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  • Mumbai: SRA का बहोत बड़ा घोटाला उजागर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई रोक

    Mumbai: SRA का बहोत बड़ा घोटाला उजागर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई रोक

    मुंबई के माहिम में एक ऐसे SRA घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जहां बिल्डर मनपा की आरक्षित खेल मैदान को ही हथियाने जा रहा था। बरसों की लडाई के बाद आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगाते हुए नगर आयुक्त से हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिये हैं।

    मुंबई: झोपडपट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) के तहत शहर को झोपड़ा मुक्त करने की सरकारी योजना बड़ी जोरों पर चल रही है। सरकार इसमें झोपड़े के बदले 300 से 322 वर्ग फिट का फ्लैट मुहैया कराती है। इसमें सरकारी मुनाफा कमाने के लिए कुछ बिल्डर धांधली और सरकारी अधिकारियों की कालाबाजारी भी हमेशा से उजागर होती रही है। जिसके वजह से शहर में कितने ही प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं और झोपड़ी धारक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन माहिम से तो अलग ही मामला सामने आ रहा है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    केवल 56 झोपड़ा का एसआरए प्रोजेक्ट

    माहिम पश्चिम के नासरवानजी वाडी इलाके में एक बीएमसी के खेल मैदान पर ही बिल्डर ने एसआरए की योजना पेश कर दी। जिसकी शिकायत पर अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के नगर आयुक्त को हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया हैं। यहां 3512.35 वर्ग मीटर में फैले झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग और BMC के किराएदारों सहित लगभग 56 किराएदार रहते हैं। उसी प्लॉट के बगल वाले हिस्से का इस्तेमाल पहले से ही खेल के मैदान के रूप में किया जा रहा है। कुल जमीन का क्षेत्रफल 7943.21 वर्ग मीटर है और इसका स्वामित्व BMC के पास है, जबकि विकास योजना के तहत पूरा क्षेत्र खेल के मैदान के उपयोग के लिए आरक्षित है।

    एसआरए प्रोजेक्ट को रोकने की मांग

    मुंबई हाईकोर्ट में विचाराधीन प्लॉट क्रमांक 484 (ए) विशेष रूप से खेल के मैदान के रूप में आरक्षित है। शिकायतकर्ता उपासना फ्रांसिस फर्नांडीस, एक गृहिणी और स्थानीय निवासी है। इन्होंने एसआरए योजना के तहत पुनर्विकास परियोजना को रोकने के लिए 2023 में हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर की थी। इसके बाद अदालत ने इस जमीन पर किसी भी एसआरए विकास पर रोक लगा दी है। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    साफ करे बीएमसी

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें बीएमसी को स्पष्ट करने को कहा गया हैं कि क्या नगर निकाय स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) योजना के तहत माहिम में बीएमसी के स्वामित्व वाले प्लॉट के पुनर्विकास के साथ आगे बढ़ना चाहता है या भूमि को आरक्षित खेल के मैदान के रूप में बनाए रखना चाहता है?

    एसआरए की गडबडी

    2 जुलाई को सुनवाई के दौरान, जस्टिस जीएस कुलकर्णी और आरिफ एस डॉक्टर ने कहा: “यह एक ऐसा मामला है, जिसमें नगरपालिका की जमीन, जिसमें सिर्फ 56 अतिक्रमणकारी और कुछ नगरपालिका के किरायेदार हैं, इन्हें एक झुग्गी योजना के तहत विकसित करने की मांग की गई है। बेशक, जैसा कि एसआरए ने हमें बताया, एक झुग्गी योजना को मंजूरी नहीं दी गई है। लेकिन एसआरए ने योजना को खारिज भी नही की है।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    अदालत ने क्या कहा?

