भाई-बहन के अनूठे संबंध का रक्षा बंधन उत्सव, प्यार और आपसी विश्वास की भावना को मजबूत बनाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे यह पर्व हमारे देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। ऐसा अनुपम पर्व है जो महिलाओं के हितों की रक्षा करने की हमारी इच्छाशक्ति को मजबूत करता है।
मुंबई– रक्षा बंधन महिलाओं के हितों की रक्षा करने की हमारी इच्छाशक्ति को मजबूत करता है- डॉक्टर लक्ष्मी नारायण मालवीय संत सनातन सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण मालवीय ने आज रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा, कि “रक्षा बंधन के पावन अवसर पर, मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”
उन्होंने कहा,“ रक्षा बंधन का ये त्योहार भाई-बहन के अनूठे संबंध का उत्सव है जो प्यार और आपसी विश्वास की भावना को मजबूत बनाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं से परे यह पर्व हमारे देश की विविधता में एकता का प्रतीक है। यह ऐसा अनुपम पर्व है जो महिलाओं के हितों की रक्षा करने की हमारी इच्छाशक्ति को मजबूत करता है।” उन्होंने यह भी कहा, कि “मेरी कामना है कि यह पर्व हमारे समाज में सद्भाव और प्रेम की भावना को प्रगाढ़ बनाए और समाज में महिलाओं का सम्मान बढ़े।”
2008 में पूरे मुंबई शहर को सिहरा देने वाली घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने अपने ही दोस्त के किए 300 टुकड़े, लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध और किया शॉपिंग, एक कॉल डिटेल से खुला राज़ ..
मृतक नीरज ग्रोवर बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम किया करता था और मारिया से प्यार करता था।
मारिया मोनिका सुसाइराज, कन्नड़ एक्ट्रेस जो हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाने मुंबई पहुंची थीं।
लेफ्टिनेंट जेरोम मैथ्यू, मारिया के बॉयफ्रेंड, जिनसे उसकी सगाई होने वाली थी।
गिरफ्तारी के दौरान ली गई मारिया सुसाइराज की तस्वीर में मारिया हंसती हुई नजर आई थीं।
इस्माईल शेख मुंबई- आज हम आपको मायानगरी मुंबई से फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई से रूबरू कराने जा रहे हैं। जिसमें नाम और पैसा कमाने के चक्कर में अपने ही दोस्त की हत्या कर दी जाती है और हत्या के बाद लाश के आगे शारीरिक संबंध बनाया जा रहा है और इनके बाद लाश के टुकडे कर, शॉपिंग की खरीददारी भी की जाती है। इसमें आरोपी कोई पूराना बदमाश नही है, जिसका काम इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना हो। बल्कि इस घटना को अंजाम देने वाली एक खुबसूरत और नाजुक कही जाने वाली अभिनेत्री और उसका ब्वॉयफ्रेंड है। जिन दोनों को बाद में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
फोन कॉल ने खोला हत्याकांड का राज़ ..
प्रोटेस्ट के दौरान ली गई कास्टिंग डायरेक्टर विकास गुप्ता की तस्वीर।
बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम करने वाले 26 साल के नीरज ग्रोवर एक रोज अचानक गुमशुदा हो गए। वो अपनी गर्लफ्रेंड और कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की घर की शिफ्ट करने में मदद कर रहे थे, लेकिन घर की शिफ्टिंग के बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। पुलिस में इसकी शिकायत के बाद कई दिन और हफ्ते बीतने के बाद भी नीरज की कोई खबर नहीं मिली। नीरज को ढूंढने के लिए पूरे शहर भर में पोस्टर चिपकवाए गए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आखिरकार पुलिस को नीरज की लोकेशन की जानकारी एक मोबाइल नेटवर्क टावर से मिली। उस एक कॉल ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
मामले में पहली गिरफ्तारी हुई एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की, फिर जो खुलासे हुए, उसे सुनकर हर कोई सिहर उठा। नीरज की हत्या हुई थी, उनकी लाश के सामने हत्यारों ने शारीरिक संबंध बनाए और फिर चंद घंटों बाद उनकी लाश के 300 टुकड़े कर दिए। मुंबई शहर के साथ इसकी खबर पूरे देश भर में फैल गई। लोग सोच में पड़ गए कि इतनी खुबसूरत ऐक्ट्रेस को हत्या करने की क्या जरूरत पड़ गई और हत्या के बाद लाश के सामने शारीरिक संबंध? लोग मानने को तैयार नहीं थे।
कौन है मारिया मोनिका सुसाइराज ?
