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  • गोरगांव के स्पा में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर समेत दो गिरफ्तार

    गोरगांव के स्पा में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर समेत दो गिरफ्तार

    मुंबई के गोरगांव इलाके में एक स्पा की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सात युवतियों को मुक्त कराया गया।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पा की आड़ में चल रहे देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में स्पा मैनेजर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात युवतियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। यह कार्रवाई गोरगांव पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की।

    मालिश के नाम पर चल रहा था अवैध धंधा

    पुलिस के अनुसार, एम.जी. रोड स्थित एकवीरा प्रसाद बिल्डिंग में मौजूद अरोमा लग्ज़री स्पा में मसाज सर्विस के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा था।
    गोरगांव के पुलिस निरीक्षक मनोज पाटिल को इस संबंध में पुख्ता जानकारी मिली थी कि स्पा का मैनेजर ग्राहकों को “स्पेशल सर्विस” देने के नाम पर युवतियां उपलब्ध करवा रहा है।

    नकली ग्राहक भेजकर पकड़ा गया रैकेट

    सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने नकली ग्राहक भेजा। ग्राहक ने स्पा मैनेजर से मसाज के साथ अतिरिक्त सेवाओं की मांग की।
    आरोप है कि मैनेजर श्रवण संतोष दुबे और उसके सहायक दिलीप संजीव यादव ने ग्राहक के सामने कई युवतियों को पेश किया और सौदा तय किया।
    जैसे ही तय इशारे पर पुलिस को संकेत मिला, टीम ने अचानक छापा मार दिया।

    छापे में दो गिरफ्तार, सात महिलाएं मुक्त

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय पैसों का लेन-देन भी चल रहा था।
    मौके पर मौजूद कुछ महिलाएं भागने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
    इस कार्रवाई में कुल सात युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद महिला संरक्षण गृह भेज दिया गया है।

    कमाई का बड़ा हिस्सा रखता था मैनेजर

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि स्पा मैनेजर ग्राहकों से मोटी रकम वसूलता था।
    कमाई का बड़ा हिस्सा खुद रखता था, जबकि बाकी रकम महिलाओं को दी जाती थी।
    यह पूरा रैकेट सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रहा था।

    इन धाराओं में मामला दर्ज

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम – PITA
      की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
      दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और आगे की जांच जारी है।

    FAQ

    Q1. यह मामला कहां का है?
    मुंबई के गोरगांव इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    दो लोग, जिनमें स्पा मैनेजर और उसका सहायक शामिल हैं।

    Q3. कितनी महिलाओं को रेस्क्यू किया गया?
    कुल सात युवतियों को मुक्त कराया गया है।

    Q4. आरोपियों पर कौन-सा कानून लगाया गया है?
    BNS और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    BMC Election: नामनिर्देशन वितरण का आंकड़ा सामने आया, 26 वार्डों में 4,165 पत्र जारी

    मुंबई महानगरपालिका के विभिन्न प्रशासकीय विभागों में BMC Election के लिए नामनिर्देशन पत्रों का वितरण पूरा हो गया है। ए से आर वार्ड तक कुल 26 विभागों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए हैं। जानिए किस वार्ड में कितने पत्र वितरित हुए।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अलग-अलग प्रशासकीय विभागों में नामनिर्देशन पत्रों के वितरण का विस्तृत आंकड़ा सामने आया है। ए विभाग से लेकर आर उत्तर विभाग तक, कुल 26 वार्डों में 4,165 नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा वितरण एम पश्चिम, एल और के पूर्व विभाग में देखने को मिला है। यह आंकड़े प्रशासनिक तैयारियों और आगामी प्रक्रियाओं की अहम तस्वीर पेश करते हैं।

    BMC के किस विभाग में कितने नामनिर्देशन पत्र

    नगर प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, वार्ड-वार वितरण इस प्रकार रहा—

    • ए विभाग – 18
    • बी विभाग – 25
    • सी विभाग – 46
    • डी विभाग – 52
    • ई विभाग – 225

    एफ और जी वार्ड में स्थिति

    • एफ उत्तर विभाग – 200
    • एफ दक्षिण विभाग – 107
    • जी उत्तर विभाग – 185
    • जी दक्षिण विभाग – 118