    अदालत ने आदेश देते हुए कहा, कि “हम नगर निगम आयुक्त को उपरोक्त निर्देशों के अनुसार एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हैं, और स्पष्ट करते हैं कि क्या नगर निगम इस आरक्षित भुमि को झुग्गी योजना के रूप में विकसित करने की स्वतंत्र रूप से अनुमति देने का प्रस्ताव करती है? हलफनामा केवल नगर निगम आयुक्त द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें अदालत द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं को संबोधित किया जाएगा, और नगर निगम द्वारा अपने पिछले निर्देशों का पालन करने की पुष्टि की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई, 2025 को होगी।”

    याचिकाकर्ता ने क्या कहा?

    इस आदेश के बाद याचिकाकर्ता फर्नांडीस ने कहा, कि “मुझे बहुत खुशी है, कि अदालत ने न केवल पुनर्विकास योजना पर रोक लगाई है, बल्कि बीएमसी आयुक्त को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का भी आदेश दिया है। यह सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित खेल का मैदान है, और इसे ऐसे ही रहना चाहिए।” Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

    मनपा प्रशासन ने जताई आपत्ति

    2021 में, प्लॉट के निवासियों के एक समूह ने योजना के तहत पुनर्विकास के प्रस्ताव के साथ SRA से संपर्क किया था। हालाँकि, 2023 में, फर्नांडीस ने आपत्ति जताई और फोर्ट में BMC के एस्टेट विभाग को पत्र लिखा। BMC ने एक जाँच की और उनकी शिकायत के बाद, तत्कालीन नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने औपचारिक रूप से SRA को सूचित किया कि भूमि खेल के मैदान के उपयोग के लिए आरक्षित है और किसी भी पुनर्विकास पर मनपा प्रशासन की आपत्ति है।

    योजना रद्द नही किया

    SRA ने BMC की आपत्ति के बाद डेवलपर को हटा दिया था। लेकिन उसने SRA योजना को रद्द नहीं किया। परिणामस्वरूप, फर्नांडीस ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की, जिसके कारण ताज़ा घटना की जानकारी प्रकाशक में आई। फर्नांडीस माहिम पश्चिम में नासरवानजी वाडी सहकारी आवास सोसायटी की निवासी हैं और एक गृहिणी होने के कारण उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंस सेकेंड ईयर एजुकेशन पूरा करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उनके पति फ्रांसिस एक स्वतंत्र कर्मचारी हैं। Mumbai: A huge SRA scam exposed, Bombay High Court imposes stay

  • आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई मे ड्रग्स की तस्करी

    आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई मे ड्रग्स की तस्करी

    ज्यादा पैसों की लालच में बिहार का कपड़ा व्यापारी मुंबई के मालवनी में ड्रग्स की तस्करी करते गिरफ्तार। बताया कि आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से लाया था ड्रग्स

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी पुलिस ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये के गांजा नामक नशीले पदार्थ के साथ बिहार के कपड़ा व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि 48 वर्षीय परवेज़ अहमद अमिरुद्दीन सैय्यद लगभग 6 किलो 398 ग्राम गांजा लेकर मालवनी में किसी को बेचने आया था। पुलिस को उसके हाल-चाल पर संदेह हुआ तो आरोपी के लाले पड़ गए।

    पुलिस का संदेश और खुल गया राज

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र रघुनाथ नागरकर ने बताया, कि शुक्रवार 4 जुलाई को मालवनी गेट नंबर 1 के पास लगभग शाम 4 बजे के करीब जनकल्याण नगर के रोड़ पर जब पुलिस हमेशा की तरह गश्त लगा रही थी, तो पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ, वह अपनी थैली में कुछ लिपट कर यहां वहां घूम रहा था। पहले तो पुलिस ने इग्नोर किया। लेकिन जब गाड़ी घुमाकर वापस उसकी तरफ देखा तो उसे पसीने छूटने लगे। ताबड़तोड़ पुलिस को पूरा यकीन हो गया, कि हो न हो लेकिन कुछ तो गडबड है।

    गांजे की महक ने खोले राज

    जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे ने बताया, कि जब हमने उसे बुलाकर पूछताछ की तो वो हडबडाने लगा और जब सामान की तलाशी ली तो कहने लगा साहब ये खाद है। ये खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने कहा, कि गांजा और उसकी महक तुरंत पहचान में आ गई। हमने इसकी सूचना पुलिस निरीक्षक रकमजी को दी और पुलिस थाने ला कर पूछताछ की तो सारा हकीकत सामने आ गया। हांडे ने बताया कि पुलिस निरीक्षक रकमजी मार्गदर्शन में अपराध दर्ज किया।

    कहां से लाया था ड्रग्स?