मैसूर के क्रिश्चियन परिवार में जन्मीं मारिया मोनिका सुसाइराज बचपन से ही नाच-गाने में अव्वल थीं। पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे, जबकि चाचा नगर पालिका के कर्मचारी थे। हर बार स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मारिया ने हीरोइन बनने का ख्वाब देखा था, लेकिन परिवार वाले इसके खिलाफ थे। जब घरवाले शादी का दबाव बनाने लगे तो, मारिया ने अपने परिवार का घर छोड़ दिया और बेंगलुरु आकर बस गईं।
मारिया का बेंगलूर से मुंबई का सफर..
बेंगलूर में लगातार प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटते हुए मारिया को कन्नड़ सिनेमा में जगह मिल गई। कुछ छोटे-मोटे रोल के बाद मारिया को साल 2002 में कन्नड़ सिनेमा में बड़ा ब्रेक मिला। उन्हें बतौर लीड फिल्म जूट में काम मिला। फिल्म के लिए उन्हें सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इस एक काम के बाद उन्हें चंद और फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं मिलने लगीं, लेकिन मारिया रीजनल सिनेमों में नहीं बल्कि पूरे भारत में पहचान बनाना चाहती थीं। जब कन्नड़ सिनेमा में उन्हें काम मिलना कम हुआ, तो मारिया ने मुंबई का रुख किया।
नीरज से कैसे हुई मुताबिक?
मारिया अक्सर ऑडिशन देने मुंबई आया करती थीं। एक दिन ऑडिशन के सिलसिले में मारिया की मुलाकात नीरज ग्रोवर से हुई। नीरज ग्रोवर की मुंबई में अच्छी पकड़ थी। नीरज ग्रोवर, शाहरुख खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘क्या आप पांचवी पास से तेज हैं’ और ‘कहानी हमारे महाभारत की’ जैसे शोज का हिस्सा रह चुके थे। साल 2008 में वो एकता कपूर के पॉपुलर प्रोडक्शन हाउस “बालाजी टेलीफिल्म्स” से जुड़कर काम कर रहे थे। ऑडिशन के दौरान हुई मुलाकात के बाद नीरज और मारिया ने नंबर एक्सचेंज किए और फिर दोनों की बात होने लगी। नीरज ने मारिया से कहा कि वो बेहद खूबसूरत हैं और उन्हें काम ढूंढने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जवाब में मारिया ने कहा कि उनकी मुंबई में कोई पहचान नहीं है, जिसकी वज़ह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है।
नीरज ने की मारिया की मदद ..
मारिया की बात सुनकर नीरज ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और उनका बालाजी टेलीफिल्म्स में ऑडिशन अरेंज करवाया। वो इन्हीं ऑडिशन के लिए अक्सर मुंबई आया करती थीं। समय के साथ मारिया, नीरज से ज्यादा घुलने-मिलने लगी थीं, जबकि वो पहले ही मैसूर के रहनेवाले जेरोम मैथ्यू के साथ लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में थीं, जिनसे उनकी सगाई भी होने वाली थी। जेरोम इंडियन आर्मी में थे और उस समय पुणे में पोस्टेड थे।
मारिया ने नीरज से छुपाई बात ..
बड़ी हीरोइन बनने और काम मिलने का ख्वाब देखने वालीं मारिया ने नीरज को ये बताना जरूरी नहीं समझा कि वो पहले से रिलेशनशिप में हैं। समय के साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं और एक रोज मारिया ने मुंबई शिफ्ट होने का फैसला कर लिया। जब मारिया मुंबई पहुंचीं, तो नीरज ने उन्हें अपने घर में जगह दी। दोनों की दोस्ती के कई महीने हो चुके थे, लेकिन नीरज की तरफ से मारिया को कोई काम नहीं मिल रहा था। नीरज ने अपने दोस्तों को बताया था कि कन्नड़ एक्सेंट के कारण मारिया के ऑडिशन रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन मारिया को ठेस न पहुंचे, इसलिए वो अक्सर उनके सामने काम न मिलने के नए-नए बहाने बना दिया करते थे।
नीरज के खिलाफ धोखेबाजी का शक ..