    इन वार्डों में मध्यम स्तर पर नामनिर्देशन पत्रों का वितरण दर्ज किया गया है।

    एल और एम वार्ड में सबसे ज्यादा वितरण

    • एल विभाग – 347
    • एम पूर्व विभाग – 228
    • एम पश्चिम विभाग – 419

    एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419 नामनिर्देशन पत्र बांटे गए, जो पूरे शहर में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

    एन, एस और टी वार्ड का हाल

    • एन विभाग – 156
    • एस विभाग – 240
    • टी विभाग – 116

    इन इलाकों में भी नामनिर्देशन प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज रही।

    एच और के वार्ड के आंकड़े

    • एच पूर्व (अधिक पूर्व) – 102
    • एच पश्चिम (अधिक एच पश्चिम) – 263
    • के पूर्व (अधिक के उत्तर) – 240
    • के पूर्व – 300

    के पूर्व और एच पश्चिम विभागों में बड़ी संख्या में नामनिर्देशन पत्र जारी किए गए हैं।

    पी और आर वार्ड का वितरण

    • पी दक्षिण विभाग – 183
    • पी उत्तर विभाग – 92
    • पी पूर्व विभाग – 183
    • आर दक्षिण विभाग – 164
    • आर मध्य विभाग – 80
    • आर उत्तर विभाग – 76

    कुल आंकड़ा

    👉 कुल नामनिर्देशन पत्र: 4,165

    प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है और आगे की कार्रवाई तय समय पर की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कुल कितने नामनिर्देशन पत्र वितरित किए गए हैं?
    👉 कुल 4,165 नामनिर्देशन पत्र।

    Q2. किस वार्ड में सबसे ज्यादा नामनिर्देशन हुए?
    👉 एम पश्चिम विभाग में सबसे ज्यादा 419।

    Q3. सबसे कम वितरण किस विभाग में रहा?
    👉 ए विभाग में केवल 18 नामनिर्देशन पत्र।

    Q4. यह वितरण किससे जुड़ा है?
    👉 यह प्रशासकीय और नगर निगम से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    Q5. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
    👉 नामनिर्देशन के बाद जांच और अगली प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

  • ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    ट्रैफिक पुलिस से बदसलूकी का मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

    अंधेरी में सीट बेल्ट चेक के दौरान ट्रैफिक कॉन्स्टेबल से गाली-गलौज और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी परिवार को राहत देने से इनकार किया। कोर्ट ने कहा— FIR रद्द हुई तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।

    मुंबई: ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अंधेरी के एक बुजुर्ग दंपति और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मामले में सबूत मौजूद हैं और ऐसी स्थिति में केस रद्द करना पुलिस बल का मनोबल तोड़ने जैसा होगा।

    ⚖️ हाईकोर्ट का अहम फैसला

    इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति संदीप डी. पाटिल की खंडपीठ ने की। अदालत ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले वीडियो सबूत और गवाहों के बयान मौजूद हैं। ऐसे में आरोपियों को ट्रायल का सामना करना ही होगा।

    अदालत ने टिप्पणी की कि
    👉 “अगर ऐसे मामलों में FIR रद्द की गई, तो यह समाज और पुलिस व्यवस्था के लिए गलत संदेश होगा।”

    🚦 कब और कहां हुआ था विवाद?

    यह घटना 13 अगस्त 2024 को
    📍 MHADA कॉलोनी जंक्शन, अंधेरी में हुई थी।

    उस समय ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल

    • गणेश सोनावणे
    • भारत चौधरी

    सीट बेल्ट चेकिंग की ड्यूटी पर तैनात थे।

    🚗 सीट बेल्ट न पहनने पर शुरू हुआ विवाद

    कांस्टेबल सोनावणे ने देखा कि एक कार में आगे की सीट पर बैठी महिला ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उन्होंने गाड़ी रोककर ई-चालान काटने की प्रक्रिया शुरू की।

    इसी दौरान पुलिस के अनुसार:

    • महिला और उसके पति ने गंदी गालियां देना शुरू कर दिया
    • ड्राइवर ने कांस्टेबल को जान से मारने की धमकी दी
    • महिला ने कथित तौर पर
      👉 कांस्टेबल को थप्पड़ मारा
      👉 सीने में मुक्का मारा

    👨‍👩‍👦 कौन हैं आरोपी?