    पुलिस ने जब थाने लेजाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और वहां भोजपुर जिले के संदेश तालुका में कपड़े का व्यापार करता है। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई में गांजा बेचने के लिए आया था। पुलिस अब यह पता करने मे जुटी है कि इस आरोपी से मुंबई में कितने लोगों का संपर्क था और क्या इसने इससे पहले भी ऐसी तस्करी की है। पुलिस आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम भी जाने की तैयारी कर रही है।

  • रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    मुंबई के भायखला स्थित रानीबाग चिड़ियाघर मे झारखंड से घड़ियाल लाए गए हैं। इसको देखने को मिल बच्चों और पर्यटकों की भीड़ लग रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अनुमान लगाया है, कि इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।

    मुबई: भायखला सिथित प्रसिद्ध वीरमाता जीजावाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू (रानीबाग) में हालही में नए मेहमानों की एंट्री हुई है, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। रांची के भगवान बरसा मुंडा प्राणी संग्रहालय से चार घड़ियाल यहां प्रशासन द्वारा लाए गए हैं, जो पैंग्विन के साथ मिलकर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गए हैं। ये सभी घड़ियाल 6 से 8 साल के हैं। इनके आगमन से रानीबाग में पर्यटकों में खासकर बच्चों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि ये लुप्त हो रही प्रजातियों के प्राणी लोगों को रोमांचक झलक देखने का मौका देंगी। ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

    मुंबई में मेट्रो स्टेशन के बाहर बस में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    पक्षियों के बदले मिले घड़ियाल

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    इन घड़ियाल के बदले, रांची चिडियाधर को एक सफेद कॉकटेल और चार ग्रे कॉकटेल पक्षी दिए गए हैं। इन घड़ियालों को देखने के लिए देश में पहली बार ग्लास प्रदर्शनी लगाई गई है। इस खास व्यवस्था के तहत, पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छों की पानी के अंदर की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जो उन्हें एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भायखला चिड़ियाघर में मगरमचछों और घड़ियालों के लिए समर्पित आवास की कमी थी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पर्यटकों में होगी वृद्धि

    मई 2023 में चिडियाघर ने अपनी तरह का पहला अंडरवाटर यूइंग डेक पेश किया था, जो अब इन नए मेहमानों के साथ और भी आकर्षक हो गया है। इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। ऐसी जानकारी मनपा अधिकारियों से प्राप्त हो रही है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

  • भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    मिराभायंदर के दर्दनाक हत्याकांड में 13 सालों से फरार गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पुलिस ने दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। खुद की पहचान बदल कल रह रहा था और उसने दूसरी शादी भी कर ली थी। लेकिन एक फोन कॉल ने सारा राज खोल दिया।

    मुंबई: एक दशक से अधिक समय तक फरार रहने के बाद, मुंबई पुलिस ने आखिरकार शहर की सबसे भीषण अनसुलझी हत्याओं में से एक के संदिग्ध को पकड़ लिया। 30 जून को मीरा-भयंदर-वसई-विरार (MBVV) अपराध शाखा के अधिकारियों ने 34 वर्षीय गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। इसने रिश्तेदार की हत्या तो की साथ ही उसके गुप्तांग भी कांटकर फरार हो गया था। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    क्रुर हत्या

    चौधरी मई 2012 से अपने करीबी रिश्तेदार, 35 वर्षीय सुरेशकुमार सूर्यनारायण चौधरी की भयंदर (ठाणे) में क्रूर हत्या के लिए वांटेड चल रहा था। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित 28 मई, 2012 को अपने घर में मृत पाया गया था, उसके शरीर पर कई चाकू के घाव थे – जांचकर्ताओं ने कहा, “हत्या इतनी क्रूरता से की गई थी कि आरोपी चाकू घोंपने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उसके गुप्तांग को भी कांट दिया था।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस ने क्या कहा?