नीरज के घर में रहते हुए मारिया की उनके दोस्तों से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी। वो अक्सर नीरज के दोस्तों से पूछा करती थीं कि कहीं नीरज उन्हें धोखा तो नहीं दे रहे? कहीं ये कास्टिंग काउच की तरह तो नहीं है? दोस्त अक्सर मारिया को समझाते थे कि नीरज उन्हें काम दिलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच जब भी मारिया अपने बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू से बात करती थीं, तो नीरज का जिक्र होने पर बस यही कहा करती थीं कि नीरज उनसे एकतरफा प्यार करते हैं और वो उन्हें दोस्त मानती हैं। हालांकि, ये एक झूठी कहानी थी।
करीब एक हफ्ते तक नीरज के साथ लिव-इन में रहने के बाद मारिया ने मलाड के धीरज सॉलिटियर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 201 किराए पर ले लिया। 7 मई 2008, मारिया को नीरज का फ्लैट छोड़कर मलाड स्थित फ्लैट में शिफ्ट होना था। मारिया के जाने के बाद रात को नीरज ने अपने दोस्तों से कहा कि मारिया की शिफ्टिंग में मदद करवाने जा रहे हैं। करीब 10 बजे वो घर से निकल गए।
अगली सुबह नीरज के दोस्त ने उनके नंबर पर कॉल किया, तो कॉल मारिया ने रिसीव किया। मारिया ने उनके दोस्त लाल को बताया कि नीरज रात 1:30 बजे घर से निकल चुके थे और हड़बड़ी में फोन उनके फ्लैट में छोड़ गए हैं। कुछ घंटे और बीते, लेकिन नीरज न फ्लैट पर आए और न फोन लेने पहुंचे। नीरज से बात न होने पर उनके परिवार और काम से जुड़े लोग उनके दोस्त लाल को कॉल कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
आखिरकार, लाल 8 मई की शाम मारिया के फ्लैट पहुंचे। जब उन्होंने मारिया से पूछा कि वो किसके साथ निकले हैं, तो वो कोई जवाब नहीं दे सकीं। आखिरकार दोनों ने सोच-विचार करने के बाद मलाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नीरज का फोन जब्त कर उनकी तलाश शुरू कर दी। मामले में उनके करीबियों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी। 2 दिनों बाद उनके परिवारवाले भी कानपुर से मुंबई आ गए। गुमशुदगी को दो हफ्ते बीत गए, लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं थी। उनके परिवारवालों ने उनके पोस्टर छपवाए, जिसमें पता बताने वाले को ईनाम देने की घोषणा की गई, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हो सका।
ऐक्ट्रेस से बनी हत्यारन ..
2 हफ्ते बीते ही थे कि पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए। रिकॉर्ड से सामने आया कि 8 मई की शाम को नीरज के फोन पर एक कॉल आया था, जिसे चंद सेकेंड के लिए रिसीव किया गया था। मोबाइल नेटवर्क टावर के रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस का पहला शक, मारिया सुसाइराज पर गया, क्योंकि शिकायत से पहले तक नीरज का मोबाइल मारिया के ही पास था।
कॉल पर क्या हो रहे थे बातें?
पुलिस ने मारिया को शक हुए बिना उनके खिलाफ छानबीन शुरू कर दी। जब मारिया के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए, तो नतीजे चौंका देने वाले थे। 8 मई- 20 मई तक मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू के बीच 1 हजार कॉल हुए थे। ये कोई आम बात नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड और जेरोम के उस रात मुंबई में ही होने से पुलिस का मारिया पर शक और पुख्ता हो गया। इस सिलसिले में मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। मारिया ने बयान में वही कहानी बताई, जो उन्होंने पहले बताई थी, वहीं जेरोम ने कहा कि वो आर्मी ट्रेनिंग के सिलसिले में मुंबई आया हुआ था। पुलिस ने आर्मी सेंटर से जेरोम के बयान को कन्फर्म नहीं किया, हालांकि उन्होंने शक की बिना पर जांच जारी रखी। जब मारिया की बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की गई, तो उसने चौंका देने वाला खुलासा किया।
सिक्योरिटी गार्ड ने किया खुलासा ..
सिक्योरिटी गार्ड ने मालाड़ पुलिस को बताया कि 8 मई की शाम को मारिया और उनका बॉयफ्रेंड मैथ्यू कुछ बैग में भारी सामान ले जाते दिखे थे। इस बात से पुलिस का शक यकीन में बदल गया। सबूत इकट्ठा करते ही पुलिस ने सबसे पहले मारिया की गिरफ्तारी की। मारिया लगातार अपने बयान बदलती रही, लेकिन जब सख्ती की गई तो वो टूट गई। मारिया ने जो खुलासे किए, वो सुनकर हर कोई हैरान था।
मारिया ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया, कि 8 मई को ही नीरज ग्रोवर की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, मारिया ने 7 मई को नीरज को शिफ्टिंग में मदद करने बुलाया था। दोनों घर में क्वालिटी टाइम बिता रहे थे कि तभी मारिया के बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू का कॉल आया। जब मैथ्यू ने कॉल पर पीछे से आ रही नीरज की आवाज सुनी तो वो भड़क गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि नीरज के इरादे मारिया के लिए ठीक नहीं है। जेरोम मैथ्यू को गुस्सा होते देख, मारिया ने उन्हें समझाया कि वो दोस्त होने के नाते सिर्फ मदद करने आया है। डिनर के बाद वो उसे चलता कर देंगी। जवाब में जेरोम ने कहा कि अगर नीरज उनके साथ रुका तो ठीक नहीं होगा।