    बाद में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:

    • कपिल भगवानप्रसाद आनंद (70)
    • साधना आनंद (60)
    • उनका बेटा अद्वैत आनंद (30)

    तीनों लोकhandwala कॉम्प्लेक्स, अंधेरी के निवासी हैं।

    📹 वीडियो बना मजबूत सबूत

    पुलिस ने अदालत को बताया कि
    👉 पूरी घटना कांस्टेबल भारत चौधरी ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड की थी।
    यह वीडियो चार्जशीट का हिस्सा है।

    हाईकोर्ट ने वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान देखने के बाद कहा कि
    👉 “यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपियों को ट्रायल कोर्ट में मुकदमे का सामना करना होगा।”

    🛑 FIR रद्द करने की मांग खारिज

    परिवार की ओर से दलील दी गई थी कि

    • उन्हें झूठा फंसाया गया है
    • ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं

    लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि
    👉 सबूत साफ तौर पर आरोपों की पुष्टि करते हैं।

    👮‍♂️ पुलिस और समाज को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

    हाईकोर्ट ने कहा कि
    👉 अगर पुलिसकर्मियों पर हमले के मामलों में नरमी बरती गई,
    👉 तो पुलिसकर्मी डर के माहौल में ड्यूटी करने को मजबूर होंगे,
    जो कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. यह मामला किस इलाके का है?
    👉 अंधेरी, MHADA कॉलोनी जंक्शन।

    Q2. FIR क्यों दर्ज की गई थी?
    👉 ट्रैफिक पुलिस से गाली-गलौज, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में।

    Q3. हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?
    👉 FIR रद्द करने से इनकार, ट्रायल जारी रखने का आदेश।

    Q4. पुलिस के पास क्या सबूत हैं?
    👉 मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग और गवाहों के बयान।

  • Mumbai: नशेड़ी ड्राइवर ने नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai: नशेड़ी ड्राइवर ने नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को मारी टक्कर, आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के अंधेरी में नशे में धुत एक युवक ने अभिनेत्री नोरा फतेही की मर्सिडीज़ कार को टक्कर मार दी। हादसे में नोरा को हल्की चोट आई, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: नशे में ड्राइविंग का एक गंभीर मामला सामने आया है। अंधेरी (पश्चिम) इलाके में एक 27 वर्षीय युवक ने शराब के नशे में अपनी कार से बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही की मर्सिडीज़ को टक्कर मार दी। यह हादसा उस वक्त हुआ जब नोरा सनबर्न फेस्टिवल में परफॉर्म करने के लिए सीवरी जा रही थीं। पुलिस ने मौके से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पुष्टि हुई है कि ड्राइवर शराब के नशे में था।

    🚗 कैसे हुआ हादसा?

    Mumbai पुलिस के मुताबिक यह घटना
    📍 लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट, अंधेरी (पश्चिम)
    🕓 शनिवार शाम करीब 4 बजे की है।

    नोरा फतेही अपनी टीम के साथ मर्सिडीज़ कार में
    👉 सीवरी स्थित सनबर्न फेस्टिवल के लिए रवाना हुई थीं,
    जहां उन्हें मशहूर DJ डेविड गुएटा के साथ मंच साझा करना था।

    इसी दौरान पीछे से आ रही एक कार ने
    👉 पहले नोरा की गाड़ी को टक्कर मारी
    👉 फिर डिवाइडर से जा टकराई।

    🍺 शराब के नशे में था आरोपी

    हादसे के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और
    👉 ड्राइवर को वहीं से हिरासत में ले लिया।

    आरोपी की पहचान
    विनय एस. (27)
    निवासी – गोरेगांव
    के रूप में हुई है।

    पुलिस ने जब उसे
    👉 ब्रीथ एनालाइज़र टेस्ट कराया,
    तो यह साफ हो गया कि वह शराब के नशे में था।

    🏥 नोरा फतेही की हालत कैसी है?