    चौधरी की गिरफ़्तारी पुलिस के लिए एक चौंकाने वाली सफलता है। पुलिस का कहना है कि हत्या के तुरंत बाद चौधरी मौके से भाग गया और 13 साल तक पुलिस की पकड़ से बचता रहा। वहां, वह एक नकली पहचान के साथ रह रहा था और यहाँ तक कि उसने दोबारा शादी भी कर ली। एक विशेष MBVV इकाई ने आखिरकार सोमवार को उसे दिल्ली के नया बाज़ार में ट्रैक किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “मीरा-भयंदर वसई-विरार पुलिस की एक टीम ने 2012 की हत्या के मामले में नई दिल्ली से गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पकड़ लिया है।” हिरासत में, चौधरी को अब नई भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या और अंग-भंग करने के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    आरोपी ने किया पूर्व पत्नी को कॉल

    जांचकर्ताओं ने इस बात की जांच की कि इतने सालों बाद चौधरी की पहचान कैसे हुई? उनका कहना है कि यह सफलता एक नियमित सूचना से मिली: चौधरी की पूर्व पत्नी (जो तब से बिहार चली गई थी) को दिल्ली के एक नंबर से लगातार कॉल आ रही थी। तकनीकी खुफिया जानकारी के माध्यम से इन कॉलों का पता लगाकर जासूसों ने उस पर ध्यान केंद्रित किया। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    अवैध संबंध में हुई हत्या

    क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया, कि “हमें तब पता चला कि उसे दिल्ली से कॉल आ रही थी… हमने आरोपी गोविंदकुमार जगतनारायण चौधरी की पहचान एक दुकान से की।” एक बार घेर लिए जाने के बाद, चौधरी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसे लगता था कि सुरेशकुमार का उसकी पत्नी के साथ संबंध था – एक ऐसा मकसद जिस पर लंबे समय से संदेह था। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि हत्या इस कथित अवैध संबंध को लेकर ईर्ष्या के कारण की गई थी। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण

    अब चौधरी सलाखों के पीछे सुरक्षित हैं और उसे लंबे समय से बंद पड़े मामले में सजा का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी कार्यवाही लंबित रहने तक उसे हिरासत में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी “तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण खुफिया सूचनाओं सहित लगातार प्रयासों” का परिणाम है – ठंडे मामलों को सुलझाने में मुंबई पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण भी है। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    खौफ का नजारा

    अपराध की भयावह प्रकृति ने लोगों में फिर से खौफ पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी क्रूरता को याद करते हैं और मीडिया आउटलेट कहानी को फिर से दिखा रहे हैं, यह रेखांकित करते हुए कि कैसे एक पुरानी हत्या भी शहर की अंतरात्मा को झकझोर सकती है। फिलहाल, मुंबई केवल यह देख सकता है कि कैसे कानूनी व्यवस्था एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ खुलती है जो बहुत लंबे समय तक न्याय से बचता रहा हो। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है।

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं।

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं।

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे।

  • Mumbai: मां ने ट्यूशन जाने के लिए कहा, बेटे ने बिल्डिंग की छत से कूदकर दे दी जान- कांदिवली की घटना ..

    Mumbai: मां ने ट्यूशन जाने के लिए कहा, बेटे ने बिल्डिंग की छत से कूदकर दे दी जान- कांदिवली की घटना ..