अगले दिन 8 मई को मारिया के फ्लैट की डोरबेल बज रही थी। चंद सेकेंड तक मारिया दरवाजे पर नहीं पहुंचीं, तो बार-बार डोरबेल बजाई जाने लगी। हड़बड़ाहट में जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि जेरोम दरवाजे पर खड़ा था। उन्हें देखते ही मारिया डर गईं, क्योंकि उस समय नीरज उनके घर पर ही था। जेरोम फ्लैट के अंदर घुस आया। मारिया ने उन्हें बेडरूम में जाने से रोका, लेकिन जेरोम ने उन्हें धक्का दे दिया। जैसे ही जेरोम कमरे में दाखिल हुए तो देखा कि नीरज उनके बिस्तर पर थे। ये देखते ही उन्होंने नीरज को पीटना शुरू कर दिया।
मारिया ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहीं। जेरोम झगड़े के बीच किचन से चाकू ले आया, जिससे उन्होंने नीरज पर कई वार किए। जेरोम के कपड़े खून से सन चुके थे, कमरे में हर तरफ खून के छींटे थे और धीरे-धीरे नीरज की सांसें थम रही थीं। नीरज की मौत होते ही मारिया ने झटपट कमरे की सफाई शुरू कर दी। खून को साफ किया, चादर-पर्दे बदले और डेडबॉडी से खून पूरी तरह साफ कर दिया। कुछ घंटे तक नीरज की लाश उनके कमरे में ही रही। इस दौरान मारिया और जेरोम ने कई बार उसी कमरे में शारीरिक संबंध बनाए, जहां लाश थी। कुछ समय बाद दोनों नजदीकी शॉपिंग मॉल गए, जहां से उन्होंने पॉलीबैग और धारदार चाकू खरीदे।
हत्याकांड के खुलासे में फोन कॉल ..
घर लौटकर दोनों ने मिलकर लाश के 300 टुकड़े किए। शाम करीब 4 बजे दोनों सभी टुकड़ों को लेकर आमगांव की तरफ निकले। रास्ते से पेट्रोल खरीदा और सुनसान जगह ढूंढकर बैग में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिस समय दोनों लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने निकले थे, उस समय नीरज का फोन मारिया की जींस की जेब में था। रास्ते में नीरज का फोन बजा, तो नंबर देखने के लिए मारिया ने जेब से फोन निकाला था, जिस समय गलती से उनसे कॉल रिसीव हो गया। वो एक कॉल ही इस हत्याकांड में अहम कड़ी साबित हुआ।
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मारिया को सबूत छिपाने और हत्या करने में भागीदार होने पर 3 साल की सजा हुई, जबकि जेरोम मैथ्यू को 10 साल की सजा हुई। मारिया को महज 3 साल की सजा होने के खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग विरोध में उतरे और मारिया की सजा बढ़ाने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने फैसला नहीं बदला। रिपोर्ट्स ये भी रहीं कि मारिया को बिग बॉस 5 का ऑफर मिला था, हालांकि वो शो का हिस्सा नहीं बनीं। जेल से निकलने के बाद मारिया पर मुंबई और गुजरात समेत कई शहरों में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज हुई हैं। और इस तरह मारिया ने देशभर में पहचान तो बनाई, लेकिन उसका कारण उनका अभिनय नहीं ये हत्याकांड रहा है।
मुम्बई के सायन अस्पताल से जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे ड्यूटी के वक़्त हमला किया गया। आरोपी मरीज के चेहरे पर चोट लगी थी। इलाज के दौरान मरीज और उसके साथ आये लोगों ने डॉक्टर से अभद्रता की। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
इस्माईल शैख़मुम्बई – कोलकाता के बाद मुम्बई से अप्रत्याशित खबर आई है। रविवार सुबह सायन अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मरीज और उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर एक महिला इंटर्न की पिटाई कर दी। माना जा रहा है कि ये सभी लोग नशे में थे। इस बात की जानकारी सायन अस्पताल के डॉक्टरों ने दी। हम आपको बताना चाहेंगे कि हाल ही में आर.जी. के एक प्रशिक्षु डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कलकत्ता में कर के साथ बलात्कार किया गया और हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
महिला डॉक्टर पर हमला
सायन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे हमला किया गया। वह उस वक्त ड्यूटी पर थीं। बताया गया है, कि आरोपी को चेहरे पर चोटें आई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज और उसके साथ आए लोगों ने डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया। मरीज के साथ करीब पांच-छह लोग आए हुए थे जो सभी नशे में थे। माना जा रहा है कि मरीज के साथ आये लोगों ने भी डॉक्टर पर हमला किया और वहां से भागने की कोशिश में डॉक्टर भी घायल हो गई। पुलिस ने बताया की मारपीट की घटना के बाद दो महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD), बृहन्मुम्बई नगर निगार (BMC) के प्रमुख अक्षय मोरे ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि घटना सुबह साढ़े तीन बजे की है, जब महिला डॉक्टर पर नशे की हालत में मरीज़ और उसके साथ आए पांच से छे लोगों ने हमला कर दिया। डॉ. मोरे ने कहा, कि मरीज और उसके कुछ रिश्तेदारों को शराब के नशे में अस्पताल लाया गया था। मरीज और उसके साथ आए लोगों ने पैरामेडिक से चर्चा की बाद में महिला डॉक्टर पर हमला करने के बाद मरीज और उसका परिवार मौके से भाग गए। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
घटना के संबंध में महिला डॉक्टर ने सायन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। सायन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने पुलिस स्टेशन जाकर डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर अक्षय मोरे ने कहा, “हमारे डॉक्टरों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