    हादसे के बाद नोरा फतेही की टीम ने
    👉 उन्हें एहतियात के तौर पर
    👉 नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया।

    डॉक्टरों ने

    • CT स्कैन किया
    • गंभीर चोट की जांच की

    पुलिस अधिकारी के अनुसार:
    👉 “टक्कर के कारण नोरा को हल्का कन्कशन (Concussion) हुआ है,
    लेकिन उनकी हालत स्थिर है।”

    ⚖️ आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं?

    अंबोली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ:

    • BNS धारा 110 – गैर इरादतन हत्या का प्रयास
    • धारा 281 – लापरवाही से वाहन चलाना
    • धारा 125(a) – मानव जीवन को खतरे में डालना
    • मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 – शराब के नशे में गाड़ी चलाना

    के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    आरोपी को
    👉 मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया
    👉 रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

    🚨 Mumbai पुलिस कर रही है आगे की जांच

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • आरोपी कहां जा रहा था
    • गाड़ी की स्पीड कितनी थी
    • हादसे के समय ट्रैफिक की स्थिति क्या थी

    सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं।

    ⚠️ नशे में ड्राइविंग

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि
    👉 नशे में गाड़ी चलाना कितना खतरनाक हो सकता है।
    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि

    • शराब पीकर वाहन न चलाएं
    • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 अंधेरी (पश्चिम), लक्ष्मी इंडस्ट्रियल एस्टेट के पास।

    Q2. आरोपी कौन है?
    👉 27 वर्षीय विनय एस., गोरेगांव निवासी।

    Q3. क्या नोरा फतेही को गंभीर चोट आई?
    👉 नहीं, उन्हें हल्का कन्कशन हुआ है।

    Q4. आरोपी पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
    👉 BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की कई गंभीर धाराएं।

  • एक्टर अनुज सचदेवा पर भी दर्ज हुआ क्रॉस केस, पार्किंग विवाद बना मारपीट की वजह

    एक्टर अनुज सचदेवा पर भी दर्ज हुआ क्रॉस केस, पार्किंग विवाद बना मारपीट की वजह

    मुंबई के बंगुर नगर इलाके में टीवी एक्टर अनुज सचदेवा और पड़ोसी प्रदीप सिंह के बीच पार्किंग को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने क्रॉस FIR दर्ज की है। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: बंगुर नगर पुलिस स्टेशन में टीवी एक्टर अनुज सचदेवा से जुड़े मारपीट मामले में नया मोड़ आ गया है। जहां पहले अभिनेता की शिकायत पर उनके पड़ोसी प्रदीप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, वहीं अब पुलिस ने सिंह की शिकायत के आधार पर अनुज सचदेवा के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया है। पूरा विवाद सोसायटी की पार्किंग को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई और चोट लगने तक पहुंच गया।

    📍 क्या है पूरा मामला?

    घटना 14 दिसंबर की रात करीब 10 बजे की है।
    प्रदीप सिंह ने अपनी BMW कार सोसायटी की ओपन पार्किंग में खड़ी की थी। कुछ देर बाद सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक मैसेज आया, जिसमें अभिनेता अनुज सचदेवा ने कार की फोटो डालते हुए लिखा कि अगर गाड़ी नहीं हटाई गई तो टोइंग कर दी जाएगी।

    यह मैसेज देखकर प्रदीप सिंह नीचे पार्किंग में पहुंचे। वहां उन्होंने अनुज सचदेवा को एक अन्य सोसायटी मेंबर के साथ टहलते हुए देखा और उनसे इस पोस्ट को लेकर सवाल किया।

    🗣️ बहस से मारपीट तक कैसे पहुंचा मामला?

    प्रदीप सिंह की शिकायत के मुताबिक:

    • सोसायटी में ओपन पार्किंग की सुविधा है
    • इसी नियम के तहत उन्होंने गाड़ी खड़ी की थी

    जब उन्होंने अनुज सचदेवा से बात की, तो:

    • दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई
    • सचदेवा ने कथित तौर पर गाली-गलौज की
    • साथ मौजूद एक सदस्य की ओर इशारा किया, जिसके पास पालतू कुत्ता था

    आरोप है कि
    👉 कुत्ते ने प्रदीप सिंह के दाहिने हाथ की कलाई पर काट लिया, जिससे उन्हें चोट लगी।

    🐕 कुत्ते के हमले के बाद क्या हुआ?