    मुंबई में एक 14 साल के लड़के ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसकी माँ ने उसे ट्यूशन क्लास जाने के लिए कहा। पुलिस के अनुसार बार-बार ट्यूशन जाने के लिए कहने पर उसने यह कदम उठाया है। लेकिन पुलिस जांच जारी.

    मुंबई: कांदिवली पक्षिम के लिंक रोड़ पर एक 14 वर्षीय लड़के ने कथित तौर पर बिल्डिंग की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसकी मां ने उसे ट्यूशन क्लास जाने के लिए कहा था। घटना कांदिवली पक्षिम लिंक रोड लालजीपाडा पुलिस बिट चौकी के नजदीक सीब्रूक बिल्डिंग की है, जहां पंत आरती मकवाना नाम के लड़के ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली।

    शाम 7 बजे लड़का घर से निकला

    कांदीवली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक लड़के की मां ने अपने बयान में कहा, कि उसने शाम सात बजे के करीब अपने बेटे को ट्यूशन जाने के लिए कहा था, लेकिन उसका मन ट्यूशन जाने का नहीं था। बार-बार बोलने के बाद लड़का ट्यूशन के लिए घर से निकल गया था। लेकिन बाद में हमें इसकी जानकारी मिली।

    ट्यूशन नहीं जाने के लिए की आत्महत्या

    उसकी मां को लगा कि बेटा ट्यूशन जाने के लिए निकल गया है। पुलिस ने बताया कि लड़के के घर से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद चौकीदार पहुंचा और महिला को बताया कि उसका बेटा बिल्डिंग से गिर गया है और उसे खून से लथपथ पाया गया।

    पुलिस ने बताया कि इस मामले को लेकर दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी कांदिवली के शताब्दी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि परिवार वालों के बयान में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन घटना की जांच जारी है।

  • महिला टीचर ने किया यौन शोषण, शराब पिलाकर करती थी बलात्कार

    महिला टीचर ने किया यौन शोषण, शराब पिलाकर करती थी बलात्कार

    मुंबई के एक इंग्लिश टीचर को पुलिस ने यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि टीचर लड़के को महंगे होटलों में लेजाकर जबरन शराब पिलाती और बलात्कार करती थी।

    मुंबई: लड़कियों का बलात्कार तो आपने सूना होगा, लेकिन यहां तो एक शादी शुदा महिला टीचर पर ही नाबालिग छात्र के साथ लगातार दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा है। आरोप है, कि महिला टीचर लड़के को महंगे होटलों में लेजाकर जबरन शराब पिलाती थी और उसके साथ दुष्कर्म करती थी। हालांकि लड़के के पढाई खत्म होने के बाद भी उसे संपर्क करने की कोशिश की इसके लिए उसने अपने घर के नौकरों को भी भेजा।

    महिला टीचर ने किया बलात्कार

    बुधवार को मुंबई पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने बताया, कि मुंबई के एक प्रमुख स्कूल की 40 वर्षीय महिला टीचर को 16 साल के स्टूडेंट का बार-बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार अंग्रेजी टीचर विवाहित है। उन्होंने बताया कि शिक्षिका नाबालिग छात्र को दक्षिण मुंबई के आलीशान होटलों में ले जाती थी, जहां उसने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया।

    नौकरों का सहारा

    पुलिस ने बताया कि महिला टीचर को पिछले हफ्ते ही दादर पुलिस ने हिरासत में लिया है। जो नाबालिग के प्रति इतनी आसक्त थी, कि उसने इसी साल 10वीं का एक्जाम देने के बाद स्कूल से पास हो चुके लड़के से संपर्क करने की कोशिश की। इसमें उसने अपने घर के नौकरों का इस्तेमाल किया। इसमें टीचर के और एक दोस्त पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