सायन पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति महिला चिकित्सक पर चिल्लाया, जिसके बाद बहस शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि मरीज के साथ आईं दो महिलाओं और एक पुरुष ने महिला चिकित्सक से मारपीट की जिसके बाद अस्पताल के कर्मियों को पुलिस बुलानी पड़ी। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
Mumbai Airport पर अबुधाबी से आए दो यात्रियों को Gold Smuggling के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
इस्माईल शेख मुम्बई– राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने शनिवार को अबु धाबी से मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Mumbai International Airport) पर आए दो यात्रियों को सीमा शुल्क का भुगतान किए बिना मोम के रूप में 4.52 किलोग्राम सोने की भस्म रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
अधिकारी ने बताया कि यात्रियों से जब्त किए गए सोने की कीमत लगभग 3.33 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि यात्री को गुप्त सूचना के आधार पर उस दौरान गिरफ्तार किया गया जब वह कस्टम के ग्रीन चैनल को पार कर चले गए थे। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
क्या होता है कस्टम ग्रीन चैनल?
बता दें कि जीन यात्रियों के पास कस्टम के पैसे भरने लायक सामान नहीं होता, उसी यात्री को ग्रीन चैनल पार करने के अनुमति है और जिस किसी यात्री के पास कस्टम भरने लायक सामान हो उसे पहले खुद कस्टम के पैसे भरने होते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों की इमानदारी परखने का काम करती है। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi t
लेकिन अबुधाबी से आया हुआ गिरफ्तार आरोपी कस्टम अधिकारी को चकमा देकर ग्रीन चैनल पार कर गया था। जबकि कस्टम अधिकारी अनजान बनकर संदिग्ध यात्री पर नजर बनाए हुए थे। डीआरआई अधिकारियों को एक यात्री की जैकेट की जेब में विदेशी सोने (मोम के रूप में सोने की भस्म) के चार पैकेट मिले। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
अधिकारी ने कहा, कि जांच में गिरफ्तार आरोपी के बयान से पता चला कि ये पैकेट अबु धाबी में एक अन्य यात्री ने उसे सौंपे थे। अधिकारियों ने बताया कि दोनों यात्रियों को सीमा शुल्क अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। (Mumbai Airport Gold Smuggling News, Abu Dhabi to mumbai)
मुंबई के अटल सेतु से नीचे कूद रही एक महिला को पुलिस ने बचाया है। घटना शुक्रवार शाम 7 बजे की है। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। (Mumbai Atal setu Viral Video News)
मुंबई– वीडियो में देखा जा सकता है, कि एक महिला कार से उतरकर अटल सेतु की रेलिंग क्रॉस करती है। इस बीच पुलिस की गाड़ी भी आ जाती है। महिला जैसे ही समुद्र में छलांग लगाती है। वहां खड़े एक शख्स ने महिला के बाल पकड़ लिए। तब तक पुलिसकर्मी भी आए। उनकी मदद से महिला को ऊपर खींच लिया गया। महिला को बचाने वाला शख्स एक कैब ड्राइवर है। जो मौके पर मौजूद होने की वजह से महिला की जान बच गई। (Mumbai Atal setu Viral Video News)
पुलिस ने बताया, महिला की पहचान रीमा पटेल (56 साल) के रूप में हुई है और वो मुलुंड की रहने वाली है। उसने आत्महत्या की कोशिश क्यों कि है उसके बारे में पता नही चल पाया है। (Mumbai Atal setu Viral Video News)
पुलिस की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची थीं। चार पुलिसवालों ने मिलकर महिला को बचाया। (Mumbai Atal setu Viral Video News)
मुंबई में कोर्ट ने अपहरण और रेप के 40 साल बाद फैसला सुनाया है। इस केस में रेप पीड़िता की मौत हो चुकी है। रेप पीड़िता से ही आरोपी ने शादी की थी। दोनों के 4 बच्चे हुए। लेकिन रेप का केस कोर्ट में चल रहा था। अब कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया है। जाने क्या है ये पूरा मामला ? (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)
इस्माईल शेख मुंबई– 40 साल पहले एक लड़की से रेप हुआ था। मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, जिसने लड़की से रेप किया, उसने उससे शादी भी कर ली। लेकिन ये केस कोर्ट में चलता रहा। दंपति को चार बच्चे भी हुए। इसके बाद पीड़िता की मौत भी हो गई। इस बीच आरोपी भी मुंबई से फरार हो गया। लेकिन 38 साल बाद पुलिस ने आरोपी को यूपी से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अब कोर्ट ने अपहरण और रेप के मामले में फैसला सुनाया है। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)
नवंबर 1984 में डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में एक मां ने अपनी बेटी के साथ रेप होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा कि उसकी बेटी का जन्म 1969 में हुआ था और वह उर्दू मीडियम के स्कूल में पढ़ रही थी। मां ने कहा कि आरोपी उसके परिवार को जानता था। पीड़िता घर से यह कहकर निकली थी कि वह शौचालय जा रही है। हालांकि, वह वापस नहीं लौटी। मां ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। उसने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने लड़की को किडनैप कर उसके साथ बलात्कार किया था। आरोपी पर आईपीसी के तहत अपहरण और रेप का आरोप लगाया गया था। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)
रेप के बाद हुई शादी और 4 बच्चे ..
