of exorcising ghosts, two arrested
पीड़िता की शिकायत के बाद विरार पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बाल यौन शोषण संरक्षण अधिनियम (POCSO) और महाराष्ट्र मानव बलिदान, अमानवीय आचरण, अघोरी प्रथाओं तथा काला जादू निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले में आगे की जांच चल रही है। A girl was raped in the name of exorcising ghosts, two arrested
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/पालघर: मुंबई से सटे विरार पश्चिम की एक रेसिडेंटल बिल्डिंग में ब्लिंकिट कंपनी के एक डिलीवरी एजेंट द्वारा लिफ्ट में पेशाब करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। यह घटना पालघर जिले के विरार पश्चिम में सीडी गुरुदेव बिल्डिंग की है, जहां पूरी वारदात की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीसीटीवी कैमरे मे क्या देखा?
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि डिलीवरी बॉय बाएं हाथ में एक पार्सल लेकर लिफ्ट के अंदर गया। इसके बाद वह कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए पैंट की चेन खोला और लिफ्ट के सामने के गेट पर ही पेशाब करने लगा। दोपहर का समय होने के कारण सोसायटी में सन्नाटा छाया हुआ था। मौका पाकर डिलीवरी बॉय ने पार्सल दिया और वहां से निकल गया।
विरार पश्चिम स्थित तुलिंज पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और आगे की जांच शुरू कर दी। फिलहाल इस मामले में ब्लिंकिट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग इस असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/ पालघर: मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।
वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।
मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़
यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।