    कैसे हुआ आकर्षण

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, दिसंबर 2023 में स्कूल के वार्षिक समारोह के सिलसिले में विभिन्न मुलाकातों के दौरान आरोपी शिक्षिका छात्र की ओर आकर्षित हो गई। उसने कथित तौर पर जनवरी 2024 में पहली बार यौन संबंध बनाने की पेशकश की। पुलिस ने कहा कि आरोपी के एक दोस्त ने लड़के को अवैध संबंध स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा, कि “आजकल बड़ी उम्र की महिलाओं और किशोर लड़कों के बीच संबंध काफी आम हो गए हैं।”उसने ये भी कहा, कि महिला टीचर और वह लड़का “एक दूजे के लिये बने हैं।”

    डिप्रेशन का शिकार

    अधिकारी ने बताया कि आरोपी टीचर ने लड़के को यौन शोषण के लिए महंगे होटलों में ले जाना शुरू किया, जिसके बाद लड़का डिप्रेशन और चिंता से ग्रसित रहने लगा। इसके बाद आरोपी टीचर ने कथित तौर पर उसे कुछ दवाएं भी दीं। इसके साथ ही टीचर कथित तौर पर अकसर लड़के को शराब पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म करती थी।

    परिवार ने साधी चुप्पी

    लड़के के परिवार को शोषण के बारे में तब पता चला जब उन्होंने उसके व्यवहार में बदलाव देखा। अधिकारी ने बताया, उन्होंने हालांकि यह सोचकर चुप्पी साधे रखी कि कुछ महीनों में उसकी पढ़ाई खत्म हो जाएगी और मामला खत्म हो जाएगा। अधिकारी ने बताया कि लड़के ने कुछ महीने पहले 10वीं की परीक्षा पास की थी और स्कूल छोड़ दिया था, लेकिन वह डिप्रेशन में रहने लगा।

    मुकदमा किया दर्ज

    अधिकारी ने बताया कि जब आरोपी ने उनके घरेलू नौकारों के माध्यम से लड़के को उससे मिलने का संदेश भेजा, तब नाबालिग के परिवार ने आवाज उठाने का फैसला किया और दादर पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि महिला टीचर मोबाइल फोन से चेट मेसेज और होटल बुकिंग सारी डिटेल्स हस्तगत कर लिए हैं। फोन की बाक़ी डिटेल्स भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया, कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर नकली पासपोर्ट बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को मुंबई पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस वेरिफ़िकेशन में हुआ खुलासा।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई पुलिस थाने में एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के एप्लीकेशन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नकली पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक मुंबई निवासी का जब पासपोर्ट वेरिफिकेशन का आवेदन मिला, तो उसमें जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नजर आ रहा था। पूछताछ और जांच में इसका खुलासा हुआ, कि बिहार के एक कंप्यूटर सेंटर से यह फर्जीवाडा किया गया है, जिसके खिलाफ अपराध दर्ज कर बिहार के कुकुराढ़ गांव से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।

    बिहार से हुई थी नकली पासपोर्ट की अर्जी

    गोराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश निवटकर ने बताया, कि आरोपी सोमप्रकाश गुप्ता बिहार के कैमूर में भभुआ शहर के गुरुद्वारा के पास एक कंप्यूटर सेंटर चलाता था। वहीं से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया गया था। मामले की पड़ताल में गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर बिहार के लिए रवाना किया गया था। जहां भभुआ पुलिस थाना की मदद से आरोपी को कुकुराढ़ गांव के कंप्यूटर सेंटर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया, कि अपराध में इस्तेमाल उपकरणों को भी हस्तगत किया गया है।

    बिहार पुलिस का मिला सहयोग

    गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल ने बताया कि सोमवार को जब हम बिहार के कैमूर में भभूआ पुलिस थाना पहुंचे तो वहां के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शिव शंकर कुमार का हमें अच्छा सहयोग मिला। तुरंत उन्होंने भभूआ पुलिस की मदद से सोनहन थाना क्षेत्र के कुकुराढ़ गांव स्थित कंप्यूटर सेंटर में हमारी टीम के साथ छापेमारी करवाई और घटना स्थल पर पंचनामा करने में हमारी मदद की। इसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर हमें रवाना किया गया। पॉल ने यह भी बताया, कि आरोपी का पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।