खबरों के मुताबिक, बाद में पता चला कि आरोपी ने पीड़िता से शादी कर ली और उनके 4 बच्चे भी हुए। सत्र न्यायालय ने अब सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया। बताया गया कि आरोपी लगभग 40 साल तक लापता रहा, मगर यह पूरा मुकदमा केवल चार तारीखों में पूरा हो गया। पीड़िता से उसने बाद में शादी की थी, उसकी भी मुकदमे के दौरान मौत हो गई। उनके चार बच्चों में से दो की भी मौत हो गई। मामले में शिकायत करने वाली मां की भी मौत हो गई। वह शख्स 1986 से फरार था। उसे आखिरकार 2024 में यूपी में पकड़ लिया गया। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)
जज ने कहा कि चूंकि मामला बहुत पुराना है, अभियोजन पक्ष के अधिकांश गवाह या तो लापता हैं या उनकी मौत हो चुकी है। इस अपराध से आरोपी को जोड़ने के लिए रिकॉर्ड पर एक भी सबूत नहीं है। आरोप साबित करने के लिए सबूत अभियोजन पक्ष के लिए मददगार नहीं हैं। इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच की और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, सबूत जुटाए गए और आरोप पत्र पेश किया गया। जबकि, आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह ने कहा कि एसआई (सहायक निरीक्षक) ने उसकी मौजूदगी में बयान दर्ज नहीं किए थे।(Mumbai DB Marg Police Station Crime News)
अंधेरी ईस्ट के चार मंजिला अवैध इमारत को संरक्षण देने की मंदार तारी ने मांगी दो करोड़ की रिश्वत। 75 लाख की पहली किश्त लेते उसके दो निजी सहायक गिरफ्तार..
सुरेंद्र राजभर मुम्बई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के शीर्ष अधिकारी भले ही दावा करते फिरें, कि मनपा में हर कार्य न्याय संगत व विधि विधान से होता है। किंतु समय-समय पर अधिकारियों, कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर हो ही जाता है। जब कि वे रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं। तभी यह पता चल जाता है, कि आरोपी अधिकारी के द्वारा ली जाने वाली रिश्वत के पैसों में कितने शीर्ष अधिकारियों का कितना हिस्सा होता है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
ऐसी ही एक घटना अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड में कार्यरत कार्यकारी अभियंता (D.O) मंदार अशोक तारी द्वारा एक अवैध निर्माण कर्ता से 2 करोड़ रुपयों की रिश्वत की पहली किश्त-75 लाख रुपये लेते हुए पकड़े जाने के उपरांत उजागर हुई है। जिसे कि भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
क्या है मामला?
प्राप्त सुचनाओं के अनुसार जे. बी. नगर अंधेरी ईस्ट में शहीद भगत सिंह कॉलोनी अंतर्गत प्लॉट नं.191, 192 के भूखंड पर एक चार मंजिला इमारत है। जिसकी दो मंजिले अवैध रूप से निर्मित की गई है। उसी अवैध दो मंजिलों को बचाने के लिए उक्त कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी (DO) मंदार अशोक तारी ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बताया जाता है, कि मंदार तारी की जब से डी.ओ. के पद पर नियुक्ति हुई है, तभी से अंधेरी व विलेपार्ले के क्षेत्रों में अंधाधुंध अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिन्हे कि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी का संरक्षण प्राप्त है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
2 करोड़ रुपये की रिश्वत ..
किंतु उक्त जे.बी. नगर की इमारत की दो अवैध मंजिलों को संरक्षण देने के लिए नियुक्त डी.ओ. मंदार तारी का 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करना अवैध निर्माणकर्ता को रास नहीं आया और उसने 31 जुलाई 2024 को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी। मामले की गंभीरतानुसार ए.सी.बी. ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए, 6 अगस्त 2024, को मंदार तारी के दो निजी वसूली कर्ताओं मोहम्मद यासीन शहा और ड्राईवर प्रतिक पिसे को दो करोड़ की तय रिश्वत की रकम की पहली किश्त 75 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
दो की गिरफ्तारी ..
गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उक्त रकम वे अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड मे इमारत व कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी मंदार अशोक तारी के लिए उनके ही दिशा निर्देश पर रिश्वत के पैसे ली है। ए.सी.बी. के अधिकारी उक्त दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। जबकि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी फरार बताया जाता है। ए.सी.बी. अधिकारी मंदार तारी के अन्य ठिकानों पर छापे मारी कर रहे हैं। जहां, उन्हें जांच के दौरान उसकी अवैध संम्पतियाँ (चल/अचल) मिली है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी ..
जानकारों का कहना है कि उसी के/पूर्व, वार्ड से लगभग दो साल पहले भी कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार को ए.सी.बी. ने 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जबकि सतीश पोवार की गिरफ्तारी से कार्यकारी अभियंता मंदार तारी को सबक लेना चाहिए था। उक्त कारवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगले के मार्ग दर्शन में पुलिस निरीक्षिका सुप्रिया नाटे, अपराध अन्वेषण अधिकारी गणेश पिंगुवाले ने उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
पूर्व कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार की तरह ही ए.सी.बी. ने छापामारी की कारवाई कर कार्यकारी अभियंता मंदार तारी की करोड़ों की चल-अचल संम्पति बरामद की है। मनपा प्रशासन कब अपने अधिकारियों पर ध्यान देगा? या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को ही संपूर्ण मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मुसल्लत कर देना चाहिए। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)
बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे है। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 बच्चों में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है।
इस्माईल शेख मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में बाल तस्करी के बढ़ते मामले पुलिस और बच्चों के माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। हालांकि मुम्बई पुलिस समय-समय पर चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग को पकड़ कर अगवा हुए बच्चों को उनके माता-पिता के पास पहुंचाने का काम कर रही है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार, इस साल अप्रैल में पकड़े गए बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे हैं। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है तथा मामले के संबंध में 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
बच्चों की खरीद फरोख्त ..
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि 5 महीने से 4 साल की उम्र के इन बच्चों को एजेंटों और डॉक्टरों के एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए 80 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक में बेचा गया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
पुलिस के मुताबिक, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) केंद्रों से जुड़ी अंडा दाता और सरोगेट माताएं सिंडिकेट और निसंतान दंपत्तियों के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं। वे आईवीएफ केंद्रों के ग्राहकों में से नवजात शिशुओं को खरीदने के इच्छुक दंपत्तियों की पहचान करती है और खरीदार एजेंटों से संपर्क करते हैं। ये लोग फुटपाथों और झुग्गी-झोपड़ियों में घूमते हैं और हाल ही में बच्चों को जन्म देने वाली गरीब, जरूरतमंद महिलाओं को उन्हें कीमत पर बेचने के लिए राजी करते हैं। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
महिलाओं की गिरफ्तारी ..
मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिला एजेंट इस सिंडिकेट की मुख्य खिलाड़ी थीं। उनमें से दो शीतल वारे और स्नेहा सूर्यवंशी मुम्बई की हैं जबकि तीसरी, संतोषी गंगाराम रेड्डी, हैदराबाद की है। कुछ बच्चों को कथित तौर पर डॉ. संजय खंडारे के माध्यम से बेचा गया, जो एक अन्य गिरफ्तार आरोपी है और ठाणे में एक छोटा अस्पताल चलाता है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
नवी मुंबई में किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार हो गया है। साथ ही भांडुप के एक मामले में मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी में पुलिस सरगर्मी से तीन बदमाशों की तलाश कर रही है।
इस्माईल शेख मुंबई- भांडुप और नवी मुंबई की दो घटनाओं ने फिर एक बार हवस और दरिंदगी की सारी हदों को पार कर दिया है। नवी मुंबई के एक पडोसी किशोरी के साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन भांडुप दुष्कर्म मामले में आरोपियों द्वारा मॉडलिंग के नाम पर लगातार दुष्कर्म और 45 लाख रुपये की रंगदारी के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर सरगर्मी से तलाश कर रही है।
किशोरी के साथ दुष्कर्म ..
नवी मुंबई पुलिस ने एक व्यक्ति को पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी से बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एपीएमसी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर शुक्रवार को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि आरोपी वाशी के कोपरी गांव में उसी इमारत में रहता था जिसमें पीड़िता रहती थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर वर्ष 2020 से अपने घर में कई बार पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़ित के तीन माह की गर्भवती होने के बारे में पता चलने पर उसे एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मॉडलिंग के नाम पर दुष्कर्म सहित 45 लाख की रंगदारी ..