    सिंह का कहना है कि

    • उन्होंने खुद को बचाने के लिए एक डंडा उठाया
    • इसके बाद अनुज सचदेवा ने कथित तौर पर
      👉 किसी सख्त वस्तु से हमला किया, जिससे उन्हें और चोटें आईं

    शोर सुनकर सोसायटी के वॉचमैन मौके पर पहुंचे और दोनों को अलग किया।

    ⚖️ पहले और अब: दो FIR

    • 15 दिसंबर:
      👉 अनुज सचदेवा की शिकायत पर
      👉 प्रदीप सिंह के खिलाफ
      👉 मारपीट और आपराधिक धमकी की FIR दर्ज
    • अब:
      👉 प्रदीप सिंह की शिकायत पर
      👉 अनुज सचदेवा के खिलाफ
      👉 क्रॉस FIR दर्ज

    फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

    👮‍♂️ पुलिस का कहना

    बंगुर नगर पुलिस के अनुसार,

    • दोनों पक्षों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।
    • जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. अनुज सचदेवा पर किस मामले में FIR दर्ज हुई है?
    👉 पार्किंग विवाद के बाद मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में।

    Q2. घटना कब और कहां हुई?
    👉 14 दिसंबर की रात, बंगुर नगर इलाके की एक हाउसिंग सोसायटी में।

    Q3. क्या पहले भी कोई FIR दर्ज हुई थी?
    👉 हां, पहले अनुज सचदेवा की शिकायत पर प्रदीप सिंह के खिलाफ FIR हुई थी।

    Q4. पुलिस आगे क्या कर रही है?
    👉 दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर सबूत जुटाए जा रहे हैं।

  • Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    Borivali के ज्वेलर से ₹1.60 करोड़ की ठगी, नकली गोल्ड बार देकर आरोपी फरार

    मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?

    पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं।
    अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान

    पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई।
    गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।

    शुरुआत में:

    • एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
    • असली गोल्ड बार दिए गए
    • भरोसा मजबूत हो गया

    इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।

    📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी

    • 21 अक्टूबर को अजय ने
      👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे
      👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
    • लेकिन 25 दिसंबर को
      👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़,
      👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे

    होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए,
    लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।

    📵 ठगी का खुलासा और आरोपियों का फरार होना

    जैसे ही अजय वाया को ठगी का एहसास हुआ,
    उन्होंने सुरेश वैष्णव और रामलाल गुर्जर से संपर्क करने की कोशिश की।

    लेकिन:

    • दोनों के मोबाइल फोन बंद थे
    • दोनों गायब हो चुके थे

    इसके बाद अजय ने तुरंत एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    एलटी मार्ग पुलिस ने

    • धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है
    • दोनों आरोपी फरार हैं
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
      👉 कहीं इसी तरह से अन्य ज्वेलर्स को भी निशाना तो नहीं बनाया गया

    ⚠️ ज्वेलर्स कारोबारियों के लिए चेतावनी

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक,
    इस तरह के मामलों में आरोपी पहले

    • छोटी और सही डील करते हैं
    • भरोसा जीतते हैं
    • फिर बड़ी रकम या सोने पर हाथ साफ करते हैं

    ज्वेलर्स को लेन-देन के दौरान
    👉 सोने की तुरंत जांच
    👉 लिखित समझौते
    👉 भरोसेमंद चैनल का ही इस्तेमाल
    करने की सलाह दी गई है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 करीब ₹1.60 करोड़ (2,045 ग्राम सोना)।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 सुरेश वैष्णव (ज्वेलर/सप्लायर) और रामलाल गुर्जर।

    Q3. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    👉 एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन, मुंबई।

    Q4. क्या आरोपी पकड़े गए हैं?
    👉 नहीं, दोनों फिलहाल फरार हैं।

  • मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    मुंबई में 22 से 26 दिसंबर तक पानी की कटौती, जी उत्तर–के पूर्व–एच पूर्व इलाके प्रभावित

    बीएमसी द्वारा जलवाहिनी जोड़ने के काम के चलते 22 से 26 दिसंबर 2025 तक मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी की सप्लाई होगी। पानी के समय में भी बदलाव किया गया है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलवाहिनी जोड़ने के अहम काम के चलते सोमवार 22 दिसंबर 2025 सुबह 10 बजे से शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 दोपहर 1 बजे तक (करीब 99 घंटे) मुंबई के जी उत्तर, के पूर्व और एच पूर्व विभागों में कम दबाव से पानी सप्लाई की जानकारी दी है। इस दौरान कई इलाकों में नियमित पानी की टाइमिंग भी बदली गई है। नागरिकों से पहले से पानी जमा करने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    🚧 क्यों किया जा रहा है जलवाहिनी का काम?

    बीएमसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार,
    एमएमआरडीए की मेट्रो लाइन–7A परियोजना के लिए
    2400 मिमी व्यास की अपर वैतरणा मुख्य जलवाहिनी का एक हिस्सा डायवर्ट किया गया है।

    👉 अब इस डायवर्ट किए गए हिस्से की
    क्रॉस-कनेक्शन (जोड़ने) का काम बीएमसी द्वारा किया जाएगा।
    👉 यह काम तकनीकी तौर पर बेहद जरूरी और संवेदनशील है।
    👉 पानी सप्लाई पर असर कम से कम पड़े, इसके लिए पहले से पूरा प्लान तैयार किया गया है।

    ⏰ कब से कब तक रहेगा असर?

    • शुरुआत: सोमवार, 22 दिसंबर 2025 – सुबह 10 बजे
    • समाप्ति: शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 – दोपहर 1 बजे
    • कुल अवधि: लगभग 99 घंटे

    इस दौरान कई इलाकों में लो प्रेशर वॉटर सप्लाई रहेगी।

    🏘️ किन इलाकों में कम दबाव से पानी मिलेगा?

    🔹 1. जी उत्तर (G North) विभाग – धारावी क्षेत्र

    सुबह की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी लूप रोड, ए.के.जी. नगर, जस्मिन मिल रोड, माटुंगा लेबर कैंप, संत रोहिदास मार्ग,
    60 फीट रोड, 90 फीट रोड, संत कक्कैया मार्ग, एम.पी. नगर ढोरवाडा,
    महात्मा गांधी रोड

    🕓 नियमित समय: सुबह 4 से दोपहर 12
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज सुबह 9 से शाम 5 बजे

    शाम की सप्लाई वाले इलाके:
    धारावी मेन रोड, गणेश मंदिर रोड, दिलीप कदम मार्ग, जस्मिन मिल रोड,
    माहीम फाटक, ए.के.जी. नगर

    🕓 नियमित समय: शाम 4 से रात 9
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – रोज शाम 5 से रात 10 बजे

    🔹 2. के पूर्व (K East) विभाग

    दोपहर की सप्लाई:
    कबीर नगर, बामनवाड़ा, पारसीवाड़ा, एयरपोर्ट एरिया, तरुण भारत कॉलोनी,
    इस्लामपुरा, देऊळवाड़ी, P&T कॉलोनी

    🕓 नियमित समय: दोपहर 2 से शाम 5:30
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    शाम की सप्लाई:
    कोलडोंगरी, ओल्ड पुलिस गली, विजय नगर (सहार रोड), मोगरापाड़ा

    🕓 नियमित समय: शाम 5 से रात 10
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🔹 3. एच पूर्व (H East) विभाग

    बीकेसी और आसपास:
    बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मोतीलाल नगर

    🕓 नियमित समय: रात 10 से 11:40
    ⚠️ कम दबाव:
    22 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    अन्य इलाके:
    प्रभात कॉलोनी, टीपीएस-3, आग्रीपाड़ा, कालिना, सीएसटी रोड, हंसभुग्रा रोड,
    विद्यापीठ परिसर, यशवंत नगर, सुंदर नगर, कोलिवरी गांव,
    तीन बंगला, शांतिलाल कंपाउंड, पटेल कंपाउंड, गोलीबार रोड,
    खार सब-वे से खेरवाड़ी, नवापाड़ा, बेहराम नगर, ए.के. रोड,
    सरकारी कॉलोनी बांद्रा (पूर्व)

    🕓 नियमित समय: रात 3:30 के बाद से सुबह 9 बजे तक
    ⚠️ कम दबाव:
    23 से 25 दिसंबर – इसी समय में

    🚰 मुंबई शहर में बीएमसी की नागरिकों से अपील

    बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि:

    • जरूरी मात्रा में पहले से पानी जमा कर लें
    • मरम्मत अवधि में पानी का कम से कम इस्तेमाल करें
    • एहतियात के तौर पर पानी उबालकर और छानकर पिएं
    • महानगरपालिका को सहयोग करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी की सप्लाई कब प्रभावित होगी?
    👉 22 दिसंबर सुबह 10 बजे से 26 दिसंबर दोपहर 1 बजे तक।

    Q2. क्या पूरी तरह पानी बंद रहेगा?
    👉 नहीं, पानी मिलेगा लेकिन कम दबाव से

    Q3. किन इलाकों पर सबसे ज्यादा असर होगा?
    👉 जी उत्तर (धारावी), के पूर्व (एयरपोर्ट, सहार रोड) और एच पूर्व (बीकेसी, बांद्रा ईस्ट)।

    Q4. यह काम क्यों जरूरी है?
    👉 मेट्रो लाइन 7A के लिए जलवाहिनी को शिफ्ट कर क्रॉस-कनेक्शन किया जा रहा है।

  • 16 साल बाद टूटी खामोशी: मुंबई की मूक-बधिर महिला ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया

    16 साल बाद टूटी खामोशी: मुंबई की मूक-बधिर महिला ने यौन शोषण का केस दर्ज कराया

    मुंबई की एक मूक-बधिर महिला ने 2009 में हुए यौन शोषण का मामला 16 साल बाद पति की मदद से दर्ज कराया। आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी।

    मुंबई: एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मूक और बधिर महिला ने 16 साल पहले हुए यौन शोषण के खिलाफ आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। साल 2009 में, जब वह नाबालिग थी, एक जन्मदिन पार्टी के दौरान उसे नशीला पदार्थ देकर शोषण किए जाने का आरोप है। परिवार से उस वक्त मदद नहीं मिली, लेकिन अब पति के सहयोग से उसने हिम्मत जुटाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    Silence-broken-after-16-years-Mumbai-deaf-and-mute-woman-files-sexual-assault-case-news

    2009 की घटना, नाबालिग थी पीड़िता

    पीड़िता के अनुसार, साल 2009 में वह अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में गई थी। वहीं उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। आरोप है कि आरोपी ने उसके पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसी हालत में उसके साथ यौन शोषण किया गया।

    जब पीड़िता को होश आया तो उसने खुद को गंभीर हालत में पाया और खून बह रहा था। किसी तरह वह घर पहुंची और परिवार को पूरी बात बताई।

    परिवार से नहीं मिला साथ, शिकायत दबा दी गई

    पीड़िता का कहना है कि उसने उसी समय पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की इच्छा जताई थी, लेकिन परिवार का समर्थन नहीं मिला। सामाजिक दबाव, डर और संवाद की कठिनाई के चलते मामला दबा दिया गया।
    मूक-बधिर होने के कारण वह अपनी पीड़ा किसी से ठीक से साझा भी नहीं कर सकी।

    पति का सहारा, 16 साल बाद दर्ज हुई FIR

    समय बीतने के साथ पीड़िता की शादी हुई। पति को जब पूरी घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने उसे कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पति की मदद से पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया और आखिरकार एफआईआर दर्ज कराई गई।

    आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो

    शिकायत के बाद मालाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले को वाकोला पुलिस स्टेशन ट्रांसफर कर दिया, क्योंकि घटना वाकोला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में हुई थी।

    आरोपी का मोबाइल फोन जब्त करने पर पुलिस को कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान बिना सहमति रिकॉर्डिंग की और बाद में ब्लैकमेलिंग भी की।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस मामले में और पीड़िताएं तो शामिल नहीं हैं।

    विरार का मिलताजुलता मामला भी उजागर

    इसी बीच, मुंबई पुलिस ने एक और बड़े मामले में विरार से महेश रमेश पवार (45) नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है।
    आरोप है कि उसने 10 से ज्यादा लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ देकर शोषण किया, अश्लील वीडियो बनाए और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया।

    इस आरोपी को भी कुरार पुलिस की डिटेक्शन टीम ने पकड़ा है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: घटना कब हुई थी?
    👉 साल 2009 में, जब पीड़िता नाबालिग थी।

    Q2: शिकायत दर्ज कराने में 16 साल क्यों लगे?
    👉 परिवार के सहयोग की कमी और संवाद की कठिनाइयों के कारण मामला दब गया था।

    Q3: आरोपी को किस पुलिस ने गिरफ्तार किया?
    👉 कुरार पुलिस ने गिरफ्तारी की, बाद में केस वाकोला पुलिस को सौंपा गया।

    Q4: क्या आरोपी के खिलाफ और मामले हो सकते हैं?
    👉 मोबाइल से मिले वीडियो के आधार पर पुलिस को कई और पीड़िताओं की आशंका है।

  • BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election: सीट बंटवारे पर ठाकरे बंधुओं की बातचीत तेज, UBT को 125 और MNS को 90 सीटें संभव

    BMC Election 2026 से पहले ठाकरे बंधुओं में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम दौर की बातचीत। शिवसेना (UBT) 120–125 और मनसे 80–90 सीटों पर लड़ सकती है।

    मुंबई: आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत शिवसेना (UBT) करीब 120 से 125 सीटों पर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लगभग 80 से 90 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।

    ठाकरे बंधुओं की संभावित युति पर सबकी नजर

    करीब एक दशक बाद होने जा रहे बीएमसी चुनाव को लेकर ठाकरे परिवार की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग का मकसद साफ है—मराठी वोटों का बंटवारा रोकना और मुंबई महानगरपालिका में मज़बूत दावेदारी पेश करना।

    सूत्र बताते हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच कई दौर की अनौपचारिक बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक ऐलान हो सकता है।

    BMC Election 2017 के नतीजों से सीख, लेकिन सीटों पर मतभेद

    2017 के BMC Election में शिवसेना (तत्कालीन अविभाजित) ने 84 सीटें जीती थीं। उद्धव ठाकरे चाहते हैं कि ये सभी 84 सीटें शिवसेना (UBT) के पास ही रहें।
    हालांकि, मनसे इस मांग से सहमत नहीं है

    मनसे का तर्क है कि वर्ली, दादर, कालाचौकी, मुलुंड और भांडुप जैसे मराठी बहुल इलाकों में उसका मजबूत जनाधार है। इसी आधार पर मनसे कुछ ऐसी सीटों की मांग कर रही है, जिन पर पहले शिवसेना का दबदबा रहा है।

    NCP (शरद पवार) और वाम दलों की भी हो सकती है एंट्री

    वोटों के बंटवारे से बचने के लिए ठाकरे बंधु इस संभावित गठबंधन में एनसीपी (शरद पवार गुट) और वाम दलों को शामिल करने पर भी विचार कर रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यदि शरद पवार गुट गठबंधन में शामिल होता है तो उसे 15 से 20 सीटें दी जा सकती हैं। इससे गठबंधन को शहरी और अल्पसंख्यक वोटों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    महा युति में भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान

    दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महा युति (भाजपा–शिंदे गुट शिवसेना) में भी सीट शेयरिंग को लेकर गहमागहमी है।
    एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 90 से 100 सीटों की मांग की है, यह दावा करते हुए कि उसका संगठन और जनाधार कई वार्डों में मजबूत है।

    वहीं, भाजपा मुंबई में 135 से 140 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

    2017 में किसका पलड़ा भारी था?

    2017 के बीएमसी चुनाव में कुल 227 सीटों में से:

    • शिवसेना: 84 सीटें
    • भाजपा: 82 सीटें

    उस वक्त दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़े थे। इस बार तस्वीर बदली हुई है और गठबंधनों का गणित ज्यादा अहम हो गया है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: बीएमसी चुनाव कब होने हैं?
    👉 जनवरी 2026 में।

    Q2: शिवसेना (UBT) कितनी सीटों पर लड़ सकती है?
    👉 लगभग 120 से 125 सीटों पर।

    Q3: मनसे को कितनी सीटें मिलने की संभावना है?
    👉 करीब 80 से 90 सीटें।

    Q4: क्या एनसीपी (शरद पवार) भी गठबंधन में शामिल होगी?
    👉 बातचीत चल रही है, 15–20 सीटें दिए जाने की संभावना है।