  • तेलगी के बाद नासिक के ‘सुपर सेफ’ प्वाइंट को 7 बिहारियों ने किया ब्रेक! पवई पुलिस ने मोर्चा संभाल

    तेलगी के बाद नासिक के ‘सुपर सेफ’ प्वाइंट को 7 बिहारियों ने किया ब्रेक! पवई पुलिस ने मोर्चा संभाल

    नासिक करेंसी नोट प्रेस में अब्दुल करीम तेलगी के स्टॉप घोटाले के बाद एक बार फिर सेंधमारी होने जा रही थी। इसके लिए कुछ बिहारियों ने पुरी तैयारी कर ली थी। लेकिन समय रहते पुलिस ने सारा खेल समाप्त कर दिया।

    मुंबई: पुरानी कहानी फिर एक बार दोहराई जाने वाली थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने खेला कर दिया। खबर नासिक सिक्यूरिटी प्रेस यानी नासिक करेंसी नोट प्रेस और नासिक के सरकारी टकसाल की है। जहां कभी अब्दुल करीम तेलगी ने सेंध लगाई थी। तेलगी ने अपना नेटवर्क तैयार करके अभेद माने जाने वाले प्रेस की पुरानी और खारिज हो चुकीं ‘मशीनें’ खरीदें जिससे स्टांप पेपर पर सुरक्षा चिन्ह (सिक्योरिटी मार्क्स) छापे जा सकें। इसी तरीके के अपराध होने से पहले ही मुंबई पुलिस ने बिहार से 7 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी हांसिल की थी।

    मामले की तहकीकात

    खबर के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने सोमवार को बिहार के नालंदा जिले के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जीवाड़ा करके करंसी नोट प्रेस नासिक में नकली सर्टिफिकेट की मदद से योग्यता परीक्षा पास की और नौकरी हासिल कर ली। फिलहाल पवई पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है।

    फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिलि नौकरी

    आरोपियों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे। पवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो इसका खुलासा हुआ। शिकायत के मुताबिक, करेंसी नोट प्रेस नासिक ने 2022-23 में जूनियर टेक्नीशियन (स्टाम्प/कंट्रोल), जूनियर टेक्नीशियन (वर्कशॉप/इलेक्ट्रिकल) और सुपरवाइजर के पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें उचित प्रक्रिया के बाद रिक्त पदों को भर दिया गया था।

    सीसीटीवी कैमरे से हुआ खुलासा

    कुछ हफ़्ते पहले ही करेंसी नोट प्रेस को सूचना मिली, कि कुछ उम्मीदवारों ने नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी करके परीक्षा पास किया है। जांच शुरू की गई और अधिकारियों ने पवई में आईओएन डिजिटल ज़ोन में परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया, जहाँ 13 मार्च, 2022 और 4 मार्च, 2023 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पाया गया कि जिन उम्मीदवारों को नौकरी मिली है उनकी जगह पर दूसरे लोगों ने एक्जाम दिया है।

    अधिकारियों ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अधिकारी ने एफआईआर में कहा कि यह पाया गया कि बिहार के सात उम्मीदवारों ने कभी परीक्षा ही नहीं दी थी और उन्होंने फर्जी उम्मीदवार भेजे थे, जिन्होंने उनकी जगह परीक्षा दी। आरोपी उम्मीदवारों की पहचान रवि रंजन कुमार, संदीप कुमार, शिशुपाल कुमार, आयुष्य राज, राजीव सिंह, संदीप कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। जांच अधिकारियों ने इसके बाद नौकरी पाने वाले और काम कर रहे उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता की जांच की। एफआईआर में कहा गया है कि यह पता चला कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आईटीआई प्रमाण पत्र और डिप्लोमा प्रमाण पत्र फर्जी हैं।