वहीं दुसरे मामले में भांडुप में मॉडलिंग का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म और 45 लाख की रंगदारी में तीन आरोपी फरार। इंस्टाग्राम पर हुई थी। जान पहचान। खुद को मशहूर प्रोडक्शन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर किया था संपर्क। पीड़ित लड़की कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और अपने परिवार के साथ रहती है। इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग में सुनहरे अवसर का देखा था एड्वटाइज़िग।
सोशल मीडिया पर खुद को मशहूर धर्मा प्रोडक्शन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क में आए आरोपी ने 45 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की बात सामने आई है। गंभीर बात यह है कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी फुटेज वायरल करने की धमकी दी। इस मामले में भांडुप पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी तलाश की जा रही है।
शिकायतकर्ता कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और अपने परिवार के साथ रहती है। इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग में सुनहरे अवसर के बारे में एक संदेश मिला। जब उन्होंने चेक किया तो ‘हार्दिक’ नाम के इस यूजर आईडी ने कहा कि वह धर्मा प्रोडक्शंस का प्रतिनिधि है और नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। उन्होंने नए कलाकारों को मौका दिया और कहा कि आज वे करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। जब उसने प्रक्रिया के बारे में पूछा तो उसने राहुल चव्हाण नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया।
उसने राहुल से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपये देने पर सभी योजनाओं की जानकारी दे दी जायेगी। इसके बाद उसने अपने पिता को बताया और आरोपी राहुल को 20 हजार रुपये भेजे। उसने उसे बांद्रा की एक शॉप पर मिलने के लिए बुलाया। वहां पोर्टफोलियो बनाने के लिए उसने युवती से 20 हजार रुपये और ले लिए।
कहा, कि एक विदेशी कंपनी के लिए मॉडलिंग का मौका है और 10 लाख रुपये की कमाई होगी। युवती ने कहा, कि उसके पास यह रकम नहीं है और उसके माता-पिता यह रकम नहीं देंगे। इस पर राहुल ने उसे परिवार की जानकारी के बिना घर से गहने लाने के लिए कहा। युवती ने उसे घर के गहने दे दिए। इसके अलावा, आरोपी ने पैसे की मांग की। लेकिन जब युवती मना कर दिया तो राहुल ने कहा कि वह मॉडलिंग का काम नहीं देगा।
इसलिए लड़की ने घर का सारा सोना आरोपी को दे दिया। आरोपी ने पीड़ित लड़की का कई बार यौन उत्पीड़न किया और उसकी तस्वीरें खींची और फिल्म भी बनाई। उन तस्वीरों के जरिए हार्दिक ने उन्हें न्यूड तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी थी। इसके बाद राहुल का परिचित श्रेयस भी उसे अश्लील मैसेज भेजने लगा।
पीड़ित से आरोपियों ने कुल 45 लाख रुपये की ठगी की। राहुल फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा था। इस वजह से पीड़ित लड़की भी डरी हुई थी। आख़िरकार उसने इसकी जानकारी अपनी माँ को बताई। इसके बाद भांडुप पुलिस में शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने राहुल चव्हाण, हार्दिक और श्रेयस पाटिल के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी, धमकी, मानहानि, बलात्कार सहित सूचना प्रौद्योगिकी रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और तीनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा मुम्बई के कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है।
इस्माईल शेख मुम्बई- सुप्रीम कोर्ट ने मुम्बई कॉलेज बुर्का मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों को कक्षा में बुर्का पहनने और परिसर में कोई भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
मामले में मुम्बई कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने मुम्बई के एक कॉलेज के उस आदेश पर आंशिक रोक लगाई जिसमें परिसर में ‘हिजाब, बुर्का, टोपी और नकाब’ पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके साथ ही कॉलेज में ‘हिजाब’, ‘बुर्का’ पहनने पर प्रतिबंध संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मुम्बई की ‘एजुकेशनल सोसाइटी’ से जवाब मांगा।
क्या है मामला?
बता दें कि मुम्बई के एक निजी कॉलेज में छात्रों के कैंपस में हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी आदि पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई।
यह मामला मुम्बई के एन. जी. आचार्य और डी. के. मराठे. कॉलेज का है, जहां के कॉलेज प्रशासन ने “हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल और टोपी” पहनने पर बैन लगाया हुआ था। इसके खिलाफ 9 लड़कियों ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।
कॉलेज प्रशासन का भेदभाव ..
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कॉलेज प्रशासन से कहा, “छात्रों को यह चुनने की आजादी होनी चाहिए कि वे क्या पहन सकती हैं। कॉलेज उन पर दबाव नहीं डाल सकता… यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको अचानक पता चलता है कि देश में कई धर्म हैं।” कोर्ट ने पूछा, कि “क्या आप यह कह सकते हैं कि किसी शख्स को तिलक लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी?”