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कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 1 मई को पैरेंट्स मीटिंग में नए यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में सभी को बताया गया था। नई पॉलिसी के तहत छात्राएं न तो दुपट्टा रख सकती हैं और ना ही बुर्का या हिजाब पहन सकती हैं। (Mumbai Hijab Row)
इस्माईल शेख मुंबई- कर्नाटक के बाद एक बार फिर देश में हिजाब बनाम भगवा को लेकर बवाल शुरू हो गया है। ताजा मामला मुंबई के चेंबूर इलाके के एक कॉलेज का है, जहां हिजाब को लेकर बवाल हो रहा है। बुर्का या हिजाब पहनी हुई छात्राओं को कॉलेज में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसमें कॉलेज प्रशासन साफ कह चुका है, कि स्कूल में सख्ती से ड्रेस कोर्ड लागू किया गया है और सभी छात्रों को इसका पालन करना होगा। हालांकि कुछ छात्राओं को कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करते हुए देखा गया। (Mumbai Hijab Row)
Mumbai Hijab Row..
मामला मुंबई के चेंबूर इलाके का जहां, डीके मराठा कॉलेज में कुछ छात्र बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंचीं थी, जहां सुरक्षा गार्ड ने उन्हें कॉलेज के अंदर दाखिल नहीं होने दिया। गार्ड का कहना है कि स्कूल में पहले ही यूनिफॉर्म पॉलिसी लागू कर दी गई है और इसके बारे में जानकारी भी सभी छात्रों को दे दी गई थी। स्कूल में बुर्का पहनने और सिर ढकने पर पाबंदी है। हालांकि जब छात्राओं को स्कूल में एंट्री नहीं मिली तो छात्राओं ने हंगामा कर दिया। पुलिस ने मामले को संभालते हुए स्कूल प्रशासन और छात्राओं के बीच बातचीत कराई। जिसके बाद मामला शांत कराया गया। (Mumbai Hijab Row)
Indian fasttrack newsप्रदर्शन के द्वारा छात्राओं की तस्वीर
ड्रेस कोर्ड हो गया लागू..
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 1 मई को पैरेंट्स और टीचर की मीटिंग बुलाई गई थी। मीटिंग में नए यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में सभी को बताया गया था। नई पॉलिसी के तहत छात्राएं न तो दुपट्टा रख सकती हैं और ना ही बुर्के का इस्तेमाल कर सकती हैं। स्कूल प्रशासन का ये भी कहना है कि भले ही छात्राएं घर से बुर्का या हिजाब पहनकर आ सकती है लेकिन स्कूल कैंपस में आकर बदल सकती हैं। हालांकि छात्राएं इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थी। (Mumbai Hijab Row)
कांदिवली पूर्व के पोईसर, बिहारी टेकड़ी इलाके से 3 महिलाओं को पुलिस ने ड्रग्स और लाखों रुपए के साथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Drugs Case)
इस्माईल शेख मुंबई- कांदिवली पूर्व के पोइसर इलाके के बिहारी टेकड़ी से मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 की टीम ने 3 महिलाओं को लगभग 4 लाख 65 हज़ार रुपए के एमडी (MD) नामक ड्रग्स और 5 लाख 75 हजार 140 रुपये कैश के साथ गिरफ्तार किया है। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले ने इसकी जानकारी दी। (Mumbai Drugs Case)
Mumbai: में महिलाओं ने जमा लिया ड्रग्स का कारोबार
आए दिन ड्रग्स के मामलों में महिलाओं का सम्मिलित होना मुंबई के लिए अब आम हो गया है। जबकि ड्रग्स एक ऐसा जहर है जो समाज को धीरे धीरे खत्म करता जा रहा है। पहले तो इसका शिकार सिर्फ मर्द हुआ करते थे लेकिन अब महिलाएं भी कानून की गिरफ्त से नहीं डर रहे हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले ने जानकारी देते हुए बताया, कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस उपनिरीक्षक शेख गुरुवार की शाम समता नगर पुलिस की हद में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान पोईसर के बिहारी टेकरी इलाके में मातेश्वरी किराना जनरल स्टोर के पास वाली गली में एक महिला शक के दायरे में देखी गई। शेख जब उनके पास जाने लगे तो वह महिला भागने का प्रयत्न कर रही थी। उसे रोककर छानबीन की गई तो उसके पास से 11 ग्राम ‘मेफेड्रोन’ (MD) प्राप्त हुआ। (Mumbai Drugs Case)
लोगों से पता चला कि यह महिला वहीं पास में रहती है। सरकारी पंचों के साथ जब उसकी घर की पड़ताल करने टीम पहुंची तो वहां और 2 महिला उपस्थित मिली। जो हिरासत मे ली हुई महिला की एक बेटी थी तो दूसरे उसकी बहू थी। जब महिला पुलिस ने लड़की की तलाश ली तो उसके पास से 10 ग्राम एमडी और भी बरामद हुआ और पूरे रूम की तलाशी में कुल मिलाकर 31 ग्राम एमडी और 5 लाख 75 हजार 140 रुपये कैश बरामद किया गया। (Mumbai Drugs Case)
मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक विलास भोसले मैं जानकारी देते हुए बताया, कि मामले की और अधिक तहकीकात के लिए समता नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है जिसमें गु.र.क्र. 517/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 8(क), 22(ब), 29 एनडीपीएस (NDPS Act.) 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात समता नगर पुलिस कर रही है। (Mumbai Drugs Case)
शुक्रवार कांदिवली धानुकरवाड़ी मेट्रो स्टेशन के पास एक इमारत में आग लग गई। कोई हताहत नहीं..
इस्माईल शेख मुंबई- शुक्रवार को यहां उपनगरीय क्षेत्र कांदिवली पश्चिम के एक 23 मंजिला आवासीय इमारत के फ्लैट में आग लग गई, गनीमत रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है, अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
एक पब्लिक सर्वेंट ने बताया कि कांदिवली पश्चिम में न्यू लिंक रोड पर धानुकरवाड़ी, मेट्रो स्टेशन के पास ऑर्किड सुबुर्बिया बिल्डिंग की 16वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में सुबह 10 बजे के आसपास आग लग गई। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दमकल की आठ गाड़ियां मौके पर हैं और आग बुझाने का काम जारी है। “लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इमारत के अंदर किसी के फंसे होने की कोई खबर नहीं है।”
कांदिवली के नोबेल अस्पताल में एक डॉक्टर ने मरीज को बिल के पैसे नहीं भरने के एवज में पिटाई कर दी। मनसे कार्यकर्ताओं के विरोध पर पुलिस ने किया मामला दर्ज।
इस्माईल शेख मुंबई- कांदिवली पश्चिम के धानुकरवाडी स्थित नोबेल अस्पताल के डॉक्टर विजय गुप्ता ने एक मरीज को पैसे नहीं भरने के कारण पिटाई कर दी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मामले में दखल देकर पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई। मरीज द्वारा इलाज के पैसे नहीं भरते हुए अस्पताल से फरार होने का आरोप।
कांदिली पश्चिम के धानुकरवाड़ी के कांदिवली विलेज स्थित चर्च के सामने नोबेल अस्पताल का मामला गरमाया हुआ है। यहां एक रिक्शा ड्राइवर जमाल शेख नामक मरीज का इलाज के दौरान 45 हजार रुपये का बिल तैयार हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 26 जुलाई से 2 अगस्त के बीच मरीज अस्पताल में एडमिट रहा। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, कि उसने लैब और मेडिकल जांच के तौर पर 12 हजार रुपये भर दिए। बाकी पैसे भरने के लिए असमर्थ होने के कारण उसने अपने पहचान के डॉक्टर संदीप दुबे से नोबेल अस्पताल के डॉक्टरों से मदद के लिए बात करने को कहा और बकाया भरने के लिए मुद्दत मांगा उसने बताया कि मेरे घर में 20 हजार रुपये रखे हैं उसके अलावा मेरे पास बिल भरने के लिए पैसे नहीं है।
Indian fasttrack newsशिकायत को लेकर कांदिवली पुलिस थाने में जमा मनसे कार्यकर्ताओं की तस्वीर
डॉक्टर ने कर दी मरीज की पिटाई
डॉ संदीप दुबे से हुई बातचीत के बाद 20 हजार रुपये भर कर डिस्चार्ज लेने को कहा गया। यहां पीड़ित के साथ और एक घटना पेश आ गई। उसने पुलिस को बताया, कि जब मेरी पत्नी और 13 साल का बेटा घर से पैसे लेकर रिक्शे से पहुंचे तो आनन-फानन में उनका पैसों से भरा बैग रिक्शे में छूट गया और अस्पताल पहुंचने के बाद पीड़ित को यह बात पता चली तो वह तुरंत अस्पताल से बाहर ऑटो रिक्शा की खोज में दौड़ पड़ा और रिक्शे का पता लगाने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान पीड़ित मरीज के पत्नी और बच्चा भी अस्पताल से बाहर निकलता हुआ देख अस्पताल के लोगों ने उन्हें रोक दिया और पीड़ित को वापस बुला कर अस्पताल के पैसे भरने के लिए बाध्य किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर विजय गुप्ता ने उसका हाथ पकड़ते हुए धकेल कर उसे लात घूसो से पिटा और कहा, की पैसे भरे बगैर तुम यहां से नहीं जा सकते पैसे भरने के बाद ही तुम्हें डिस्चार्ज दीया जाएगा। पीड़ित का कहना है, कि उसने अपनी परेशानी को बयान किया और पैसे भरने के लिए मदद मांगा लेकिन डॉक्टर ने उसकी एक नहीं सुनी। इसकी जानकारी पीड़ित के परिवार द्वारा जैसे ही चारकोप विधान सभा अध्यक्ष मनसे कार्यकर्ता दिनेश सालवी को पता चली तो उन्होंने तुरंत कांदिली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव से मुलाकात कर शिकायत दर्ज करने की मांग की।
कांदिवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि गुनाह रजिस्टर क्रमांक 0516/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 341 और 323 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की तहकीकात पुलिस उप निरीक्षक नितिन साटम कर रहे हैं।
सूचना-प्रसारण विभाग के आदेश के बावजूद भी नहीं लगाए सीसीटीवी कैमरे।
भ्रष्टाचार के आरोप पर महापालिका आयुक्त का कार्यवाही को लेकर आश्वासन।
इस्माईल शेख मिराभायंदर- महापालिका प्रभाग क्रमांक 6 की कार्यालय, इमारत में सी. सी. टी.वी. कैमरे लगाये जाने के राज्य सरकार द्वारा दिनांक 4 मार्च 2013 को ही जारी निर्देश के उपरांत भी मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों ने सरकारी प्रभाग क्रमांक 6 के कार्यालय की इमारत में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए। इसे महापालिका अधिकारियों की मनमानी कार्यप्रणाली माना जा रहा है। ऐसी शिकायत एक स्थानीय पत्रकार ने की है।
आपको राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, बता दें, कि इसी तरह का आदेश पूणे नगर महापालिका एवं अन्य नगर पालिकाओं को भी निर्देश दिए गए हैं जहां कि सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। शिकायत में कहा गया है, कि मिराभायंदर महापालिका अंतर्गत प्रभाग क्रमांक 6 में नया कार्यालय करदाताओं के पैसे से बनाया गया है, यहां सरकारी परिपत्र के अनुसार, सरकारी कार्यालय में सीसीटीवी लगाया जाना चाहिए। जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। पिछले 6 महीनों से यहां सरकारी दफ्तर मैं अधिकारी एवं कर्मचारी काम तो कर रहे हैं। लेकिन सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर इन्हें कुछ खास रुझान नहीं दिखाई पड़ रहा है।
Indian fasttrack newsमहाराष्ट्र राज्य परिपत्र एवं महापालिका को दी गई शिकायत पत्र की तस्वीर
मिराभयंदर महापालिका का भ्रष्टाचार..
महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने 4 मार्च 2013 को सीसीटीवी कैमरा परियोजना के कार्यान्वयन के लिए एक परिपत्र जारी किया है। उक्त परिपत्र के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों को इन निर्देशों के अनुसार कार्य करने का आदेश दिया गया है। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में सी. सी.टी.वी कैमरे आईपी बेस होने के लिए बाध्य किया गया है। जो भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए अति आवश्यक माना गया है। आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि मीरा रोड के मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर काशीमीरा पुलिस स्टेशन के बगल में मीरा भयंदर महापालिका प्रभाग क्रमांक 6 का नया कार्यालय की इमारत पिछले 6 महीनों से शुरू कर दिया गया है।
मुंबई वॉच अखबार के संपादक एवं पत्रकार प्रमोद देठे ने मीरा भयंदर महापालिका आयुक्त दिलीप ढ़ोले साहब को एक पत्र देकर इस विषय पर संबंधित कांट्रैक्टर अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ जांच के साथ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस मौके पर कहा, कि “शासनादेश का उल्लंघन करने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों, नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।” मौके पर महापालिका आयुक्त दिलीप ढ़ोले साहब ने कार्यवाही का एवं जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आश्वासन दिया।
उपायुक्त विश्वास शंकरवार की लापरवाही से मिल रहा अवैध निर्माणों को अभयदान।
डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया। Malad BMC
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मालाड, पी/नॉर्थ वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हे किसी भी तरह का भय नही। चाहे जितनी न्यूज प्रकाशित की जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती। खुद ही बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नही बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है। (BMC, अभयदान)
Indian fasttrack newsअवैध निर्माण को दिया गया नोटिस और डिओ. राजन प्रभु के साथ मालाड पी/उत्तर विभाग सहायक आयुक्त किरण दिघावकर की तस्वीर
अवैध निर्माणों को अभयदान.. BMC.
ताजा मामला मालाड (पश्चिम) गेट नंबर -३, रूम नंबर – ५२४, अब्दुल हमीद रोड, मुंबई -९५ का है। जहां गैरकानूनी ढंग से २००० चौरस फूट के ग्राउंड+२ (तीन मंजिला) के व्यापारिक गालों का निर्माण बना लिया, जिसकी एवज में कथित रुप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिसे डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया है। इस तरह की बयानबाजी मनपा गलियारों से आ रही है। जिसकी वजह से उक्त अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होना ही इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। (BMC, अभयदान)
वहीं देखा जाय तो परिमंडल – ४ के उपायुक्त विश्वास शंकरवार को मिली शिकायतों पर बरती जा रही लापरवाही भी अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। दिखाने के लिए ३५४(ए) की नोटिस भेज दिया। जिसके नोटिस की संदर्भ संख्या १७०७१२ है। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा। बात बढ़े नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया। (BMC, अभयदान)
बता दें, कि मनपा अधिनियम १८८८ के तहत ३५४(ए) की नोटिस देने के २४ घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई करने का जरूरी प्रावधान है लेकिन अवैध व्यापारिक गालों का बांधकाम ग्राउंड+२(तीन मंजिला) कुल २००० चौरस फूट का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े। “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। (BMC, अभयदान)
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बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है, कि पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North, ward) के सभी आला अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई कराए अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा। (BMC, अभयदान)
जयपुर मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में एक सहायक उप निरीक्षक और 3 यात्रियों सहित 4 लोगों को RPF के जवान ने गोली मारकर हत्या कर दी।
वी बी माणिक मुंबई– पश्चिम रेल (Western Railway) के वसई और मीरा रोड के बीच आरपीएफ (RPF) जवान चेतन बच्चू सिंह जो परेल वर्कशॉप में तैनात है ने जयपुर मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन में सुबह लगभग 5 बजे के आसपास एक सहायक उप निरीक्षक टीकाराम जो दादर में तैनात है रेल सुरक्षा बल और तीन यात्रियों कादर और अंसार को अपने सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी।
घटना के समय सभी यात्री सो रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ये जवान अपने सर्विस के दौरान अधिकारियों के उत्पीड़न से त्रस्त था। जयपुर मुंबई सुपरफास्ट ट्रेन मैं हुई घटना को लेकर केस बोरीवली जीआरपी में दर्ज किया गया है। इसकी जाँच जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे है। अभी भी जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नही है।
Indian fasttrack newsहत्या के आरोपी आरपीएफ जवान चेतन बच्चू सिंह की तस्वीर
RPF में कब सुधार आएगा?
आज ही सोमवार 31 जुलाई, आरपीएफ के महानिदेदशक संजय चंदर अपने कार्य से सेवा मुक्त हो रहे है। कुछ लोगों का कहना है, कि उनको चेतन ने सलामी दी है। मनोज यादव नए महानिदेशक का चार्ज लेंगे क्या आरपीएफ जवानों की भारी कमी को प्राथमिकता देंगे या राज्य के प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की सुरक्षा से ही काम चलाएंगे। यहां आपको बता दें, कि पिछले काफी दिनों से सुरक्षा कर्मियों की माँग चल रही है।
लेकिन केंद्र सरकार नही जाग रही है। इसी कारण ऐसी घटनाओ की पुनरावृति हो रही है। ऐसी दर्दनाक घटना से सभी लोग अचंभित है। घटना पर बता दें, कि अभी तक मृतकों की शिनाख्त नही हो सकी है। आगे आरपीएफ और जीआरपी सुरक्षा की दृष्टि से कौन सा नया कदम उठाते है, यह देखने का विषय है।
‘द मॉल’ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बना ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति,
‘द डिजर्ट लाउंज’ बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (DMC) है जिम्मेदार:आनंद नेरूरकर (दुय्यमअभियंता)
सुरेंद्र राजभर मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जिम्मेदार अधिकारी चाहे जितनी ऊंची कुर्सी पर बैठे हों सबका लक्ष्य अपने निर्धारित ओहदे का निजी लाभ के लिए अपने पद का दुरुपयोग कर काली कमाई कर अपना घर भरना होता है। ऐसे भ्रष्ट (Corrupt) और रिश्वतखोर (Bribable) अधिकारियों (Officer’s) को कानून का कोई भय नहीं होता। क्योंकि ऊपर से ऊपर तक काली कमाई (Black Money Income) का हिस्सा पहुंचता है। भ्रष्टाचार..
फिर इनके भ्रष्टाचार की जांच (investigation of Corruption) कराने की जरूरत ही क्या? सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को ये हलाल नहीं करेंगे, ताकि कल वह फिर कोई गैरकानूनी (illegal) तरीके से निर्माण (construction) करें और काली कमाई कराए। बेशक यही होता है बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) वार्डों (Ward) में ज्यादे शिकायत हुई तो नोटिस (NOTICE) दे दो। बस हो गयो काम की इति। एक ऐसा ही मामला पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North Ward) मालाड (पश्चिम) रेल्वे स्टेशन के पास स्थित ‘ द मॉल ‘ (The Mall) के चौथे महले की टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण बिना नक्शा (build without map) पास कराए (Approval) ही बनाया गया है। जो भ्रष्टाचार (Corruption) और सत्ता (Power) के बीच अटूट और अंतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है।
BMC प्रशासन का भ्रष्टाचार DMC जिम्मेदार..
‘ द मॉल ‘ (The Mall) के टेरेस पर ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण का मतलब है करोड़ों का लेनदेन! बेशक बिना बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारियों (Officer’s) की अनुमति, सहमति के 3,000 (तीन हजार) वर्गफीट के अंतर्गत ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ बार & रेस्टोरेंट का गैरकानूनी निर्माण हो ही नहीं सकता !
Indian fasttrack newsमलाड बीएमसी किए the mall में कार्रवाई की तस्वीर
बता दें, कि दुय्यम अभियंता आनंद नेरूरकर के अनुसार बिना नक्शा पास कराए ही ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण को लेकर जो भी तोड़क कार्रवाई हुई है। वह सिर्फ कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की गई है। क्योंकि हुसैन मकरानी के उक्त गैरकानूनी बार & रेस्टोरेंट के निर्माण को बचाने हेतु स्वयं डीएमसी (Deputy Municipal Commissioner) जिम्मेदार हैं। इतना कहकर अभियंता आनंद नेरूरकर ने अपनी वाणी को विराम दिया। बताया जा रहा है, कि ‘द मॉल ‘ की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी तरीके से बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट में एक कच्चे दीवाल का बांधकाम कर नई पार्टिशन डाली गई ताकि पी/नॉर्थ वार्ड तोड़क कार्रवाई कर इसकी खानापूर्ति कर सके।
ऐसे में पी/नॉर्थ, वार्ड की तरफ से बस हो गयो काम की इति! वहीं रिश्वत की आंच में अपनी नैतिकता की जांच को भुला बैठे है सहाय्यक आयुक्त किरण दीघावकर और डीओ राजन प्रभु ! क्या अवैध ढंग से दौलत कमाने के लिए कुख्यात हो चुके हैं पी/नॉर्थ, वार्ड के सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी? जो यह सवाल आज भी यक्ष प्रश्न (Questions) की तरह मुंह बाए खड़ा है? ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट पर दिखावे के तौर पर की गई कार्रवाई की हमें घोर निन्दा (blasphemy) करनी चाहिए।
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इसके लिए एक निश्चित दंड विधान (penal law) बनाने की आवश्यकता है ताकि भ्रष्टाचार (Corruption) पर लगाम लगाया जा सके। मालाड (पश्चिम) स्थित ‘ द मॉल ‘ (the mall) की टेरेस पर बिना नक्शा पास कराए ही गैरकानूनी रूप से बनाए गए ‘ द डिजर्ट लाउंज ‘ (The desert lounge) नामक बार & रेस्टोरेंट पर राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल उक्त मामले पर संज्ञान लेकर बिना नक्शा पास कराए ही बनाए गए ‘द डिजर्ट लाउंज ‘ नामक बार & रेस्टोरेंट के गैरकानूनी निर्माण करने वालों के खिलाफ शिकायत मिलते ही जांच कराएं और फिर कानून (Law) के हवाले कर दें। आशा है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका भ्रष्टाचार (BMC Corruption) पर जीरो टॉलरेंस (Zero tolerance) की नीति अपनाएगी।
बोरीवली के एमएचबी पुलिस ने मुंबई पुलिस उपायुक्त के हाथों लगभग 4 लाख 22 हजार रुपये का सोना, पीड़ितों को वापस किया।
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (Borivali) पश्चिम के एमएचबी कॉलोनी पुलिस ने चोरों की धरपकड़ मैं हस्तगत सामानों को उनके मालिकों के हवाले किया। शुक्रवार को इसकी जानकारी मुंबई पुलिस उपायुक्त परिमंडल 11 अजय कुमार बंसल ने दी। उन्होंने बताया, कि चार अलग-अलग मामलों में चोरों के पास से सोने के आभूषण बरामद किए गए थे। जिसे जांच पड़ताल के बाद उनके मालिकों के हवाले कर दिया गया।
MHB पुलिस की कार्रवाई..
एमएचबी कॉलोनी पुलिस थाना के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर कुडालकर ने बताया, कि गु.र.क्र. 52/22 में भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 34 के तहत गिरफ्तार आरोपी के पास से लगभग 72 हजार रुपये के सोने का मंगलसूत्र बरामद किया गया था। जिसे माननीय उपायुक्त के हाथों शिकायतकर्ता नीलिमा पारकर को दे दिया गया है। ऐसे ही 1003/22 में लगभग 60 हजार रुपये के सोने का मंगलसूत्र फरियादी के भाई अमर जनार्दन पिंपळे को दिया गया।
ऐसे ही लगभग 30 हजार रुपये का मंगलसूत्र फरियादी सुनीता सुनिल तांबे को दे दिया गया है। जिसे गु.र.क्र. 843/22 में गिरफ्तार चोरों के पास है बरामद किया गया था। उन्होंने यह भी बताया, कि चौथा मामला एक दुकान में काम करने वाले नौकर ने अंजाम दिया था। जिसे पुलिस ने गु.र.क्र. 86/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 381 के तहत गिरफ्तार कर उसके पास से हस्तगत सोने की 2 छड़ें लगभग 2 लाख 60 हजार 95 रुपये का सोना फरियादी के मामा संदिप अजय आदत को सोंप दिया है।
रेल अधिकारियों का भ्रष्टाचार यात्रियों को परेशान करता दिखाई दे रहा है और यह लो जवाब देने को तैयार नहीं है। Indian Railway
वी बी माणिक मुंबई- मध्यरेल के जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी यात्रियों को पूरी तरह गुमराह करते है। आज मुंबई और थाने में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। सभी लोकल गाड़िया करीब एक घन्टे देरी से चल रही है। क्योंकि कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर 1, 2 और 3 के ट्रैक पर पानी भर गया। जिसके कारण सभी धीमी लोकल गाड़िया 1 घन्टा देरी से चल रही है। Indian Railway
अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो गाड़िया बंद भी हो सकती है। ये रेल प्रशासन की पूरी लापरवाही है। ये पानी इसलिए भरता है, क्योंकि नालो की सफाई नही होती है। शहरों की नगर निगम यानी मनपा, टीएमसी, केडीएमसी ने करोड़ो रूपये सफाई के लिए रेल प्रशासन को दिए है। फिर भी सफाई नही किया गया। इसकी जबाबदारी कौन लेगा? Indian Railway
ये बारिश के मौसम के पूर्व साफ-सफाई के बड़ी-बड़ी मीटिंगे होती है। ऐसी मीटिंग का क्या फायदा जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेल कर्मी रात दिन काम करते है, ये कौन सा कार्य करते है? सभी परेशान रहते है। अभी कल्याण के आसपास काफी भारी बारिश हो रही है। मध्यरेल के उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तो किसी काम के नही है। जिसको कोई जानकारी रहती ही नही है। Indian Railway
ये कहावत सत्य बैठती है। उप मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन फूल पगारी फोकटिया अधिकारी। ऐसे लोगो को रेलवे किस आधार पर रखती है? ये तो ऊपर वाला ही जाने। आज सभी नागरिक अपने घर पर अच्छे से पहुँच जाए और रेलवे सुचारू रूप से चले सभी लोग सुरक्षित रहे। यही अभिलाषा हम रखते हैं। Indian Railway