    नासिक पुलिस ने मुंबई को किया ट्रांसफर

    एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण कार्यों से आरोपियों ने योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया है और करेंसी नोट प्रेस, नासिक के साथ धोखाधड़ी की है। करेंसी नोट प्रेस ने नासिक के उपनगर पुलिस स्टेशन में सात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नासिक पुलिस ने डेप्यूटी मैनेजर (लीगल) 30 वर्षीय विक्रमसिंह चौधरी की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए पवई पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया।

    आपराधिक षड्यंत्र

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र आदि के लिए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा (कदाचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उन डमी अभ्यर्थियों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने परीक्षा में आरोपियों की मदद की थी।

  • मराठी नहीं बोल पाने पर MNS कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को पीटा, भाजपा नेता ने कहा- मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    मराठी नहीं बोल पाने पर MNS कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को पीटा, भाजपा नेता ने कहा- मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    मुंबई के नजदीक ‘हिंदी’ विवाद के बीच मराठी नहीं बोल पाने पर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर व्यापारी की पिटाई करने का आरोप है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की निंदा की है।

    मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर लगातार विवाद बढ़ाया जा रहा है। यहां सियासती जंग के बीच ज़बरन आम लोगों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी बीच मिराभाईंदर से एक व्यापारी को मराठी नही बोल पाने के कारण पिटाई करने की खबर सामने आ रही है। यहां एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तथाकथित कार्यकर्ता बहस कर रहे थे। मनसे के कार्यकर्ता उस व्यापारी को मराठी बोलने के लिए जोर दे रहे थे। इस दौरान बहस हो गई और व्यापारी की पिटाई कर दी गई। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    महाराष्ट्र में लगातार हो रहे हैं हमले

    महाराष्ट्र में शिक्षा निती को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार राजनैतिक पार्टियों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। इसी ‘हिंदी’ विवाद के बीच मराठी नहीं बोल पाने को लेकर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर व्यापारी की पिटाई करने का आरोप है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की निंदा की और कहा किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नही है और मानवता की सीमा को न भूलें।

    किस बात का है विवाद?

    जानकारी के मुताबिक, मुंबई में मिराभाईंदर इलाके में एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तथाकथित कार्यकर्ता बहस कर रहे थे। इस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा गया कि मनसे के कार्यकर्ता उस व्यापारी को मराठी बोलने के लिए कह रहे थे। इसी दौरान व्यापारी ने कहा, कि मराठी सीखनी पड़ेगी। साथ ही उसने कहा कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएं बोली जाती हैं। इसपर मनसे कार्यकर्ताओं ने दबंगई दिखाते हुए पीटना शुरू कर दिया। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    चुनाव को लेकर बना मुद्दा

    महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने कहा, पिछले कई महीनों से हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ लोग आगामी नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए इसे मुद्दा बना लिए हैं। उन्होंने कहा, कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। हमारे राज्य में मराठी भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। हमारी सरकार मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    इसी घटना को लेकर भाजपा नेता नरेंद्र मेहता ने कहा, “मराठी हमारी गौरव है, लेकिन मानवता की सीमा को नहीं भूलें!” उन्होंने एक पुराने वीडियो को भी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि मीरा-भायंदर इलाके में मराठी में बातचीत करने से इनकार करने पर एक व्यापारी की पिटाई कर दी गई। महाराष्ट्र में मराठी भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और गौरव का हिस्सा है। मराठी का प्रचार और प्रसार भी जरूरी है- लेकिन ये प्यार, समझ और सहिष्णुता के साथ किया जाना चाहिए।

    कार्रवाई की मांग

    नरेंद्र मेहता ने कहा, “किसी व्यक्ति की भाषा के चयन के कारण मनसे कार्यकर्ताओं की ओर से की गई यह हिंसक घटना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है और महाराष्ट्र की सहिष्णु परंपरा को आघात पहुंचाती है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं और मेरा स्पष्ट रुख है, कि संबंधित सुरक्षा विभागों को इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity